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निक्की का भावनात्मक पल: परिवार के खिलाफ जाकर बनाए रिश्ता अरबाज से, प्यार में पछतावा?

मुंबई  अरबाज पटेल और निक्की तंबोली इन दिनों द 50 शो में नजर आ रहे हैं. रियलिटी शो में दोनों में कभी प्यार होता है, कभी तकरार.एक टास्क के दौरान दोनों में फिर झगड़ा देखने को मिला. झगड़े के दौरान निक्की इमोशनल हो गईं और अरबाज को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिससे फैन्स परेशान हो गए हैं.  इमोशनल हुईं निक्की  द 50 के लेटेस्ट एपिसोड में निक्की तंबोली की टीम अच्छे से टास्क परफॉर्म नहीं कर पाई और हार का सामना करना पड़ा. लेकिन अरबाज की टीम ने अच्छा परफॉर्म और टास्क जीत गए. अरबाज ने जीत को गर्लफ्रेंड निक्की के साथ सेलिब्रेट नहीं किया. निक्की को अरबाज की इस हरकत पर काफी गुस्सा आया, जिसे उन्होंने बॉयफ्रेंड से जाहिर किया.  अरबाज ने भी निक्की को जवाब दिया और कहा कि वो हमेशा उनसे लड़ती रहती हैं. टास्क के दौरान अरबाज को चोट भी पहुंची थी. बॉयफ्रेंड का गुस्सा देखकर निक्की इमोशनल हो जाती हैं. वो दिव्या से कहती हैं कि मैंने इसके लिए परिवार से झगड़ा किया और ये अब भी मुझे बुरा महसूस करा रहा है. हालांकि, बाद में अरबाज ने निक्की से अपनी गलती की माफी मांगी और दोनों का पैचअप हो जाता है.  टूटेगा रिश्ता? रियलिटी में अकसर कपल का रिश्ता या तो पहले से ज्यादा मजबूत हो जाता है या फिर टूट जाता है. निक्की और अरबाज के बीच झगड़े देखकर फैन्स परेशान हैं, क्योंकि कई दफा ऐसा हुआ जब रियलिटी शो पर जाकर सेलेब्स के रिश्ते टूटे हैं और बाद में उन्हें इस चीज का पछतावा हुआ है. अरबाज और निक्की की लवस्टोरी बिग बॉस मराठी सीजन 5 में शुरू हुई थी. बिग बॉस मराठी के बाद द 50 दूसरा ऐसा रियलिटी शो है, जिसमें दोनों ने साथ में हिस्सा लिया है. निक्की के पापा दोनों के रिश्ते के लिए राजी नहीं हैं. लेकिन निक्की ने परिवार के खिलाफ जाकर उनके साथ लिवइन में रहने का फैसला किया. देखते हैं कि शो खत्म होने के बाद दोनों के रिश्ते पहले से बेहतर हो जाते हैं या फिर बिखर जाते हैं. 

मेट्रो ब्लू लाइन निर्माण: सैकड़ों संपत्तियों को हटाना अनिवार्य, जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू

भोपाल  मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए जिला प्रशासन ने  भदभदा डिपो चौराहा से रत्नागिरी करोंद तक 9 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित कर दिया है। इसमें बाधक निर्माण पहले ही चिह्नित कर लिए गए थे। इन्हें नोटिस देने, मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही थी। हालांकि बीते एक साल में 40% को ही खाली कराया जा सका है। छह हेक्टेयर जमीन रेकॉर्ड में सरकारी दर्ज है। हालांकि मौके पर बाजार, आबादी है। अब इसे हटाने बड़ी कार्रवाई शुरू होगी। की थी अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग बता दें, इसी लाइन के डिपो चौराहा से लिली टॉकीज तक के क्षेत्र में सांसद आलोक शर्मा ने अंडरग्राउंड की मांग की थी। हालांकि अधिसूचना पर में इसका जिक्र नहीं था।  14 किमी की लाइन, पुल बोगदा पर करेगी क्रॉस भोपाल के भदभदा से रत्नागिरी तक 14 किमी की एलीवेटेड लाइन बनाई जाएगी। पियर्स यानी मेट्रो एलीवेटेड लाइन के खंभों के लिए जमीन की टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रेल तक काम दिखना शुरू हो जाएगा इस लाइन का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

