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मोबाइल बना राज़ों का पिटारा: रूसी सीरियल किलर के फोन में 100+ महिलाओं की फोटोज

गोवा गोवा से सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है। यहां रूसी फायर परफॉर्मर एलेक्सी लियोनोव (37 वर्ष) पर दो रूसी महिलाओं की बेरहमी से हत्या का आरोप लगा है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है, और जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। दरअसल, यह मामला जनवरी 2026 की शुरुआत में सामने आया, जब नॉर्थ गोवा के अरंबोल और मोरजिम इलाकों में दो अलग-अलग कमरों से दो रूसी महिलाओं ( एलेना कास्थानोवा (37, गो-गो डांसर) और एलेना वेनीवा (37, बबल आर्टिस्ट)) के शव मिले। दोनों का गला रेता गया था, हाथ रस्सी से बंधे थे, और मौत का तरीका एक जैसा था। पुलिस के अनुसार, एलेक्सी के फोन से 100 से अधिक महिलाओं और दो पुरुषों की तस्वीरें बरामद हुई हैं। फिलहाल मामले की जांच चल रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी नागरिक एलेक्सी लियोनोव ने उधार लिए गए पैसों और उधार लिए गए 'रबर के मुकुट' (फायर परफॉर्मेंस के लिए इस्तेमाल होने वाला रबर का क्राउन) को लेकर गोवा में अपनी दो महिला मित्रों की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाएं रूसी नागरिक थीं और आरोपी की दोस्त थीं। इनमें से एक एलेना कास्थानोवा ने आरोपी से कुछ पैसे और एक मुकुट उधार लिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दूसरी महिला ने भी पैसे उधार लिए थे। हालांकि, दोनों पीड़ित महिलाएं एलेक्सी को पैसे और मुकुट वापस नहीं कर पाईं। इससे गुस्साए आरोपी ने 14 और 15 जनवरी को दो अलग-अलग दिनों में उनके कमरों में जाकर उनका गला काट दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये हत्याएं पूर्व नियोजित नहीं थीं, बल्कि उत्तेजना में की गई हत्याएं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि एलेक्सी अत्यधिक जुनूनी था और तुरंत भड़क जाता था। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है कि घटना के समय आरोपी नशे की हालत में था या नहीं। सीरियल किलर? गोवा पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी ने दावा किया है कि उसने पांच और लोगों की हत्या की है, जिनसे उसका विवाद था, और उसने उनके नाम भी बताए। लेकिन पुलिस जांच में पता चला कि उसके द्वारा बताए गए सभी पांच लोग जीवित हैं। सूत्रों के अनुसार, एलेक्सी मानसिक रूप से बीमार है और हमेशा नशे में रहता है। इतना ही नहीं, जांच में गोवा पुलिस को आरोपी के फोन में 100 से अधिक महिलाओं और दो पुरुषों की तस्वीरें मिली हैं। पुलिस के अनुसार, वह लोगों से जल्दी चिढ़ जाता था, लेकिन उनसे तुरंत दोस्ती भी कर लेता था। पहले भी गोवा में कुछ पुरुषों के साथ मारपीट के मामलों में वह शामिल रहा है, लेकिन उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था। असम की महिला की हत्या से क्या संबंध है? पुलिस गोवा में तीसरी महिला, असम निवासी मृदुस्मिता सैंकिया ( 40 ) की हत्या से एलेक्सी के संबंध की जांच कर रही है। उनका शव 12 जनवरी को उनके घर में मिला था। बताया जा रहा है कि महिला और एलेक्सी एक-दूसरे को लंबे समय से जानते थे और अक्सर साथ गोवा आते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों 11 जनवरी को साथ थे, यानी मौत से एक दिन पहले। शुरुआती जांच के अनुसार, महिला की मौत ड्रग ओवरडोज के कारण हुई थी, लेकिन आरोपी ने दावा किया है कि उसने उसे ड्रग्स देकर मारा। फिलहाल पुलिस इसकी पुष्टि पोस्टमॉर्टम और अन्य सबूतों से कर रही है।

