samacharsecretary.com

क्यों आई शेयर बाजार में तेजी? सेंसेक्स 940 अंक उछला, बाजार पूंजीकरण में 5 लाख करोड़ का इजाफा

मुंबई  सोमवार को दिनभर शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव हावी रहा, लेकिन मार्केट बंद होने के आखिरी घंटे में शेयर बाजार में शानदार तेजी आई. बीएसई सेंसेक्‍स 944 अंक या 1 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 263 या 1 फीसदी चढ़कर 25,088.40 पर क्‍लोज हुआ. निफ्टी बैंक में भी 200 अंकों की तेजी रही. शेयर बाजार में अचानक आई तेजी की बड़ी वजह लास्‍ट टाइम में निवेशकों की खरीदारी रही. खासकर लार्जकैप कंपनियों के शेयरों में अच्‍छी खरीदारी हुई, क्‍योंकि रिलायंस इंडस्‍ट्रीज जैसे शेयर 3 फीसदी तेजी आई है. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैप‍िटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये चढ़ गया. बीएसई टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 5 शेयर ही 2 फीसदी की गिरावट पर बंद हुए. बाकी 25 शेयरों में अचछी तेजी रही. पावरग्रिड जैसे शेयरों में 7 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल आई. Adani Port का शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ा और मुकेश अंबानी का शेयर 3 फीसदी चढ़ा.     अचानक क्‍यों आई शेयर बाजार में तेजी? जब निवेशकों को लगता है कि शेयर बाजार में हैवी बिकवाली आ चुकी है और अब खरीदने का मौका है तो वह अपने पसंदीदा शेयरों में खरीदारी करते हैं. सोमवार को वही दिन नजर आया है. हैवीवेट शेयरों जैसे RIL, पावरग्रिड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एल एंड टी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा में 7 फीसदी तक की तेजी रही, जो अच्‍छी खरीदारी का संकेत है. 

आम आदमी पार्टी को सुप्रीम कोर्ट से झटका, बिक्रम मजीठिया को मिली जमानत

चंडीगढ़   इस समय सबसे बड़ी खबर सामने आई है।  सुप्रीम कोर्ट ने आज बिक्रम मजीठिया को जमानत दे दी है। मजीठिया को 25 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था और तब से वह नाभा जेल में बंद थे। बता दें कि बिक्रम मजीठिया की आमदन से ज्यादा संपत्ति मामले में  गिरफ्तारी हुई थी  जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है।   सूत्रों के अनुसार, जमानत मिलने के बाद थोड़ी देर पहले डेरा ब्यास प्रमुख गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने नाभा जेल जाकर बिक्रम मजीठिया से मुलाकात की। इस दौरान डेरा प्रमुख ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि मजीठिया पर लगे सभी आरोप झूठे हैं। बिक्रम मजीठिया को जमानत मिलने के बाद अब उनके पक्ष में राजनीतिक और सामाजिक हलचल भी तेज हो गई है। इसी बीच ये भी चर्चाएं तेज हो गई हैं आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है।  सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का समय देते हुए मामले को स्थगित करते हुए कहा था कि मजीठिया की अंतरिम जमानत पर अगली सुनवाई पर विचार किया जाएगा। गौरतलब है कि पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। इसी प्राथमिकी से राहत के लिए श्री मजीठिया ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। फिर मजीठिया ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। प्राथमिकी सात जून, 2025 को मजीठिया के खिलाफ पिछले एनडीपीएस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई थी। एसआईटी ने आरोप लगाया कि मजीठिया और उनकी पत्नी ने घरेलू और विदेशी संस्थाओं के नेटवर्क के माध्यम से अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से 540 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जमा की थी। ये आरोप 2007 और 2017 के बीच की अवधि से संबंधित हैं, जब मजीठिया पंजाब में विधानसभा सदस्य और बाद में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्यरत थे। आरोप लगाया है कि मजीठिया दंपति ने सराया इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों सहित कई कंपनियों पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष नियंत्रण रखा। उन्होंने इन कंपनियों का उपयोग बेनामी संपत्ति हासिल करने के लिए किया। इसके साथ ही, उन्होंने साइप्रस और सिंगापुर स्थित संस्थाओं के माध्यम से विदेशी निवेश और विभिन्न कंपनियों के बीच लेनदेन का उपयोग किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि श्री मजीठिया ने अपने परिवार के सदस्यों और नकली संस्थाओं के माध्यम से शराब, परिवहन और विमानन क्षेत्रों में व्यावसायिक फायदे के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया था कि भ्रष्टाचार का मामला उसी एनडीपीएस मामले का परिणाम है जिसमें उन्हें अगस्त 2022 में जमानत दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2025 में उस जमानत को रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी।