राज्यसभा चुनाव CG: 16 मार्च को वोटिंग और रिजल्ट, KTS तुलसी-फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटें अप्रैल में खाली हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव का ऐलान हो गया है. 16 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग राज्यों से खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की भी दो सीटें हैं, जिन पर चुनाव होगा. राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में सुगबुगाहट पहले से ही शुरू हो चुकी थी. बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस विधायकों की संख्या को देखते हुए एक-एक राज्यसभा सीट बीजेपी और कांग्रेस को मिल सकती है. इसके लिए अब सुगबुगाहट और तेज होने वाली है.  इन नेताओं का कार्यकाल पूरा  छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. दोनों नेताओं का कार्यकाल अप्रैल में ही खत्म हो रहा है, ऐसे में मार्च में सीटों को भरने के लिए राज्यसभा चुनाव होंगे. दोनों नेताओं का कार्यकाल खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं, क्योंकि अब एक सीट बीजेपी के खातें में जाने वाली है, ऐसे में बीजेपी के नेता भी सक्रिए हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेता भी एक सीट के लिए एक्टिव हो रहे हैं. क्योंकि यह देखना भी दिलचस्प होगा कि बीजेपी और कांग्रेस स्थानीय नेताओं को राज्यसभा भेजेगी या बाहरी नेताओं को भी मौका मिलेगा.  छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 5 सीटें राजीव शुक्ला (कांग्रेस) कार्यकाल: 2022–2028 रंजीत रंजन (कांग्रेस) कार्यकाल: 2022–2028 फूलो देवी नेताम (कांग्रेस) कार्यकाल: 2020–2026 केटीएस तुलसी (आईएनसी) कार्यकाल: 2020–2026 देवेन्द्र प्रताप सिंह (भाजपा) कार्यकाल: 2024–2030 केटीएस तुलसी का कार्यकाल 2 अप्रैल को होगा समाप्त केटीएस तुलसी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। संसद में संवैधानिक और कानूनी मामलों पर उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा। फूलो देवी नेताम का कार्यकाल भी 2 अप्रैल को होगा पूरा फूलो देवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेता हैं। वह छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। सामाजिक और जनजातीय मुद्दों पर उनकी मजबूत आवाज रही है। वह भी वर्ष 2020 में राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं। उनका कार्यकाल भी 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा। कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई सदस्यता 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। देशभर की 37 सीटों पर चुनाव होंगे चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन सीटों में छत्तीसगढ़ की दो सीटें भी हैं, जो अप्रैल 2026 में रिक्त हो रही हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 मार्च तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें  बता दें कि छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें आती है. वर्तमान में कांग्रेस के पास चार और बीजेपी के पास एक सीट है. कांग्रेस से केटीएस तुलसी, फूलोदेवी नेताम, राजीव शुक्ला, रंजीता रंजन हैं, जबकि बीजेपी से देवेंद्र प्रताप सिंह राज्यसभा सांसद हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी के बाद अब राज्यसभा के समीकरण भी बदलते दिख रहे हैं, जहां छत्तीसगढ़ में बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़ सकती है. क्योंकि बीजेपी के पास 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं, इसके अलावा एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं, ऐसे में अब बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 3 हो सकती है, जबकि कांग्रेस के सांसदों की संख्या 2 हो सकती है.  किन राज्यों में कितनी सीटें खाली? राज्यसभा की इन 37 सीटों में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से सात सीटें खाली हो रही हैं. इसके अलावा तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच सीटें रिक्त होंगी. ओडिशा से चार और असम से तीन सीटों पर चुनाव होंगे. हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से दो-दो सीटों, जबकि हिमाचल प्रदेश से एक सीट पर मतदान होगा.  इन सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच पूरा हो रहा है. उनके रिटायरमेंट के बाद नए सांसद शपथ लेंगे. बिहार के इन दिग्गजों का कार्यकाल खत्म बिहार की 5 राज्यसभा सीटें भी अप्रैल में खाली हो रही हैं. रिटायर होने वाले प्रमुख चेहरों में राज्यसभा के उपसभापति और जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं. इसके साथ ही, मोदी कैबिनेट के मंत्री रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, आरजेडी से अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता भी इसी लिस्ट में हैं. बिहार की इन महत्वपूर्ण सीटों पर नए चेहरों के आने या पुराने सांसदों की वापसी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. देश के बड़े चेहरे जो होंगे रिटायर महाराष्ट्र से शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी और रामदास आठवले जैसे बड़े नेता रिटायर हो रहे हैं. तमिलनाडु से एम तंबीदुरै, तिरुचि शिवा और कनिमोझी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. पश्चिम बंगाल से साकेत गोखले और ऋतब्रत बनर्जी जबकि असम से रामेश्वर तेली विदा होंगे. छत्तीसगढ़ से केटीएस तुलसी, हरियाणा से रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी का नाम भी शामिल है. तेलंगाना से कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी भी रिटायर हो रहे हैं. इन सभी के स्थान पर अब नए सांसदों का चुनाव होगा.

