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नक्सलवाद के खात्मे की तैयारी तेज, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अहम बैठक, मार्च 2026 पर नजर

रायपुर देश से नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन को लेकर केंद्र और नक्सल प्रभावित राज्यों के बीच आज रायपुर में निर्णायक दौर की बैठकों का सिलसिला शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों को मार्च 2026 की तय समय-सीमा से पहले की सबसे अहम रणनीतिक बैठक माना जा रहा है। पहली समीक्षा बैठक सुबह शुरू हुई, जिसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य के पुलिस महानिदेशक सहित देश के नक्सल प्रभावित राज्यों के डीजीपी, गृह सचिव और शीर्ष सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। बैठक में नक्सल प्रभावित इलाकों की मौजूदा सुरक्षा स्थिति, इंटेलिजेंस नेटवर्क की मजबूती, सुरक्षाबलों के ऑपरेशन की गति और बचे हुए संवेदनशील क्षेत्रों में कार्रवाई को तेज करने पर विस्तृत चर्चा की जा रही है। तय समय-सीमा के भीतर नक्सलवाद के अंतिम गढ़ों को समाप्त करने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। दिनभर चलेगा मंथन पहली बैठक दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे तक दूसरी समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। दोपहर 2 से 3 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि शाम 3 बजे से 4:15 बजे तक एक बार फिर उच्चस्तरीय चर्चा होगी। इसके पश्चात शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक “छत्तीसगढ़ @ 25 – शिफ्टिंग द लेंस” विषय पर राष्ट्रीय कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के भविष्य और विकास के नए दृष्टिकोण पर विचार किया जाएगा। दो प्रमुख एजेंडों पर होगा फैसला उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से पहले की अंतिम बड़ी समीक्षा बैठक है। बैठक में दो मुख्य मुद्दों पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है। पहला, देश को तय समय सीमा तक पूरी तरह सशस्त्र नक्सलवाद से मुक्त करने की रणनीति। दूसरा, बस्तर सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लंबे समय से रुके विकास कार्यों को गति देने का रोडमैप।

काबुल में घर बना मौत का जाल, भीषण धमाके में कम से कम 8 की जान गई

काबुल अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक आवासीय घर के अंदर गैस सिलेंडर विस्फोट में कम से कम आठ लोग मारे गए। काबुल के गवर्नर कार्यालय ने शनिवार शाम जारी बयान में बताया कि घटना पुलिस डिस्ट्रिक्ट 21 में हुई, जहां एक परिवार अपने घर को ठंड से बचाने के लिए गैस हीटर का उपयोग कर रहा था। गैस रिसाव के कारण सिलेंडर फट गया और इससे घर में मौजूद लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अफगानिस्तान में व्यापक आधुनिक हीटिंग प्रणाली न होने के कारण अधिकांश घर सर्दियों में अपने घर गर्म रखने के लिए गैस सिलेंडर या पारंपरिक चूल्हे पर निर्भर रहते हैं। ऐसे हादसे अक्सर गैस रिसाव और विस्फोट के कारण होते हैं और गरीब देश में यह एक आम खतरा बन गया है।इससे पहले 5 फरवरी को पूर्वी अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में एक घर के अंदर गैस सिलेंडर फटने से तीन महिलाएं मारी गई थीं और एक अन्य घायल हुई थी। उस घटना में भी परिवार गैस हीटर का उपयोग कर रहा था और गैस रिसाव के कारण विस्फोट हुआ था। घायल पुरुष सदस्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ सप्ताह पहले, पूर्वी नंगरहार प्रांत के स्पिन घर जिले में गैस सिलेंडर विस्फोट में दो महिलाएं मारी गईं और दो बच्चे घायल हुए थे।इसके अलावा 14 जनवरी को नंगरहार के बटिकोट जिले में एक होटल के अंदर गैस सिलेंडर फटने से 14 कर्मचारी घायल हो गए थे, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई गई थी। पुलिस ने घटना को होटल कर्मचारियों की लापरवाही का परिणाम बताया था और घायल लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया था।  

वीडियो वायरल: कप्तान सूर्यकुमार ने पेसर से किया अनोखा वादा, नंबर 8 पर उतारेंगे बैटिंग में

