samacharsecretary.com

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 28 को राजस्थान दौरा होगा खास

अजमेर. राजस्थान की डबल इंजन सरकार अब 'विकास की सुपरफास्ट' गति पकड़ने को तैयार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 28 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर की पवित्र धरा पर पधार रहे हैं। प्रधानमंत्री यहाँ से 23 हजार 500 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। यह दौरा न केवल ढांचागत विकास के लिए अहम है, बल्कि राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए भी 'रोजगार उत्सव' बनकर आ रहा है। 1. ₹23,500 करोड़ का 'बजट गिफ्ट' प्रधानमंत्री अपने इस दौरे में प्रदेश को विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी सौगातें देंगे। इस भारी-भरकम राशि का निवेश मुख्य रूप से सड़क, रेलवे, पेयजल (ERCP के नए आयाम), सौर ऊर्जा और चिकित्सा सुविधाओं पर केंद्रित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन परियोजनाओं से राजस्थान के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा। 2. 21 हजार युवाओं को सरकारी नियुक्ति इस दौरे का सबसे मानवीय और खास पहलू है युवाओं का सम्मान। प्रदेश के 21 हजार नव-नियुक्त युवाओं को प्रधानमंत्री अपने हाथों से नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) सौंपेंगे। यह आयोजन प्रदेश भर के युवाओं में नई ऊर्जा और सरकारी नौकरियों के प्रति विश्वास पैदा करेगा। 3. 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को शक्ति मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को नई शक्ति प्रदान करेगी। राजस्थान सरकार का लक्ष्य है कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष मनाए, तब राजस्थान देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल हो। 4. अजमेर ही क्यों? मरुधरा का केंद्र और आस्था का संगम अजमेर न केवल भौगोलिक रूप से राजस्थान का केंद्र है, बल्कि यह सांप्रदायिक सौहार्द और आस्था का भी बड़ा केंद्र है। यहाँ की कायड़ विश्राम स्थली पहले भी प्रधानमंत्री की बड़ी जनसभाओं की गवाह रही है। राजनीतिक दृष्टि से भी अजमेर संभाग से पूरे प्रदेश को संदेश देना आसान होता है। 5. बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव 23,500 करोड़ के प्रोजेक्ट्स में राष्ट्रीय राजमार्गों के चौड़ीकरण, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास और जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने वाली महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। 6. 'सौर ऊर्जा' हब बनेगा राजस्थान प्रस्तावित योजनाओं में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में बड़े शिलान्यास होने की संभावना है, जो राजस्थान को देश का 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर' बनाने में मदद करेंगे। 7. मिशन मोड पर प्रशासन प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस महकमा अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं और मुख्यमंत्री स्वयं तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 8. चिकित्सा और शिक्षा पर विशेष फोकस सूत्रों के अनुसार, पीएम मोदी कई नए मेडिकल कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों के डिजिटल लोकार्पण भी कर सकते हैं, जिससे ग्रामीण अंचलों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचेंगी। 9. पर्यटन और औद्योगिक विकास को रफ्तार अजमेर और आसपास के क्षेत्रों (पुष्कर, किशनगढ़) के लिए कनेक्टिविटी बढ़ने से पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही, औद्योगिक क्षेत्रों के लिए नई बिजली लाइनों का शिलान्यास व्यापार को सुगम बनाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान की संस्कृति और यहाँ के लोगों से विशेष लगाव रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए नई प्रेरणा और प्रगति का द्वार खोलेगी।

