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MP के शहरों में विकास का बड़ा मौका! केंद्र बजट से बड़े शहरों को मिलेगा खास फंड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की खूबियां बताएंगे। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा रहेंगे शामिल।  रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। इसमें 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, हर जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ प्राप्त होगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाऐं भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा है कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मध्य प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है, इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। बजट में देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एआई के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, इसका आने वाले दिनों में प्रदेश और देश को तरक्की में बड़ा योगदान होगा। दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बजट के बाद कहा था कि केंद्रीय बजट आने वाले 10 वर्षों में भारत के विकास की दिशा तय करेगा। जिन क्षेत्रों में दुनिया के केवल दो-तीन देशों का दबदबा है, उन रणनीतिक उत्पादों के निर्माण पर बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में पहली बार अलग मालगाड़ी कॉरिडोर बनाने की बात की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और व्यापार बढ़ेगा। खण्डेलवाल ने कहा है यह बजट डर से मुक्त टैक्स व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला बजट है।

MP में बदलता मौसम: रायसेन में ओस, उज्जैन-इंदौर-धार-अंबाह में घना कोहरा, ग्वालियर में ओले गिरे

भोपाल  मध्य प्रदेश में घने कोहरे के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी के साथ आज भी कई जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। जबकि, कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते एमपी में ओले और बारिश का दौर जारी है। जबकि 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिससे 10 फरवरी तक प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी में गरज चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है। जबकि, भोपाल समेत कई जिलों में सुबह मध्यम कोहरा भी देखने को मिला। आफत बनी बारिश और ओलावृष्टि मौसम विभाग ने 3 फरवरी के लिए 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 फरवरी के बाद ही बारिश से राहत मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है. रविवार और सोमवार को निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में आंधी के साथ बरसात हुई है. इससे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी मौसम वैज्ञानिक ई दिव्या बताती हैं, "वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब और इससे लगे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा 5 फरवरी की रात को नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है. हालांकि, अब ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है." इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 3 फरवरी को आगर मालवा, राजगढ़ गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सागर, दमोह, टीकमगढ़ निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिले में बारिश हो सकती है. जबकि 4 फरवरी को श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 5 और 6 फरवरी को यहां बरसेगा पानी 5 फरवरी को राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा जिले में बारिश हो सकती है. 6 फरवरी को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बारिश हो सकती है. एक साथ सक्रिय है 3 सिस्टम आईएमडी के अनुसार वर्तमान में 3 सिस्टम एक साथ एक्टिव है, जिस वजह से रविवार और सोमवार को ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़, आगर, उज्जैन, दतिया जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा नीमच और मंदसौर में ओले गिरे हैं, जबकि आगर में तेज हवाएं चली. छतरपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं ग्वालियर, उज्जैन रीवा में हल्का कोहरा छाया रहा.  टेम्प्रेचर में कोई बदलाव नहीं मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. प्रदेश में अधिकतम तापमान खरगौन में 30.2 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.4 रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी माह में धीरे-धीरे तापमान बढ़ेगा. खासतौर से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा.  एमपी के इन जिलों में 3 दिन मौसम का हाल 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना में मध्यम कोहरा रहेगा। -5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा। -6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा रहेगा।

