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खुशखबरी मिलते ही PM मोदी ने साझा किया श्लोक, आत्मविश्वास को बताया सफलता की कुंजी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील पर सहमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत का एक श्लोक शेयर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात में एक पोस्ट कर इसकी घोषणा की. पीएम मोदी ने भी एक पोस्ट में इस घोषणा पर खुशी जाहिर की है. अब भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. अमेरिका में भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से लागू 25 फीसदी की पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया है वह इस प्रकार है- श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (विदुर नीति) से लिया गया है, जिसमें विदुर ने धृतराष्ट्र को सफलता/समृद्धि (श्री/लक्ष्मी) के रहस्य बताए हैं. श्लोक का अर्थ इस श्लोक का सरल हिंदी में व्याख्या कुछ इस प्रकार है. श्री (समृद्धि, लक्ष्मी, सफलता, वैभव) शुभ/मंगल कार्यों से उत्पन्न होती है, प्रगल्भता (परिपक्व बुद्धि, आत्मविश्वास, वाक्पटुता) से बढ़ती है, दाक्ष्य (चतुराई, कुशलता, दक्षता) से मजबूत जड़ (मूल) बनाती है और संयम (अनुशासन, आत्मसंयम, संयम) से स्थिर/स्थायी होकर टिकी रहती है. श्लोक की व्याख्या श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति- लक्ष्मी/समृद्धि शुभ कर्मों, अच्छे कार्यों और मंगल (शुभ) से जन्म लेती है. प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते- प्रगल्भता (बुद्धि की परिपक्वता, आत्मविश्वास, बोलने की कला) से वह बहुत बढ़ती है. दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं- दक्षता/कुशलता/चतुराई से वह मजबूत आधार/जड़ पकड़ लेती है. संयमात् प्रतितिष्ठति- संयम/अनुशासन से वह स्थायी रूप से स्थापित/टिकी रहती है. सारांश कुल मिलाकर प्रधानमंत्री इस श्लोक के जरिए यह कहना चाहते हैं कि समृद्धि और सफलता पहले अच्छे कर्मों से शुरू होती है, फिर आत्मविश्वास और परिपक्वता से बढ़ती है, कुशलता से मजबूत होती है और अंत में संयम/अनुशासन से हमेशा के लिए बनी रहती है. यह श्लोक जीवन में सफलता के चार चरणों को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाता है. शुरूआत अच्छे कर्म से, विकास आत्मविश्वास से, मजबूती कुशलता से और स्थिरता संयम से. बहुत प्रेरणादायक श्लोक है!

ग्राहकों की पहली पसंद बनी 7-सीटर! रेनो इंडिया ने जनवरी 2026 में दर्ज की 33% ग्रोथ

मुंबई    रेनो इंडिया ने साल 2026 की शुरुआत दमदार प्रदर्शन के साथ की है। कंपनी ने जनवरी 2026 में कुल 3,715 वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल जनवरी की तुलना में करीब 33 प्रतिशत से अधिक की सालाना बढ़त को दर्शाती है। यह ग्रोथ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के औसत आंकड़ों से कहीं बेहतर मानी जा रही है और इससे साफ संकेत मिलता है कि रेनो के प्रोडक्ट्स को भारतीय बाजार में मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है। Triber और Kiger बनी ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह रेनो की बिक्री में इस उछाल के पीछे Triber और Kiger की लगातार मजबूत डिमांड अहम कारण रही है। किफायती कीमत, भरोसेमंद परफॉर्मेंस और फैमिली-फ्रेंडली डिजाइन के चलते इन दोनों मॉडलों ने ग्राहकों का भरोसा जीता है। खासतौर पर करीब ₹5.76 लाख की शुरुआती कीमत वाली 7-सीटर Triber बजट सेगमेंट में बड़ी पसंद बनकर उभरी है, जिससे शोरूम्स पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है। डस्टर की वापसी से बढ़ा ब्रांड का उत्साह जनवरी 2026 के आखिर में पेश की गई नई जेनरेशन Duster ने भी रेनो ब्रांड को लेकर ग्राहकों के उत्साह को नई ऊर्जा दी है। यह SUV कंपनी की ग्लोबल रणनीति का अहम हिस्सा है और इसे भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। नई Duster को लेकर डीलरशिप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर पूछताछ में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। फीचर्स और पावरट्रेन ने बढ़ाई उम्मीदें नई Duster को आधुनिक सेफ्टी स्टैंडर्ड, एडवांस टेक्नोलॉजी और बड़े बूट स्पेस के साथ उतारा गया है। इसमें मल्टीपल इंजन विकल्प दिए जाने की बात कही गई है, जिनमें बेहतर माइलेज पर फोकस करने वाला हाइब्रिड वेरिएंट भी शामिल है। यही वजह है कि SUV सेगमेंट के खरीदारों के बीच इसे लेकर खास दिलचस्पी बनी हुई है। मैन्युफैक्चरिंग और नेटवर्क से मिली मजबूती रेनो इंडिया की चेन्नई स्थित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट देश में कंपनी की उत्पादन जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रही है। इसके साथ ही, भारतभर में फैला सेल्स और सर्विस नेटवर्क ग्राहकों को बेहतर पहुंच और भरोसा देता है, जिससे ब्रांड की पकड़ और मजबूत होती जा रही है। जनवरी 2026 की बिक्री के आंकड़े और नए प्रोडक्ट्स को मिल रही प्रतिक्रिया से यह साफ है कि रेनो इंडिया एक बार फिर भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। अगर यही रफ्तार आगे भी बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में कंपनी कॉम्पैक्ट और SUV सेगमेंट में अपनी मौजूदगी और प्रभावशाली बना सकती है।

