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खूबचंद की मौत के बाद प्रदर्शन जारी, इंदौर में दूषित पानी से संकट, ICU में तीन मरीज और वेंटिलेटर पर एक

इंदौर  भागीरथपुरा के खूबचंद पिता गन्नूदास की दूषित पानी से मंगलवार को मौत हो गई थी। बुधवार को उनके परिजनों ने अंत्येष्टी से पहले सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। खूबचंद की मौत के साथ ही भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या 29 हो चुकी है।  यह कहा जाता है कि द्यजल ही जीवन हैद्ग, लेकिन देश के सबसे साफ शहर माने जाने वाले इंदौर की एक बस्ती में पानी ही मौत की वजह बन गया है। दूषित पानी के कारण भागीरथपुरा में 30 दिन में 29 मौतें हो चुकी हैं। अभी भी तीन लोग जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस कांड को एक माह पूरा हो रहा है, लेकिन अभी भी पूरी बस्ती में साफ पानी नहीं मिल पाया है और न ही अफसर यह बता पाए कि दूषित पानी के कारण आखिर इतनी मौतें कैसे हो गईं? यह कांड सामने आने के बाद कई सरकारी जांचें हुईं और आयोग का गठन भी हो चुका है। मामला कोर्ट में है, लेकिन अब तक किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई आपराधिक केस दर्ज नहीं हुआ है। 29 दिसंबर को भागीरथपुरा बस्ती के 20 मरीज दो अलग-अलग निजी अस्पतालों में भर्ती हुए थे। उन्हें देखने क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे थे, जिसके बाद दूषित पानी से फैल रही बीमारी का खुलासा हुआ। 30 दिसंबर को अस्पताल में भर्ती एक व्यक्ति की पहली मौत हुई थी। इन मौतों के पीछे नगर निगम की भारी लापरवाही उजागर हुई है। बस्ती की पाइपलाइनें 30 साल से ज्यादा पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। भागीरथपुरा से जुड़ा नगर निगम का जोन शिकायतों के मामले में शहर में दूसरे स्थान पर है। पिछले दो माह में यहाँ सबसे ज्यादा गंदे पानी की शिकायतें मिली थीं, लेकिन अफसरों ने उन पर ध्यान नहीं दिया। शौचालय के नीचे से गुजरती रही पाइपलाइन हैरानी की बात यह है कि सालभर से लाइन बदलने के प्रस्ताव तैयार थे, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। गंदे पानी की शिकायतों को अफसरों ने गंभीरता से नहीं लिया। जिस नर्मदा लाइन से घरों में पानी जाता है, उसके ऊपर पुलिस चौकी का शौचालय बना दिया गया और मल-मूत्र का पानी नर्मदा लाइन में समाता रहा। जब मौतें होने लगीं, तब अफसरों ने शौचालय तोड़कर लीकेज खोजा। पूरी लाइन में 30 से ज्यादा लीकेज मिले, जिन्हें एक माह बाद भी पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सका है। कोर्ट ने राज्य सरकार और नगर निगम की पेश रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर सुरक्षित पानी की आपूर्ति, इलाज और जांच संबंधी निर्देशों का पूरा पालन नहीं हुआ है। मौतों के आंकड़ों को लेकर भी गंभीर असहमति सामने आई। जहां सरकारी रिपोर्ट में 16 मौतों को जलजनित बीमारी से जोड़ा गया है, वहीं याचिकाकर्ताओं ने मृतकों की संख्या लगभग 30 बताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जस्टिस सुशील कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय जांच आयोग बनाया है। आयोग जल प्रदूषण के कारणों, वास्तविक मौतों की संख्या, बीमारियों की प्रकृति, चिकित्सा व्यवस्था की पर्याप्तता, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही और पीड़ितों को मुआवजे पर रिपोर्ट देगा। कोर्ट ने दैनिक जल गुणवत्ता जांच और नियमित स्वास्थ्य शिविर जारी रखने के निर्देश देते हुए चार सप्ताह में अंतरिम रिपोर्ट मांगी है। अगली सुनवाई 5 मार्च 2026 को होगी। आयोग को व्यापक अधिकार आयोग को सिविल कोर्ट के समान अधिकार दिए गए हैं। वह अधिकारियों व गवाहों को तलब कर सकेगा, दस्तावेज मंगा सकेगा, जल गुणवत्ता परीक्षण करा सकेगा और स्थल निरीक्षण कर सकेगा। राज्य सरकार आयोग को आवश्यक स्टाफ, कार्यालय और संसाधन उपलब्ध कराएगी। रिपोर्ट में मौतों के कारण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि भागीरथपुरा के 30 प्रतिशत हिस्से में वाटर सप्लाई शुरू कर दी गई है। यह हिस्सा साढ़े 9 किमी का है। हालांकि, जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी की पीठ ने रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। रिपोर्ट में यूज किए गए वर्बल अटॉप्सी शब्द पर भी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने पूछा है कि यह शब्द मेडिकल का है या आपके द्वारा ईजाद किया है। अदालत ने यह भी पाया कि रिपोर्ट में मौतों के कारण स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं हैं और उसमें पर्याप्त तर्क एवं सहायक सामग्री का अभाव है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि रिपोर्ट की विश्वसनीयता सिद्ध करने के लिए अधिक उपयुक्त, ठोस और प्रामाणिक दस्तावेज प्रस्तुत करें। इसके अलावा अंतरिम राहत के स्वरूप पर भी चिंता व्यक्त की। सवाल उठाया है कि समिति अपने सुझावों का प्रभावी और निष्पक्ष क्रियान्वयन किस प्रकार सुनिश्चित करेगी। क्षेत्र में लगातार हो रही मौतें और उनके कारणों की अनिश्चितता अत्यंत चिंताजनक है। रिपोर्ट को बताया ‘आई-वॉश’ सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को अस्पष्ट बताते हुए उसे मात्र एक 'आई-वॉश' करार दिया है। न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला ने नगर निगम को निर्देशित किया कि वरिष्ठ अधिवक्ता के सुझाए गए परीक्षणों पर गंभीरता से विचार किया जाए। कोर्ट की सभी चिंताओं का स्पष्ट एवं ठोस उत्तर प्रस्तुत करें। इसके अलावा, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने न्यायालय परिसर में स्वच्छता और जल की स्थिति का भी संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सिर्फ 8 पैरामीटर्स पर पानी की कैसी टेस्टिंग निगम की ओर से तर्क दिया कि पानी की टेस्टिंग की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि सिर्फ 8 मानकों पर पानी की टेस्टिंग की गई जबकि 2018 में मप्र प्रदूषण मंडल ने भागीरथपुरा समेत इंदौर के पानी की 34 मानकों पर टेस्टिंग की थी। इस पानी को फिकल कंटामिनेटेड पाया था। ऐसे में जब भागीरथपुरा में 28 मौतें हो चुकी हैं तो निगम सिर्फ 8 मानकों पर टेस्टिंग कैसे कर रही है। निगम ने यह भी नहीं बताया कि टेस्टिंग का तरीका क्या था। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से विश्वस्तरीय तीन पैरामीटर्स पर पानी की टेस्टिंग के तीन तरीके बताए गए। मदद रेडक्रॉस से, शासन की ओर से कुछ भी नहीं याचिकाकर्ता की ओर से बताया कि मुआवजे को लेकर भी झूठी जानकारी दी जा रही है। अभी मृतकों को जो 2-2 लाख रुपए की राशि दी गई है वह रेड क्रॉस सोसायटी की ओर … Read more

