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झारखंड निकाय चुनाव 2026 में 15 लाख तक तय की खर्च लिमिट

रांची. झारखंड में 2026 के निकाय चुनावों का बिगुल बज चुका है। अगर आप पार्षद, मेयर या चेयरपर्सन बनने का सपना देख रहे हैं, तो नियमों की ये बैरियर पार करनी होंगी। राज्य चुनाव आयोग ने हाल ही में खर्च सीमा को 15 लाख रुपये तय किया हैऔर आरक्षित सीटों पर जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है। यह रिपोर्ट झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 और नवीनतम अधिसूचनाओं पर आधारित है, जिसमें पात्रता से लेकर चुनाव व्यय तक सब कुछ शामिल है। दो बच्चों की नीति और कर क्लीयरेंस जैसे नियम अब और सख्त हैं। 1. पात्रता मानदंड झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 579 के अनुसार, उम्मीदवार का नाम नगरपालिका मतदाता सूची में होना चाहिए। आरक्षित सीटों के लिए अतिरिक्त शर्तें लागू हैं: न्यूनतमआयु: 21 वर्ष। इससे कम आयु पर अयोग्यता (धारा 18(b))।     नागरिकता: भारतीय नागरिक होना जरूरी (धारा 18(a))।     आरक्षित सीटें: SC, ST, BC या महिला आरक्षण वाली सीटों पर उम्मीदवार उसी कैटेगरी का होना चाहिए। राज्य चुनाव आयोग रोटेशन आधार पर आरक्षण तय करता है (धारा 16 और 27)।     मतदाता होना: उम्मीदवार को उस क्षेत्र की विधानसभा मतदाता सूची में नाम होना चाहिए (धारा 555)।     शैक्षणिक योग्यता: कोई अनिवार्य योग्यता नहीं, लेकिन शपथ पत्र में शिक्षा विवरण देना पड़ता है (धारा 543)। एक उम्मीदवार वार्ड सदस्य और मेयर/चेयरपर्सन दोनों पदों पर लड़ सकता है। 2. अयोग्यता के आधार धारा 18 में अयोग्यता के कई आधार हैं। इनमें से कोई भी लागू होने पर चुनाव लड़ना या पद संभालना असंभव।     दो बच्चों की नीति: दो से ज्यादा जीवित बच्चे होने पर अयोग्य (धारा 18(n))। अपवाद: अधिनियम शुरू होने (9 फरवरी, 2012) के एक साल के अंदर दो से ज्यादा बच्चे होने पर छूट, लेकिन 9 फरवरी, 2013 के बाद तीसरा बच्चा होने पर पूरी तरह अयोग्य।     कर बकाया: पिछले साल का नगरपालिका कर बकाया होने पर अयोग्य (धारा 18(l))। कर क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जरूरी।     आपराधिक रिकॉर्ड: 6 महीने से ज्यादा सजा (राजनीतिक अपराध छोड़कर), या फरार होना (धारा 18(h))।     सरकारी सेवा: सरकारी या लोकल अथॉरिटी की जॉब में होना (धारा 18(c))।     अन्य: दिवालिया, मानसिक अक्षमता, भ्रष्टाचार (6 साल तक अयोग्य), या 3 लगातार मीटिंग्स से गैरहाजिर (धारा 18(o))।     दोहरी सदस्यता: विधायक, सांसद या पंचायत सदस्य होने पर 15 दिनों में एक पद छोड़ना (धारा 18)। अयोग्यता पर राज्य चुनाव आयोग फैसला करता है। 3. नामांकन प्रक्रिया नामांकन आयोग द्वारा घोषित तिथियों पर (धारा 539)। मुख्य बिंदु-     शपथ पत्र: नामांकन के साथ जरूरी (धारा 543)। इसमें आपराधिक रिकॉर्ड, संपत्ति, देनदारियां, शिक्षा शामिल।     झूठा शपथ पत्र: 1 साल कैद या जुर्माना (धारा 544)।     जमा राशि: आयोग द्वारा तय, सामान्य कैटेगरी के लिए अलग।     प्रक्रिया: रिटर्निंग ऑफिसर (उप जिलाधिकारी स्तर) के पास जमा। सहायक रिटर्निंग ऑफिसर मदद करते हैं (धारा 541)।     