कूनो ने फिर सुनी किलकारी, गामिनी के 3 नए शावक से चीतों का परिवार हुआ बड़ा

श्योपुर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर सुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों के आगमन के साथ ही कूनो में चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी द्वारा तीन शावकों को जन्म देना प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ ही यह नौवां सफल प्रसव है। सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है. सीएम ने कहा कि गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है. पार्क चीतों के आने के बाद से नवां सफल प्रसव है.श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के 3 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही 9वां सफल प्रसव है। सीएम ने आगे लिखा है कि भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि कूनो पार्क में चीता गामनी ने 3 आज तीन शावकों को जन्म दिया है,सभी शावक स्वस्थ्य हैं. कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है. गामिनी ने दूसरी बार मां बनकर कूनो के कुनबे में वृद्धि की है। इन तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कूनो में अब तक भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है। सरकार इसे वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रही है।  

स्वास्थ्य से लेकर प्रौद्योगिकी तक: भारत-फ्रांस ने किए 21 महत्वपूर्ण समझौते

मुंबई: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत के दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बैठक की. उनकी इस बैठक के दौरान भारत और फ्रांस के बीच कई अहम मुद्दों पर बात बनी.साथ ही, भारत-फ्रांस संबंधों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच कई पहलों की घोषणा की. दोनों देशों ने मिलकर देश को आगे ले जानें पर विचार विमर्श किया. मैक्रों आज एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली जाएंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत में एच125 हेलीकॉप्टर असेंबली लाइन का उद्घाटन किया. दोनों देशों के बीत इन क्षेत्रों में हुए समझौते राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध, तकनीक और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र सहित महत्वपूर्ण और उभरती हुई तकनीक, अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, अक्षय ऊर्जा और कौशल विकास. सोमवार रात महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गवर्नर आचार्य देवव्रत ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका और फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों का स्वागत किया. भारत ने गुरुवार को फ्रांस से राफेल फाइटर जेट खरीदने की मंजूरी दे दी, जो मैक्रों के देश दौरे से पहले उसके सबसे बड़े एयरक्राफ्ट ऑर्डर में से एक है. यह मंजूरी नई दिल्ली के 3.6 ट्रिलियन रुपये के डिफेंस खर्च पैकेज का हिस्सा थी. भारत-फ्रांस के बीच अहम समझौते की सूची 1. भारत-फ़्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर उन्नत करना 2. उन्नत साझेदारी और 'होराइजन 2047' रोडमैप के कार्यान्वयन की नियमित समीक्षा के लिए वार्षिक विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता की शुरुआत 3. भारत-फ़्रांस नवाचार वर्ष का शुभारंभ 4. भारत-फ़्रांस इनोवेशन नेटवर्क का शुभारंभ 5. कर्नाटक के वेमगल में एच125 हेलीकॉप्टर बनाने की फैक्ट्री (असेम्बली लाइन) का उद्घाटन 6.भारत और फ़्रांस के बीच रक्षा सहयोग के पुराने समझौते का नवीनीकरण 7.भारत में हैमर मिसाइल बनाने के लिए बीईएल और सफरान के बीच जॉइंट वेंचर 8.भारत और फ्रांस की सेना के अधिकारी अनुभव साझा करेंगे 9. नई तकनीकों के विकास के लिए एक संयुक्त समूह 10. क्रिटिकल मिनरल्स और मेटल्स में आपसी सहयोग हेतु संयुक्त घोषणा पत्र 11. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और फ़्रांस के सीएनआरएस ने उन्नत सामग्री के क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए आपसी सहमति 12. भारत और फ्रांस के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट पर प्रोटोकॉल में संशोधन 13. स्टार्टअप इकोसिस्टम, नवाचार और तकनीक में रणनीतिक सहयोग हेतु टी-हब (T-Hub) और नॉर्ड फ्रांस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर 14. