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राज चौहान हत्याकांड: आगरा एनकाउंटर में तीन इनामी बदमाश घायल

 आगरा  यूपी के आगरा में एक बार फिर से एनकाउंटर हुआ है. राज चौहान हत्याकांड में शामिल आरोपियों के साथ पुलिस की बीती रात मुठभेड़ हुई जिसमें तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है. इसके एक दिन पहले हुए एनकाउंटर में अरबाज खान उर्फ़ मंसूरी मारा गया था. जबकि आशु और मोहित घायल हो गए थे. दो पुलिसवाले भी जख्मी हुए थे.  आपको बता दें कि आगरा के दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस की हत्यारोपियों से मुठभेड़ हुई. थाना एत्मादपुर और थाना बमरौली कटारा में हुई इन मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी है.  बताया जा रहा है कि कानून व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए चेकिंग कर रही पुलिस को देख बदमाश भागने लगे. रोकने पर मरौली कटारा क्षेत्र में मुठभेड़ हो गई. इस दौरान विष्णु पंडित उर्फ भुल्ला के पैर में गोली लगी जबकि उसका साथी शिवांग शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. दोनों के पास से जिंदा कारतूस और तमंचा बरामद हुआ है.  दूसरी मुठभेड़ थाना एत्मादपुर क्षेत्र में हुई. यहां भी चेकिंग के दौरान संदिग्धों को रोकने पर पुलिस पर फायरिंग की गई थी. जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लग गई. पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम आकाश प्रजापति है. आकाश और विष्णु उर्फ भुल्ला पर राज हत्याकांड मामले में 25-25 हजार का इनाम था. हत्याकांड में दो लोगों को पुलिस कल जेल भेज चुकी है जबकि एक मुठभेड़ में हो ढेर चुका है और तीन आज गिरफ्तार हुए हैं.  मालूम हो कि राज चौहान की गोली मारकर हत्या की गई थी. इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस ने 9 टीमें बनाई थीं. इनपुट मिलने पर आरोपियों की घेराबंदी की गई. बचने के लिए इन्होने पुलिस टीम पर फायर किया. आत्मरक्षा में पुलिस ने भी गोली चलाई. 

पीटी ऊषा पर टूटा दुखों का पहाड़, जीवनसाथी वी. श्रीनिवासन नहीं रहे

 कोझिकोड  उड़नपरी के नाम से व‍िख्यात भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पीटी ऊषा (P T Usha) के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया. वह 67 वर्ष के थे. पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक- श्रीनिवासन अपने आवास पर अचानक गिर पड़े, जिसके बाद उन्हें तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके. केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी रहे श्रीनिवासन, पीटी उषा के खेल और राजनीतिक जीवन में हमेशा उनके साथ खड़े रहे. उन्हें उषा की सफलता के पीछे सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से फोन पर बात कर उनके पति के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. दंपत‍ि का एक बेटा उज्ज्वल है. श्रीनिवासन के निधन से खेल और सामाजिक जगत में शोक की लहर है. पीटी उषा की  उनसे शादी शादी 1991 में 25 अप्रैल 1991 को हुई थी. श्रीनिवासन एक सीआईएसएफ (CISF) के इंस्पेक्टर थे. वहीं वो कबड्डी खिलाड़ी भी रहे.  पीटी उषा की बात की जाए तो वो 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थीं, जहां वह मात्र 1/100 सेकंड से कांस्य पदक से चूक गई थीं. उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म श्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया है. 

