samacharsecretary.com

मालदा मंडल की ट्रेनों की डिमांड, होली में यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना

मालदा  4 मार्च को होली मनाई जाएगी. इस मौके पर बिहार आने वाली ट्रेनों में अक्सर भीड़भाड़ की स्थिति होती है. ऐसे में रेलवे की तरफ से कई स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला लिया गया. इस बीच मालदा मंडल की तरफ से 6 स्पेशल ट्रेनें मांगी गई हैं. यात्रियों को सफर के दौरान किसी तरह की परेशानी ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए 6 ट्रेनों की डिमांड की गई है. 3 LHB और 3 ICF कोच की ट्रेन की मांग जानकारी के मुताबिक, तीन एलएचबी और 3 आईसीएफ कोच की ट्रेनों की मांग की गई है. दरअसल, होली को लेकर कई ट्रेनों में सीटें फुल हैं. इसके अलावा कुछ ट्रेनों में वेटिंग है. लंबी वेटिंग होने की वजह से टिकट कंफर्म होने की संभावना काफी कम है. विक्रमशिला एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग है. तेजस राजधानी, हमसफर एक्सप्रेस समेत प्रमुख ट्रेनों में सीटें फुल हो चुकीं हैं. मालदा टाउन-आनंद विहार के परिचालन की तारीख रेलवे बोर्ड की तरफ से एक ट्रेन मालदा मंडल को दी गई है. यह ट्रेन भागलपुर से चलेगी और आनंद विहार तक जाएगी. मालदा टाउन-आनंद विहार होली स्पेशल ट्रेन भागलपुर से दिल्ली के लिए 2 मार्च, 9 मार्च और 16 मार्च को मालदा टाउन से सुबह खुलेगी. इसके बाद दोपहर 1 बजे के आस-पास भागलपुर आएगी. वापसी में आनंद विहार-मालदा टाउन होली स्पेशल 3 मार्च, 10 मार्च और 17 मार्च को आनंद विहार से दोपहर 3:35 बजे खुलेगी और अगले दिन देर शाम भागलपुर पहुंच जाएगी. मालदा टाउन-आनंद विहार होली स्पेशल ट्रेन के प्रमुख स्टेशनों की बात की जाए तो इसमें पीरपैंती, कहलगांव, भागलपुर, सुल्तानगंज, जमालपुर, किऊल, गया, पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज और टूंडला शामिल है.

नया Mahindra Udo थ्री-व्हीलर: 3 ड्राइव मोड के साथ बाजार में आया, जानें कीमत और रेंज

