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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ के बाबा भैरवनाथ लोक और 17.13 करोड़ लागत के विकास कार्यों का किया लोकार्पण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नेa कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार विरासत का संरक्षण करते हुए धार्मिक पर्यटन में नए आयाम स्थापित कर रही है। उज्जैन में बाबा महाकाल के महालोक, मंदसौर में भगवान श्रीपशुपतिनाथ लोक, ओरछा में राजा श्रीराम लोक और चित्रकूट धाम सहित 13 भव्य लोक आकार ले रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के रीवांचल की पवित्रता ऐसी है कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या छोड़ने के बाद अपने जीवन के महत्वपूर्ण 11 वर्ष से अधिक का समय चित्रकूट में बिताया। चित्रकूट धाम को भव्य और दिव्य रूप प्रदान करना मध्यप्रदेश सरकार का संकल्प है। यहां तीन हजार करोड़ की लागत के विकास कार्य होंगे और आगे भी समुचित राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के रोजगार के लिए गुढ़ क्षेत्र में 100 एकड़ का नया औद्योगिक क्षेत्र बनाने की महत्वपूर्ण घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को रीवा जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के बाबा भैरवनाथ मंदिर परिसर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गुढ़ क्षेत्रवासियों को मिलीं सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा भैरवनाथ मंदिर के नए भवन सहित 17 करोड़ 13 लाख लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि भगवान भैरवनाथ मंदिर प्रांगण में विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी। मंदिर प्रांगण में पुलिस चौकी और भैरवनाथ सरोवर का निर्माण भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ में तीर्थयात्रियों के लिए विश्राम गृह और नई गौशाला बनाए जाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को 2 करोड़ रूपये के हितलाभ वितरित किये। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजनांतर्गत डेयरी शुरू करने के लिए आवश्यक राशि के चेक हितग्राही को सौंपे गये और मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यकाल में बढ़ रही मंदिरों की भव्यता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बाहरी आक्रांताओं ने 1000 साल पहले गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया था। आजादी के बाद तत्कालीन केन्द्रीय गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका जीर्णोद्धार कराया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में सोमनाथ मंदिर की प्रतिष्ठा और भव्यता में वृद्धि हो रही है। अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण हो चुका है। गरीब, किसान, युवा और महिलाओं का कल्याण सर्वोपरि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने माता-बहनों के कल्याण के लिए अनेक निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री लाड़ली बहन योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपए की गई है। बहनों के हाथ में जब धन आता है तो वह मायके और ससुराल दोनों की चिंता करती हैं। वर्तमान में राज्य और केंद्र सरकार के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहन राशि के रूप में 12 हजार रुपए सालभर में मिल रहे हैं। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेशभर में आधुनिक और भव्य सांदीपनि विद्यालय खोले गए हैं। प्रदेश का हर-घर अब सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन की ओर बढ़ रहा है। विंध्य क्षेत्र के लिए वरदान बनी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव उप-मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संकल्प के बल पर रीवा जैसे स्थान पर भी रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित हुई। अब देशभर के निवेशक अपने उद्योग लगाने के लिए विंध्य की धरती पर आ रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। रीवा जिले के संजय गांधी अस्पताल में 322 करोड़ की लागत से नई कैंसर यूनिट खोली जा रही है। क्षेत्रीय सांसद श्री जर्नादन मिश्र ने कहा कि राज्य सरकार भैरव बाबा की कृपा से प्रदेश से गरीबी, बेरोजगारी खत्म कर रही है। राज्य के अनेक जिलों को सिंचाई परियोजनाओं के साथ औद्योगिक क्षेत्र की सौगात मिल रही है। विकास की यह रफ्तार आगे भी जारी रहेगी। गुढ़ मंदिर में स्थापित है भगवान भैरवनाथ की अद्भुत प्रतिमा स्थानीय विधायक श्री नागेंद्र सिंह ने कहा कि गुढ़ के मंदिर में विराजमान भगवान भैरवनाथ की यह प्रतिमा अद्भुत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विशेष सहयोग और मार्गदर्शन से भैरवनाथ मंदिर परिसर में विकास कार्यों को मूर्त रूप देना संभव हो पाया है। कार्यक्रम में विधायक पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम, विधायक श्री सिद्धार्थ तिवारी, विधायक इंजीनियर नरेंद्र प्रजापति सहित जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने पौधे रोपित कर दिया पर्यावरण-संरक्षण का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत गुढ़ के समीप ग्राम खामडीह में मध्यप्रदेश शासन की एलएडी योजनांतर्गत भैरव बाबा मंदिर के जीर्णोद्धार एवं सामुदायिक भवन निर्माण कार्य पूर्ण होने पर भैरवनाथ लोक परिसर का भव्य लोकार्पण किया गया। इसकी कुल लागत 2 करोड़ 19 लाख है। मुख्यमंत्री ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भैरव बाबा का विधिवत पूजन-अर्चन एवं हवन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में ध्वज का आरोहण कर धार्मिक आस्था को नई ऊँचाई दी। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर परिसर में त्रिवेणी बरगद, पीपल एवं नीम के पौधे रोपे और धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मंदिर परिसर पहुंचने पर मुख्यमंत्री का लक्ष्मी स्वरूपा नारियों ने मंगल कलश और पुष्पवर्षा से स्वागत किया। इस अवसर पर 51 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार कर वातावरण को गरिमा और धर्ममय बनाया।  

