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आठ मुख, अद्भुत आस्था: नेपाल से भी विशिष्ट मंदसौर का पशुपतिनाथ मंदिर

 मंदसौर मंदसौर में शिवना तट पर विराजे अष्टमुखी श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का सौंदर्य अपने-आप में अनूठा है। नेपाल के पशुपतिनाथ में चार मुख की मूर्ति है, जबकि मंदसौर में मूर्ति अष्टमुखी है और अभी तक ज्ञात इतिहास में यह विश्व की एकमात्र अष्टमुखी मूर्ति है। पशुपतिनाथ महादेव की मूर्ति लगभग 1500 वर्ष पुरानी है। और 85 बरस पहले शिवना नदी से ही निकली थी। 19 जून 1940 को शिवना नदी से बाहर आने के बाद 21 साल तक भगवान पशुपतिनाथ की मूर्ति नदी के तट पर ही रखी रही। मूर्ति को नदी से बाहर निकलने के बाद चैतन्य आश्रम के स्वामी प्रत्यक्षानंदजी महाराज ने 23 नवंबर 1961 को प्राण प्रतिष्ठा की। 27 नवंबर को मूर्ति का नामकरण श्री पशुपतिनाथ महादेव किया गया। इसके बाद मंदिर निर्माण हुआ। सावन में यहां डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। मुख्य आकर्षण श्रावण में पूरे माह होने वाला मनोकामना अभिषेक है। और अब तो यहां पशुपतिनाथ लोक बनने से पूरा परिसर आकर्षक बन गया है। 101 फीट ऊंचे मंदिर शिखर पर 100 किलो वजनी कलश स्थापित है जिस पर 51 तोला सोने की परत चढ़ाई गई है। शैव धर्म की 6 प्रमुख परंपराओं में से एक मंदसौर का पशुपतिनाथ महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित हिंदू मंदिर है। यह पशुपतिनाथ परंपरा से संबंधित है जो शैव धर्म के भीतर 6 प्रमुख परंपराओं में से एक है। शिलालेखों के आधार पर मंदिर की मूर्ति 5वीं या 6ठी शताब्दी की है। प्राचीन समय में इस स्थल को दशपुर कहते थे। यह मालवा के ऐतिहासिक क्षेत्र में राजस्थान की सीमा के पास इंदौर से लगभग 200 किमी, उदयगिरि गुफाओं से लगभग 340 किमी पश्चिम में और शामलाजी प्राचीन स्थलों से लगभग 220 किलोमीटर पूर्व में है। दोनों ही गुप्त साम्राज्य युग की पुरातात्विक खोजों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं। शिवना से प्रकटे अष्टमुखी महादेव माना जाता है कि प्रतिमा का निर्माण विक्रम संवत 575 ई. में सम्राट यशोधर्मन की हूणों पर विजय के आसपास का है। संभवत: मूर्ति भंजकों से रक्षा के लिए इसे शिवना नदी में दबा दिया गया था। अनुमान के अनुसार अज्ञात कलाकार ने प्रतिमा के ऊपर के चार मुख पूरी तरह बना दिए थे, जबकि नीचे के चार मुख निर्माणाधीन थे। श्री पशुपतिनाथ महादेव मूर्ति की तुलना नेपाल के काठमांडू स्थित श्री पशुपतिनाथ से की जाती है। मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति अष्टमुखी है। जबकि नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति चार मुखी है। मूर्ति में बाल्यावस्था, युवावस्था, अधेड़ावस्था व वृद्धावस्था के दर्शन होते हैं। इसमें चारों दिशाओं में एक के ऊपर एक दो शीर्ष हैं। प्रतिमा में गंगावतरण जैसी दिखाई देने वाली सफेद धारियां हैं। प्रतिमा की विशेषता मुख 8, ऊंचाई 7.3 फीट, गोलाई 11.3 फीट, वजन 6 क्विंटल अष्टमुख की विशेषता प्रतिमा के आठों मुखों का नामकरण भगवान शिव के अष्ट तत्व के अनुसार है। हर मुख के भाव व जीवन काल भी अलग-अलग हैं। 1 – शर्व, 2 – भव, 3 – रुद्र, 4 – उग्र, 5 – भीम, 6 – पशुपति, 7 – ईशान और 8 – महादेव। कैसे पहुंचें मंदसौर रेल सेवाएं – जयपुर-इंदौर रेलमार्ग पर मंदसौर प्रमुख स्टेशन है। और मुंबई, इंदौर, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, बड़ौदा, सूरत, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, उदयपुर, मथुरा, भोपाल, नागपुर, हिसार, जोधपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। बस सेवाएं – मंदसौर महू-नसीराबाद राजमार्ग पर स्थित है। मंदसौर से महज 30 किमी दूर से मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस वे भी निकल रहा है। सभी प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं। निकटतम हवाई अड्डा – इंदौर (220 किमी), उदयपुर (190 किमी) मंदसौर में 25 करोड़ से 'पशुपतिनाथ लोक' तैयार श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में पशुपतिनाथ लोक का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। मंदिर के सभा हाल से लेकर पुराने पार्किंग स्थल तक पूरे परिसर में 25 करोड़ रुपये में पर्यटन विकास निगम ने कायाकल्प कर दिया है। मंदिर परिसर में पुराने खंभों पर भी लाल पत्थर का कार्य हो चुका है। माली धर्मशाला व उसके आस-पास बने भवन भी तोड़कर यहां ओपन थियेटर बना दिया गया है। मंदिर के आसपास दीवारों पर लगे लाल पत्थरों पर शिव लीलाएं उकेरी गई हैं।