28 जनवरी मार्केट अपडेट: सोना थोड़ा सस्ता हुआ, चांदी के दाम बढ़े

इंदौर   अगर आप आने वाले शादी सीजन की शॉपिंग या किसी खास के लिए ज्वेलरी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज आपके लिए एक छोटी सी मगर अच्छी खबर है. पिछले कुछ हफ्तों से रॉकेट की तरह ऊपर जा रहे सोने के भाव आज थोड़े शांत नजर आ रहे हैं. 28 जनवरी 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है, जबकि चांदी अभी भी अपनी चमक बिखेर रही है. हालांकि, आपको बता दें कि ये रेट्स 27 जनवरी को मार्केट बंद होने के समय और आज सुबह के शुरुआती रुझानों पर आधारित हैं.  गोल्ड के रेट्स में कितनी आई गिरावट? पिछले कुछ दिनों से रॉकेट की तरह बढ़ रहे सोने के दाम आज थोड़े स्थिर नजर आ रहे हैं. 24 कैरेट सोने की कीमत आज 16,194 रुपये प्रति ग्राम है, जो कल के मुकाबले महज 1 रुपये कम है. यानी कि कीमतों में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ग्लोबल टेंशन और डॉलर की मजबूती की वजह से सोना फिलहाल सस्ता होने के मूड में नहीं दिख रहा है.   गोल्ड टाइप आज का भाव (10 ग्राम) कल का भाव (10 ग्राम) बदलाव 24 कैरेट गोल्ड ₹1,61,940 ₹1,61,950 – ₹10 22 कैरेट गोल्ड ₹1,48,440 ₹1,48,450 – ₹10 18 कैरेट गोल्ड ₹1,21,450 ₹1,21,460 – ₹10 प्रमुख शहरों में सोने का दाम (1 ग्राम) सोने के मामले में चेन्नई में कीमतें बाकी शहरों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा बनी हुई हैं.  शहर 24K सोना (आज) 22K सोना (आज) 18K सोना (आज) मुंबई ₹16,194 ₹14,844 ₹12,145 दिल्ली ₹16,209 ₹14,859 ₹12,160 बैंगलोर ₹16,194 ₹14,844 ₹12,145 कोलकाता ₹16,194 ₹14,844 ₹12,145 चेन्नई ₹16,319 ₹14,959 ₹12,474 क्या चांदी खरीदना अब आउट ऑफ बजट है? सोने ने तो फिर भी थोड़ी राहत दी है, लेकिन चांदी की चमक आज और बढ़ गई है. आज चांदी की कीमत में 100 रुपये प्रति किलो का बढ़त हुआ है. अब 1 किलो चांदी की कीमत 3,70,100 रुपये तक पहुंच गई है. जनवरी की शुरुआत में जो चांदी करीब 2.38 लाख रुपये थी, वो अब 3.70 लाख के पार निकल चुकी है. निवेशकों के लिए तो यह अच्छी खबर है, लेकिन मिडिल क्लास खरीदारों के लिए चांदी खरीदना अब काफी महंगा सौदा साबित हो रहा है.  चांदी की मात्रा आज का भाव (28 Jan) बदलाव 1 ग्राम ₹370.10 + ₹0.10 100 ग्राम ₹37,010 + ₹10 1 किलोग्राम ₹3,70,100 + ₹100 प्रमुख शहरों में चांदी का दाम चांदी की कीमतों में भी शहर के अनुसार अंतर देखा जा सकता है, जहां चेन्नई में दाम सबसे ऊंचे स्तर पर हैं.  शहर 10 ग्राम चांदी 100 ग्राम चांदी 1 किलोग्राम चांदी मुंबई ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 दिल्ली ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 बैंगलोर ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 कोलकाता ₹3,701 ₹37,010 ₹3,70,100 चेन्नई ₹3,871 ₹38,710 ₹3,87,100 क्या अब और बढ़ेंगे दाम? मार्केट एक्सपर्ट्स (जैसे ICICI और Kotak Securities) का मानना है कि जब तक इंटरनेशनल मार्केट में तनाव कम नहीं होता, तब तक कीमतों में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है. अगर आप इन्वेस्टमेंट के लिहाज से देख रहे हैं, तो सोना-चांदी अभी भी सबसे सुरक्षित विकल्प माने जा रहे हैं, लेकिन भारी खरीदारी के लिए आपको मार्केट के थोड़े स्टेबल होने का इंतजार करना चाहिए. 

