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जानिए फरवरी में कौन मंत्री कब मिलेंगे, बीजेपी ऑफिस में हर दिन दो घंटे जनता से संवाद

भोपाल  लगातार सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी कार्यकर्ता ही अपने काम के लिए मंत्रियों और अफसरों के घर, दफ्तर के चक्कर काटते रहते हैं। कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुलझाने के लिए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने रोज एक मंत्री को बीजेपी ऑफिस में बिठाने की व्यवस्था की।  सोमवार से शुक्रवार तक दो घंटे बीजेपी ऑफिस में बैठेंगे मंत्री सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर एक बजे से तीन बजे तक रोस्टर के अनुसार मंत्री बीजेपी कार्यालय में बैठकर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। मंत्री के साथ एक प्रदेश पदाधिकारी की भी ड्यूटी लगाई गई है। संगठन से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए प्रदेश पदाधिकारी काम करेंगे। फरवरी में किस मंत्री की कब ड्यूटी 02 फरवरी (सोमवार): जगदीश देवड़ा(डिप्टी सीएम), गौतम टेटवाल(मंत्री तकनीकी शिक्षा), मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा) 03 फरवरी (मंगलवार) राकेश सिंह (पीडब्ल्यूडी मंत्री), दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री) – राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री भाजपा) 04 फरवरी (बुधवार) विश्वास सारंग (खेल एवं सहकारिता मंत्री), लखन पटेल (पशुपालन मंत्री), डॉ. नंदिता पाठक (प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) 05 फरवरी (गुरुवार) कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय प्रशासन मंत्री), प्रतिमा बागरी(नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री भाजपा) 06 फरवरी (शुक्रवार) विजय शाह (जनजातीय कार्यमंत्री), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (स्वास्थ्य राज्यमंत्री), क्षितिज भट्ट (प्रदेश मंत्री भाजपा) 09 फरवरी (सोमवार) राजेन्द्र शुक्ला(डिप्टी सीएम) नारायण सिंह पंवार (मत्स्य पालन राज्यमंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष) 10 फरवरी (मंगलवार) प्रहलाद सिंह पटेल (पंचायत मंत्री), राधा सिंह(पंचायत राज्य मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) 11 फरवरी (बुधवार) उदयप्रताप सिंह (स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री) दिलीप जायसवाल (खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री) लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 12 फरवरी (गुरुवार) करणसिंह वर्मा (राजस्व मंत्री), कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री ), संगीता सोनी (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 13 फरवरी (शुक्रवार) संपतिया उइके (पीएचई मंत्री), धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 16 फरवरी (सोमवार) तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री) मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष) 17 फरवरी (मंगलवार) ऐदलसिंह कंसाना (कृषि मंत्री) डॉ. प्रभुराम चौधरी (विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा) 18 फरवरी (बुधवार) निर्मला भूरिया (महिला बाल विकास मंत्री), अर्चना सिंह (विधायक व प्रदेश मंत्री, भाजपा) 19 फरवरी (गुरुवार) गोविन्द सिंह राजपूत (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री), बबीता परमार (प्रदेश मंत्री, भाजपा) 20 फरवरी (शुक्रवार) नारायण सिंह कुशवाह (उद्यानिकी मंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री) 23 फरवरी (सोमवार) नागरसिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष) 24 फरवरी (मंगलवार) प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष) 25 फरवरी (बुधवार) राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा मंत्री) लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री) 26 फरवरी (गुरुवार) चेतन्य कश्यप (एमएसएमई मंत्री),राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री भाजपा) 27 फरवरी (शुक्रवार) इंदर सिंह परमार (उच्च् शिक्षा मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री) जिला कार्यालयों में पदाधिकारियों के बैठने के दिन तय बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर भाजपा के जिला पदाधिकारियों के जिला कार्यालय में बैठने के दिन तय किए जा रहे हैं। जिला अध्यक्ष के लिए भी दिन तय किया जा रहा है कि जिला अध्यक्ष से लेकर कौन से जिला पदाधिकारी किस दिन कार्यालय में बैठकर आम लोगों और कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे। 

