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कुरुक्षेत्र पहुँचे राहुल गांधी पढ़ाएंगे कांग्रेस जिलाध्यक्षों को सियासी पाठ

कुरुक्षेत्र. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुँचे। धर्मनगरी आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। राहुल गांधी विशेष विमान से अंबाला एयरपोर्ट पर उतरे, जहाँ से वे भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सड़क मार्ग के जरिए कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए। उनके काफिले के साथ सुरक्षा बलों की गाड़ियां और स्थानीय नेताओं का हुजूम भी मौजूद रहा। कुरुक्षेत्र पहुँचने पर राहुल गांधी सीधे पंजाबी धर्मशाला पहुँचे। यहाँ सुबह से ही भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक उनके दीदार के लिए एकत्रित थे। जैसे ही राहुल गांधी कार्यक्रम स्थल पर पहुँचे, कार्यकर्ताओं ने "कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद" और "राहुल गांधी संघर्ष करो" के नारों के साथ आसमान गूँज उठा। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी यहाँ पार्टी के संगठन को मजबूत करने और आगामी रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए हरियाणा और उत्तराखंड के जिला अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में है। राहुल गांधी के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल के आसपास चारों ओर बेरिकेडिंग की गई है तो पुलिस जवान भी तैनात कर दिए गए हैं। राहुल गांधी के साथ हरियाणा प्रदेशाध्यक्षा राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश प्रभारी बी के हरिप्रसाद, उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला ही रहेंगे जबकि कुरुक्षेत्र जिला के विधायक अशोक अरोड़ा, रामकरण काला व मनदीप चट्ठा को भी कार्यक्रम स्थल पर एंट्री मिलने की उम्मीद है।

चन्नी ने भाजपा का ऑफर ठुकराकर कांग्रेस पर जताई अटूट निष्ठा

बरनाला. भाजपा नेता केवल सिंह ढिल्लों द्वारा बीजेपी ज्वाइन करने के ऑफर पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के सच्चे सिपाही हैं। वह कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं। चन्नी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "मैं आपको एक बात बताता हूं, अगर मैं कभी पार्टी बदलता हूं, तो कोई भी मुझे को वोट न दे।" बरनाला में अमर शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला की बरसी पर पहुंचे चरणजीत सिंह चन्नी ने मीडिया से बात की और कांग्रेस में ऊंची जाति के लोगों के बड़े पदों पर होने वाले अपने बयान पर अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "जब मैं मुख्यमंत्री था, तो जनरल कैटेगरी के लोग आए और कहा कि हमारा फोरम बनना चाहिए। मैंने उसी समय जनरल कैटेगरी कमीशन बनाया था। मैंने सभी वर्गों के लिए काम किया। मैंने सभी के लिए बिजली बिल माफ किया। स्कूलों में सभी के लिए स्कॉलरशिप स्कीम चलाई थी। चन्नी ने आगे कहा कि यह विरोधियों की उन्हें बदनाम करने की चाल है। उन्होंने कहा कि वह सबका सम्मान करते आए हैं और करते रहेंगे। पंजाब अलग-अलग जातियों और धर्मों का गुलदस्ता है। वह सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल में महल कलां विधानसभा क्षेत्र के लिए किए गए कामों का ब्यौरा देते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उन्होंने महल कलां को सब डिवीजन बनाया, अब यहां एसडीएम बैठते हैं, लेकिन मौजूदा सरकार के इतने साल बीत जाने के बावजूद यहां कोई कार्यालय नहीं बना। महल कलां की पंचायतों को विकास कार्यों के लिए तीन महीने में 25 करोड़ रुपये के सीधे चेक दिए गए, लेकिन अब एक पैसा भी नहीं दिया जा रहा। महल कलां विधानसभा क्षेत्र में करीब 25 गांवों से जुड़ी 70 किलोमीटर सड़कें पक्की की जा चुकी हैं। चन्नी ने कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी दोबारा सत्ता में आई तो विधानसभा क्षेत्र महल कलां की सड़कों को पक्का करने का सारा काम किया जाएगा। सेवा सिंह को श्रद्धांजलि देने पहली बार ठीकरीवाला आए पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि उन्हें हैरानी है कि इतने साल बीत जाने के बावजूद ठीकरीवाला में अमर शहीद सेवा सिंह की कोई शानदार यादगार नहीं बन पाई। उन्होंने वादा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो यहां अमर शहीद सेवा सिंह की शानदार यादगार बनाई जाएगी। इस मौके पर बरनाला से विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों समेत जिला कांग्रेस कमेटी की टीम मौजूद थी।