U-19 वर्ल्ड कप: भारत-पाक सेमीफाइनल पर संकट, इंग्लैंड की एंट्री से बदला गणित

 नई दिल्ली अंडर-19 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज का आखिरी दौर शुरू होने वाला है. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए हर ग्रुप से टॉप-2 में जगह बनानी जरूरी है, ऐसे में मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है. ग्रुप-1 से ऑस्ट्रेलिया पहले ही सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुका है, जबकि ग्रुप-2 से इंग्लैंड सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है. इंग्लैंड के साथ इसी ग्रुप में भारत और पाकिस्तान हैं. ऐसे में सेमीफाइनल को लेकर इस ग्रुप का पेंच फंस गया है. ग्रुप-2: इंग्लैंड मजबूत, भारत-पाकिस्तान में कड़ा मुकाबला ग्रुप-2 में इंग्लैंड की स्थिति सबसे मजबूत है. टीम ने अब तक खेले तीनों मुकाबले जीते हैं, जिनमें पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के खिलाफ मिली जीत भी शामिल है, जो ग्रुप C से आगे बढ़ी थी. इंग्लैंड का रिकॉर्ड 3-0 का है और उसके खाते में छह अंक हैं. इंग्लैंड का आखिरी मुकाबला शुक्रवार को न्यूजीलैंड से होगा. न्यूजीलैंड का प्रदर्शन इस टूर्नामेंट में बेहद कमजोर रहा है. टीम को भारत के खिलाफ 141 गेंद शेष रहते हार मिली थी, जबकि पाकिस्तान ने उसे 197 गेंद बाकी रहते हराया था. अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को हरा देता है, तो वह आठ अंकों के साथ सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा. रविवार को भारत-पाक में टक्कर इस ग्रुप का सबसे रोमांचक मुकाबला रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा. अगर इंग्लैंड शुक्रवार को जीत जाता है, तो भारत और पाकिस्तान में से सिर्फ एक टीम ही सेमीफाइनल में जगह बना पाएगी. फिलहाल भारत छह अंकों और 3.337 के बेहतर नेट रन रेट (NRR) के साथ मजबूत स्थिति में है, जबकि पाकिस्तान के चार अंक हैं और उसका नेट रन रेट 1.484 है. हालांकि, पाकिस्तान बड़े अंतर से जीत हासिल कर नेट रन रेट के मामले में भारत को पीछे छोड़ सकता है. नेट रन रेट का अंतर देखने में बड़ा लगता है, लेकिन असल में यह उतना मुश्किल नहीं है. * अगर पाकिस्तान पहले बल्लेबाजी करता है और 300 रन बनाता है, तो उसे भारत को करीब 85 रन से हराना होगा. * अगर पाकिस्तान पहले गेंदबाजी करता है और भारत को 200 रन पर रोक देता है, तो उसे लक्ष्य करीब 31.5 ओवर में हासिल करना होगा. * अगर लक्ष्य 251 रन का होता है, तो पाकिस्तान को करीब 33.2 ओवर में जीत दर्ज करनी होगी. ये लक्ष्य कठिन जरूर हैं, लेकिन नामुमकिन नहीं. खास बात यह है कि एक महीने पहले एशिया कप अंडर-19 के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रन से हराया था. क्या भारत और पाकिस्तान दोनों सेमीफाइनल में जा सकते हैं? यह संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. इसके लिए न्यूजीलैंड को इंग्लैंड को हराना होगा. इसके बाद अगर पाकिस्तान भारत को हरा देता है, तो इंग्लैंड, भारत और पाकिस्तान  तीनों के छह अंक हो जाएंगे और फिर फैसला नेट रन रेट के आधार पर होगा. हालांकि, मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इंग्लैंड का न्यूजीलैंड से हारना काफी मुश्किल लग रहा है.

RCB की फाइनल एंट्री के हीरो! WPL 2026 में इन 4 खिलाड़ियों के दम पर टीम रची सफलता की कहानी