जिसका डर था वही हुआ: अजित पवार के प्रस्थान के बाद NCP में उठे नए कदम, BJP भी सतर्क

मुंबई   महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स में जिसका डर था वही होता दिख रहा है. अजित पवार के निधन का अब उनकी पार्टी में साइड इफेक्ट दिखने लगा है. अजित पवार के जाते ही एनसीपी में दो फाड़ हो गया है. सूत्रों का कहना है कि अजित पवार की एनसीपी अब दो गुटों में बंट गई है. एक ग्रुप महायुति में साथ रहना चाहता है तो दूसरा शरद पवार के साथ जाना चाहते है. एनसीपी में इस बिखराव से भाजपा की टेंशन बढ़ गई है. अजित पवार गुरुवार को पंचतत्व में विलीन हुए. दरअसल, महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो गया है. डिप्टी सीएम अजित पवार का बुधवार यानी 28 जनवरी 2026 को बारामती में प्लेन क्रैश में निधन हो गया. अजित पवार के जाने के बाद उनकी एनसीपी गुट में खलबली मच गई है. सूत्रों के मुताबिक, अजित पवार गुट अब दो हिस्सों में बंट गया है. एक ग्रुप महायुति (बीजेपी-शिवसेना) के साथ रहना चाहता है, जबकि दूसरा ग्रुप शरद पवार के साथ वापस जाना चाहता है. यही वो डर था जो कई लोगों को सता रहा था कि अजित पवार के बिना उनका गुट बिखर सकता है. एनसीपी का होने वाला था मर्जर सूत्रों का कहना है कि अजित पवार के निधन से पहले खबरें थीं कि शरद पवार गुट और अजित पावर गुट फरवरी की दूसरे हफ्ते में साथ आने का ऐलान कर सकता है. सूत्रों का कहना है कि साथ आने की तारीख भी तय हो चुकी थी. आठ फरवरी को एनसीपी का मर्जर होना था. यह खबर तब से शुरू हो चुकी थी, जब अजित पवार गुट और शरद पवार गुट ने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ के म्युनिसिपल चुनाव साथ में लड़ा. भाजपा की टेंशन क्यों बढ़ी? सूत्रों का कहना है कि दोनों के साथ आने की पूरी तैयारियां भी हो चुकी थी. मगर अचानक अजित पवार के निधन के बाद सब कुछ एक बार फिर बिखर गया है. अब सवाल है कि आखिर भाजपा क्या चाहती है? सूत्रों का कहना है कि बीजेपी चाहती है कि अजित पवार गुट उनके यानी महायुति में बना रहे. क्योंकि भाजपा को लगता है कि अगर अजित पवार गुट महायुति से बाहर होता है तो एकनाथ शिंदे की शिवसेना का बल बढ़ जाएगा. कौन होगा अजित वाली एनसीपी का चीफ? बहरहाल, अजित पवार के निधन के बाद शरद पवार गुट को मौका मिला है. कई लोग मानते हैं कि अब दोनों गुटों का मर्जर हो सकता है, क्योंकि अजित पवार की आखिरी इच्छा यही थी. लेकिन फैसला आसान नहीं है. अभी तो यह तय होना है कि आखिर अजित पवार वाली एनसीपी का लीडर बनेगा? अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है. हालांकि, एनसीपी चीफ के लिए प्रफुल पटेल, सुनील तटकरे का भी नाम चल रहा है. फिलहाल, अजित पवार वाली एनसीपी में लीडरशिप वैक्यूम है, और पार्टी को जल्द फैसला लेना होगा.

यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का बयान, पुतिन की कीव रणनीति पर मिली आशंका और रूस की चुप्पी

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन की राजधानी कीव और अन्य शहरों पर एक हफ्ते तक हमला न करने पर सहमति जताई है. ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने खुद पुतिन से फोन पर बात कर यह अपील की थी. ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है, ऐसे में उन्होंने पुतिन से मानवीय आधार पर हमले रोकने को कहा. ट्रंप का कहना है कि पुतिन ने इस पर हामी भर दी. मैंने खुद पुतिन से कहा, उन्होंने मान लिया- ट्रंप व्हाइट हाउस में गुरुवार को हुई एक कैबिनेट मीटिंग के दौरान ट्रंप ने यह दावा किया. उन्होंने कहा कि मैंने राष्ट्रपति पुतिन से व्यक्तिगत तौर पर कहा कि एक हफ्ते तक कीव और अन्य शहरों पर हमला न करें, और उन्होंने ऐसा करने पर सहमति दी. मुझे कहना होगा, यह बहुत अच्छा था. ट्रंप ने यह भी बताया कि यह बातचीत फोन कॉल के जरिए हुई थी, लेकिन इस कॉल की जानकारी पहले सार्वजनिक नहीं की गई थी. ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि यह एक हफ्ते की रोक कब से और कब तक लागू होगी. रूस की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हालांकि ट्रंप के इस दावे पर रूस की सरकार ने अब तक कोई पुष्टि नहीं की है. मॉस्को की तरफ से यह नहीं कहा गया है कि वह कीव या अन्य यूक्रेनी शहरों पर हमले रोकने जा रहा है. खास बात यह भी है कि रूस ने यह साफ नहीं किया है कि वह यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने को तैयार है या नहीं. जेलेंस्की ने कहा सीजफायर की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी इस कथित सीजफायर की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की. हालांकि उन्होंने ट्रंप के बयान को अहम बताया. जेलेंस्की ने कहा कि ट्रंप का बयान इस सर्दी के कठिन समय में कीव और अन्य यूक्रेनी शहरों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेत है. यानी यूक्रेन ने बयान का स्वागत तो किया, लेकिन जमीन पर हमले रुकने की पुष्टि नहीं की. रूस ने जेलेंस्की को मॉस्को आने का न्योता दिया इसी बीच रूस ने गुरुवार को कहा कि उसने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आने का इनविटेशन भेजा है. यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका की अगुवाई में युद्ध खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं. यह बयान उस वक्त आया जब क्रेमलिन ने उन खबरों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे के ऊर्जा ठिकानों पर हमला न करने पर सहमति बना ली है. अबू धाबी में हुई थी शांति वार्ता  पिछले सप्ताह अमेरिका की मध्यस्थता में अबू धाबी में शांति वार्ता हुई थी. इन बातचीतों का मकसद करीब चार साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने का रास्ता निकालना था. हालांकि इन वार्ताओं के बाद भी रूस और यूक्रेन के रुख में बड़े मतभेद बने हुए हैं, जिस वजह से किसी ठोस समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है.

बंगाल चुनावी विवाद: सुवेंदु अधिकारी ने बताया वोटर वेरिफिकेशन में गड़बड़ी का प्रयास