फीस कानून पर बड़ा अपडेट! सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया स्पष्टीकरण, अगले सत्र में नहीं होगा लागू

नई दिल्ली   दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की फीस नियंत्रित करने वाले नए कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। दिल्ली सरकार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन (ट्रांसपेरेंसी इन फिक्सेशन एंड रेगुलेशन ऑफ फीस) एक्ट, 2025 को वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2025-26 में लागू नहीं किया जाएगा। यह कानून अब अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने यह जानकारी दी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कानून को शैक्षणिक सत्र के बीच में जल्दबाजी से लागू करने पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि ऐसा करने से स्कूलों और अभिभावकों को परेशानी हो सकती है और यह व्यावहारिक नहीं होगा। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की पीठ ने माना कि कानून का उद्देश्य अच्छा है। लेकिन, इसे सही समय पर लागू करना जरूरी है। सरकार के इस फैसले के बाद कोर्ट ने कहा कि अब इस पर दखल देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार ने समझदारी दिखाई है। यह कानून प्राइवेट स्कूलों में फीस की मनमानी बढ़ोतरी रोकने के लिए बनाया गया है। इसके तहत हर स्कूल को फीस तय करने के लिए एक स्कूल लेवल कमेटी बनानी होगी। इस कमेटी में स्कूल प्रबंधन का प्रतिनिधि, प्रधानाचार्य, तीन शिक्षक, पांच अभिभावक और शिक्षा निदेशालय का एक प्रतिनिधि शामिल होगा। कमेटी फीस के प्रस्ताव पर विचार करेगी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा जिला स्तर पर अपील कमेटी भी होगी। कानून कैपिटेशन फीस वसूलने पर रोक लगाता है और अतिरिक्त शुल्क पर भी नियंत्रण रखता है। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून की वैधता से जुड़ा मामला दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। अब आगे की सुनवाई और फैसला हाई कोर्ट ही करेगा। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशंस ने इस कानून को चुनौती दी है। लेकिन, कोर्ट ने फिलहाल इसे लागू करने के तरीके पर ही ध्यान दिया। अभिभावक संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि इससे फीस में अचानक बढ़ोतरी पर लगाम लगेगी। अगले साल से लागू होने पर स्कूलों को भी तैयारी का समय मिलेगा। यह कदम दिल्ली में शिक्षा की पहुंच और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

पाकिस्तान में बड़ा सुरक्षा संकट! बलूचिस्तान में BLA का हमला, फेज-2 में 200 सैनिक ढेर करने का दावा

