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पूर्व CM बघेल पर सेक्स सीडी विवाद में नया मोड़, CBI की अपील के बाद हाईकोर्ट में कांग्रेस की याचिका

रायपुर   छत्तीसगढ़ के चर्चित सेक्स सीडी प्रकरण में रायपुर सत्र अदालत द्वारा दोबारा ट्रायल शुरू करने के निर्णय को लेकर सियासत एक बार फिर गरमा गई है। इस फैसले के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा उच्च न्यायालय का रुख करने की तैयारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक अजय चंद्राकर ने मंगलवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन दुर्भाग्यवश राजनीतिक रंग दे दिया गया। चंद्राकर ने कहा कि न्यायालय द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद अब इस पर अनावश्यक बयानबाजी का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक सीख बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए। मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष द्वारा पत्र लिखे जाने पर चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि अब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका केवल पत्राचार तक सीमित रह गई है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि पत्र लिखकर चर्चा में बने रहना ही उनका मुख्य कार्य रह गया है। चंद्राकर ने सवाल उठाया कि विपक्ष यह स्पष्ट करे कि कहां और किसके दबाव में किसी का नाम हटाया गया है। उन्होंने कहा कि बिना ठोस प्रमाण केवल आरोप लगाना राजनीति का स्तर गिराता है। कांग्रेस संगठन में बदलाव को लेकर दिल्ली में चल रही बैठकों पर भी भाजपा विधायक ने निशाना साधते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल किसी भी स्थिति में कांग्रेस प्रदेशअध्यक्ष दीपक बैज को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनने नहीं देंगे। चंद्राकर के अनुसार, छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बघेल ही सर्वाधिक प्रभावशाली नेता हैं और उनके बाद देवेंद्र यादव का स्थान आता है। उन्होंने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि बैठकें तो रोज होती हैं लेकिन पहले भी ढाई-ढाई साल के प्रयोग का नाटक चलता रहा है। कांग्रेस द्वारा धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग पर चंद्राकर ने कहा कि इस मुद्दे पर खुद कांग्रेस नेताओं में एकराय नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के फैसले भी अब कांग्रेस कमेटी तय करती है और राज्य सरकार उनके इशारों पर नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखकर नीतिगत निर्णय ले रही है। क्या है पूरा मामला मामला 27 अक्टूबर 2017 को सामने आया था, जब तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास से एक कथित सेक्स सीडी जब्त हुई थी। दावा है कि सीडी में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत आपत्तिजनक स्थिति में थे। वीडियो के वायरल होते ही प्रदेश के साथ साथ देशभर में सियासत गरमा गई थी। बाद में जांच CBI को सौंपी गई और लंबे समय तक चले कानूनी व राजनीतिक घटनाक्रम के बाद 2025 में विशेष अदालत ने बघेल को बरी कर दिया। इसके CBI ने सेशन कोर्ट नई अपील लगाई है। जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पूर्व सीएम हाईकोर्ट की ओर रुख करने के मूड़ में दिखाई दे रहे हैं।

गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक में फिरौती ना देने पर मेडिकल स्टोर मालिक की हत्या

गुरदासपुर. पंजाब में गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक के ऐतिहासिक जौड़िया बाजार में बुधवार सुबह फिरौती के नाम  पर अज्ञात युवकों ने एक मेडिकल स्टोर मालिक को गोलियां से भून दिया। घटना सुबह करीब आठ बजे की है। बेदी मेडिकल स्टोर के मालिक रणदीप सिंह बेदी की अज्ञात युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना उस समय हुई जब रणदीप सिंह बेदी रोजाना की तरह अपना मेडिकल स्टोर खोलकर सफाई कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो युवक मौके पर पहुंचे और बिना किसी कहासुनी के रणदीप सिंह बेदी पर फायरिंग कर दी। गोली उनकी आंख के पास लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने तुरंत उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही रणदीप सिंह बेदी से 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कुछ समय पहले हटाई गई थी सुरक्षा फिरौती की मांग के बाद उन पर पहले भी हमला हुआ था, जिसमें उन्हें जांघ में गोली लगी थी। उस घटना के बाद पुलिस की ओर से उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई गई थी। हालांकि बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में सुरक्षा कर्मियों को हटा लिया गया था, जिसका फायदा बदमाशों ने उठाया। घटना की सूचना मिलते ही डेरा बाबा नानक पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इलाके की नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही है। इलाके में पहले भी हो चुकी फायरिंग की घटना स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में इस घटना को लेकर भारी रोष और डर का माहौल है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी डेरा बाबा नानक क्षेत्र में एक दुकानदार को गोली मारने की घटना सामने आ चुकी है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से बाजारों में कारोबार करने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