भारत का दबदबा: हर बार पाकिस्तान को मात, देखें बड़े टूर्नामेंट का पूरा आँकड़ा

नई दिल्ली रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच अंडर-19 वर्ल्ड कप का अहम मुकाबला खेला गया, जिसमें भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 58 रन से रौंदकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। रविवार के दिन ही पाकिस्तान सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के साथ मैच ना खेलने का ऐलान किया। ऐसे में कई लोगों ने सवाल उठाए कि हार के डर से पाकिस्तान ने यह फैसला लिया है, बांग्लादेश को हटाए जाने का विरोध तो एक बहाना है। तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि क्या सच में पाकिस्तान का भारत के खिलाफ प्रदर्शन अच्छा नहीं है या दोनों टीमें बराबर के टक्कर की हैं। आइए देखते हैं आंकड़े क्या कहते हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों फैंस के लिए भावनाओं का सैलाब होता है। जब भी ये दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमें मैदान पर आमने-सामने होती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। हालांकि, अगर हम आंकड़ों की बात करें, तो बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय टीम का पलड़ा हमेशा भारी रहा है। वनडे और टी-20 वर्ल्ड कप में भारत का एकछत्र राज आईसीसी (ICC) के सबसे बड़े टूर्नामेंट, यानी वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को अब तक एक बार भी सिर उठाने का मौका नहीं दिया है। वनडे वर्ल्ड कप में भारत पाकिस्तान की टीमें 8 बार आमने-सामने हुई हैं, लेकिन पाकिस्तान ने कभी भारत के खिलाफ जीत हासिल नहीं की है। इस तरह भारत 8-0 की शानदार बढ़त बनाए हुए है। टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत का दबदबा नजर आता है। इस मेगा इवेंट में दोनों टीमे 8 बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें भारत ने 7 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान केवल 1 मैच ही जीत सका है। एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी में भी इंडिया आगे एशिया कप में भी टीम इंडिया का जलवा बरकरार है। वनडे फॉर्मेट वाले एशिया कप में भारत और पाकिस्तान की टीमें 12 बार आमने-सामने हुई हैं, जिसमें भारत ने 8 बार जीत दर्ज की है, जबकि पाकिस्तान 5 मैच जीत सका है। टी20 एशिया कप में भारत ने 5 बार जीत हासिल की है और पाकिस्तान को सिर्फ 1 बार जीत नसीब हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी एकमात्र ऐसा बड़ा टूर्नामेंट है जहां दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर रही है और दोनों टीमें 3-3 की बराबरी पर खड़ी हैं। महिला क्रिकेट में भी भारत का एकछत्र राज भारतीय महिला टीम ने भी पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा पूरी तरह कायम रखा है। वनडे वर्ल्ड कप और वनडे एशिया कप में पाकिस्तान की टीम भारत को एक बार भी नहीं हरा पाई है। जहां भारत क्रमशः 5-0 और 6-0 से आगे है। टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने 6 मुकाबले जीते हैं और पाकिस्तान को 2 मैचों में जीत मिली है। वहीं, महिला टी20 एशिया कप में भी भारत 6-1 से बड़ी बढ़त बनाए हुए है। हमारे युवा खिलाड़ियों ने भी बुरी तरह रौंदा युवा स्तर पर भी भारतीय टीम ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। हालांकि, यहां भी भारत 6-5 की बढ़त के साथ पाकिस्तान से एक कदम आगे है। ये आंकड़े दिखाते हैं कि बड़े टूर्नामेंट्स और दबाव वाले मैचों में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन पाकिस्तान की तुलना में कहीं अधिक निखर कर सामने आता है। चाहे वह सीनियर टीम हो, महिला टीम हो या जूनियर स्तर के खिलाड़ी, भारतीय क्रिकेट का परचम हर जगह लहरा रहा है।

