samacharsecretary.com

हरियाणा दहला: रोहतक में ताबड़तोड़ गोलियां, IG ऑफिस के नजदीक मर्डर से सनसनी

  रोहतक हरियाणा के रोहतक में शुक्रवार को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आईजी ऑफिस से कुछ ही दूरी पर दिल्ली बाईपास के पास अज्ञात हमलावरों ने दिनेश उर्फ गोगा पर 22 गोलियां दाग दीं. मौके पर ही उसकी मौत हो गई. बिजी रोड पर हुई इस वारदात से आसपास अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों में दहशत फैल गई. मृतक दिनेश गोगा का भी आपराधिक रिकार्ड बताया जा रहा है. मौके से मिले 28 से 30 राउंड गोलियां के खोल प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर तेज रफ्तार वाहन में आए और एकाएक गोलियां बरसानी शुरू कर दीं. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए. सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें पहुंचीं और इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. पुलिस को मौके से करीब 28 से 30 राउंड हुए गोलियां के खोल मिले है. '2-4 कीड़े मकोड़े हैं इनका टाइम आ लिया है' घटना के कुछ समय बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसने मामले को और सनसनीखेज बना दिया. पोस्ट में 'जय भोले की' लिखते हुए दावा किया गया कि दिनेश गोगा की हत्या अमेरिका में बैठे कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ और मोस्ट वांटेड नीरज फरीदपुरिया के इशारे पर कराई गई है. पोस्ट में आगे धमकी भरे लहजे में अन्य लोगों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है. लिखा है – बाकी ये और 2-4 कीड़े मकोड़े हैं इनका टाइम आ लिया है. साथ ही इसमें कुछ पुलिसकर्मियों पर करप्ट होने का आरोप भी लगाया गया है. पोस्ट में लिखा है- हम देश के कानून और ईमानदार खाकी का सम्मान करते हैं लेकिन कुछ करप्ट पुलिसवालों के कारण आज ये दिन देखना पड़ रहा है.  

भोजशाला विवाद: 18 फरवरी को होगी अगली सुनवाई, अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण स्थगित

 इंदौर मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को लेकर आज मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में होने वाली सुनवाई आगे बढ़ गई है।कल  अधिवक्ता संघ द्वारा की गई हड़ताल की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया है। इसके लिए न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच में यह प्रकरण क्रम संख्या- 62 पर सूचीबद्ध किया गया था। यह सुनवाई गत 22 जनवरी को दिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रारंभ की जानी है। सुनवाई में भोजशाला को लेकर किए गए 98 दिनों के एएसआई सर्वे की रिपोर्ट खुली अदालत में खोली जाएगी और उसकी कॉपी दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस बारे में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था। बता दें कि हाई कोर्ट की डिविजन बेंच के समक्ष सुनवाई में याचिकाकर्ता हिंदू फ्रंट फार जस्टिस एएसआई सर्वे को आधार बनाकर भोजशाला के वाग्देवी (देवी सरस्वती) मंदिर होने के पक्ष में अपने तर्क रखने हैं। इसके लिए हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की ओर से याचिकाकर्ता आशीष गोयल उपस्थित रहेंगे, जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन (नई दिल्ली) तथा अधिवक्ता विनय जोशी (इंदौर) पैरवी करेंगे। निर्णय होने तक 2003 का आदेश प्रभावशील सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय तक भोजशाला की संरचना एवं स्वरूप में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया जाएगा। इसका सात अप्रैल 2003 को एएसआई महानिदेशक द्वारा जारी आदेश यथावत प्रभावी रहेगा। एएसआई सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष 17000 अवशेष मिले थे। 96 मूर्तियां प्राप्त हुईं। 25 फीट से अधिक खुदाई में दीवार का ढांचा मिला। पीछे के खेत क्षेत्र से भी मूर्तियां बरामद की गईं। चारों दिशाओं में 106 स्तंभ पाए गए। 82 भित्ति चित्रयुक्त स्तंभ मिले। 33 प्राचीन सिक्के मिले। ये सिक्के 10वीं–11वीं शताब्दी एवं परमार युग के बताए गए हैं।  