अवैध हुक्का और गोगो पेपर नेटवर्क का भंडाफोड़

रायपुर. पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के कड़े निर्देशानुसार एवं पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (IPS) के मार्गदर्शन में पुलिस द्वारा युवाओं में बढ़ते नशे के प्रचलन, विशेषकर गांजा (Marijuana) के सेवन को रोकने के लिए एक बड़ा प्रहार किया गया है। पुलिस ने उन दुकानों और ठेलों को चिन्हित किया जो युवाओं को नशे के लिए घातक सामग्री उपलब्ध करा रहे थे। रोलिंग पेपर (Gogo Paper) के जरिए नशे पर प्रहार जांच में यह तथ्य सामने आया है कि शहर के कई पान ठेले और गुमटियां युवाओं को गांजा पीने हेतु विशेष रूप से उपयोग किए जाने वाले 'गोगो/रोलिंग पेपर' और चिलम बेच रहे थे। पुलिस ने इस नेटवर्क को तोड़ते हुए करीब 2 लाख रुपये मूल्य के भारी मात्रा में रोलिंग पेपर जप्त किए हैं। इनका उपयोग गांजे की सिगरेट (Joints) बनाने में किया जाता है, जो युवाओं के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। COTPA एक्ट एवं नगर निगम की संयुक्त कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम एवं सहा. पुलिस आयुक्त (उरला) सुश्री पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में नॉर्थ जोन की टीमों ने *COTPA*एक्ट (Cigarette and Other Tobacco Products Act)के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की। शैक्षणिक संस्थानों के आसपास और सार्वजनिक क्षेत्रों में अवैध सामग्री बेचने वाले 09 संस्थानों को सील कर बंद कराया गया है। सप्लाई चेन (Backward Linkage) का खुलासा ​नेटवर्क ट्रैकिंग: जप्त रोलिंग पेपर और हुक्का फ्लेवर की खेप कहाँ से आ रही थी, इसके मुख्य स्रोत (Source) का पता लगा लिया गया है। पूछताछ में उन थोक विक्रेताओं और सप्लायरों के नाम सामने आए हैं जो शहर के भीतर इन सामग्रियों की अवैध खेप पहुँचा रहे थे। इन मुख्य कड़ियों के विरुद्ध जल्द ही छापेमारी की जाएगी।

सिंहस्थ की तैयारी: उज्जैन में 100 एकड़ में फूलों का विशाल क्लस्टर, 30 जनवरी को भोपाल में फ्लॉवर एग्जीबिशन

उज्जैन  सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने उज्जैन में 100 एकड़ जमीन पर फूलों का विशेष उत्पादन क्लस्टर विकसित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर यह क्लस्टर धार्मिक नगरी उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में फूलों की बढ़ेगी खेती।  महाकालेश्वर सहित आसपास से आती है फूलों की डिमांड उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने बताया कि उज्जैन, महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर साल भर फूलों की बड़ी मांग रहती है। इसी को देखते हुए सरकार ने उज्जैन के आसपास व्यावसायिक पुष्प उत्पादन क्लस्टर विकसित करने की कार्य योजना बनाई है। सिंहस्थ 2028 को अवसर के रूप में देख रहा है विभाग मंत्री कुशवाह ने कहा कि सिंहस्थ मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और पूजा-अर्चना के लिए फूलों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में बाहर से फूल मंगाने की बजाय स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित फूलों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इससे परिवहन लागत घटेगी और किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस क्लस्टर के माध्यम से उज्जैन और आसपास के किसानों को गुलाब, गेंदा, जरबेरा, रजनीगंधा, सेवंती, ग्लेडियोलस जैसे अधिक मांग वाले फूलों की वैज्ञानिक और व्यावसायिक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि पुष्प उत्पादन को केवल पारंपरिक खेती न मानते हुए कृषि-उद्यम के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। प्रशिक्षण से लेकर बाजार तक मिलेगा सहयोग     उन्नत किस्मों के पौधों की उपलब्धता     आधुनिक खेती तकनीकों का प्रशिक्षण     कोल्ड स्टोरेज और भंडारण सुविधाएं     मंडी और बाजार से सीधा जुड़ाव     पुष्प प्रसंस्करण इकाइयों से कनेक्शन प्रदेश को पुष्प उत्पादन में अग्रणी बनाने की योजना मंत्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले से ही पुष्प उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उज्जैन में 100 एकड़ का यह क्लस्टर राज्य को पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में नंबर-वन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: मेडिकल ऑफिसर भर्ती परीक्षा 15 दिनों में फिर से होगी, बदलाव से प्रभावित कई अभ्यर्थी

