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कुसमुंडा-जटगा रेल लाइन पर चोरी, प्लेट और हैवी मशीनरी समेत 2 करोड़ का माल ले गए चोर

कोरबा   छत्तीसगढ़ में कबाड़ के अवैध कारोबार से जुड़े गिरोह लगातार सक्रिय होते जा रहे हैं। कोरबा जिले में पहले ब्रिज से भारी मात्रा में लोहा चोरी होने के बाद अब चोरों ने कुसमुंडा–जटगा के बीच निर्माणाधीन रेल लाइन को निशाना बनाया है। चोर रेलवे पटरी काटकर ले गए हैं और भारी मशीनरी को नुकसान पहुंचाते हुए करीब दो करोड़ रुपये के लोहे पर हाथ साफ कर दिया है। जानकारी के अनुसार गेवरा–पेंड्रा नई रेल लाइन परियोजना के तहत उरगा से पेंड्रा तक करीब 140 किलोमीटर में पटरी बिछाने का कार्य चल रहा है। इसी दौरान कुसमुंडा से कुचेना जटगा के बीच लगभग 60 से 65 किलोमीटर के क्षेत्र में रेल पटरी, लोहे की प्लेटें और अन्य सामग्री गायब पाई गई। बताया जा रहा है कि चोरी की घटनाओं को अलग-अलग दिनों में अंजाम दिया गया। इससे पहले भी कोरबा जिले में ब्रिज से करीब 30 टन लोहे की चोरी की जा चुकी है, जिससे कबाड़ माफिया के संगठित नेटवर्क की आशंका और गहराती जा रही है। ताजा मामले में चोरों ने निर्माण स्थल पर खड़ी एक हाइड्रा मशीन के शीशे भी तोड़ दिए, जिससे मशीनरी को नुकसान हुआ है। रेल लाइन बिछाने का कार्य कर रही शिवाकृति प्राइवेट कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर एस. कुमार जांगिड़ ने बताया कि बांकी मोंगरा और कटघोरा थाना क्षेत्र में चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये है। लगातार हो रही चोरी के बाद पूरे क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है और संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि शिवाकृति प्राइवेट कंपनी द्वारा उरगा से पेंड्रा तक रेल लाइन निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इससे पहले उरगा इलाके में भी चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हाल ही में कुसमुंडा से लगभग 65 किलोमीटर दूर रेल लाइन निर्माण सामग्री चोरी होने की शिकायत मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थलों का निरीक्षण किया जा रहा है। लगातार हो रही इस तरह की वारदातों से न केवल करोड़ों की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हो रहा है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब संगठित कबाड़ गिरोह की तलाश में जुटी हुई है।

ऑरेंज अलर्ट जारी: पंजाब में ठंड और धुंध, कल से बारिश के आसार,फरीदकोट का तापमान 3 डिग्री रहा

चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में आज शुक्रवार को धुंध और शीत लहर को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हालांकि, 31 तारीख से मौसम में बदलाव आने की संभावना है और एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है. इस समय सुबह और शाम को भले ही ठंड महसूस हो रही है, लेकिन दिन के दौरान तापमान में वृद्धि दर्ज की गई है. दिन के समय पिछले कुछ दिनों से धूप निकल रही है जिसके कारण लोगों को ठंड से कुछ राहत महसूस होती है. अधिकतम तापमान में 1.4 डिग्री की वृद्धि हुई है और अब यह सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है. सबसे कम तापमान फरीदकोट में 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. 9 जिलों में शीत लहर का अलर्ट आज अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर और मलेरकोटला में कहीं-कहीं शीत लहर चलने की संभावना है. वहीं फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में कहीं-कहीं घना कोहरा पड़ने के आसार हैं. इसके अलावा पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में भी घने कोहरे की संभावना है. मौसम सूखा रहने की उम्मीद जताई गई है. आगे फिर बदल सकता है मौसम जम्मू और आसपास के इलाकों में इस समय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय है. यह हवा में एक चक्र की तरह बना हुआ है, जो जमीन से काफी ऊंचाई पर मौजूद है. ऊपरी हवाओं में भी इसका असर बना हुआ है, जिसके कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. फिलहाल यह सिस्टम कायम रहेगा. इसके अलावा 30 जनवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत में एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने की संभावना है, जिससे आगे मौसम फिर बदल सकता है. 31 से शुरू होगा बारिश का दौर मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरिंदर पाल ने बताया कि राज्य में 1 फरवरी को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. इसके साथ ही 31 जनवरी और 2 और 3 फरवरी को भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आएगा. इसके बाद न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि की संभावना जताई गई है. आने वाले दिनों में मौसम ऐसा रहेगा 31 जनवरी: पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 1 फरवरी: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और एसएएस नगर (मोहाली) में कहीं-कहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. इसके अलावा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं. 2 फरवरी: पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, रूपनगर और एसएएस नगर (मोहाली) में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है.