नीतीश सरकार ने 25 लाख महिलाओं के खातों में किए ₹2,500 करोड़ ट्रांसफर

पटना. बिहार में महिला सशक्तिकरण को नई राजनीतिक और आर्थिक धार देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को 25 लाख महिलाओं के खातों में ₹10-10 हजार की राशि ट्रांसफर की। कुल ₹2,500 करोड़ की यह मदद महिला रोजगार योजना के तहत सीधे बैंक खातों में भेजी गई। कार्यक्रम मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित हुआ, जहां कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। सरकार ने इसे केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता अभियान का हिस्सा बताया। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि सीधे लाभुकों तक पहुंचाई गई। इस कदम को आगामी चरणों की बड़ी तैयारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार के अनुसार योजना का उद्देश्य महिलाओं को छोटे व्यवसाय से जोड़ना है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उन्हें पूंजी उपलब्ध कराई जा रही है। योजना का संचालन मुख्य रूप से जीविका नेटवर्क के जरिए हो रहा है। ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर आय के स्थायी स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अब तक राज्य में 1.5 करोड़ से अधिक महिलाओं को ₹10 हजार की सहायता मिल चुकी है। अब अगला लक्ष्य ₹2 लाख तक की सहायता सरकार अगले चरण में पात्र महिलाओं को ₹2 लाख तक की सहायता देने की तैयारी में है। हालांकि इस बार प्रक्रिया को और सख्त बनाया गया है। राशि वितरण से पहले वार्ड स्तर पर विस्तृत जांच अनिवार्य होगी। राज्य के 3398 वार्डों में विशेष कर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मी आवेदन, दस्तावेज और पात्रता का भौतिक सत्यापन करेंगे। सरकार का कहना है कि पारदर्शिता से ही योजना की विश्वसनीयता बनी रहेगी। समयबद्ध अभियान, तय डेडलाइन के साथ पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी वार्डों से सत्यापित आवेदन जीविका को सौंपे जाएंगे। अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया को कुल नौ चरणों में पूरा किया जाएगा। सरकार इसे रोजगार विस्तार और महिला उद्यमिता से जोड़कर देख रही है। दावा है कि इससे राज्य में स्वरोजगार आधारित आर्थिक मॉडल को मजबूती मिलेगी।

स्टार हॉकी खिलाड़ी सुमित ने सोनिका संग ऋषिकेश में लिए सात फेरे

सोनीपत. देश के दो स्टार हॉकी खिलाड़ी अब शादी के बंधन में बंध चुके है। सोनीपत के रहने वाले सुमित निवासी गांव कुराड़ और हिसार की रहने वाली सोनिका ने उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित आर्चित होटल में अपने परिवारों की मौजूदगी में सात फेरे लिए और सात जन्मों के लिए साथ रहने का प्रण ले लिया। बताया जा रहा है कि शादी को दोनों परिवार से बिल्कुल गोपनीय रखा गया और दोनों के परिवारों के करीब 60 लोगों ही मौजूद थे। आपको बता दें कि सुमित उस भारतीय टीम का हिस्सा रहे है जिन्होंने पिछले ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और सोनिका भी उस टीम का हिस्सा है जिस महिला टीम ने देश का नाम पिछले ओलम्पिक में शानदार जानदार प्रदर्शन किया था और एक बार देश की हॉकी टीम में जान डाल दी थी। सोनिका और सुमित अब दोनों आयकर विभाग में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सुमित की शादी के बाद उसके बड़े भाई प्रवेश ने बताया कि दस दिन पहले बड़े की गोपनीय तरीके से ऋषिकेश में शादी समारोह आयोजित किया गया था,  जिसमें सुमित और सोनिका की शादी हुई। सोनिका कॉमनवेल्थ गेम्स में चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और एशियन में मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रही है। दोनों की शादी में परिवार के ही लोग ही मौजूद थे और सोनिका हिसार की रहने वाली है।

वकार यूनुस का बड़ा बयान: उस्मान तारिक को गेंदबाजी में देरी बनी पाकिस्तान की हार का कारण

