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शशि थरूर ने दी सफाई, कहा- ‘मैं पार्टी लाइन से कभी नहीं हटा’

नई दिल्ली  कांग्रेस में जारी अंतर्कलह के बीच पार्टी के सीनियर लीडर और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने अपनी चुप्‍पी तोड़ी है. उन्‍होंने आलोचकों को दो टूक जवाब देते हुए कहा कि उन्‍होंने कभी भी पार्टी लाइन का उल्‍लंघन नहीं किया. कांग्रेस सांसद ने ऑपरेशन सिंदूर पर ऐसी बात कही है, जिससे पार्टी लीडरशिप खासकर राहुल गांधी के लिए इसे पचा पाना मुश्किल होगा. ऑपरेशन सिंदूर पर शशि थरूर के रुख से पार्टी में कलह की धार और तेज हो सकती है. बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राहुल गांधी काफी क्रिटिकल रहे हैं. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार 24 जनवरी 2026 को कहा कि उन्होंने संसद में कभी भी पार्टी लाइन का उल्लंघन नहीं किया है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर उनका रुख हमेशा देशहित को प्राथमिकता देने वाला रहा है. केरल साहित्य महोत्सव के दौरान कोझिकोड में एक संवाद सत्र में बोलते हुए थरूर ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रूप से उन्होंने केवल ‘ऑपरेशन सिंधूर’ के मुद्दे पर सैद्धांतिक असहमति जताई थी और उस रुख को लेकर उन्‍हें कोई पछतावा नहीं है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल के दिनों में पार्टी नेतृत्व के साथ उनके कथित मतभेदों को लेकर अटकलें तेज हुई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कोच्चि में हाल ही में हुए एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मंच पर मौजूद नेताओं के नाम लेने के क्रम में थरूर का नाम न लिए जाने से वे आहत हुए थे. इसके अलावा राज्य स्तर पर कुछ नेताओं द्वारा उन्हें लगातार हाशिए पर रखने की कोशिशों की बातें भी सामने आई हैं. जिम्‍मेदारी से अपनी राय रखी – थरूर इन अटकलों के बीच थरूर ने अपने पक्ष को विस्तार से रखते हुए कहा कि बतौर सांसद और लेखक उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी के साथ अपनी राय रखी है. उन्होंने बताया कि पहलगाम की घटना के बाद उन्होंने एक अखबार में लेख लिखकर कहा था कि इस तरह की घटनाओं को बिना जवाब के नहीं छोड़ा जाना चाहिए और आतंकवादी ढांचों के खिलाफ सीमित तथा निर्णायक कार्रवाई जरूरी है. थरूर ने कहा कि उनका मानना था कि भारत विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है और उसे पाकिस्तान के साथ किसी लंबे सैन्य संघर्ष में उलझना नहीं चाहिए, लेकिन आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने जैसी सीमित कार्रवाई उचित होगी. अगर भारत नहीं रहेगा तो कौन बचेगा? थरूर ने यह भी कहा कि उन्हें आश्चर्य हुआ जब केंद्र सरकार ने लगभग वही कदम उठाए जिनकी उन्होंने सिफारिश की थी. उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सही दिशा में उठाया गया कदम बताया. थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय हितों से जुड़े मामलों में राजनीति को पीछे छोड़ देना चाहिए. उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के प्रसिद्ध कथन का हवाला देते हुए कहा, ‘अगर भारत नहीं रहेगा तो कौन बचेगा?’ उनका कहना था कि जब देश की सुरक्षा और विश्व में उसकी स्थिति का सवाल हो, तो भारत सबसे पहले आता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि राजनीतिक दलों के बीच मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं और ये एक बेहतर भारत के निर्माण की प्रक्रिया में सहायक होते हैं. लेकिन जब बात राष्ट्रीय हितों की हो, तब पार्टी से ऊपर देश को रखा जाना चाहिए. थरूर ने स्पष्ट किया कि संसद में उन्होंने कभी पार्टी के आधिकारिक रुख से हटकर बयान नहीं दिया और उनकी सार्वजनिक टिप्पणियां भी जिम्मेदार और संतुलित रही हैं. क्‍यों अहम थरूर का बयान? कांग्रेस के भीतर उनके कथित मतभेदों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच थरूर का यह बयान पार्टी नेतृत्व के लिए भी एक संदेश माना जा रहा है कि वे संगठन के भीतर रहते हुए भी स्वतंत्र विचार रखने से पीछे नहीं हटेंगे, लेकिन देशहित से जुड़े मुद्दों पर उनकी प्राथमिकता हमेशा राष्ट्रीय हित ही रहेगी. यह बयान ऐसे समय आया है जब पार्टी आंतरिक एकजुटता और रणनीतिक दिशा को लेकर कई चुनौतियों का सामना कर रही है, और थरूर का रुख कांग्रेस के भीतर विचार-विमर्श और बहस की संस्कृति को रेखांकित करता है.

