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मध्य प्रदेश में बजट पेशी का दिन, जगदीश देवड़ा लाएंगे नया बजट, CM ने नवाचार का जताया भरोसा

भोपाल   मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बुधवार, 18 फरवरी को बजट 2026 (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जाएगा. राज्य के वित्त मंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सुबह 11 बजे विधानसभा के पटल पर बजट पेश करेंगे. अगले साल 2027 के पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए इस बार का बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है. सरकार आज बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा कुछ नई विकास योजनाओं की भी घोषणा की जा सकती हैं.  विधानसभा में बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें इस बजट का मंजूरी दी जाएगी. इस बार का बजट एमपी सरकार का सबसे बड़ा बजट हो सकता है. ये बजट मोहन सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट होगा.  किसानों से महिलाओं तक… मोहन सरकार कर सकती है बड़ी घोषणाएं माना जा रहा है कि सरकार इसमें महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा किसानों को लेकर भी अहम वादे कर सकती हैं. बजट में किसानों के लिए अलग से कुछ प्रावधान किए जा सकते हैं.  इस बजट में ‘सीएम केयर' योजना से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर, अंग प्रत्यारोपण संस्थान, मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट सुपर, 1.40 करोड़ बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध, युवाओं के लिए 50 हजार नई भर्तियों की तैयारी में हैं. कर्ज को लेकर क्या बोले वित्त मंत्री देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आगे कहा कि महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों गंभीर हैं. बजट से सभी लोगों को राहत मिलेगी. देवड़ा ने बताया कि एमपी में कर्ज नहीं निवेश है. पूंजीगत कार्यों के लिए कर्ज लिया जाता है. ऐसा कोई प्रदेश नहीं है, जिसने कर्ज लेकर काम नहीं किया हो. हम समय पर ब्याज देते हैं और कर्ज चुकाते हैं. कर्ज लिमिट में है. कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेकर वेतन भत्ते में खर्च किया, जबकि बीजेपी की सरकार ने पूंजीगत व्यय में खर्च किया. वित्त मंत्री देवड़ा ने आगे कहा कि पहले जीरो बजटिंग के हिसाब से बजट था. अब रोलिंग बजट के हिसाब से हमने प्रयोग किया है. बजट के जरिए 3 साल आगे तक का रोडमैप तैयार किया है, जिसका वित्तीय प्रबंधन में लाभ मिलेगा. कैबिनेट में आज नई आबकारी नीति (MP New Excise Policy) आ सकती है. आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित: देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश का आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट “जनता का और जनता के लिए” होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट में चार प्रमुख वर्गों महिला, युवा, किसान और गरीब पर विशेष फोकस किया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण और विकास के लिए ठोस प्रावधान किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष को सरकार ने ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया था, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और निवेश को बढ़ावा मिला। वहीं इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और उनकी आय में वृद्धि हो। बजट में इस दिशा में विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बजट निर्माण प्रक्रिया में आम जनता से मिले सुझावों को भी शामिल किया गया है, ताकि यह बजट अधिक सहभागी और जनहितकारी बन सके। सीएम बोले- अनूठा नवाचार करने जा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जो अनूठा नवाचार करने जा रहा है। हमारे इस बजट में अगले 3 साल का खाका होगा, जिसमें इस वर्ष के विस्तृत बजट के साथ अगले 2 साल की विकास योजनाओं की आउटलाइन भी शामिल रहेगी। नेता प्रतिपक्ष बोले- बजट जमीनी हकीकत से दूर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- बजट में प्रदेश को नई सौगात नहीं मिलने वाली। बेहतर बजट वो होता है, जो आम जनता को लाभ पहुंचाए। यह जमीनी हकीकत से दूर का बजट है। बीजेपी की सपने दिखाने की आदत है। बजट एससी-एसटी, किसान, ओबीसी किसी के पक्ष में नहीं है। जो पुरानी योजनाएं चल रही हैं, उन्हीं को नए आंकड़ों के साथ लाएंगे। किसान की आय दोगुनी नहीं कर सकते। किसान को काम नहीं देना चाहते और किसानों का वर्ष मना रहे हैं।  

सेवा लंबी, तबादला लंबा? पुलिस अफसरों के ट्रांसफर की खबरें तेज, जल्द होगी सूची जारी