इस्लामबाद  बलूच विद्रोही संगठन Balochistan Liberation Army (बीएलए) ने दावा किया है कि उसका ऑपरेशन हेरोफ फेज-2 बलूचिस्तान के कई जिलों में लगातार जारी है। संगठन के मुताबिक, इस अभियान को शुरू हुए 40 घंटे से अधिक हो चुके हैं और इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। बीएलए के प्रवक्ता जीयांद बलूच की ओर से जारी बयानों में कहा गया है कि खारान, मस्तुंग, टुम्प और पसनी जैसे इलाकों में ऑपरेशन पूरे किए जा चुके हैं। संगठन ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद रहे और वहां से पाकिस्तानी सैन्य दबाव को पीछे हटाया गया। 200 से अधिक पाक जवानों को मारने का दावा बीएलए का कहना है कि पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से ज्यादा जवान मारे गए हैं और कम से कम 17 लोगों को पकड़ा गया है। संगठन ने इन आंकड़ों को शुरुआती आकलन बताया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के अनुसार, हिंसा में 17 कानून प्रवर्तन कर्मी और 31 नागरिकों की मौत हुई है। वहीं बीएलए ने चेतावनी दी है कि सेना का साथ देने वाले स्थानीय अधिकारी और पुलिसकर्मी उसके निशाने पर होंगे। दोनों पक्षों को नुकसान पाकिस्तान सेना के अनुसार, शनिवार को 92 और शुक्रवार को 41 अलगाववादी मारे गए। वहीं बीएलए ने भी स्वीकार किया है कि ऑपरेशन के दौरान उसके 18 लड़ाके मारे गए, जिनमें मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और STOS यूनिट के सदस्य शामिल हैं। संगठन ने यह भी माना कि हमलों में एक महिला हमलावर की भूमिका रही।  

ट्रंप का भारत पर भरोसा! पड़ोसियों में सबसे कम टैरिफ, NDA खेमे में उत्साह

 नई दिल्ली नई दिल्ली में एनडीए संसदीय दल की बैठक के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर खास उत्साह देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद एनेक्सी भवन में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया. बैठक में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम मोदी को सम्मानित भी किया गया. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद एनेक्सी भवन पहुंचे. उनके साथ केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव भी एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल होने पहुंचे. बैठक में एनडीए के तमाम वरिष्ठ नेता और सांसद मौजूद रहे. बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बीते कुछ महीनों में भारत द्वारा किए गए अहम व्यापार समझौतों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में भारत ने कई बड़े ट्रेड डील्स किए हैं, जिनमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील सबसे अहम है. रिजिजू ने इसे भारत की कूटनीतिक और आर्थिक मजबूती का बड़ा उदाहरण बताया. सेंसेक्स 2400, तो निफ्टी ने लगाई 700 अंकों की छलांग, टैरिफ डील से गदगद बाजार, ये 10 शेयर बने रॉकेट एनडीए नेताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी. नेताओं का कहना था कि इस समझौते से भारत को वैश्विक स्तर पर बड़ा आर्थिक फायदा मिलेगा और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलेगी. बैठक में यह भी कहा गया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका और मजबूत होगी. एनडीए नेताओं ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ बराबरी के स्तर पर बातचीत कर रहा है. एनडीए संसदीय दल की बैठक में कुल मिलाकर भारत-अमेरिका ट्रेड डील को सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया गया और इसे देश की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताया गया. भारत पर पड़ोसियों में सबसे कम टैरिफ… PAK-बांग्लादेश भारत के लिए गुड न्यूज (Good News For India) आ गई है और डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लागू टैरिफ को घटाने (US Tariff Cut) का ऐलान कर दिया. ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट शेयर कर Tariff Cut और India-US Trade Deal पर सहमति बनने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ अब 25% से घटकर सिर्फ 18% किया जाएगा. इस बीच एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताया और दोस्ती निभाते हुए टैरिफ में बड़ी कटौती कर दी. बता दें कि अब भारत पर अपने पड़ोसी पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन से भी कम Tariff हो गया है.  भारत पर 18% टैरिफ ही फाइनल  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ एक व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया गया है. इस ऐलान के साथ ही दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के बीच बीते कुछ समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को दूर करने में मदद मिलेगी. भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी कहा है कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा और उसपर 50% की जगह 18 फीसदी का टैरिफ ही फाइनल है. वहीं रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में व्हाइट हाउस के अधिकारी के हवाले से भी बताया गया है कि अमेरिका ने रूसी तेल आयात (Russian Oil Import) से जुड़े दंडात्मक शुल्क को वापस ले लिया है और अब सिर्फ संशोधित Reciprocal Tariff यानी 18 फीसदी लागू रहेगा.   भारत सबसे ज्यादा फायदे में, चीन-PAK पीछे  ट्रंप के भारत को लेकर किए गए इस बड़े Tariff Cut के ऐलान से अमेरिका के नए टैरिफ स्ट्रक्चर शुल्क संरचना के साथ भारत अब इस मामले में पड़ोसी अर्थव्यवस्थाओं से ज्यादा फायदे में आ गया है. चीन और पाकिस्तान की तुलना में भी भारत में अब काफी कम शुल्क हैं, जबकि इंडोनेशिया, बांग्लादेश और वियतनाम भी भारत से ज्यादा टैरिफ झेलने वाले देश बन चुके हैं.  इन देशों पर सबसे ज्यादा टैरिफ चीन 37%  ब्राजील 50%  दक्षिण अफ्रीका 30%  म्यांमार 40% लाओस 40% इन देशों पर कम, लेकिन भारत से ज्यदा टैरिफ बांग्लादेश 20% वियतनाम 20% मलेशिया 19%  कंबोडिया 19% थाईलैंड 19%  पाकिस्तान 19% टैरिफ के ये आंकड़े इस बात को दर्शाते हैं कि भारत के लिए संशोधित Tariff Rate उसे अमेरिका के सबसे प्रमुख सहयोगियों और व्यापारिक साझेदारों की लिस्ट और भी करीब लाता है. 