दिल्ली के राजपथ से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ा, शहरी पथ-विक्रेताओं को पीएम का आमंत्रण: अरुण साव

रायपुर छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं को पीएम मोदी का न्यौता मिलना बड़ी बात : उप मुख्यमंत्री  अरुण साव नई दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस वर्ष एक नई और ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेता भी सहभागी बनेंगे। यह पहली बार है जब छत्तीसगढ़ राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर देश के माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम अपने संदेश में देशभर के पथ-विक्रेता भाई-बहनों को संबोधित करेंगे। उप मुख्यमंत्री-सह-नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरूण साव ने आज नगर पालिका परिषद मुंगेली के पथ-विक्रेता  बाबूलाल बुनकर और नगर पालिका परिषद लोरमी के शहरी पथ-विक्रेता  सोना कुमार कैवर्त्य से वीडियो कॉल पर बात की। इस दौरान दोनों से उनके कार्यों की चर्चा कर 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मिलित होने पर बधाई दी। दोनों पथ-विक्रेता प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभान्वित हैं तथा अपने-अपने क्षेत्रों में ईमानदारी एवं परिश्रम से आजीविका अर्जित कर रहे हैं। उप मुख्यमंत्री  साव ने दोनों पथ-विक्रेताओं से वीडियो काल से चर्चा कर इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण और प्रेरणादायी है। वर्षों से देश की शहरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान एवं पहचान दिलाने की दिशा में यह एक सार्थक कदम है। गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व में उनकी भागीदारी सामाजिक समावेशन, आत्मनिर्भर भारत और समावेशी विकास की भावना को सशक्त रूप से दर्शाती है। छत्तीसगढ़ के पथ-विक्रेताओं को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं लोटस टेंपल (कमल मंदिर) का भ्रमण भी कराया जाएगा। यह भ्रमण उनके लिए न केवल ज्ञानवर्धक होगा, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, सांस्कृतिक विविधता एवं राष्ट्रीय मूल्यों को और अधिक गहराई से समझने का अवसर भी प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से देशभर के लाखों शहरी पथ-विक्रेताओं को स्वरोजगार हेतु आर्थिक सहायता, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा तथा सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह जैसे राष्ट्रीय मंच पर पथ-विक्रेताओं की सहभागिता इस योजना की सफलता और इसके सामाजिक प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।                  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने राज्य के दो पथ-विक्रेताओं को गणतंत्र दिवस समारोह के राष्ट्रीय आयोजन में आमंत्रित किए जाने पर कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह क्षण विशेष रूप से गौरवपूर्ण है। राज्य के शहरी पथ-विक्रेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। इससे न केवल पथ-विक्रेताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य के अन्य पथ-विक्रेताओं को भी स्वावलंबन, अनुशासन और मेहनत से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। राज्य शासन एवं नगरीय निकायों द्वारा भी पथ-विक्रेताओं के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें सम्मानजनक आजीविका, सुरक्षित कार्यस्थल तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। गणतंत्र दिवस समारोह में भागीदारी इन प्रयासों की सार्थकता को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करती है। 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के शहरी पथ-विक्रेताओं की सहभागिता समानता, सम्मान और समावेशी विकास के मूल्यों को सुदृढ़ करती है। यह पहल संदेश देती है कि राष्ट्र निर्माण में हर वर्ग, हर नागरिक और हर मेहनतकश की भूमिका महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ के लिए यह न केवल गर्व का विषय है, बल्कि सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक प्रेरणास्पद उदाहरण भी है।