इंदौर मध्य प्रदेश में विधानसभा का बजट सैशन चल रहा है और सदन में बीजेपी-कांग्रेस के बीच जबरदस्त घमासान देखा जा रहा है । वहीं दूसरी ओर अब एक हलचल पुलिस महकमे में मचने वाली है। जानकारी के मुताबिक जल्द ही प्रशासनिक फेरबदल किए जाने के संकेत है। दरअसल लंबे समय से एक ही जगह सेवाएं दे रहे  पुलिस अफसरों के तबादले को लेकर आहट तेज हो गई है। बहुत जल्द ये तबादला सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है। इस सूची में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के साथ ही पास के  जिलों के कई अधिकारियों को बदलाव सहन करना पडेगा । क्यों होने जा रहा  है प्रशासनिक फेरबदल? इस प्रशासनिक फेरबदल के पीछे कई वजहें सामने आ रही हैं । जानकारी के मुताबिक, कानून-व्यवस्था, अपराध में सुधार लाने के साथ ही  पुलिस को जवाबदेह बनाने के मकसद से  पुलिस महकमे में बदलाव का मसौदा तैयार कर लिया गया है। बदलाव बडे स्तर पर होगा जिसमें एसपी से लेकर डीआइजी स्तर तक के अधिकारी होगें। इसके साथ ही निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को यहां से वहां किए जाने की खबर है। कब तक है ये फेरबदल संभव? जानकारी है कि अभी बजट सत्र चल रहा है लेकिन फरवरी के लास्ट हफ्ते तक  प्रशासनिक सर्जरी की पूरी संभावना है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत आइपीएस और डीआइजी स्तर के करीब 2 दर्जन अधिकारी प्रभावित होंगे। वहीं दूसरे ओर  लंबे समय से एक ही जिले और थाने में चिपके बैठे अधिकारियों पर भी नजर है।  गृह विभाग ने इस संबंध में समीक्षा कर ली है। गृह विभाग द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों के सुझाव और दिशा-निर्देशों पर चर्चा के बाद सूची फाइनल हो जाएगी। वहीं इंदौर डीआरपी लाइन में निरीक्षक स्तर के करीब 1 दर्जन पुलिस अधिकारी थाना मिलने के इंतजार में हैं। वहीं जानकारी के मुताबिक पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने, असंतोषजनक कार्यशैली, विभागीय जांच जैसे कई  बिंदुओं का आकलन किया गया है।  

भारतीय हॉकी टीम का होबार्ट मिशन, हार्दिक की कमान में 24 खिलाड़ी होंगे मैदान में

नई दिल्ली  हॉकी इंडिया ने एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 के होबार्ट राउंड के लिए 24 सदस्यीय वाली टीम घोषित कर दी है। ये राउंड 20 से 25 फरवरी तक होबार्ट के तस्मानिया हॉकी सेंटर में आयोजित होगा। टूर्नामेंट के इस स्टेज में भारत के साथ स्पेन और होस्ट देश ऑस्ट्रेलिया शामिल होगा। टूर्नामेंट के राउरकेला लेग में भारतीय टीम का सामना बेल्जियम और अर्जेंटीना से हुआ था, लेकिन अब फैंस का ध्यान होबार्ट लेग पर है। 24 सदस्यीय भारतीय टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ होनहार युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी शामिल हैं। टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 में दो बार के ओलंपिक मेडलिस्ट हार्दिक सिंह को टीम का कप्तान चुना गया है। इस टीम में अमनदीप लाकड़ा और मनमीत सिंह जैसे होनहार युवा खिलाड़ी भी शामिल हैं, जिन्होंने राउरकेला लेग के दौरान सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था। हालांकि, हरमनप्रीत सिंह निजी कारणों की वजह से टीम का हिस्सा नहीं हैं। भारतीय टीम में सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार बतौर गोलकीपर नजर आएंगे। वहीं, अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय और सुमित डिफेंस को मजबूती देंगे।कप्तान हार्दिक सिंह, संजय, विवेक सागर प्रसाद और राज कुमार पाल मिडफील्ड को लीड करेंगे। यहां उनका साथ राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह और विष्णु कांत सिंह देंगे। फॉरवर्ड लाइन की कमान मंदीप सिंह, अभिषेक और शिलानंद लाकड़ा जैसे जाने-माने स्टार संभालेंगे। अंगद बीर सिंह, जिन्होंने पिछले साल सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था, अपने पहले इंटरनेशनल टूर के लिए भी वापस आ गए हैं। इसके अलावा, उभरते हुए टैलेंट अरायजीत सिंह हुंडल और आदित्य अर्जुन लालागे अटैकिंग लाइनअप को पूरा करते हैं। एफआईएच मेंस प्रो लीग 2025–26 (होबार्ट लेग) के लिए 24 सदस्यीय भारतीय टीम: गोलकीपर: सूरज करकेरा और मोहित होनेनहल्ली शशिकुमार। डिफेंडर: अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, जुगराज सिंह, संजय, सुमित, अमनदीप लाकड़ा, यशदीप सिवाच और पूवन्ना चंदुरा बॉबी। मिडफील्डर: राजिंदर सिंह, मनमीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, हार्दिक सिंह, मोइरंगथेम रबीचंद्र सिंह, विष्णु कांत सिंह और राज कुमार पाल। फॉरवर्ड: अभिषेक, शिलानंद लाकड़ा, मंदीप सिंह, अरजीत सिंह हुंदल, आदित्य अर्जुन लालगे, अंगद बीर सिंह और मनिंदर सिंह।