महंगा सोना-चांदी बना मुसीबत, जेवर छुड़ाने ग्राहकों की भीड़ सालों बाद व्यापारियों के पास

देवास  सोने-चांदी के दामों में जारी उठापटक से सराफा व्यापारी वर्ग पशोपेश में हैं. शुक्रवार को चांदी-सोने के दामों में हुई भारी गिरावट ने कारोबारियों में चिंता बढ़ा दी है. इस अस्थिरता से सर्राफा एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों को समझ नहीं आ रहा है कि वे दुकानों को खोलकर जेवर को बेचकर व्यापार करें या फिर दुकानों को बंद कर रेट के स्थिर होने का इंतजार करें. शुक्रवार को देवास में सराफा कारोबारियों ने अपनी दुकानों के बाहर एकत्रित होकर प्रदर्शन कर नाराजगी जताई है. सोने-चांदी अस्थिरता से कारोबारी परेशान सोने-चांदी के रेट में बेतहाशा वृद्धि ने आभूषणों की खरीद और बिक्री पर रोक लगा दिया है. ज्वेलरी की दुकानों पर सन्नाटा पसर गया है. कारोबारी और कारीगरों की चिंता बढ़ा दी है. रोज बढ़-घट रहे भाव के चलते ग्राहकों ने खरीदारी से दूरी बना ली है. शादी का सीजन शुरू होने वाला है, ऐसे बढ़ घट रहे सोने-चांदी के दामों से शादी वाले घरों के लोगों को चिंता बढ़ रही है. शुक्रवार को सोने-चांदी के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है. इससे कुछ ग्राहकों ने जहां राहत की सांस ली, वहीं सराफा कारोबारियों की परेशानी बढ़ गई हैं. मिल रही धमकियों से डरे सराफा कारोबारी देवास में सराफा व्यापारियों के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन नंबर (181) पर कॉल कर लोग शिकायत दर्ज करवा रहे हैं. इससे परेशान होकर सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा है. साथ ही सालों बाद गिरवी जेवर वापस लेने आए लोगों से मिल रही धमकियों की शिकायत पुलिस से की है. सराफा व्यापारी दिलीप चौधरी का कहना है कि "कई लोग 5 से 10 साल पुराने गिरवी रखे सोना चांदी के मामलों को लेकर अब लोग शिकायत कर रहे हैं. इन शिकायतों पर बिना पूरी जांच के पुलिस व्यापारियों को थाने बुला रही है, जिससे उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है और कामकाज भी प्रभावित हो रहा है." सालों बाद गिरवी जेवर छुड़ाने पहुंच रहे लोग व्यापारियों ने बताया कि जेवर गिरवी रखने के समय एक ग्राहक आता है, अब बाद में कई ग्राहक एक साथ आ रहे है. ग्राहकों को नियम, समय-सीमा और भुगतान की पूरी जानकारी दी जाती है. अगर तय समय पर पैसे नहीं चुकाए जाते, तो नियमों के अनुसार गिरवी सामान का निपटारा कर दिया जाता है. इसके बावजूद सालों बाद ग्राहक शिकायत कर रहा है, जो कि गलत है. एसोसिएशन ने मांग की है कि ऐसे मामलों को आपसी लेन-देन का मामला मानकर पुलिस दबाव न बनाया. साथ ही सराफा व्यापारियों ने सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त भी बढ़ाने की मांग की है. सराफा कारोबारियों ने मांगी पुलिस सुरक्षा एडिशनल एसपी जयवीर सिंह भदौरिया ने कहा, "सराफा व्यापारियों ने अनावश्यक परेशान किए जाने को लेकर ज्ञापन दिया है. साथ ही उन्होंने सुरक्षा की मांग की है. ज्ञापन में उनका कहना है कि 5-6 साल पहले सोने-चांदी के जेवर गिरवी रख गए ग्राहक अब आ रहे हैं और हम पर बेमतलब जेवर वापस करने का दबाव बना रहे हैं. तय समय में ब्याज और मूलधन वापस नहीं करने आए थे. सभी गायब हो गए थे. जब से जेवर के दामों उछाल आई है, लोग जेवर वापस लेने आ रहे हैं. हम सराफा व्यापारियों को धमकियां मिल रही है. हमारी प्रशासन से मांग है कि किसी सराफा कारोबारी पर बेवजह कार्रवाई न की जाए."