IND vs Netherlands: बुमराह और हार्दिक के OUT होने की चर्चा, कप्तान सूर्या करेंगे बड़ा फैसला

 नई दिल्ली टीम इंडिया पहले ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 चरण के लिए क्वालीफाई कर चुका है. अब उसका अगला मैच 18 फरवरी को नीदरलैंड्स के साथ है. टीम इंडिया ने अब तक सभी 3 मुकाबले जीते हैं. पहले भारत ने अमेरिका को पटखनी दी और फिर नामीबिया को टीम इंडिया ने हराया. इसके बाद रविवार को पाकिस्तान को भी सूर्या ब्रिगेड ने 61 रनों से हरा दिया. प्रयोग करने का सही समय भारत के लिए अगला मैच कोई बड़ी चुनौती नहीं है. क्योंकि टीम इंडिया पहले ही सुपर-8 के लिए क्वालिफाई कर चुकी है. लेकिन असली चुनौती सुपर-8 में ही होगी. क्योंकि वहां भारत को वेस्टइंडीज, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया या जिम्बाब्वे जैसी मजबूत टीमों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में नीदरलैंड्स के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच भारत के लिए प्रयोग करने का बेहतरीन मौका हो सकता है. यह मुकाबला भारत के लिए अंकतालिका के लिहाज से ज्यादा मायने नहीं रखता, इसलिए टीम संयोजन में बदलाव की गुंजाइश है. किन खिलाड़ियों को आराम मिले? जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या को आराम दिया जा सकता है. बुमराह बुखार के कारण अमेरिका के खिलाफ नहीं खेले थे, जबकि पांड्या तीनों मैचों में खेल चुके हैं. दोनों खिलाड़ी भारत के लिए बेहद अहम हैं, खासकर बड़े मुकाबलों में. बुमराह की जगह मोहम्मद सिराज को मौका देकर उनकी परीक्षा ली जा सकती है. अहमदाबाद का नरेंद्र मोदी स्टेडियम इस टूर्नामेंट में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहा है, ऐसे में सिराज और बाकी गेंदबाजों को असली चुनौती मिलेगी. हार्दिक की गैरमौजूदगी में शिवम दुबे को नई गेंद से आजमाया जा सकता है, जैसा उन्होंने 2025 एशिया कप फाइनल में किया था. दुबे को पूरे चार ओवर दिए जा सकते हैं ताकि यह देखा जा सके कि क्या उन्हें बड़े मुकाबलों में भरोसे के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है. पंड्या के नहीं खेलने पर रिंकू सिंह और अक्षर पटेल को अतिरिक्त बल्लेबाजी समय मिल सकता है. इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर को भी मौका दिया जा सकता है, जो चोट के कारण लंबे समय से बाहर थे. उनकी जगह वरुण चक्रवर्ती को आराम दिया जा सकता है, जिन्होंने अब तक हर मैच खेला है. भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल (उपकप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह.