कांग्रेस के संगठन में फेरबदल की तैयारी, AICC महासचिव बनने की है दावेदारी

रायपुर: कांग्रेस जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर देशभर में बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi 20 अगस्त से सभी राज्यों का दौरा करेंगे। इसी क्रम में उनका छत्तीसगढ़ दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिया है कि 20 से 31 अगस्त के बीच का विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर भेजा जाए। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी और खरगे के दौरे की तिथि तय की जाएगी। संगठन में बदलाव की अटकलें तेज दिल्ली से लौटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि बैठक में बदलाव को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व डिप्टी सीएम T. S. Singh Deo को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, बघेल को ओबीसी चेहरे के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की भूमिका दी जा सकती है, जबकि सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, सिंहदेव ने इन अटकलों पर कहा कि दिल्ली में केवल चुनावी हार के कारणों पर चर्चा हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू ने भी स्पष्ट किया कि संगठनात्मक बदलाव पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। अभियान की तैयारी शुरू दिल्ली में सभी प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को जाति जनगणना अभियान की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली से लौटने के बाद बैठक लेकर जिलों का दौरा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे जनता के बीच जाति जनगणना को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सकें। ओडिशा में हाल ही में पूरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी संभावित बदलाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजर हाईकमान के फैसले पर टिकी है। 

‘सिफारिश नहीं, बस योग्यता’: MP कांग्रेस में प्रवक्ता खोजने के लिए टैलेंट हंट अभियान

भोपाल मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ता, शोध कोऑर्डिनेटर और प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया के लिए 28 फरवरी तक आवेदन किए जा सकेंगे। कांग्रेस 'टैलेंट हंट प्रोग्राम' के माध्यम से युवाओं को मौके देगी। जीतू पटवारी ने औपचारिक घोषणा करते हुए कहा कि बदलते राजनीतिक परिदृश्य में पार्टी को ऐसे ऊर्जावान, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध और शोधपरक सोच रखने वाले साथियों की आवश्यकता है, जो कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचा सकें। जीतू पटवारी ने कहा कि ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जो कांग्रेस की विचारधारा के प्रति प्रतिबद्धता एवं स्पष्ट वैचारिक समझ, समसामयिक मुद्दों पर गहन अध्ययन एवं शोध क्षमता, प्रभावशाली संवाद कौशल एवं वाक्पटुता, साथ ही मीडिया प्रबंधन की समझ, तथ्यात्मक एवं प्रमाणिक प्रस्तुति की क्षमता के अलावा संगठनात्मक अनुशासन एवं जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता रखते हों। बताया गया है कि पार्टी में प्रवक्ता, 'शोध कोऑर्डिनेटर’ और 'प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर' का चयन किया जाना है। युवाओं को मौका देगी कांग्रेस यह टैलेंट हंट कार्यक्रम जिला, संभाग, प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर तक होगा और प्रतिभाशाली युवाओं को पार्टी मौका देगी। यह आवेदन 28 फरवरी तक जमा होंगे। इसके तहत संभाग स्तर पर इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इन इंटरव्यू में एआईसीसी द्वारा नामित कोऑर्डिनेटर, टैलेंट हंट कमेटी के सदस्य, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं संबंधित जिला अध्यक्ष संयुक्त रूप से प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे। अंतिम निर्णय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) द्वारा लिया जाएगा। योग्यता को मिलेगा मौका जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि विचारों का आंदोलन है। यह टैलेंट हंट कार्यक्रम उसी परिवर्तन की शुरुआत है, जहां अवसर सिफारिश से नहीं, योग्यता से मिलेगा। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यह पहल प्रदेश की राजनीति में वैचारिक मजबूती और तथ्याधारित विपक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस ऐसे युवाओं को मंच दे रही है जो पढ़ें, शोध करें और तथ्यों के साथ जनता की आवाज बनें। यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगा और सरकार के दावों की तथ्य प्रदान समीक्षा सुनिश्चित करेगा। 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन होगा मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने बताया कि इस टैलेंट हंट प्रक्रिया के माध्यम से सीमित एवं गुणवत्ता-आधारित चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया से केवल 20 प्रदेश प्रवक्ताओं का चयन किया जाएगा और कुछ मीडिया पैनलिस्ट, संभाग एवं जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट तथा एक विशेष अंग्रेजी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा।