धनबाद में बाउंड्री वॉल विवाद में वकीलों के बाद अब स्वास्थ्य कर्मी भी धरने पर बैठे

धनबाद. सदर अस्पताल परिसर स्थित पंचकर्म भवन के समीप बाउंड्री वॉल खड़ी करने के मामले ने शनिवार को वकील और स्वास्थ्यकर्मी आमने-सामने हो गए। तीन दिन धनबाद सिविल कोर्ट ठप है। बाउंड्री वॉल तोड़ने की मांग को लेकर एक ओर वकीलों का अनिश्चित कालीन पेन डाउन हड़ताल जारी है। इसे लेकर वकील बार एसोसिएशन परिसर में तीन दिन से धरना दे रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी भी विरोध में उतर गए। दोनों ओर से भारी जुटान हो गया। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर कर्मी, सहिया आदि विरोध पर उतर गए। सदर अस्पताल का ओपीडी पूरी तरीके से थक कर दिया गया। बिना इलाज के ही मरीज लौटने लगे। विरोध के कारण अस्पताल की ओपीडी से लेकर अन्य सभी नियमित सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से ही अस्पताल परिसर में कामकाज ठप नजर आया चिकित्सकों और कर्मचारियों ने अपने-अपने विभागों में काम बंद कर दिया और एकजुट होकर पंचकर्म भवन के समीप धरना पर बैठ गए। धरना स्थल पर जिले भर से आए स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल हुए, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला। आंदोलन कारियों का कहना है कि पंचकर्म भवन के पास दीवार निर्माण का विरोध केवल एक निर्माण कार्य का मुद्दा नहीं, बल्कि अस्पताल की सुरक्षा, निजता और कार्यस्थल की गरिमा से जुड़ा मामला है । सिविल सर्जन, अस्पताल के उपाधीक्षक समिति अन्य पदाधिकारी भी थे। सेवाएं ठप, मरीज परेशान विरोध के चलते ओपीडी बंद रहने से सैकड़ों मरीज बिना इलाज के लौटने को मजबूर हो गए। जांच, परामर्श और दवाइयों के वितरण पर भी असर पड़ा है। हालांकि आपातकालीन सेवाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से मरीजों व उनके परिजनों में असमंजस की स्थिति बनी रही। कई मरीज निजी अस्पतालों का रुख करने को विवश हुए। हीरापुर से आए विकास कुमार ने बताया कि उनके पैर में दर्द है। लेकिन ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं मिले। जहां बाउंड्री वॉल, वहां स्वास्थ्य विभाग बना रहा छज्जा विवादित स्थल के पास एव स्वास्थ्य विभाग की ओर से सजा का निर्माण कराया जा रहा है। विभाग का कहना है कि यहां पर उनके कई रिकॉर्ड है, इसलिए यहां शेड की जरूरत है। दोनों जगह पर पुलिस बल की तैनाती है।

यूपी-बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि, रोजगार के खुलेंगे नए द्वार

लखनऊ. खेती में आधुनिक डिजिटल तकनीक, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश और बिहार ने अहम कदम उठाया है। इसके लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से संबद्ध महिला किसान उत्पादन संगठनों के राज्य स्तरीय संघ ‘भूस्वामिनी’ और ‘बिहप्रो कन्सोर्टियम ऑफ प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड’ (बिहार का पहला एफपीओ महासंघ) के बीच राजधानी लखनऊ में एमओयू किया गया है। इस एमओयू का उद्देश्य महिला किसानों की क्षमता निर्माण, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन, खरीद-बिक्री की सशक्त व्यवस्था और ग्रामीण महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में साझा प्रयास करना है। महिला किसानों के लिए तकनीक आधारित खेती को मिलेगा बढ़ावा एमओयू के तहत खेती में डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे महिला किसान विज्ञान व तथ्य आधारित निर्णय ले सकेंगी। साथ ही क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रैक्टिसेज को अपनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे बदलते मौसम के अनुरूप खेती को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके। यूपी और बिहार मिलकर करेंगे महिला किसानों की क्षमता वृद्धि एमओयू के माध्यम से उत्तर प्रदेश और बिहार की महिला किसान मिलकर क्षमता निर्माण (कैपेसिटी बिल्ड) कार्यक्रम चलाएंगी। प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नवाचार के जरिए महिला किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ा जाएगा। इससे दोनों राज्यों की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर किसान से उद्यमी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी। ग्रामीण महिलाओं के लिए उद्यमिता और रोजगार के नए अवसर सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश में महिला किसानों के लिए अनेक लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके तहत उन्हें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि कृषि आधारित उद्यमिता, मूल्य संवर्धन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केट लिंकेज से जोड़ा जाएगा। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री को मिलेगा संगठित स्वरूप कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री के लिए सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की जा रही है। महिला किसान संगठनों को बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी, जिससे उन्हें उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। साथ ही महिला किसानों के मूल्य संवर्धन और क्षमता निर्माण की योजनाओं पर भी संयुक्त रूप से काम किया जाएगा। इसके लिए हुए समझौते पर बिहप्रो के अध्यक्ष राजकुमार राज और भूस्वामिनी की अध्यक्ष मंजू देवी ने हस्ताक्षर किए। डिजिटल खेती, जलवायु अनुकूल कृषि और उद्यमिता के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।