कृति सेनन ने मनीष मल्होत्रा को धन्यवाद दिया, खूबसूरत आउटफिट्स पर सोशल मीडिया पर किया आभार व्यक्त

मुंबई   बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने बीते महीने अपनी बहन और एक्ट्रेस नुपूर सेनन की शादी धूम-धाम से सेलिब्रेट की थी। शादी के बाद अभिनेत्री लगातार अलग-अलग फंक्शन से जुड़ी फोटोज सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रही हैं। उन्होंने अपनी बहन की विदाई को लेकर भी एक भावुक पोस्ट किया था, लेकिन अब उन्होंने इंडस्ट्री के मशहूर फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के लिए एक थैंक्यू पोस्ट किया है। कृति सेनन और उनके पूरे परिवार ने नुपूर की शादी में जितनी भी इंडियन ड्रेसेज पहनी थीं, उन्हें मनीष मल्होत्रा ने डिजाइन किया था। नुपूर की शादी का लहंगा और उनके माता-पिता समेत कृति की ड्रेस भी मनीष ने खास तौर पर डिजाइन किए थे। अब कृति ने इतनी खूबसूरत इंडियन ड्रेसेज और शादी को यादगार बनाने के लिए डिजाइनर का धन्यवाद किया है। उन्होंने परिवार के साथ फोटोज पोस्ट कर लिखा, "मेरे खास दोस्त मनीष मल्होत्रा के लिए खास पोस्ट। शादी के लिए मेरे पूरे परिवार को इतने खूबसूरत ढंग से सजाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।" उन्होंने लिखा, "आपने सभी के लुक को इतने प्यार, स्नेह और आशीर्वाद से कस्टमाइज किया कि दुल्हन से लेकर मेरे माता-पिता तक, जो पहली बार मनीष मल्होत्रा ​​की ड्रेस पहनकर बेहद खुश थे, सभी खुश और सहज महसूस कर रहे थे। सबके चेहरों पर दिख रही खुशी सब कुछ बयां कर रही है। हमारे खास दिन को और भी खूबसूरत बनाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।" बहन नुपूर की शादी के दिन कृति ने ऑफ व्हाइट और गोल्डन कलर का लहंगा पहना था, जिस पर पैच वर्क से लेकर बारीक कढ़ाई की गई थी, जबकि अभिनेत्री की मां ने पिंक और गोल्डन कलर की हैवी एम्ब्रॉयडरी वाली साड़ी पहनी थी। वहीं, दुल्हन नुपूर का लहंगा पिंक और रेड दोनों शेड्स के साथ था। सभी इंडियन ड्रेसेस एक से बढ़कर एक थीं। नुपूर सेनन से पहले मनीष मल्होत्रा परिणीति चोपड़ा, आलिया भट्ट, करीना कपूर, ऐश्वर्या राय बच्चन, कियारा आडवाणी और कैटरीना कैफ तक के लिए आउटफिट डिजाइन कर चुके हैं। उन्होंने कियारा आडवाणी, कैटरीना कैफ और आलिया भट्ट के लिए शादी का आउटफिट डिजाइन किया था।

परीक्षा तनाव से राहत: बोर्ड एग्जाम से पहले शुरू हुई छात्र हेल्पलाइन सेवा

रायपुर  बोर्ड परीक्षाओं के सुचारु आयोजन और विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व ही हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी गई है। यह हेल्पलाइन हाईस्कूल, हायर सेकेंडरी एवं हायर सेकेंडरी व्यावसायिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए संचालित की जा रही है। हेल्पलाइन सेंटर से विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक सभी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क कर सकते हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा जारी टोल फ्री नंबर 1800-233-4363 पर सुबह 10:30 बजे से शाम 5 बजे तक फोन कर सहायता ली जा सकती है। हेल्पलाइन में प्रतिदिन मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, शैक्षिक अभिप्रेरक तथा मण्डल के अधिकारी उपस्थित रहेंगे, जो परीक्षा से जुड़े तनाव, मार्गदर्शन और अन्य शैक्षणिक समस्याओं का समाधान करेंगे। खास बात यह है कि यह सेवा रविवार के दिनों में भी कार्यालयीन समय में उपलब्ध रहेगी। माशिमं ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षा से संबंधित किसी भी समस्या या तनाव की स्थिति में हेल्पलाइन का लाभ उठाएं, ताकि परीक्षाएं तनावमुक्त माहौल में संपन्न हो सकें।