मुंबई  महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड (MLMML), जो ऑटोमेकर की छोटी कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी है, उसने भारत में Mahindra UDO नाम का एक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि UDO की प्रेरणा हवाई जहाज़ से मिली है और वह इसे 'ऑटोप्लेन' के तौर पर देखती है. कंपनी का यह भी कहना है कि Mahindra UDO शब्द का हिंदी में मतलब 'उड़ना' है. Mahindra का कहना है कि 1948 से पारंपरिक ऑटो डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें ड्राइवरों और यात्रियों के कम्फर्ट का ध्यान नहीं रखा गया है. क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा थ्री-व्हीलर EV मार्केट है, Mahindra UDO के साथ, Mahindra का मकसद ऑटो ड्राइवरों की इज्ज़त बढ़ाना और उनकी प्रोफेशनल इमेज और ओनरशिप एक्सपीरियंस को बदलना है. Mahindra Udo की कीमत और वारंटी Mahindra Udo ऑटो को कंपनी ने 3,84,299 रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है, लेकिन कुछ समय के लिए, यह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर 3,58,999 रुपये (एक्स-शोरूम) में बेचा जाएगा. इस पर 1.5 लाख km या 6 साल की वारंटी मिलेगी, जो भी पहले हो. Mahindra का कहना है कि Mahindra Udo इंडस्ट्री की पहली इलेक्ट्रिक ऑटो है, जो 1 लाख km तक फ्री सर्विस के साथ आती है. कंपनी का कहना है कि Udo खरीदने वाले कस्टमर UDAY NXT स्कीम में खुद को एनरोल कर सकते हैं. यह गाड़ी के मालिक को 20 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, फाइनेंशियल काउंसलिंग और भी बहुत कुछ देती है. Mahindra Udo का डिजाइन और इंटीरियर Mahindra ने Udo को सेगमेंट में पहली बार फुल मोनोकोक कंस्ट्रक्शन पर बनाया है, जिससे ऑटो का स्ट्रक्चर और भी बेहतर हो गया है. इसमें हेडलैंप, मिरर और एक बड़ी विंडशील्ड के साथ एक स्लीक, एयरोडायनामिक डिज़ाइन दिया गया है, जो इसे सड़क पर एक ऐसी पहचान देता है, जो इसे दूसरे इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा से अलग बनाती है. Mahindra Udo में एर्गोनॉमिक डिज़ाइन वाली सीटें मिलती हैं, जिनमें ड्राइवर और पैसेंजर के आराम का ध्यान रखा गया है. इसमें ड्राइवर के लिए एक पायलट सीट मिलती है, जो इस सेगमेंट की दूसरी गाड़ियों से लगभग 20 परसेंट मोटी है. इस इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर में लंबी यात्राओं के लिए लाउंज जैसे आराम के लिए काफी हेडरूम और लेगरूम है. इसमें इंडिपेंडेंट रियर सस्पेंशन और डुअल फोर्क फ्रंट सस्पेंशन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह ऑटो बेहतर राइड क्वालिटी दे पाता है. Mahindra Udo की बैटरी, रेंज और फीचर्स नए Mahindra Udo में IP67 रेटेड 11.7kWh लेज़र-वेल्डेड लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है. यह एक परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस (PMS) मोटर को पावर देती है. यह इलेक्ट्रिक मोटर 13.41 bhp का पीक पावर आउटपुट और 52 Nm का पीक टॉर्क आउटपुट देती है. रेंज की बात करें तो इस इलेक्ट्रिक ऑटो की असल रेंज 200 km (265 km ARAI-सर्टिफाइड रेंज) है. इतना ही नहीं, यह इलेक्ट्रिक ऑटो तीन राइड मोड्स के साथ आता है, जिसमें रेंज, राइड और रेस शामिल हैं. इस ऑटो की टॉप स्पीड 55 kmph (रेस मोड में) है. फीचर्स की बात करें तो इस ऑटो में हिल होल्ड असिस्ट और क्रीप फ़ंक्शन मिलते हैं. Mahindra Udo में 12-इंच के ट्यूबलेस टायर लगाए गए हैं.

भोलेनाथ की अपार कृपा से बदल जाएगी किस्मत! महाशिवरात्रि पर इन चार राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

हर वर्ष फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह संपन्न हुआ था। महाशिवरात्रि के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और कई स्थानों पर धूमधाम से शिव बारात भी निकाली जाती है। वर्ष 2026 में यह पर्व 15 फरवरी को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा भाव से शिव-शक्ति की पूजा करने पर अविवाहित कन्याओं को योग्य वर की प्राप्ति होती है, जबकि विवाहित दंपतियों को सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है। ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इन राशियों पर भगवान शिव की विशेष कृपा बनी रहती है। आइए जानते हैं यह कौन सी राशियां हैं। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए महाशिवरात्रि शुभ संकेत लेकर आ सकती है। इस दौरान आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं, जिससे वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। मानसिक तनाव में कमी आएगी और परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा का भगवान शिव से गहरा संबंध है, और वृषभ राशि पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव माना जाता है। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए भी यह पर्व सकारात्मक परिणाम दे सकता है। करियर में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं और व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है। आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। यदि पहले से कोई निवेश किया हुआ है, तो उससे भी लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। जीवन में खुशियों का आगमन होगा। मकर राशि मकर राशि के जातकों को महाशिवरात्रि के आसपास धन लाभ के योग दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं। किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है। ज्योतिष में शनि देव को मकर राशि का स्वामी माना जाता है और धार्मिक मान्यता के अनुसार शनि देव भगवान शिव के बड़े भक्त हैं। कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह पर्व आर्थिक और पेशेवर जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। करियर में सफलता मिलने के योग हैं और आय में वृद्धि संभव है। पुराने निवेश से भी फायदा हो सकता है। साथ ही मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-समृद्धि बनी रहने के संकेत हैं।