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और सीएनआरएस के बीच वैज्ञानिक सहयोग हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर 15. डिजिटल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर स्थापित करने हेतु संयुक्त आशय घोषणा 16. एम्स, नई दिल्ली में स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर का शुभारंभ 17. संक्रामक रोगों और वैश्विक स्वास्थ्य अनुसंधान में सहयोग हेतु डीबीटी और एएनआरएस के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर 18. मेटाबॉलिक हेल्थ साइंसेज के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर की स्थापना हेतु समझौते पर हस्ताक्षर 19. एरोनॉटिक्स में कौशल विकास के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने हेतु आशय पत्र पर हस्ताक्षर 20. स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ी पहल, भारत और फ़्रांस ने रिन्यूएबल एनर्जी सहयोग समझौते को आगे बढ़ाया 21.डाक सेवाओं में सहयोग हेतु भारत के डाक विभाग और फ्रांस के 'ला पोस्ट' के बीच आशय पत्र पर हस्ताक्षर क्रिटिकल मिनरल में सहयोग के लिए एक जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट की घोषणा फ्रांस में भारतीय राजदूत संजीव कुमार सिंगला ने कहा कि भारत और फ्रांस ने क्रिटिकल मिनरल में सहयोग के लिए एक जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट की घोषणा की है. मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए भारतीय राजदूत ने भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और फ्रांसीसी संस्था सीएनआरएस के बीच एडवांस्ड मटीरियल पर एक सेंटर बनाने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट की घोषणा की. संजीव कुमार सिंगला ने कहा,'क्रिटिकल और नई टेक्नोलॉजी पर हमने एक जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप बनाने का फैसला किया है, साथ ही क्रिटिकल मिनरल में सहयोग के लिए एक जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट भी बनाया है. हमारे डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी और सीएनआरएस नाम के फ्रेंच इंस्टीट्यूशन के बीच एडवांस्ड मटीरियल पर एक सेंटर बनाने के लिए एक लेटर ऑफ इंटेंट भी है, जो दुनिया के सबसे बड़े साइंटिफिक इंस्टीट्यूशन में से एक है, जो खास तौर पर बेसिक रिसर्च पर फोकस करता है. हमने दोनों देशों के बीच डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट में अमेंडमेंट पर भी साइन किए हैं.' भारत और फ्रांस के जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ की खोज, निकालने, प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए, ताकि अलग-अलग तरह की, टिकाऊ, जिम्मेदार और मजबूत सप्लाई चेन बनाई जा सकें. नेताओं ने ग्रीन और डिजिटल इकॉनमी, नई टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट करने में क्रिटिकल मिनरल्स की अहम भूमिका को पहचाना. विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया कि दोनों पक्षों ने फ्रांस और भारत के बीच क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग पर जॉइंट डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट का स्वागत किया. मंगलवार को पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में इंडस्ट्रियल, डिफेंस, क्लीन एनर्जी, स्पेस और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी सेक्टर में सहयोग पर बाइलेटरल बातचीत की. पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध 'ग्लोबल स्टेबिलिटी और प्रोग्रेस' के लिए है. फ्रांस के राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने मिलकर मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन 2026 का उद्घाटन किया. मैक्रों अभी भारत के अपने चौथे दौरे पर हैं. मुंबई में दोनों देशों के बीच बातचीत खत्म होने के बाद, मैक्रों अब भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली जाएंगे.