महाराष्ट्र चुनाव अपडेट: ठाकरे-शिंदे गठबंधन ने बनाई साझा रणनीति

मुंबई  महाराष्ट्र में नए सियासी समीकरण आकार ले रहे हैं। खबर है कि अब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) ने हाथ मिला लिया है। हालांकि, यह गठबंधन जिला परिषद चुनाव के लिए ही हैं। इधर, शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत का कहना है कि इस संबंध में और जानकारी जुटाई जा रही है। कहा जा रहा है कि क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के दबदबे को कमजोर करने के इरादे से गठबंधन किया गया है।  रिपोर्ट के अनुसार, सोलापुर जिले के बार्शी तालुका में जिला परिषद चुनाव के लिए दोनों दल साथ आए हैं। खास बात है कि गठबंधन में डिप्टी सीएम अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और वरिष्ठ नेता शरद पवार की राकंपा (एसपी) भी शामिल है। शिवसेना (यूबीटी) के बार्शी विधायक दिलीप सोपाल ने इसकी जानकारी दी है। खास बात है कि सीट शेयरिंग फॉर्मूले पर भी मुहर लग गई है। राज्यसभा सांसद संजय राउत का कहना है कि स्थानीय स्तर पर हो रहे घटनाक्रमों के बारे में पार्टी नेतृत्व को पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा विरोधी ताकतों के बार्शी में एकजुट होने के संकेत थे, लेकिन इस संबंध में जानकारी ली जा रही है। खबर है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को भी इसकी जानकारी नहीं है। भाजपा का सोलापुर में तगड़ा प्रदर्शन हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था। राज्य में भी पार्टी ने 29 में से 21 नगरपालिकाओं पर कब्जा जमाया था। बार्शी में कुछ समय पहले हुए एग्रीकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी के चुनाव में भी 18-0 से जीत दर्ज की थी। यहां भाजपा ने नगर परिषद अध्यक्ष पद हासिल किया था और 42 में 23 सीटें जीती थीं। सीट शेयरिंग रिपोर्ट के मुताबिक, एनसीपी को 3 जिला परिषद सीटें और 8 पंचायत समिति सीटें दी गईं हैं। शिवसेना को 2 जिला परिषद सीटें और 4 पंचायत समिति सीटें दी गईं। शिवसेना यूबीटी 1 जिला परिषद सीट पर चुनाव लड़ेगी।

चंडीगढ़ के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के स्कूलों में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 5 बड़े स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें सेक्टर-25 का चितकारा इंटरनेशनल स्कूल, सेक्टर-16 का मॉडल स्कूल, सेक्टर-45 का सेंट स्टीफंस स्कूल, सेक्टर-35 का मॉडल स्कूल और सेक्टर-19 का मॉडल स्कूल शामिल हैं। धमकी मिलते ही एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों को खाली करा लिया गया। बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया और स्कूल बसों को रास्ते से वापस भेज दिया गया। चंडीगढ़ पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्कूल कॉम्प्लेक्स में तलाशी ली जा रही है। वहीं अभी तक कोई संदिग्ध चीज बरामद नहीं हुई है। पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान और धमकी की सच्चाई की जांच कर रही है। सुरक्षा कारणों से आस-पास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। इस धमकी के बाद बच्चों के साथ-साथ माता-पिता में भी चिंता का माहौल है।

बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश: विकास और विरासत दोनों अहम