हिमंता का मास्टरस्ट्रोक: चुनाव से पहले महिलाओं को मिलेगा सीधे लाभ, आरक्षण की घोषणा भी

गुवाहाटी  असम में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही सियासत गर्मा गई है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की जनता के लिए बड़ी घोषणाओं की झड़ी लगा दी है.  असम कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिन्हें चुनाव से पहले सरकार का सबसे बड़ा कार्ड माना जा रहा है. सरकार ने ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ का दायरा बढ़ाते हुए इसमें 1 लाख से ज्यादा नए लाभार्थियों को जोड़ने का फैसला किया है. इसके अलावा आदिवासी और चाय बागान समुदाय के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का रास्ता भी साफ कर दिया गया है. महिलाओं के खाते में सीधे पहुंचेगा पैसा, क्या है सरकार की स्कीम? असम सरकार की ‘मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना’ राज्य में काफी लोकप्रिय हो रही है. इस योजना के तहत राज्य की 32 लाख महिलाओं को पहले ही 10,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने बताया कि कुछ पात्र महिलाएं इस फंड से वंचित रह गई थीं. इसी को देखते हुए कैबिनेट ने आज 1,03,500 नई लाभार्थियों को जोड़ने की मंजूरी दी है. बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र की कैश ट्रांसफर योजनाओं की तर्ज पर असम की यह स्कीम भी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई है. जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं को कैश देना वोट बैंक को साधने की एक बड़ी कोशिश है. नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण और नए सैनिक स्कूल की सौगात हिमंता कैबिनेट ने केवल महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि आदिवासी और चाय बागान समुदायों के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य की सरकारी नौकरियों (ग्रेड 1 और ग्रेड 2) में इन समुदायों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है. चाय बागान समुदाय असम की राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाता है. ऐसे में यह आरक्षण चुनावी गणित को बदलने की ताकत रखता है. साथ ही कैबिनेट ने कार्बी आंगलोंग के लांगवोकु क्षेत्र में राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल बनाने के लिए 335 करोड़ रुपये के फंड को भी हरी झंडी दिखा दी है. असम बना देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य असम की वित्त मंत्री अजंता नियोग ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 62,294.78 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट (लेखानुदान) पेश किया. बजट भाषण के दौरान उन्होंने आरबीआई के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि असम इस समय देश का सबसे तेजी से बढ़ने वाला राज्य है. उन्होंने दावा किया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय पिछले पांच वर्षों में दोगुनी से भी अधिक हो गई है. साल 2020-21 में यह 86,947 रुपये थी, जो 2025-26 में बढ़कर 1,85,429 रुपये पहुंच गई है. यह 113 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी है. सरकार का लक्ष्य असम को 2028 तक 10 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था बनाना है. चुनाव आयोग की तैयारी और राजनीतिक दलों की मांग एक तरफ सरकार घोषणाएं कर रही है, तो दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने भी कमर कस ली है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अगुवाई में आयोग की टीम असम के दौरे पर है. मंगलवार को सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव आयोग से मुलाकात की. कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी समेत कई दलों ने मांग की है कि असम में चुनाव एक या अधिकतम दो चरणों में कराए जाएं. इसके साथ ही दलों ने सुझाव दिया है कि चुनाव की तारीखें तय करते समय बिहू त्योहार का खास ख्याल रखा जाए. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 20 मई को समाप्त हो रहा है, ऐसे में मार्च या अप्रैल में चुनाव होने की पूरी संभावना है.