सिल्वर मार्केट में भूचाल: ₹1.80 लाख की भारी गिरावट, सोने का भी हाल बेहाल

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों क्रैश (Gold-Silver Price Crash) जारी है और हर रोज ये कीमती धातुएं सस्ती हो रही हैं. सोमवार को बड़ी गिरावट के बाद मंगलवार को चांदी का भाव फिसला है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर खुलने के साथ ही Silver Price 4600 रुपये से ज्यादा कम हो गया. वहीं दूसरी कीमती धातु सोना भी फिसल गया. अपने हाई लेवल से अब चांदी 1.80 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती (Silver Crash From High) मिल रही है, जबकि सोना 38,000 रुपये से अधिक सस्ता (Gold Cheaper) हो गया है.  क्या फूट गया है चांदी का बुलबुला?  सबसे पहले बात करते हैं चांदी की कीमत में लगातार जारी गिरावट के बारे में, तो महज कुछ ही दिनों में चांदी का बुलबुला फूटा (Silver Bubble Burst) हुआ नजर आ रहा है. इसके इस हिसाब से भी समझ सकते हैं कि बीते 29 जनवरी को सिल्वर प्राइस पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार निकला था और 4,20,048 रुपये के लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया था. इस हाई लेवल से अब तक चांदी 1,80,157 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो चुकी है.   मंगलवार को खुलते ही धड़ाम Silver सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भी चांदी का भाव एमसीएक्स पर खुलने के साथ ही धड़ाम नजर आया. सोमवार को 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी 2,39,891 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ थी और इसके मुकाबले ये ओपन होते ही गिरकर 2,35,206 रुपये पर आ गई. इस हिसाब से देखें, तो झटके में 1 Kg Silver Price 4,685 रुपये तक कम हो गया है.  Gold का भी सिल्वर जैसा हाल  चांदी की कीमत के बाद बात करें, सोने के भाव के बारे में, तो ये कीमती धातु भी लगातार गिरावट देख रही है. हालांकि, बीच-बीच में इसकी कीमत में उछाल भी देखने को मिला है. बहरहाल, मंगलवार को 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव अपने पिछले बंद 1,54,760 रुपये से गिरकर 1,53,550 रुपये प्रति 10 ग्राम के लेवल पर आ गया. यानी MCX Gold Rate 1,210 रुपये कम हो गया.  अपने हाई से कितना सस्ता सोना?  Gold Rate ने भी बीते 29 जनवरी को ही चांदी के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपना लाइफ टाइम हाई लेवल छुआ था. रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 10 Gram 24 Karat Gold Rate 1,93,096 रुपये के हाई पर पहुंच गया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद क्रैश का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसका असर अब तक देखने को मिल रहा है. सोना अपने हाई से अब तक 38,336 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है. 

नई आबकारी नीति लागू, रायपुर एयरपोर्ट के होटल-रेस्टोरेंट संचालकों को मिली बड़ी राहत, बार खुलने की अनुमति

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नई आबकारी नीति 2026-27 को हरी झंडी दे दी गई है। इस नीति का मुख्य केंद्र बिंदु राजस्व में वृद्धि और व्यापार करने की सुगमता (Ease of Doing Business) है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नई शराब दुकानें नहीं खोली जाएंगी, लेकिन मौजूदा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और लाभप्रद बनाया जाएगा। नए नियमों के अनुसार, अब शराब की आपूर्ति से पहले ही टैक्स का भुगतान अनिवार्य होगा, जिससे सरकारी खजाने में समय पर राजस्व सुनिश्चित हो सकेगा। रायपुर एयरपोर्ट पर बार और लाइसेंस फीस में राहत पर्यटन को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए सरकार ने रायपुर एयरपोर्ट पर ‘विमानपत्तन रेस्टोरेंट बार’ (FL-3 घ) शुरू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही, होटल, क्लब और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए लाइसेंस फीस में उल्लेखनीय कटौती की गई है। इस रियायत का उद्देश्य (CG New Excise Policy) राज्य में निवेश आकर्षित करना और आतिथ्य सत्कार क्षेत्र को मजबूती देना है। हालांकि, बार संचालन के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है; यह पहले की तरह सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित होंगे। प्लास्टिक बोतलों में मिलेगी शराब पर्यावरण और सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ा बदलाव पैकेजिंग में किया गया है। अब छत्तीसगढ़ में देसी और विदेशी शराब कांच की बोतलों के बजाय प्लास्टिक की बोतलों में बेची जाएगी। विभाग का तर्क है कि कांच की बोतलों के टूटने से हर साल करोड़ों का नुकसान होता है और इससे कर्मचारियों के घायल होने का खतरा भी बना रहता है। प्लास्टिक पैकेजिंग से परिवहन आसान होगा और स्टोरेज की लागत में कमी आएगी। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में अनिवार्य रूप से लागू हो जाएगा। महंगी होगी शराब: नया टैक्स स्लैब लागू शराब प्रेमियों के लिए खबर थोड़ी कड़वी हो सकती है क्योंकि नई नीति में आबकारी ड्यूटी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से विदेशी और प्रीमियम ब्रांड्स (CG New Excise Policy) पर अब ‘रिटेल सेल प्राइस’ (RSP) के आधार पर टैक्स लगेगा। जितनी महंगी बोतल होगी, उस पर उतना ही अधिक ड्यूटी टैक्स देना होगा। बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों पर भी नई दरें लागू की गई हैं। सरकार का मानना है कि उच्च श्रेणी के ब्रांड्स पर टैक्स बढ़ाने से राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी होगी, जबकि सेना और अर्धसैनिक बलों के लिए ड्यूटी की न्यूनतम दरें बरकरार रखी गई हैं। प्रशासनिक सुधार और निगरानी नई नीति के तहत प्रशासनिक शक्तियों में भी बदलाव किया गया है। अब कंपोजिट लाइसेंस जारी करने का अधिकार सीधे आबकारी आयुक्त के पास होगा, जिससे प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, अवैध शराब की तस्करी और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।