आरक्षण पालन: केवल योग्य उम्मीदवार आरक्षित सीटों पर।     दोहरी नामांकन: Allowed, लेकिन जीतने पर एक पद चुनना। नामांकन जांच के बाद, गलती पर रद्दीकरण। इस समाचार में उपयोग किए गए क्रिएटिव ग्राफिक्स को NoteBookLM आर्टिफिशिएल इंटेलिजेंस प्रोग्राम की सहायता से बनाया गया है। 4. आरक्षण व्यवस्था धारा 16 और 27 के मुताबिक-     SC/ST/BC/महिलाओं के लिए 50% तक आरक्षण।     आरक्षित कैटेगरी में महिलाओं के लिए सब-आरक्षण।     आयोग द्वारा हर 10 साल में रिव्यू और रोटेशन।     मेयर/चेयरपर्सन के लिए भी जनसंख्या आधारित आरक्षण। 5. जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता आरक्षित सीटों (SC/ST/BC) पर लड़ने के लिए वैध जाति प्रमाण पत्र नामांकन के साथ जमा करना अनिवार्य है। प्रमाण पत्र जिला मजिस्ट्रेट, अनुमंडल पदाधिकारी या अधिकृत अथॉरिटी द्वारा जारी किया जाता है। वैधता आमतौर पर लाइफटाइम होती है, लेकिन चुनाव के लिए हालिया वेरिफिकेशन जरूरी। BC-I/BC-II के लिए नॉन-क्रीमी लेयर डिक्लेरेशन भी लगता है। फॉर्मेट राज्य सरकार के सर्कुलर के अनुसार, जैसे SC/ST के लिए स्पेसिफिक फॉर्मेट में संशोधन। गलत प्रमाण पत्र पर नामांकन रद्द और कानूनी कार्रवाई। राज्य चुनाव आयोग ने हालिया सर्कुलरों में सख्ती बढ़ाई है। 6. चुनाव प्रक्रिया और मतदान     पर्यवेक्षण: राज्य चुनाव आयोग (धारा 538)। जिला चुनाव अधिकारी (उपायुक्त) कोऑर्डिनेट करता है।     मतदान: डायरेक्ट इलेक्शन (धारा 553)। अमिट स्याही और आईडी जरूरी (धारा 554)।     मतदान दिवस: छुट्टी (धारा 575); शराब बैन 48 घंटे पहले (धारा 576)।     पर्यवेक्षक: आयोग द्वारा अपॉइंट (धारा 556)।     अपराध: रिश्वत, धमकी, बूथ कैप्चरिंग पर सजा (धारा 558-574)। बूथ कैप्चरिंग पर 1-3 साल कैद। 7. चुनाव व्यय और लेखा     सीमा: राज्य चुनाव आयोग द्वारा तय। 2026 चुनावों के लिए उम्मीदवारों पर 15 लाख रुपये की अधिकतम खर्च सीमा लागू। निकाय के आधार पर अलग-अलग, जैसे मेयर के लिए ज्यादा, वार्ड के लिए कम। उल्लंघन पर अयोग्यता (धारा 577)।     लेखा: नामांकन से रिजल्ट तक हिसाब रखना जरूरी। फेल होने पर 3 साल अयोग्य (धारा 578)।     मॉनिटरिंग: आयोग द्वारा सख्त निगरानी, बैंक ट्रांजेक्शन चेक। 8. शपथ और पद ग्रहण     पार्षदों के लिए: संविधान निष्ठा शपथ (धारा 19)। 3 महीने में लेनी, वरना पद रिक्त।     मेयर/चेयरपर्सन के लिए: गोपनीयता शपथ (धारा 29)। 9. रिकॉल और पद की अवधि     अवधि: 5 साल (धारा 20)।     रिकॉल: वार्ड वोटर्स की बहुमत पिटीशन पर, 2/3 पार्षदों की अप्रूवल से (धारा 21)। पहले साल में नहीं। 10. चुनाव याचिका     फाइलिंग: रिजल्ट के 45 दिनों में कोर्ट में (धारा 580)।      आधार: अयोग्य उम्मीदवार, भ्रष्टाचार, गलत नामांकन।     भ्रष्टाचार: रिश्वत, झूठे स्टेटमेंट, फ्री ट्रांसपोर्ट आदि (धारा 586)। दोषी पर 5 साल अयोग्य। यह रिपोर्ट चुनाव आयोग के आधिकारिक स्रोतों और नवीनतम अपडेट्स पर बनी है। चुनाव तिथियां जल्द घोषित हो सकती हैं। उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट चेक करें और अपडेट रहें।