IND vs PAK से पहले रणनीति तैयार, पाकिस्तान बदल सकता है अपनी प्लेइंग XI

कोलंबो. पाकिस्तान रविवार को कोलंबो में चिर-प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों ( दो स्पिनर और दो तेज गेंदबाज) के साथ उतर सकता है। टीम के करीबी एक सूत्र ने बताया कि मुख्य कोच माइक हेसन और कप्तान सलमान अली आगा इस मैच में दोनों विशेषज्ञ स्पिनरों अबरार अहमद और उस्मान तारिक के साथ-साथ दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों शाहीन शाह अफरीदी और सलमान मिर्जा को खिलाने के इच्छुक हैं। टीम प्रबंधन शादाब खान, मोहम्मद नवाज और फहीम अशरफ में से एक ऑलराउंडर को बाहर करने पर भी विचार कर सकता है। सूत्र ने कहा, ''टीम प्रबंधन के सामने एकमात्र समस्या यह है कि यदि वे चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ जाते हैं तो फहीम, शादाब और नवाज में से किसे बाहर बिठाना है, इस पर फैसला लेना होगा। '' उन्होंने बताया कि सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा, बाबर आजम और उस्मान खान बल्लेबाजी क्रम में शीर्ष पांच स्थान पर हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन को छठे और सातवें नंबर के लिए खिलाड़ियों का चयन करना होगा जिसके बाद चार गेंदबाज होंगे। सूत्र ने कहा कि नवाज के बाहर बैठने की संभावना है क्योंकि वह बाएं हाथ के स्पिनर हैं और भारत के पास अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, तिलक वर्मा, शिवम दूबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और अर्शदीप सिंह जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। सूत्र ने कहा, ''माहौल यह है कि फहीम को खिलाना बेहतर होगा क्योंकि वह अच्छी फॉर्म में हैं और जरूरत पड़ने पर तीसरे तेज गेंदबाज की भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही शादाब की लेग स्पिन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ उपयोगी होगी। '' उन्होंने कहा कि अबरार, उस्मान, शादाब और सईम अयूब स्पिन विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं इसलिए टीम प्रबंधन को भरोसा है कि इस 'हाई-प्रोफाइल' मैच में नवाज के बिना भी काम चलाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि रविवार को आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच का अंतिम मुआयने और मौसम की स्थिति देखने के बाद अंतिम फैसला बदल भी सकता है। पाकिस्तान इस टूर्नामेंट में पहली बार प्रेमदासा स्टेडियम में खेलेगा। पिछले महीने पाकिस्तान ने श्रीलंका में टी20 सीरीज जीती थी लेकिन सभी मैच दांबुला में खेले गए थे जबकि टीम ने अपने दोनों टी20 विश्व कप मुकाबले नीदरलैंड और अमेरिका के खिलाफ सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब मैदान में खेले हैं। पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग इलेवन: सईम अयूब, साहबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान, शादाब खान, फहीम अशरफ, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा, अबरार अहमद, उस्मान तारिक।