ऑटो एक्सपो–2026: वाहन खरीदी पर आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट

रायपुर,  छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार रायपुर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन द्वारा 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, एमजीएम हॉस्पिटल के सामने, विधानसभा रोड, सड्डू रायपुर में ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन किया जा रहा है। उक्त ऑटो एक्सपो में विक्रय होने वाले वाहनों पर परिवहन विभाग द्वारा एकमुश्त 50 प्रतिशत जीवनकाल कर (आरटीओ टैक्स) में छूट प्रदान की जा रही है, जिससे प्रदेश के आम नागरिकों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। ऑटो एक्सपो–2026 का आयोजन 20 जनवरी 2026 से 05 फरवरी 2026 तक श्री राम बिजनेस पार्क, रायपुर में किया जा रहा है। इस अवधि में वाहन क्रय करने वाले ग्राहकों को आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। यह प्रदेश का पहला ऑटो एक्सपो है, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ के आम नागरिकों को लाभ मिलेगा। वाहन खरीदने के लिए आमजन को रायपुर आने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे अपने शहर अथवा गांव के निकटतम प्रतिभागी/पंजीकृत डीलरों के माध्यम से इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ऑटो एक्सपो–2026 के अंतर्गत सभी नागरिकों को अपने गृह जिले में ही वाहन पंजीयन कराने की सुविधा उपलब्ध होगी। अर्थात, क्रय किए गए वाहन पर अपने गृह जिले के परिवहन कार्यालय का पंजीयन चिन्ह (आरटीओ कोड) प्राप्त किया जा सकेगा। दूरस्थ क्षेत्रों के डीलर्स भी इस ऑटो एक्सपो में भाग ले रहे हैं, जिससे छोटे व्यावसायिक विक्रेताओं को रोजगार के उपयुक्त अवसर प्राप्त होंगे और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। रायपुर ऑटो एक्सपो में छत्तीसगढ़ की जनता को एक ही स्थान पर सभी प्रकार के वाहन मॉडल एवं नवीनतम तकनीक से युक्त नए मॉडलों को देखने, परखने और चुनने का अवसर मिलेगा। इससे आमजन नवीनतम ऑटोमोबाइल तकनीकों से भी अवगत हो सकेंगे। रायपुर ऑटो एक्सपो–2026 में देश के विभिन्न फाइनेंसर एवं बैंक न्यूनतम दरों पर वाहन ऋण उपलब्ध करा रहे हैं, वहीं इंश्योरेंस कंपनियां न्यूनतम दरों पर वाहन बीमा की सुविधा प्रदान कर रही हैं। इससे वाहन क्रय करने वाले नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। ऑटो एक्सपो–2026 में आरटीओ टैक्स में 50 प्रतिशत छूट के साथ-साथ फाइनेंस कंपनियों, बैंकों, इंश्योरेंस कंपनियों एवं विभिन्न डीलरों के बीच प्रतिस्पर्धा के कारण न्यूनतम दरों पर वाहन उपलब्ध होंगे, जिससे आमजन को व्यापक आर्थिक राहत मिलेगी। रायपुर के इस ऑटो एक्सपो में रायपुर जिले के 95 डीलर्स तथा अन्य जिलों के 171 डीलर्स, कुल 266 डीलर्स भाग ले रहे हैं, जिससे प्रदेशभर के नागरिकों को विविध विकल्प उपलब्ध होंगे। उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष 2025 के ऑटो एक्सपो में कुल 29,348 वाहनों की बिक्री हुई थी, जिसके माध्यम से आम जनता को लगभग 120 करोड़ रुपये की आरटीओ टैक्स में छूट प्रदान की गई थी, जिससे नागरिकों को उल्लेखनीय आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी। इस प्रकार, ऑटो एक्सपो–2026 प्रदेश के नागरिकों के लिए किफायती दरों पर वाहन क्रय करने, स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा प्राप्त करने तथा व्यापक आर्थिक लाभ उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर सिद्ध हो रहा है।