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 का आगाज हो चुका है और टूर्नामेंट के पहले दिन भारतीय टीम भी मुकाबला खेलने उतरी। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और यूएसए की भिड़ंत हुई, जिसमें इंडिया ने 29 रनों से बाजी मारी। हालांकि, भारत ने सिर्फ 161 रन बनाए थे, लेकिन अमेरिका की टीम 132 रनों तक ही पहुंच सकी। इस मैच में सूर्यकुमार यादव ने कमाल की बल्लेबाजी की। मैच के बाद सूर्यकुमार यादव ने उनके साथ छोटी सी साझेदारी निभाने वाले एक पेसर से वादा कर दिया है कि वे अगले मैच में उसे 8 नंबर पर खिलाएंगे। दरअसल, भारतीय टीम जब बल्लेबाजी कर रही थी तो 17वें ओवर की चौथी गेंद पर अक्षर पटेल आउट हो गए थे। इसके बाद अर्शदीप सिंह बल्लेबाजी के लिए आए, जो पहली गेंद पर कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए, लेकिन अगली गेंद पर चौका जड़ दिया। हालांकि, अगली चार गेंदों में वह एक रन भी नहीं बना पाए और आउट हो गए। भारत ने इस मैच को जीता तो हर बार की तरह इस बार भी अर्शदीप सिंह मैच के बाद मस्ती करते नजर आए और सोशल मीडिया पर टीम बस का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह सूर्या के मजे ले रहे थे, लेकिन सूर्या ने उन्हीं के मजे ले लिए। पंजाब किंग्स ने इस वीडियो को शेयर किया है। अर्शदीप सिंह ने वीडियो में पूछा था कि उनकी बल्लेबाजी और इंटेंट कैसा था? इस पर सूर्या ने कहा कि एकदम बढ़िया। आगे से पाजी आप ही नंबर 8 पर बल्लेबाजी करोगे। भले ही ये बात सूर्या ने मजाक में कही हो, लेकिन भारत के पास अब कम से कम नंबर 9 का ऐसा कोई बल्लेबाज नहीं है, जो पेस या स्पिन बॉलर हो और लंबे छक्के भी मारता हो। अभी तक हर्षित राणा ऐसा कर रहे थे, लेकिन वे घुटने की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। 8वें नंबर तक भारत के पास बल्लेबाजी है। ऐसे में अर्शदीप सिंह 9वें से 11वें नंबर पर ही बल्लेबाजी कर सकते हैं। इस मैच में भी वे 9वें नंबर पर आए थे, क्योंकि विकेट इस मुकाबले में जल्दी गिर गए थे।