हेलमेट बिना घर से बाहर निकले तो भुगतना पड़ेगा चालान, नया नियम लागू

भोपाल   दोपहिया वाहन लेकर घर से निकल रहे हैं तो हेलमेट जरूर पहन लें। कार साथ है तो दस्तावेज व सीट बेल्ट लगाना न भूलें। आपको मुख्यमार्ग पर ट्रैफिक जवान मिल सकते हैं। चालान भी काटा जा सकता है। तेज रफ्तार वाहन से बढ़ती सड़क दुर्घटना रोकने ट्रैफिक पुलिस ने चालान की राह पकड़ी है। 460 ट्रैफिक जवानों को सड़क पर उतारा बता दें कि प्रशासन ने 460 ट्रैफिक जवानों को उतारा गया। 16 पॉइंट पर तेज रफ्तार वाहनों की धरपकड़ की गई। बीते मंगलवार को तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाने, रेड लाइन क्रॉस करने वाले वाह चालको पर एक लाख 35 हजार रुपए के चालान बनाए गए हैं।  समीक्षा के बाद सख्ती एक महीने में शहर में हुए सड़क हादसों और व्यस्त चौराहों पर जाम की स्थिति को देखते हुए यह विशेष अभियान चलाया गया। दिनभर चली कार्रवाई में दो हजार से अधिक वाहनों के चालान काटे गए, जिनसे 60 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। नए के साथ पुराने शहर में कई पॉइंट पर चेकिंग ट्रैफिक पुलिस ने एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस चौराहे, चेतक ब्रिज, रोशनपुरा, न्यू मार्केट, लालघाटी, कोलार, करोंद, मिसरोद और अयोध्या बायपास जैसे प्रमुख मार्गों पर चेकिंग की। इस दौरान बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों पर विशेष नजर रखी गई। पुलिस टीम ने उल्टी दिशा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, ब्लैक फिल्म और तेज रफ्तार के मामलों में भी चालान किए। शहर में सड़क हादसों की संख्या कम करना प्राथमिकता शहर में सड़क हादसों की संख्या को कम करना हमारी प्राथमिकता है। हेलमेट और सीट बेल्ट आपकी सुरक्षा के लिए हैं। यह अभियान जारी रहेगा। लोगों से अपील है कि घर से निकलते समय ट्रैफिक नियमों का पालन करें और हेलमेट जरूर पहनें। आने वाले दिनों में नियम तोडऩे वालों पर और सख्ती की जाएगी। -बसंत कौल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात

IPL में RCB–राजस्थान रॉयल्स को झटका? होम मैचों को लेकर BCCI का अल्टीमेटम

नई दिल्ली IPL 2026 को लेकर चर्चा अब तेज हो गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मंगलवार 20 जनवरी को एक डेडलाइन भी दे दी है। बीसीसीआई ने राजस्थान और बेंगलुरु की टीमों को अपने मैच जयपुर और बेंगलुरु में आयोजित करने का या नहीं? इसको लेकर 27 जनवरी तक बताना होगा। इन्हीं दो टीमों के होम ग्राउंड पर संशय है, क्योंकि जयपुर के सवाई मान सिंह को इसलिए मेजबानी नहीं मिल पाएगी, क्योंकि राजस्थान क्रिकेट संघ के चुनाव नहीं हुए हैं। वहीं, बेंगलुरु में आईपीएल 2025 के विनिंग सेलिब्रेशन के बाद जो हुआ था, उसके कारण वहां आरसीबी अपने मैच आयोजित नहीं करेगी। भले ही कर्नाटक सरकार ने स्टेडियम को सशर्त हरी झंडी दी है, लेकिन वह शर्त डराने वाली है। रिपोर्ट की मानें तो राजस्थान रॉयल्स अपने होम मैच पुणे में खेल सकती है, जबकि आरसीबी डीवाई पाटिल स्टेडियम में पांच और रायपुर में दो होम गेम आयोजित करा सकती है। हालांकि, नवी मुंबई में मैच आयोजित कराने के लिए आरसीबी को मुंबई इंडियंस से एनओसी लेनी होगी, क्योंकि आईपीएल के नियमों के मुताबिक, एक शहर में दो टीमों के मैच आयोजित नहीं हो सकते हैं। रिपोर्ट में आगे ये भी बताया गया है कि आईपीएल 2026 का शेड्यूल तब सामने आएगा, जब तमिलनाडु, असम और बंगाल की चुनाव तिथि सामने आ जाएंगी। उधर, कर्नाटक सरकार के कानून से आरसीबी डर गई है। आरसीबी भले ही यह दिखाने की कोशिश कर रही हो कि वह बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में ही अपने होम गेम आयोजित करना चाहती है, लेकिन असल में ऐसा नहीं है, क्योंकि इस रिपोर्ट में बीसीसीआइ के सूत्र ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने वहां हुई घटना (जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी) के बाद एक कानून पास किया है, जिसमें कहा गया है कि कोई मैच या कार्यक्रम स्टेडियम में हो रहा है तो उसके आसपास की बाहरी रोड पर भी कोई घटना होती है तो उसके लिए आयोजक ही जिम्मेदार होंगे। यही कारण है कि आरसीबी के मालिक इस कानून से डरे हुए हैं। आईपीएल 2026 की शुरुआत 26 मार्च से होने वाली है और फाइनल मुकाबला 31 मई को आयोजित होगा। चेन्नई, दिल्ली, लखनऊ, मुंबई (वानखेड़े), कोलकाता, अहमदाबाद, न्यूचंडीगढ़, हैदराबाद, धर्मशाला, विशाखापट्टनम, गुवाहाटी, जयपुर, बेंगलुरु, पुणे, रायपुर, रांची, नवी मुंबई (डीवाई पाटिल) और तिरुअनंतपुरम में आईपीएल के मैचों का आयोजन हो सकता है।  