29.50 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र में तिलहन-दलहन जोड़कर यूपी को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री

अन्तःफसली खेती को मिशन मोड में लागू करें, अन्नदाता की आय में होगा कई गुना इजाफा: मुख्यमंत्री गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों के लिए लाभकारी: मुख्यमंत्री 29.50 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्र में तिलहन-दलहन जोड़कर यूपी को आत्मनिर्भर बनाएं: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने रबी में सरसों-मसूर, जायद में उर्द-मूंग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश को कृषि क्षेत्र में नई छलांग दिलाने का सबसे प्रभावी तरीका 'गन्ना के साथ तिलहनी एवं दलहनी अन्तःफसली खेती' को बड़े पैमाने पर लागू करना है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल गन्ना किसानों की आय को केवल दोगुना नहीं, बल्कि 'बहु-गुणित' करने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री सोमवार को इस विषय पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गन्ने के साथ सरसों, मसूर, उर्द और मूंग जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की अंतःफसल किसानों को अतिरिक्त उत्पादन, कम लागत और पूरे वर्ष स्थिर आय उपलब्ध कराती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अधिक मजबूत होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कृषि योग्य भूमि का क्षैतिज विस्तार अब संभव नहीं है, इसलिए ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य के लिए उत्पादन बढ़ाने का एकमात्र रास्ता इकाई क्षेत्रफल से अधिक फसल उत्पादन है। उन्होंने कहा कि 'गन्ना आधारित अंतःफसली खेती उत्तर प्रदेश के कृषि भविष्य का नया मॉडल है। यह किसानों को अधिक उत्पादन, अधिक कमाई और जोखिम से सुरक्षा तीनों प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक मिशन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। वर्तमान में प्रदेश में 29.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती होती है, जिसमें 14.64 लाख हेक्टेयर नया बोया गया क्षेत्र और 14.86 लाख हेक्टेयर पेड़ी शामिल है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े क्षेत्र में तिलहन और दलहन की अंतःफसल जोड़ने से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और साथ ही प्रदेश एवं देश की तिलहन-दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि  कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि विश्वविद्यालयों के माध्यम से क्रियान्वित करते हुए अंतःफसल का चयन वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक आधार पर किया जाए। उन्होंने आईआईएसआर की सिफारिशों के अनुसार रबी सीजन में सरसों और मसूर तथा जायद सीजन में उर्द और मूंग को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ने की पैदावार प्रभावित किए बिना अतिरिक्त फसल, अतिरिक्त लाभ और अतिरिक्त सुरक्षा, यही इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने इस योजना के लिए वर्षवार रोडमैप तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अतिरिक्त उत्पादन सीधे किसानों की आय में वृद्धि करेगा और राज्य के जीवीए में बड़ा योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सहायता और अनुदान का ढांचा स्पष्ट होना चाहिए।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़े पैमाने पर अंतःफसलों को अपनाने से किसानों को तेज़ नकदी प्रवाह मिलेगा और एकल फसल जोखिम कम होगा, जिससे कृषि अधिक स्थिर और टिकाऊ बनेगी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल गन्ना क्षेत्र से जुड़े किसानों के लाभ तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे प्रदेश के व्यापक कृषि परिदृश्य के परिवर्तन के रूप में लागू किया जाना चाहिए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने पीएम मोदी से की मुलाकात, विकास और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई बात

चंडीगढ़   हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।  इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय बजट को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया। इस दौरान उन्होंने आदमपुर एयरपोर्ट का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखने पर भी पीएम मोदी का आभार व्यक्त किया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुलाकात की फोटो शेयर करते हुए लिखा, "आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्नेहिल शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ कई समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।'' उन्होंने आगे लिखा, ''प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत बजट’ देश को आत्मनिर्भर, सशक्त और समावेशी विकास की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम है। यह बजट अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की प्रधानमंत्री जी की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।'' सीएम नायब सैनी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ''पंजाब के 'आदमपुर एयरपोर्ट' का नाम 'श्री गुरु रविदास महाराज जी' एयरपोर्ट किया जाना सामाजिक समरसता, सम्मान और समावेशी राष्ट्र निर्माण का सशक्त संदेश है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।'' हरियाणा के मुख्यमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। उन्होंने एक्स पोस्ट में मुलाकात के बाद लिखा, ''नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट हुई। इस अवसर पर संगठन की मजबूती, आगामी राजनीतिक गतिविधियों तथा केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।''