जाति नहीं, हिंदू पहचान ही होगी प्राथमिकता: मुंबई में मोहन भागवत का अहम संदेश

मुंबई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस प्रमुख कौन बन सकता है, इस बात को लेकर बड़ा बयान दिया। भागवत ने स्पष्ट किया कि संघ का सरसंघचालक किसी जाति का नहीं होगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय या अन्य जाति का होना जरूरी नहीं है, केवल एक शर्त है, जो बने वह हिंदू होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जाति के आधार पर पद का चयन नहीं किया जाता, केवल हिन्दू होने की शर्त जरूरी है। बता दें कि मोहन भागतव ने मुंबई में आयोजित आरएसएस के शताब्दी वर्ष के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान कही। इस मौके पर कार्यक्रम में कई जानी-मानी हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि जाति से नहीं बल्कि हिंदू होने से ही इस पद के लिए पात्रता तय होती है। अपने पद को लेकर भी बोले भागवत इस दौरान मोहन भागवत ने उनकी उम्र 75 साल हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संघ ने उनसे काम जारी रखने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि संघ में पद छोड़ने का फैसला संगठन करता है, न कि कोई व्यक्ति खुद। उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख का कोई चुनाव नहीं होता। क्षेत्र और प्रांत के प्रमुख मिलकर सरसंघचालक का चयन करते हैं। आम तौर पर कहा जाता है कि 75 साल के बाद बिना पद के काम करना चाहिए। मैंने अपनी उम्र के बारे में संघ को बताया, लेकिन संगठन ने मुझसे काम जारी रखने को कहा है। उन्होंने आगे कहा कि जब भी आरएसएस कहेगा, मैं पद छोड़ दूंगा, लेकिन काम से रिटायर होना कभी नहीं होगा। 'परिस्थितियों पर ज्यादा नहीं, समाधान पर ध्यान देने की जरूरत' मोहन भागवत ने कहा कि जीवन में परिस्थितियां अनुकूल भी हो सकती हैं और कठिन भी, लेकिन उन पर जरूरत से ज्यादा सोचने की बजाय समाधान खोजने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती, भ्रम बना रहता है। इसके साथ ही हल्के-फुल्के अंदाज में भागवत ने कहा कि आरएसएस अपने स्वयंसेवकों से खून की आखिरी बूंद तक काम लेता है। उन्होंने यह भी कहा कि संघ के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी को जबरन रिटायर किया गया हो। प्रचार नहीं, संस्कार देना संघ का काम आरएसएस प्रमुख ने साफ किया कि संघ का काम चुनावी प्रचार या आत्म-प्रचार करना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम अपने काम का ज्यादा प्रचार नहीं करते। जरूरत से ज्यादा प्रचार से अहंकार आता है। प्रचार बारिश की तरह होना चाहिए, समय पर और उतना ही जितना जरूरी हो। 'आरएसएस में अंग्रेजी नहीं, लेकिन विरोध भी नहीं' इसके साथ ही भागवत ने भाषा को लेकर भी अहम टिप्पणी की। उन्होने कहा कि आरएसएस के कामकाज में अंग्रेजी माध्यम नहीं होगी, क्योंकि यह भारतीय भाषा नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जहां जरूरत होगी, वहां अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाएगा। हमें इससे कोई परहेज नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को अंग्रेजी इस तरह बोलनी चाहिए कि अंग्रेजी बोलने वाले भी सुनना चाहें, लेकिन मातृभाषा को भूलना नहीं चाहिए। इस दौरान उन्होंने अपने दक्षिण भारत और विदेश का कुछ अनुभव भी साझा किया। उन्होंने कहा कि जब वे बंगलूरू में एक कार्यक्रम के दौरान दक्षिण भारत के कई लोग हिंदी नहीं समझ पाए, तो उन्होंने अंग्रेजी में जवाब दिए। वहीं विदेशों में रहने वाले भारतीयों से बातचीत के दौरान वह हिंदी या उनकी मातृभाषा में संवाद करते हैं।

PM मोदी की तारीफों के पुल: मलेशियाई प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा—आप जैसे दोस्त मिलना सौभाग्य

मलेशिया मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की  तारीफों के पुल बांधते हुए उनको “सच्चा दोस्त” बताया और कहा कि उनके बीच भरोसेमंद और समझदारी भरा आदान-प्रदान हुआ।  इब्राहिम ने कहा- मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं  मोदी जी का बहुत अच्छा पर्सनल दोस्त हूं। और आप सही मायने में सच्चे, भरोसेमंद और समझदार दोस्त हैं।अनवर इब्राहिम ने कहा,  "मैं पर्सनली बहुत एक्साइटेड, बहुत शुक्रगुजार और बहुत खुश हूं कि भारत से मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त मलेशिया में हमारे साथ जुड़ रहा है।"  कुआलालंपुर में दोनों नेताओं की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनवर ने इस बैठक को “बहुत महत्वपूर्ण, रणनीतिक और निर्णायक” बताया और कहा कि यह भारत-मलेशिया संबंधों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। अनवर ने कहा कि भारत और मलेशिया के संबंध 1957 से हैं और 2024 में इसे “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में अपग्रेड किया गया। उन्होंने दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक संबंध, मजबूत जन-स्तरीय जुड़ाव और तेजी से बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने 11 दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें MoUs और पत्रों का आदान-प्रदान शामिल है, और यह सामान्य द्विपक्षीय समझौतों से आगे है। इनमें से कुछ समझौतों में सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। अनवर ने कहा कि दोनों देश व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा (रुपया और रिंगगिट) में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करेंगे।   उन्होंने 2025 में 8.59 अरब डॉलर के व्यापार आंकड़े से आगे बढ़कर 18.59 अरब डॉलर के लक्ष्य से आगे बढ़ने की उम्मीद जताई। अनवर ने शैक्षिक संबंधों को “केंद्रिय” बताया और कहा कि कई मलेशियाई छात्रों की शिक्षा भारत में हुई है, जबकि भारत से भी छात्र मलेशिया में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारतीय शिक्षा संस्थानों को वैश्विक मान्यता मिली है और भविष्य में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर काम किया जाएगा। उन्होंने पर्यटन और कनेक्टिविटी पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने भारत के शांति प्रयासों यूक्रेन-रूस और मध्य पूर्व (गाजा) के संदर्भ में को समर्थन देने के लिए मोदी की सराहना की।   अंत में, अनवर ने भारत की सरकार के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा कि कोटा किनाबालु (साबाह) में भारत का वाणिज्य दूतावास खोलने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले दोनों नेताओं ने प्रतिनिधि-स्तरीय वार्ता की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी को पुत्राजया में औपचारिक स्वागत भी किया गया। यह दौरा भारत-मलेशिया के लंबे समय से चल रहे मित्रता संबंध को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।    