 नई दिल्ली संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. राष्ट्रपति के संसद पहुंचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. इस दौरान उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में देश की विरासत, इतिहास और सांस्कृतिक एकता को याद किया. उन्होंने कहा कि देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया. वहीं, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समाज के लिए उनके योगदान को याद किया. संसद के बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति मुर्मू ने विरासत और विकास का दिया संदेश संसद के बजट सत्र की बुधवार से शुरुआत हो गई. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सदन के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और विरासत से लेकर विकास का संदेश दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी. इस बीच विपक्ष ने मनरेगा, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है. देशभर में मनाया जा रहा वंदे भारत के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव- राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित कर रही हैं. राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और कहा कि पिछला साल भारत की तेज प्रगति और विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा. उन्होंने कहा कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. नागरिक इस महान प्रेरणा के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं. मैं सभी सांसदों को बधाई देती हूं कि संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा की गई. राष्ट्रपति ने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को और मजबूत किया. उन्होंने कहा कि भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती के आयोजन ने पूरे देश को संगीत और एकता के सूत्र में बांध दिया. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है. यही प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज़ करती है. अपने भाषण में राष्ट्रपति ने कहा कि संसद के इस सत्र को संबोधित करते हुए उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है. उन्होंने कहा कि बीता साल भारत की तेज़ प्रगति और समृद्ध विरासत के उत्सव के रूप में यादगार रहा. राष्ट्रपति ने बताया कि देशभर में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देशवासी इस महान रचना के लिए बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति नमन कर रहे हैं. उन्होंने संसद के सभी सांसदों को बधाई दी कि संसद में वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा की गई, जो देश की सांस्कृतिक चेतना को और मजबूत करती है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचे. बजट सत्र के दौरान सरकार की प्राथमिकताएं, आर्थिक दिशा और आने वाले समय की नीतियों की झलक राष्ट्रपति के अभिभाषण में देखने को मिली. यह सत्र दो चरणों में होगा, जो 2 अप्रैल तक चलेगा, इसमें कुल 30 बैठकें होंगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चलेगा और दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल को खत्म होगा.  बजट सत्र के लिए रणनीति बनाने के लिए आज सुबह 10 बजे विपक्षी पार्टियों की बैठक होगी. सत्र के बेहतर ढंग से संचालन के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई है.  वहीं, कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में अपनी संसदीय रणनीति समूह की बैठक कर मनरेगा, विशेष गहन संशोधन (SIR) और पर्यावरणीय मुद्दों को उठाने का फैसला लिया है. इस बैठक में मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी भी शामिल हुए.  दो चरणों में चलेगा 30 बैठकों का सत्र बजट सत्र की रूपरेखा काफी लंबी है. पहले चरण में 13 फरवरी तक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और बजट पर चर्चा की जाएगी. इसके बाद एक अंतराल (ब्रेक) होगा. सदन की कार्यवाही दोबारा 9 मार्च को शुरू होगी और 2 अप्रैल तक चलेगी. रविवार होने के बावजूद 1 फरवरी को बजट पेश करने की स्पेशल तैयारी की गई है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं. विपक्ष ने तैयार किया मुद्दों का पिटारा कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की तैयारी में हैं. सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक के बाद सांसद सैयद नसीर हुसैन ने बताया कि उनके लिए मनरेगा (MGNREGA) सबसे बड़ा मुद्दा है. इसके अलावा विपक्ष लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, विदेश नीति और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार विधेयक से जुड़े मामलों पर चर्चा की मांग करेगा. विशेष गहन संशोधन (SIR) की कवायद और पर्यावरण से जुड़े संकट भी सदन में गूंजेंगे. सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक सत्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की. इसमें संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कांग्रेस नेता जयराम रमेश सहित कई दलों के नेता मौजूद रहे. सरकार की कोशिश है कि दोनों सदनों की कार्यवाही बिना किसी बड़े गतिरोध के चले. विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बुधवार सुबह एक अलग मीटिंग बुलाई है, जिससे सदन के अंदर एक संयुक्त रणनीति के तहत सरकार को चुनौती दी जा सके.

दुर्ग आईजी ने थाना प्रभारियों चेताया- ‘पुलिसिंग में ढिलाई बर्दाश्त नहीं’

दुर्ग. दुर्ग रेंज के नए पुलिस महानिरीक्षक (IG) अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद मंगलवार को जिले के पुलिस अधिकारियों की पहली अहम बैठक ली। पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए। बैठक में थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए है। आईजी ने कहा कि थाना प्रभारी पुलिसिंग में ढिलाई नहीं, बल्कि अनुशासन, जवाबदेही के साथ काम करें। इसके साथ ही IG ने कहा कि लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की सूची बनाई जाए, ऐसे गंभीर मामलों में TI खुद ही FIR दर्ज करें। वहीं उन्होंने 90 दिनों में लंबित मामलों के निराकरण के निर्देश दिए है। बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने अधिकारियों से परिचय लिया और जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है।

वाइजैग में टीम इंडिया की प्लेइंग 11 और मैच अपडेट: ईशान की धुंआधार बैटिंग, चार खिलाड़ी बेंच पर