सोने की कीमतों में बड़ा शॉक! Gold 75 हजार से नीचे, जानें आज का रेट

इंदौर  मध्य प्रदेश के सर्राफा बाजारों में आज 18 फरवरी 2026 को सोने की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी के दाम स्थिर बने हुए हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में आज सुबह नए रेट जारी किए गए हैं। ऐसे में अगर आप शादी-विवाह या निवेश के लिए सोना-चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। जानकारी के मुताबिक आज 22 कैरेट सोना 14,250 रुपये प्रति ग्राम पर पहुंच गया है, जो बीते दिन 14,390 रुपये प्रति ग्राम था। यानी कीमत में 140 रुपये प्रति ग्राम की गिरावट देखने को मिली है। इसी तरह 24 कैरेट सोने की कीमत में भी कमी आई है। आज 24 कैरेट सोना 14,963 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जबकि कल इसका भाव 15,110 रुपये प्रति ग्राम था। यानी एक ग्राम पर करीब 147 रुपये की गिरावट आई है। अगर 10 ग्राम की बात करें तो आज 24 कैरेट सोने की कीमत 1,49,630 रुपये है, जो कल 1,51,100 रुपये थी। वहीं 8 ग्राम सोना आज 1,19,704 रुपये में मिल रहा है, जबकि बीते दिन इसकी कीमत 1,20,880 रुपये थी। वहीं चांदी की कीमतों में आज कोई बदलाव नहीं हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार एक ग्राम चांदी का भाव 265 रुपये पर स्थिर बना हुआ है। इसी तरह एक किलो चांदी का रेट भी 2,65,000 रुपये पर कायम है। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और डॉलर की चाल का असर घरेलू बाजार पर देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव हो सकता है। ऐसे में खरीदारी से पहले ताजा रेट जरूर चेक कर लें।

नीदरलैंड्स के खिलाफ बड़ा बदलाव? अर्शदीप IN, कुलदीप OUT — 2 खिलाड़ियों को मिल सकता है आराम

अहमदाबाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में लगातार तीन जीत दर्ज कर चुकी भारतीय टीम अब सुपर-8 राउंड में जाने से पहले अपनी लय को और और धार देना चाहती है. इसी क्रम में वो आज (18 फरवरी) को नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ  अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में खेलने के लिए उतरेगी. भारत ने 15 फरवरी को ही पाकिस्तान को 61 रनों से हराया और यह बात भी साब‍ित की सूर्या एंड कंपनी खिताब जीतने की प्रबल दावेदार है.  वहीं अहमदाबाद में जब भारतीय टीम का फोकस नीदरलैंड्स अब टीम का फोकस बड़े स्कोर खड़े करने पर है, क्योंकि अब तक 209 से अधिक का स्कोर नहीं बन पाया है.  क्या होगा टी20 वर्ल्ड कप में 300 पार का स्कोर?  सवाल यह है क्या भारतीय टीम नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ 300 प्लस का स्कोर बना पाएगी, क्योंकि आज तक टी20 वर्ल्ड कप के इत‍िहास में 300 प्लस का स्कोर नहीं बन पाया है. टी20 वर्ल्ड कप के इत‍िहास में सबसे बड़ा स्कोर श्रीलंका ने 260 साल 2007 में केन्या के ख‍िलाफ बनाया था. वहीं भारत का टी20 वर्ल्ड कप में हाइएस्ट स्कोर 218 है, यह भी 2007 में इंग्लैंड के ख‍िलाफ आया था.  अहमदाबाद की पिच, क्या होगी चौकों-छक्कों की बरसात? यह मैच अहमदाबाद में शाम 7 बजे से है. जहां रात के मुकाबलों में बड़े स्कोर का ट्रेंड रहा है. पिछले पांच में से चार नाइट मैचों में पहली पारी 210 से ऊपर गई है. ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है, ताकि विपक्ष पर दबाव बनाया जा सके. नीदरलैंड्स की चुनौती को हल्के में नहीं ले सकता भारत नीदरलैंड्स इस टूर्नामेंट में सिर्फ भाग लेने नहीं आया है. वह पाकिस्तान को लगभग हराने की स्थिति में पहुंचा था और नामीबिया पर जीत दर्ज कर चुका है. टीम यह साबित करना चाहेगी कि वह बड़ी टीमों के लिए सिर्फ अभ्यास मैच नहीं है. वैसे भारत और नीदरलैंड्स के बीच टी20 इत‍िहास में केवल एक ही मुकाबला 2022 में टी20 वर्ल्ड कप में हुआ था, ज‍िसे भारत ने 56 रनों से जीता था.  क्या अभ‍िषेक का फॉर्म वापस लौटेगा? टूर्नामेंट में अब तक अभिषेक का आगाज निराशाजनक रहा है. गोल्डन डक, फिर बीमारी, फिर चार गेंद में आउट. हालांकि टीम मैनेजमेंट को उनकी क्षमता पर पूरा भरोसा है और सुपर-8 से पहले एक बड़ी पारी की उम्मीद की जा रही है. दूसरी ओर नीदरलैंड्स शुरुआती ओवरों में ऑफ-स्पिन का इस्तेमाल कर उन्हें फिर से जकड़ने की कोशिश कर सकता है. आर्यन दत्त नई गेंद से यह भूमिका निभाते रहे हैं और यह रणनीति फिर देखने को मिल सकती है. कैसा रहेगा टीम इंड‍िया का कॉम्ब‍िनेशन? भारतीय टीम की चोट संबंधी चिंताएं लगभग खत्म हो चुकी हैं. तेज पिच को देखते हुए टीम प्रबंधन अतिरिक्त पेस विकल्प के साथ उतर सकता है. ऐसे में अर्शदीप की वापसी और कुलदीप को आराम दिए जाने की संभावना जताई जा रही है. वहीं देखना होगा कि जसप्रीत बुमराह और हार्द‍िक पंड्या को टीम इंड‍िया का मैनेजमेंट आराम देता है नहीं. वैसे स‍ितांशु कोटक किसी भी ख‍िलाड़ी को आराम देने की बात से प्रीमैच कॉन्फ्रेंस में इनकार कर चुके हैं.  नीदरलैंड्स भी अपने तेज गेंदबाजों में रोटेशन करता रहा है और परिस्थितियों के अनुसार अंतिम संयोजन तय करेगा. भारत का रिकॉर्ड नीदरलैंड्स संग मुकाबले से पहले जानें भारत ने लिमिटेड-ओवर ICC टूर्नामेंट में लगातार 16 मैच जीते हैं.यह सिलसिला पिछले विश्व कप फाइनल के बाद से जारी है.इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत चारों बार नीदरलैंड्स को हरा चुका है. नीदरलैंड्स की संभावित प्लेइंग इलेवन: माइकल लेविट, मैक्स ओ'डॉड,  बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान और विकेटकीपर), जैक लायन-कैशेट,  लोगान वैन बीक,  आर्यन दत्त,  रोलोफ वैन डेर मर्व, 10 और 11 – काइल क्लेन, फ्रेड क्लासेन और पॉल वैन मीकेरेन में से भारत की नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ संभावित प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

एमवाय अस्पताल में गंदगी का मामला, वायरल वीडियो के बाद कार्रवाई — अधिकारियों को नोटिस और BVG पर जुर्माना