ऐसी पिच की उम्मीद नहीं थी… मुंबई विकेट पर चौंकी टीम इंडिया, जीत के बाद उपकप्तान बोले

नई दिल्ली भारत की टी20 टीम के उपकप्तान अक्षर पटेल ने स्वीकार किया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ओपनिंग मैच में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम की पिच से पूरी टीम हैरान थी। भारत के 6 विकेट 77 रन पर गिर गए थे। जैसे-तैसे भारत 161 रनों तक पहुंचा था, जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव का अहम योगदान था, जिन्होंने जीवनदान का फायदा उठाते हुए 49 गेंदों में 84 रनों की पारी खेली। चार बल्लेबाज ही ऐसे थे, जो यूएसए के खिलाफ इस मैच में दहाई का आंकड़ा पार कर पाए। हालांकि, गेंदबाजों ने भारत को 29 रनों से जीत दिलाई।   अक्षर पटेल और सूर्यकुमार यादव के बीच एक छोटी सी, लेकिन अहम साझेदारी हुई थी, जिसने भारत को बचाने का काम किया। मैच के बाद अक्षर ने कहा, "आम तौर पर मुंबई के विकेट फ्लैट होते हैं, लेकिन यह अलग था। इसलिए हमने 140-150 तक पहुंचने के लिए अपना प्लान बदल दिया। दो ओवर के बाद हम हैरान थे। आम तौर पर यह फ्लैट होता है, लेकिन यह अलग था। जब मैं बैटिंग करने गया, तो हमने सोचा कि इसे 140 तक ही रखें… फिर एक ओवर में 21 रन आए और बाद में सूर्या ने और रन बनाए।" भारत को पहला झटका 8 रन पर लगा था और फिर विकेट गिरते ही चले गए थे। स्कोर 77/6 हो चुका था। इसके बाद अक्षर और सूर्या ने 41 रन जोड़े और मैच में जान डाली। आखिर के ओवर में सूर्या ने कुछ ताबड़तोड़ शॉट खेले और टीम को 160 के पार पहुंचाया। यूएसए को अली खान की कमी खली, जो चोट के कारण आखिरी के दो ओवर नहीं फेंक सके। उन्होंने पहले दो ओवरों में 14 रन दिए थे और एक विकेट चटकाया था। अली खान ने अभिषेक शर्मा को पहली गेंद पर ही आउट कर दिया था। सौरभ नेत्रवल्कर से यूएसए को गेंदबाजी करानी पड़ी, जिनका दिन अच्छा नहीं था। आखिरी के ओवर में 21 रन उन्होंने दिए थे। अक्षर ने कहा कि शुरुआती विकेट गिरना भारतीय टीम के लिए अच्छा अनुभव था। उन्होंने कहा, “जो विकेट जल्दी गिरे, वो क्रिकेट है। यह अच्छा है कि यह पहले मैच में ही हो गया। क्रिकेट में पिच को समझना जरूरी है। इस अनुभव से हम बेहतर होंगे।” मोहम्मद सिराज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिच का जिक्र किया और बताया कि ईशान ड्रेसिंग रूम लौटे तो उन्होंने कहा था कि ये टू-पेस्ड विकेट है। 170 या अच्छा स्कोर होगा।

विवादों में मंत्री की माफी: कर्नल सोफिया कुरैशी पर बयान के बाद स्क्रिप्ट लेकर आए, हँसी बनी सवाल