 विशाखापत्तनम तो भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज का कारवां वाइजैग (व‍िशाखापत्तनम) पहुंच चुका है. जहां दोनों देशों के बीच सीरीज का चौथा मैच है. वैसे अच्छी बात यह है कि भारतीय टीम सीरीज में 3-0 से अजेय है. ऐसे में यह मैच एक तरह से बेंच पर बैठे ख‍िलाड़‍ियों के लिए मौका होगा.  डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में देखा जाए तो कुल  4 टी20 मुकाबले हुए हैं. वहीं भारतीय टीम ने 3 मुकाबले जीते हैं, एक मुकाबले में उसे हार म‍िली है.  इस मैदान पर सबसे पहले कोई टी20 मैच 14 फरवरी 2016 को हुआ था, जब भारतीय टीम ने श्रीलंका को 9 व‍िकेट से हराया था. इसके बाद दूसरा टी20 मैच 24 फरवरी 2019 को ऑस्ट्रेल‍िया के ख‍िलाफ भारत ने खेला, लेकिन  ऑस्ट्रेल‍िया ने 3 व‍िकेट से जीता. इसके बाद 14 जून 2022 को भारत ने साउथ अफ्रीका को 48 रनों से मात दी. यहां कोई आख‍िरी टी20 मुकाबला भारत और ऑस्ट्रेल‍िया के बीच 2 नवंबर 2023 को हुआ. ज‍िसे भारतीय टीम ने रोमांचक अंदाज में 2 विकेट से अपने नाम किया.  ईशान क‍िशन हैं वाइजैग में हाइएस्ट स्कोरर  ईशान किशन ने यहां 2 टी20 मैच  खेले हैं और 112 रन बनाए हैं, इस तरह वो इस मदान पर हाइएस्ट स्कोरर हैं. ऑस्ट्रेल‍ियन बल्लेबाज जोश इंग्ल‍िश ने यहां एक मैच खेला और 110 रन बनाए. जो इस मैदान पर एकमात्र टी20 शतक है. सूर्यकुमार यादव ने भी यहां एक मैच खेलते हुए 1 मैच में 80 रन जड़े हैं. वहीं इस मैदान पर रव‍िचंद्रन अश्व‍िन ने एक टी20 मैच खेला और  विकेट लिया. वहीं जसप्रीत बुमराह ने इस मैदान पर 2 टी20 मैच खेलते हुए 4 विकेट लिए हैं. युजवेंद्र चहल और हर्षल पटेल ने भी 4-4 विकेट झटके हैं.  वाइजैग में ऐसी होगी प्लेइंग 11, बेंच पर बैठेंगे ये 4 ख‍िलाड़ी भारत और न्यूजीलैंड के बीच 5 मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला आज (शुक्रवार) व‍िशाखापत्तनम (वाइजैग) के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में है. भारत पहले से ही सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त पर है. ऐसे में यह देखना होगा कि भारतीय टीम इस मुकाबले में क्या बदलाव करती है, क्योंकि सीरीज में कुछ प्लेयर्स को कोई भी टी20 मैच खेलने का मौका नहीं मिला है.  टी20 वर्ल्ड कप 2026 को देखते हुए भारतीय टीम हार्दिक पंड्या को आराम देने पर विचार कर सकती है. हार्दिक इंजरी-प्रोन माने जाते हैं और टीम मैनेजमेंट उन्हें बड़े टूर्नामेंट से पहले फ्रेश रखना चाहता है.श्रेयस अय्यर को शुरुआती तीन टी20 मुकाबलों के लिए तिलक वर्मा के रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया था. हालांकि, अब उनके खेलने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं. बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की सलाह है कि तिलक वर्मा को पूरी तरह फिट होने से पहले जल्दबाजी में ना उतारा जाए. ऐसे में श्रेयस अय्यर को चौथे टी20 में हार्दिक पंड्या की जगह प्लेइंग XI में शामिल किया जा सकता है.टीम मैनेजमेंट न सिर्फ अय्यर की क्षमताओं को परखना चाहता है, बल्कि उन्हें टी20 फॉर्मैट में खुद को साबित करने का एक दुर्लभ मौका भी देना चाहता है. ईशान किशन ने टी20 टीम में वापसी के बाद शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने इस सीरीज़ में क्रमशः 8, 76 और 28 रन बनाए हैं. कप्तान सूर्यकुमार यादव और टीम मैनेजमेंट दोनों का उन्हें पूरा सपोर्ट हासिल है. ऐसे में इस बात की पूरी संभावना है कि उनको वाइजैग टी20 में मौका मिलेगा. ईशान को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बैक-अप विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर देखा जा रहा है और मौजूदा फॉर्म को देखते हुए उन्हें आगे भी लगातार मौके मिलने तय माने जा रहे हैं. वहीं अक्षर पटेल के भी प्लेइंग XI में लौटने की उम्मीद है, क्योंकि वह टी20 वर्ल्ड कप के लिहाज से टीम का अहम हिस्सा हैं. जसप्रीत बुमराह एक और मुकाबला खेल सकते हैं, जहां उनका साथ अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे निभाएंगे. स्पिन विभाग में कुलदीप यादव और रवि बिश्नोई टीम की पहली पसंद बने रह सकते हैं, जबकि वरुण चक्रवर्ती को एक बार फिर बेंच पर बैठना पड़ सकता है. IND vs NZ 4th T20I के लिए संभावित भारतीय प्लेइंग XI: अभिषेक शर्मा – ओपनर, संजू सैमसन – ओपनर, ईशान किशन – बल्लेबाज, सूर्यकुमार यादव (कप्तान) – बल्लेबाज, श्रेयस अय्यर – बल्लेबाज, शिवम दुबे – ऑलराउंडर, अक्षर पटेल – ऑलराउंडर, रवि बिश्नोई – स्पिनर, कुलदीप यादव – स्पिनर, अर्शदीप सिंह – तेज गेंदबाज, जसप्रीत बुमराह – तेज गेंदबाज,  बेंच पर: हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, हर्षित राणा वाइजैग में हुए टी20 मैचों की ह‍िस्ट्री     23 नवंबर 2023: भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 2 विकेट से हराया.     14 जून 2022: भारत ने साउथ अफ्रीका को 48 रन से हराया.     24 फरवरी 2019: ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 3 विकेट से हराया.     14 फरवरी 2016: भारत ने श्रीलंका को 9 विकेट से हराया. भारत का टी20 सीरीज के ल‍िए स्क्वॉड: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा न्यूजीलैंड का टी20 सीरीज के ल‍िए स्क्वॉड:मिचेल सेंटनर (कप्तान), डेवोन कॉन्वे, बेवन जैकब्स, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम रॉबिनसन, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी, जैक फॉल्क्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रेसवेल, रचिन रवींद्र, काइल जेम‍िसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क भारत vs न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज 2026 मुकाबलों का र‍िजल्ट  1st T20I, नागपुर: भारत ने न्यूज़ीलैंड को 48 रन से हराया 2nd T20I, रायपुर: भारत ने न्यूज़ीलैंड को 7 विकेट से हराया  3rd T20I, गुवाहाटी: भारत ने न्यूज़ीलैंड को 8 विकेट से हराया   