दौसा से कोटा के बीच 5 घंटे का सफर घटकर 2 घंटे में होगा पूरा

दौसा. जिलेवासियों के लिए खुश खबर है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर दौसा से कोटा बीच होली तक वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने लक्ष्य तय किया है कि फरवरी तक शेष बचे कार्यों को पूरा कर लिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि फरवरी या होली से पहले शेष कार्य को पूरा कर लिया जाए। दौसा जिले के छात्र-छात्रा बड़ी संख्या में कोटा पढाई करते हैं। दौसा से कोटा के लिए सीधी ट्रेन नहीं है। ऐसे अधितकतर युवा सड़क मार्ग से ही सफर करते हैं। अभी पांच घंटे से ज्यादा लग रहे अभी दौसा से कोटा के लिए सड़क सही नहीं है। बीच में कई जगह काम चल रहा है। ऐसे में करीब पांच घंटे का समय लग रहा है। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद यह सफर कार से करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे समय व धन दोनों की बचत होगी। एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने से कोटा संभाग के लोगों को भी फायदा होगा। वर्तमान में कोटा से दिल्ली पहुंचने में करीब 9 घंटे का समय लगता है। लेकिन, एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह सफर करीब 5 में पूरा होगा। यहां चल रहा कार्य वर्तमान में लाखेरी (बूंदी) और सवाई माधोपुर के बीच चल रहा निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। दावा किया गया है कि जल्द ही इस हिस्से का कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। वर्तमान में इस छोटे से टुकड़े के अधूरे होने के कारण ट्रैफिक को डाइवर्ट करना पड़ता है, लेकिन फरवरी से वाहन चालक बिना किसी बाधा के सीधे दिल्ली की ओर बढ़ सकेंगे। विकास की नई राह खुलेगी दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का यह हिस्सा दौसा व कोटा संभाग के लिए विकास की नई राह खोलेगा। इससे व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलने की उम्मीद है। सुगम परिवहन व्यवस्था से न केवल लोगों को फायदा होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी। दौसा वालों के लिए रणथम्भौर जाना आसान होगा। दरा टनल का काम मार्च तक होगा पूरा एक्सप्रेस-वे के दूसरे छोर यानी झालावाड़ की तरफ भी काम तेजी से चल रहा है। मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली दरा टनल का कार्य भी मार्च तक पूरा होने की संभावना है। यह टनल परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है, क्योंकि इसके पूरा होने से झालावाड़ और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। इनका कहना है दौसा से कोटा के बीच अभी काम चल रहा है। हमारा प्रयास रहेगा कि फरवरी तक यातायात शुरू कर देंगे। इससे सफर सुगम हो जाएगा। दौसा से कोटा कार से करीब दो से सवा दो घंटे में पहुंच सकेंगे। -भरत सिंह जोइया, पीडी, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दौसा