परिवार को बिना बताए इमरान खान को अस्पताल में किया शिफ्ट

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया कि इमरान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और उनकी जान को खतरा पैदा हो सकता है। इमरान खान की फैमिली को इस ट्रांसफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीटीआई ने मांग की है कि कोई भी मेडिकल जांच या इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और कम से कम एक परिवार के सदस्य के साथ होना चाहिए। जेल नियमों के अनुसार भी परिवार और डॉक्टरों को पहले सूचित करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इमरान खान 73 वर्ष के हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें लाहौर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अदियाला जेल में रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में रहते हुए उनकी सेहत बिगड़ गई है, खासकर दाहिने आंख में लगभग 85 प्रतिशत विजन लॉस हो चुका है। परिवार और लीगल टीम का आरोप है कि जेल अथॉरिटीज ने उन्हें उचित मेडिकल केयर नहीं दिया, जिससे यह स्थिति बनी। जनवरी 2026 के अंत में उन्हें आंख की समस्या के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां एक छोटी प्रक्रिया हुई, लेकिन फैमिली को पहले सूचित नहीं किया गया था। पीटीआई ने लगाए गंभीर आरोप पीटीआई ने बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है कि इमरान खान को बिना परिवार की जानकारी के अस्पताल शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी ने कहा, 'ऐसा कदम मौलिक मानवाधिकारों और कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।' उन्होंने इसे इमरान खान की सेहत और जान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और इलाज में देरी को अमानवीय बताया। पार्टी ने तत्काल इलाज शुरू करने की मांग की है, बिना किसी समझौते के। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी विजन लॉस की रिपोर्ट्स पर ध्यान देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी आंखों की जांच हो सके। इमरान खान की सेहत को लेकर गरमाई राजनीति इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने संसद के पास धरना दिया और इमरान खान को तुरंत अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करने की मांग की। प्रदर्शनकारी तब तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। सरकार की ओर से जानकारी मंत्री ने कहा कि इमरान खान को स्पेशलाइज्ड आंखों के इलाज के लिए ले जाया जा रहा है और स्पेकुलेशन से बचने की अपील की है। हालांकि, परिवार और पीटीआई का कहना है कि बिना उनकी सहमति के कोई कदम नहीं उठाया जाए। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और बढ़ा रहा है।