अक्षर पटेल क्यों हैं भारतीय टीम की मजबूती? जन्मदिन पर पढ़ें उनके सभी बड़े रिकॉर्ड्स

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख ऑलराउंडर अक्षर पटेल आज, 20 जनवरी 2025 को अपना 31वां जन्मदिन मना रहे हैं। गुजरात के आणंद में 1994 में जन्मे अक्षर ने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक खास मुकाम हासिल किया है। वह बाएं हाथ की सटीक स्पिन गेंदबाजी के साथ-साथ निचले क्रम में विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं। वर्तमान में वे भारतीय टीम के एक भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं, जिन्होंने सीमित ओवरों के साथ-साथ टेस्ट क्रिकेट में भी अपनी उपयोगिता बार-बार साबित की है।   अक्षर के करियर की शुरुआत घरेलू क्रिकेट में गुजरात के लिए हुई, जहां उन्होंने 18 साल की उम्र में पदार्पण किया था। उन्हें खास पहचान आईपीएल 2014 में मिली, जब उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए 'इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का खिताब जीता। इसी प्रदर्शन के आधार पर 2014 में बांग्लादेश के खिलाफ उन्होंने अपना वनडे डेब्यू किया। हालांकि शुरुआत में वे रवींद्र जडेजा की छाया में रहे, लेकिन अपनी निरंतरता और मेहनत के दम पर उन्होंने टीम में अपनी जगह पक्की की। 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय में कदम रखने के बाद वे टीम के नियमित सदस्य बन गए। टेस्ट क्रिकेट में अक्षर पटेल ने साल 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करते हुए वे डेब्यू मैच में पांच विकेट लेने वाले नौवें भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने उस श्रृंखला के केवल 3 मैचों में 27 विकेट झटके। अक्षर ने हाल के वर्षों में आईसीसी टूर्नामेंटों में भी भारत की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 2024 टी20 विश्व कप की खिताबी जीत में उनका योगदान अहम रहा, जहां उन्होंने सेमीफाइनल में 'प्लेयर ऑफ द मैच' का पुरस्कार जीता और फाइनल में 31 गेंदों पर 47 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। इसके अलावा, वे 2025 चैंपियंस ट्रॉफी विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। अक्षर पटेल के नाम कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिनमें टी20 अंतरराष्ट्रीय में नंबर 7 पर भारत के लिए सर्वोच्च स्कोर (65 रन) और भारत के लिए चौथे सर्वाधिक 'मैन ऑफ द मैच' (8 बार) पुरस्कार शामिल हैं। आईपीएल में उन्होंने 2016 में गुजरात लायंस के खिलाफ एक हैट्रिक भी ली थी। अक्षर पटेल के ओवरऑल करियर की बात करें तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 15 मैचों की 24 पारियों में 34.4 की औसत से 688 रन बनाए हैं (सर्वोच्च स्कोर 84) और गेंदबाजी में 19.67 की औसत से 57 विकेट चटकाए हैं, जिसमें 5 बार एक पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा शामिल है। वनडे (ODI) में उन्होंने 71 मैचों में 858 रन बनाने के साथ-साथ 4.49 की किफायती इकोनॉमी से 75 विकेट हासिल किए हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) में अक्षर ने 85 मैचों में 135.12 के स्ट्राइक रेट से 681 रन बनाए हैं और 82 विकेट अपने नाम किए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 3/9 रहा है। कुल मिलाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 2227 रन और 214 विकेट अर्जित किए हैं। अक्षर पटेल भारत की टी-20 विश्व कप 2026 की टीम का हिस्सा हैं, जबकि वनडे क्रिकेट में रवींद्र जडेजा के लगातार गिरते प्रदर्शन को देखते हुए उनकी वनडे 2027 वर्ल्ड कप खेलने की उम्मीदें भी मजबूत होती जा रही हैं। अक्षर पटेल फिलहाल, टेस्ट और टी-20 टीम में नजर आते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 वनडे मैचों की सीरीज में उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया था।  