राजभवन में सौजन्य मुलाकात: पुलिस कमिश्नर शुक्ला ने राज्यपाल डेका से की भेंट

रायपुर. राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोक भवन में रायपुर के नवनियुक्त पुलिस कमिश्नर  संजीव शुक्ला ने सौजन्य मुलाकात की। पुलिस आयुक्त ने राज्यपाल को कानून व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी। राज्यपाल  डेका ने उन्हें जनभावनाओं के अनुरूप बेहतर शान्ति और कानून-व्यवस्था बनाने रखने की शुभकामनाएं दी।

झारखंड के कुचाई के टुसू मेले में 35 फीट के चौड़ल का जलवा

रांची. झारखंड के सरायकेला-खरसावां के कुचाई ब्लॉक के सीमावर्ती सेकरेडीह और तमाड़ (रांची) के आराहंगा गांव के बीच स्थित मैदान में बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगाया गया. टुसू मेला का उद्घाटन लोकल एमएलए दशरथ गागराई ने किया. टुसू मेला में कुचाई और तमाड़ के गांवों से महिलाएं पारंपरिक चौड़ल ले कर पहुंचीं. इन महिलाओं ने चौड़ल के सामने ट्रेडिशन फॉकडांस पर डांस करके रंग जमा दिया. टुसू मेले में पब्लिक फेथ, ट्रेडिशन और कल्चरल हेरिटेज का जीवंत रूप दिखा. हजारों लोग टुसू के रंग सरोबर दिखे. पियाकुली के 35 फीट ऊंचे चौड़ल को मिला फर्स्ट प्राइज टुसू मेला में तमाड़ के पियाकुली का 35 फीट ऊंचा चौड़ल अट्रैक्शन का सेंटर बना रहा. खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने इस चौड़ल टीम को फर्स्ट प्राइज के तौर पर 10,000 हजार रुपये दे कर ऑनर किया. चौड़ल को काफी अट्रैक्टेड बनाया गया था. दूर से ही चौड़ल की लाइट दिखाई दे रही थी. चौड़ल कमिटी पियाकुली की महिलाओं ने बताया कि हर साल उनकी टीम टुसू मेलों में चौड़ल ले कर पहुंचती है. इसके जरिए अपने कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्ट किया जा रहा है. पिछले करीब एक महीने तक लगातार मेनतन कर इस चौड़ल को बनाया है. कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को मिला सेकंड प्राइज चौड़ल कंपीटिशन में कुचाई के बुरुबांडी के चौड़ल को सेकंड प्राइज के तौर पर सात हजार, चांडिल के चौड़ल को थर्ड प्राइज के तौर पर पांच हजार और कुचाई के कुदाडीह के चौड़ल को फोर्थ प्राइज के तौर पर दो हजार रुपये का प्राइज दिया गया. छोपोल-छापोल डांस से समां बांधा इस प्रोग्राम में डीजे डांस ग्रुप के आर्टिस्ट ने छोपोल छापोल आदिवासी डांस से समां बांध दिया. ट्रेडिशनल आदिवासी म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट की धुन पर ट्रेडिशनल ड्रेस पहने आर्टिस्ट ने डासं कर प्रोग्राम को मजेदार बना दिया. रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है टुसू पर्व : दशरथ गागराई अवॉर्ड डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम में खरसावां एमएलए दशरथ गागराई ने कहा कि टुसू पर्व यहां के रिच कल्चरल हेरिटेज का साइन है. टुसू मेला से सोशल भाईचारे की भावना मजबूत हो रही है. इससे यहां के रिच कल्चर और ट्रेडिशन के साथ-साथ गांव के स्पोर्ट्स टैलेंट को प्लेटफॉर्म मिल रहा है. उन्होंने एरिया के कल्चरल हेरिटेज और ट्रेडिशन्स को स्ट्रॉन्ग बनाने पर जोर देते हुए यूथ को आगे आने की अपील की. गागराई ने कहा कि साल दर साल टुसू मेला की भव्यता बढ़ना एक सुखद अनुभूति है. मेले में कौन-कौन रहे मौजूद टुसू मेले में मुख्य रूप से तमाड़ के जिप मेंबर भवानी मुंडा, कुचाई के एमएएलए रिप्रेजेंटेटिव धर्मेंद्र मुंडा, राम सोय, राहुल सोय, चंद्र मोहन मुंडा, शंभू मुंडा, कारु मुंडा, ऑर्गेनाइजिंग कमिटी के चेयरमैन बहादुर मुंडा, सोहन मुंडा, प्रभुदेवा टाव, प्रधान मुंडा, सोहन सिंह मुंडा आदि मौजूद रहे. यहां पहुंचने पर एमएलए दशरथ गागराई का ट्रेडिशनल रीति-रिवाज के साथ वेलकम किया गया. दो जिले के दो गांव के लोग लगाते हैं मेला सरायकेला-खरसावां और रांची के सीमावर्ती गांव सेकरेडीह (कुचाई) और आराहंगा (तमाड़) के लोग आपसी तालमेल से मेला लगाते हैं. दोनों गांव के बीच मैदान में हर साल बसंती पंचमी पर ट्रेडिशनल टुसू मेला लगता है. इस मेले में दोनों जिलों से लोग पहुंचते है. मेला के जरिये न सिर्फ लोकल कल्चर और ट्रेडिशन को प्रोटेक्शन मिल रहा है, बल्कि आपस में लोगों का भाईचारा भी बना हुआ है.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ नीतिश भारद्वाज की सौजन्य मुलाकात, कई मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म एवं टीवी अभिनेता नीतिश भारद्वाज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री नीतीश भारद्वाज का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर आर्ट से निर्मित महुआ वृक्ष की कलाकृति तथा बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भेंट की।मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ की विशिष्ट जनजातीय कला, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए इनके संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों की जानकारी भी साझा की। इस अवसर पर विधायक श्री अनुज शर्मा,मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