गणतंत्र दिवस पर सीएम साय जिले में करेंगे ध्वजारोहण

बिलासपुर. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित शासन की फ्लैगशीप योजनाओं, आगामी गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों एवं जनदर्शन के लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले में पहली बार मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय द्वारा ध्वजारोहण किया जाना संभावित है। कलेक्टर ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित एवं भव्य स्वरूप में मनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की। बैठक में एसएसपी  रजनेश सिंह, नगर निगम आयुक्त  प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत सीईओ  संदीप अग्रवाल, वनमण्डलाधिकारी श्री नीरज सिंह, सहायक कलेक्टर अरविंथ कुमारन, एडीएम कलेक्टर  शिवकुमार बनर्जी, मौजूद थे। बैठक में कलेक्टर ने गणतंत्र दिवस पर जिले के विकास कार्यों एवं शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे आम नागरिकों को जिले की उपलब्धियों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाए। कलेक्टर ने बताया कि वंदे मातरम अभियान का द्वितीय चरण प्रारंभ है, जिसके अंतर्गत जिले में विभिन्न राष्ट्रभक्ति गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस परेड ग्राउंड में सामूहिक वंदे मातरम गायन किया जाएगा। बैठक में कलेक्टर ने चावल उत्सव का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को समय पर लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने जनदर्शन एवं समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रकरणों का जल्द निराकरण करें।

बिहार के बाद केरल मिशन? विनोद तावड़े के कंधों पर बीजेपी को मजबूत करने का दारोमदार