गेस्ट टीचर्स के लिए निराशाजनक खबर, 900 शिक्षकों को आरक्षण से वंचित किया गया

भोपाल  मध्यप्रदेश के सरकारी आइटीआई संस्थानों में लंबे समय से कार्यरत लगभग 900 अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर परेशान हैं। विभाग ने 1120 प्रशिक्षण अधिकारी (टीओ) पदों पर भर्ती निकली है, इस सीधी नियमित भर्ती में उन्हें न आरक्षण मिला, न अनुभव का लाभ और न ही आयु सीमा में छूट दी गई है। इन शिक्षकों में कई ऐसे हैं जो 10 से 15 वर्षों से न्यूनतम मानदेय पर सेवाएं दे रहे हैं। उनका कहना है कि जब विभाग में नियमित स्टाफ की कमी थी, तब उन्होंने संस्थानों को संभाला। अब जब स्थायी नियुक्ति का अवसर आया, तो उन्हें सामान्य अभ्यर्थियों की तरह प्रतिस्पर्धा में खड़ा कर दिया गया है। अलग नीति अपना रही सरकार कई शिक्षक आयु सीमा पार करने की स्थिति में हैं, जिससे उनकी नौकरी की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है। अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि सरकार अन्य विभागों में अलग नीति अपना रही है। स्कूल शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि उच्च शिक्षा में 25 प्रतिशत आरक्षण और अनुभव के अंक का प्रावधान है। लेकिन आईटीआई अतिथि शिक्षकों को ऐसा कोई लाभ नहीं मिला। तत्कालीन मंत्री यशोधरा राजे ङ्क्षसधिया के समय प्रस्तावित 'संविदा नीति' आज तक लागू नहीं हो सकी। वर्तमान मंत्री गौतम टेटवाल से भी संगठन कई बार मिल चुका है। उच्च शिक्षा विभाग में भी यही हाल इधर उच्च शिक्षा विभाग के कॉलेज में कार्यरत अतिथि विद्वानों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है। जिन कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति हो रही है उनसे अतिथि विद्वानों को बाहर कर दिया गया है। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने किसी भी अतिथि विद्वान को बाहर न करने की घोषणा की थी हरियाणा मॉडल पर नियम तैयार कर इनको नियमित करने की बात भी कही गई थी। स्थिति यह है कि अब तक 100 से अधिक अतिथि विद्वान सेवा से बाहर हो चुके हैं लेकिन अन्य कॉलेजों में नियुक्ति नहीं दी गई।

भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में YouTube ठप, लाखों यूज़र्स प्रभावित

 नई दिल्ली YouTube की सर्विस अचानक से कई देशों में ठप हो गई है. डाउनडिटेक्टर ने भी इसकी जानकारी दी है और लाखों लोगों ने इसकी रिपोर्ट भी की है. जब लोगों ने Youtube पर विजिट किया तो वह उसकी सर्विस को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं, जिसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर भी इसकी जानकारी शेयर की है. अमेरिका में 3 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउन डिटेक्टर पर इसकी रिपोर्ट की है.  यूट्यूब होमपेज डाउनलोड नहीं हो रहा है और उनको ये मैसेज दिखा रहा है, जिसका स्क्रीनशॉट हमने नीचे शेयर किया है. भारत, ब्रिटेन और अमेरिका समेत कई देशों में Youtube प्रभावित हुआ है.  Youtube ने किया पोस्ट  Youtube की सर्विस ठप होने के बाद कंपनी ने इसको लेकर X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट किया है. कंपनी ने बताया है अगरआपको अभी भी यूट्यूब की सर्विस एक्सेस करने में परेशानी हो रही है तो आप अकेले नहीं है. कंपनी जल्द ही इस प्रॉब्लम को सॉल्व करेगी, उनकी टीम इसपर काम कर रही है.   दुनियाभर के पोर्टल की सर्विस और आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर ने भी Youtube Down होने की जानकारी दी है. यह प्रॉब्लम पोर्टल और ऐप दोनों पर सामने आई है. इसकी वजह से वीडियो स्ट्रीमिंग को लेकर बड़ी समस्या हो रही है. गूगल का Youtube दुनियाभर में पॉपलर है. इसका इस्तेमाल एंटरटेनमेंट से लेकर भजन आदि सुनने में भी किया जाता है. बहुत से स्टूडेंट Youtube की मदद से पढ़ाई भी करते हैं. ऐसे में सर्विस ठप होने की वजह से उन लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.  सोशल मीडिया पर छाया ट्रेंड Youtube की सर्विस ठप होने के बाद X प्लेटफॉर्म पर बहुत से यूजर्स ने पोस्ट किया. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर #YouTubeDOWN ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने स्क्रीनशॉट्स शेयर किया. किसी ने कहा कि आज सुबह Youtube भी देर से सुबह है तो किसी ने इस जल्द ठीक करने का रिक्वेस्ट की. 