भारत-UK ट्रेड डील अप्रैल से प्रभावी होने के संकेत, ज्यादातर भारतीय उत्पादों पर खत्म होगी ड्यूटी

नई दिल्ली  भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) इस साल अप्रैल 2026 से लागू होने के लिए पूरी तरह तैयार है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस समझौते के लागू होने से न केवल द्विपक्षीय व्यापार में ऐतिहासिक वृद्धि होगी, बल्कि भारतीय श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए ब्रिटेन के दरवाजे पूरी तरह खुल जाएंगे. 99% भारतीय उत्पादों पर जीरो-ड्यूटी इस ऐतिहासिक समझौते की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि ब्रिटेन को निर्यात किए जाने वाले 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर अब कोई सीमा शुल्क (Customs Duty) नहीं लगेगा. इससे भारत के उन क्षेत्रों को जबरदस्त फायदा होगा जहां बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं. विशेष रूप से टेक्सटाइल (कपड़ा), रत्न एवं आभूषण, चमड़ा, फुटवियर, खिलौने, और समुद्री उत्पादों के निर्यातकों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है. अब ये उत्पाद ब्रिटिश बाजार में वियतनाम और बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे. IT सेक्टर और पेशेवरों को बड़ी राहत व्यापार के साथ-साथ, सेवाओं के क्षेत्र में भी बड़ी जीत हासिल हुई है. दोनों देशों ने 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन' (DCC) पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका मतलब यह है कि जो भारतीय आईटी पेशेवर या अन्य कर्मचारी अस्थायी रूप से (3 साल तक) ब्रिटेन में काम करने जाएंगे, उन्हें और उनके नियोक्ताओं को वहां 'सोशल सिक्योरिटी' टैक्स नहीं देना होगा. इससे भारतीय कंपनियों की लागत कम होगी और उनके कर्मचारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे. व्हिस्की और कारों पर घटेगा आयात शुल्क भारत ने भी ब्रिटिश उत्पादों के लिए अपने बाजार खोले हैं. भारत में बेहद लोकप्रिय स्कॉच व्हिस्की पर आयात शुल्क 150% से घटाकर तत्काल 75% कर दिया जाएगा, जिसे 2035 तक धीरे-धीरे 40% तक लाया जाएगा. इसी तरह, ब्रिटिश कारों पर लगने वाले भारी-भरकम शुल्क को अगले 5 वर्षों में घटाकर 10% तक लाया जाएगा. बदले में, भारतीय इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को ब्रिटेन के बाजार में विशेष कोटा मिलेगा. आर्थिक लक्ष्य और भविष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मई 2025 में इस डील को अंतिम रूप दिया था. वर्तमान में यह समझौता ब्रिटिश संसद में अनुसमर्थन की प्रक्रिया में है. दोनों देशों का लक्ष्य है कि वर्तमान के $60 बिलियन के द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक $100 बिलियन के पार पहुँचाया जाए. विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत को एक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के सपने को गति प्रदान करेगा.