 नई दिल्ली बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी नितिन नबीन ने ऐसे समय संभाली है, जब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, पुदुचेरी और केरल में होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी तेज है. इनमें से किसी भी राज्य में बीजेपी के लिए चुनावी लड़ाई आसान नहीं है. नितिन नबीन ने अपनी ताजपोशी के साथ पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए ताबड़तोड़ फैसले लेने शुरू कर दिए हैं.  नितिन नबीन ने बीजेपी के लिए सबसे मुश्किल माने जाने वाले केरल विधानसभा चुनाव की कमान विनोद तावड़े को सौंपी तो साथ ही चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. उनके साथ शोभा करंदलाजे को सह प्रभारी बनाया गया है. ऐसे में सवाल उठता है कि विनोद तावड़े बिहार की तरह ही केरल में भी कमल खिला पाएंगे? वहीं, आशीष शेलार को तेलंगाना नगर निकाय चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया है. उनके साथ अशोक परनामी व रेखा शर्मा को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा वरिष्ठ नेता राम माधव को ग्रेटर बेंगलुरु निकाय चुनाव का प्रभारी नियुक्त किया गया है तो सतीश पुनिया और संजय उपाध्याय को सह प्रभारी का दातित्व सौंपा है.  विनोद तावड़े को मिला केरल का मुश्किल टास्क मिशन साउथ के तहत बीजेपी दक्षिण भारत के तमाम राज्यों में अपनी सियासी जमीन तलाश रही है. फिर चाहे तमिलनाडु हो या फिर केरल विधानसभा चुनाव का मैदान. पीएम मोदी समेत तमाम बड़े नेताओं की नजर इन राज्यों पर टिकी है. ऐसे में बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने केरल की चुनावी जंग को फतह करने के लिए बिहार चुनाव जिताने वाले विनोद तावड़े को सौंपी है, उन्हें विधानसभा चुनाव का प्रभारी बनाया है और साथ ही कर्नाटक से आने वाली  शोभा करंदलाजे को सौंपा है.  केरल में सत्ता का रास्ते को ईसाई और मुस्लिम वोट के द्वारा तय होते है, जिसके चलते ही बीजेपी की राह काफी मुश्किल भरी रही है. बीजेपी केरल में तेजी से बढ़ी है, लेकिन सत्ता के सिंहासन तक पहुंचने में यूडीएफ और एलडीएफ एक बड़ी बाधा हैं. केरल का चुनाव इन्हीं दोनों गठबंधन के बीच सिमटा हुआ है.  हालांकि, बीजेपी को केरल में 2014 में14 प्रतिशत वोट मिले थे, 2019 में 16 प्रतिशत और 2024 में यह बढ़कर 20 प्रतिशत हो गया.  बीजेपी को केरल की सत्ता तक पहुंचने के लिए 20 से 30 और 30 से 40 फीसदी के वोट क का सफर तय करना है. ऐसे में विनोद तावड़े को एक मुश्किल भरा टास्क नितिन नबीन ने सौंपा है.  बिहार की तरह केरल में खिला पाएंगे कमल विनोद तावड़े को भले ही केरल चुनाव में बीजेपी को जिताने की जिम्मेदारी मिली हो, लेकिन बिहार की तरह केरल की राह आसान नहीं है. केरल में बीजेपी के लिए इसलिए भी मुश्किल रहा है, क्योंकि यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और लेफ्ट-सीपीएम के अगुवाई वाले एलडीएफ का अपना-अपना मजबूत वोट बैंक है. केरल में मुस्लिम और ईसाई वोटर ही नहीं हिंदू वोटर भी यूडीएफ और एलडीएफ के बीच बंटे हुए हैं, बीजेपी तेजी से अपने पैर पसारे हैं, पर सत्ता तक पहुंचने की मंजिल काफी मुश्किल भरी है.  