भोपाल अपने ही गैर-जिम्मेदाराना और विवादित बयानों के लिए मध्यप्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह अब तक चार बार सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। 13 मई 2025, 14 मई 2025, फिर 23 मई 2025 और अब 07 फरवरी 2026, एक ही बयान और एक ही विषय पर इतनी बार माफी मांगने का रिकॉर्ड शायद ही किसी मंत्री के नाम दर्ज हो। यह रिकॉर्ड गिनीज बुक में दर्ज हो या नहीं, लेकिन सियासी शर्मनाक घटनाओं की सूची में जरूर दर्ज किया जाना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि शनिवार को इंदौर के रेसिडेंसी क्षेत्र में जब मंत्री विजय शाह कर्नल सोफिया को लेकर माफीनामा पढ़ रहे थे, तो वह भी बिना तैयारी के नहीं, बल्कि पूरी लिखित स्क्रिप्ट के साथ।   मीडिया के सवालों के दौरान शाह का रवैया भी अपने आप में कई सवाल खड़े करता नजर आया। माफी मांगने आए मंत्री जी के हाव भाव ऐसे थे मानों वह किसी गंभीर गलती पर पछतावा जताने नहीं, बल्कि सिर्फ औपचारिकता निभाने आए हों। “बोल दिया था, इसलिए माफी मांगनी पड़ रही है।” अगर वास्तव में उन्हें अपने बयान पर जरा भी मलाल या आत्मग्लानि होती, तो वह मीडिया से चर्चा से पहले कैमरों के सामने इस तरह बेशर्मी भरी मुस्कान के साथ खड़े नजर नहीं आते। उनके चेहरे पर न पश्चाताप था, न संकोच और न ही शब्दों की जिम्मेदारी का कोई भार। औपचारिकता निभाने आए थे? पूरा घटनाक्रम यही संकेत देता है कि शाह इंदौर केवल औपचारिकता निभाने आए थे, न कि अपने बयान की गंभीरता को समझने। कैमरों के सामने मुस्कुराते रहना और माफी को एक मजबूरी की तरह पेश करना, यह साफ दर्शाता है कि सत्ता के अहंकार में संवेदनशील मुद्दों को भी हल्के में लिया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या यह वही गंभीरता है, जिसकी उम्मीद जनता एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री से करती है, या फिर अब माफी भी एक राजनीतिक ड्रामा बनकर रह गई है? सवाल यह है कि क्या अब मंत्री को माफी मांगने के लिए भी स्क्रिप्ट की जरूरत पड़ने लगी है? क्या शब्द इतने अविश्वसनीय हो चुके हैं कि बिना कागज के बोलना भी जोखिम भरा हो गया है? 11 मई को दिया था विवादित बयान बीते वर्ष 11 मई को इंदौर के महू क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा दिया गया विवादित और आपत्तिजनक बयान अब कानूनी शिकंजे में बदल चुका है। कार्यक्रम में मंत्री शाह ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा था कि जिन आतंकियों ने लोगों को मारा, उन्होंने कपड़े उतरवाए और हमारी बहनों का सिंदूर उजाड़ा। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री का नाम लेते हुए कहा था कि “प्रधानमंत्री ने उन्हीं की बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” मंत्री द्वारा सेना की वरिष्ठ अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई इस आपत्तिजनक टिप्पणी ने सियासी और सामाजिक हलकों में तीखा आक्रोश पैदा कर दिया। 15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश मंत्री विजय शाह को यह बयान देना अब भारी पड़ रहा है। हाईकोर्ट जबलपुर के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए डीजीपी को मंत्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के निर्देश मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हुई और इंदौर जिले के मानपुर थाने में शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। चूंकि आपत्तिजनक बयान मानपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दिया गया था, इसलिए मूल प्रकरण यहीं दर्ज किया गया था । मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रोसिक्यूशन) की मंजूरी के मामले में मध्य प्रदेश सरकार को 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना है। इससे पहले कोर्ट ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर फैसला लेने के निर्देश दिए थे।