  कोलकाता   पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों की तरफ से वेरिफिकेशन प्रोसेस में हेराफेरी करने के गैर-कानूनी आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह टीएमसी और प्रशासन के बीच गठजोड़ को दर्शाता है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, "एसआईआर प्रक्रिया में चौंकाने और बेशर्म 'टीएमसी-ममता प्रशासन का गठजोड़' सामने आया। साउथ 24 परगना के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट (एडीएम) की ओर से भेजा गया एक कथित व्हाट्सएप मैसेज चुनावी लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के पीछे की सच्चाई को उजागर करता है।"  सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "एडीएम की तरफ से अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी टीम को बताएं कि अभी किसी भी हालत में 'नॉट वेरिफाइड' ऑप्शन पर क्लिक न करें। किसी भी कन्फ्यूजन की स्थिति में कृपया मेरे साथ या ओसी इलेक्शन के साथ मामला उठाएं। हर हाल में प्रतिदिन 3000 वेरिफिकेशन का टारगेट पूरा करना है।" भाजपा नेता ने कहा कि यह वेरिफिकेशन प्रक्रिया में हेराफेरी करने का सीधा और गैर-कानूनी आदेश है। अधिकारियों से कहा जा रहा है कि वे जानबूझकर 'नॉट वेरिफाइड' मार्क न करें, भले ही ठीक से वेरिफिकेशन न किया गया हो। उन्होंने कहा, "यह प्रशासनिक अधिकार का खुला दुरुपयोग है, जिसे तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर अयोग्य मतदाताओं और फर्जी एंट्रीज को बचाने व छिपाने के लिए किया जा रहा है, जिन्हें टीएमसी की वोटबैंक की राजनीति को बनाए रखने के लिए व्यवस्थित तरीके से लिस्ट में जोड़ा गया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार भारत के चुनाव आयोग के साफ और पारदर्शी वोटर लिस्ट के आदेश को खराब करने के लिए जिला प्रशासन का हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। टीएमसी डरी हुई है कि असली एसआईआर उनके लंबे समय से चल रहे चुनावी धोखाधड़ी को उजागर कर देगा। सुवेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग से अनुरोध करते हुए कहा कि वह इस तरह के अनौपचारिक प्रशासनिक दबाव के तरीकों के इस पैटर्न का तुरंत संज्ञान ले और एडीएम और इन गैर-कानूनी निर्देशों को जारी करने या उनका पालन करने में शामिल अन्य अधिकारियों की भूमिका की उच्च-स्तरीय जांच शुरू करे। उन्होंने यह भी मांग की कि सत्ताधारी पार्टी के इशारे पर लोकतंत्र को कमजोर करने वाले सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाए।

भीलवाड़ा सड़क हादसा: कोहरे के कारण 6 गाड़ियां टकराईं, मावठ और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी

भीलवाड़ा/जयपुर   राजस्थान में कड़ाके की ठंड के साथ अब घना कोहरा जानलेवा साबित हो रहा है। शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 (भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे) पर कम विजिबिलिटी के कारण एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ कोहरे के कारण एक के बाद एक 6 गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिसमें 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे के बाद लगा 4 KM लंबा जाम सुबह करीब 8 बजे हुए इस एक्सीडेंट के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ियां पूरी तरह चकनाचूर हो गईं और कई लोग मलबे में फंस गए। हादसे के कारण हाईवे पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस भी काफी देर तक फंसी रही। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गाड़ियों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। प्रदेश में कोहरे की स्थिति 27 जनवरी को हुई मावठ (बेमौसम बारिश) के बाद से ही राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में नमी और कोहरा छाया हुआ है। आज सुबह की स्थिति कुछ इस प्रकार रही: जयपुर-दिल्ली हाईवे: यहाँ दृश्यता (Visibility) मात्र 10 मीटर तक रह गई। प्रमुख जिले: सीकर, चूरू, अलवर और कोटा में भी घना कोहरा दर्ज किया गया। मौसम विभाग की चेतावनी: बारिश और ओले गिरने के आसार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के लोगों को अभी सर्दी से राहत मिलने वाली नहीं है। नया सिस्टम : 31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है। प्रभावित क्षेत्र : जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग में बादल छाए रहेंगे। चेतावनी : 2 फरवरी तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश के साथ ओले (Hailstorm) गिरने की भी संभावना है। सावधानी : कोहरे के दौरान हाईवे पर वाहन चलाते समय 'फॉग लाइट्स' का प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

पाकिस्तान-बांग्लादेश की नई हवा यात्रा: कराची में लैंडिंग, भारत के एयर स्पेस पर सवाल