केरल की कुल आबादी में नायर समुदाय करीब 15 फीसदी हिस्सेदारी रखता है. इसमें केरल के अपर कास्ट हिंदू आते हैं. इसके अलावा पिछड़ा वर्ग के तहत आने वाले एझवा समुदाय भी काफी अहम भूमिका निभाता है. इसकी केरल में कुल आबादी करीब 28 फीसदी है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन खुद इस समुदाय से आते हैं. यानी विजयन का ये पारंपरिक वोट बैंक है. इसीलिए इस पर सीपीएम का एकाधिकार माना जाता है. केरल की राजनीति को जानने वाले बीजेपी की हार का कारण केरल की साक्षरता दर को भी मानते हैं. उनका कहना है कि केरल में देश के बाकी राज्यों के मुकाबले ज्यादा पढ़े-लिखे लोग हैं, जो किसी भी मुद्दे पर भावनाओं में बहकर वोट नहीं करते हैं. लोगों को हर विषय की अच्छी जानकारी होती है और वो स्पष्ट होते हैं कि उन्हें कहां और किसे वोट करना है. मुस्लिम और ईसाई में सेंधमारी कितनी मुश्किल केरल में मुस्लिम और ईसाई समुदाय की आबादी 45 फीसदी है. जिसमें बीजेपी अभी तक सेंध नहीं लगा पाई. इस 45 फीसदी वोटबैंक में बिना सेंधमारी किए केरल की सत्ता में आना मुमकिन नहीं है. हालांकि, पिछले चुनावों में बीजेपी का केरल के नायर समुदाय में वोट बैंक बढ़ा है. सबरीमाला के मुद्दे के बाद से ही ये समुदाय बीजेपी की तरफ झुकता नजर आया. केरल के 45 फीसदी वोट बैंक की हमने बात की, यानी अल्पसंख्यक वोट बैंक कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ का माना जाता है. ईसाई और मुस्लिम ज्यादातर इसी फ्रंट को चुनते हैं. वहीं केरल की पिछड़ी जातियों में लेफ्ट का काफी ज्यादा प्रभाव माना जाता है. केरल में हिंदू वोट करीब 55 फीसदी है, जिनके वोट एलडीएफ और यूडीएफ के बीच बंटे हुए हैं.  बीजेपी क्या हिंदू वोटों का ध्रुवीकरण कर पाएगी केरल में हिंदू वोटों का कितना भी ध्रुवीकरण हो जाए ये बीजेपी को जीत तक नहीं पहुंचा सकते हैं. हिंदू वोटों के बड़े हिस्से पर लेफ्ट और कांग्रेस का कब्जा है. केरल में पिछले करीब 80 साल से आरएसएस लगातार काम कर रहा है. देश के अलग-अलग राज्यों में भी आरएसएस कार्यकर्ता और नेता बीजेपी के लिए जमीन बनाने का काम करते आए हैं और कई जगह पार्टी को सफलता भी हाथ लगी है. लेकिन केरल में अब तक कोई करिश्मा नहीं दिखा है.  राज्य के तकरीबन 80 फीसदी हिंदू दो प्रमुख संगठनों- एसएनडीपी और एएसएस के समर्थक हैं. इनमें एसएनडीपी को ओबीसी मानी जाने वाली जाति के और दूसरा एनएसएस अगड़ी जातियों में आने वाले नायर लोगों का संगठन है.  बीजेपी तमाम कोशिशों के बाद भी इन दोनों संगठनों में अपनी पैठ नहीं जमा सकी है.  एनएनडीपी के समर्थन वाले राजनीतिक संगठन बीडीजेएस से गठजोड़ कर नायर वोटों के बीच तोड़ी पकड़ बनाई है.  बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग कैसे होगी हिट  केरल में बीजेपी हर समुदाय में ध्रुवीकरण की तरफ देख रही है. हिंदू वोटों में ध्रुवीकरण करने में पार्टी कहीं न कहीं कामयाब भी रही है. बीजेपी कहीं न कहीं खुद को तीसरे मोर्चे के तौर पर स्थापित करने में कामयाब रही है. हालांकि ये उतनी संख्या में नहीं है, जिनती पार्टी … Read more