रतलाम का सरकारी स्कूल छाया खास, बच्चों में बैग नहीं और मुंहजबानी से 40 तक के पहाड़े याद

रतलाम  सरकारी स्कूलों का जब जिक्र आता है, तब ज्यादातर समय दिमाग में पहली तस्वीर बदहाल व्यवस्था की बनती है लेकिन मध्य प्रदेश के रतलाम में एक ऐसा अनूठा स्कूल है, जो इसके विपरीत एक नजीर पेश कर रहा है. यह स्कूल अपने आप में एक मिसाल है. इसके बारे में यह कहना हरगिज गलत नहीं होगा कि यह सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूलों को मात दे रहा है. स्कूल की अपनी कार्यशैली के चलते इसे ‘समस्या मुक्त विद्यालय’ नाम दिया गया है. यहां के प्रधानाध्यापक ने अपने खर्च पर स्कूल को सजाया-संवारा है. वहीं उनका शिक्षा की गुणवत्ता पर भी खासा फोकस रहता है. हम बात कर रहे हैं रतलाम के जावरा स्थित रूपनगर के सरकारी प्राथमिक स्कूल की. प्राथमिक स्कूल को बहुत सुंदर तरीके से सजाया गया है. स्कूल में बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ वह तमाम जानकारी मुहैया करवाई जा रही है, जो उनके सर्वांगीण विकास में सहायक है. स्कूल में इस तरह हरियाली छाई हुई है कि एक बार के लिए लगता है कि आप किसी गार्डन में आ गए हों. स्कूल की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान दिया जाता है ताकि बच्चे अभी से स्वच्छता के महत्व को समझ सकें और इसे अपने जीवन में अपना सकें. खाली हाथ स्कूल आते हैं बच्चे पहली से पांचवीं क्लास तक यह स्कूल पूरी तरह से एक बैगलेस स्कूल है. बच्चे घर से बैग लेकर स्कूल नहीं आते हैं ताकि उनके नाजुक कंधों पर वजनी बोझ न पड़े. स्कूल में पढाई के साथ-साथ होमवर्क भी करवाया जाता है. बच्चों की यूनिफॉर्म पूरी तरह से व्यवस्थित है. इन नन्हे-मुन्ने स्टूडेंट्स की छोटी-छोटी बातों पर पूरा ध्यान दिया जाता है ताकि वे भी अच्छी बातें सीख सकें. बच्चों को 40 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद स्कूल से प्रधानाध्यापक की मेहनत का ही यह नतीजा है कि उन्होंने इस सरकारी स्कूल की तस्वीर बदल दी. यहां बच्चों को 40 तक के पहाड़े मुंहजबानी याद हैं. जावरा के रूपनगर का यह सरकारी स्कूल रतलाम ही नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में मिसाल पेश करता नजर आ रहा है.

मैट्रिक एग्जाम शुरू: बिहार बोर्ड के 15 लाख विद्यार्थी आज से परीक्षा में शामिल

पटना  बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) द्वारा आयोजित मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा आज से पूरे राज्य में शुरू हो गई है. इस साल परीक्षा को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं और इसे कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच आयोजित किया जा रहा है. इस साल मैट्रिक परीक्षा के लिए कुल 15 लाख 12 हजार 687 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इनमें 7 लाख 85 हजार 726 छात्राएं और 7 लाख 26 हजार 961 छात्र शामिल हैं. पूरे बिहार में परीक्षा के लिए 1699 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जा रही है. दो पालियों में होगी परीक्षा पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक चलेगी, जबकि दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित होगी. परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले शुरू हो जाएगा और परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा छात्रों का प्रवेश  पहली पाली के लिए छात्रों का प्रवेश सुबह 8:30 बजे से शुरू हो गया है और उन्हें सुबह 9 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. वहीं, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों का प्रवेश दोपहर 1 बजे से शुरू होगा और 1:30 बजे तक ही उन्हें अंदर जाने दिया जाएगा. इसके बाद किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं मिलेगा. पटना जिले में भी परीक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की गई है. यहां कुल 71 हजार 22 परीक्षार्थियों के लिए 70 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी केंद्रों पर प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से निगरानी की जा रही है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके.  समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह बोर्ड ने परीक्षार्थियों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने की सलाह दी है, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. साथ ही परीक्षा केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और बिना एडमिट कार्ड के किसी भी छात्र को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है.बिहार बोर्ड की यह परीक्षा छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, इसलिए छात्र पूरी तैयारी और अनुशासन के साथ परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.