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: 57 मार्गों पर बस संचालन, पहली बार यात्री बस सुविधा से जुड़े 330 गाँव

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 से दूरस्थ गाँवों को सुलभ आवागमन की सौगात रायपुर छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अंचलों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना 2025 का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। यह योजना उन ग्रामों तक सार्वजनिक परिवहन पहुँचाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है, जहाँ अब तक यात्री बस सुविधा उपलब्ध नहीं थी। योजना के प्रथम चरण में बस्तर एवं सरगुजा संभाग के जिलों को सम्मिलित किया गया है। अब तक मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत कुल 57 चयनित मार्गों पर 57 बसों का संचालन प्रारंभ किया जा चुका है। इन बसों के माध्यम से कुल 330 नए गाँवों तक पहली बार यात्री बस सुविधा पहुँची है, जिससे ग्रामीण जनजीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। योजना का प्रमुख उद्देश्य ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों को जनपद मुख्यालय, नगरीय क्षेत्र, तहसील मुख्यालय तथा जिला मुख्यालयों से जोड़ना है, जहाँ पूर्व में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं थी। इससे ग्रामीण नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सेवाओं तक सुगम पहुँच सुनिश्चित हो रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के अंतर्गत बस संचालकों को राज्य शासन द्वारा प्रति किलोमीटर वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। प्रथम वर्ष ₹26 प्रति किलोमीटर, द्वितीय वर्ष ₹24 प्रति किलोमीटर तथा तृतीय वर्ष ₹22 प्रति किलोमीटर की दर से सहायता दी जा रही है। इसके अतिरिक्त योजना के तहत गासिक कर में पूर्णतः छूट अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए प्रदान की जा रही है, जिससे ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाया जा सके। मार्ग चयन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई है। इस योजना के अंतर्गत मार्गों का चयन जिला स्तरीय समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य स्तरीय समिति द्वारा किया जाता है, ताकि वास्तविक आवश्यकता वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिल सके। चयनित मार्गों पर बस संचालन हेतु निविदा प्रक्रिया अपनाई जाती है। निविदा के माध्यम से न्यूनतम वित्तीय दर प्रस्तावित करने वाले पात्र आवेदक का चयन किया जाता है, जिससे शासन पर न्यूनतम वित्तीय भार पड़े और सेवा सतत बनी रहे। निविदा में चयनित आवेदक से विधिवत परमिट आवेदन प्राप्त कर सुनवाई की प्रक्रिया के उपरांत बस संचालन हेतु परमिट जारी किया जाता है। इससे नियामकीय प्रक्रिया का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाता है। वर्तमान में 12 नवीन ग्रामीण मार्गों पर बस संचालन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इसके अतिरिक्त 15 नए ग्रामीण मार्गों का चयन कर लिया गया है, जिन पर बस संचालन हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं। जिलावार स्थिति की बात करें तो सुकमा में 8, नारायणपुर में 4, जगदलपुर में 2, कोण्डागांव में 4, कांकेर में 6, दंतेवाड़ा में 7, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 2, सूरजपुर में 6, कोरिया में 5, जशपुर में 7, बलरामपुर में 4 तथा अंबिकापुर में 2 बसों का संचालन किया जा रहा है। इस प्रकार कुल 57 मार्गों पर 57 बसें संचालित हैं। आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत 200 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बढ़ाकर समावेशी विकास, सामाजिक सशक्तिकरण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा।