कराची  पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 14 साल बाद एक बार फिर सीधी हवाई सेवा शुरू हो गई है. बांग्लादेश की राष्ट्रीय एयरलाइन बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस ने ढाका से कराची के लिए पहली सीधी उड़ान शुरू की. इस कदम को दोनों देशों के बीच रिश्तों में अहम सुधार के तौर पर देखा जा रहा है. पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) के अनुसार, बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस का विमान गुरुवार रात कराची के जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा. विमान के पहुंचने पर पारंपरिक वॉटर कैनन सलामी दी गई, जो किसी नई या ऐतिहासिक उड़ान के स्वागत का प्रतीक मानी जाती है. पाकिस्तान कब पहुंचा प्लेन? फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, बिमान की उड़ान BG341 ने ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से रात 8.15 बजे उड़ान भरी और करीब तीन घंटे बाद रात 11.03 बजे कराची पहुंची. यह उड़ान पूरी तरह भरी हुई थी. कराची एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी ने कहा कि बांग्लादेश के साथ सहयोग सिर्फ विमानन तक सीमित नहीं रहेगा. उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में व्यापार, पर्यटन और अन्य क्षेत्रों में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ सकता है. क्या भारत के ऊपर से गया प्लेन? इससे पहले ढाका में आयोजित उद्घाटन समारोह में बांग्लादेश के नागरिक उड्डयन और पर्यटन सलाहकार शेख बशीरुद्दीन मौजूद रहे. उन्होंने कहा कि ढाका-कराची रूट का मकसद दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाना, पर्यटन को बढ़ावा देना और लोगों के आपसी रिश्तों को मजबूत करना है. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में उड़ानों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी और किराया कम करने की कोशिश की जाएगी, ताकि आम लोगों के लिए यात्रा सस्ती हो सके. यह फ्लाइट भारत के ऊपर से गुजरी क्योंकि यही एकमात्र सीधा रास्ता है. क्योंकि फ्लाइट बांग्लादेश की थी ऐसे में उस पर कोई रोक नहीं लगी है. क्यों बंद हुई थी फ्लाइट? ढाका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त इमरान हैदर ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के नेतृत्व की सोच और जनता की उम्मीदों के अनुरूप है. उन्होंने बताया कि बांग्लादेश के अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हवाई संपर्क बहाल करने को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि अगस्त में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार की ढाका यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी. उसी फैसले का नतीजा अब जमीन पर दिखाई दे रहा है. गौरतलब है कि राजनीतिक कारणों से पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच सीधी हवाई सेवाएं करीब 14 साल पहले बंद कर दी गई थीं. अब इस सेवा की बहाली को दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

मध्य प्रदेश में सर्दी का कहर: 19 शहरों का पारा 10°C से नीचे, राजगढ़ में सबसे कम तापमान