यूपी का 11वां रामसर साइट्स बना एटा का पटना पक्षी अभयारण्य

लखनऊ.  विश्व वेटलैंड्स दिवस (02 फरवरी) से पहले उत्तर प्रदेश को बड़ा उपहार मिला। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के पटना पक्षी अभयारण्य (एटा) को रामसर साइट्स में शामिल किया है। उल्लेखनीय है कि यूपी में पहले 10 रामसर साइट्स थीं, लेकिन पटना पक्षी अभयारण्य का नाम जुड़ने के साथ ही यह संख्या 11 हो गई है। उत्तर प्रदेश की इस बड़ी उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बधाई दी है। देश में सर्वाधिक रामसर साइट्स तमिलनाडु में हैं, जबकि दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश है।  108.86 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है पटना पक्षी विहार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एटा का पटना पक्षी विहार अब विश्व मानचित्र में शामिल हो चुका है। यहां संकटग्रस्त प्रजातियों को संरक्षण मिलता है। वर्ष 2017 के पश्चात अनवरत हो रहे कार्यों की बदौलत न सिर्फ प्रदेश की जैव विविधता, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिली है। पटना पक्षी विहार 108.86 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला है। इसकी संरक्षण क्षमता एक लाख से अधिक जल-पक्षियों की है। सर्दियों में यहां बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों का भी आगमन होता है। 1990 में इस क्षेत्र को अभयारण्य घोषित किया था। इसका नाम एटा जनपद की जलेसर तहसील के पटना गांव के नाम पर रखा गया था। यह कुल 178 प्रजातियों के पक्षियों का आश्रय स्थल है। यहां जलीय पौधों समेत वनस्पतियों की 252 प्रजातियां पाई जाती हैं।  44 से अधिक जल-पक्षियों तथा 4 आर्द्र‌भूमि पक्षी प्रजातियों की शरणस्थली यह स्थल नियमित रूप से 44 से अधिक जल-पक्षी प्रजातियों और चार आर्द्र‌भूमि पक्षी प्रजातियों सरकिडियोर्निस मेलानोटस, अनहिंगा मेलानोगास्टर, मारेका स्ट्रेपेरा और एंसर एंसर की जैव-भौगोलिक आबादी के 1 प्रतिशत से अधिक का संरक्षण करता है। गर्मियों में जब आसपास की अधिकांश आर्द्रभूमि पूरी तरह से सूख जाती है तो पटना झील सारस क्रेन (ग्रस एंटीगोन) की शरणस्थली बन जाती है। यह अभयारण्य नीलगाय (बोसेलाफस ट्रैगोकैमेलस), जैकाल (कैनिस ऑरियस), मॉनिटर छिपकली (वरानस बेंगालेंसिसी), जंगली बिल्ली (फेलिस चाउस), पॉर्क्यूपाइन (हिस्ट्रिक्स इंडिका) आदि जानवरों का भी घर है। यहां वनस्पतियों की कई देशी प्रजातियां पाई जाती हैं। पटना पक्षी विहार के अंदर स्थित भगवान शिव का प्राचीन मंदिर आस्था और तीर्थयात्रा का महत्वपूर्ण केंद्र है।  उत्तर प्रदेश में अब तक थे 10 वेटलैंड  उत्तर प्रदेश में अब तक 10 वेटलैंड थे। इनके नाम नवाबगंज पक्षी अभयारण्य (उन्नाव), पार्वती अरगा (गोंडा), समान (मैनपुरी), समसपुर (रायबरेली), सरसई नावर झील (इटावा), सांडी (हरदोई), सूर सरोवर (आगरा), बखीरा (संतकबीर नगर), ऊपरी गंगा नदी (बृजघाट से नरोरा तक, बुलंदशहर) व हैदरपुर वेटलैंड (मुजफ्फरनगर) हैं।  वैश्विक मान्यता प्राप्त कर रही भारत की प्रतिबद्धताः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस उपलब्धि पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता निरंतर वैश्विक मान्यता प्राप्त कर रही है। उत्तर प्रदेश के एटा स्थित पटना पक्षी अभयारण्य तथा गुजरात के कच्छ स्थित छारी-ढांड को रामसर स्थलों के रूप में शामिल किया जाना नीति, संरक्षण और संवर्धन की उस यात्रा को दर्शाता है, जहां पारिस्थितिकी और विकास एक साथ आगे बढ़ते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान सतत संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन और जैव विविधता की रक्षा के प्रति भारत के संकल्प को रेखांकित करता है। एटा, उत्तर प्रदेश के लोगों तथा आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए समर्पित सभी हितधारकों को हार्दिक बधाई। प्रधानमंत्री मोदी ने किया उपलब्धि का उल्लेख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस उपलब्धि पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि एटा (उत्तर प्रदेश) स्थित पटना पक्षी अभयारण्य तथा कच्छ (गुजरात) स्थित छारी-ढांड के रामसर स्थल घोषित होने पर अत्यंत प्रसन्नता है। वहां की स्थानीय जनता तथा आर्द्रभूमि संरक्षण के प्रति समर्पित सभी लोगों को हार्दिक बधाई। ये मान्यताएं जैव विविधता के संरक्षण और महत्वपूर्ण पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि करती हैं। ये आर्द्रभूमियां असंख्य प्रवासी व स्थानीय प्रजातियों के लिए सुरक्षित आवास के रूप में निरंतर फलती-फूलती रहें, यही कामना है। बॉक्स 02 फरवरी को ललितपुर में मनाया जाएगा विश्व वेटलैंड्स दिवस  योगी सरकार के मार्गदर्शन में 02 फरवरी को विश्व वेटलैंड्स दिवस का आयोजन किया जाएगा। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि यह आयोजन ललितपुर के देवगढ़ स्थित महावीर स्वामी वन्य जीव विहार में किया जाएगा। इस बार ‘आर्द्र‌भूमि और पारंपरिक ज्ञानः सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मनाना’ विषय पर आयोजन होगा। इसका शुभंकर (मैसकॉट) रेड बिल्ड वल्चर को बनाया गया है।