Middle East तनाव: ईरान पर खतरा बढ़ा, F-35 और US बेड़े की मौजूदगी, सऊदी झटका और ट्रंप की उकसावे वाली नीति

तेहरान  ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है. फिलहाल दोनों देशों में सीधी जंग तो नहीं, लेकिन हालात उससे कम भी नहीं हैं. सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक टकराव चल रहा है. अमेरिका, ईरान पर परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय मिलिशिया को समर्थन और मानवाधिकारों के आरोप लगा रहा है, वहीं ईरान अमेरिका को मध्य-पूर्व में दखल देने वाला और प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला देश कहता है. पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में विमानवाहक पोत, युद्धपोत और लड़ाकू विमान तैनात किए हैं. जिसके जवाब में ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले को पूरी जंग मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा. दोनों देशों के बीच बयानबाजी सैन्य तैयारियां, प्रतिबंध, साइबर और खुफिया कार्रवाइयां इस टकराव को और तेज कर रही हैं. ईरान की ओर बढ़ रही विनाश की खेप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि अमेरिका का एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें उम्मीद है कि इसका इस्तेमाल करने की नौबत नहीं आएगी. ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को चेतावनी दी कि वह प्रदर्शनकारियों की हत्या या अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने जैसी किसी भी कार्रवाई से बचे. उन्होंने ईरान को व्यापार समझौता करने या परिणाम भुगतने की चेतावनी दी. सऊदी अरब ने दिया अमेरिका को झटका ईरान भी अमेरिका के इस कदम को लेकर अपनी तैयारी पूरी रख रहा है. ईरान की ओर से UAE से बातचीत की गई थी, जिसके बाद इस देश ने स्पष्ट कहा कि यह अपनी हवा, जमीन या पानी किसी भी हमला-सक्रियता के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा. ऐसी ही बातचीत ईरान की सऊदी अरब से भी हुई है. इस देश ने भी अमेरिका को झटका देते हुए कहा है कि तेहरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए वो अपने हवाई क्षेत्र या जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देगा. सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेश्चकियान से बातचीत के बाद ये बात कही है. दोनों देश साफ कर चुके हैं कि वे किसी भी सैन्य हमले के लिए अपने देश को लॉन्चपैड नहीं बनने देगा. सैन्य अभ्यास की तैयारी में है अमेरिका समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, अमेरिकी एयर फोर्स के सेंट्रल कमांड ने बयान में कहा कि यह अभ्यास मिडिल ईस्ट में लड़ाकू हवाई ताकत को तैनात करने, फैलाने और बनाए रखने की क्षमता दिखाएगा. यहां बताना जरूरी है कि सेंट्रल कमांड ही इस इलाके में अमेरिकी सेनाओं की जिम्मेदारी संभालती है. लेकिन अभ्यास की तारीख या सटीक जगह का खुलासा नहीं किया गया है. इससे रहस्य और बढ़ गया है. क्या यह ईरान की सीमा के करीब होगा? या सिर्फ दिखावा है? अमेरिकी जंगी बेड़े में क्या-क्या मौजूद?     अमेरिका के जंगी बेड़े में USS Abraham Lincoln एयरक्राफ्ट कैरियर और उसके साथ चलने वाले युद्धपोत मौजूद हैं.     अमेरिका के मशहूर फाइटर जेट F-35 को यहां तैनात किया गया है, जो अपनी सटीक मारक क्षमता और छिपकर वार करने में सिद्धहस्त है.     इसके अलावा Growler इलेक्ट्रॉनिक विमान और विध्वंसक युद्धपोत क्षेत्र में मौजूद हैं. जो ईरान पर कभी भी हमले के लिए पूरी तरह तैयार हैं.     अमेरिका ने डेमो ऑफ फोर्स यानी ताकत दिखाने के लिए तैयारी पूरी कर ली है, वहीं ईरान ने जवाबी चेतावनियों, युद्ध-तैयारी, समुद्री और तट सुरक्षा बढ़ाई है. अमेरिका के जमावड़े पर क्या है ईरान का रिएक्शन? ईरान ने अमेरिका की चेतावनियों का कड़ा जवाब दिया है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी तरह का हमला क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाएगा. ईरान ने चेताया कि किसी भी सैन्य प्रयास का जवाब पहले से भी ज्यादा दर्दनाक और निर्णायक होगा. तेहरान के एक केंद्रीय चौक में एक विशाल पोस्टर भी दिखाई दिया, जिसमें दिखाई गया- ‘आप हवा बोओगे, तूफान काटोगे’, जिसका सीधा संकेत अमेरिकी कैरियर ग्रुप को है. ईरान-अमेरिका के बीच क्यों बढ़ा तनाव? वैसे तो परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर ईरान-अमेरिका में पहले से ही असहमति है, लेकिन ट्रंप ने इस कार्यकाल में ईरान पर परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए दबाव डाला है. पिछले दिनों ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुए, जिसमें प्रदर्शनकारियों की मौत पर दुनिया भर में ईरान की आलोचना हो रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों को मारता रहा, तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में हजारों लोगों की मौत हुई है. प्रदर्शन तो फिलहाल शांत है लेकिन अमेरिका का सैन्य जमावड़ा क्षेत्र में तनाव बढ़ा रहा है.