मार्केट में भूचाल! गिरावट के बाद सोना-चांदी की जबरदस्त वापसी, चांदी ₹21 हजार महंगी

 इंदौर / नई दिल्ली    सोना-चांदी की कीमतों में बीते कुछ दिनों से क्रैश होने का सिलसिला देखने को मिल रहा था, लेकिन मंगलवार को इसपर ब्रेक लग गया. एमसीएक्स पर वायदा कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही Gold-Silver की कीमतों में तूफानी तेजी के साथ ओपनिंग हुई. चांदी बीते सोमवार को गिरकर 2.25 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, लेकिन पिछले बंद की तुलना में एक झटके में 21,000 रुपये से ज्यादा चढ़ गई. सोना भी कम नहीं दिखा और खुलने ही 5,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया. चांदी की कीमतों में फिर उछाल  सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर कारोबार शुरू होने पर 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी के वायदा भाव में तगड़ा उछाल देखने को मिला. 1 Kg Silver Price एक झटके में अपने पिछले बंद भाव से 21,000 रुपये से ज्यादा महंगी हो गई.सोमवार को MCX Silver Price 2,36,261 रुपये था और मंगलवार को ये खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.  तेजी के बाद भी हाई से इतनी सस्ती Silver मंगलवार को आई तूफानी तेजी के बावजूद अभी चांदी का वायदा भाव अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से काफी सस्ता बना हुई है. बता दें कि 29 जनवरी को MCX Silver Price ने इतिहास रचते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का आंकड़ा पार किया था और 4,30,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी. इस स्तर से अभी भी चांदी का भाव 1,62,568 रुपये सस्ती (Silver Cheaper From High) मिल रही है.  Gold Rate में भी तगड़ी तेजी चांदी के अलावा सोने की कीमत में भी तेजी आई है और MCX Gold Rate सोमवार के अपने बंद 1,43,991 रुपये प्रति 10 ग्राम से उछलकर शुरुआती कारोबार में ही 1,49,485 रुपये पर पहुंच गया. इस हिसाब से 10 Gram 24 Karat Gold Rate 5,494 रुपये बढ़ गया.  सोने का लाइफ टाइम हाई लेवल से तुलना करें, तो ये भी उच्चतम स्तर के काफी सस्ता मिल रहा है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का हाई रेट 1,93,096 रुपये है, जो इसने चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए बीते 29 जनवरी को ही छुआ था और इसके बाद लगातार ये Silver Price की तरह ही क्रैश होता जा रहा था. वहीं अब मंगलवार को अचानक आई बड़ी तेजी के बाद भी ये अभी इस स्तर से 43,611 रुपये कम पर मिल रहा है.

व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने और नए मौके तलाशने कनाडा का ट्रेड मिशन भारत आएगा