नई दिल्ली स्मृति मंधाना की अगुवाई वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने WPL 2026 फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। प्लेऑफ के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुकी आरसीबी ने यूपी वॉरियर्स को लीग स्टेज के 18वें मुकाबले में 8 विकेट से धूल चटाकर अपनी 6ठी जीत दर्ज की। इस जीत ने आरसीबी की फाइनल में जगह पक्की की। अब प्लेऑफ के लिए बचे दो पायदानों के लिए चार टीमों के बीच जंग जारी है। बता दें, WPL में कुल तीन टीमें प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करती है। टेबल टॉपर को सीधा फाइनल का टिकट मिलता है, वहीं दूसरे और तीसरे पायदान पर रहने वाली टीमें एलिमिनेटर मुकाबला खेलती है। ग्रेस हैरिस लिस्ट में पहले नंबर पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओपनर बल्लेबाज ग्रेस हैरिस का नाम आता है, जिन्होंने बल्ले से तूफान मचाया है। 8 मैचों की 8 इनिंग में हैरिस ने 228 रन बनाए हैं, जिसमें 180.95 की स्ट्राइक रेट और 28.00 का औसत रहा है। यूपी वॉरियर्स के खिलाफ अहम मुकाबले में 37 गेंदों पर 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी। इससे पहले भी इसी टीम के सामने दूसरे मैच में 40 गेंदों पर 85 रन बनाए थे। गेंद से भी 1 इनिंग में 2 विकेट लिए, जो पिछले मैच में भी यूपी के सामने किया है। लॉरेन बेल दूसरे नंबर पर लंबे कद के तेज गेंदबाज लॉरेन बेल का नाम शामिल है, जिन्होंने अभी तक पूरे टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन करके दिखाया है। बेल ने 8 इनिंग में 12 विकेट चटकाए हैं, जिसमें उनका इकोनॉमी रेट 5.63 का रहा है। 2 बार उन्होंने 3 विकेट हॉल लिया है। एक बार भी उन्होंने 4 ओवर में 30 या उससे रन नहीं दिए हैं। यही वजह है कि आज आरसीबी की टीम फाइनल में पहुंची है। पहले मुकाबले में ही मुंबई इंडियंस की कमर तोड़ दी थी। यूपी वॉरियर्स के खिलाफ भी 4 ओवर में सिर्फ 21 रन दिए और 1 बल्लेबाज को जाल में फंसाया। नदीन डी क्लर्क साउथ अफ्रीका की धाकड़ ऑलराउंडर नदीन डी क्लर्क ने पूरे टूर्नामेंट में धमाल मचाया है। 5 इनिंग में उन्होंने लाजवाब 128 रन बनाए हैं, जिसमें मुंबई इंडियंस के खिलाफ 44 गेंदों में नाबाद 63* रन बनाए थे। उनकी इस घातक पारी के दम पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सीजन की शुरुआत जीत के साथ की थी। उन्होंने बल्ले से ज्यादा गेंद से बड़ा योगदान दिया है। 8 इनिंग में 15 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया है। उनका इकोनॉमी रेट भी 7.25 का रहा है। यूपी वॉरियर्स के खिलाफ जीत में अहम भूमिका निभाई। 4 ओवर में 24 रन देकर 4 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। स्मृति मंधाना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की कप्तान स्मृति मंधाना ने इस सीजन बल्ले से लाजवाब प्रदर्शन करके दिखाया है। उन्होंने अपनी टीम को आगे से लीड किया है। स्मृति ने 8 इनिंग में 290 रन बनाए हैं, जिसमें औसत 48.33 और स्ट्राइक रेट 141.46 का रहा है। यूपी वॉरियर्स के खिलाफ भी 27 गेंदों पर नाबाद 54 रनों की पारी खेली। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 96 रन बनाए थे, वो भी सिर्फ 61 बॉल पर। उस मैच में टीम ने एकतरफा जीत दर्ज की थी। कैसा रहा आरसीबी वर्सेस यूपी मैच? टॉस हारकर पहले बैटिंग करने उतरी यूपी वॉरियर्स की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 143 ही रन बोर्ड पर लगा पाई। दीप्ति शर्मा ने जरूर अर्धशतक जड़ते हुए 55 रनों की पारी खेली, वहीं मेग लैनिंग ने 41 रन बनाए। मगर इन दोनों के आउट होने के बाद टीम की कोई बैटर 20 रन का आंकड़ा तक नहीं छू पाई। नादिन डी क्लर्क ने 4 ओवर के कोटे में 22 रन खर्ज कर सबसे अधिक 4 विकेट चटकाए। 144 रनों के टारगेट का पीछा करने उतरी आरसीबी की ओपनिंग जोड़ी ने तबाही मचा दी। ग्रेस हैरिस और स्मृति मंधाना ने पहले विकेट के लिए 9.1 ओवर में 108 रनों की साझेदारी कर मैच वहीं समाप्त कर दिया था। ग्रेस हैरिस ने 37 गेंदों पर 75 रन बनाए, वहीं मंधाना 27 गेंदों पर 54 रन बनाकर नाबाद रहीं। WPL 2026 प्लेऑफ की रेस बड़ी रोमांचक आरसीबी के फाइनल में जगह पक्की करने के बाद बचे दो पायदानों के लिए चार टीमों के बीच रेस जारी है। गुजरात जाएंट्स 8 पॉइंट्स के साथ दूसरे पायदान पर है, मुंबई इंडियंस और दिल्ली कैपिटल्स के खाते में 6-6 अंक है। वहीं यूपी वॉरियर्स 4 पॉइंट्स के साथ सबसे नीचे हैं। अधिकारिक रूप से कोई टीम अभी तक टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है। WPL 2026 के अगले दो मैच बेहद ही रोमांचक होने वाले हैं। गुजरात जाएंट्स की भिड़ंत मुंबई इंडियंस से तो दिल्ली कैपिटल्स की यूपी वॉरियर्स से होने वाली है। यह दो मुकाबले ही प्लेऑफ में पहुंचने वाली बाकी दो टीमों की तस्वीर साफ करेंगे।