युवराज मौत मामले में पहली गिरफ्तारी, नोएडा पुलिस ने बिल्डर को दबोचा

नोएडा दिल्ली एनसीआर के नोएडा सेक्टर-150 में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में पहली गिरफ्तारी हो गई है। ये गिरफ्तारी MZ विशटाउन के बिल्डर और मालिक की हुई है। उसका नाम अभय कुमार है। उसे नॉलेज पार्क पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस में दर्ज FIR में दो बिल्डर एमजेड विश्टाउन और लोटस ग्रीन को नामजद किया गया है।   योगी बोले- 5 दिन में रिपोर्ट सौंपिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच रिपोर्ट 5 दिन के अंदर तलब की है। इस मामले को लेकर यूपी के मुख्यमंत्री ने एक 3 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया है। उत्तर प्रदेश शासन ने सोमवार को नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया था। अभी तक नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर किसी की नियुक्ति नहीं हुई है। SIT जांच पर क्या बोले अधिकारी मेरठ जोन के एडीजी और एसआईटी हेड भानू भास्कर ने बताया- नोएडा प्राधिकरण टीम, नोएडा जिला अधिकारी, नोएडा पुलिस कमिश्नर समेत सभी लोग वहां मौजूद हैं। हमारी एसआईटी टीम ने जांच शुरू कर दी है। शासन के निर्देशों पर हम पांच दिनों के अंदर इसकी रिपोर्ट दे देंगे। सभी लोगों से बातचीत की जाएगी। सभी से बात करने के बाद देखेंगे कि आखिर किन कारणों से ये एक्सीडेंट हुआ है। गड्डों की पहचान, सुरक्षा के उपाय के आदेश सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जीएनआईडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CO) एन जी रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सड़कों पर या उसके आसपास के सभी गड्ढों की पहचान करें। उन्हें तुरंत भरें तथा एक्सीडेंट की आशंका वाली जगहों को बिना किसी देरी के चिह्नित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि साइन बोर्ड, रिफ्लेक्टर और ब्रेकरों सहित जरूरी सुरक्षा उपाय तीन दिनों के भीतर सभी सड़कों पर लागू किए जाएं। युवराज की हादसे में ऐसे हुई थी मौत मृतक इंजीनियर युवराज मेहता की कार 16 जनवरी को निर्माणाधीन स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गयी थी। उस निर्माणाधीन स्थल पर कोई अवरोधक भी नहीं था। यह गड्ढा एक मॉल के भूमिगत तल के निर्माण के लिए खोदा गया था। इस घटना में लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं।  

जब हनुमान जी बने लक्ष्य: बाण चलाने से पहले भरत को क्यों हुआ था भय?