नई दिल्ली पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप में 61 रन की करारी शिकस्त के बारे में कहा कि जब सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए तो पाकिस्तान की टीम उसी समय इस मैच से बाहर हो गई थी।  पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनुस ने भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप में 61 रन की करारी शिकस्त के बारे में कहा कि जब सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 175 रन बनाए तो पाकिस्तान की टीम उसी समय इस मैच से बाहर हो गई थी। 'पहली पारी में ही मैच गंवा दिया था पाकिस्तान' वकार ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, ‘पाकिस्तान ने पहली पारी में ही मैच गंवा दिया। एक बार जब भारत ने 175 रन बना लिए तो मैच पाकिस्तान की पकड़ से बाहर हो गया था। गेंद स्पिन हो रही थी और सूर्यकुमार यादव ने गेंदबाजी में पूरी समझदारी से बदलाव किए।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान ने अपने स्पिन गेंदबाजों का उतना अच्छा इस्तेमाल किया जितना भारत ने किया। लेकिन मैच पहली पारी में ही खत्म हो गया था क्योंकि भारत ने बहुत ज्यादा रन बना लिए थे। हम सभी जानते हैं कि पाकिस्तान की बल्लेबाजी बहुत अच्छी नहीं है। लेकिन अगर भारत ने 175 की जगह 140 या 150 रन बनाए होते तो शायद स्थिति अलग होती।’ सलामी बल्लेबाज ईशान किशन की 40 गेंदों में खेली गई तूफानी 77 रन की पारी और मध्य क्रम के उपयोगी योगदान से भारत ने बड़ा स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में पाकिस्तान 18 ओवर में 114 रन पर आउट हो गया। उस्मान तारिक से गेंदबाजी में देरी से स्थिति मुश्किल बन गई: यूनुस वकार ने कहा, ‘उन्होंने (सूर्यकुमार ने) हार्दिक पंड्या को शुरुआत में नई गेंद दी। जसप्रीत बुमराह ने हमेशा की तरह स्टंप्स को निशाना बनाकर और गेंद को स्विंग और सीम कर अच्छा प्रदर्शन किया। उसके बाद पाकिस्तान के लिए स्थिति बहुत मुश्किल हो गई। सलमान अली आगा ने उस्मान तारिक को जल्दी गेंदबाजी के लिए न बुलाकर स्थिति को मुश्किल बना दिया।’ उन्होंने कहा, ‘तारिक ने शानदार प्रदर्शन किया, एक विकेट लिया और सिर्फ 24 रन दिए। हम हफ्तों से उनके बारे में बात कर रहे थे। लेकिन उन्हें बहुत देर तक गेंद नहीं सौंपी गई। जब तक उन्हें गेंद मिली, ईशान किशन अपना काम कर चुके थे। यहीं से मैच पाकिस्तान के हाथ से निकल गया।’ गावस्कर ने सूर्या की कप्तानी की जमकर तारीफ की गावस्कर कहा, ‘सूर्यकुमार ने आगे बढ़कर नेतृत्व किया है। अमेरिका के खिलाफ मैच में जब भारत 77 रन पर छह विकेट खोकर मुश्किल में था, तब सूर्या ने टीम को संकट से उबारा और यहां पाकिस्तान के खिलाफ जब वह बल्लेबाजी करने आए तब भारत 88 रन पर दो विकेट खो चुका था और फिर उन्होंने 19वें ओवर तक बल्लेबाजी करते हुए 32 रन बनाए।’ उन्होंने कहा, ‘भले ही वह बेहतर स्ट्राइक रेट से रन नहीं बना पाए लेकिन उन्होंने एक छोर पर डटे रहकर यह सुनिश्चित किया कि विकेट न गिरें।’