Yamaha EC-06 इलेक्ट्रिक स्कूटर: 169 किलोमीटर की रेंज और आकर्षक कीमत, जानिए सब कुछ

मुंबई  यामाहा इंडिया ने भारतीय बाजार में अपना पहला इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha EC-06 आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है. दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 1.67 लाख रुपये रखी गई है. कंपनी ने इसे सबसे पहले नवंबर 2025 में मुंबई के एक इवेंट में पेश किया था. अब यह स्कूटर देश के चुनिंदा शहरों मे यामाहा के प्रीमियम 'ब्लू स्क्वायर' शोरूम के जरिए ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा. डिजाइन इस स्कूटर का डिजाइन यामाहा की खास पहचान और आधुनिक स्टाइल का मिश्रण है. इसमें शार्प बॉडी लाइन्स और एक मजबूत बनावट दी गई है जो इसे सड़क पर प्रीमियम लुक देती है. राइडिंग को मजेदार बनाने के लिए इसमें तीन मोड दिए गए हैं- इको, स्टैंडर्ड और पावर. इसके अलावा, तंग जगहों पर पार्किंग को आसान बनाने के लिए इसमें 'रिवर्स मोड' की सुविधा भी स्टैंडर्ड तौर पर दी गई है. परफॉरमेंस परफॉरमेंस की बात करें तो EC-06 में 4 kWh की दमदार बैटरी लगी है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 169 किलोमीटर की रेंज देती है. इसकी मोटर 9 bhp की पावर और 26 Nm का टॉर्क जनरेट करती है, जिससे यह स्कूटर 79 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड तक पहुँच सकता है. इसकी बैटरी और मोटर को पानी और धूल से बचाने के लिए IP65 और IP67 रेटिंग दी गई है. फीचर्स  फीचर्स के मामले में यामाहा ने कोई कसर नहीं छोड़ी है. इसमें 24.5 लीटर का बड़ा अंडर-सीट स्टोरेज मिलता है, जहाँ आप अपना सामान आसानी से रख सकते हैं. सुरक्षा के लिए इसमें आगे और पीछे 200mm के डिस्क ब्रेक दिए गए हैं, जो 'कॉम्बी ब्रेक सिस्टम' (CBS) के साथ आते हैं. साथ ही, इसमें LED हेडलाइट्स और एक रंगीन LCD डिस्प्ले भी मिलता है जो राइडर को जरूरी जानकारी देता है. कनेक्टिविटी के शौकीनों के लिए इस स्कूटर को "Yamaha Motor Connect R" ऐप के जरिए स्मार्टफोन से जोड़ा जा सकता है. इससे राइडर रियल-टाइम डेटा और अन्य स्मार्ट फीचर्स का लाभ उठा सकते हैं. चार्जिंग की बात करें तो इसे घर पर नॉर्मल प्लग से चार्ज किया जा सकता है, जिसमें फुल चार्ज होने में लगभग 8 घंटे का समय लगता है. कंपनी बैटरी पर 3 साल या 30,000 किमी की वारंटी भी दे रही है. 

सीएम यादव का नया कदम, हर सरकारी अस्पताल में ‘गर्भ संस्कार’ कक्ष अनिवार्य, 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी होंगे