धार्मिक कार्यक्रम में अलका लांबा ने कही बात, काम से बनती है असली पहचान

उज्जैन  अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। अलका लांबा ने महाकाल मंदिर में पहले नंदी हाल और फिर देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने नंदी मंडपम में बैठकर ध्यान लगाया। धार्मिक वातावरण के बीच उनका दौरा आध्यात्मिक दिखा, लेकिन बाहर निकलते ही सुर सियासी हो गए। मीडिया से चर्चा में लांबा ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नाम में “भगवान” जोड़ लेना काफी नहीं, असली पहचान काम से होती है। उनके मुताबिक, आज प्रदेश में कुछ नेताओं के काम समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने वाले नजर आ रहे हैं। उन्होंने भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि शिव ने सृष्टि बचाने के लिए विष पिया था, लेकिन आज के कुछ सत्ताधारी समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि इस तरह की भाषा और राजनीति लोगों के बीच नफरत बढ़ा रही है। लांबा ने यात्रा के दौरान देखी एक घटना का जिक्र करते हुए और गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इंदौर से उज्जैन आते समय उन्होंने एक ऑटो पर ऐसा प्रचार देखा जिसमें एक ऐसे दोषी अपराधी का महिमामंडन किया गया था, जिसे नाबालिग बेटियों से जुड़े जघन्य अपराधों में सजा हो चुकी है। इसे उन्होंने बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि अपराधियों को हीरो बनाकर पेश करना महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरनाक सोच है। महिला कांग्रेस की नेता ने साफ कहा कि उनकी पार्टी ऐसी मानसिकता के खिलाफ लगातार आवाज उठाएगी और समाज में अपराधियों की छवि चमकाने की कोशिशों का विरोध करेगी। धार्मिक यात्रा के बहाने शुरू हुआ यह दौरा, आखिरकार प्रदेश की सियासत में तीखा संदेश छोड़ गया।  

न्याय हुआ पूरा! डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी दोषी, 10 साल की जेल

बड़वानी बड़वानी की तृतीय जिला एवं सत्र न्यायालय ने महिला पटवारी के साथ दुष्कर्म और प्रताड़ना के गंभीर मामले में तत्कालीन एसडीएम (सेंधवा) और वर्तमान उज्जैन डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी अफसर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1 लाख 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी डिप्टी कलेक्टर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इस मामले में एफआईआर के बाद फरार होने पर 4 मई 2024 को बड़वानी पुलिस ने खराड़ी को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त तत्कालीन उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने उन्हें सस्पेंड किया था। तभी से वह सस्पेंड थे। अभियोजन के अनुसार, आरोपी अभय सिंह खराड़ी वर्ष 2016 से 2024 के बीच महिला का लगातार यौन शोषण करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने पद का रसूख दिखाकर 4 से 5 बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। दिसंबर 2023 में आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। ब्लैकमेलिंग और सिंदूर भरकर तस्वीरें लीं न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी अफसर महिला को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करता था। वह महिला के आने वाले रिश्तों को तुड़वा देता था और फोन पर तेजाब डालने और अपहरण करने की धमकी देता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बेहोश कर उसकी मांग में सिंदूर भर फोटो खींची थी, ताकि समाज में उसे अपनी पत्नी बताकर बदनाम और ब्लैकमेल कर सके। पत्नी को जान से मारने के आरोप भी लग चुके 31 अक्तूबर 2017 में खराड़ी पर पत्नी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर जान से मारने के आरोप भी लगे थे। खराड़ी उस वक्त झाबुआ डिप्टी कलेक्टर थे और पत्नी सुनीता खराड़ी धार जिले के दीनदयालपुरम में रहती थीं। कोतवाली पुलिस ने खराड़ी को बेहोशी की हालत में मिलने पर इलाज करवाया था। सुनीता खराड़ी ने पुलिस को बताया उनके पति ने गुंडे बुलाकर उनके साथ मारपीट की और उसको बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। घटना के दिन रात 3 बजे उनके पति ने उनकी दूसरी पत्नी के तीन भाइयों के साथ दो और लोगों को बुलाया। दूसरी पत्नी का मुंह दबा दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद जान से मारने की कोशिश की। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।  

एम्स भोपाल के डॉक्टरों की सफलता: अत्यंत चुनौतीपूर्ण ‘होल लंग्स लैवेज’ प्रक्रिया पूरी की