किसानों के लिए बड़ा बदलाव: KCC के नए नियम और RBI का मास्टर प्लान 2026

भोपाल  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना को और ज्यादा आसान, पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए नए ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं। इन बदलावों का मकसद है कि खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किसानों को एक ही नियम, एक जैसा लोन ढांचा और ज्यादा लचीलापन मिल सके। इस फैसले से देश के करोड़ों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। अब खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य कृषि गतिविधियों के लिए कर्ज लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान होगा। किन बैंकों पर लागू होंगे नए नियम? RBI के नए ढांचे के तहत ये नियम इन सभी बैंकों पर लागू होंगे: कॉमर्शियल बैंक,स्मॉल फाइनेंस बैंक,रीजनल रूरल बैंक (RRBs),ग्रामीण सहकारी बैंक ,मतलब देश के लगभग हर किसान तक KCC सुविधा की पहुंच और बढ़ेगी। KCC के लिए एक जैसा नियम – देशभर में एक ही सिस्टम अब KCC लोन के लिए Single Framework लागू करने का प्रस्ताव है। इससे: सभी बैंकों के नियम एक जैसे होंगे ,किसानों में कन्फ्यूजन कम होगा,लोन प्रक्रिया तेज और सरल बनेगी। फसल चक्र भी होगा एक जैसा: छोटी अवधि की फसलें: 12 महीने ,लंबी अवधि की फसलें: 18 महीने ,इससे लोन चुकाने की तारीखें पूरे देश में एक समान होंगी। KCC लोन की अवधि बढ़ाकर 6 साल करने का प्रस्ताव अब तक KCC लोन की अवधि कम होने से लंबी अवधि वाली फसल उगाने वाले किसानों को दिक्कत होती थी। लेकिन नए ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक: KCC लोन अब 6 साल तक के लिए मिल सकता है। इससे बागवानी, गन्ना, फलदार फसलें उगाने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। अब खेती की असली लागत के हिसाब से मिलेगा लोन अब किसानों को मिलने वाली KCC ड्रॉइंग लिमिट सरकार द्वारा तय की गई वास्तविक खेती लागत पर आधारित होगी। इससे: कम लोन मिलने की शिकायत खत्म होगी,किसानों को जरूरत के मुताबिक पैसा मिलेगा,महंगाई के असर को भी ध्यान में रखा जाएगा।आधुनिक खेती के लिए भी मिलेगा KCC से पैसा, अब KCC लोन का इस्तेमाल सिर्फ बीज-खाद तक सीमित नहीं रहेगा। नए नियमों में शामिल: मिट्टी की जांच,मौसम की जानकारी से जुड़ी सेवाएं ,ऑर्गेनिक खेती के सर्टिफिकेट ,आधुनिक खेती के उपकरण ,फसल देखभाल के लिए अतिरिक्त 20% फंड, यानी अब किसान Smart Farming की ओर आसानी से बढ़ सकेंगे। क्यों है यह बदलाव किसानों के लिए गेमचेंजर? आसान नियम, लंबी अवधि तक लोन, सही लागत के अनुसार पैसा, आधुनिक खेती के लिए फंड, सभी बैंकों में एक जैसा सिस्टम RBI का यह कदम KCC योजना को सच में “किसानों का सच्चा साथी” बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

जनगणना 2026: डिजिटल तरीके से खुद भरें डेटा, एक मई के बाद 33 प्रश्नों का जवाब तैयार रखें

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन की एक मांग को जनगणना निदेशालय मान लेता है तो मजरे-टोलों में रहने वालों लोगों की अलग से जानकारी सामने आ जाएगी। इसका लाभ जल जीवन मिशन जैसी कई योजनाओं को लेकर नीति बनाने में होगा। उन्होंने शुक्रवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में जनगणना-2027 को लेकर आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर प्रशिक्षण कार्यक्रम में रजिस्ट्रार जनरल व जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के समक्ष यह बात कही। अनुराग जैन ने कहा कि जनगणना में मजरे-टोलों का कालम अलग से जोड़ दिया जाए तो मध्य प्रदेश ही नहीं आदिवासी बहुल जनसंख्या वाले दूसरे राज्यों को भी उतना ही लाभ होगा। बता दें, प्रदेश में एक लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं। ये अधिकतर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ही होते हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मृत्युंजय कुमार ने संबोधित किया। अनुराग जैन ने कहा कि जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तभी जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। आमजन भी सही जानकारी दें। कई बार लोगों को लगता है कि संपत्ति संबंधी जानकारी नहीं बताने पर वह लाभ में रहेंगे। सरकारी योजनाओं से सहायता मिल सकती है, पर ऐसा नहीं है। इनबिल्ड एप गलतियां भी बताएंगे मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना होगी, इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया है। जनगणना में स्व-गणना का विकल्प भी पहली बार उपलब्ध कराया जा रहा है। नागरिक मोबाइल, लैपटाप और डेस्कटाप से जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस बार जातिगत जनगणना भी होगी। जानकारी बहुत सावधानी से अंकित की जाए जिससे किसी तरह की गलती की आशंका नहीं रहे। उन्होंने बताया जनगणना के सॉफ्टवेयर में कुछ इनबिल्ड एप्लीकेशन भी हैं, जो कुछ हद तक फीडिंग की गलतियों से सतर्क करेंगे। दो चरणों में जानकारियां एकत्र की जाएंगी निदेशक जनगणना कार्तिकेय गोयल ने कहा कि मध्य प्रदेश में प्रथम चरण में मकानों की सूची तैयार करने का कार्य एक से 30 मई के बीच होगा। इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों का विवरण प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्रित किया जाएगा। द्वितीय चरण में जनसंख्या की गणना का कार्य फरवरी, 2027 में कराया जाना तय किया गया है। जनसंख्या की गणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। साथ ही, व्यक्तियों के संबंध में अन्य बिंदु जैसे आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, दिव्यांगता, मातृभाषा, साक्षरता, शैक्षणिक योग्यता, आर्थिक क्रियाकलाप, प्रवास और संतानों की जानकारी एकत्र की जाएगी। यह 33 सवाल पूछे जाएंगे भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), घर संख्या, फर्श की प्रमुख सामग्री, भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, भवन की छत, घर का उपयोग, घर की स्थिति, परिवार संख्या, घर में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, मुखिया का नाम व लिंग, क्या परिवार का मुखिया एससी/एसटी/अन्य से संबंधित है, स्वामित्व की स्थिति, परिवार के स्वामित्व वाले आवासीय कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पीने के पानी का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय है या नही, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकास, स्नान सुविधा, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना बनाने में मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट तक पहुंच किस तरह है। लैपटाप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन, घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और मोबाइल नंबर।