ICC रैंकिंग में विराट कोहली का नंबर-1 ताज गया, कीवी बल्लेबाज डेरिल मिचेल बने नए ODI किंग

 दुबई ICC की ताजा ODI बल्लेबाज रैंकिंग में भारत के स्टार बैटर विराट कोहली को झटका लगा है. उनसे नंबर-1 की पोजीशन छिन गई है, अब इस पर अब न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल काबिज हो गए हैं. हालिया मैचों में शानदार प्रदर्शन की बदौलत मिचेल ने यह उपलब्धि हासिल की, जबकि कोहली की रैंकिंग में गिरावट आई है. ध्यान रहे कोहली प‍िछले सप्ताह ही रोहित शर्मा को पछाड़कर नंबर 1 वनडे बल्लेबाज बने थे.तब कोहली जुलाई 2021 के बाद पहली बार नंबर-1 वनडे बल्लेबाज की पोजीशन पर लौटे थे. पर म‍िचेल ने हाल में संपन्न वनडे सीरीज ऐसा प्रदर्शन किया कि कोहली नीचे ख‍िसककर नंबर  पर पहुंच गए.  मिचेल के 845 रैंकिंग पॉइंट्स हैं, जबकि विराट कोहली 795 पॉइंट्स के साथ दूसरे नंबर पर खिसक गए हैं. इन दोनों से काफी पीछे इब्राहिम जादरान, रोहित शर्मा, शुभमन गिल और बाबर आज़म जैसे बड़े बल्लेबाज़ हैं. यह दूसरी बार है जब मिचेल वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बने हैं. इससे पहले पिछले साल नवंबर में वह सिर्फ तीन दिनों के लिए टॉप पर रहे थे, फिर रोहित शर्मा ने उनसे यह जगह छीन ली थी. म‍िचेल ने वनडे सीरीज में जमा दिया रंग  हैमिल्टन में जन्मे डेरिल मिचेल इस समय अपने करियर के सबसे शानदार फॉर्म में हैं. उन्होंने तीन मैचों की वनडे सीरीज में कुल 352 रन बनाए. दूसरे मैच में उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया, जहां उन्होंने 117 गेंदों पर नाबाद 131 रन की पारी खेली. इसी पारी की मदद से न्यूजीलैंड ने पहले सीरीज बराबर की और बाद में सीरीज 2-1 से जीत भी ली. सीरीज के पहले मैच में न्यूज़ीलैंड को हार मिली थी, लेकिन मिचेल ने उस मुकाबले में भी 71 गेंदों पर 84 रन बनाकर टीम के लिए सबसे ज्यादा  रन बनाए थे. तीन मैचों की किसी वनडे सीरीज में 352 रन बनाना किसी भी न्यूजीलैंड खिलाड़ी का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. यह कुल मिलाकर दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर है. उनसे आगे सिर्फ पाकिस्तान के बाबर आजम (2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 360 रन) और भारत के शुभमन गिल (2023 में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 360 रन) हैं. मिचेल की लगातार दो पारियां 130 प्लस रन की रही हैं. इसके साथ ही उन्होंने न्यूज़ीलैंड के महान बल्लेबाज़ मार्टिन गुप्टिल की बराबरी कर ली है, जिनके नाम भी वनडे में चार बार 130+ स्कोर हैं. भारत में भारत के खिलाफ वनडे शतक लगाने के मामले में मिचेल अब चौथे नंबर पर हैं. उनसे आगे सिर्फ दक्षिण अफ्रीका के एबी डिविलियर्स हैं, जिन्होंने भारत में भारत के खिलाफ पांच शतक लगाए हैं. मिचेल ने अब तक 54 वनडे पारियां खेली हैं, लेकिन वह एक बार भी शून्य (डक) पर आउट नहीं हुए हैं. यह वनडे इतिहास की दूसरी सबसे लंबी ऐसी लकीर है. उनसे आगे सिर्फ कीपलर वेसल्स हैं, जो 1983 से 1994 के बीच 105 वनडे पारियों में कभी भी डक पर आउट नहीं हुए. कोहली का कैसा रहा प्रदर्शन  वहीं व‍िराट कोहली ने भी वनडे सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था, वह सीरीज में रन बनाने के मामले में म‍िचेल के बाद नंबर 2 पर रहे. कोहली ने सीरीज में 3 मैचों में 240 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 124 रहा. उन्होंने 80.00 के एवरेज और 105.26 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की. 