वेस्टइंडीज ने बनाई सुपर-8 में जगह, नेपाल की उम्मीदों पर लगा ब्रेक

मुंबई मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने नेपाल को हराकर सुपर 8 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वेस्टइंडीज के अब तीन मैचों में लगातार तीन जीत हो गई है और वह अगले राउंड में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने नेपाल को एकतरफा मैच में 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो सही साबित हुआ। कैरेबियाई टीम ने नेपाल को मात्र 133 रनों पर रोक दिया। इस मैच में नेपाल के लिए 'करो या मरो' की स्थिति थी, लेकिन कैरेबियाई टीम के शानदार प्रदर्शन ने उनके विश्व कप के सफर को यहीं समाप्त कर दिया। वेस्टइंडीज ने इस बड़ी जीत के साथ शान से सुपर एट में अपनी जगह पक्की कर ली है। नेपाल की बल्लेबाजी आज पूरी तरह लड़खड़ा गई, जहां केवल दीपेंद्र सिंह ऐरी ने 47 गेंदों पर 58 रनों की जुझारू पारी खेली और मैदान पर संघर्ष किया। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ बनाए रखी। जेसन होल्डर सबसे घातक साबित हुए। होल्डर ने अपने 4 ओवरों के कोटे में मात्र 27 रन देकर 4 विकेट झटके और नेपाल के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। मैथ्यू फोर्ड ने भी बेहद किफायती गेंदबाजी की और 4 ओवर में केवल 10 रन देकर एक सफलता हासिल की, जिससे नेपाल की टीम 20 ओवरों में 8 विकेट पर 133 रन ही बना सकी। 134 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मात्र 15.2 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान शाई होप ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों पर 61 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें उन्होंने 3 छक्के और 5 चौके लगाए। उनका साथ शिमरन हेटमायर ने बखूबी निभाया। उन्होंने 32 गेंदों पर 46 रनों की तेजतर्रार पारी खेली और दूसरे विकेट के लिए होप के साथ 91 रनों की अटूट साझेदारी की। नेपाल के स्टार स्पिनर संदीप लामिछाने आज काफी महंगे रहे और उन्होंने 3 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 38 रन लुटा दिए। इस मैच में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स बने और टूटे, जिसमें वेस्टइंडीज ने वानखेड़े स्टेडियम में अपने कभी न हारने वाले टी20 रिकॉर्ड को बरकरार रखा। जेसन होल्डर को उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इस हार के साथ नेपाल आधिकारिक तौर पर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो गया है। कैरेबियाई टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। विश्व कप से अब तक दो टीमें बाहर हो चुकी हैं, जबकि एक टीम ने सुपर में एट में अपनी दाबेदारी पेश कर दी है। आज के मैच में भारत और पाकिस्तान में से भी जो जीतेगा वह सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर लेगा।

यश की टॉक्सिक पर विवाद: कर्नाटक फिल्म चैंबर अध्यक्ष बोलीं— पहले रिलीज होने दें फिल्म

कर्नाटक साउथ सुपरस्टार यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपनी रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी है। फिल्म के टीजर में अत्यधिक उत्तेजक सीन को लेकर जहां महिला संगठनों ने विरोध जताया है। वहीं ईसाई समुदाय ने भी फिल्म के कुछ सीन पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। इन विवादों पर अब कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्ष का बयान सामने आया है। टीजर के बाद ही राय बनाना जल्दबाजी मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्ष जयमाला का कहना है कि जनता को केवल टीजर के आधार पर निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा, 'टॉक्सिक' के टीजर को लेकर शिकायतें आई हैं, लेकिन मुझे ठीक से नहीं पता कि इसमें क्या गड़बड़ है। टीजर तो सिर्फ एक झलक होती है, जिसका मकसद दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाना होता है। सेंसर बोर्ड द्वारा समीक्षा किए जाने से पहले फिल्म पर चर्चा करना जल्दबाजी होगी। फिल्म निर्माता अपने काम में करोड़ों रुपये लगाते हैं और दर्शकों को अपनी राय बनाने से पहले पूरी फिल्म देखनी चाहिए।’ मेकर्स ने आरोपों से किया इनकार जयमाला ने आगे बताया कि फिल्म के निर्माताओं ने अपमानजनक या अश्लील सामग्री के आरोपों से इनकार किया है। फिल्म की रिलीज से पहले समीक्षा और प्रमाणन होना बाकी है। इसलिए शिकायतों का निपटारा उचित नियामक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। टीजर के बाद उठे ये विवाद यह विवाद तब शुरू हुआ जब ‘टॉक्सिक’ के टीजर में कब्रिस्तान के बाहर खड़ी एक कार में यश का एक महिला के साथ अत्यधिक उत्तेजक यौन दृश्य दिखाया गया। इसके बाद कब्रिस्तान में हिंसक गोलीबारी का दृश्य आता है। वहां पर कई धार्मिक मूर्तियां हैं, जिनमें एंजल माइकल की प्रतिमा भी शामिल है। नेशनल क्रिश्चियन फेडरेशन ने फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ-साथ राज्य सरकार के मुख्य सचिव, गृह सचिव और सीबीएफसी से भी 'टॉक्सिक' के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वहीं महिला संगठनों ने भी फिल्म के मेकर्स के खिलाफ इस सीन के माध्यम से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।   ‘धुरंधर: द रिवेंज’ से होगा ‘टॉक्सिक’ का मुकाबला गीतु मोहनदास द्वारा निर्देशित 'टॉक्सिक' में यश राया के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा फिल्म कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत, तारा सुतारिया, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी भी यश और गीतू ने मिलकर लिखी है। यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘टॉक्सिक’ का मुकाबला बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धुरंधर 2' से होगा।