खुशहाल जीवन का राज़: ओशो के 5 मंत्र जिन्हें आज से अपनाना चाहिए

ओशो ने अपने जीवन में व्यक्ति को खुश और टेंशन फ्री रहने के लिए कई गहरे और व्यावहारिक सबक दिए हैं। ओशो के सरल विचार व्यक्ति को मन के भीतर की शांति और आनंद खोजने में मदद करते हैं। ऐसे में अगर आप जीवन में खुद को तनाव और समस्याओं से घिरा हुआ देखते हैं तो ओशों के ये 7 सीक्रेट मंत्र आपको खुश, संतुष्ट और टेंशन फ्री रहने में मदद कर सकते हैं। जीवन का आनंद लेते हुए वर्तमान में जिएं ओशो के अनुसार व्यक्ति की खुशी का रहस्य उसके वर्तमान क्षण में छिपा हुआ है। अतीत की चिंता या भविष्य की योजना बनाने में समय बर्बाद करने की जगह वर्तमान समय को पूर्णता से जिएं। इसके लिए रोजना कुछ पल सिर्फ अपने लिए निकालें। जिसमें आप सिर्फ अपनी सांसों, आसपास की प्रकृति या छोटी-छोटी चीजों का आनंद ले सकें। स्वयं को स्वीकार करें ओशो का कहना है कि सच्ची खुशी तब मिलती है जब आप खुद को पूरी तरह स्वीकार करते हैं। अपनी कमियों, गलतियों और खूबियों को प्यार से अपनाएं। आप जैसे भी हैं, खुद से प्यार करें। अपनी आलोचना करना छोड़ें और खुद को स्वीकारना सीखें। मेडिटेशन करें ओशो के अनुसार, ध्यान मन को शांत करके हमारी आंतरिक खुशी से जोड़ता है। यह व्यक्ति को बाहरी परिस्थितियों पर निर्भरता से मुक्त करता है।रोजाना 10-15 मिनट के लिए शांत बैठें, अपनी सांसों पर ध्यान दें। इच्छाओं का बोझ कम करें ओशो कहते हैं कि अनंत इच्छाएं दुख का कारण बनती हैं। खुशी के लिए अपनी जरूरतों को सरल बनाएं। आपके पास जो है, उसमें संतुष्ट रहना सीखें। अपनी जरूरतों और ख्वाहिशों की एक लिस्ट बनाकर चेक करें कि आपके लिए वास्तव में क्या जरूरी है। अनावश्यक चीजों के लिए खुद को परेशान करना छोड़ दें। खुद को अभिव्यक्त करें ओशो कहते हैं कि रचनात्मकता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति खुशी का स्रोत है। अपनी भावनाओं, विचारों और रचनात्मकता को दबाएं नहीं। जीवन में कोई एक शौक जरूर अपनाएं। ऐसा करते हुए अपनी भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करें।