रामायण के कई प्रसंग हमें जीवन की बड़ी सीख देते हैं. ऐसा ही एक प्रसंग तब आता है जब लक्ष्मण के प्राण बचाने के लिए हनुमान जी पूरा द्रोणागिरि पर्वत उठाकर लंका ले जा रहे थे. इस दौरान जब वे अयोध्या के ऊपर से गुजरे, तो भरत के साथ उनका एक छोटा सा टकराव हुआ. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भरत ने हनुमान जी को मारने के लिए मारक बाण का इस्तेमाल क्यों नहीं किया था? आइए जानते हैं. जब अयोध्या के आसमान में छाया अंधेरा युद्ध भूमि में लक्ष्मण जी मूर्छित थे और सूर्योदय से पहले संजीवनी बूटी पहुंचानी जरूरी थी. हनुमान जी विशाल पर्वत लेकर वायु मार्ग से तेजी से उड़ रहे थे. जब वे अयोध्या के ऊपर से निकले, तो उनकी विशाल परछाईं को देखकर भरत को लगा कि शायद कोई मायावी राक्षस अयोध्या पर हमला करने या उसे नष्ट करने के लिए कोई पहाड़ ले जा रहा है. क्यों चलाया बिना फल वाला बाण? भरत एक कुशल योद्धा थे, वे चाहते तो एक ही बाण में उस संकट को समाप्त कर सकते थे. लेकिन उन्होंने हनुमान जी पर बिना नोक वाला बाण चलाया, जिसे सायक भी कहा जाता है. इसके पीछे दो मुख्य कारण थे. भरत को पूरी तरह यकीन नहीं था कि उड़ने वाला कोई शत्रु ही है. उन्हें लगा कि अगर वह कोई मित्र हुआ, तो घातक बाण चलाने से अनर्थ हो जाएगा. राजा दशरथ ने बचपन में भरत को एक शिक्षा दी थी. दशरथ ने अनजाने में शब्दभेदी बाण चलाकर श्रवण कुमार की हत्या कर दी थी, क्योंकि उन्हें लगा था कि कोई जंगली जानवर पानी पी रहा है. उस एक गलती ने पूरे रघुवंश को पुत्र वियोग का श्राप और दुख दिया था. दशरथ ने भरत को समझाया था बेटा, जब तक तुम्हारी शंका पूरी तरह दूर न हो जाए तब तक कभी भी प्राणघातक बाण मत चलाना. राम नाम ने बचा लिया अनर्थ जैसे ही भरत का बाण हनुमान जी को लगा, वे राम-राम जपते हुए नीचे गिर पड़े. राम का नाम सुनते ही भरत हैरत में पड़ गए. वे दौड़कर हनुमान जी के पास पहुंचे और उनसे क्षमा मांगी. जब उन्हें पता चला कि यह पवनपुत्र हनुमान हैं और वे उनके प्रिय भाई राम के काम के लिए जा रहे हैं, तो भरत की आंखों में आंसू आ गए. भरत ने अपने विवेक और पिता के अनुभव से सीख लेकर एक बहुत बड़े पाप को होने से रोक लिया. अगर उस दिन भरत घातक बाण चलाते, तो शायद लक्ष्मण के प्राण बचाना असंभव हो जाता.

पहल रंग लाई: बुरहानपुर के 25 सरकारी स्कूलों में लगे RO प्लांट

बुरहानपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के 25 बड़े सरकारी स्कूलों में अब विद्यार्थियों और शिक्षकों को आरओ का शुद्ध पेयजल मिलेगा। जिससे वे दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बच सकेंगे। चयनित स्कूलों में आरओ यूनिटों की स्थापना की जा चुकी है। मंगलवार को सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र पाटिल ने इनका शुभारंभ भी करा दिया। मशीन का शुद्ध पानी पीकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने स्कूलों को ये मशीनें उपलब्ध कराई हैं।   उन्होंने कहा है कि आने वाले समय में अन्य स्कूलों में भी आरओ मशीनें लगवाई जाएंगी। इससे उन स्कूलों के विद्यार्थियों को भी शुद्ध पानी उपलब्ध हो सकेगा। बता दें कि जिले के कई सरकारी स्कूलों की पानी की टंकियों की सालों तक सफाई नहीं होती। साथ ही पानी की गुणवत्ता भी नहीं परखी जाती है। इन स्कूलों में लगाई आरओ यूनिट पहले चरण में जिन सरकारी स्कूलों में आरओ यूनिटें लगाई गई हैं, उनमें हायर सेकंडरी स्कूल लोनी, माध्यमिक विद्यालय बोहरडा, माध्यमिक विद्यालय हतनूर, हायर सेकंडरी स्कूल बिरोदा, कन्या माध्यमिक शाला बहादरपुर, हायर सेकंडरी स्कूल बोदरली, हायर सेकंडरी स्कूल जसौंदी, हायर सेकंडरी स्कूल बंभाडा, एकीकृत शाला बोरसल, सुभाष उत्कृष्ट स्कूल बुरहानपुर, कन्या शाला चौक बाजार, सावित्री बाई फूले कन्या शाला, कन्या उर्दू स्कूल हरीरपुरा, पुरुषार्थी हायर सेकंडरी स्कूल, माध्यमिक शाला लालबाग, माध्य स्कूल फोपनार, हायर सेकंडरी स्कूल इच्छापुर, हायर सेकंडरी स्कूल दापोरा, दर्यापुर, निम्बोला, कन्या हाईस्कूल धूलकोट, हायर सेकंडरी स्कूल जैनाबाद, हाईस्कुल अम्बा, सुक्ता नेपानगर और हायर सेकंडरी स्कूल खातला शामिल हैं। मेंटेनेंस के लिए करना होगा सचेत सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जन प्रतिनिधियों और सरकार के प्रयास तभी फलीभूत होते हैं, जब सुविधाओं का सुचारू संचालन होता है। सांसद द्वारा उपलब्ध कराई गईं आरओ मशीनों के मामले में स्कूल प्राचार्यों को सचेत करने की जरूरत होगी। अन्यथा मेंटेनेंस के अभाव में ये मशीनें अन्य स्कूलों की तरह चंद महीने बाद य तो बंद हो जाएंगे अथवा पानी को साफ करना बंद कर देंगी। जिससे लाखों रुपये बर्बाद हो जाएंगे।