इंदौर  देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले इंदौर की स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में हैं। सरकारी एमवाय अस्पताल के बाहर मरीज को स्ट्रेचर पर सड़क पार कराते हुए सामने आए वायरल वीडियो और अस्पताल की दीवारों, टाइल्स में फफूंद, गंदगी व अन्य अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए डीन ने कड़ा रुख अपनाया है। डीन ने अस्पताल सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव और भवन अधिकारी जितेंद्र रावत को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही सुपरविजन और मेंटेनेंस करने वाले भारत विकास ग्रुप (BVG) पर 25 हजार रुपए का फाइन लगाया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दो महिलाएं एक मरीज को पहिए वाले स्ट्रेचर पर लेकर भरे ट्रैफिक के बीच सड़क पार करती नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि शासकीय डेंटल कॉलेज के सामने से गुजरते हुए महिलाएं एमवाय अस्पताल के मुख्य गेट तक पहुंचती हैं, लेकिन गेट बंद होने के कारण उन्हें अगले गेट की ओर स्ट्रेचर धकेलना पड़ता है। व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल वीडियो सामने आने के बाद नागरिकों और सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए कि यदि स्ट्रेचर सरकारी अस्पताल का है तो वह सड़क पर कैसे पहुंचा, और आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां रहीं कि परिजनों को मरीज को खुद स्ट्रेचर पर ले जाना पड़ा। यह मामला अब केवल एक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी अस्पतालों की आपातकालीन सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। इसे लेकर डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट यादव को तलब किया कि इस मामले में क्या जांच की गई है। इस बीच एमवाय अस्पताल साथ ही डेंटल कॉलेज के भी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हालांकि अब तक ऐसा कोई सूत्र नहीं मिला है कि मरीज को भरे ट्रैफिक में सड़क पर दोनों महिलाएं कब और कहां ले गई। इस बीच डीन ने मंगलवार को पूरे अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान चौथी, पांचवीं मंजिल के कुछ हिस्सों की दीवारों और टूटी टाइल्स में फफूंद और गंदगी मिलने पर उन्होंने सुपरिटेंडेंट और सुपरवाइजर पर काफी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पहले मैं खुद दौरा कर चुका हूं। इसके पूर्व खुद डीन एक माह पूर्व इसे लेकर नाराजगी जताई थी। इसके बाद कलेक्टर, कमिश्नर और मुख्यमंत्री का भी दौरा हुआ था, इसके बावजूद इन समस्याओं का समाधान नहीं किया। इसे लेकर दोनों को नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में व्यवस्थाओं में लापरवाही, साफ-सफाई और भवन मेंटेनेंस से जुड़ी कमियों पर जवाब मांगा गया है। सुरक्षा और स्टाफ की भूमिका की जांच प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल में मरीजों के लिए 108 एम्बुलेंस की सेंट्रलाइज्ड सुविधा उपलब्ध है और किसी भी मरीज को स्ट्रेचर पर अस्पताल परिसर से बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है। मामले में सुरक्षा गार्ड, स्ट्रेचर बॉय और अन्य कर्मचारियों से जुड़े रिकॉर्ड और फुटेज की जांच की जा रही है। साथ ही दोहराया गया है कि मरीजों को बाहर ले जाने से रोकने के सख्त निर्देश पहले से लागू हैं।

इजरायल का विवादित कदम: वेस्ट बैंक में कब्जा करने की तैयारी, 8 मुस्लिम देशों ने विरोध जताया

तेल अवीव इजरायल सरकार ने पश्चिमी तट में जमीन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू करने के हालिया फैसले की आठ मुस्लिम देशों द्वारा निंदा करने वाले संयुक्त बयान को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताया है। मंगलवार को तुर्की, मिस्र, जॉर्डन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रियों ने पश्चिमी तट में जमीन को सरकारी सम्पति घोषित करने और उनके पंजीकरण और मालिकाना हक के सेटलमेंट के लिए प्रक्रिया को मंजूरी देने के इजरायली सरकार के फैसले की निंदा की। मंत्रालय ने आज एक बयान में कहा, 'यह बयान असल में बेबुनियाद और जानबूझकर गुमराह करने वाला है। फिलिस्तीनी अधिकारी ही क्षेत्र सी में गैर-कानूनी जमीन पंजीकरण प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे है, जो कानून और मौजूदा समझौतों का उल्लंघन है।' मंत्रालय ने बताया कि इजरायली सरकार ने सिविल और सम्पति कानून के तहत प्रशासनिक कदम को मंजूरी दी है। क्या बोला सऊदी अरब सऊद अरब के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि यह कदम कब्जे वाले इलाके में एक नई कानूनी और प्रशासनिक हकीकत को थोपता है, जिससे द्वि-राष्ट्र समाधान और फिलिस्तीनी अधिकार कमज़ोर होते हैं। मंत्रालय ने कहा कि फिलिस्तीनी जमीन पर इजरायल का कोई हक नहीं है। मंत्रालय ने इन कदमों को फिलिस्तीनी लोगों के चार जून, 1967 की सीमाओं पर एक आजाद देश बनाने के कानूनी हक पर हमला बताया, जिसकी राजधानी पूर्वी येरुशलम हो। प्रस्ताव उल्लेखनीय है कि इजरायली सरकार ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक के बड़े इलाकों को अपनी भूमि के तौर पर वर्गीकृत करने की योजना को मंजूरी दी, अगर फिलिस्तीनी मालिकाना हक साबित नहीं कर पाते। यह प्रस्ताव दक्षिणपंथी मंत्रियों बेज़ालेल स्मोट्रिच (वित्त), यारिव लेविन (न्याय), और इजरायल काट्ज (रक्षा) ने रखा था। स्मोट्रिच ने इस योजना को 'हमारी सभी जमीनों पर नियंत्रण करने के लिए समाधान क्रांति' का अगला कदम बताया, जबकि लेविन ने इसे इज़रायल के अपने सभी हिस्सों पर अपनी पकड़ मज़बूत करने की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन बताया। इस मंजूरी से ज़मीन के मालिकाना हक के समाधान की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई हैं, जो 1967 में वेस्ट बैंक पर इजरायल के कब्जे के बाद से रुके हुए थे।