बाजार में हड़कंप: चांदी अचानक ₹24,000 सस्ती, सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट (Gold-Silver Price Crash) आई है और लगातार तूफानी तेजी से भाग रही इन कीमती धातुओं के दाम शुक्रवार को खुलते ही क्रैश हो गए. सबसे बड़ी गिरावट चांदी की कीमत (Silver Price Crash) आई है और MCX पर इसका वायदा भाव करीब 24000 रुपये तक टूट गया है. न सिर्फ चांदी, बल्कि सोने का भाव भी टूटा (Gold Rate Fall) है और ये खुलते ही 8000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो गया है.  Silver Price अचानक क्रैश सबसे पहले बात करते हैं, चांदी की कीमतों में आई गिरावट के बारे में तो बीते कारोबारी दिन गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर Silver Price रॉकेट की रफ्तार से भागा था और इतिहास में पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकल गई थी. हालांकि, कारोबार के अंत में ये 3,99,893 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था और शुक्रवार को जब एमसीएक्स में कारोबार की शुरुआत हुई, तो 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी का वायदा भाव 23,993 रुपये टूटकर 3,75,900 रुपये पर आ गया.  वहीं दूसरी ओर गुरुवार को चांदी की कीमत ने जो नया लाइफ टाइम हाई लेवल बनाया था, उसकी तुलना में तो बहुत बड़ी एक दिनी गिरावट देखने को मिली है. जी हां, Silver High 4,20,048 प्रति किलोग्राम था और यहां से एक ही दिन में ये 44,148 रुपये तक सस्ती हो गई है.  सोना भी झटके में हुआ इतना सस्ता  चांदी के बाद बात करें, सोने की कीमतों में आई गिरावट के बारे में, तो ये भी एमसीएक्स पर क्रैश (Gold Rate Crash) नजर आया. बीते कारोबारी दिन गुरुवार को चांदी की तरह से ही ये भी जोरदार तेजी लेते हुए भागा और नया ऑल टाइम हाई लेवल छूने के बाद अंत में 1,83,962 रुपये के लेवल पर क्लोज हुआ था, लेकिन शुक्रवार को जब 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला गोल्ड ओपन हुआ, तो एक झटके में 8,862 रुपये की गिरावट के साथ सस्ता होकर 1,75,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया.  अगर बात सोने के हाई लेवल की करें, तो गुरुवार को ही Gold Rate तेजी से दौड़ लगाते हुए 1,93,096 के नए Life Time High Lavel पर पहुंचा था और इस स्तर के गिरावट की बात करें, तो शुक्रवार को ये 17,996 सस्ता हो गया है.  सोना-चांदी में गिरावट के पीछे ये वजह अब बात करें, एमसीएक्स से लेकर ग्लोबल बाजारों में सोना-चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के पीछे के कारणों के बारे में, तो एक्सपर्ट कह रहे हैं, कि कीमती धातुओं के तेजी से नए हाई लेवल पर पहुंचने के बाद बाजार में भारी बिकवाली देखी गई. निवेशकों की इसी मुनाफावसूली से कीमतों में अचानक से तेज गिरावट देखने को मिली है. इसके अलावा ग्लोबल टेंशन का माहौल बरकरार है, लेकिन Tariff Attack के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान (Iran) से परमाणु समझौते पर बातचीत के लिए कदम आगे बढ़ाया है, जिसका असर भी दिखा है.  

बागेश्वर धाम में 300 बेटियों की शादी का समारोह, विभिन्न राज्यों और पृष्ठभूमि से आएगी शादियां