जगदलपुर सबसे गर्म, अंबिकापुर में 11.9°C, रायपुर-पेंड्रा-मैनपाट में कोहरे से प्रभावित जिले

 रायपुर छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के समय हल्की धुंध और सुबह-शाम ठंड का असर देखा जा रहा है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान बस्तर संभाग के जगदलपुर में 31.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। इसके बाद आने वाले तीन दिनों में तापमान में फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम में इस उतार-चढ़ाव के चलते सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम रह सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। रायपुर और मैनपाट में सुबह से धुंध है, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा। पेंड्रा में घना कोहरा छाया हुआ है। अमरकंटक में हल्की बूंदाबांदी हो रही है। रास्तों में कोहरा छाने से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है। अमरकंटक में तापमान 9 डिग्री और पेंड्रा में 16.0 डिग्री न्यूनतम तापमान है। रायपुर में ऐसा रहा मौसम रायपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के समय भी शहर में हल्की धुंध छाई रही। मौसम विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार को भी रायपुर में सुबह के समय धुंध का असर बना रह सकता है, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहेगा। वहीं मौसम विज्ञानी के मुताबिक आने वाले 3 से 4 दिनों प्रदेश में फिलहाल सर्दी और हल्की गर्मी का मिला-जुला असर बना रहेगा और मौसम शुष्क ही रहने की उम्मीद है। सरगुजा संभाग में छाया घना कोहरा सरगुजा संभाग में शुक्रवार को भी घना कोहरा छाया रहा, जिससे सुबह के समय दृश्यता बेहद कम होकर 10 से 20 मीटर के बीच सिमट गई। घने कोहरे के कारण सड़क पर वाहनों की रफ्तार धीमी है। मौसम विभाग ने लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी कोहरे के असर के बने रहने की संभावना जताई है। लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

राजकोष में बढ़ोतरी, जीएसटी में कमी: मध्य प्रदेश की वित्तीय तस्वीर

भोपाल मध्य प्रदेश के बजट का बड़ा आधार केंद्रीय करों में हिस्सा और राज्य के स्वयं के करों से आय होती है। केंद्रीय करों में भी जीएसटी बड़ा माध्यम है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 26,000 करोड़ रुपये जीएसटी मिला था, जबकि इस बार दिसंबर तक 25,250 करोड़ रुपये मिला है। इसमें तीन प्रतिशत की कमी है। वहीं, राज्य के करों की बात करें तो इसने राजकोष भरने का काम किया है। वैल्यू एडेड टैक्स (वैट), आबकारी, पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क के माध्यम से सरकार को 32,660 करोड़ रुपये मिले हैं, जो पिछले वर्ष इस अवधि में प्राप्त राजस्व से अधिक है। प्रदेश को केंद्रीय करों के हिस्से में एक लाख 11 हजार करोड़ और राज्य के करों से एक लाख नौ हजार करोड़ रुपये 31 मार्च, 2026 तक प्राप्त होने का अनुमान बजट में लगाया गया था। तीसरी तिमाही में देखें तो जीएसटी को छोड़कर राजस्व संग्रहण की स्थिति ठीक चल रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी जीएसटी में तीन प्रतिशत की कमी है। एक फरवरी को पेश होगा बजट एक फरवरी को आम बजट प्रस्तुत होना है, इसमें साफ हो जाएगा कि जीएसटी की दरों में संशोधन का कितना असर राजस्व संग्रहण पर पड़ा है। भारत सरकार 2026-27 के बजट के साथ-साथ 2025-26 का पुनरीक्षित अनुमान भी प्रस्तुत करेगी। इससे स्पष्ट होगा कि प्रदेश को केंद्रीय करों के हिस्से में कितनी राशि इस वित्तीय वर्ष की समाप्ति में प्राप्त होगी। वहीं, अगले वित्तीय वर्ष में क्या स्थिति बनेगी। प्रदेश का अनुमान है कि इस वर्ष पांच हजार करोड़ रुपये तक जीएसटी का नुकसान हो सकता है। हालांकि, संतोष की बात यह है कि राज्य के टैक्स का संग्रहण लक्ष्य से अधिक चल रहा है। पेट्रोल, डीजल आदि से प्राप्त होने वाला वैट 14 हजार करोड़ रुपये दिसंबर तक प्राप्त हुआ है, जो गत वर्ष इसी अवधि में 13,500 करोड़ रुपये था। इसी तरह आबकारी से आय में 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इससे अभी तक 10,500 करोड़ रुपये खजाने में आए हैं। पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क में 8,660 करोड़ रुपये मिले हैं, इसी मद में पिछले वर्ष 7,750 करोड़ रुपये मिले थे। करों में वृद्धि के आसार नहीं जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों के पास कर लगाने के अवसर सीमित हो गए हैं। सरकार बिजली से लेकर जितने भी माध्यमों से टैक्स ले सकती है, वह लगाए जा चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि सरकार कर में वृद्धि के स्थान पर संग्रहण की व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर जोर देगी।