चंडीगढ़ में एक साल में बढ़े 102 HIV के मामले, मौतें भी हुई दोगुनी

चंडीगढ़. चंडीगढ़ में एचआईवी संक्रमण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की राज्यसभा में पेश एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में शहर में एचआईवी के 166 नए मामले दर्ज किए गए। वर्ष 2023 में यह संख्या 82 थी। यानी एक वर्ष में 102 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में जहां 17 मौतें हुई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। चंडीगढ़ में हर 208वां व्यक्ति एचआईवी से जूझ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में जहां 17 मौत हुई थीं, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। एक वर्ष में मौतों का आंकड़ा दोगुना से अधिक होना स्वास्थ्य तंत्र के लिए चेतावनी है। वर्ष 2024-25 में एचआईवी संक्रमित की संख्या 5,996 दर्ज की गई। एचआईवी संक्रमितों का पीजीआई समेत शहर के अन्य सिविल अस्पतालों में इलाज चल रहा है। एचआईवी संक्रमित पंजीकृत लोगों में 45 प्रतिशत पंजीकृत लोग सेवा (सरकारी या निजी) कर रहे हैं, न कि ट्रक चालक या प्रवासी। इलाज से संक्रमण को फैलने से बचाने के लिए काम किया जा रहा है। 2015 में संयुक्त राष्ट्र ने 2030 तक इस बीमारी को समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके लिए यूएनएड्स ने 90-90 लक्ष्य निर्धारित किया था। लक्ष्य के अनुसार 2030 तक यह सुनिश्चित किया जाना है कि 90 प्रतिशत लोगों को अपनी एचआईवी स्थिति के बारे में जानकारी हो। इसके साथ 90 प्रतिशत एचआईवी संक्रमित लोगों को इलाज दिया जा सके।

श्वेता त्रिपाठी ने कहा, महिलाओं और LGBTQ+ कहानियों को सपोर्ट करना जरूरी और सही है

मुंबई  अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी ने प्रोड्यूसर के रूप में महिलाओं पर आधारित और क्वीर कहानियों को सपोर्ट करने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह सही है और इस काम में उन्हें खास महसूस होता है। एक आर्टिस्ट के तौर पर यह उनके लिए एक बड़े मकसद का हिस्सा है। श्वेता ने हाल ही में अपनी पहली क्वीर फिल्म 'मुझे जान ना कहो मेरी जान' को प्रोड्यूस करने की घोषणा की है। इस फिल्म में तिलोत्तमा शोम मुख्य भूमिका में हैं और यह एक क्वीर लव स्टोरी है, जो इस साल फ्लोर पर आने की उम्मीद है। फिल्म में श्वेता खुद भी अभिनय कर रही हैं। श्वेता पहले भी क्वीर प्ले 'कॉक' को प्रोड्यूस कर चुकी हैं, जो माइक बार्टलेट की ओलिवर अवॉर्ड विनर ड्रामा है। कई शहरों में ये ड्रामा प्ले हुआ और दर्शकों से इसे शानदार रिस्पॉन्स मिला। अभिनेत्री ने बताया, "मेरे लिए यह बहुत पर्सनल है। अगर हम समाज में कोई खास बदलाव देखना चाहते हैं, तो हमें खुद इसका हिस्सा बनकर शुरुआत करनी होगी। महिलाओं और क्वीर लाइफ की कहानियां हमेशा से मौजूद रही हैं, लेकिन उन्हें वह जगह और सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार हैं। अब जब मुझे चुनने और कुछ बनाने का मौका मिला है, तो मुझे इसका सही इस्तेमाल करना है।" वह चाहती हैं कि यह कहानी दर्शकों को जानी-पहचानी और खास लगे। उनका मानना है कि क्वीर कहानियां असरदार होने के लिए जोरदार या सनसनीखेज नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया, "कभी-कभी ये कहानियां कोमल और रोजमर्रा की होती हैं। वे हमेशा खुद को जाहिर नहीं करतीं, लेकिन आपके साथ रहती हैं। मैं इसी तरह के काम से जुड़ना चाहती हूं।" श्वेता ने आगे कहा, "यह वह रास्ता लगता है जिस पर मैं चलना चाहती हूं। महिलाओं पर आधारित विषयों को सपोर्ट करना, क्वीर आवाजों को बढ़ावा देना और अपने फैसलों में ईमानदार रहना। यह सही लगता है और मेरे लिए एक आर्टिस्ट के तौर पर घर जैसा और बड़े मकसद का हिस्सा है।" अभिनेत्री जल्द ही 'मिर्जापुर-द मूवी' में नजर आएंगी, जो 4 सितंबर को थिएटर्स में रिलीज होगी। फिल्म में श्वेता त्रिपाठी के साथ पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुग्गल समेत पुराने और नए कलाकार शामिल हैं।