छतरपुर  बागेश्वर धाम में शिवरात्रि के अवसर पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री 300 गरीब, अनाथ और जरूरतमंद बेटियों का विवाह कराएंगे। यह सप्तम कन्या विवाह महोत्सव नेपाल सहित देश के 10 राज्यों की बेटियों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस विवाह का सारा खर्च धाम की दान पेटी में आई राशि से उठाया जाएगा। बेटियों का चयन देश के 60 जिलों से किया गया है, जिनमें मध्य प्रदेश से 229 और उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल हैं। 10 राज्यों से किया है चयन इस खास विवाह महोत्सव में कुल 300 बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाएगा। इन बेटियों का चयन देश के 10 राज्यों के 60 जिलों से किया गया है। मध्य प्रदेश से सबसे ज्यादा 229 बेटियां इस विवाह में शामिल हो रही हैं, जबकि उत्तर प्रदेश से 56 बेटियां शामिल होंगी। खास बात यह है कि नेपाल से भी एक बेटी इस विवाह के लिए बागेश्वर धाम आ रही है। यह आयोजन शिवरात्रि के पावन अवसर पर किया जा रहा है। कई बेटियों का कोई नहीं चयनित 300 बेटियों में 60 अनाथ हैं। 138 बेटियां ऐसी हैं जिनके पिता नहीं हैं, और 28 बेटियां ऐसी हैं जिनके माता नहीं हैं। इसके अलावा, 8 दिव्यांग बेटियां और 23 दिव्यांग माता-पिता की बेटियां भी इस विवाह में शामिल होंगी। 39 बेटियां बहुत ही गरीब परिवारों से हैं। दान पेटी की राशि से होती हैं शादियां बागेश्वर धाम की दान पेटी में जो भी राशि आती है, उसी से इन बेटियों के विवाह का सारा खर्च उठाया जाता है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का मानना है कि अगर देशभर के मठ-मंदिरों में ऐसी पहल हो तो गरीब बेटियों का घर बस सकेगा और कोई भी बेटी को बोझ नहीं समझेगा। बेटियों और वर पक्ष की ओर से 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बागेश्वर धाम आकर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ फॉर्म जमा किए गए थे। इसी के आधार पर बेटियों का चयन किया गया है। इन बेटियों के लगेगी मेहंदी इस विवाह में शामिल होने वाली कुछ बेटियों के नाम रंजीता सेन, नीलू कुशवाहा, रानू रघुवंशी, सपना विश्वकर्मा, मांसी श्रीवास्तव, मासूम प्रजापति, ज्योति, शिवानी कुशवाहा, राधिका खेंगर, नीलम कोरोची, शशि, अंजो सेन, लक्ष्मी अनुरागी, पूजा बंसल, साधना आदिवासी, अनमोल रैकवार, धनवंती नगपुरे, आरती रैकवार, गायत्री अहिरवार, हिरिया बाई कोंदर, वर्षा अहिरवार, मीनू सेन, प्रिया देवी विश्वकर्मा, रक्षा देवी कचेरे, वंदना अहिरवार, पूजा यादव, पूजा विश्वकर्मा, माया अहिरवार, रानी नामदेव, लक्ष्मी सोनी, पदमनी रैकवार, देवकुमारी, कुमकुम पुष्पकार, कु. रानी कुशवाहा आदि हैं।  

2026 में VW का धमाका: भारतीय बाजार में आएंगी 5 नई कारें, Tayron R-Line की होगी शुरुआत

मुंबई  जर्मन कार निर्माता Volkswagen ने हाल ही में अपनी नई Volkswagen Tayron R-Line का खुलासा किया है. अब Volkswagen India ने 2026 कैलेंडर वर्ष के लिए अपने आने वाले प्रोडक्ट प्लान की घोषणा की है. कंपनी ने जानकारी दी है कि वह भारतीय बाज़ार के लिए 5 नए प्रोडक्ट लॉन्च करने वाली है, जिसमें साल के हर क्वार्टर में एक लॉन्च का प्लान है. कंपनी के आने वाले मॉडल SUV, सेडान और हैचबैक बॉडी स्टाइल में होंगे, जिनका फोकस मार्केट के प्रीमियम सेगमेंट पर होगा. जानकारी के अनुसार, Tayron R-Line आने वाले मॉडल्स में से सबसे पहली होने वाली है, जो भारतीय बाजार में लॉन्च की जाएगी. Volkswagen का प्रोडक्ट इंटरवेंशन रेगुलर लॉन्च के ज़रिए कंपनी की प्रासंगिकता और जुड़ाव बनाए रखने पर केंद्रित है. कंपनी का कहना है कि साल 2026 के लिए उसके बड़े लक्ष्य एस्पिरेशनल प्रीमियम पेशकश, बेहतर कस्टमर इंटरैक्शन और क्यूरेटेड ब्रांड अनुभवों पर केंद्रित हैं. जहां बाकी चार मॉडलों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है, वहीं Volkswagen ने कन्फर्म किया है कि हर नया मॉडल एक अलग प्रीमियम कस्टमर सेगमेंट को टारगेट करेगा. Volkswagen Tayron R-Line इस पहल को लीड करेगी और इसे 2026 की पहली तिमाही में लॉन्च किया जाना है. Volkswagen Tayron R-Line में क्या है खास Volkswagen Tayron R-Line की बात करें तो यह भारत में कंपनी की फ्लैगशिप SUV के तौर पर लॉन्च की जाएगी, और इसे Tiguan R-Line से ऊपर पोजिशन किया जाएगा. यह Volkswagen Tiguan Allspace के भारतीय बाजार में बंद होने के बाद प्रीमियम थ्री-रो SUV सेगमेंट में कंपनी की वापसी है. इस 7-सीटर SUV को MQB EVO प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा, और इसे फाइव-स्टार यूरो NCAP सेफ्टी रेटिंग मिली है. इसमें 2,789 mm का लंबा व्हीलबेस दिया गया है, जो Volkswagen Tiguan से 109 mm ज़्यादा है, ताकि तीसरी रो को जगह मिल सके. Volkswagen Tayron R-Line में स्पोर्टी बंपर, R-Line एक्सटीरियर बैजिंग और 19-इंच के अलॉय व्हील लगाए गए हैं. इसके केबिन में ड्राइवर की तरफ झुकी हुई 15-इंच की टचस्क्रीन और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन दिया गया है. इस कार में वेंटिलेटेड और मसाज वाली फ्रंट सीटें, लेदर अपहोल्स्ट्री, पैनोरमिक सनरूफ, मैट्रिक्स LED हेडलैंप, 30-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और तीसरी रो को फोल्ड करने पर 850 लीटर तक का बूट स्पेस जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इंजन की बात करें तो संभावना जताई जा रही है कि Volkswagen Tayron R-Line में वही 2.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन दिया जाएगा, जो Tiguan R-Line में देखने को मिलता है. यह इंजन 7-स्पीड डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स और ऑल-व्हील-ड्राइव सिस्टम के ज़रिए 204 hp की पावर और 320 Nm का टॉर्क देता है.