ट्रंप की कार्रवाई: ईरान के समीप भेजा गया ऑपरेशन मादुरो में शामिल सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर

न्यूयॉर्क अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत के बीच तनाव फिर चरम पर है. अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर USS गेराल्ड आर. फोर्ड को पारस की खाड़ी में भेजने का फैसला किया है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह जानकारी चार अमेरिकी अधिकारियों ने दी है. इससे पहले खबरें थीं कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश को भेजा जाएगा, लेकिन अब फोर्ड को चुना गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर बातचीत फेल हुई तो अमेरिका ईरान पर हमला करने को तैयार है. क्या हुआ नया?     USS गेराल्ड आर. फोर्ड की तैनाती: यह दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसमें 100 से ज्यादा लड़ाकू विमान, हजारों सैनिक और एस्कॉर्ट जहाज होते हैं.     पहले यह, यह कैरेबियन सागर में था. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े ऑपरेशन में शामिल था.     अब इसे मिडिल ईस्ट भेजा जा रहा है. अप्रैल अंत या मई तक यह घर (नॉरफोक, वर्जीनिया) नहीं लौटेगा – क्रू के लिए लंबी तैनाती और मेंटेनेंस में देरी होगी.     पहले की रिपोर्ट: वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा था कि USS जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश (वर्जीनिया तट पर ट्रेनिंग कर रहा) को भेजा जा सकता है. लेकिन अब फोर्ड को चुना गया.     पहले से मौजूद ताकत: USS अब्राहम लिंकन कैरियर और कई अन्य जहाज पहले से मिडिल ईस्ट में तैनात हैं. गेराल्ड आर फोर्ड क्लास  यह अमेरिकी जंगी जहाज है दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर है. अपने क्लास का पहला विमानवाहक पोत, जिसे मई 2017 में कमीशन किया गया. इसके चार और पोत तैयार हो रहे हैं. यह 337 मीटर लंबा है. इसकी बीम 748 मीटर की है. इसका फुल लोड डिस्प्लेसमेंट 1 लाख टन है. इसपर 78 मीटर चौड़ा फ्लाइट डेक है. इसपर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्चिंग सिस्टम लगा है. एडवांस्ड अरेस्टिंग गीयर की सुविधा है. इसपर एक बार में 75 एयरक्राफ्ट तैनात किए जा सकते हैं. इसके आलावा यह 4539 सैनिकों को अपने साथ ले जा सकता है.  ट्रंप का बयान: हमला करने को तैयार ट्रंप ने इजरायली चैनल N12 को इंटरव्यू में कहा…     या तो हम डील करेंगे, या बहुत सख्त कदम उठाएंगे – जैसे पिछली बार.      अगर ईरान के साथ बातचीत फेल हुई, तो सैन्य कार्रवाई होगी.     ट्रंप मैक्सिमम प्रेशर नीति अपना रहे हैं – प्रतिबंध, सैन्य तैनाती और धमकी से ईरान को नया परमाणु समझौता करने पर मजबूर करना. क्यों हो रहा है यह सब?     ईरान का परमाणु कार्यक्रम: ईरान यूरेनियम को हथियार बनाने लायक स्तर तक समृद्ध कर रहा है. अमेरिका और इजरायल इसे बड़ा खतरा मानते हैं.     ट्रंप का रुख: 2018 में ट्रंप ने पुराना समझौता (JCPOA) तोड़ा था. अब नई डील चाहते हैं – ईरान को पुरानी से बेहतर शर्तें माननी होंगी.     रणनीतिक महत्व: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ताकत बढ़ाकर ट्रंप ईरान को दबाव में रखना चाहते हैं. कैरियर से F-35 जैसे स्टेल्थ फाइटर इस्तेमाल हो सकते हैं.     क्षेत्रीय तनाव: इजरायल-ईरान संघर्ष, हूती हमले और गाजा युद्ध के बीच अमेरिका अपने सहयोगियों (इजरायल, सऊदी) की रक्षा कर रहा है. क्या होगा आगे? फोर्ड की तैनाती से अमेरिका की हवाई ताकत दोगुनी हो जाएगी. अगर दूसरा कैरियर (बुश) भी आया, तो क्षेत्र में अमेरिकी मौजूदगी और मजबूत होगी. विशेषज्ञ कहते हैं कि यह 'सिग्नलिंग' है – अमेरिका दिखा रहा है कि वह गंभीर है. दुनिया शांति की अपील कर रही है, ताकि बातचीत से हल निकले. अमेरिका ईरान को परमाणु डील के लिए मजबूर करने के लिए सैन्य ताकत बढ़ा रहा है. दुनिया के सबसे बड़े कैरियर की तैनाती तनाव को और बढ़ा रही है. फिलहाल बातचीत का मौका है, लेकिन फेल होने पर मिडिल ईस्ट में बड़ा संघर्ष हो सकता है.   