आबकारी नीति 2026-27 का निर्धारण करने मंत्रि-परिषद् समिति गठित

भोपाल राज्य शासन द्वारा वर्ष 2026-27 की आबकारी नीति के निर्धारण, उससे संबंधित अनुषांगिक विषयों पर समय-समय पर निर्णय लेने तथा आगामी वर्षों के लिए सुझाव प्रस्तुत करने के उद्देश्य से मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया गया है। समिति में उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री उदय प्रताप सिंह मंत्री परिवहन एवं स्कूल शिक्षा तथा श्रीमती सम्पतिया उइके, मंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। समिति के सचिव प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर होंगे। समिति द्वारा आबकारी नीति 2026-27 को अंतिम रूप देने के साथ-साथ संबंधित विषयों पर निर्णय लेकर आगामी वर्षों के लिए आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।  

वारंटी की गिरफ्तारी के दौरान पथराव में 5 पुलिस जवान घायल

गया. बेलागंज थाना क्षेत्र के जाहिर बिगहा गांव में शुक्रवार के सुबह उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जब न्यायालय के एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर उसके स्वजनों ने हमला कर दिया। इस हिंसक घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। जबकि पुलिस वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद गांव में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार बेलागंज थाना की पुलिस न्यायालय के आदेश पर वारंटी विनोद चौधरी को गिरफ्तार करने जाहिर बिगहा गांव पहुंची थी।  पुलिस टीम पर पथराव कर दिया पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वारंटी को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान वारंटी के स्वजनों पुलिस की कार्रवाई का विरोध करने लगे और पुलिसकर्मियों से उलझ गए। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि स्वजनों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव में सिपाही मदन कुमार, दुर्गानंद पासवान, मीरा कुमारी, चौकीदार नंदू पासवान एवं मनोज कुमार घायल हो गए। सभी जख्मी पुलिसकर्मियों को तत्काल इलाज के लिए बेलागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को खतरे से बाहर बताया।  पुलिस वाहन का शीशा टूटा हमले के दौरान पुलिस वाहन का शीशा टूट गया। जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा है। घटना को लेकर अवर निरीक्षक अभिनेश कुमार के लिखित आवेदन पर बेलागंज थाना में आठ लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।  थानाध्यक्ष मनोज कुमार पांडे ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को चिन्हित कर लिया गया है और उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल कलमंती देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने और पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा हीं जाएगा।

‘होम डिलीवरी चालू है’ के पोस्टर संग शराब का ठेला, देवास में कांग्रेस ने किया प्रतीकात्मक प्रदर्शन

देवास शहर के नोवेल्टी चौराहे पर मंगलवार को युवा कांग्रेस ने अनोखा प्रदर्शन किया। शहर में गली-गली बिक रही अवैध शराब को लेकर आबकारी विभाग को घेरा। ठेले पर शराब की खाली बोतलें सजाकर बाजार में निकले। इस पर लिखा कि शराब की होम डिलीवरी चालू है। आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठाए सवाल युकां पूर्व जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौड़ ने कहा कि पिछले दिनों युवा कांग्रेस द्वारा आबकारी विभाग में ज्ञापन देकर शहर में चल रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर शिकायत दर्ज करवाई गई थी। विभाग को स्पष्ट रूप से चेताया गया था कि शहर के कई इलाकों में डायरी सिस्टम के नाम पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है और शराब दुकानों के आसपास अवैध अहाते संचालित हो रहे हैं, लेकिन 10–15 दिन बीत जाने के बाद भी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।   अवैध अहातों और डायरी सिस्टम पर रोक की मांग आबकारी विभाग की लापरवाही के कारण गली–मोहल्लों में खुलेआम शराब बिक रही है। इसी के विरोध में ठेले पर शराब की बोतलें रखकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया है। हमारी मांग है कि शराब दुकानों के पास बने अवैध अहाते तुरंत बंद किए जाएं। शहर में चल रहे डायरी सिस्टम पर रोक लगे। अवैध शराब बिक्री करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा की हुंकार: आरक्षण पर बोले—यह हमारा हक है, एहसान नहीं