अडाणी के खिलाफ अमेरिका से समन, भारत सरकार ने समन तामिल कराने से किया मना

मुंबई  अमेरिकी शेयर बाजार नियामक SEC (Securities and Exchange Commission) और भारत के विधि मंत्रालय के बीच गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर अडाणी को समन भेजने को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। मंत्रालय ने तकनीकी आपत्तियों का हवाला देते हुए दो बार समन तामील करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद SEC ने अब अमेरिकी अदालत से ईमेल के जरिए नोटिस भेजने की अनुमति मांगी है। दस्तावेजों के अनुसार, भारत सरकार ने मई और दिसंबर 2025 में दो अलग-अलग मौकों पर समन लौटाए। पहली बार मई 2025 में समन लौटाया गया था। मंत्रालय ने कहा कि SEC के कवर लेटर पर 'इंक सिग्नेचर' (असली हस्ताक्षर) नहीं थे और जरूरी फॉर्म पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी थी। दूसरी आपत्ति दिसंबर 2025 में दर्ज कराई गई थी। मंत्रालय ने SEC के ही एक आंतरिक नियम (Rule 5-b) का हवाला देते हुए कहा कि समन जारी करना SEC के उन प्रवर्तन टूल की श्रेणी में नहीं आता जो इस नियम के तहत कवर होते हैं। सरल शब्दों में, मंत्रालय ने SEC के समन जारी करने के अधिकार पर ही तकनीकी सवाल उठाए। SEC ने न्यूयॉर्क की अदालत में दी गई अपनी अर्जी में भारत सरकार के मंत्रालय के तर्कों को निराधार बताया है। SEC के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समन भेजने के लिए किसी विशेष मुहर या इंक सिग्नेचर की अनिवार्यता नहीं है। एसईसी ने यह भी दावा किया है कि जिस अमेरिकी नियम (Rule 5-b) का हवाला भारत ने दिया है, वह SEC की आंतरिक जांच प्रक्रिया के लिए है न कि अंतरराष्ट्रीय समन भेजने की उसकी कानूनी शक्ति के लिए। अडाणी ग्रुप ने इन सभी आरोपों को आधारहीन करार दिया है। ग्रुप की कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी ने शेयर बाजारों को स्पष्ट किया कि कंपनी इस कानूनी कार्यवाही में कोई पक्ष नहीं है। उनके खिलाफ रिश्वतखोरी या भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगाए गए हैं। SEC की यह कार्यवाही सिविल प्रकृति की है, न कि क्रिमिनल की। इस खबर के सामने आने के बाद शुक्रवार को अडाणी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई। ग्रुप की कुल मार्केट कैप में लगभग ₹1 लाख करोड़ की कमी आई, जिसमें अडाणी ग्रीन के शेयर सबसे ज्यादा (करीब 14.6%) गिरे।