ट्रेड डील का असर: रूस से कच्चे तेल की खरीद में भारत की बड़ी कटौती के संकेत

वाशिंगटन अमेरिका के साथ टैरिफ में कटौती के बदले हुए समझौते के तहत भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम करने की संभावना है। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि हालांकि, नायरा एनर्जी जैसी तेल शोधनशालाओं (रिफाइनरी) के पास सीमित विकल्प होने के कारण ये आयात फिलहाल पूरी तरह बंद नहीं होंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को भारत से होने वाले सभी आयातों पर 25 प्रतिशत के दंडात्मक शुल्क को रद्द करने के कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि यह कदम नयी दिल्ली की उस प्रतिबद्धता के बाद उठाया गया है, जिसमें रूस से तेल आयात रोकने की बात कही गई है। रूस से खरीद कम करने की सलाह मामले की जानकारी रखने वाले तीन सूत्रों ने बताया कि हालांकि तेल शोधनशालाओं को रूस से खरीद रोकने का कोई औपचारिक निर्देश नहीं मिला है, लेकिन उन्हें अनौपचारिक रूप से मॉस्को से खरीद कम करने की सलाह दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश तेल शोधनशालाएं इस घोषणा से पहले की गई खरीद प्रतिबद्धताओं (आमतौर पर 6-8 सप्ताह पहले दिए गए ऑर्डर) का सम्मान करेंगी, लेकिन उसके बाद नए ऑर्डर नहीं दिए जाएंगे। इन कंपनियों ने बंद किया रूस से तेल आयात हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (एमआरपीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लिमिटेड (एचएमईएल) ने पिछले साल अमेरिका द्वारा रूस के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद वहां से तेल खरीदना बंद कर दिया था। अब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) भी अपनी खरीद धीरे-धीरे बंद करेंगे। भारत की सबसे बड़ी खरीदार कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड भी अगले कुछ हफ्तों में 1,50,000 बैरल की खेप प्राप्त होने के बाद रूसी तेल की खरीद बंद कर सकती है जिसने पिछले साल के अंत में रोसनेफ्ट और लुकॉइल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद खरीदारी रोक दी थी। इस नियम का एकमात्र अपवाद 'नायरा एनर्जी' हो सकती है। रूसी संबंधों (नायरा में रोसनेफ्ट की 49.13 प्रतिशत हिस्सेदारी) के कारण नायरा पर पहले यूरोपीय संघ और फिर ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए थे। इन प्रतिबंधों के कारण कोई अन्य बड़ा आपूर्तिकर्ता कंपनी के साथ व्यावसायिक लेनदेन नहीं करना चाहता, जिससे वह प्रतिबंधित नहीं की गई संस्थाओं से रूसी तेल खरीदने को मजबूर है। हालांकि पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है, वहीं वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने भी रूसी तेल खरीद के संबंध में भारत द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सूत्रों ने कहा कि रोसनेफ्ट और लुकॉइल पर अमेरिकी प्रतिबंध लागू होने के बाद से ही रूस से भारत का तेल आयात लगातार घट रहा है। दिसंबर में अमेरिकी अधिकारियों के साथ हुई वार्ता के दौरान नायरा की इस विशिष्ट स्थिति के बारे में बताया गया था। सूत्रों का कहना है कि नायरा को 'रूसी तेल न खरीदने' की नीति से छूट दी जा सकती है। सूत्रों ने कहा कि नायरा एनर्जी द्वारा निकट भविष्य में उन संस्थाओं से रूसी तेल की खरीद जारी रखने की संभावना है, जो प्रतिबंधों के दायरे में नहीं हैं। दिसंबर 2025 में रूस से आयात औसतन 12 लाख बैरल प्रति दिन रहा, जो मई 2023 के 21 लाख बैरल प्रति दिन के उच्चतम स्तर से काफी कम है। जनवरी में यह घटकर 11 लाख बैरल रह गया और इस महीने या अगले महीने इसके 10 लाख बैरल से नीचे जाने की उम्मीद है। अमेरिका के साथ नयी समझौते के बाद यह आयात जल्द ही आधा हो सकता है। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 90 प्रतिशत आयात के जरिए पूरा करता है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों द्वारा मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण रूस से मिलने वाले रियायती तेल ने भारत के आयात बिल को कम करने में मदद की है। केपलर के प्रमुख शोध विश्लेषक सुमित रितोलिया के अनुसार, रूस से आने वाला तेल अगले 8-10 सप्ताह के लिए पहले से ही तय है और यह भारत की तेल शोधन प्रणाली के लिए आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है। हालांकि, निवेश सूचना और क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (इक्रा) के प्रशांत वशिष्ठ का कहना है कि भारत के पास अमेरिका और वेनेजुएला जैसे पर्याप्त विकल्प मौजूद हैं।  