न्यूजीलैंड को झटका? भारत के खिलाफ टी20 में ब्रैसवेल के खेलने पर सस्पेंस बरकरार

नई दिल्ली न्यूजीलैंड के कोच रॉब वाल्टर ने कहा कि ऑलराउंडर माइकल ब्रैसवेल का भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में खेलना इस बात पर निर्भर करेगा कि वह इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे के दौरान बाएं पैर की पिंडली में लगी मामूली चोट से उबर पाते हैं या नहीं।   न्यूजीलैंड ने होल्कर स्टेडियम में भारत को 41 रन से हराकर वनडे श्रृंखला 2-1 से जीती थी लेकिन फील्डिंग के दौरान पिंडली में हल्की चोट लगने के कारण ब्रैसवेल गेंदबाजी नहीं कर पाए थे। न्यूजीलैंड क्रिकेट की विज्ञप्ति में वाल्टर ने कहा, ‘ब्रैसवेल का उपचार जारी रहेगा और उनकी फिटनेस पर निगाह रखी जाएगी। इसके बाद ही दौरे में उनकी आगे की भागीदारी के बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।’ उन्होंने कहा, ‘वनडे श्रृंखला जीतना और इतिहास रचना बेहद खास था। टीम के शानदार प्रदर्शन की बदौलत हमने कुछ ऐसा हासिल किया जो पहले कभी नहीं हुआ था।’ वाल्टर ने कहा कि ब्रैसवेल टीम के साथ बने रहेंगे, लेकिन उन्हें जल्दी पूरी फिटनेस हासिल करनी होगी। उन्होंने कहा, ‘माइकल टीम के साथ नागपुर गए हैं लेकिन टी20 श्रृंखला से पहले कम समय बचा है, इसलिए हमें उनकी फिटनेस पर जल्द ही गौर करना होगा।’ वाल्टर ने यह भी पुष्टि की कि तेज गेंदबाज क्रिस्टियन क्लार्क टीम के साथ बने रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस श्रृंखला के पहले तीन मैचों के लिए हमारे पास पर्याप्त तेज गेंदबाजी विकल्प हों और क्रिस्टियन के लिए भारत के अपने पहले दौरे पर टीम के साथ थोड़ा और समय बिताने का यह एक शानदार अवसर है। उन्होंने वनडे श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन किया।’

उद्यानिकी खेती से बदली किसान की आर्थिक तस्वीर, धान की तुलना में स्ट्रॉबेरी की खेती में डबल मुनाफा