गौ सेवा से प्राकृतिक खेती तक: बसामन मामा वन्य विहार में राजेन्द्र दास जी की विशेष गौ कथा

भोपाल. बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास जी महाराज गौ कथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती पर अपनी अमृतमयी वाणी से कथा करेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आयोजन की तैयारियों के संबंध में न्यू सर्किट हाउस रीवा में आयोजित बैठक में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजेन्द्र दास जी की कथा से गौ संरक्षण एवं प्राकृतिक खेती को बल मिलेगा। गौ अभ्यारण्य परिसर में आयोजित होने वाली कथा अप्रतिम व भव्य होगी।     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने बैठक में निर्देश दिए कि महाराज जी एवं उनके साथ आने वाले संतों के रूकने की समुचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। बैठक व्यवस्था से लेकर पार्किंग तथा प्रसाद वितरण आदि की व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को दायित्व सौंपे जाएं। प्रचार-प्रसार समिति आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। आयोजन स्थल में बनने वाला प्रसाद में प्राकृतिक खेती से उत्पादित अन्न व सब्जी का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन के संबंध में जिन्हें जो जिम्मेदारी दी गई है उसका वह सजगता से निर्वहन करें। उल्लेखनीय है कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 12 से 14 फरवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक महाराज की कथा होगी। समीक्षा बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी, बसामन मामा गौवंश वन्य विहार के सचिव डॉ राजेश मिश्रा सहित संबंधितजन एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

‘BJP की डबल इंजन सरकार का असर’, यूपी दिवस पर अमित शाह ने दिया शक्तिशाली संदेश

लखनऊ  'जो उत्तर प्रदेश कभी देश को सिर्फ मजदूर (Labour Source) देता था, आज वही राज्य प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है।' यह हुंकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भरी। शाह ने न केवल विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया, बल्कि इशारों-इशारों में यह भी साफ कर दिया कि साल 2047 के 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व कितना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में UP की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अमित शाह ने समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 2017 से पहले इन दलों ने उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य बनाकर छोड़ दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, 'कांग्रेस और सपा के दौर में यूपी की पहचान सिर्फ पलायन और अपराध से होती थी। आज स्थिति यह है कि प्रदेश का युवा नौकरी के लिए बाहर नहीं जा रहा, बल्कि हर जिले में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। आज भारत के कुल इलेक्ट्रॉनिक निर्यात में 11 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है।'  2047 का संकल्प और योगी का नेतृत्व कार्यक्रम के दौरान अमित शाह का सबसे बड़ा बयान यूपी के भविष्य को लेकर आया। उन्होंने कहा, "15 अगस्त 2047 को जब देश अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश एक पूर्ण विकसित राज्य के रूप में 'विकसित भारत' की आत्मा होगा।" राजनीतिक गलियारों में शाह के इस बयान को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि 2047 के इस लंबे विजन को पूरा करने के लिए भाजपा की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथों में ही सुरक्षित है। राम मंदिर से महाकुंभ तक: सनातन का उत्थान गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर जोर देते हुए कहा कि आज यूपी में कनेक्टिविटी सुधरी है और निवेश का माहौल बना है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और प्रयागराज में आगामी महाकुंभ को 'सनातन धर्म' की शक्ति का प्रतीक बताया। शाह ने कहा कि यूपी न केवल आईटी और डेटा सेंटर का हब बन रहा है, बल्कि देश की सुरक्षा में भी इसकी भूमिका अब और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। UP: शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' सम्मान समारोह के दौरान एक खास पल तब आया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह ने ग्रुप कैप्टन शुभंशु शुक्ला को 'उत्तर प्रदेश गौरव' पुरस्कार से सम्मानित किया। अंतरिक्ष अन्वेषण और नवाचार (Innovation and Space Exploration) के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया, जो बदलते और आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की एक नई तस्वीर पेश करता है। सीएम योगी ने किया गर्मजोशी से स्वागत लखनऊ पहुंचते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आत्मीय स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण संवाद देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी ने अमित शाह को पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश सरकार की ओर से स्वागत किया। यह दृश्य भाजपा नेतृत्व की एकजुटता और संगठनात्मक मजबूती को दर्शाता नजर आया। डिप्टी सीएम और मंत्रियों ने किया अभिनंदन मुख्यमंत्री के साथ ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भी अमित शाह का स्वागत किया। इसके अलावा यूपी सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी एयरपोर्ट पर मौजूद रहे और केंद्रीय गृह मंत्री का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने स्थापना दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर अमित शाह की उपस्थिति को उत्तर प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया। भाजपा संगठन के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी केंद्रीय गृह मंत्री का स्वागत किया। इसके साथ ही पार्टी के संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अमित शाह का अभिनंदन किया। भाजपा संगठन के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी से यह साफ संकेत मिला कि यूपी स्थापना दिवस समारोह को पार्टी और सरकार दोनों ही स्तर पर विशेष महत्व दिया जा रहा है। प्रशासनिक अमला भी रहा उपस्थित राज्य के मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने भी एयरपोर्ट पर अमित शाह का स्वागत किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पूरी सतर्कता दिखाई दी।अमित शाह के दौरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यूपी स्थापना दिवस समारोह में होंगे शामिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उत्तर प्रदेश के 77 वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य रूप से शामिल होंगे। इस अवसर पर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, विकास यात्रा और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और विकास से जुड़े प्रस्तुतीकरण की योजना है। अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने से आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मजबूत मौजूदगी यूपी स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह आयोजन केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि विकास और सुशासन के संदेश को आगे बढ़ाने का भी मंच बनेगा। उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर रहेगा फोकस स्थापना दिवस समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की 77 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदेश सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, रोजगार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में किए गए कार्यों को प्रदर्शित किया जाएगा। अमित शाह की उपस्थिति में यह संदेश देने की कोशिश होगी कि उत्तर प्रदेश अब देश के विकास का अहम स्तंभ बन चुका है। राजनीतिक दृष्टि से भी अहम दौरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अमित शाह का यह दौरा केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। स्थापना दिवस समारोह के बहाने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को साझा करने का अवसर मिलेगा। राजधानी में उत्सव जैसा माहौल अमित शाह के आगमन और यूपी स्थापना दिवस को लेकर राजधानी लखनऊ में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सरकारी भवनों को सजाया गया है और कार्यक्रम स्थल पर विशेष तैयारियां की गई हैं। स्थापना दिवस समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आम नागरिकों … Read more