जहां मर्द भी गांव छोड़ते थे, अब सुरक्षा बलों की कार्रवाई से हुई बदलाव

जमुई  बिहार के जमुई जिला का वो इलाका जिसे नक्सल समस्या के कारण लाल गलियारा की संज्ञा दी जाती थी. जिस इलाके से सटे जंगल में मुंगेर के तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू विस्फोट में शहीद हो गए थे. जिस इलाके के मर्द नक्सली खौफ के कारण दूसरे जगहों पर पलायन कर जाते थे. वहां अब सूरत बदलने लगी है. सीआरपीएफ के कैम्प आने के बाद तीन नक्सलियों के सरेंडर से लाल गलियारा में चहल पहल बढ़ गई. पलायन किए लोग गांव लौट आए हैं अब इंतजार है विकास का. सुरक्षा के बाद अब यहां बात होने लगी है बिजली, सड़क, शिक्षा और संचार सुविधा की. जमुई जिले के बरहट इलाके का चौरमारा गांव जो जंगलों और पहाड़ों से घिरा है. जहां दशकों से नक्सलियों का बोलबाला था. लाल गलियारे कहे जाने वाले इसी जंगली इलाके की सड़क पर नक्सलियों द्वारा किए गए एक विस्फोट में मुंगेर के तत्कालीन एसपी केसी सुरेंद्र बाबू शहीद हो गए थे. अब वहां नक्सल समस्या खत्म हो चली है, चौरमारा वाले इस इलाके में अब विकास की बात की जा रही है. नक्सलियों के खौफ के कारण जो लोग पलायन कर गए थे वह गांव लौट आए हैं. चौरमारा गांव के नागेश्वर कोड़ा की कहानी भी ऐसी ही है. नक्सलियों के डर और खौफ के कारण नागेश्वर गांव छोड़कर दूसरे महानगर में चले गए थे, जबकि उनकी पत्नी संगीता देवी गांव में ही रही. लोगों को बुरी तरह पीटते थे नक्सली  संगीता देवी का सामना कई बार नक्सलियों के दस्ते से हुआ, जो गांव में अक्सर आकर अत्याचार करते थे. नक्सली खौफ के खात्मे के बाद यह दंपति उन घटनाओं को याद कर अभी भी सहम जाते हैं. संगीता बताती हैं कि कई बार हमारे सामने ही नक्सली लोगों को मारते-पीटते थे. जबरन साथ में बंधक बनाकर ले जाते और अपना काम कराते थे. मना करने पर लोगों को पीट-पीटकर घायल कर देते थे. उनके पति नागेश्वर बताते हैं कि मारपीट और अत्याचार की घटनाओं से डरकर उन्हें गांव छोड़ना पड़ गया था. कई लोगों ने छोड़ दिया था गांव  सिर्फ नागेश्वर कोड़ा ही नहीं गांव के अधिकांश मर्द जान जाने के डर और नक्सलियों की पिटाई के खौफ के कारण गांव से पलायन कर गए थे, अब वापस आ चुके हैं. यह सब संभव हुआ जब गांव में सरकार ने सीआरपीएफ कैंप लगा दी. पैरा मिलिट्री फोर्सेज की तैनाती के बाद इस इलाके में नक्सलियों का खौफ तब और खत्म हो गया जब यहां के हार्डकोर तीन नक्सली कमांडर ने सरेंडर कर दिया. सुरक्षा के बाद अब यहां के लोग विकास मांग रहे हैं, गांव में अभी तक बिजली नहीं, संचार की कोई सुविधा नहीं, गांव जाने वाली सड़क कच्ची है. हालांकि कई दशक के बाद यहां के लोग पहली बार अपना वोट गांव में डालें, सरकारी अनाज अब गांव तक पहुंचने लगा, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य की बेहतरी की मांग हो रही है. जंगल में बसे चोरमारा की आबादी लगभग 4 हजार है. नक्सली खौफ के खात्मे के बाद विकास की मांग पर सरकार और जिला प्रशासन की गंभीर है. जिले के डीएम का कहना है कि बिजली संचार सड़क शिक्षा जैसी चीजों पर काम हो रही है आने वाले दिनों में जल्द ही बेहतर परिणाम देखे जाएंगे.