ऑस्ट्रेलिया की मुश्किलें बढ़ीं, टी20 वर्ल्ड कप 2026 से दो खिलाड़ी हुए बाहर

सिडनी  टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले ऑस्ट्रेलिया को एक बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनके तेज गेंदबाज पैट कमिंस टूर्नामेंट में नहीं खेल पाएंगे. उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया है क्योंकि वह 2025-26 एशेज के दौरान लगी पीठ की चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं. इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया ने पहले घोषित की गई 15 सदस्यीय टीम में दो बदलाव किए हैं. कमिंस बाहर, ड्वारशुइस अंदर पैट कमिंस को शुरूआती टीम में इस उम्मीद के साथ शामिल किया गया था कि वह वर्ल्ड कप तक ठीक हो जाएंगे, लेकिन पीठ के निचले हिस्से में लगी उनकी चोट को ठीक होने में अभी और समय लगेंगे, जिसकी वजह से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उनकी जगह तेज गेंदबाज बेन ड्वारशुइस को टीम में शामिल किया है. 31 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अब तक 13 टी20 इंटरनेशनल में 9.32 की इकॉनमी से 20 विकेट लिए हैं. टीम में दूसरा बदलाव टीम में दूसरा बड़ा बदलाव मैथ्यू शॉर्ट के रूप में किया गया है. उनको खराब फॉर्म के कारण प्रोविजनल टीम से बाहर कर दिया गया है. उनकी जगह मैट रेनशॉ को टीम में शामिल किया गया है. जो बीच के ओवरों में स्पिन को संभालने में सक्षम हैं. रेनशॉ ने शुक्रवार को पाकिस्तान के खिलाफ अपना टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू किया. लेकिन घरेलू और BBL स्तर पर शानदार व्हाइट-बॉल फॉर्म के कारण रेनशॉ को टी20 वर्ल्ड कप में जगह मिली है. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 135.63 के स्ट्राइक रेट से 2139 टी20 रन बनाए हैं. ऑस्ट्रेलिया की मजबूत बैटिंग लाइन-अप ऑस्ट्रेलिया T20 वर्ल्ड कप में बहुत ज्यादा बैटिंग पावर के साथ आ रहा है. ट्रैविस हेड और मिशेल मार्श टीम के लिए पारी की शुरुआत करेंगे, उसके बाद जोश इंग्लिस, कैमरन ग्रीन, ग्लेन मैक्सवेल और टिम डेविड जैसे खिलाड़ी होंगे. टीम के पास अनुभवी स्पिनर एडम जम्पा की अगुवाई में स्पिन के कई ऑप्शन हैं. ऑस्ट्रेलिया ने ऑलराउंड पर भी बहुत ज्यादा ध्यान दिया है, जिसमें कैमरन ग्रीन और मार्कस स्टोइनिस तेज गेंदबाजी यूनिट को सपोर्ट करेंगे, जिसकी अगुवाई जोश हेजलवुड और नाथन एलिस करेंगे. इसके अलावा स्पिनरों में ग्लेन मैक्सवेल, मैट कुह्नमैन और एडम जम्पा के नाम शामिल हैं. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम मिशेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, बेन ड्वारशुइस, कैमरून ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैट कुह्नमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैट रेनशॉ, मार्कस स्टोइनिस, एडम जम्पा.  

IND-EU डील अपडेट: पीयूष गोयल बोले– 99% आइटम पर टैक्स शून्य, डेयरी और एग्रीकल्चर पर नहीं मिलेगी छूट

 नई दिल्‍ली बजट से ठीक एक दिन पहले आजतक से एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत के दौरान वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के साथ FTA डील के फायदे गिनाए. साथ ही रविवार को पेश होने वाले बजट में संभाव‍ित ऐलानों के बारे में विस्‍तार से चर्चा की. उन्‍होंने कहा कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए यूरोप के 27 देशों की तुलना में भारत को तुरंत और डायरेक्‍ट फायदा मिलने वाला है.  