 भोपाल  पत्थर, सीमेंट और निर्माण से जुड़ी दुनिया जितनी मजबूत दिखती है, उतनी ही कमजोर जिंदगियां उसके पीछे काम कर रही होती हैं। इन्हीं जिंदगियों को धीरे-धीरे निगल लेने वाली एक खामोश और जानलेवा बीमारी है सिलिकोसिस। यह ऐसी बीमारी है, जिसमें फेफड़े धीरे-धीरे पत्थर जम जाता है।  एम्स भोपाल में मध्य भारत की पहल एम्स भोपाल के डॉक्टरों ने इस मरीज के इलाज के लिए ‘होल लंग्स लैवेज’ नाम की अत्यंत जटिल प्रक्रिया को अंजाम दिया। इस प्रक्रिया में फेफड़ों के अंदर जमा प्रोटीन और धूल को सलाइन वाटर से धोकर बाहर निकाला जाता है। एम्स प्रबंधन के अनुसार, मध्य भारत में यह पहला मौका है, जब सिलिकोसिस से प्रभावित फेफड़ों में जमे प्रोटीन को इस तकनीक से सफलतापूर्वक साफ किया गया हो। डॉक्टरों का कहना है कि यह सिर्फ एक मरीज का इलाज नहीं, बल्कि उन हजारों मजदूरों के लिए उम्मीद की किरण है, जो रोजाना पत्थरों और धूल के बीच काम करते हुए अपनी सांसें दांव पर लगा देते हैं। स्टोन क्रशर की धूल ने बिगाड़ी हालत एम्स के पल्मोनोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अल्केश खुराना और असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अभिनव खुराना ने बताया कि मरीज लंबे समय से स्टोन क्रशर में काम कर रहा था। वहां उड़ने वाली बारीक सिलिका धूल सांस के साथ उसके फेफड़ों में पहुंचती रही और धीरे-धीरे वहां जमती चली गई। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिफ्यूज एल्वियोलर प्रोटीनोसिस कहा जाता है। इसमें फेफड़ों की हवा वाली थैलियों में प्रोटीन भर जाता है, जिससे ऑक्सीजन का आदान-प्रदान रुकने लगता है। यही कारण था कि मरीज को सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी और उसका ऑक्सीजन स्तर लगातार गिरता जा रहा था। 6 घंटे चली बेहद जोखिमभरी प्रक्रिया डॉ. खुराना के अनुसार, होल लंग्स लैवेज एक बेहद जटिल और जोखिमभरी प्रक्रिया है। इसमें फेफड़ों के अंदर 6 से 8 लीटर तक सलाइन वाटर डाला जाता है और फिर उसे बाहर निकाला जाता है, ताकि जमा प्रोटीन साफ हो सके। यह प्रक्रिया इसलिए भी खतरनाक होती है क्योंकि ज्यादा मात्रा में पानी फेफड़ों में जाने से मरीज की जान को सीधा खतरा हो सकता है। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सावधानी के साथ करीब 6 घंटे में पूरा किया गया। डॉक्टरों की एक पूरी टीम लगातार मरीज के ऑक्सीजन स्तर, हृदय गति और ब्लड प्रेशर पर नजर रखे हुए थी। कार्डियक ओटी में हुआ ऑपरेशन इस जटिल प्रक्रिया को कार्डियक ओटी में किया गया, जिसमें कार्डियक थोरेसिक सर्जन डॉ. योगेश निवारिया भी शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस इलाज की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जब एक फेफड़े को साफ किया जा रहा होता है, तब मरीज को दूसरे फेफड़े के सहारे ही सांस लेनी पड़ती है। इस मरीज के मामले में मुश्किल और बढ़ गई थी, क्योंकि दूसरा फेफड़ा भी काफी कमजोर हो चुका था। ऐसे हालात में कई बार मरीज को हार्ट-लंग मशीन यानी आर्टिफिशियल लंग्स पर रखना पड़ता है। हालांकि, डॉक्टरों की सतर्कता और सही रणनीति के चलते इस मरीज को मशीन पर डालने की जरूरत नहीं पड़ी और प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई। क्या है सिलिकोसिस और क्यों है यह जानलेवा सिलिकोसिस सिलिका नामक बेहद बारीक धूल के कणों से होने वाली बीमारी है। ये कण सांस के साथ फेफड़ों में पहुंच जाते हैं और वहां जमा होकर फेफड़ों की कोमल झिल्लियों को नुकसान पहुंचाते हैं। धीरे-धीरे फेफड़े स्पंज जैसे नरम रहने के बजाय पत्थर की तरह सख्त हो जाते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, मरीज को सांस लेने में तकलीफ, लगातार खांसी, थकान और ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगती है। अंतिम चरण में शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और मरीज की मौत तक हो सकती है। मजदूर सबसे ज्यादा चपेट में सिलिकोसिस का सबसे बड़ा शिकार वे मजदूर होते हैं, जो खदानों, स्टोन क्रशर, पत्थर की पाउडर मिलों, सीमेंट फैक्ट्रियों और कांच-सिरेमिक उद्योगों में काम करते हैं। इनमें से ज्यादातर मजदूर गरीब तबके से आते हैं और सुरक्षा उपकरणों की कमी या जानकारी के अभाव में इस जानलेवा धूल के संपर्क में रहते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सिलिकोसिस से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। इसके लिए कार्यस्थलों पर धूल नियंत्रण, मास्क और नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।