India vs Pakistan की टक्कर T20 WC 2026 में? जानिए संभावित तारीख और तरीका

नई दिल्ली T20 World Cup 2026 के लीग फेज में टीम इंडिया और पाकिस्तान की भिड़ंत रविवार 15 फरवरी को हुई, जिसमें भारतीय टीम ने बुरी तरह से पाकिस्तान को धोया। पाकिस्तान की टीम को इस मैच में 61 रनों से हार मिली। इस हार की वजह से टीम का सुपर 8 में पहुंचने का गणित भी गड़बड़ा गया है। हालांकि, एक और मैच जीतकर पाकिस्तान की टीम सुपर 8 में पहुंच जाएगी, लेकिन फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान का मैच फिर से इस टी20 विश्व कप में खेला जाए? अब क्या संभव है कि इंडिया और पाकिस्तान फिर से टूर्नामेंट में भिड़ेंगे? इसका जवाब है- हां, ऐसा हो सकता है। ये कैसे संभव है? ये आप इस स्टोरी में जान लीजिए। दरअसल, इंडिया और पाकिस्तान टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप ए में थे। ऐसे में दोनों के बीच टी20 विश्व कप में कम से कम एक मुकाबला संभव था, जो कि 15 फरवरी को खेला जा चुका है, लेकिन जिस तरह का मुकाबला हुआ है, उसे देखकर फैंस चाह रहे हैं कि एक बार फिर से दोनों देशों के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जो कि कांटे का हो। हालांकि, सुपर 8 में ये संभव नहीं होने वाला है। इसके पीछे का कारण ये है कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी करते हुए टॉप टीमों को सीडिंग दी थी, जिसके तहत सुपर 8 के मुकाबले लगभग तय हैं कि कौन सा मैच किस टीम के बीच खेला जाएगा। सुपर 8 में दो ग्रुप बनाए जाएंगे। ग्रुप 1 की चार टीमों को आपस में मुकाबले खेलने होंगे, जबकि दूसरे ग्रुप में भी ऐसा ही करना होगा। भारतीय टीम (X1) ग्रुप 1 में होगी, जिसमें ऑस्ट्रेलिया (X2), वेस्टइंडीज (X3) और साउथ अफ्रीका (X4) होगी। वहीं, ग्रुप 2 में इंग्लैंड (Y1), न्यूजीलैंड (Y2), पाकिस्तान (Y3) और श्रीलंका (Y4) को रखा जाएगा। बर्शते ये टीमें क्वालीफाई करें। अगर कोई टीम सुपर 8 में नहीं पहुंचती है तो उस टीम को उस ग्रुप की दूसरी टीम से रिप्लेस कर दिया जाएगा। इस तरह सुपर 8 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबला संभव नहीं है, लेकिन अगर भारत और पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करती हैं तो फिर दोनों के बीच भिड़ंत हो सकती है। टी20 विश्व कप 2026 में इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच तभी होगा, जब ग्रुप 1 में भारत टॉप पर रहे और ग्रुप 2 में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर रहे या फिर पाकिस्तान ग्रुप 2 में पहले स्थान पर रहे और ग्रुप 1 में भारत दूसरे स्थान पर सुपर 8 फेज को फिनिश करे। अगर ऐसा नहीं होता तो फिर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल मैच संभव नहीं होगा। इसके लिए फैंस को उम्मीद करनी होगी कि दोनों टीमें फाइनल में भिड़ें। अगर पाकिस्तान की टीम सेमीफाइनल में पहुंचती है तो उसका सेमीफाइनल कोलंबो में होगा। अगर इंडिया वर्सेस पाकिस्तान सेमीफाइनल होता है तो यह भी कोलंबो में होगा। अन्यथा इंडिया किसी अन्य टीम से सेमीफाइनल में भिड़ेगी तो वह मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। अगर पाकिस्तान की टीम ने सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं किया तो दूसरा सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डेंस में खेला जाएगा। फाइनल में अगर पाकिस्तान की टीम पहुंची तो फिर फाइनल कोलंबो में होगा। अगर फाइनल में पाकिस्तान नहीं पहुंचा तो फिर टी20 विश्व कप 2026 फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

उज्जैन में महाभारत की ताकत का अनुभव, महाकाल नगरी में पहली बार सजे 100 से अधिक युद्धास्त्र