तकनीकी मार्गदर्शन, शासन की सब्सिडी से घटा खर्च, बढ़ी आमदनी रायपुर, जिले में शासन की उद्यानिकी प्रोत्साहन योजनाओं से किसान अब परंपरागत खेती की सीमाओं को तोड़कर नई संभावनाओं की ओर आगे बढ़ रहे हैं। अब किसान केवल धान पर निर्भर न रहकर अधिक लाभ देने वाली  फसलों को अपना रहे हैं। किसान लाल बहादुर सिंह बताया कि ढाई एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती करने में लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई है। इससे उन्हें करीब 9 लाख रुपये की आमदनी होने का अनुमान है।          सरगुजा जिले के भगवानपुरखुर्द निवासी किसान श्री लाल बहादुर सिंह ने भी इसी सोच के साथ खेती में नवाचार अपनाया और आज वे एक सशक्त, आत्मनिर्भर एवं उन्नत किसान के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। धान से उद्यानिकी की ओर किया सफल बदलाव        कृषक श्री लाल बहादुर सिंह ने बताया कि वर्षों से धान की खेती करने के बाद भी अपेक्षाकृत सीमित लाभ ही मिल पाता था। लागत बढ़ने और मौसम पर निर्भरता के कारण मुनाफा कम हो जाता था। इसी बीच उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसल की जानकारी दी और इसके फायदे समझाए। इससे उन्हें अपनी खेती में बदलाव करने की प्रेरणा मिली। छोटे क्षेत्र से शुरुआत, बड़े रकबे तक विस्तार       उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत उन्होंने मात्र 50 डिसमिल क्षेत्र से की थी। लाभ मिलने पर अगले वर्ष एक एकड़ में खेती की और फिर तीसरे व चौथे वर्ष इसे बढ़ाकर ढाई एकड़ तक कर दिया। वर्तमान में वे ढाई एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की सफल खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। स्ट्रॉबेरी की खेती में लागत कम अधिक मुनाफा        कृषक श्री सिंह ने बताया कि ढाई एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती करने में लगभग 2 लाख रुपये की लागत आई है। इससे उन्हें करीब 9 लाख रुपये की आमदनी होने का अनुमान है। लागत निकालने के बाद लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि यही ढाई एकड़ यदि धान की खेती में लगाया जाता, तो लगभग 90 क्विंटल उत्पादन होता, जिससे शासकीय उपार्जन केन्द्र में बेचने पर करीब 3 लाख रुपये की आमदनी होती। धान की खेती में लगभग 1 लाख रुपये की लागत आने के बाद शुद्ध लाभ मात्र 2 लाख रुपये के आसपास ही रहता। उद्यानिकी में सब्सिडी से घटा खर्च, बढ़ा लाभ            किसान श्री लाल बहादुर सिंह ने बताया कि उद्यानिकी विभाग की इस योजना के अंतर्गत पौध, खाद और बीज की राशि डीबीटी के माध्यम से वापस कर दी जाती है। उन्हें लगभग 80 से 85 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्राप्त होगी। विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया जाता है, जिससे खेती और अधिक सफल हो रही है। अधिकारियों का मार्गदर्शन बना सफलता की कुंजी         श्री लाल बहादुर सिंह ने बताया कि वे पौधे स्वयं मंगवाते हैं और उद्यानिकी विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार खेती करते हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा खेत का निरीक्षण कर आवश्यक सलाह दी जाती है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार होता है और बाजार में अच्छी कीमत मिल जाती है। अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बने लाल बहादुर सिंह         श्री सिंह ने कहा कि शासन की उद्यानिकी योजना से अन्य किसान भी लाभ ले सकते हैं। धान जैसी पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उद्यानिकी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं। आज वे स्वयं उद्यानिकी खेती से सशक्त और आत्मनिर्भर बने हैं तथा अन्य किसानों को भी इस दिशा में प्रेरित कर रहे हैं। उद्यानिकी प्रोत्साहन के लिए शासन का जताया आभार          किसान श्री लाल बहादुर सिंह ने उद्यानिकी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं से प्रदेश का किसान आज सशक्त, आत्मनिर्भर और उन्नत कृषक बन रहा है।

अक्टूबर 2025 में 36 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को मिली 920 करोड़ से अधिक सब्सिडी

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में अटल गृह ज्योति योजना एवं किसान ज्योति योजना के अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 में 36 लाख 41 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ताओं ने 920 करोड़ 83 लाख से अधिक की सब्सिडी का लाभ उठाया है। राज्य शासन द्वारा अटल गृह ज्योति योजना के अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 में 26 लाख 39 हजार से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 131 करोड़ 75 लाख रूपये एवं अटल किसान ज्योति योजना के अंतर्गत 10 लाख 02 हजार से अधिक कृषि उपभोक्ताओं को 789 करोड़ 08 लाख की सब्सिडी दी गई है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डिंडौरी जिला प्रशासन को दी बधाई