सिद्धू की ‘घर वापसी’ की अटकलें तेज, नवजोत कौर ने राहुल गांधी को बताया ‘पप्पू’

चंडीगढ़ पंजाब की राजनीति में पिछले दो महीनों से जारी अनिश्चितता और बयानबाजी के दौर का अंत आखिरकार एक बड़े धमाके के साथ हुआ है। पूर्व विधायक डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव भूपेश बघेल ने शुक्रवार को इसकी औपचारिक घोषणा की। हालांकि, इस निष्कासन से पहले ही 31 जनवरी को नवजोत कौर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन कांग्रेस आलाकमान के इस कड़े कदम ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब सिद्धू परिवार की बयानबाजी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के तेवर और भी तल्ख हो गए हैं। उन्होंने न केवल इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी, बल्कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ बेहद अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने राहुल गांधी को 'पप्पू' कहकर संबोधित किया जो आमतौर पर विपक्षी खेमे द्वारा उनके उपहास के लिए इस्तेमाल किया जाता है। नवजोत कौर का यह बयान कांग्रेस के साथ उनके रिश्तों की कड़वाहट को चरम पर ले गया है। 500 करोड़ का सूटकेस विवाद की जड़ें पिछले साल दिसंबर में जमीं, जब नवजोत कौर ने कांग्रेस नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री का चेहरा वही बनता है जो 500 करोड़ रुपये का सूटकेस देता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि उनके पति नवजोत सिंह सिद्धू सक्रिय राजनीति में तभी लौटेंगे जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाएगा। उस समय उन्होंने कहा था, "कांग्रेस में इतनी गुटबाजी है कि वे नवजोत सिद्धू को आगे नहीं बढ़ने देंगे। वहां पहले से ही पांच दावेदार मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं और वे खुद कांग्रेस को हराने पर तुले हुए हैं।" क्या भाजपा में होगी घर वापसी? राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नवजोत सिंह सिद्धू का अगला कदम क्या होगा? हालांकि सिद्धू अभी भी तकनीकी रूप से कांग्रेस में हैं, लेकिन उनकी पत्नी के बयानों को उनके भविष्य के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा की जमकर तारीफ की। इससे इन अटकलों को बल मिला है कि सिद्धू परिवार एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम सकता है, जहां से उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी। विद्रोह और सिद्धू परिवार का पुराना नाता यह पहली बार नहीं है जब सिद्धू परिवार अपनी ही पार्टी के खिलाफ खड़ा हुआ है। इनका राजनीतिक इतिहास बगावती सुरों से भरा रहा है। 2012 में भाजपा के टिकट पर अमृतसर पूर्व से जीतने के बाद डॉ. नवजोत कौर ने अपनी ही अकाली-भाजपा सरकार पर फंड के भेदभाव और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 2014 में जब भाजपा ने नवजोत सिंह सिद्धू का टिकट काटकर अरुण जेटली को दिया, तो दूरियां और बढ़ गईं। 2016 में ऐसी खबरें थीं कि सिद्धू आम आदमी पार्टी में जा सकते हैं, लेकिन सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बनी। अंततः 2017 के चुनाव से ठीक पहले यह जोड़ा कांग्रेस में शामिल हो गया। कैप्टन अमरिंदर सिंह से जंग कांग्रेस सरकार में मंत्री बनने के बाद सिद्धू और तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच टकराव जगजाहिर था। सिद्धू ने अपनी ही सरकार को बेअदबी के मामलों पर घेरा, जिसके कारण अंततः कैप्टन को पद छोड़ना पड़ा। कैप्टन के बाद जब चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया गया, तब भी नवजोत कौर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनके पति सिद्धू एक बेहतर विकल्प थे। फिलहाल नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है, लेकिन राजनीति में खामोशी अक्सर बड़े तूफान का संकेत होती है। राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमले के बाद कांग्रेस में उनके लिए रास्ते लगभग बंद हो चुके हैं। अब देखना यह होगा कि क्या पंजाब की राजनीति का यह 'धुरंधर' खिलाड़ी एक बार फिर भगवा चोला पहनता है या कोई नई राह चुनता है।