Bitcoin में तेज गिरावट: आधी हुई वैल्यू, एक्सपर्ट्स जता रहे और 55% फिसलने का अंदेशा

 नई दिल्‍ली बिटकॉइन की कीमतों में इस हफ्ते भी गिरावट तेज रही, लेकिन शनिवार को इसमें 4 फीसदी की तेजी रही और इसकी कीमत  लगभग 68,864 डॉलर पर आ चुकी है. हालांकि एक्‍सपटर्स को इस तेजी पर कुछ खास भरोसा नहीं हो रहा है.  उनका कहना है कि इस बड़ी गिरावट के बीच यह एक छोटी सी उछाल है और गिरावट अभी भी हावी है.  बिटकॉइन अभी भी अपने  रिकॉर्ड स्‍तर से करीब आधा गिर चुका है. क्रिप्टोकरेंसी अक्टूबर में अपने उच्चतम स्तर से लगभग 44% गिर चुकी है, जो पिछले कई महीनों में हुए करेक्शन के कारण हुआ है. शुक्रवार को बिटकॉइन लगभग $69,180 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले साल के अंत में आई तेजी के दौरान देखे गए स्तरों से काफी नीचे है. अभी और गिर सकता है बिटकॉइन मिड टर्म को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, नेड डेविस रिसर्च (एनडीआर) के रणनीतिकारों ने चेतावनी दी है कि भारी बिकवाली के बाद भी आगे और गिरावट आ सकती है. इस महीने की शुरुआत में ग्राहकों को जारी एक नोट में, एनडीआर ने कहा कि अगर मौजूदा मंदी एक पूरे बिटकॉइन विंटर में बदल जाती है, तो कीमतें मौजूदा स्तरों से काफी नीचे तक गिर सकती हैं.  55 फीसदी तक टूट सकता है बिटकॉइन नेड डेविस रिसर्च के मुख्य रणनीतिकार पैट त्सचोसिक और विश्लेषक फिलिप मौल्स के अनुसार, गंभीर मंदी की स्थिति में बिटकॉइन की कीमत गिरकर 31,000 डॉलर तक जा सकती है. इस तरह की गिरावट का मतलब मौजूदा कीमतों से लगभग 55% की और गिरावट होगी, जिससे हाल के उच्चतम स्तर के करीब निवेश करने वाले निवेशकों को और अधिक ज्‍यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  75 फीसदी तक टूट चुका है बिटकॉन एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन की ऐतिहासिक गिरावट विश्लेषण पर आधारित है. उन्होंने बताया कि पिछली बड़ी बिकवाली के दौरान, बिटकॉइन में आमतौर पर लगभग 70% से 75% की गिरावट देखी गई है, जब गिरावट लंबे समय तक मंदी के दौर में बदल गई. अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो मौजूदा गिरावट अभी भी जारी रह सकती है. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, नेड डेविस रिसर्च ने यह भी बताया कि 2011 से लेकर अब तक बिटकॉइन की मंदी के दौर में औसतन लगभग 84% की गिरावट आई है. ये गिरावटें न केवल गहरी थीं, बल्कि लंबी भी रहीं.  औसतन, पिछले बिटकॉइन की मंदी के दौर लगभग 225 दिनों तक चले, जो लंबे समय तक कमजोरी की संभावना को उजागर करते हैं.  