इंदौर जबलपुर हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने एमपीपीएससी (MPPSC) के तहत मेडिकल ऑफिसर्स की भर्ती से जुड़े मामले में फैसला सुनाया है. इंदौर हाईकोर्ट ने मामले में पूरी प्रक्रिया को फिर से आयोजित करने के निर्देश मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग को दिए हैं. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद कई मेडिकल ऑफिसर्स को बड़ी राहत मिली है. अचानक जोड़ दिया गया एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नियम एमपीपीएससी द्वारा साल 2024-2025 में मेडिकल ऑफिसर भर्ती को लेकर वैकेंसी निकाली गई थी. जहां कई लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे. जिन लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराए थे, उनके इंटरव्यू किए गए. इसी बीच ऐन वक्त पर रजिस्ट्रेशन में एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नियम जोड़ दिया गया. जिसके चलते कई एमबीबीएस डॉक्टर भर्ती प्रक्रिया में से बिना दस्तावेज जांच बाहर हो गए. इस मामलों को लेकर जो डॉक्टर प्रक्रिया को पूरी होने के बाद अचानक से बाहर हुए, उन्होंने इंदौर हाई कोर्ट में एडवोकेट तुषार सोडानी के माध्यम से एक याचिका लगाई. अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में लगाई थी याचिका याचिका में एमपीपीएससी द्वारा जारी विज्ञापन के आधार पर मेडिकल ऑफिसर की भर्ती प्रक्रिया के दौरान इंटरव्यू के दिन ही अचानक एडिशनल रजिस्ट्रेशन का नया नियम जोड़ देने की जानकारी कोर्ट को दी गई. साथ ही जिन अभ्यर्थियों के पास यह रजिस्ट्रेशन नहीं था, उन्हें फोन कर इंटरव्यू से बाहर कर दिया गया. अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ एक प्रतिनिधि भी भेजा, लेकिन एमपीपीएससी ने कोई जवाब नहीं दिया. इसके बाद अभ्यार्थियों ने हाईकोर्ट की शरण ली. 15 दिनों में फिर से परीक्षा आयोजित कराने का आदेश इंदौर हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि एडिशनल रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नियमों में नहीं है. असल आवश्यकता केवल पीजी मार्कशीट और पीजी रिजल्ट की थी. जिसे अभ्यार्थी पहले ही प्रस्तुत कर चुके थे. कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि 'रूल ऑफ द गेम बीच में बदले नहीं जा सकते.' अब हाई कोर्ट की इंदौर बेच ने एमपीपीएससी को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर सभी प्रतिनिधित्व पर निर्णय लें और नई प्रक्रिया में पात्रता सुनिश्चित करें. साथ ही भर्ती के लिए आवेदन करने वाले सभी अभ्यार्थियों को मौका दें और रिपोर्ट कोर्ट में सबमिट करें. 

अधिकारियों की फेरबदल की बंपर लिस्ट जारी, राज्य प्रशासन में बड़ा बदलाव

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में कार्यरत एक दर्जन वरिष्ठ अधिकारियों को इधर से उधर करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। यह सभी अधिकारी राज्य पुलिस सेवा के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) संवर्ग से हैं। प्रदेश के गृह विभाग द्वारा मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए गए। जारी आदेश के मुताबिक 12 उप पुलिस अधीक्षकों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं उप सेनानी के पदों पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों एवं इकाइयों में तैनात किया गया है। यह तबादले तत्काल प्रभाव से लागू किए गए हैं। गृह विभाग के अपर सचिव आशीर्ष भार्गव द्वारा 27 जनवरी को जारी आदेश में सभी अधिकारियों को नवीन पदस्थापना स्थल पर शीघ्र कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह फेरबदल पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। 