पर्यावरण की ओर बड़ा कदम: दिल्ली में 500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल, दिल्ली–पानीपत रूट फिर चालू

नई दिल्ली दिल्ली में भाजपा सरकार के एक साल पूरा होने पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने आज रामलीला मैदान से डीटीस की 500 नई ईवी बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह समेत तमाम मंत्री और भाजपा विधायक और अधिकारी मौजूद रहे। दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह, लोक निर्माण मंत्री प्रवेश वर्मा और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मंच से इन इलेक्ट्रिक बसों और दिल्ली-पानीपत बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी : नितिन नबीन इस दौरान रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि आज के दिन 8 फरवरी को ही दिल्ली का मैंडेट आया था और दिल्ली की जनता ने कमल खिलाने का काम किया था। आज के दिन आपने दिल्ली की जनता को जो 500 ईवी बसों का तोहफा देने का काम किया है, यह निश्चित रूप से आप बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पिछली सरकार के झूठे वादे से दिल्ली की जनता त्रस्त हो गई थी। पिछली सरकारों ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया था। यूं कहें तो पिछली सरकार सिर्फ बात बनाने वाली सरकार थी, लेकिन आज भाजपा की सरकार दिल्ली की जनता के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यहां तेजी से विकास के कार्य कर रही है। इसके लिए मैं दिल्ली की भाजपा सरकार को बहुत बहुत बधाई देता हूं। 11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही : रेखा गुप्ता इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "11 सालों तक दिल्ली विकास में पिछड़ी रही। दिल्ली के लोगों की उम्मीदें और सपने खत्म हो गए। दिल्ली ने विकास के सपने देखना बंद कर दिया। दिल्ली के लोग पानी-सीवेज और हेल्थकेयर जैसी बेसिक सुविधाओं के लिए तरसते रह गए। लेकिन 2025 के विधानसभा चुनावों में दिल्ली के लोगों ने उन लोगों को करारा जवाब दिया, जो खुद को दिल्ली का मालिक समझते थे।'' रेखा गुप्ता ने केजरीवाल को बताया घमंडी उन्होंने कहा कि घमंडी केजरीवाल कहता था, "मुझे हराने के लिए तुम्हें दोबारा जन्म लेना पड़ेगा", लेकिन दिल्ली के लोगों ने इसी जन्म में इसी रामलीला मैदान में बीजेपी सरकार बनाकर दिल्ली का माहौल बदल दिया। दिल्ली के लोगों ने दिखा दिया कि अगर वे किसी को प्यार और स्नेह से सत्ता की कुर्सी पर बिठा सकते हैं, तो उसे नीचे गिराना भी जानते हैं।'' रविवार को भाजपा द्वारा दिल्ली विधानसभा का चुनाव जीतने के एक वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा जल्द ही दिल्लीवासियों को कई और तोहफे देने की योजना है। 20 फरवरी को दिल्ली सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी, जिसमें केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि हो सकते हैं। दिल्ली के लोगों से किए वादों को पूरा करने की अधिक खुशी : पंकज सिंह दिल्ली के मंत्री पंकज सिंह ने एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि आज हमारी सरकार को सत्ता में आए एक साल पूरा हो गया है। इसी दिन मैं विधायक बना था। इससे भी अधिक खुशी की बात यह है कि हम दिल्ली के लोगों से किए गए वादों को पूरा कर रहे हैं। आज हमने दिल्ली के लोगों के लिए 500 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की हैं। हम दिल्ली और पानीपत के बीच कनेक्टिविटी भी बढ़ा रहे हैं। इसलिए, मैं खुश हूं कि हमारा काम दिन-ब-दिन आगे बढ़ रहा है। वहीं, दिल्ली से बीजेपी विधायक अनिल गोयल ने भी एएनआई से बातचीत में कहा कि यह जश्न दिल्ली के लिए और दिल्ली के पर्यावरण को ठीक करने के लिए है। दिल्ली की प्रदूषित हवा को ठीक करने के लिए, आज बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 500 ईवी बसों का उद्घाटन कर रहे हैं। मैं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री पंकज सिंह और हमारी पूरी टीम को धन्यवाद देता हूं।