हिल स्टेशनों पर मौसम का यू-टर्न, जल्द होगी बारिश और बर्फबारी

शिमला  हिमाचल प्रदेश में मौसम बदलने वाला है. प्रदेश में जहां दोपहर तक बादल छाए रहे. लेकिन दोपहर बाद धूप निकल आई. मौसम विभाग ने 17 और18 फरवरी को प्रदेश में बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं. हालांकि,कोई अलर्ट जारी नहीं किया है. मौसम विज्ञान के शिमला केंद्र ने दोपहर को जारी बुलेटिन में बताया कि पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है और इसका असर पंजाब और आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा. विभाग ने बताता किया पश्चिमी विक्षोभ के चलते दक्षिण-पूर्व पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में भी मौसम बदलने के आसार हैं और ऐसे में हिमाचल प्रदेश के ऊँचे पहाड़ी क्षेत्रों में 17 और 18 फरवरी को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. हालांकि, अगले सात दिन तक राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि अगले 3–4 दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है. चढ़ने लगा है पारा हिमाचल प्रदेश में अब दिन के समय तेज धूप खिल रही है. ऐसे में प्रदेश में पारा भी चढ़ने लगा है. उधऱ ज्यादातर स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 4 से 7 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है. सुबह और शाम को हल्की ठंड महसूस हो रही है. लेकिन वैसे मौसम सुहावना बना हुआ है. इस बार कम बारिश हुई हिमाचल प्रदेश में विंटर सीजन में इस बार कम बारिश और बर्फबारी हुई. प्रदेश में चुनिंदा ही स्पेल देखने को मिले. अक्तूबर 2025 के बाद सीधे नए साल पर ही बारिश और बर्फबारी देखने को मिली. हालांकि, बीच में जोरदार बारिश और बर्फबारी एक स्पेल में हुई थी. मौसम विभाग ने बताया कि विंटर सीजन में इस बार सामान्य से 27 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. चंबा में सामान्य से 45 फीसदी कम बादल बरसे हैं. इसी तरह, कांगड़ा में 24 फीसदी, किन्नौर में 59, कुल्लू में 10, लाहौल-स्पीति में 26, मंडी में 2, शिमला में 30 और सिरमौर में 6 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई. ऊना में 51 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है.

वन्यजीव सुरक्षा में बड़ा कदम: बांधवगढ़ के 4100 कुओं पर बनेगी मुंडेर, प्रशासन-रिजर्व ने मिलाया हाथ

उमरिया उमरिया स्थित विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला प्रशासन और टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने रिजर्व क्षेत्र के नौ परिक्षेत्रों में लगभग 4,100 खुले कुओं पर मुंडेर (सुरक्षा दीवार) बनाने का काम की शुरुआत हो गई है।  वन क्षेत्र और उससे सटे ग्रामीण इलाकों में स्थित इन खुले कुओं में अक्सर जंगली जानवर और कभी-कभी ग्रामीण भी गिर जाते हैं। धमोखर परिक्षेत्र सहित कई इलाकों से ऐसी घटनाएं सामने आती रही हैं। हाल ही में जनवरी माह में धमोखर के रायपुर क्षेत्र में एक बाघ के कुएं में गिरने से मौत हो गई थी, जिसके बाद इस अभियान को और तेज किया गया। टाइगर रिजर्व के कोर और बफर दोनों क्षेत्रों में चिन्हित कुओं पर मुंडेर निर्माण का काम शुरू हो चुका है। अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमें गांव-गांव जाकर बिना मुंडेर वाले कुओं का सर्वे कर रही हैं और प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य करा रही हैं। वन्यजीव फोटोग्राफर चेतन घारपुरे ने इस पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि बिना मुंडेर वाले कुओं में वन्य प्राणियों के साथ-साथ ग्रामीणों के गिरने का भी खतरा बना रहता है। कुओं पर मजबूत मुंडेर बनने से वन्यजीव और मानव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। जिला प्रशासन और टाइगर रिजर्व प्रबंधन का लक्ष्य है कि चिन्हित सभी कुओं पर चरणबद्ध तरीके से मुंडेर निर्माण पूरा कर पूरे क्षेत्र को वन्यजीवों और स्थानीय निवासियों के लिए सुरक्षित बनाया जाए।