ख़मतरा में शैला महोत्सव की धूम, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने दिखाई सहभागिता

शैला महोत्सव का भव्य आयोजन, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने बढ़ाया उत्साह ख़मतरा में शैला महोत्सव की धूम, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने दिखाई सहभागिता भव्य शैला महोत्सव में उमड़ा उत्साह, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने लोगों को किया प्रेरित     ख़मतरा  आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से 1 फरवरी को पैतृक ग्राम ख़मतरा (घुघरी) में 'शैला महोत्सव' का गरिमामय आयोजन किया गया। रात्रि 9 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा उपस्थित रहे। संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम महोत्सव के दौरान पूरा वातावरण आदिवासी संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। ढोल और मांदर की थाप पर थिरकते नर्तक दलों ने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विधायक पट्टा ने समाज के लोगों के साथ मिलकर अपनी जड़ों और रीति-रिवाजों का उत्सव मनाया। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को विरासत सौंपने का पर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया गया कि हमारी नृत्य कलाएं, उत्सव और परंपराएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं। बल्कि, ये वे अनमोल क्षण हैं जब हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते हैं। यह महोत्सव हमारी पहचान को जीवित रखने और युवाओं को अपने मूल से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना।  * पारंपरिक शैला नृत्य: नर्तक दलों द्वारा अनुशासन और तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन।  * रीति-रिवाज का संरक्षणसमाज की प्राचीन परंपराओं का जीवंत चित्रण।  * एकता का संदेश: 'जय सेवा' और 'जय जोहार' के उद्घोष से गूंजा आयोजन स्थल।