मध्य प्रदेश से हज यात्रा आसान, अप्रैल में मुंबई-मदीना पहली उड़ान का आगाज़

इंदौर  हज यात्रियों के लिए इंतजार की घड़ियां अब खत्म हो चुकी हैं। भारतीय हज कमेटी ने वर्ष 2026 की हज यात्रा का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के हज यात्रियों, खासकर भोपाल सहित पूरे प्रदेश से जाने वाले यात्रियों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। 18 अप्रैल को मुंबई से मदीना के लिए उड़ान भरेगी पहली फ्लाइट बता दें कि इस साल हज यात्रा का आगाज 18 अप्रैल से होगा, जब मुंबई से मदीना के लिए पहली फ्लाइट रवाना होगी। इस वर्ष मध्यप्रदेशसे करीब साढ़े सात हजार हज यात्री पवित्र यात्रा पर रवाना होंगे। इनमें से लगभग 90 फीसदी यात्रियों का इम्बार्केशन मुंबई के जरिए होगा। हज कमेटी के मुताबिक यात्रा को दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में 18 अप्रैल से 4 मई तक मदीना के लिए उड़ानें संचालित की जाएंगी। वहीं दूसरे चरण में 5 मई से 19 मई के बीच हज यात्री जेद्दा पहुंचेंगे। हुआ ये अहम बदलाव भोपाल के हज यात्रियों के लिए इस बार (Haj 2026) एक अहम बदलाव देखने को मिलेगा। पहले जहां भोपाल इम्बार्केशन प्वाइंट के जरिए भी हज यात्रियों की उड़ानें होती थीं, अब वह सुविधा समाप्त कर दी गई है। इसके बाद मध्यप्रदेश से हज की सीधी फ्लाइट केवल इंदौर एयरपोर्ट से ही संचालित की जाएगी। इसका असर भोपाल और आसपास के जिलों से जाने वाले हज यात्रियों पर भी पड़ेगा, जिन्हें अब इंदौर तक यात्रा करनी होगी। भोपाल के हज यात्रियों को झटका यहां से बंद हुई सुविधा भोपाल के हज प्रशिक्षकों और हज कमेटी से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्रियों को इस बदलाव (Haj 2026) की जानकारी पहले ही दी जा रही है, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। भोपाल में हज हाउस में प्रशिक्षण शिविरों की तैयारी भी शुरू कर दी गई है, जहां यात्रियों को हज के अरकान, स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों और यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी। कुल मिलाकर कहना होगा कि Haj 2026 को लेकर मध्यप्रदेश , खासकर भोपाल के हज यात्रियों में उत्साह नजर आ रहा है, वहीं इंदौर को एकमात्र इम्बार्केशन प्वाइंट बनाए जाने से यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है।