हीमोग्लोबिन परीक्षण में एशिया बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाया भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में जनजातीय बहुल डिंडौरी जिले में नए कीर्तिमान को स्थापित करने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एशिया बुक ऑफ रिकार्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स में स्थान बनाने की उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन और डिंडौरी के निवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिंडौरी जिले ने "बेटी बचाओ -बेटी पढ़ाओ" के अंतर्गत "सुगढ़ टूरी- आज स्वस्थ, कल सशक्त" अभियान के माध्यम से एक ही दिन में जनजातीय बहुल क्षेत्र में 48 हजार से अधिक बालिकाओं और महिलाओं का हीमोग्लोबिन परीक्षण कर "एशिया बुक ऑफ रिकार्डस और इंडिया बुक ऑफ रिकार्डस" में स्थान प्राप्त किया है। इस पहल ने प्रदेश को गौरवान्वित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए डिंडौरी जिला प्रशासन की टीम बधाई की पात्र है। यह अभियान महिला स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण के प्रति मध्यप्रदेश की दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण है।  

विष्णुदेव साय सरकार की 21 जनवरी को महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक, अहम मुद्दों पर होगा फैसला

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक 21 जनवरी को आयोजित की जाएगी। यह बैठक सुबह 11 बजे नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय, महानदी भवन में होगी। बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है। सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतिगत निर्णयों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर मंत्रिपरिषद विचार-विमर्श कर सकती है। बजट से पहले होने वाली इस बैठक को खास माना जा रहा है, जिसमें विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं।

किश्तवाड़ में आतंकी ठिकाना उजागर, मैगी से लेकर बासमती चावल तक का बड़ा जखीरा बरामद

किश्तवाड़ जम्मू कश्मीर में किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में आतंकवादियों का पता लगाने के लिए तलाशी अभियान जारी है। तीसरे दिन मंगलवार को सुरक्षा बलों ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चतरू क्षेत्र के मन्द्राल-सिंहपुरा के पास सोनार गांव में रविवार को अभियान शुरू किया गया था। इस बीच, मुठभेड़ में एक पैराट्रूपर शहीद हो गया और छिपे हुए आतंकवादियों की ओर से अचानक किए गए ग्रेनेड हमले से 7 अन्य घायल हो गए। आतंकवादी घने जंगल में भाग गए, लेकिन खाने-पीने की चीजें, कंबल और बर्तनों सहित बड़ी मात्रा में सर्दियों के सामान से भरे उनके ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया है।   ध्वस्त ठिकाने से बरामद सामग्रियों से आतंकवादियों की सर्दियों में जीवित रहने की प्लानिंग का पता चलता है। यहां से मैगी के 50 पैकेट, टमाटर व आलू जैसी ताजी सब्जियां, 15 प्रकार के मसाले, 20 किलो बासमती चावल, अनाज, खाना पकाने की गैस और सूखी लकड़ी मिली है। अधिकारियों ने बताया कि 12,000 फुट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित गुप्त ठिकाने का भंडाफोड़ करने के संबंध में सोमवार दोपहर कई व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। सुरक्षा बल आतंकवादियों के उन मददगारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्होंने उनकी बड़ी मात्रा में राशन, दाल, बर्तन और अन्य आवश्यक सामग्री जुटाने में मदद की। ये सामग्री सर्दियों के महीनों में कम से कम 4 लोगों के लिए पर्याप्त थी। 2-3 आतंकियों के छिपे होने की आशंका सेना की व्हाइट नाइट कोर ने एक्स पर पोस्ट करके बताया कि चतरू में ऑपरेशन त्राशी-1 जारी है। सेना ने कहा, ‘घेराबंदी और कड़ी कर दी गई है और तलाशी अभियान का दायरा बढ़ा दिया गया है।’ माना जा रहा है कि पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े दो से तीन आतंकवादियों का समूह इलाके में है। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक भीम सेन तुती और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जम्मू महानिरीक्षक आर. गोपाल कृष्ण राव सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मुठभेड़ स्थल पर पहुंच गए। वे अभियान की निगरानी के लिए वर्तमान में कई सेना अधिकारियों के साथ वहीं डेरा डाले हुए हैं। इसी बीच, शहीद हुए विशेष बल कमांडो हवलदार गजेंद्र सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जम्मू में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शहीद कमांडो को श्रद्धांजलि देने के लिए सतवारी में कार्यक्रम का नेतृत्व व्हाइट नाइट कोर के कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ ब्रिगेडियर युद्धवीर सिंह सेखों ने किया। बाद में, शहीद कमांडो के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उनके गृह क्षेत्र उत्तराखंड ले जाया गया।