दुखद हादसा: नागपुर AIIMS में बच्चा नहीं बच सका, कफ सिरप ने की किडनियों को नुकसान

 बैतूल  कथित जहरीले कोल्ड्रिफ कफ सिरप से जुड़ा मामला लगातार भयावह होता जा रहा है। पहले ही बच्चों सहित 12 से अधिक लोगों की जान लेने के आरोपों से घिरे इस सिरप ने अब बैतूल जिले के चार वर्षीय हर्ष यदुवंशी की भी जिंदगी छीन ली। 120 दिन तक नागपुर एम्स में चले लंबे इलाज के बाद मासूम ने बीती रात अंतिम सांस ली। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब हर्ष का शव उसके गांव टीकाबरी (बोरदेही) पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो उठा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं ग्रामीणों में जिम्मेदारों के खिलाफ भारी आक्रोश देखा जा रहा है। एक साधारण सर्दी-जुकाम से शुरू हुआ दर्दनाक सफर हर्ष यदुवंशी (4 वर्ष) पिता गोकुल यदुवंशी, जो की  ग्राम टिकाबर्री, तहसील आमला, जिला बैतूल का रहने वाला था। परिजनों के अनुसार सितंबर 2025 में हर्ष को सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत हुई थी। 26 सितंबर को छिंदवाड़ा के परासिया क्षेत्र के एक निजी चिकित्सक डॉ. एस.एस. ठाकुर से उसका इलाज कराया गया। आरोप है कि इसी दौरान उसे कोल्ड्रिफ कफ सिरप दिया गया। दवा लेने के कुछ समय बाद ही बच्चे की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। उल्टी, कमजोरी और पेशाब की दिक्कत के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल, फिर बड़े मेडिकल सेंटर ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर किया गया, जहां अक्टूबर से एम्स में उसका इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया था कि बच्चे की दोनों किडनियां गंभीर रूप से प्रभावित हो चुकी हैं। 120 दिन तक डायलिसिस और गहन उपचार के बावजूद आखिरकार मासूम जिंदगी की जंग हार गया। शिकायत के बाद भी धीमी रही कार्रवाई हर्ष के चाचा श्याम देवा यदुवंशी ने पहले ही प्रशासन को लिखित शिकायत देकर आशंका जताई थी कि बच्चे की किडनी फेल होने के पीछे संदिग्ध कफ सिरप हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि डॉक्टर को दवा के संभावित दुष्परिणामों की जानकारी होने के बावजूद सिरप दिया गया। 22 नवंबर 2025 को एसडीओपी ने परासिया थाने में दर्ज जहरीले कफ सिरप प्रकरण में इस शिकायत को शामिल करने के निर्देश दिए थे। पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश केस डायरी में क्रमांक 39 पर हर्ष का मामला दर्ज बताया गया है। साथ ही श्रीसन फार्मा निर्मित कोल्ड्रिफ सिरप की जब्त बोतल का उल्लेख भी है। गिरफ्तारी हुई, पर सवाल अब भी बाकी अब तक इस मामले में 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें दवा कंपनी से जुड़े लोग, केमिकल सप्लायर, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और मेडिकल स्टोर संचालक शामिल हैं। कुंडीपुरा पुलिस ने भी अलग प्रकरण में दो और गिरफ्तारियां की हैं, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है। परासिया के स्टेशन रोड स्थित उस निजी क्लीनिक पर अब तक ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई, जहां इलाज के बाद कई बच्चों में किडनी फेल होने के मामले सामने आए थे? पीड़ित पक्ष के वकील संजय पटोरिया का कहना है कि पुलिस डायरी में डॉ. एस.एस. ठाकुर और डॉ. अमित ठाकुर (पिता-पुत्र) के नाम दर्ज हैं, फिर भी क्लीनिक न तो सील किया गया और न ही उनके खिलाफ वैसी सख्ती दिखाई गई जैसी अन्य आरोपियों पर की गई। गांव में मातम, परिजनों की एक ही मांग “दोषियों को सजा” हर्ष की मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। गांव में मातम पसरा है। परिजन बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं “अगर समय पर कार्रवाई होती, तो क्या हमारा बच्चा बच सकता था?” परिवार ने सरकार से आर्थिक मदद, निष्पक्ष जांच और सभी जिम्मेदारों चाहे वे डॉक्टर हों, दवा निर्माता या सप्लाई चेन से जुड़े लोग, सभी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे बड़े सवाल यह मामला केवल एक दवा या एक डॉक्टर तक सीमित नहीं रह गया है। यह दवा गुणवत्ता जांच, लाइसेंसिंग, निजी क्लीनिकों की निगरानी और मेडिकल स्टोर्स की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जब तक जांच पूरी नहीं होती और जिम्मेदारों को सजा नहीं मिलती, तब तक लोगों के मन से यह डर खत्म होना मुश्किल है कि एक साधारण सर्दी-जुकाम की दवा भी जानलेवा साबित हो सकती है।  

निवेशकों की चांदी! भारत-अमेरिका ट्रेड डील से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकॉर्ड उछाल