रांची के सपूत अजय लकड़ा जम्मू-कश्मीर में शहीद

रांची. जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान जवान अजय लकड़ा की मौत हो गई। अजय लकड़ा धुर्वा स्थित लाबेद गांव के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि वह खाई में गिरने से शहीद हुए। उनके परिवार के लिए यह घटना एक बड़ा सदमा है। अजय लकड़ा के पिता स्वर्गीय लोहरा उरांव की कई वर्ष पहले मौत हो गई थी। उस समय अजय बहुत छोटे थे। पिता की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पोकलो देवी ने उठाई। उन्होंने अपने बच्चों का पालन-पोषण अत्यंत कठिन परिस्थितियों में किया। अजय लकड़ा का एक छोटा भाई अरूण लकड़ा है और उनके चार बहनें हैं। मां ने बच्चों को हड़िया बेचकर और मजदूरी कराकर पढ़ाया और पालन-पोषण किया। अजय लकड़ा का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था। उन्होंने हमेशा शारीरिक रूप से खुद को तैयार रखा और दौड़ने जैसी मेहनत वाली गतिविधियों में भाग लिया। इसी जुनून के चलते अजय सात साल पहले सेना में भर्ती हुए। उनका भाई भी सीआइएसएफ में तैनात है और उनकी सबसे छोटी बहन अंजू लकड़ा झारखंड पुलिस में पदस्थापित हैं। अजय की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। सेना के अधिकारियों ने मां को फोन पर बेटे की मौत की दी सूचना सेना ने शहीद जवान अजय लकड़ा की मां को फोन पर उनकी मौत की जानकारी दी। अजय की मृत्यु की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया है। अजय का शव शनिवार को रांची पहुंचने की संभावना है। उनके परिवार के लोग रोते-बिलखते हुए भावुक नजर आए। माता-पिता और भाई-बहनों के साथ-साथ पूरे गांव में लोग अजय की शहादत को याद कर उनका सम्मान कर रहे हैं। उनके दोस्तों और सहकर्मियों ने भी कहा कि अजय हमेशा साहसी और जिम्मेदार जवान थे। मां पोकलो देवी ने अपने संघर्ष और मेहनत के बलबूते पर अपने छह बच्चों में तीन को सरकारी नौकरी लगावाया। उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया जहां वह अपना नाम कर सके। दिसंबर में छुट्टी पर रांची आया था शहीद जवान अजय दिसंबर माह में अजय अपने घर 15 दिन की छुट्टी पर आए थे। छुट्टी पूरी करने के बाद वह जम्मू-कश्मीर लौट गए थे। उनका विवाह नहीं हुआ था, जबकि उनके छोटे भाई अरूण की शादी वर्ष 2025 में हो चुकी थी। अजय ने हमेशा अपनी मां से कहा था कि पूरी जिम्मेदारी निभाने के बाद ही विवाह करेंगे। अजय लकड़ा की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में शोक का माहौल है।