विधान परिषद में CM Yogi Adityanath का दावा, बोले – यूपी में शांति और विकास साथ-साथ

 लखनऊ उत्तर प्रदेश विधान परिषद में सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपने विचार व्यक्त किए. इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश को अराजकता अव्यवस्था का गढ़ बना दिया था. आज डबल इंजन सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीति और सशासन की प्रतिबद्धता के कारण बीमारू से ब्रेकथ्रू स्टेट बना है. सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले गुंडे और माफिया इस प्रदेश में समानांतर सरकार चला रहे थे. वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया का राज था. प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय बन गया था. लेकिन आज 'उपद्रव प्रदेश' 'उत्सव प्रदेश' बन गया है. रूल ऑफ लॉ स्थापित किया. यूपी में न दंगा न कर्फ्यू, अब सब चंगा. बकौल सीएम- 'यूपी फियर जोन से फेथ जोन में बदला है. अब कर्फ्यू कल्चर नही जीरो टॉलरेंस का कल्चर है. अब फेस्टिव एंड टेम्पल इकोनॉमी ग्रो कर रही है. अब फेस्टिव एंड टेम्पल इकोनॉमी ग्रो कर रही है. कोई सोच सकता था माघ मेला में जहां केवल कल्पवासी आते थे. कुछ लाख श्रद्धालु आते थे. आज 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए… क्योंकि उसको व्यवस्था सुरक्षा पर विश्वास है.' नौकरी के मुद्दे पर सीएम योगी ने कहा कि पुलिस में 2 लाख 19 हजार भर्तियां निकाली गईं, इनमें 20 फीसदी बेटियां हैं. 2017 में यूपी पुलिस में कुल दस हजार महिला कार्मिक थी आज 44000 से अधिक हैं. 2017 से पहले यूपी पुलिस के पास ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी.. आज 60000 कार्मिक एक साथ ट्रेनिंग ले रहे हैं. पहले फॉरेंसिक लैब मात्र 2 थीं, आज हमलोग 12 लैब बना चुके हैं 6 अन्य निर्माणाधीन हैं. सभी 75 जिलों में दो दो फॉरेंसिक वन हैं. PAC को पिछली सरकार ने बंदी की कगार पर पहुंचा दिया था. आज 34 वाहिनियां है जिसमे 3 नईं महिला बटालियन हैं- उदा देवी, झलकारी बाई और अवंती बाई.  सीएम योगी आदित्यनाथ ने आगे कहा कि हम आभारी है प्रधानमंत्री मोदी जी के क्योंकि उन्होंने वंदे भारत राष्ट्र गीत को अनिवार्य किया है. वंदे मातरम भारत के आन बान शान का प्रतीक है. राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान राष्ट्रनायकों, तिरंगे का अपमान संविधान की अवहेलना है. सपा के सदस्य वंदे मातरम का अपमान कर रहे, संविधान का अपमान है, बाबा साहब अम्बेडकर का अपमान है. सपाई राममंदिर, काशी विश्वनाथ का विरोध करते हैं.  उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा गाजी के मेले का समर्थन करती है. गाजी  की भारत के हिंदू राजाओं ने रौंद डाला था. हमारी सरकार ने बहराइच में महराज सुहेलदेव के नाम पर स्मारक बनवाया.