‘समृद्धि यात्रा’ में बालू से बनी अपनी तस्वीर देख मुस्कुराए CM नीतीश कुमार

छपरा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को छपरा पहुंचे। जहां सदर प्रखंड परिसर में विकास की एक जीवंत झलक देखने को मिली। हेलीकॉप्टर से सुबह 10:56 बजे छपरा हवाई अड्डा पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से सदर प्रखंड पहुंचे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद थे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विकास, रोजगार और महिला सशक्तिकरण की झलक हर कदम पर दिखाई दी। सदर प्रखंड परिसर में पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक स्टॉलों का निरीक्षण किया। जीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, ग्रामीण सड़क, सामाजिक सुरक्षा, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सामाजिक सुरक्षा कोषांग सहित कई विभागों ने अपने-अपने कार्यों और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया था। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने आम लोगों की ओर हाथ जोड़कर अभिवादन किया, जिससे वातावरण आत्मीय हो उठा। दीदी का सिलाई घर का उद्घाटन, मुंह से निकला-वाह, बहुत सुंदर निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने राधे कृष्ण जीविका महिला संकुल संघ द्वारा संचालित दीदी का सिलाई घर प्रशिक्षण सह उत्पादन केंद्र का फीता काटकर उद्घाटन किया। जैसे ही वे प्रशिक्षण केंद्र के भीतर पहुंचे, सुव्यवस्थित व्यवस्था और महिलाओं के कामकाज को देखकर उनके मुंह से सहज ही निकल पड़ा-वाह, बहुत सुंदर! मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया वहां मौजूद जीविका दीदियों के लिए उत्साह और गर्व का क्षण बन गई। भोजपुरी संवाद और महिलाओं का आत्मविश्वास उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशिक्षण केंद्र में लगे बैनर को पढ़कर मुख्यमंत्री को योजनाओं की जानकारी दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जीविका दीदी पम्मी देवी से कहा, अच्छी तरह से काम कीजिए। वहीं चंपा देवी ने भोजपुरी में मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए कहा, बहुत अच्छा लगता बा, हमनी के रोजगार मिलल बा। यह संवाद केवल शब्द नहीं था, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास और बदली जिंदगी की कहानी कह रहा था। 57 मशीनें, रोजगार की मजबूत नींव इस सिलाई घर सह उत्पादन केंद्र में कुल 57 मशीनें लगाई गई हैं, जिन पर महिलाएं नियमित रूप से काम कर रही हैं। खास बात यह है कि यहां काम करने वाली सभी महिलाओं को हाल ही में मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत 10-10 हजार रुपये की सहायता राशि भी मिली है। जीविका के संचार प्रबंधक दीपक कुमार ने बताया कि 57 मशीनों में दो स्टिच मशीन और दो बटन लगाने की विशेष मशीनें शामिल हैं। आंगनबाड़ी बच्चों के लिए लाखों पोशाकें तैयार होंगी दीपक कुमार ने जानकारी दी कि जीविका और आईसीडीएस के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके तहत सारण जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए मार्च तक 1 लाख 95 हजार पोशाकें सिलकर तैयार की जाएंगी। कपड़ा मफतलाल कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया है और उसी कंपनी के अनुभवी कारीगर जीविका दीदियों को कपड़ा काटने व सिलाई की प्रशिक्षण देंगे। महिलाओं के बच्चों और भोजन की भी व्यवस्था छपरा सदर सिलाई घर की कोऑर्डिनेटर सोनिया ने बताया कि यहां काम करने आने वाली महिलाओं के छोटे बच्चों की देखभाल के लिए पालना घर की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही महिलाओं के भोजन के लिए जीविका दीदी की रसोई भी संचालित की जा रही है, ताकि कार्य के दौरान उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। हर प्रखंड में खुलेंगे दो-दो सिलाई घर जिला कोऑर्डिनेटर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के हर प्रखंड में दो-दो सिलाई घर खोले जाएंगे। साथ ही सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए पोशाक सिलाई को लेकर भी एमओयू पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया की जाएगी। बालू से बनी मुख्यमंत्री की आकृति बनी आकर्षण का केंद्र परिसर में सैंड आर्टिस्ट अशोक कुमार द्वारा बालू से बनाई गई मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। मुख्यमंत्री ने आकृति को देखकर सराहना की और स्वयं कलाकार से मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी मुख्यमंत्री का ध्यान आकृति की ओर आकृष्ट किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री मुस्कुरा उठे। करोड़ों की योजनाओं की सौगात इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिले के लिए 450.30 करोड़ रुपये की 45 योजनाओं का शिलान्यास और 86.50 करोड़ रुपये की 24 योजनाओं का उद्घाटन किया। प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मुख्यमंत्री को प्रगति से समृद्धि तक और सात निश्चय से संबंधित लगाए गए पोस्टरों की जानकारी भी दी। आयुक्त, डीएम व एसएसपी थे मौजूद इस दौरान कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

नीतीश के बेटे पर ललन सिंह बोले- ‘राजनीति में आने का फैसला वही करेंगे’

पटना. बिहार की सियासत में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है। क्या राजनीति में वे कदम रखेंगे या नहीं, इस सवाल पर अब केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का स्पष्ट बयान सामने आया है। उन्होंने इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मीडिया द्वारा गढ़ी गई नकारात्मक चर्चा बताया है। ललन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में आने या न आने का फैसला कोई और नहीं, बल्कि खुद नीतीश कुमार ही करेंगे। उनके अनुसार, नीतीश कुमार पार्टी के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली नेता हैं और ऐसे किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार उन्हीं के पास है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मुद्दे पर बेवजह बातें फैलाकर राजनीतिक माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से हालिया मुलाकात को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। ललन सिंह ने बताया कि वे पिछले कुछ दिनों से अपने संसदीय क्षेत्र में व्यस्त थे और दिल्ली जाने से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को फोन कर इसकी सूचना दी थी। इसके बाद नीतीश कुमार स्वयं उनके आवास पर मिलने पहुंच गए। ललन सिंह ने इसे नीतीश कुमार के व्यक्तित्व का उदाहरण बताते हुए कहा कि यही उनकी कार्यशैली और विनम्र स्वभाव है, जो उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाता है। राजनीतिक चर्चा के दौरान ललन सिंह ने भाजपा नेता नितिन नवीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नितिन नवीन को बधाई देते हुए कहा कि वे एक संतुलित सोच रखने वाले और संगठनात्मक अनुभव से भरपूर नेता हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी को मजबूती मिलने की बात भी उन्होंने कही और उज्ज्वल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद 'आप हमारे बॉस हैं' कहे जाने पर भी ललन सिंह ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक परिपक्वता और लोकतांत्रिक सोच को दर्शाता है। उनके अनुसार, किसी भी दल में राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वोच्च होता है और पद चाहे जो भी हो, पार्टी के भीतर सभी कार्यकर्ता ही होते हैं। ललन सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार की राजनीति में नेतृत्व, उत्तराधिकार और भविष्य की रणनीति को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। उनके बयान से यह साफ संकेत मिलता है कि जेडीयू फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों को तवज्जो नहीं देना चाहती और सभी फैसलों को शीर्ष नेतृत्व पर छोड़ने की नीति पर कायम है।