जम्मू-कश्मीर पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा संकेत, अर्जुन मेघवाल बोले- जल्द सुनेंगे फैसला

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलने को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. दरअसल, केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री, अर्जुन राम मेघवाल ने  इस पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आप बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे. अर्जुन मेघवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा एक सेंसिटिव मुद्दा है. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही संसद में भरोसा दिला चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका हक जरूर मिलेगा। मेघवाल ने कहा, 'हमारे गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का जो भी हक है, वह दिया जाएगा। मुझे विश्वास है कि आप इस बारे में बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे।' गौरतलब है कि अगस्त 2019 में भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और तत्कालीन राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया था। तब से राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा लगातार चर्चा में है। जम्मू-कश्मीर के लोगों में नई उम्मीद केंद्रीय मंत्री के इस ताजा बयान ने राजनीतिक हलकों और जम्मू-कश्मीर के लोगों में नई उम्मीद जगाई है। जानकारों का कहना है कि अगर राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला वाकई जल्द ही होता है तो यह पिछले कई सालों में सबसे बड़ा राजनीतिक विकास होगा। केंद्र सरकार ने पहले भी इशारा किया था कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला विधानसभा चुनाव के बाद लिया जा सकता है। आज के बयान में हालांकि समय सीमा साफ नहीं की गयी है। फिर भी, बहुत जल्द शब्द ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। बड़ा कदम उठाने की तैयारी राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार का यह बयान इस बात का इशारा हो सकता है कि केंद्र ने इस बारे में कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अगर आने वाले दिनों या हफ्तों में कोई औपचारिक निर्णय होता है तो यह 2019 के बाद सबसे बड़ा संवैधानिक बदलाव होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने केंद्र शासित प्रदेश में कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, 'इससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी और पर्यटन पर निर्भर आजीविका को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।' मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उनकी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने पिछले वर्ष बंद किए गए पर्यटन स्थलों को खोलने का आग्रह किया था। 'बहुत जल्द सुनेंगे बड़ा फैसला' दरअसल, श्रीनगर में एक कार्यक्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने केंद्र सरकार के वादे को दोहराते हुए कहा, "हमारे गृह मंत्री ने लोकसभा में पहले ही भरोसा दिलाया है कि सही प्रोसेस का पालन किया जाएगा, और लोगों को उनका हक मिलेगा." फैसले के समय के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आप इस पर बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे." 2019 में आर्टिकल 370 के तहत स्पेशल स्टेटस किया था खत्म गौरतलब है कि अगस्त 2019 में, भारत सरकार ने संविधान के आर्टिकल 370 के तहत इस क्षेत्र का स्पेशल स्टेटस खत्म कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों,जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. उमर अबदुल्ला बोले- केंद्र से बातचीत जारी इस इवेंट में जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अबदुल्ला भी मौजूद थे। उन्होंने भी कानून मंत्री की बातों पर थोड़ी उम्मीद जताई। उमर अबदुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र से लगातार बातचीत कर रही है। सीएम उमर अबदुल्ला ने ये भी कहा कि इस प्रोसेस में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग डेढ़ साल से अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री का जल्द फैसले का इशारा आखिरकार सच होगा। केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद जानकारों का कहना है कि अगर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केंद्र सरकार जल्द लेती है तो ये अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक विकास होगा।