छत्तीसगढ़ में VIP ट्रेड कंपनी पर कार्रवाई, 8 लाख से अधिक की ठगी में चार आरोपी गिरफ्तार

लौदाबाजार  थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने ज्यादा रिटर्न का लालच देकर लोगों से ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। ये आरोपी राजस्थान के किशनगढ़ और आसपास के इलाकों से जुड़े थे और उन्होंने वीआईपी ट्रेड नाम की फर्जी कंपनी बनाकर पूरे देश में ठगी का जाल फैलाया था। इस मामले में एक शिकायतकर्ता से ही 8 लाख 6 हजार 640 रुपये की ठगी हुई है। लेकिन, पुलिस को संदेह है कि इससे कहीं ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। श्याम कॉलोनी बलौदाबाजार के निवासी रामचंद्र वस्त्रकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जुलाई 2025 के अंत से अक्टूबर 2025 के मध्य तक आरोपियों ने संपर्क किया और वीआईपी ट्रेड कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 10 से 12 प्रतिशत की गारंटी के साथ मुनाफा मिलने का वादा किया। कहा गया कि पैसों में रोजाना ग्रोथ होगी और जरूरत पड़ने पर आसानी से निकाला जा सकता है। इस झांसे में आकर रामचंद्र ने कुल 8 लाख 6 हजार 640 रुपये कंपनी में जमा कर दिए। जब उन्होंने पैसा वापस मांगा तो आरोपियों ने कोई जवाब नहीं दिया और बाद में अपने मोबाइल नंबर बंद कर लिए। इससे उन्हें ठगी का पता चला। इस शिकायत पर 13 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 307/2025 दर्ज किया गया। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला बनाया गया है। पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने थाना प्रभारी और साइबर सेल को सख्त निर्देश दिए। टीम ने तकनीकी जांच और विश्लेषण से पता लगाया कि ठगी का पूरा नेटवर्क राजस्थान से संचालित हो रहा था। एक मुख्य आरोपी अजमेर के केंद्रीय कारागार में पहले से बंद था। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर पुलिस टीम ने राजस्थान जाकर चारों आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में सभी ने वीआईपी ट्रेड कंपनी बनाकर ज्यादा रिटर्न का झांसा देकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की। 13 फरवरी 2026 को इन आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई। मामला अभी जांच के दौर में है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी वीआईपी ट्रेड कंपनी ने ठगी की हो या निवेश के नाम पर पैसे मांगे गए हों, तो वह तुरंत थाना सिटी कोतवाली या स्थानीय साइबर सेल में संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराए। गिरफ्तार आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं: अब्दुल समद (60 वर्ष), निवासी भिश्ती मोहल्ला, गांधीनगर, किशनगढ़, राजस्थान; लोकेश चौधरी (26 वर्ष), निवासी रामदेव कॉलोनी, किशनगढ़, राजस्थान; कैलाश चौधरी (26 वर्ष), निवासी जाटो का मोहल्ला, थाना नारायणा, जयपुर ग्रामीण, राजस्थान; धीरज गट्टानी (25 वर्ष), निवासी न्यू कॉलोनी, कुचामन सिटी, राजस्थान। पुलिस का कहना है कि ऐसी फर्जी निवेश योजनाओं से बचें और किसी भी अनजान कंपनी में पैसे लगाने से पहले पूरी जांच करें।