भोपाल राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में रविवार को ओबीसी-एससी-एसटी संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित आम सभा में कई नेताओं ने शिरकत की और प्रदेश सरकार से ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को शीघ्र बहाल करने की स्पष्ट मांग की। इस आम सभा में प्रदेशभर से 70 से अधिक सामाजिक संगठनों की भागीदारी देखने को मिली। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों को वर्षों से अधर में रखा गया है, जो सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर रिक्तियों में 27 प्रतिशत आरक्षण दिखाती है, वहीं दूसरी ओर 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर देना ओबीसी समाज के साथ अन्याय है। डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि, "27 प्रतिशत आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त अधिकार है। हम किसी का हक़ नहीं मार रहे बल्कि अपने हक़ की मांग कर रहे हैं। जब तक ओबीसी को उसका पूरा हक़ नहीं मिलेगा, तब तक सामाजिक समानता की बात अधूरी रहेगी।" उन्होंने एससी-एसटी-ओबीसी को जनसंख्या के अनुपात में निजी क्षेत्रों में आरक्षण दिए जाने की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में भी ओबीसी को आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

ट्रंप का वर्चुअल वार! ग्रीनलैंड पर सोशल मीडिया से जताया अमेरिकी दावा, पड़ोसी देशों तक गया संदेश

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (20 जनवरी) को सोशल मीडिया पर एक नया नक्शा साझा किया है, जिसमें कनाडा, वेनेजुएला और ग्रीनलैंड को अमेरिकी भू-भाग के हिस्से के रूप में दिखाया गया है। यह नक्शा उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट किया गया है। ये नक्शा कंप्यूटर या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार किया गया माना जा रहा है।   ट्रंप द्वारा शेयर किए गए इस नक्शे में अमेरिका का आकार काफी बड़ा दिखाया गया है। इसमें पड़ोसी देश कनाडा, दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला और डेनमार्क के अधीन ग्रीनलैंड को अमेरिकी क्षेत्र बताया गया है। इसके साथ ट्रंप ने एक और तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस और अपने विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा लगाते नजर आ रहे हैं। उस तस्वीर पर लिखा है- “Greenland US Territory Est 2026” यानी ग्रीनलैंड, अमेरिकी क्षेत्र – स्थापना- 2026 कनाडा को लेकर पुराना बयान बता दें कि पिछले साल जनवरी में दूसरी बार राष्ट्रपति का पद संभालने के बाद ही ट्रंप ने कहा था कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाया जाना चाहिए। हालांकि, कनाडा सरकार ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के बीच व्यापार को लेकर तनाव और टैरिफ विवाद बढ़ गया था।   वेनेजुएला पर पहली बार दावा इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी विशेष बलों ने वेनेजुएला में एक अभियान चलाया था, जिसके बाद वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को चलाएगा और वहां के तेल संसाधनों पर अमेरिकी कंपनियों का नियंत्रण होगा। हालांकि, यह पहली बार है जब ट्रंप ने खुले तौर पर वेनेजुएला को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में दिखाया है। ट्रंप ग्रीनलैंड क्यों चाहते हैं? ट्रंप का कहना है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की “राष्ट्रीय सुरक्षा” के लिए जरूरी है, क्योंकि यह खनिज संसाधनों से भरपूर और रणनीतिक रूप से अहम इलाका है। जबकि अमेरिका पहले से ही वहां एक सैन्य अड्डा रखता है और डेनमार्क नाटो का सहयोगी देश है। हाल ही में ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें अब शांति स्थापना की जिम्मेदारी उनकी नहीं है और न ही यह सोचने की उनकी मजबूरी है। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीनलैंड पर “पूरी तरह नियंत्रण” की बात कही थी। उन्होंने ग्रीनलैंड सौदे का विरोध करने वाले यूरोपीय देशों पर भारी टैक्स (टैरिफ) लगाने की चेतावनी भी दी है। ट्रंप कार्ड पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया ट्रंप के इस कदम से यूरोप और नाटो देशों में चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने साफ किया है कि ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और उस पर अमेरिका का कोई अधिकार नहीं बनता। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नक्शा कोई आधिकारिक घोषणा नहीं है और न ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अमेरिका ने इन देशों को अपने अधीन किया है। इसे ट्रंप की राजनीतिक सोच और दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