गोयल ने कहा कि ओभरऑल 99 फीसदी भारतीय प्रोडक्‍ट्स पर '0' टैक्‍स लगेगा. साथ ही लेबर इंटेंसिव (एक देश से दूसरे देश में सामान भेजना) में सबसे ज्‍यादा फायदा होगा. पहले दिन से ही अब कोई टैक्‍स नहीं देना होगा. इससे रोजगार बढ़ेगा, व्यापार बढ़ेगा और फैक्ट्रियां लगने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी. उन्‍होंने टाटा चेयरमैन के बयान को कोट करते हुए कहा कि भारत में 100 से ज्‍यादा फैक्ट्रियां आएंगी और बड़े स्‍तर पर निवेश के रास्‍ते खुल गए हैं.  सेंसिटिव सेक्‍टर के लिए नहीं खोला बाजार  वाणिज्‍य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि FTA डील के तहत सबसे खास बात है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यूरोप के लिए के लिए हमने मार्केट नहीं खोला है. डेयरी, अनाज, चावल,गेहूं, मक्‍का जैसी संवेदनशील चीजों के लिए टैक्‍स कम नहीं किया है और मार्केट नहीं खोला है.  सेब पर बहुत कम राहत दी अगर कोई छोटा-मोटा कोटा दिया भी है तो बड़ा ही सोच-समझकर दिया है जैसे सेब की बात करें तो आज भी 6 लाख टन सेब आयात होता है. इसपर 50 फीसदी एम्‍पोर्ट प्राइस है और 25 फीसदी इम्‍पोर्ट ड्यूटी है. ऐसे में हमने 75 फीसदी पहले ही अपने किसानों के लिए रिजर्व रखा था. सवा लाख टन यूरोपीय यूनियन पहले से ही एक्‍सपोर्ट करता है, ऐसे में हमने एक यूरोपीय यूनियन को एक छोटा सा कोटा दिया है.  सिर्फ 45 से 50 हजार टन ही सेब इम्‍पोर्ट होंगे, जो बाद में थोड़े-थोड़े करके बढ़ेंगे, लेकिन आज हो रहे हैं, उससे कम ही होगा. उसपर भी मिनिमम इम्‍पोर्ट प्राइस 80 रुपये और 16 रुपये ड्यूटी रखी है यानी कि अब 96 फीसदी का प्रोटेक्‍शन हो गया है, जो 75 फीसदी की तुलना में ज्‍यादा है. तो एक तरीके से सोच-समझकर दी गई है.  यूरोपीय यूनियन हमारा कंम्‍पटीटर नहीं गोयल ने कहा कि हमारा और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्‍था अलग-अलग चीजों पर निर्भर है. हम एक दूसरे के कंम्‍प्‍ट‍िटर नहीं हैं, जो चीजें हम उन्‍हें दे सकते हैं वे कभी बना ही नहीं पाएंगे और जो वहां से आएंगी, वह भारत की जरूरत हैं. ऐसे में संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखते हुए समझौता किया गया है.  यूरोप के देशों में जाना हुआ आसान उनके यहां पर लोगों की भी कमी है, ऐसे में एक मोबिलिटी एग्रीमेंट भी किया गया है. जिसके लिए अलग-अलग देश के लिए रास्‍ता खोल दिया गया है. इमिग्रेशन नियम को आसान किया गया है. भारत के लोग वहां जाकर सीखेंगे, पैसे कमा सकेंगे और वापस आकर अपने परिवार और भारत की सेवा करेंगे.हम चाहते हैं कि भारत के लोग वहां शॉर्टटर्म के लिए जाएं और वापस आकर देश की सेवा करें. छात्र, जो पढ़ने जाते हैं, उनके लिए 9 महीने का गारंटी वीजा दिया जाएगा.                             डिफेंस पर बड़ी डील  गोयल ने कहा कि डिफेंस पर डील हुई है. वहां टेक्‍नोलॉजी है, लेकिन लोग नहीं है. हमारे यहां लोग हैं, ऐसे में यूरोप की कंपनियां भारत आकर अपनी फैक्ट्रियां लगाएंगी और यहां मैन्‍युफैक्‍चरिंग करेंगी, जिससे भारत का आत्‍मनिर्भर लक्ष्‍य पूरा होगा. हम यहां पर डिफेंस प्रोडक्‍ट्स बनाकर अन्‍य देशों को भेज सकेंगे.                                     बजट को लेकर क्‍या बोले गोयल?  गोयल ने कहा कि पिछले बजट में 12 लाख तक टैक्‍स छूट दी गई थी. उसके बाद जीएसटी में बड़ा सुधार किया गया है. 8  देशों से फ्री ट्रेड डील की गई. हमारे सुधार तेज गति से चल रहे हैं. ऐसे में आम लोगों के जीवन को आसान और सरल बनाने के लिए जो भी कोशिश हो सकती है, हम कर रहे हैं. इस बजट में भी देश के नागरिगों के जीवन को आसान बनाने संबंधी ऐलान किए जा सकते हैं. 