रेवाड़ी में होंडा कंपनी के GM ने बिल्डिंग से छलांग लगाकर दी जान

रेवाड़ी. होंडा कंपनी के एक 47 वर्षीय जनरल मैनेजर ने हरियाणा के रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा स्थित सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से कूदकर खुदकुशी कर ली। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। जानकारी के अनुसार, मूल रूप से भिवानी के रहने वाले अमित सांगवान खुशखेड़ा राजस्थान स्थित होंडा कंपनी में जनरल मैनेजर (क्वालिटी) के पद पर कार्यरत थे। वे सोसाइटी में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। उनकी पत्नी भिवानी के एक कॉलेज में लेक्चरर है। बताया जा रहा है कि शनिवार की रात 12 बजे अमित ने सोसाइटी की पांचवीं मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उनकी मौके पर मौत हो गई। जमीन पर खून फैल गया और सोसाइटी के लोगों को जब इस घटना का पता चला तो मौके पर लोग जमा हो गए। पुलिस मोबाइल के कॉल डिटेल खंगालने में जुटी उन्होंने तुरंत मामले की सूचना धारूहेड़ा थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस इसके लिए उनके मोबाइल के भी कॉल डिटेल खंगालने में जुटी हुई है। सभी के लिए रहस्य बना हुआ है कि अमित ने खुदकुशी किस वजह की, या यह कोई हादसा है। पुलिस हर ऐंगल से इस मामले की जांच कर रही है। अमित की दो जुड़वां बेटियां हैं। परिजनों और सहकर्मियों को जब इसके बारे में पता चला तो माहौल गमगीन हो गया। आर्थिक रूप से सक्षम है अमित का परिवार आसपास के लोगों का कहना है कि अमित का परिवार आर्थिक रूप से सक्षम है। पिता शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल पद से और मां लेक्चरर पद से रिटायर्ड हैं। रिटायरमेंट के बाद से माता-पिता उनके साथ ही रह रहे थे। जांचकर्ता अधिकारी का कहना है कि रविवार को शव का पोस्टमॉर्टम करा दिया गया है। रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

पंजाब-हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि से बढ़ी ठंड

चंडीगढ़. कश्मीर में हुई ताजा बर्फबारी के कारण बीते कुछ दिनों में दूसरी बार घाटी का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क टूट गया। अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं और श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद कर दिया गया है। उत्तर भारत को प्रभावित कर रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजधानी दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत में ठंड का असर और बढ़ गया है। सुबह से ही पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही, जो रुक-रुक कर दिनभर जारी रही। पंजाब के कई जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई, जिससे ठंड में और इजाफा हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से पंजाब और आसपास के राज्यों में बारिश होने के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी तथा पंजाब के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि के कारण मैदानी इलाकों के तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार 30 जनवरी तक शीतलहर और घने कोहरे का असर बना रहेगा, जिसको देखते हुए पंजाब में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। पिछले 24 घंटों के आंकड़ों के अनुसार तापमान में करीब 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। लुधियाना में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस, एसबीएस नगर में 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बठिंडा में अधिकतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा। राज्य के विभिन्न जिलों में हुई बारिश के आंकड़ों के अनुसार पटियाला में सबसे अधिक 29 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।

हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती में नियुक्ति पत्र देने पर लगाई रोक

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। वर्ष 2023 में लगभग 6,000 कांस्टेबल पदों पर हुई भर्ती से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक आगे किसी भी प्रकार के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। यह मामला वर्ष 2023 में जारी कांस्टेबल भर्ती विज्ञापन से जुड़ा है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए थे। फिजिकल टेस्ट के दौरान डेटा रिकार्डिंग का कार्य शासन द्वारा आउटसोर्स पर टाइम्स टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को सौंपा गया था। आरोप है कि उक्त कंपनी ने निष्पक्ष तरीके से कार्य नहीं किया और कई अभ्यर्थियों को पैसों के लेनदेन के माध्यम से अनुचित लाभ दिया गया। इससे आहत होकर जिला सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़ एवं मुंगेली के निवासी मनोहर पटेल, विवेक दुबे, मृत्युंजय श्रीवास, कामेश्वर प्रसाद, गजराज पटेल, अजय कुमार, जितेश बघेल, अश्वनी कुमार यादव एवं ईशान सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीक़ी के माध्यम से उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई 27 जनवरी को न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू के समक्ष हुई। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने दलील दी कि शासन द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में स्वयं अधीक्षक पुलिस, जिला बिलासपुर ने स्वीकार किया है कि फिजिकल टेस्ट के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं और गलत डेटा दर्ज किए गए हैं। यहां तक कि टाइम्स टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा फिजिकल टेस्ट से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दिए गए। न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू ने राज्य शासन को अगली सुनवाई तक कांस्टेबल पदों पर कोई भी नया नियुक्ति आदेश जारी न करने के निर्देश दिए। साथ ही उत्तरवादीगण को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस फैसले को राज्य की कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ग्वालियर, भोपाल समेत कई शहरों में घना कोहरा, एमपी में मौसम ने बदला रुख; बारिश और ओले से फसलें प्रभावित