यमुना एक्सप्रेस-वे के सेक्टर-11 में ‘फिनटेक पार्क’ और इससे जुड़ा इकोसिस्टम होगा विकसित

डिजिटल फाइनेंस, साइबर सिक्योरिटी और बैंकिंग सेक्टर में युवाओं के लिए पैदा होंगे रोजगार के हजारों नए अवसर प्रोजेक्ट के लिए इंटरनेशनल कंसल्टेंट तैयार करेंगे निवेश का रोडमैप, डीपीआर प्रक्रिया शुरू लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को नई पीढ़ी की डिजिटल अर्थव्यवस्था का केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र के सेक्टर-11 में 250 एकड़ भूमि पर “फिनटेक पार्क” विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को केवल आईटी पार्क के रूप में नहीं, वरन एक संपूर्ण फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के रूप में आकार दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख फिनटेक हब के रूप में स्थापित करेगी। यह 'फिनटेक पार्क’ बैंकिंग से ब्लॉकचेन तक का विशाल हब होगा। योजना के अनुसार, सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, इंश्योटेक, इन्वेस्टटेक, Fintech SaaS (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी सॉफ्टवेयर ऐज ए सर्विस) और इंटरनेशनल मनी ट्रांसफर से जुड़ी कंपनियों के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। यहां वित्तीय सेवाओं से जुड़ी सभी आधुनिक तकनीकों को एक ही परिसर में विकसित और स्थापित किया जाएगा, जिससे कि स्टार्टअप से लेकर बड़ी वैश्विक कंपनियां तक, यहां निवेश के लिए आकर्षित हो सकें। फिनटेक पार्क की सबसे बड़ी शक्ति इसकी लोकेशन है। यह क्षेत्र यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधे जुड़ा है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अत्यंत निकट स्थित है। सरकार का आकलन है कि एयरपोर्ट की शुरुआत के बाद यह इलाका अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए सबसे पसंदीदा गंतव्य बनेगा। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर कनेक्टिविटी के चलते यहां आने वाली कंपनियों को राष्ट्रीय और वैश्विक दोनों स्तर पर परिचालन में सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंसल्टेंसी एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीपीआर में फिनटेक पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश मॉडल, रोजगार क्षमता और चरणबद्ध विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार डीपीआर पूरी होते ही निवेशकों के लिए प्लॉट आवंटन और अन्य प्रक्रियाओं का रोडमैप सार्वजनिक किया जाएगा। योगी सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। फिनटेक पार्क के माध्यम से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। बैंकिंग टेक्नोलॉजी, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल पेमेंट सिस्टम और फाइनेंशियल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे सेक्टरों में युवाओं को अवसर मिलेंगे। सरकार का फोकस इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश की प्रतिभाएं अब दूसरे राज्यों में पलायन करने के बजाय प्रदेश में ही वैश्विक स्तर का काम करें। योगी सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश को केवल परंपरागत उद्योगों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और अब फिनटेक जैसे हाई एंड (उच्च मूल्य) सेक्टर में प्रदेश को अग्रणी बनाया जाएगा। सेक्टर-11 का फिनटेक पार्क इसी नीति का हिस्सा है, जहां नीति और नीयत दोनों स्पष्ट दिखाई देती हैं। औद्योगिक क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि यह परियोजना न केवल निवेश बढ़ाएगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के डिजिटल फाइनेंस मैप पर मजबूत स्थान दिलाने में सक्षम होगी।