गोरक्षा के संकल्प, भारतीय संस्कृति और पंचगव्य विज्ञान को बड़े पर्दे पर लाएगी ‘गोदान’

लखनऊ. गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति में उसके महत्व और पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण को केंद्र में रखकर बनी फिल्म ‘गोदान’ के निर्माता-निर्देशक ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर फिल्म का ट्रेलर लांच किया गया। फिल्म के निर्माता व निर्देशक ने स्पष्ट किया कि देश में गो-रक्षा को लेकर सबसे व्यापक, ठोस और जमीनी स्तर पर कार्य उत्तर प्रदेश में हुआ है, और इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विजन और प्रतिबद्ध नेतृत्व है। इन्हीं बातों ने उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के लिए प्रेरित किया। सीएम योगी के सत्ता संभालते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर शुरु हुआ ताबड़तोड़ एक्शन योगी आदित्यनाथ के सीएम बनते ही उत्तर प्रदेश में गो तस्करों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरु हुआ और बड़े पैमाने पर गो तस्करों की गिरफ्तारी की गई। गोवंश के प्रति मुख्यमंत्री के स्नेह और गो संरक्षण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का इसी बात से पता चलता है कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में साढ़े सात हजार से ज्यादा गो आश्रय स्थल बनाए गए हैं। इतना ही नहीं, 12 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। गो सेवा और उनके संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए हर जिले में गो संरक्षण समितियों का गठन किया गया है। हर जनपद के डीएम व एसएसपी इसके नोडल अधिकारी बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया विनोद चौधरी द्वारा निर्मित व निर्देशित ‘गोदान’ फिल्म 6 फरवरी को देशभर में एक साथ रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म केवल एक कहानी नहीं, बल्कि गोमाता के संरक्षण, भारतीय संस्कृति, वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व का समग्र दस्तावेज है। निर्माता ने मुख्यमंत्री को फिल्म की विषयवस्तु, उद्देश्य और सामाजिक संदेश से अवगत कराया। गोरक्षा को लेकर सीएम योगी के अभूतपूर्व कार्य बने प्रेरणा फिल्म निर्माता विनोद चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान कहा कि आज देश में गो-रक्षा के क्षेत्र में जो ठोस कार्य दिख रहा है, उसका सबसे बड़ा केंद्र उत्तर प्रदेश है। प्रदेश में गोशालाओं का विस्तार, निराश्रित गोवंश की व्यवस्था, तस्करी पर सख्ती और गो संरक्षण को शासन की प्राथमिकता बनाना, ये सभी कार्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संभव हो पाए हैं। निर्माता विनोद चौधरी ने कहा कि जो दायित्व सामान्यतः समाज और हर नागरिक का होना चाहिए, उसे मुख्यमंत्री स्वयं उदाहरण बनकर निभा रहे हैं। गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा है, जो वैदिक काल से हमारे जीवन का आधार रही है। समुद्र मंथन से कामधेनु की प्राप्ति की कथा से लेकर आज तक गाय भारतीय सभ्यता की पोषक रही है। नई पीढ़ी को गाय के महत्व से जोड़ने का प्रयास विनोद चौधरी ने कहा कि नई युवा पीढ़ी धीरे-धीरे गाय के महत्व को भूलती जा रही है। दूध देने तक गाय को रखा जाता है और उसके बाद उसे छोड़ दिया जाता है, फिर यह कहा जाता है कि इसकी जिम्मेदारी सरकार निभाए। जबकि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि हम सभी नागरिकों का नैतिक और सामाजिक कर्तव्य है कि गोमाता का पालन-पोषण करें। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गाय हमारी माता है। जो लोग गाय को केवल पशु कहते हैं, वे स्वयं पशुता की मानसिकता में जी रहे हैं। जैसे मां हमें पोषण देती है, वैसे ही गाय संपूर्ण मानव समाज का पोषण करती है।   पंचगव्य से पंच परिवर्तन का संदेश फिल्म ‘गोदान’ में पंचगव्य से पंच परिवर्तन को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसमें बताया गया है कि पंचगव्य किस प्रकार मानव जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है। निर्माता के अनुसार, गाय पर हाथ फेरने मात्र से मानसिक शांति मिलती है, रक्तचाप संतुलित होता है और अनेक बीमारियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। फिल्म में यह संदेश वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया है। युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए फिल्म निर्माता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फिल्म को टैक्स-फ्री किए जाने की अपेक्षा भी व्यक्त की। उनका कहना था कि यह फिल्म किसी एक जाति, धर्म या वर्ग की नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक के लिए है। विशेषकर युवा पीढ़ी को यह फिल्म अवश्य देखनी चाहिए। स्कूल के बच्चों, परिवारों और समाज के हर वर्ग तक इसका संदेश पहुंचना चाहिए। सीएम योगी से मुलाकात के दौरान विनोद चौधरी (निर्माता), शांतनु शुक्ला (प्रचार-प्रसार प्रमुख), डॉ. कपिल त्यागी (सीएमडी, यथार्थ हॉस्पिटल, नोएडा) और नवल किशोर उपस्थित रहे। प्रदेश में गो सेवा-संरक्षण के अभूतपूर्व प्रबंध गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि धरती, कृषि, प्रकृति और मानव जीवन, सभी के लिए गोमाता  सबसे बड़ा आशीर्वाद हैं। प्रदेश में गोसेवा और संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। गोमाता पर बनी यह फिल्म हर युवा, बच्चे और बुजुर्ग को सपरिवार देखनी चाहिए।

मप्र अपडेट: आज रात से भारी बारिश की संभावना, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

भोपाल  मध्य प्रदेश का मौसम आज रात से बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है और आसमान से पानी बरसने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार रात से मौसम करवट ले सकता है।  बादल छाने से अगले दिन  कहीं-कही बारिश भी हो सकती है। बारिश का ये सिलसिला संडे और मंडे को तक जारी रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके चलते आज शाम या रात से मौसम करवट बदल सकता है। आईएमडी के मुताबिक, आज उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। आज 3000 मीटर या इससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के भी आसार हैं। आईएमडी के मुताबिक कल यानी एक फरवरी से उत्तराखंड में बारिश का दौर तेज हो सकती है। एक से तीन फरवरी तक राज्य के सभी जिलों में बारिश के आसार हैं। साथ ही 2800 मीटर ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। चार फरवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिले में बारिश-बर्फबारी का अनुमान है। पांच फरवरी को समूचे प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है। छह फरवरी को फिर से तीन पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बन रही है। पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शनिवार से बादल छाने लगेंगे और  इससे ठंड से भी राहत मिल सकती है। रविवार-सोमवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश कराने वाले सिस्टम हैं एक्टिव मौसम विभाग का कहना है कि  पूर्वोत्तर असम पर हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात बना हुआ है जबकि एक पश्चिमी विक्षोभ ईरान के उत्तर-पूर्वी भाग पर चक्रवात के तौर पर एक्टिव है। 2 फरवरी यानि सोमवार को एक नए पश्चिमी विक्षोभ से मौसम के  प्रभावित होने भी संभावना है। लिहाजा इस  बारिस से जहां प्रदेश के लोगों को ठंड से निजात मिलेगी वहीं फसलों के लिए भी ये बारिश लाभ पहुंचा सकती है। तीन दिन के लिए यलो अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक एक से तीन फरवरी तक समूचे राज्य में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। एक फरवरी को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, यूएस नगर जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ आकाशीय बिजली कड़कने और 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। तीन फरवरी तक विभिन्न इलाकों के लिए यलो अलर्ट जारी हुआ है। बता दें कि साल 2022 में भी फरवरी पहले सप्ताह में मौसम काफी खराब रहा था। तब भी तीन फरवरी को उत्तराखंड में भारी बर्फबारी हुई थी।