भजनलाल कैबिनेट का फैसला- राजस्थान में बनेंगे हवाई जहाज और चिप डिजाइन

जयपुर. राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र से पहले भजनलाल सरकार की हुई कैबिनेट बैठक में बड़े फैसले लिए गए. कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर और मंत्री जोगाराम पटेल ने मीडिया को संबोधित किया. उन्होंने बताया कि राजस्थान एयरोस्पेस डिफेंस पॉलिसी लागू की जाएगी. हाई स्किल जॉब सृजित होंगे. हवाई जहाज राजस्थान में बनाने की योजना. इंजीनियरिंग के छात्रों को सीधा जॉब मिल सकेगा. डिफेंस के स्टार्टअप शुरू होंगे. लार्ज प्रोजेक्ट, मेगा प्रोजेक्ट, अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट शुरू होंगे. सेमी कंडक्टर पॉलिसी राजस्थान में लागू होगी. चिप डिजाइन यहां होंगे. ‘विशेष समुदाय की जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून’ वहीं मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा- ‘समुदाय विशेष की बढ़ती जनसंख्या का प्रभाव है. कई जगहों से अशांति की खबरें आती है. डेमोग्राफी में बदलाव आ रहा है. सरकार ने इस सबंध में कानून को मजूंरी दी है. इस बिल में सरकार को अधिकार होगा, जनसंख्या असंतुलन की स्थिति में एरिया को अशांत घोषित किया जा सकेगा. अशांत एरिया में संपत्ति ट्रांसफर के अलग कानून होंगे. प्रावधानों के उल्लघंन करने पर सजा का प्रावधान. उन्होंने कहा कि विधानसभा में इस बिल को रखा जाएगा. कई पदों के नाम भी बदले जा रहे हैं. ‘सौर ऊर्जा से बिजली की समस्या हो रही कम’ वहीं मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि प्रदेश में बिजली की समस्या दूर हुई. किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल रही है. सौर उर्जा के कारण बिजली की अधिकता. कृषि योजनाओं को बढ़ावा. किसानों के लिए सरकार के 12 विभाग शिविर में उपस्थित रहेंगे. बताया जा रहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार आज शाम चार बजे जयपुर स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र की रूपरेखा तय करने के साथ-साथ सरकार के विधायी एजेंडे पर भी चर्चा होने की बात कही जा रही है. कैबिनेट बैठक के कुछ देर बाद ही मंत्री परिषद की अलग बैठक रखी गई है. बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल सदन में पढ़े जाने वाले अभिभाषण के मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी दी जाएगी. इसके साथ ही 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल की ओर से जारी किए जाने वाले विशेष संदेश के ड्राफ्ट पर भी विस्तार से विचार-विमर्श होगा. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि संभावित बजट 11 फरवरी को आने की संभावना है. भाजपा मुख्यालय में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि 50 से अधिक परिवेदनाओं का निस्तारण किया गया. कार्यकर्ताओं की परिवेदना सुनी जाएगी. ऐसी व्यवस्था किसी दूसरी पार्टी में नहीं है. राजस्थान विकास की और बढ़ रह है. 28 जनवरी से बजट सत्र शुरू होना है. मौजूदा सरकार के पहले के दो बजट आए हैं. आने वाल बजट भी माइल स्टोन होगा. उन्होंने कहा कि विपक्ष भी आए और विकास के मुद्दों पर राय दें. हमारे दो साल की आलोचना और समालोचना करे. उन्होंने सही भाषा का इस्तेमाल नहीं किया तो हम जवाब देने में पीछे नहीं हटेंगे. राजस्थान विधानसभा का उपयोग जनता के हित में करें. अपेक्षा करता हूं कि हमारे इतिहास की गौरवपूर्ण परंपरा का सम्मान करेंगे. हमारा बजट सत्र ऐतिहासिक होगा. विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि विधानसभा का उपयोग आम अवाम के हित में करें. संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में सदन में आने वाले विधायी कार्य, गणतंत्र दिवस समेत अन्य कामों पर चर्चा होगी.