मुंबई  भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील से मंगलवार को शेयर बाजार रॉकेट बन गया. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स और निफ्टी में जबरदस्‍त तेजी देखने को म‍िली. मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई बीएसई सेंसेक्स ने 2500 अंक से ज्यादा की छलांग लगा दी. निफ्टी भी 700 अंक की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गया. शेयर बाजार में आई तेजी से प‍िछले कुछ महीने से लगा ग्रहण छंटता नजर आया. शेयर बाजार में आई तेजी पिछले कुछ महीने की अन‍िश्‍च‍ितता को खत्म करने वाली है. प‍िछले कुछ महीने से बाजार ट्रंप के टैरिफ को लेकर दबाव में चल रहा था. सभी इंडेक्‍स में जबरदस्‍त तेजी ट्रंप के टैर‍िफ घटाने का असर न‍िफ्टी 50 के अलावा बैंक न‍िफ्टी, न‍िफ्टी फाइनेंस, न‍िफ्टी म‍िड कैप और न‍िफ्टी स्‍मॉलकैप समेत सभी इंडेक्‍स में देखने को म‍िला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद ट्रेड डील का ऐलान कर द‍िया. अमेरिका की तरफ से भारत से न‍िर्यात क‍िये जाने वाले प्रोडक्‍ट पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया. इसके अलावा रूसी तेल खरीद को लेकर लगाए गए एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ भी हटा द‍िया. GIFT निफ्टी ने सुबह ही द‍िया था संकेत डील की खबर आते ही GIFT निफ्टी (भारतीय बाजार का पूर्वानुमान देने वाला इंडेक्‍स) में 700-800 अंक की मजबूत छलांग देखी गई थी. सुबह 6-7 बजे ही यह 3 प्रतिशत से ज्यादा ऊपर था. बाजार खुलते ही सेंसेक्स 83,000-84,000 के स्तर पर पहुंच गया और 2500 अंक से ज्‍यादा की तेजी देखी गई. निफ्टी भी चढ़कर 25,800 के पार चला गया. किन सेक्‍टर में होगी न‍िवेशकों की चांदी? ट्रेड डील से एक्‍सपोर्ट बेस्‍ड सेक्टर में भारी उछाल देखा गया. टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, केमिकल, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और मशीनरी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी खरीदारी देखने को म‍िल रही है. इन सेक्टर से जुड़ा सामान अब अमेरिका में पहले से सस्ते दाम पर म‍िल सकेगा, जिससे कंपनियों के प्रॉफ‍िट में बढ़ोतरी का अनुमान है. जानकारों का कहना है कि यह डील इंड‍ियन इकोनॉमी और शेयर मार्केट के लिए बड़ा बूस्ट है. टैरिफ कम होने से निर्यात बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा और रुपये पर भी दबाव कम होगा.   पीएम मोदी ने ट्रंप का धन्यवाद किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते का स्वागत किया और ट्रंप को धन्यवाद दिया. उन्होंने बताया कि “Made in India उत्पादों पर अब केवल 18% टैरिफ लगेगा” और यह निर्णय 1.4 अरब भारतीयों के लिए एक शानदार घोषणा है। ट्रम्प बोले-भारत के साथ ट्रेड डील पर सहमत अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे भारत के साथ डील पर सहमत हैं, जिसमें टैरिफ 50 फीसदी से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा। भारत रूस से आयल खरीद बंद करेगा और वर से ज्यादा एनर्जी, टेक्नोलॉजी और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स खरीदेगा। एशियाई-अमेरिकी बाजार में तेजी जापान का निक्केई इंडेक्स 3.14 फीसदी चढ़कर 53,186 पर और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.02 प्रतिशत ऊपर 5,198 कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 0.20 फीसदी चढ़कर 26,830 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.38 प्रतिशत ऊपर 4,031 पर ट्रेड कर रहा है। अमेरिका का डाउ जोंस 1.05 फीसदी चढ़कर 49,407 पर बंद हुआ। नैस्डैक 0.94 फीसदी और एसएंडपी 500 0.54 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। सोना-चांदी इतना हुआ महंगा शेयर बाजार में तूफानी के साथ ही मंगलवार को कमोडिटी मार्केट में जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। एमसीएक्स पर कारोबार की ओपनिंग होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी झटके में 21000 रुपए से ज्यादा महंगी हो गई। मंगलवार को खुलने के साथ ही 2,57,480 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना भी चांदी की तरह ही 5,494 रुपए महंगा होकर 1,49,485 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। भारतीय रुपया ने दिखाया दम भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बात बनने और टैरिफ में कटौती किए जाने के ट्रंप के ऐलान का असर Indian Currency पर भी देखने को मिला है और मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.2% की तेजी लेकर 90.40 पर खुला. बता दें कि इसका पिछला बंद भाव 91.5125 था। शुरुआती कारोबार में ये Top गेनर शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत में टॉप-10 गेनर स्टॉक्स की बात करें, तो Adani Ports, Reliance के अलावा, बजाज फाइनेंस (6.50%), इटरनल शेयर (4.50%), बजाज फिनसर्व (4.31%), इंडिगो (3.99%), महिंद्रा एंड महिंद्रा शेयर (3.95%), सनफार्मा (3.63%), इंफोसिसि (3.50%), टाइटन (3%) और मारुति (2.94%) की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे। रिलायंस-अडानी समेत ये शेयर बने रॉकेट India-US Trade Deal और टैरिफ 18% पर आने के असर से गदगद हुए शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अडानी पोर्ट का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा उछल गया, तो वहीं देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस का शेयर भी करीब 4 फीसदी की तेजी लेकर कारोबार करता नजर आया। भारत के पड़ोसी देशों पर कितना टैरिफ?     बांग्लादेश: 20%     वियतनाम: 20%     मलयेशिया: 19%     कंबोडिया: 19%     थाईलैंड: 19%     पाकिस्तान: 19% ज्यादा टैरिफ वाले देश     चीन: 34%     ब्राजील: 50%     दक्षिण अफ्रीका: 30%     म्यांमार: 40%     लाओस: 40% भारत से कम टैरिफ वाले प्रमुख देश     यूरोपीय यूनियन: 15%     जापान: 15%     दक्षिण कोरिया: 15%     स्विट्जरलैंड: 15%     यूनाइटेड किंगडम: 10%  