गंगा जल छिड़ककर रानी बेगम ने लिया हिंदू धर्म, बोली- अब महसूस हो रहा पुनर्जन्म

छतरपुर  छतरपुर में वार्ड क्रमांक 11 की पूर्व पार्षद रानी बेगम ने साधु-संतों की मौजूदगी में विधि-विधान से पुनः हिंदू धर्म अपनाते हुए घर वापसी की। इस अवसर पर हनुमान जी को साक्षी मानकर हवन-पूजन किया गया और गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण संपन्न कराया गया। घर वापसी के बाद उन्होंने अपना मूल नाम शीला यादव पुनः धारण किया। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया शीला यादव मूल रूप से छतरपुर जिले के ग्राम कुर्रा, थाना ईसानगर की निवासी हैं। जो वर्तमान वार्ड नंबर 12 मैं रह रही है उन्होंने बताया कि उनका बचपन का नाम शीला यादव था और उनके पिता का नाम चिंटोले यादव है। वर्ष 1995 में साबिर काजी के साथ निकाह कर इस्लाम धर्म अपनाया और करीब 21 वर्षों तक वैवाहिक जीवन व्यतीत किया। हालांकि, वहां की परंपराओं और जीवनशैली को स्वीकार न कर पाने के कारण वर्ष 2018 में उन्होंने तलाक लेकर हिंदू धर्म पुनः अपना लिया था, लेकिन धार्मिक विधि से घर वापसी नहीं हो सकी थी।  शीला यादव का कहना है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा घर वापसी और हिंदू राष्ट्र को लेकर चलाए जा रहे अभियान से वे प्रेरित हुईं। उन्होंने कहा कि भारतीय और हिंदू होने के नाते हिंदू धर्म ही उनकी आत्मा से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन को लेकर समाचार पत्रों में इश्तिहार प्रकाशित कराया, आधार कार्ड में नाम अपडेट कराया, लेकिन प्रशासनिक दस्तावेजों में रानी बेगम से शीला यादव नाम दर्ज कराने के लिए वे पिछले एक वर्ष से कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। छतरपुर के साधू संतो औऱ सनातन धर्म सेवा समिति से संपर्क किया जहां एआज गुरुवार को अनगढ़ टोरिया में साधु-संतों की उपस्थिति में विधिवत घर वापसी कराई गई शीला यादव बोलीं, जैसे पुनर्जन्म  हुआ हो.. शीला यादव ने कहा कि मैंने यादव कुल में जन्म लिया था और मैं यादव परिवार में पली बढ़ी। वो याद करते हुए कहती हैं कि  मैने शादी के बाद इस्लाम कुबूल किया और 20-25 साल तक मैं साबिर काजी के साथ मुस्लिम रीतिरिवाज के साथ रही, लेकिन ये रास नहीं आ रहा था, घुटन महसूस हो रही थी।  अब से मैं अपने धर्म और समाज में जीना मरना चाहती हूँ। रानी बताती हैं कि इन बीच रानी बेगम बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ा और पार्षद रही, लोगों की जनसेवा की, पर जो सुकून अपने धर्म में था और है वो कहीं नहीं हैं मैं मजबूरी में घुट-घुट कर जीती रही।   

भाजपा संगठन में फेरबदल, 13 जिलों के लिए युवा अध्यक्षों की नई तैनाती

रायपुर  छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन में बड़े स्तर पर नियुक्तियों का दौर जारी है। इसी कड़ी में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के 13 जिलों के जिलाध्यक्षों की सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है। लंबे समय से इस सूची का इंतजार किया जा रहा था, जो अब जाकर समाप्त हुआ है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद संगठनात्मक मजबूती की दिशा में यह एक अहम कदम माना जा रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्तियां संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय व मजबूत बनाने के उद्देश्य से की गई हैं। प्रदेश नेतृत्व की अनुशंसा पर हुआ फैसला छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव की अनुशंसा पर यह नियुक्तियां फाइनल की गई हैं। पार्टी ने न केवल भाजयुमो बल्कि विभिन्न मोर्चों में भी संगठन विस्तार को गति दी है। सोशल मीडिया के जरिए जारी हुई सूची भाजपा की ओर से इन सभी नियुक्तियों की सूची आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई है। सूची जारी होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी का मानना है कि नए युवा चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने से आने वाले समय में संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और आगामी चुनावों की तैयारियों को मजबूती मिलेगी।

CM साय का बड़ा कदम: राज्य में बिजली की कटौती रोकने के लिए अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।  

टोल प्लाजा के पास भीषण एक्सीडेंट, परीक्षा देने जा रहे छात्र सहित 4 की जान गई

ग्वालियर  ग्वालियर के महाराजपुरा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कोहरे के कारण ट्रक और कार की भिड़ंत हो गई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिए गए हैं। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ कार एमपी 07 जेडएफ 5193 और ट्रक एमपी 07 2801 में टक्कर हुई। जिसमें चार लोगों की मौत हो गई। हादसा धुंध और ट्रक की अत्यधिक गति के कारण हुआ है। सुबह करीब 9 बजे हादसा महाराजपुरा इलाके में बरेठा टोल प्लाजा के पास हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी यशवंत गोयल फोर्स के साथ पहुंचे। क्रेन से ट्रक और कार को अलग करवाया। इसके बाद शवों को बाहर निकाला जा सका। ट्रक ग्वालियर की ओर से आ रहा था, जबकि कार भिंड से आ रही थी। मृतकों में यह शामिल, तीन की पहचान, एक अज्ञात ज्योति यादव पत्नी हरि सिंह यादव यादव मोहल्ला गोरमी राहुल शर्मा पुत्र किशन दत्त शर्मा ग्राम मोरोली थाना मेहगांव राजू प्रजापति निवासी भिंड परीक्षा देने आ रहा था राहुल राहुल बीएससी कृषि का छात्र था। वह गालियां स्थित कृषि महाविद्यालय का छात्र था। शुक्रवार को परीक्षा देने आ रहा था। इसी दौरान हादसे में मौत हो गई।