U-19 वर्ल्ड कप: विहान-मल्होत्रा और वैभव सूर्यवंशी ने पारी संभाली, आयुष म्हात्रे की गेंदबाजी से भारत ने जिम्बाब्वे को क्लीन स्वीप

  बुलावायो        आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर सिक्स राउंड में भारत अंडर-19 ने जिम्बाब्वे अंडर-19 को 204 रनों से धो द‍िया. यह मुकाबला सुपर सिक्स ग्रुप 2 का छठा मैच रहा थीं. मुकाबले में टॉस जिम्बाब्वे की टीम ने जीता और पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था.  भारतीय टीम ने इस मुकाबले में पहले खेलते हुए 50 ओवर्स में 352/8 का स्कोर खड़ा किया. जवाब में खेलने उतरी ज‍िम्बाब्वे की टीम महज 148 रनों 37.4 ओवर्स में स‍िमट गई. इस जीत के बाद भारत ने सेमीफाइनल की ओर एक कदम बढ़ाया है.  भारत ने पहले खेलते हुए मल्होत्रा ने शतक और वैभव सूर्यवंशी और अभ‍िज्ञान कुंडु ने अर्धशतकीय पार‍ियों की बदौलत व‍िशाल स्कोर खड़ा किया. बाद में बल्लेबाजी में असलफल रहे भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने कमाल की गेंदबाजी की और 4 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट ल‍िए. इसके अलावा उद्धव मोहन को भी 3 सफलताएं म‍िली. भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में फ‍िलहाल अजेय है.  इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी और आरोन जॉर्ज ओपन‍िंग करने आए. दूसरे ही ओवर में  जॉर्ज और वैभव ने माइकल ब्ल‍िगनॉट के ओवर में म‍िलकर 15 रन कूट दिए. दोनों ने म‍िलकर 4 ओवर में 44 रन बनाए, लेकिन आरोन जॉर्ज एक हवाई शॉट खेलने के चक्कर में पनाशे मज़ाई की गेंद पर पांचवें ओवर की पहली गेंद पर कैच थमा बैठे. भारत ने 6 ओवर में  59 रन बनाए. वहीं वैभव ने भी इस मुकाबले में एकबार फ‍िर तूफानी बल्लेबाजी की और महज 24 गेंदों में अपना अर्धशतक जड़ दिया. वैभव ने अपना अर्धशतक 4 छक्कों और 4 चौकों की मदद से पूरा किया. वहीं भारतीय टीम ने महज 11वें ओवर की पहले गेंद पर 1़00 रन पूरे किए. इसी ओवर में आयुष म्हात्रे 21 रन बनाकर तातेंडा चिमुगोरो की गेंद पर व‍िकेट के पीछे कैच थमा बैठे. तातेंदा ने फ‍िर इसी ओवर में वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी भी अंत कर दी. वैभव 52(30) [4 चौके, 4 छक्के] रन पर आउट हुए. वेदांत त्र‍िवेदी भी 15 रन बनाकर तातेंदा का श‍िकार बने. व‍िहान मल्होत्रा और अभ‍िज्ञान कुंडु के बीच शानदार 113 रनों की पार्टनरश‍िप हुई. लेकिन 243 के स्कोर पर अभ‍िज्ञान 61 रन पर सिम्बाराशे मुडजेंगरेरे की गेंद पर आउट हुए, इस तरह भारतीय टीम को 243 पर पाचवां झटका 36 ओवर की तीसरी गेंद पर लगा. सिम्बाराशे ने इसके बाद कन‍िष्क चौहान को भी 3 रन पर व‍िकेटकीपर नैथेनियल ह्लाबंगना के हाथों कैच आउट करवाया.    व‍िहान मल्होत्रा 109 नाबाद (107 गेंद) एकतरफ से बल्लेबाजी पर अंत तक जमे रहे. उन्होंने आरएस अंबरीश (21) और ख‍िनन पटेल (31) के साथ उपयोगी पार्टनरश‍िप की.  ज‍िम्बाब्वे की टीम की ओर से तातेंडा चिमुगोरो सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने 3 विकेट झटके. व‍िहान का शतक अंडर 19 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का पहला शतक रहा.   जिम्बाब्वे की पारी की हाइलाइट्स  जिम्बाब्वे अंडर-19 टीम निर्धारित 50 ओवर भी पूरे नहीं खेल सकी और 37.4 ओवर में 148 रन पर ऑलआउट हो गई. भारतीय अंडर-19 गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी बल्लेबाजी को लगातार दबाव में रखा. जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही. ओपनर  नैथेनियल ह्लाबंगना बिना खाता खोले आउट हो गए. इसके बाद ध्रुव पटेल (8 रन) और  ब्रैंडन सेनजेरे (3 रन) भी जल्दी पवेलियन लौट गए. मिडिल ऑर्डर में कियान ब्लिगनॉट ने 73 गेंदों में 37 रन बनाकर कुछ संघर्ष दिखाया, जबकि लीरॉय चिवौला ने सबसे ज्यादा 62 रन की पारी खेली.  इसके अलावा तातेंडा चिमुगोरो ने 29 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके. निचले क्रम में एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए और पूरी टीम 148 रन पर सिमट गई. भारतीय गेंदबाजों में आरएस अंबरीश ने 6 ओवर में सिर्फ 19 रन देकर 2 विकेट झटके. उद्धव मोहन और आयुष म्हात्रे को 3-3 व‍िकेट म‍िले. वहीं हेन‍िल पटेल और ख‍िलान पटेल को एक-एक सफलता म‍िली.  ICC U19 मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 में लगे सबसे तेज अर्धशतक विल मलाजुक (जापान) – 23 गेंदों में अर्धशतक आयुष म्हात्रे (न्यूज़ीलैंड के खिलाफ) – 24 गेंदों में अर्धशतक वैभव सूर्यवंशी (जिम्बाब्वे के खिलाफ) – 24 गेंदों में अर्धशतक वैभव सूर्यवंशी (बांग्लादेश के खिलाफ) – 30 गेंदों में अर्धशतक बेन मेयेस (स्कॉटलैंड) – 32 गेंदों में अर्धशतक आज के मुकाबले का क्या है मतलब?  इस जीत के बाद भारत अंडर-19 टीम सेमीफाइनल में एक कदम आगे बढ़ गई है. जिम्बाब्वे लीग चरण में एक भी मैच नहीं जीत सका था और सुपर सिक्स में उसके सामने कड़ी चुनौती हुई.  भारत का अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 में सफर  जिम्बाब्वे अंडर-19 के खिलाफ 204 रनों से जीत न्यूजीलैंड अंडर-19 के खिलाफ 7 विकेट से जीत बांग्लादेश अंडर-19 के खिलाफ 18 रन से जीत (DLS नियम) अमेरिका अंडर-19 के खिलाफ  6 विकेट से जीत  