MP के रायसेन में जल्द बन सकता है रोप-वे! शिवराज ने साझा की बड़ी खबर

भोपाल मध्य प्रदेश के विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में पिछले 100 दिनों से जारी सांसद खेल महोत्सव का समापन हो गया। इस मौके पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए एक बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे रायसेन में स्थित किले तक रोप-वे बनाने की अनुमति लेकर आए हैं। साथ ही उन्होंने इस बारे में जारी आदेश को समारोह में मौजूद रायसेन के विधायक प्रभुराम चौधरी को सौंप दिया। इसके अलावा केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि रोप-वे बनने के साथ ही किले पर एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें इलाके के गौरवशाली इतिहास को बताते हुए इससे जुड़ी धरोहरों को वहां संजोया जाएगा। साथ ही इलाके के किसानों की भलाई के लिए लगने वाले मेले की जानकारी देते हुए शिवराज ने कहा कि यहां पर अप्रैल महीने में तीन दिनों के लिए किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें उन्हें खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। अप्रैल महीने में तीन दिन लगेगा किसान कुंभ और मेला कार्यक्रम के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए शिवराज ने कहा, 'रायसेन वालों, अभी डॉ प्रभुराम चौधरी जी कह रहे थे कि किला बहुत ऊपर है, तो प्रभुरामजी आज आप ये आदेश ले लीजिए, जो हमारा रायसेन के किले में रोपवे की अनुमति भारत सरकार से मैं लेकर आया हूं रायसेन वालों। मैं आपको आदेश की कॉपी दे रहा हूं, अब रायसेन रोप-वे जाएगा और किले के ऊपर एक शानदार म्यूजियम भी बनाया जाएगा। ऊपर वाले किले को भी शानदार बनाया जाएगा। रायसेन में मेडिकल कॉलेज तो खुलेगा ही, उसकी घोषणा माननीय मुख्यमंत्री कर चुके हैं और किसानों के लिए 12, 13 और 14 अप्रैल को किसान कुंभ और किसानों का मेला लगेगा। जिसमें खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण देने का काम किया जाएगा। रायसेन अब हिंदुस्तान में आइडियल बनेगा।' इसके आगे शिवराज ने कहा, 'मैं फिर आपको वचन देता हूं कि आपकी मुस्कुराहत ही मेरी जिंदगी है, आपके चेहरे पर खुशी लाने के लिए मामा कोई कसर नहीं छोड़ेगा।' MLA बोले- नई ऊंचाई तक ले जाना हमारा संकल्प वहीं कार्यक्रम में मौजूद रायसेन के विधायक व पूर्व मंत्री प्रभुराम चौधरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, ‘रायसेन के मेरे प्रिय भाई-बहनों, आज हमारे लिए ऐतिहासिक क्षण है। माननीय केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान जी के प्रयासों से रायसेन किले में रोप-वे निर्माण की अनुमति भारत सरकार से प्राप्त हुई है। यह आदेश पत्र प्राप्त कर मैं आप सभी के साथ इस सुखद समाचार को साझा कर रहा हूं। अब श्रद्धालु और पर्यटक रोप-वे के माध्यम से किले तक सहज और सुरक्षित रूप से पहुंच सकेंगे। साथ ही, किले में एक भव्य संग्रहालय (म्यूजियम) का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे रायसेन की गौरवशाली विरासत को नई पहचान मिलेगी। रायसेन के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का हमारा संकल्प निरंतर जारी रहेगा।’ बहुत ऊंची पहाड़ी पर बना है 11वीं शताब्दी का किला रायसेन के जिस किले तक पहुंचने के लिए शिवराज ने रोपवे बनाने की अनुमति मिलने की जानकारी दी है, वह किला राजधानी भोपाल से लगभग 40 किलोमीटर दूर है और एक ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। साथ ही मध्यप्रदेश के प्रमुख किलों में से एक है। इसका निर्माण 11वीं शताब्दी में किया गया था और यह पहले हिंदू राजाओं का गढ़ था। बाद में यह किला अफगान और मुग़ल शासकों के अधीन रहा। इस किले में हिंदू और मुगल वास्तुकला का मिश्रण दिखा देता है। इस किले के अंदर बादल और रानी महल, जलाशय, मंदिर, और हजरत पीर फतेह उल्लाह शाह बाबा की दरगाह स्थित हैं, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, जिसमें सभी धर्मों के लोग शामिल होते हैं। बता दें कि पिछले सौ दिनों से विदिशा-रायसेन संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव चल रहा था। जिसका समापन सोमवार को हो गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यहां पर भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर रविंद्र जडेजा पहुंचे थे और उन्होंने रोड शो में हिस्सा लेते हुए खेल महोत्सव में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को संबोधित भी किया।