हरियाणा में जनगणना कार्य के चलते शिक्षकों के तबादले पर रोक

चंडीगढ़. जनगणना से जुड़ी तैयारियों को लेकर हुई बैठक में अहम फैसले लिए गए है। जनगणना कार्य के दौरान शिक्षकों के तबादलों पर रोक रहेगी। निदेशक जनगणना ने बताया कि कर्मियों को व्यापक प्रशिक्षण दिया जाएगा और उनका डाटा सीएमएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। जनगणना अवधि में इन कर्मियों का तबादला न किया जाना जरूरी है। बैठक में तय हुआ कि शिक्षकों के तबादले 15 जून 2026 तक नहीं किए जाएंगे। साथ ही अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि फील्ड ट्रेनर्स की सूची स्कूल शिक्षा विभाग को भेजी जाए ताकि प्रशिक्षण अवधि के दौरान उन्हें परीक्षा या अन्य किसी ड्यूटी में न लगाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि इन फैसलों से जनगणना कार्य समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।

‘पति-पत्नी का विवाद आत्महत्या का उकसावा नहीं’: हाईकोर्ट

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने (धारा 306 आईपीसी) के एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 4 साल की सजा को निरस्त कर दिया है. न्यायमूर्ति रजनी दुबे की एकलपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आत्महत्या के लिए उकसावे के आवश्यक तत्व साबित करने में असफल रहा है. यह मामला जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा थाना क्षेत्र का है. आरोपी बसंत कुमार सतनामी के खिलाफ आरोप था कि उसकी पत्नी टिकैतिन बाई ने विवाह के करीब चार वर्ष बाद कथित प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली. ट्रायल कोर्ट (द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश, एफटीसी जांजगीर) ने 31 जुलाई 2007 को आरोपी को धारा 306 आईपीसी के तहत दोषी ठहराते हुए 4 वर्ष का सश्रम कारावास और 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी. हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण अज्ञात बताया गया. डॉक्टर ने जिरह में स्वीकार किया कि मृत्यु का कारण उल्टी-दस्त से हुई एस्फिक्सिया भी हो सकता है. एफएसएल रिपोर्ट पेश नहीं की गई. गवाहों के बयानों में विरोधाभास रहे. कुछ ने जहर, कुछ ने शराब सेवन और कुछ ने उल्टी-दस्त से मौत की बात कही. अदालत ने कहा कि केवल पति-पत्नी के बीच विवाद या सामान्य कलह को आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं माना जा सकता, जब तक कि स्पष्ट रूप से उकसावे या साजिश का प्रमाण न हो. सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला हाई कोर्ट ने अपने निर्णय में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि धारा 306 के तहत दोषसिद्धि के लिए स्पष्ट आपराधिक मंशा और प्रत्यक्ष उकसावे का प्रमाण आवश्यक है. मात्र प्रताड़ना या पारिवारिक विवाद पर्याप्त नहीं हैं. हाई कोर्ट ने कहा कि, अभियोजन यह साबित नहीं कर पाया कि मृतका की मौत आत्महत्या थी या आरोपी ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया. ऐसे में ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई दोषसिद्धि टिकाऊ नहीं है. अदालत ने आरोपी को बरी करते हुए उसकी सजा रद्द कर दी.