यूपी के 77वें स्थापना दिवस पर सीएम ने दी प्रदेश की जनता को बधाई एवं शुभकामनाएं

लखनऊ. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल में उत्तर प्रदेश दिवस-2026 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मृति चिह्न देकर गृह मंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को यूपी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश भी पढ़कर सुनाया। सीएम योगी ने ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ (ओडीओसी) का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना यूपी की ताकत बनेगी। स्थानीय खाद्य उत्पादों को अब दिला सकेंगे वैश्विक पहचान सीएम योगी ने कहा कि आज गृह एवं सहकारिता मंत्री के कर कमलों से वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुजीन (ओडीओसी) योजना लागू की गई है। इससे 75 जनपदों की 75 प्रकार की भोजन सामग्री अब यूपी की नई ताकत बनेगी। अच्छा हाईजीन युक्त भोजन, खाद्य सामग्री, अन्न से बनी सामग्री लोगों को प्राप्त हो सके, स्थानीय उत्पादों को जियो टैग कर सकें और फिर उसे वैश्विक पहचान दिला सकें, उसकी पैकेजिंग, ब्रांडिंग, डिजाइनिंग करने के साथ देश व वैश्विक मांग के अनुरूप उस प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट कर सकें, यह अवसर यूपी में अब हर व्यंजन के लिए प्राप्त होगा। आत्मनिर्भर भारत में ‘ओडीओपी’ का योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र प्रेरणा स्थल के साथ ही प्रदेश के सभी 75 जनपदों और हर राज्य में यह आयोजन हो रहा है। देश, प्रदेश व दुनिया में जहां कहीं भी उत्तर प्रदेशवासी हैं, वह इस आयोजन से जुड़ रहे हैं। 2018 में उत्तर प्रदेश ने जब पहली बार अपने स्थापना दिवस कार्यक्रम को आयोजित किया था, उस समय राज्यपाल राम नाईक जी थे और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह जी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। इनकी प्रेरणा से हम लोगों ने परंपरागत उद्यमों को ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया था। आज यह योजना आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नई ताकत बनी है और आत्मनिर्भर भारत में अपना योगदान दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि जिन्होंने लीक से हटकर देश के लिए कुछ विशिष्ट किया है। ऐसी पांच विभूतियों को यूपी गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया है। इन विभूतियों ने विकसित भारत की प्रधानमंत्री की संकल्पना में अपने नवाचार, शोध, परिश्रम से योगदान दिया है। सीएम ने सम्मानित होने वाली विभूतियों को बधाई दी। युवाओं के स्केल को स्किल में बदलेगी ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यूपी के युवाओं के लिए ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ योजना का भी शुभारंभ हुआ। हर जनपद में 100 एकड़ क्षेत्रफल में इसका विकास होगा। जो भी युवा नौकरी व कारोबार प्रारंभ करने का इच्छुक है, उसकी योग्यता व क्षमता के अनुरूप उसके स्केल को स्किल डेवपलमेंट में बदला जाएगा। यूपी में उसके लिए रोजगार की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस विशिष्ट योजना का प्रारंभ भी गृह मंत्री के कर कमलों से हो रहा है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री जयवीर सिंह, राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद संजय सेठ, ब्रजलाल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, मुकेश शर्मा, लालजी प्रसाद निर्मल, रामचंद्र प्रधान, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, राजेश्वर सिंह, अमरेश कुमार, ओपी वास्तव तथा योगेश शुक्ल समेत कई गण्यमान्य अतिथि मौजूद रहे।