इंदौर   सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। यह पहल 'दिव्य संतान प्रकल्प' के तहत 'गर्भ संस्कार' को बढ़ावा देगी। इसका मकसद बच्चों के जन्म से पहले ही उनके शारीरिक, मानसिक और नैतिक विकास को मजबूत बनाना है। यह पहल आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष मंत्रालय के सहयोग से लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताए फायदे सीएम यादव ने इंदौर में 'दिव्य संतान प्रकल्प' कार्यक्रम में कहा कि गर्भ संस्कार एक ऐसी प्रक्रिया है जो आने वाली पीढ़ी को शारीरिक, मानसिक और नैतिक रूप से मजबूत बनाती है। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक विज्ञान और भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों का एक मेल है। इसे राष्ट्र निर्माण में एक लंबे समय का निवेश माना जाना चाहिए। अस्पतालों में बनेंगे अलग कमरे मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में राज्य के सरकारी अस्पतालों के डिज़ाइन में गर्भ संस्कार के लिए विशेष कमरे बनाना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि एलोपैथी के डॉक्टर भी अब व्यापक प्रसव पूर्व देखभाल के फायदों को स्वीकार कर रहे हैं। 13 आयुर्वेदिक कॉलेज खुलेंगे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर जोर देते हुए, यादव ने कहा कि राज्य सामान्य प्रसव को बढ़ावा दे रहा है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे। यह आजादी के बाद पहली बार है जब इतने सारे आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जा रहे हैं। इनमें से आठ कॉलेज एक साल के भीतर चालू हो जाएंगे। अभिमन्यु और अष्टावक्र का दिया उदाहरण मुख्यमंत्री ने गर्भ संस्कार की अवधारणा को समझाते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में अभिमन्यु और अष्टावक्र जैसे उदाहरण हैं। इनसे पता चलता है कि गर्भ में ही मूल्यों, सीखने और संस्कारों को ग्रहण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि COVID-19 महामारी ने एकीकृत स्वास्थ्य दृष्टिकोण की प्रभावशीलता को दिखाया है, जहां आयुर्वेद और एलोपैथी एक दूसरे के पूरक थे। उन्होंने पारंपरिक ग्रामीण जीवन शैली, भारतीय रसोई और स्वदेशी आहार के वैज्ञानिक महत्व पर भी प्रकाश डाला।

‘मामा’ शिवराज सिंह चौहान का केंद्र में दबदबा, मध्यप्रदेश को मिला सर्वाधिक बजट

भोपाल   केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 9वां बजट पेश किया। इस बजट में कई राज्यों को बड़ी सौगातें दी गई हैं। इसमें के टू और थ्री टियर शहरों के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 12 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। जिसमें मध्यप्रदेश के 10 शहरों को फायदा मिल सकता है। वहीं, मोदी सरकार की कैबिनेट में शामिल प्रदेश के 6 मंत्रियों में सबसे अधिक बजट शिवराज सिंह चौहान के विभाग को मिला है। केंद्र में शिवराज का जलवा कायम मध्यप्रदेश कोटे से मोदी सरकार की कैबिनेट में 6 मंत्री शामिल हैं। जिसमें शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, डीडी उइके, वीरेंद्र कुमार खटीक और सावित्री ठाकुर लोकसभा सदस्य हैं। वहीं, एल मुरुगन एमपी से राज्यसभा के सदस्य हैं। सभी मंत्रियों के विभाग की तुलना करें तो उसमें शिवराज के कृषि और ग्रामीण को सबसे ज्यादा बजट मिला है। शिवराज के दो विभागों को इतना बजट केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कृषि एवं किसान कल्याण के लिए 130561.38 करोड़ और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग को 9967.40 करोड़। यानी कुल मिलाकर देखें तो कृषि विभाग 140528.78 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, ग्रामीण विकास मंत्रालय का कुल बजट 197023.14 करोड़ है। जिसमें ग्रामीण विकास विभाग को 194368.81 करोड़ और भूमि संसाधन विभाग को 2654.33 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। सिंधिया के विभाग पर मेहरबान हुई केंद्र सरकार केंद्रीय संचार और नार्थ ईस्ट मामलों के मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के डाक और संचार विभाग को 102267.02 करोड़ रूपये दिए गए हैं। जिसमें डाक विभाग को 130561.38 करोड़ और दूरसंचार विभाग को 73990.94 करोड़ रूपये दिए गए हैं। वहीं, पूर्वोतर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6812.30 करोड़ रूपये दिए जाएंगे। वीरेंद्र कुमार खटीक के विभाग को मिला इतना बजट सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक के विभागों को कुल 15357.31 करोड़ दिए गए हैं। जिसमें सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग को 13687.59 करोड़ रूपये मिले और दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग को 1669.72 करोड़ की राशि दी गई है। यह भी पीछे नहीं एमपी कोटे से राज्यसभा सांसद और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन के विभाग को कुल 4551.94 करोड़ का बजट मिला। जनजातीय कार्य मंत्रालय डीडी उइके को कुल 15421.97 करोड़ का बजट मिला। वहीं, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर को 28183.06 करोड़ का बजट मिला है।