भोप्ला  मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक रौद्र रूप ले लिया है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के असर से प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे जनजीवन और खेती दोनों प्रभावित हुए हैं। ठंड के बीच बारिश-ओलों के इस दौर ने तापमान और गिरा दिया है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि गुना, उज्जैन, आगर-मालवा और शाजापुर में ओलावृष्टि हुई। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने की चेतावनी दी है। ग्वालियर, सागर समेत 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह शामिल हैं। वहीं, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, कटनी, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली में बादल छाए रहने के आसार हैं। बारिश के साथ कोहरे की चादर उत्तरी मध्य प्रदेश में जहां बारिश का अलर्ट है, वहीं सुबह के समय घना कोहरा भी परेशानी बढ़ा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के कई जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन और सीहोर में भी दृश्यता प्रभावित हुई। ग्वालियर-शिवपुरी में स्कूल बंद लगातार बारिश और बढ़ती ठंड को देखते हुए ग्वालियर प्रशासन ने एहतियातन बुधवार को कक्षा 8वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। शिवपुरी समेत आसपास के इलाकों में भी ठंड का असर तेज रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल, इंदौर, खंडवा, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, खंडवा, बड़वानी, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना, टीकमगढ़, छतरपुर, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, देवास, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, खरगोन, सीहोर, सागर, मऊगंज, धार आदि जिलों में 24 घंटे के अंदर बारिश का दौर चला। ग्वालियर में सबसे ज्यादा ढाई इंच, गुना, शिवपुरी-सागर में 1 इंच, दतिया में पौन इंच और राजगढ़ में आधा इंच पानी गिर गया। उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, मुरैना, सीहोर, सागर, रायसेन व अन्य जिलों में ओले भी गिरे। बारिश, आंधी-ओले के मौसम के बीच बुधवार सुबह घना कोहरा भी छाया रहा। ग्वालियर में सबसे कम विजिबिलिटी दर्ज की गई। यानी, यहां 50 मीटर के बाद कुछ नहीं दिखा। खजुराहो, भोपाल, दतिया, नर्मदापुरम, नौगांव, रीवा, सतना, राजगढ़, सागर, गुना, रायसेन, श्योपुर, बालाघाट, उमरिया, सिवनी, मंडला, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर में कोहरा दर्ज किया गया। हालांकि, रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। बारिश के बाद एमपी में बढ़ी ठंड मध्य प्रदेश में मंगलवार को हुई बारिश के बाद एक बार फिर ठंड की वापसी हो गई है। तेज हवाओं के कारण कंपकंपी बढ़ गई है। पिछले 24 घंटे में भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, देवास, खंडवा, शाजापुर, शिवपुरी, मऊगंज, सागर, उज्जैन समेत कई जिलों में बारिश हुई। जिसके बाद आज ठंड भी बढ़ गई है। ग्वालियर में बारिश के बाद आज कक्षा-8 तक के स्कूलों की छुट्टी भी घोषित कर दी गई है। मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा जिला मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को एमपी में सबसे कम न्यूनतम तापमान शिवपुरी में रहा। यहां पर न्यूनतम पारा 7 डिग्री सेल्सियस डिग्री दर्ज किया गया। इसके बाद खुजराहों में 7.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम पारा रिकॉर्ड हुआ। वहीं सबसे कम अधिकतम तापमान मुरैना में 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस दौरान 3 जिलों में 30 डिग्री या उससे ऊपर अधिकतम पारा रहा। जिनमें मंडला, खंडवा और खरगौन शामिल हैं। ओलावृष्टि से खेती को झटका मंगलवार को प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का असर देखा गया। आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में गिरे ओलों से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। रतलाम, शाजापुर और आगर में तेज हवा के चलते खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। कई जगह सड़कों पर पानी बह निकला। रात के समय निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, उज्जैन, खरगोन और धार में आकाशीय बिजली चमकती रही।