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा, सीएचसी को एफआरयू में अपग्रेड करने के लिए पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध कराया जाए

सीएचसी को एफआरयू के रूप में उन्नत करने के लिए मैनपावर की उपलब्धता सुनिश्चित करें: उप मुख्यमंत्री  शुक्ल भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास और चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) के रूप में उन्नत करने के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि इन इकाइयों में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर की उपलब्धता प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए एफआरयू का सुचारू संचालन अत्यंत आवश्यक है। चयनित मैनपावर की समयबद्ध जॉइनिंग के निर्देश उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चयनित हो चुके स्टाफ की जॉइनिंग प्रक्रिया को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों में मानव संसाधन की कमी को दूर कर सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।बैठक में स्वास्थ्य जांच की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए प्रदेश की टेस्टिंग लैब्स के सुदृढ़ीकरण कार्यों पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और पैथोलॉजी सेवाओं के विस्तार हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव  अशोक बर्नवाल, आयुक्त  धनराजू एस सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

चौहान ने कहा, योजनाओं का लाभ पात्रों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए

पात्र हितग्राहियों को समयबद्ध और पारदर्शी प्रक्रिया से मिले योजनाओं का लाभ – मंत्री  चौहान अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक हुई आयोजित भोपाल  अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री  नागर सिंह चौहान ने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से उपलब्ध कराया जाए और छात्रावासों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ कर विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग एवं फील्ड स्तर पर सतत समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।मंत्री  चौहान अनुसूचित जाति कल्याण विभाग की विभागीय परामर्शदात्री समिति की बैठक ले रहे थे। बैठक में समिति के सदस्य जतारा विधायक  हरिशंकर खटीक, पानसेमल विधायक  श्याम बरडे, प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति कल्याण  ई. रमेश कुमार और आयुक्त  सौरभ के. सुमन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अनुसूचित जाति वर्ग के समग्र विकास के लिए विभिन्न  योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।विधायकगण द्वारा जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के संबंध में सुझाव प्रस्तुत किए गए।बैठक में अनुसूचित जाति बस्ती विकास,भवन विहीन छात्रावासों के निर्माण, छात्रावासों के रख-रखाव एवं अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण, विभाग में रिक्त पदों की पूर्ति, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति, स्वरोजगार योजनाएँ और सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

क्षेत्र को मिली विकास की सौगात: 18.38 करोड़ के कार्यों का भूमिपूजन, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े रहीं उपस्थित

18.38 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन भटगांव में अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण को मिली गति रायपुर, प्रदेश में संतुलित एवं समावेशी विकास को गति देने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा अधोसंरचना सुदृढ़ीकरण के कार्य निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री तथा भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लगभग 18.38 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृत विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन किया। ग्राम शिवनंदनपुर में 3.41 करोड़ रुपए के अधोसंरचना कार्यों का शुभारंभ मंत्री राजवाड़े ने ग्राम शिवनंदनपुर स्थित हनुमान मंदिर प्रांगण में अधोसंरचना मद अंतर्गत 3.41 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें नकना तालाब घाट निर्माण, फुटपाथ निर्माण, अटल परिसर निर्माण, आर.सी.सी. नाली निर्माण तथा बी.टी. रोड निर्माण कार्य शामिल हैं। 14.97 करोड़ रुपए से दो प्रमुख सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एक अन्य भूमिपूजन एवं प्रारंभ पूजन कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुईं, जिसमें लोक निर्माण विभाग अंतर्गत 14.97 करोड़ रुपए (लगभग 15 करोड़ रुपए) की लागत से दो महत्वपूर्ण सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य शामिल हैं। इनमें भटगांव से अनरगवा मार्ग (6.00 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 878.50 लाख रुपए तथा पकनी से चेन्द्रा मार्ग (5.60 किमी) के चौड़ीकरण एवं निर्माण हेतु 618.63 लाख रुपए की स्वीकृति सम्मिलित है। इन सड़कों के निर्माण एवं उन्नयन से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा व्यापारिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्राम स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण होगा और स्थानीय नागरिकों को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम अधोसंरचना उपलब्ध हो सकेगी। इस अवसर पर मंत्री राजवाड़े ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। शासन का उद्देश्य नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार लाना तथा विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में वन विकास निगम अध्यक्ष रामसेवक पैकरा सहित जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।