नई दिल्ली   कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत से एक ट्रेड मिशन  6 फरवरी, 2026 तक भारत आएगा। इसका मकसद दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते मार्केट में से एक में कमर्शियल संबंधों को मजबूत करना और साझेदारी के नए मौके तलाशना है। बता दें, कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत के साथ इसके तनाव में कड़वाहट देखने को मिली थी। हालांकि, वर्तमान पीएम मार्क कार्नी के शासन में भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा भारत के साथ अपने बिगड़े हुए संबंधों को सुधारने की पहल कर रहा है। कनाडाई ट्रेड मिशन का भारत आना उन्हीं पहलों में से एक है। इस मिशन को अपॉर्चुनिटीज न्यू ब्रंसविक (ओएनबी) का समर्थन है और यह उस व्यापार पर फोकस करेगा जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विविधता लाना चाहते हैं, भारत में विस्तार करना चाहते हैं और नई कमर्शियल और सप्लाई-चेन साझेदारी विकसित करना चाहते हैं। लक्षित बिजनेस-टू-बिजनेस मीटिंग, मार्केट ब्रीफिंग और ऑन-द-ग्राउंड समर्थन के जरिए हिस्सा लेने वाली कंपनियों को संभावित खरीदारों, साझेदारों और निर्णय लेने वालों तक सीधी पहुंच मिलेगी। यह मिशन भारतीय बाजार के लिए न्यू ब्रंसविक की लंबे समय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और प्रांत की इन-मार्केट उपस्थिति को बढ़ाता है। इससे कंपनियों को स्थानीय व्यापार के माहौल में आगे बढ़ने और विकास के अवसर पहचानने में मदद मिलती है। यह ओएनबी के मार्च 2025 के भारत के व्यापार मिशन की सफलता पर भी आधारित है। इसमें व्यापार संबंधों को गहरा करने, निर्यात बढ़ोतरी को समर्थन करने और न्यू ब्रंसविक को व्यापार और निवेश के लिए एक कॉम्पिटिटिव और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर स्थापित करने पर लगातार केंद्रित किया गया है। ल्यूक रैंडल, अपॉर्चुनिटीज एनबी और आर्थिक विकास और छोटे बिजनेस के लिए जिम्मेदार मंत्री हैं। वह इस मिशन को लीड करेंगे। रैंडल ने कहा, “वैश्विक व्यापार ऑर्डर तेजी से बदल रहे हैं, और न्यू ब्रंसविक भारत जैसे खास मार्केट के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत कर रहा है। हमारा प्रांत भारत में आर्थिक अवसरों को पहचानने वाला अकेला नहीं है, बल्कि हम इन-मार्केट टीम वाला अकेला अटलांटिक प्रांत हैं और इसके नतीजे में हमने मजबूत साझेदारी बनाई हैं जो नए अवसरों के दरवाजे खोल रही हैं जो लंबे समय की विकास, विविधता और रेसिलिएंस का समर्थन करती हैं।” इस मिशन में चार न्यू ब्रंसविक कंपनियां और एक एकेडमिक इंस्टिट्यूशन शामिल हैं, जो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-फूड, एडटेक, एजुकेशनल और प्रोफेशनल सेवाएं और एकेडमिक रिसर्च जैसे खास सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपॉर्चुनिटीज एनबी, कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत के लिए लीड बिजनेस डेवलपमेंट एजेंसी है। यह स्थानीय व्यापार का समर्थन करता है और आर्थिक और जॉब ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर से नया निवेश आकर्षित करता है।

गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड ने बाइक पर दिखाया हैरतअंगेज स्टंट, सुरक्षा कानूनों की अनदेखी

सागर  मध्य प्रदेश के सागर जिले में बाइक चलाते हुए युवक और युवती की स्टंट का वीडियो इंटरनेट पर हॉट केक बना हुआ है. वायरल वीडियो में बाइक की सीट पर पीछे बैठने के बजाय युवती आगे बैठी हुई है और उसका मुंह पीछे की तरफ घूमा हुआ है. सोशल मीडिया पर अपलोड हुआ यह वीडियो लोगों द्वारा खूब पंसद किया जा रहा है.   आमतौर पर बाइक पर बॉय फ्रेंड और गर्लफ्रेंड बाइक की सीट पर आगे-पीछे के बैठकर राइड करते हैं. समय बदला युवतियां पर दोनों पैर एक साइड रखने के बजाय क्रॉस बैठने लगी, लेकिन सागर जिले के अतरंगी जोड़े बाइक पर ऐसी मुद्रा में सवार हुआ कि सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. बाइक चला रहे बॉय फ्रेंड पर झप्पी डाल कर बैठी है गर्लफ्रेंड वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवती बाइक चला रहे बॉय फ्रेंड को बाइक पर झप्पी डाल कर बैठी है. बॉय फ्रेंड और गर्लफ्रेंड के स्टंट को सड़क पर साथ चल रहे राहगीरों ने अपने मोबाइल पर कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. देखते ही देखते यह अतरंगी बाइक राइड का वीडियो वायरल हो गया.     बाइक पर गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड का हैरतअंगेज स्टंट     मध्य प्रदेश के सागर जिले में बाइक चलाते हुए युवक और युवती की स्टंट का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है. युवती बाइक चला रहे बॉय फ्रेंड को बाइक पर झप्पी डाल कर बैठी है. बॉय फ्रेंड और गर्लफ्रेंड के स्टंट को सड़क पर साथ चल रहे…  युवती ने मुंह ढक रखा है, ताकि पहचान सार्वजनिक न हो सके वीडियो जरुआखेड़ा–जलंधर रोड का है, जहां किसी ने अतरंगी जोड़े को अजीबोगरीब मुद्रा में बाइक राइड करते हुए कैमरे में कैद कर लिया. वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक ने युवती को आगे उल्टा बैठाकर बाइक चला रहा है. युवती ने अपना मुंह कपड़े से ढक रखा है, जिससे उसकी पहचान सार्वजनिक हो सके. खतरनाक और अतरंगी तरीके से बाइक राइड कर रहे युवा जोड़े को सड़क पर चल रहे कई राहगीरों ने ऐसा करने से रोका, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया. सवाल है कि ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा नियमों की धज्जी उड़ाने वाले जोड़े के वायरल वीडियो को पुलिस संज्ञान में कब लेगी? सड़क पर स्टंटबाजी करने को लेकर क्या है ट्रैफिक कानून? गौरतलब है प्रदेश में सड़क पर स्टंटबाजी के खिलाफ सख्त प्रावधान हैं, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दोषी पर भारी जुर्माना, ड्राइविंग लाइसेंस रद्दीकरण और गिरफ्तारी शामिल है. पुलिस IPC की धाराओं के तहत भी कार्रवाई कर सकती है. 1 जनवरी 2026 से नए नियमों के अनुसार, बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है.

सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया…

सीआईआई मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष और आईसेक्ट समूह के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ सिद्धार्थ चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया…  भोपाल  केंद्रीय बजट 2026–27 ‘विकसित भारत 2047’ के विज़न के अनुरूप एक दूरदर्शी और विकासोन्मुख रोडमैप प्रस्तुत करता है। एमएसएमई, रोजगार सृजन, कौशल विकास और बेहतर ऋण उपलब्धता पर दिया गया विशेष जोर उद्यमिता और रोज़गार के नए अवसरों को मजबूती देगा, विशेष रूप से मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में जहाँ एमएसएमई का मजबूत आधार मौजूद है। इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रोबोटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में निरंतर निवेश से उत्पादकता और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी। साथ ही, महिलाओं की भागीदारी, स्किलिंग और उभरते क्षेत्रों को समर्थन देने वाली पहलें सतत और समावेशी विकास की समग्र सोच को दर्शाती हैं। कुल मिलाकर यह बजट एक सशक्त, भविष्य-तैयार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखता है। डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी उपाध्यक्ष, सीआईआई मध्य प्रदेश कार्यकारी उपाध्यक्ष, आईसेक्ट समूह कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी

Get Set Parent की फाउंडर एवं AISECT समूह की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. पल्लवी राव सी. चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया:

Get Set Parent की फाउंडर एवं AISECT समूह की कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. पल्लवी राव सी. चतुर्वेदी द्वारा केंद्रीय बजट 2026 पर प्रतिक्रिया: स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर और एवीजीसी (एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) लैब कार्यक्रम लागू करने का प्रस्ताव एक प्रगतिशील कदम है, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल कंटेंट अब बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति को कितनी गहराई से प्रभावित कर रहा है। एनीमेशन, गेमिंग और विज़ुअल स्टोरीटेलिंग से संरचित परिचय न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा देगा, बल्कि एकाग्रता, सहयोग और स्क्रीन के सजग उपयोग जैसे आवश्यक कौशल भी विकसित करेगा। ये भविष्य के लिए तैयार करने वाली क्षमताएँ हैं, जो बच्चों की पूरी शैक्षणिक यात्रा में सहायक होंगी और उभरते रचनात्मक करियर के लिए नए अवसर खोलेंगी। उतनी ही महत्वपूर्ण है सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (SHE) मार्ट्स की शुरुआत। महिलाओं उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट्स बनाकर, बजट बच्चों को ऐसे परिवेश से जोड़ता है जहाँ वे वास्तविक जीवन में महिलाओं को नेतृत्व करते, उद्यम संचालित करते और बदलाव लाते हुए देख सकते हैं। इससे उन्हें सार्थक सामाजिक और आर्थिक रोल मॉडल मिलते हैं, साथ ही शिक्षा, उद्यमिता और सामाजिक आत्मविश्वास के बीच मजबूत संबंध भी स्थापित होता है। मिलकर, ये पहलें ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करती हैं जो रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और आकांक्षा को प्रोत्साहित करता है।