2050 का खतरा: दुनिया की 25% आबादी को हो सकती है कान की दिक्कत, WHO की चेतावनी

नई दिल्ली दुनिया भर में सुनने से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन की पहली वर्ल्ड रिपोर्ट ऑन हियरिंग के अनुसार साल 2050 तक दुनिया की करीब 2.5 अरब आबादी यानी हर चार में से एक व्यक्ति किसी न किसी स्तर की सुनने की समस्या से जूझ रहा होगा. इनमें से लगभग 70 करोड़ लोगों को कान और सुनने से जुड़ी विशेष हॉस्पिटैलिटी और पुनर्वास सेवाओं की जरूरत पड़ेगी. ‌ ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि 2050 तक हर चार में से एक शख्स को कान की दिक्कतें क्यों होगी और डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में और क्या-क्या आया सामने आया. अभी क्या है स्थिति? डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में दुनिया में हर पांच में से एक व्यक्ति को सुनने में किसी न किसी तरह की दिक्कत है. समय पर इलाज और देखभाल न मिल पाना मामलों के बढ़ने के बड़ी वजह है. डब्ल्यूएचओ का कहना है की कम आय वाले देशों में ऐसे 80 प्रतिशत मामले सामने आते हैं, जहां एक्सपर्ट्स और संसाधनों की भारी कमी है. इसके अलावा संक्रमण, जन्मजात बीमारियां, ध्वनि प्रदूषण, तेज आवाज में लंबे समय तक रहना और अनहेल्दी लाइफस्टाइल सुनने की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं. वहीं बच्चों में करीब 60 फीसदी मामलों को टीकाकरण, बेहतर मातृत्व, शिशु देखभाल और कान के संक्रमण के समय पर इलाज से रोका जा सकता है. वहीं युवाओं में तेज आवाज में संगीत सुनना बड़ा खतरा बनता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 12 से 35 वर्ष के एक अरब से ज्यादा लोग स्मार्टफोन और हेडफोन के जरिए तेज आवाज में गाने सुनने के कारण खतरे में है. हेल्थ व्यवस्था में बड़ी कमी भी वजह डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट बताती है कि कई देशों में कान, नाक और गला एक्सपर्ट्स, ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच थेरेपिस्ट की भारी कमी है. वहीं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं में कान और सुनने से जुड़ी देखभाल को अभी भी पर्याप्त जगह नहीं मिल पाई. इसके चलते शुरुआती पहचान और समय पर इलाज नहीं हो पाता है. इसके अलावा एक्सपर्ट का कहना है कि सुनने की समस्या की शुरुआती जांच बहुत जरूरी है. वहीं नई तकनीकों की मदद से अब कम संसाधनों में भी जांच संभव है. कई कान की बीमारियों का इलाज दवा या सर्जरी से हो सकता है. जहां सुनने की क्षमता वापस नहीं लाई जा सकती, वहां हियरिंग एड, कॉक्लियर इम्प्लांट और स्पीच थेरेपी जैसे ऑप्शन मददगार साबित होते हैं. डब्ल्यूएचओ का अनुमान है कि कान और सुनने से जुड़ी सेवाओं में निवेश करने पर सरकार को हर एक डॉलर के बदले करीब 16 डॉलर का सामाजिक और आर्थिक लाभ मिल सकता है. वहीं सुनने की समस्या का असर सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रहता. यह पढ़ाई, रोजगार और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डालता है. इसके अलावा डब्ल्यूएचओ के अनुसार इससे सामाजिक अलगाव और अवसाद का खतरा भी बढ़ सकता है.