असल डील मेकर कौन? 21 दिन में India-US ट्रेड डील को अंजाम देने वाला चेहरा आया सामने

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया है. पिछले करीब 10 महीने से टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही थी, कई बार दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला. लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं रुकी. बीच-बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते रहे, बदले में पीएम मोदी भी ट्रंप को अपना दोस्त कहते रहे.  दरअसल अमेरिका ने पहली बार अप्रैल में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, फिर रूसी तेल खरीदने का आरोप लगाकर 25 फीसदी अतिरिक्त पेनॉल्टी थोप दिया. जिससे भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. लेकिन अब भारत को लेकर ट्रंप ने अपनी सच्ची दोस्ती दिखाई और टैरिफ को घटाकर केवल 18 फीसदी कर दिया है.  डील के पीछे इस शख्स की बड़ी भूमिका टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार बैठकें चल रही थीं. लेकिन जब से सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभाला, तब से ट्रेड डील को लेकर धीरे-धीरे तस्वीरें साफ होने लगीं. सर्जियो गोर ने अमेरिकी राजदूत (United States Ambassador to India) का पद 12 जनवरी 2026 को संभाला था.  उन्होंने पद संभालते ही कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच सबकुछ All Is Well है, उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है, जल्द अच्छे परिणाम आने वाले हैं, भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं, दोनों देश एक-दूसरे को तरजीह देते हैं.  इससे पहले गोर व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर थे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. ट्रंप ने भारत की कमान उन्हें ऐसे समय पर सौंपी, जब भारत–अमेरिका के रिश्तों में टैरिफ और व्यापार मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ रहा था.  राजदूत के पद पर नियुक्ति के तुरंत बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता (trade deal) की बातचीत जारी है और दोनों देशों को इसे अंतिम रूप देने पर मिलकर काम करना चाहिए. अपने नियुक्त के अगले दिन यानी 13 जनवरी 2026 को ही भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत के संकेत दिए थे. उसके बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 7 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और सबकुछ सकारात्मक दिशा में है. दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर: सर्जियो गोर  इस बीच सर्जियो गोर (Sergio Gor) की नियुक्ति के 21वें दिन ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हो गया है. कहा जा रहा है कि इस डील को अंतिम रूप देने में अमेरिकी राजदूत की बड़ी भूमिका रही है, क्योंकि ये डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी हैं और उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई थी.  गोर ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा था कि कोई भी साझेदार भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और भारत-अमेरिका का रिश्ता इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोग की आवश्यकता है.  ट्रेड डील को लेकर गोर का बयान डील के ऐलान के बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में अनंत संभावनाएं हैं और यह समझौता दोनों के लिए एक लैंडमार्क क्षण है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी को एक सच्चा मित्र मानते हैं, और इसी व्यक्तिगत भरोसे ने व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाया है.  गोर ने कहा कि डील के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला टैरिफ पहले के 50% से घटकर 18% हो गया है, जो दोनों देशों के सहयोग को आसान बनाता है और व्यापारिक तनाव को कम करता है.