उज्जैन  महाभारत, जिसे विश्व का सबसे बड़ा महाकाव्य और भारतीय युद्ध विज्ञान का मूल स्रोत माना जाता है, अब उज्जैन में शोध आधारित अस्त्र-शस्त्र प्रदर्शनी के रूप में जीवंत हो उठा है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ परिसर में सजी इस प्रदर्शनी का शुभारंभ महाशिवरात्रि पर हुआ, जो 19 मार्च तक देशभर के दर्शकों के लिए खुली रहेगी। उद्देश्य, महाभारत को धार्मिक आख्यान से आगे बढ़ाकर भारतीय सैन्य परंपरा, व्यूह रचना और रणनीतिक चिंतन के वैज्ञानिक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करना है। प्रदर्शनी में महाभारत युद्ध में वर्णित 100 से अधिक अस्त्र-शस्त्रों के बड़े माडल प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें गदा, धनुष-बाण, तलवार, भाला, ढाल, सुदर्शन चक्र और वज्र की प्रतिकृतियां शामिल हैं। 18 दिन चले युद्ध की 14 प्रमुख व्यूह रचनाओं के त्रि-आयामी माडल तैयार किए गए हैं, जिनसे सेना की संरचना, घेराबंदी और आक्रमण-रक्षा की रणनीति को समझाया जा रहा है। युद्ध आचरण-नियमों की भी जानकारी दी जा रही 45 पताकाएं और 11 शंख प्रतिरूप प्राचीन युद्ध संकेत प्रणाली को दर्शाते हैं, जो उस काल की संचार व्यवस्था और सैन्य अनुशासन का प्रमाण हैं। इस प्रदर्शनी की विशेषता यह है कि यहां केवल हथियारों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनके प्रयोग की तकनीक, संबंधित योद्धाओं, रथ व्यवस्था, सेना संरचना और युद्ध आचरण-नियमों की भी जानकारी दी जा रही है। आयोजक विक्रमादित्य शोधपीठ से जुड़े राहुल रस्तोगी के अनुसार महाभारत को इतिहास, नीति, कूटनीति और युद्धशास्त्र के समन्वित ग्रंथ के रूप में समझाना ही इसका उद्देश्य है, ताकि नई पीढ़ी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े। राष्ट्रीय स्तर पर यह प्रदर्शनी इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले ऐसी पहल भोपाल के भारत भवन में हुई थी और अब उज्जैन में इसे स्थायी शैक्षणिक स्वरूप देने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। इतिहासकारों और शिक्षाविदों का मानना है कि यह पहल भारतीय युद्ध विज्ञान, रणनीतिक सोच और सांस्कृतिक विरासत को अकादमिक विमर्श से जोड़ने का माध्यम बन सकती है। 14 माह का शोध, 12 लाख की लागत सभी प्रतिकृतियां गहन शोध पर आधारित हैं। इंदौर के शोधकर्ता राज बेन्द्र ने आठ माह तक ग्रंथों और ऐतिहासिक स्रोतों का अध्ययन कर रूपरेखा तैयार की, जिसके बाद छह माह में माडल निर्मित कराए गए। निर्माण पर लगभग 12 लाख रुपये खर्च हुए। आकार, अनुपात और उपयोग विधि को प्रमाणिक बनाने के लिए पारंपरिक विवरणों का विशेष ध्यान रखा गया है। युद्ध पद्धति को समझने का दुर्लभ अवसर महाभारत केवल धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि सैन्य संगठन, व्यूह रचना, संचार प्रणाली, मनोवैज्ञानिक युद्ध और आचरण नियमों का विस्तृत दस्तावेज माना जाता है। इसमें सेना संरचना, रथ युद्ध, गदा युद्ध, धनुर्विद्या और संकेत पद्धति का वैज्ञानिक वर्णन मिलता है, जो भारतीय रणनीतिक परंपरा की प्राचीन जड़ों को दर्शाता है। विद्यार्थियों, शोधार्थियों और सैन्य इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए यह प्रदर्शनी प्राचीन भारत की तकनीकी क्षमता, संगठन कौशल और नीति-आधारित युद्ध पद्धति को समझने का दुर्लभ अवसर प्रदान कर रही है।