नए UGC नियमों पर मायावती का बचाव, बोलीं विरोध सवर्णों तक सीमित नहीं होना चाहिए

लखनऊ नए यूजीसी नियमों को लेकर बसपा प्रमुख की प्रतिक्रिया सामने आई है. मायावती ने उच्च शिक्षण संस्थानों में इक्विटी कमेटियों के गठन को अनिवार्य बनाने वाले UGC के नए नियमों का बचाव किया है. उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग के कुछ लोगों द्वारा इस कदम का विरोध बिल्कुल भी जायज नहीं है. हालांकि, मायावती ने चेतावनी दी कि सामाजिक तनाव से बचने के लिए इन नियमों को व्यापक विचार-विमर्श के बाद लागू किया जाना चाहिए था. X पर कई पोस्ट में, मायावती ने कहा कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करने के उद्देश्य से UGC के उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने वाले नियम, 2026 को 'जातिवादी मानसिकता' वाले लोगों द्वारा गलत तरीके से भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है. उन्होंने कहा- सरकारी कॉलेजों और निजी विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव को हल करने के लिए 'इक्विटी कमेटियों' के गठन के नए UGC नियमों के कुछ प्रावधानों का विरोध केवल सामान्य वर्ग के वे लोग कर रहे हैं जिनकी जातिवादी मानसिकता है, और वे इन्हें साजिश और भेदभावपूर्ण बता रहे हैं. यह बिल्कुल भी उचित नहीं है.  बसपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना ​​है कि ऐसे नियमों को लागू करने से पहले सभी को विश्वास में लिया जाता तो बेहतर होता है. सरकारों और संस्थानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे कदम देश में सामाजिक तनाव का कारण न बनें. उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्गों से भी अपील की कि वे स्वार्थी और अवसरवादी नेताओं के भड़काऊ बयानों के शिकार न बनें.  मायावती ने कहा, "ऐसे मामलों में, दलितों और OBC को भी अपने ही स्वार्थी और बिके हुए नेताओं के भड़काऊ बयानों के प्रभाव में नहीं आना चाहिए, जो उनकी आड़ में गंदी राजनीति करते रहते हैं. इन वर्गों को सतर्क रहना चाहिए." आपको बता दें कि UGC ने 13 जनवरी को नए नियमों को अधिसूचित किया, जिसमें सभी उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए भेदभाव की शिकायतों को देखने और समावेश को बढ़ावा देने के लिए इक्विटी कमेटियों का गठन करना अनिवार्य कर दिया गया है. नियमों के अनुसार, इन कमेटियों में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग व्यक्तियों और महिलाओं के सदस्य शामिल होने चाहिए. 2026 के नियम UGC के 2012 के इक्विटी नियमों की जगह लेते हैं, जो काफी हद तक सलाहकारी प्रकृति के थे. इस कदम से उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया है, जिसमें आलोचकों का आरोप है कि नियमों का दुरुपयोग किया जा सकता है. इन चिंताओं को दूर करते हुए, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को आश्वासन दिया कि नए ढांचे के तहत कोई उत्पीड़न या भेदभाव नहीं होगा. प्रधान ने कहा, "मैं सभी को विनम्रतापूर्वक भरोसा दिलाना चाहता हूं कि किसी को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, कोई भेदभाव नहीं होगा और किसी को भी भेदभाव के नाम पर नियम का गलत इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं होगा."