CM साय ने की सिरीमकेला में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा

जशपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दुलदुला विकासखंड में ग्राम सिरीमकेला में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने सिरीमकेला में सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कल हम सब महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाएंगे. इस अवसर पर आज नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है. यहाँ आकर मुझे आध्यात्मिक अनुभूति हो रही है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री राम लला दर्शन योजना के तहत प्रदेश के 42000 से ज्यादा तीर्थ यात्रियों को अयोध्या धाम के दर्शन करवाने के बाद भी कहीं. सभी श्रद्धालुओं को उन्होंने महाशिवरात्रि पर्व की बधाई भी 

AI शिखर सम्मेलन के लिए भारत सबसे उपयुक्त: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख

नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा है कि भारत वैश्विक मामलों में प्रभाव रखने वाली एक 'बेहद सफल' उभरती अर्थव्यवस्था है और यह एआई शिखर सम्मेलन के लिए उपयुक्त स्थान है। 'इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026' से गुतारेस ने इस बात पर जोर दिया कि कृत्रिम मेधा (AI) से पूरी दुनिया को लाभ होना चाहिए, न कि यह केवल विकसित देशों या दो महाशक्तियों के लिए आरक्षित विशेषाधिकार हो। उन्होंने कहा, 'मैं इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत को हार्दिक बधाई देता हूं। यह अत्यंत आवश्यक है कि एआई का विकास हर किसी के लाभ के लिए हो और 'ग्लोबल साउथ' के देश भी एआई के लाभ का हिस्सा बनें।' 'ग्लोबल साउथ' से तात्पर्य उन देशों से है जिन्हें अक्सर विकासशील, कम विकसित अथवा अविकसित के रूप में जाना जाता है और ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया और लातिन अमेरिका में स्थित हैं। यह उच्च स्तरीय कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला है जो 'ग्लोबल साउथ' के किसी देश में आयोजित होने वाला पहला एआई शिखर सम्मेलन होगा और यह 'लोग, धरती और प्रगति' के तीन मार्गदर्शक सिद्धांतों पर आधारित है। गुतारेस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि ''यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि एआई केवल सर्वाधिक विकसित देशों का विशेषाधिकार हो'। गुतारेस की इस टिप्पणी को स्पष्ट रूप से अमेरिका और चीन पर केन्द्रित माना जा रहा है। गुतारेस ने कहा, ''यह बेहद आवश्यक है कि कृत्रिम मेधा मानव जाति के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक साधन बने।' उन्होंने कहा, 'भारत की भूमिका आज एक बेहद सफल उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है और यह न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था में बल्कि वैश्विक मामलों में भी लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए भारत बिल्कुल उपयुक्त जगह है और यह सुनिश्चित करने के लिए भी कि एआई की अपार संभावनाओं एवं इसके सभी जोखिमों के साथ इस पर गहराई से चर्चा हो क्योंकि एआई पूरी दुनिया से संबंधित है, न कि केवल कुछ लोगों से।' सम्मेलन में कौन से नेता लेंगे हिस्सा विदेश मंत्रालय के मुताबिक, जिन नेताओं ने शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज पेरेज-कास्टेजोन, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और क्रोएशिया के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेनकोविक शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, यूनान के प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव और मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम ने भी 'एआई इंपैक्ट समिट' में शामिल होने की पुष्टि की है।

बांग्लादेश में नए पीएम के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे 12 देशों के प्रमुख