भोपाल मध्य प्रदेश में बारिश का दौर फिर लौटेगा। मौसम केंद्र भोपाल ने 31 जनवरी और 1-2 फरवरी को प्रदेश के ज्यादातर हिस्से में बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ऐसा होगा। आज यानी शुक्रवार को सुबह प्रदेश के करीब आधे हिस्से में घना कोहरा छा रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने दावा किया है कि प्रदेश में एक बार फिर से बारिश का दौर शुरू होगा। 31 जनवरी, 1-2 फरवरी को बारिश होने का अलर्ट है। दरअसल,  मंगलवार-बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बाद एक बार फिर ठंडी ठंड लौट आई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में है। बीती रात मंदसौर में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस समय सबसे कम है। इसके साथ ही मालवा अंचल प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना रहा। इसके कई जिलों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे चला गया।   बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ का असर कमजोर पड़ने के बाद साफ आसमान ठंड को और तीखा बना रहा है। खासकर रात के समय विकिरणीय शीतलन के कारण तापमान में तेज गिरावट देखी जा रही है। मालवा और बुंदेलखंड क्षेत्र में शीतलहर की स्थिति बनी है। इन संभागों में छाया रहा कोहरा मौसम विभाग के अनुसार, आज सुबह भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के 24 जिलों में कहीं हलका तो कहीं मध्यम कोहरा छा रहा है। ग्वालियर, रीवा, शहडोल, सागर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, निवाड़ी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में भी कोहरे का असर रहा। सावधान! पाले की चेतावनी कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि मंदसौर, नीमच, रतलाम और शहडोल जैसे जिलों में पाले का खतरा बढ़ गया है। इससे गेहूं, चना और सरसों की फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को हल्की सिंचाई और धुएं की व्यवस्था जैसे बचाव उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार सुबह सतना, रीवा, ग्वालियर और गुना में घना कोहरा दर्ज किया गया। इसके अलावा भोपाल, दतिया, खजुराहो, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया, बालाघाट, विदिशा, अशोकनगर, रायसेन, शाजापुर, आगर-मालवा, देवास, सीहोर और डिंडौरी सहित कई जिलों में कोहरे का असर देखा गया। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा। भोपाल में 9.8 डिग्री, ग्वालियर में 9.4 डिग्री, राजगढ़ में 3 डिग्री, पचमढ़ी में 7.2 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री और दमोह में 7.6 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। सतना में भी पारा 9.7 डिग्री तक गिर गया। विजिबिलिटी की बात करें तो सतना में यह 50 मीटर से कम रही, जबकि रीवा में 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। ग्वालियर और गुना में 200 से 500 मीटर तक दृश्यता रही। रायसेन, दमोह, नौगांव और सीधी में 500 से 1000 मीटर तक विजिबिलिटी रही। भोपाल, दतिया, खजुराहो और टीकमगढ़ में एक किलोमीटर से अधिक, जबकि नर्मदापुरम, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, सागर, उमरिया और बालाघाट में 2 से 4 किलोमीटर तक दृश्यता रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा और रात में ठंड बने रहने की संभावना जताई है। ठंड और कोहरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट।     1 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश का अलर्ट। चंबल-बुंदेलखंड कोहरे का अलर्ट मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि तापमान में बहुत राहत की संभावना नहीं है। कुछ इलाकों में हल्के बादल छाने से न्यूनतम तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। सुबह और देर रात के समय ठंड का असर ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, छतरपुर, निवाड़ी और मैहर जिलों में कहीं-कहीं घने कोहरे की चेतावनी है।   अगले 3 दिन बारिश का अलर्ट     31 जनवरी- ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, गुना, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।     01 फरवरी- नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, भोपाल, विदिशा, सागर, रायसेन, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है।     2 फरवरी- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, देवास, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  