इकोनॉमिक सर्वे का संकेत: US डील पर जल्द फैसला संभव, टैरिफ को लेकर राहत की खबर

नई दिल्ली अमेरिका के साथ ट्रेड डील (Trade Deal) का आर्थिक सर्वेक्षण (Economy Survey) में जिक्र किया गया है. वैसे तो दोनों देशों के बीच लगातार बातचीत चल रही है, लेकिन आर्थिक सर्वे में इस डील पर साल 2026 में मोहर लगने का अनुमान लगाया गया है.  सबसे अच्छी खबर अर्थव्यवस्था को लेकर है. आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की तीन तिमाहियों में अमेरिकी टैरिफ का असर एक्सपोर्ट और मैन्यूफैक्चरिंग पर पड़ने के बावजूद ग्रोथ की रफ्तार बनी रही. क्योंकि सरकार की ओर से लगातार टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं. यानी अमेरिकी टैरिफ, कमजोर वैश्विक मांग और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत की आर्थिक गति पर मामूली असर पड़ा है. जीडीपी में मजबूती के पीछे ये कारण      दरअसल, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती को रेखांकित किया गया है. सर्वे के मुताबिक, FY26 के फर्स्ट एडवांस एस्टीमेट में भारत की GDP ग्रोथ 7.4% रही, जो मुख्य रूप से घरेलू मांग के मजबूत बने रहने का नतीजा है. आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि इन्फ्रास्ट्रक्चर में विस्तार और फिस्कल अनुशासन में सुधार की वजह से भारत की ग्रोथ टिकाऊ बनी हुई है. FY26 में राजकोषीय घाटा 4.8% रह सकता है, जो कि GDP लक्ष्य के भीतर है.   आर्थिक सर्वे के मुताबिक, घरेलू मांग भारत की विकास कहानी की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है. ग्रामीण और शहरी मांग में संतुलन दिख रहा है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में लगातार निवेश से रोजगार और आय के अवसर बढ़े हैं. सड़क, रेलवे, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में सरकार के बढ़ते खर्च ने आर्थिक गतिविधियों को गति दी है.  वैश्विक दबाव के बावजूद जोरदार प्रदर्शन  सर्वे की मानें तो वैश्विक स्तर पर डाउनसाइड रिस्क बने हुए हैं. हालांकि, यह भी कहा गया है कि मौजूदा वैश्विक हालात भारत के लिए तत्काल मैक्रो-इकोनॉमिक संकट पैदा नहीं करते. मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, स्थिर बैंकिंग सिस्टम और नीति विश्वसनीयता भारत के लिए सुरक्षा कवच बने हुए हैं.  सरकार का निर्यात पर फोकस आर्थिक सर्वे के अनुसार, करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) पर निर्भरता के कारण रुपया कुछ हद तक अंडरवैल्यूड है. अमेरिकी टैरिफ के दौर में कमजोर रुपया इकोनॉमी के लिए बहुत ज्यादा नुकसानदेह नहीं है. लेकिन मुद्रा स्थिरता के लिए मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट बढ़ाना जरूरी होगा. खासतौर पर वैल्यू-एडेड और टेक्नोलॉजी आधारित निर्यात पर जोर देने की सिफारिश की गई है.  इसी कड़ी में पहली बार आर्थिक सर्वे में AI को लेकर एक अलग चैप्टर है, यानी नई टेक्नोलॉजी पर आने वाले दिनों में सरकार को पूरा फोकस रहने वाला है. इसके साथ सोने-चांदी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी पर भी सरकार की नजरें हैं. कीमतों धातुओं में तेजी के पीछे ग्लोबल कारण बताए गए हैं.  आर्थिक सर्वे का मानना है कि अगर इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश, निर्यात में बढ़ावा और राजकोषीय अनुशासन इसी तरह बनाए रखे गए, तो भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच भी तेज और संतुलित विकास की राह पर बना रह सकता है.  इस बीच आर्थिक सर्वे में राज्यों को सलाह दी गई है कि वे कैश ट्रांसफर के बजाय पूंजीगत खर्च (Capex) को प्राथमिकता दें, ताकि अर्थव्यवस्था में निजी निवेश को पीछे धकेलने यानी क्राउडिंग आउट का खतरा न बढ़े.