ढाका. बांग्लादेश के आम चुनवाों में बीएनपी को बड़ी जीत मिलने के बाद प्रधानमंत्री समेत पूरे मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण 17 फरवरी को होने जा रहा है। इस समारोह का दिलचस्प पहलू यह है कि यह राष्ट्रीय संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित किया जा रहा है जबकि अभी तक शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन में आयोजित होते रहे हैं। समाचार पत्र 'प्रोथोम आलो' और 'इत्तेफाक' में प्रकाशित खबर के अनुसार, समारोह के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन नव-निर्वाचित सांसदों को पद की शपथ दिलाएंगे, जबकि संविधान के अनुसार यह शपथ अध्यक्ष शिरीन शरमिन चौधरी द्वारा दिलाई जानी चाहिए। इन देशों को भेजा गया है न्योता बांग्लादेश में प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत-पाकिस्तान समेत 13 देशों को न्योता भेजा गया है। इनमें चीन, सऊदी अरब, तुर्की, यूएई, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान शामिल हैं। बीएनपी चीफ तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। बता दें कि बांग्लादेश ने भारत को न्योता भेजा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ढाका जाना असंभव ही है। 17 तारीख को ही प्रधानमंत्री मोदी की फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पूर्व निर्धारित बैठक होने वाली है। ऐसे में किसी प्रतिनिधि को ढाका भेजा जा सकता है। पीएम मोदी का ढाका जाना मुश्किल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तारिक रहमान को सबसे पहले बधाई देने वाले नेताओं में शामिल थे। उनके संदेश के बाद बीएनपी ने कहा, "बांग्लादेश अपने सभी नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों, समावेशिता और प्रगतिशील विकास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हम आपसी सम्मान, एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता और अपने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के प्रति साझा प्रतिबद्धता के मार्गदर्शन में, भारत के साथ रचनात्मक रूप से जुड़कर अपने बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।' शपथ ग्रहण के दौरान कई चुनौतियां तारिक रहमान के एक प्रमुख सहयोगी ने नाम न उजागर की शर्त पर बताया कि मौजूदा परिस्थितियों ने मामलों को थोड़ा जटिल बना दिया है। उन्होंने कहा, '' पिछली संसद की अध्यक्ष को सांसदों को शपथ दिलानी होती है, लेकिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया है और अज्ञात स्थान पर रह रही हैं, जबकि उपाध्यक्ष जेल में हैं। इन परिस्थितियों में राष्ट्रपति संविधान में तय प्रावधान के अनुसार किसी और को शपथ दिलाने के लिए चुन सकते हैं।'' इससे पहले, कैबिनेट सचिव शेख अब्दुर राशिद ने कहा था कि संविधान के अनुरूप राष्ट्रपति नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाएंगे, लेकिन उन्होंने समारोह की तारीख नहीं बताई। बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 13वें संसदीय चुनाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अगस्त 2024 में छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद 15 वर्ष से अधिक समय तक शासन करने वालीं शेख हसीना को सत्ता छोड़कर भारत भागना पड़ा था, जिसके बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक हमले भी हुए थे।

आज झारखंड में निकलेगी शिव बारात: ट्रैफिक रहेगा डायवर्ट, इन रास्तों पर नहीं मिलेगी एंट्री

रांची राजधानी रांची में आज 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हैं। शिव बारात को लेकर प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की है, ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। रांची में शिव बारात, ट्रैफिक में बदलाव महाशिवरात्रि के अवसर पर आज शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच शिव बारात निकाली जाएगी। जुलूस को देखते हुए शहर में कई जगह बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। ट्रैफिक एसपी ने नागरिकों से अपील की है कि जुलूस वाले रास्तों से बचें और यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। सुबह 5 बजे से रात 10 बजे तक बड़े वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। बड़े मालवाहक वाहन तय स्थानों तक ही जा सकेंगे। छोटे वाहन निर्धारित मार्गों से ही अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे। कांके की ओर जाने वाले छोटे वाहन राम मंदिर मोड़, हॉटलिप्स चौक और न्यू मार्केट चौक से होकर जा सकेंगे। जुलूस के दौरान शनि मंदिर, दुर्गा मंदिर, मिनाक्षी गली, सुखदेवनगर, बालाजी मंदिर, सुलभ शौचालय और गौशाला कटिंग से पहाड़ी मंदिर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग रहेगी। शिव बारात का रूट शिव बारात इंद्रपुरी शिव मंदिर से शुरू होकर रातू रोड, मेट्रो गली, रानी सती मंदिर, पहाड़ी मंदिर, बानो मंजिल मार्ग, गाड़ीखाना, कार्ट सराय रोड, जेजे रोड, शहीद चौक, पुस्तक पथ, ज्योति संगम, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, महावीर चौक, प्यादा टोली होते हुए आरआर स्पोर्टिंग दुर्गा पूजा समिति के प्रांगण में समाप्त होगी। क्यों मनाई जाती है महाशिवरात्रि? महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के समय निकला विष भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए पी लिया था। इसी कारण उनका कंठ नीला पड़ गया और वे नीलकंठ कहलाए। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं, रात भर जागरण करते हैं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित की जाती है। “ॐ नमः शिवाय” का जाप कर लोग सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। झारखंड सहित देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में आज भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और पूरा माहौल भक्तिमय बना हुआ है।