ममता बनर्जी vs भाजपा — नया सर्वे संकेत दे रहा क्या? पश्चिम बंगाल का चुनावी रुझान

कलकत्ता इंडिया टुडे और सी वोटर के द्वारा कराए गए हालिया सर्वे मूड ऑफ द नेशन (MOTN) के अनुसार, अगर आज की तारीख में लोकसभा चुनाव होते हैं तो चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में फिर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपना 2024 का पुराना प्रदर्शन दोहरा सकती है और जीती हुई लगभग सभी सीटें बरकरार रख सकती है। यह दावा इंडिया टुडे–सी वोटर के ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) के ताजा सर्वे में किया गया है। 2024 के लोकसभा चुनावों में दीदी यामी ममता बनर्जी की पार्टी TMC ने पश्चिम बंगाल की कुल 42 में से 29 लोकसभा सीटें जीतकर 2019 के अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाया था, जबकि बीजेपी 12 सीटों के साथ काफी पीछे दूसरे स्थान पर रही थी। नवीनतम 2026 के MOTN सर्वे के मुताबिक, TMC 28 सीटें, जबकि BJP 14 सीटें जीत सकती है। यानी TMC की एक सीट कम हो सकती है, जबकि भाजपा को 2 सीटों का फायदा मिलने का अनुमान है। भाजपा के वोट शेयर में बढ़त हालांकि, सर्वे के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाले NDA का वोट शेयर 39% से बढ़कर 42% हो सकता है। यह करीब 3 फीसदी की बढ़त है, जो भाजपा के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। बावजूद इसके सर्वे यह भी साफ करता है कि भाजपा बंगाल में कोई बड़ा उलटफेर करती नहीं दिख रही और भद्रलोक पर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC की पकड़ अब भी मजबूत बनी हुई है। बंगाल में मुकाबला अब पूरी तरह द्विध्रुवीय सी वोटर के संस्थापक निदेशक यशवंत देशमुख के अनुसार, “पश्चिम बंगाल अब पूरी तरह TMC और BJP के बीच द्विध्रुवीय मुकाबले की ओर बढ़ रहा है। और हाल के दिनों में राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण काफी तेज हुआ है।” फरवरी 2024 में हुए सर्वे के मुताबिक, TMC 22 सीटें जीत रही थीं, जबकि भाजपा को 19 सीटें मिल रही थीं। इसके बाद उसी साल अगस्त 2024 में हुए सर्वे के मुताबिक, TMC को 32 सीटें और BJP को 8 सीटें, जबकि कांग्रेस को 2 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। अब ताजा सर्वे में तस्वीर कुछ बदली है, लेकिन सत्ता की धुरी अब भी ममता बनर्जी के इर्द-गिर्द ही घूमती दिख रही है। चुनाव से पहले बड़ा संकेत यह सर्वे ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो महीने बचे हैं। ऐसे में इसे जनता के मौजूदा राजनीतिक मूड का संकेत माना जा रहा है, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी नतीजे कई कारकों पर निर्भर करेंगे। ताजा सर्वे संकेत देता है कि तृणमूल कांग्रेस बंगाल में अब भी सबसे मजबूत ताकत है, वहीं भाजपा धीरे-धीरे अपना आधार बढ़ा रही है लेकिन सत्ता में बदलाव की संभावना फिलहाल कम दिखती है। अगर बंगला जानमानस का मूड ऐसा ही बना रहा तो इस राज्य में कमल फूल खिलाने और भगवा झंडा लहराने का भाजपा का सपना अधूरा रह सकता है।

जापान की राजधानी टोक्यो में शर्मनाक घटना, छेड़छाड़ के आरोप में 5 की गिरफ्तारी

टोक्यो टोक्यो मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट ने जेआर किनशिचो स्टेशन के पास महिलाओं का पीछा करने और उन्हें परेशान करने के आरोप में एक पाकिस्तानी नागरिक सलीम मलिक सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. यह ग्रुप स्टेशन के पास से गुजरने वाली महिलाओं को 3,000 येन (लगभग 23 डॉलर) प्रति घंटे की दर से कई तरह की 'सेवाओं' की पेशकश कर रहा था और उनके साथ अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहा था.  जांच के मुताबिक, अकेले इस स्टेशन से पिछले एक साल में छेड़छाड़ और जबरन बुलाने की 200 से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गई थीं. पुलिस ने बताया कि ये लोग बार-बार महिलाओं के पास जाकर उन्हें लुभाने और परेशान करने की कोशिश करते थे.  कई महिलाओं ने शिकायत की थी कि इन दलालों (Touts) द्वारा उनका पीछा किया जाता है और आक्रामक तरीके से उनसे संपर्क किया जाता है. अधिकारियों ने जनता को चेतावनी जारी करते हुए ऐसे संदिग्ध व्यक्तियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत न करने या उनके पीछे न जाने की सलाह दी है. 200 से ज्यादा शिकायतों के बाद एक्शन टोक्यो के व्यस्त किनशिचो स्टेशन के आसपास का इलाका महिलाओं के लिए असुरक्षित होता जा रहा था. पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले साल भर में महिलाओं ने 200 से ज्यादा बार शिकायत की कि उन्हें यहां लगातार परेशान किया जा रहा है. इसी को देखते हुए पुलिस ने एक स्पेशल कैंपेन चलाया, जिसमें इस ग्रुप को महिलाओं को आपत्तिजनक प्रस्ताव देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. पाकिस्तानी नागरिक सहित 5 दलाल धरे गए गिरफ्तार किए गए लोगों में एक पाकिस्तानी मूल का शख्स भी शामिल है, जो अन्य लोगों के साथ मिलकर इस अवैध गतिविधि को अंजाम दे रहा था. ये लोग महिलाओं को प्रति घंटे के हिसाब से पैसे का लालच देकर 'असली सेक्स' और अन्य अश्लील सेवाओं के लिए उकसाते थे. पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी इलाके में महिलाओं को आक्रामक (जबरन बुलाने) से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. पब्लिक सिक्योरिटी के लिए पुलिस की चेतावनी… टोक्यो पुलिस ने इस गिरफ्तारी के बाद एक सार्वजनिक सलाह जारी की है. पुलिस ने साफ कहा है कि रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात ऐसे दलालों से दूरी बनाकर रखें. किसी भी परिस्थिति में उनके द्वारा दिए गए ऑफर्स को स्वीकार न करें और न ही उनके साथ कहीं जाएं. प्रशासन अब स्टेशन के आसपास सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से लगाम लगाई जा सके.