डिजिटल स्क्रीन का खतरा: बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर एज लिमिट जल्द लागू हो सकती है

नई दिल्ली.  भारत में सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल और बच्चों में बढ़ती डिजिटल लत को लेकर सरकार अब उम्र के आधार पर नियम बनाने पर विचार कर सकती है. देश के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने अपनी सलाह में कहा है कि बच्चों और कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक एक्सेस सीमित करना जरूरी हो सकता है. इकोनॉमिक सर्वे में चेतावनी दी गई है कि कम उम्र के यूजर्स सोशल मीडिया के बहुत ज्यादा इस्तेमाल और हानिकारक कंटेंट के प्रति ज्यादा संवेदनशील होते हैं. ऐसे में उम्र आधारित एक्सेस लिमिट पर पॉलिसी बनाई जा सकती है. इसके साथ ही सोशल मीडिया कंपनियों को एज वेरिफिकेशन और उम्र के हिसाब से सुरक्षित डिफॉल्ट सेटिंग लागू करने की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. सोशल मीडिया पर बच्चों की एंट्री सीमित हो सीईए ने परिवारों को भी भूमिका निभाने की बात कही है. उन्होंने स्क्रीन टाइम की सीमा तय करने, कुछ घंटों को डिवाइस-फ्री रखने और बच्चों के साथ ऑफलाइन गतिविधियों को बढ़ावा देने की सिफारिश की है. सोशल मीडिया कंपनियों के लिए बड़ा बाजार है भारत भारत इस समय सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक बड़ा बाजार है. देश में करीब 75 करोड़ स्मार्टफोन और लगभग 1 अरब इंटरनेट यूजर्स हैं. हालांकि, अभी सोशल मीडिया इस्तेमाल के लिए कोई एक समान मिनिमम एज लिमिट तय नहीं है. दुनिया के कई देश इस दिशा में कदम उठा चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई है. फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन की तैयारी में है, जबकि ब्रिटेन, डेनमार्क और ग्रीस भी इस मुद्दे पर विचार कर रहे हैं. इकोनॉमिक सर्वे में बच्चों की डिजिटल लत पर चिंता इकोनॉमिक सर्वे में यह भी बताया गया कि स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले युवाओं में आधे से ज्यादा डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करते हैं, जबकि करीब 75 फीसदी सोशल मीडिया के लिए. रिपोर्ट के मुताबिक डिजिटल लत पढ़ाई, कामकाज की प्रोडक्टिविटी, नींद और एकाग्रता पर निगेटिव असर डालती है. CEA की सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी नहीं हालांकि मुख्य आर्थिक सलाहकार की सिफारिशें सरकार पर बाध्यकारी नहीं होतीं, लेकिन आमतौर पर पॉलिसी मेकिंग में इन्हें गंभीरता से लिया जाता है, इस बीच गोवा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों ने भी बच्चों के स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया रेगुलेशन पर स्टडी शुरू कर दिया है.