माघ पूर्णिमा 2026: कब है पावन तिथि? स्नान-दान के शुभ योग जानें

 नई दिल्ली Magh Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण और विशेष कहलाती है. शास्त्रों की मानें तो, पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्रदेवता माने जाते हैं. इस दिन सूर्य और चंद्रमा आमने-सामने की स्थिति में होते हैं, जिससे चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में दिखाई देता है और समसप्तक राजयोग बनता है. इसी कारण पूर्णिमा के दिन चंद्र देव के दर्शन का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस समय वातावरण और जल तत्व में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसका लाभ पवित्र नदियों या सरोवरों में स्नान करने से मिलता है. यदि किसी कारणवश नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल या किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है. शास्त्रों में बताया गया है कि माघ पूर्णिमा पर स्नान, दान, ध्यान, जप और तप करने से कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है. माघ पूर्णिमा 2026 तिथि और स्नान-दान मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी 2026, रविवार की सुबह 5 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर 2 फरवरी 2026, सोमवार को सुबह 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को ही मनाई जाएगी. स्नान-दान का मुहूर्त- शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त होता है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. हालांकि, इसके बाद भी स्नान किया जा सकता है लेकिन, ब्रह्म मुहूर्त के बाद के स्नान को राक्षस स्नान कहा जाता है. शुभ योग और पूजा विधि  इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग और रवि पुष्य योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं. रवि पुष्य योग सुबह 7 बजकर 11 मिनट से रात 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, जिसे बेहद शुभ माना गया है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, संकल्प लें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें. 'ऊं नमो नारायण' मंत्र का जप करें और सूर्य भगवान की विधिपूर्वक पूजा करें. जल में काले तिल डालकर पितरों के लिए तर्पण करना भी शुभ माना जाता है. माघ पूर्णिमा पर देवताओं का आगमन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन देवता पृथ्वी लोक पर विचरण करने आते हैं. इस दिन गंगा स्नान और दान करने से देवगण प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल प्रदान करते हैं. विशेष रूप से प्रयागराज में संगम स्नान को अत्यंत फलदायी माना गया है. पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन का महत्व माघ पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस दिन फल-जल पर उपवास रखने का विधान है. यदि पूर्ण उपवास संभव न हो, तो एक समय सात्विक भोजन किया जा सकता है. चंद्रोदय के बाद चंद्र देव को जल अर्पित करना भी शुभ फल देता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, माघ माह में श्रीहरि विष्णु गंगा नदी में वास करते हैं, इसलिए गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है. ग्रह शांति और संतान सुख के उपाय जो लोग ग्रह दोष या गृह शांति चाहते हैं, वे माघ पूर्णिमा के दिन संबंधित ग्रहों के अनुसार दान करके शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं. वहीं, संतान सुख की कामना रखने वाले दंपती इस दिन विशेष दान, हवन और मंत्र जप कर लाभ पा सकते हैं.