samacharsecretary.com

नीतीश द्विवेदी ने खुद का संगठन लॉन्च किया, 19 महीने में पूरे बिहार में करेंगे यात्रा

पटना  मुकेश सहनी के करीबी माने जाने वाले नीतीश कुमार द्विवेदी ने अब अपनी नई राह चुन ली है. उन्होंने ‘नौजवानों की आवाज’ नाम से एक सामाजिक संगठन बनाने की घोषणा की है. इसी के साथ उन्होंने युवाओं के मुद्दों पर सड़क पर उतरने का ऐलान किया है. पहली बैठक में तय हुई रूपरेखा नई संगठन की पहली बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार द्विवेदी ने की. इस दौरान संगठन के विस्तार और मजबूती पर चर्चा हुई. बैठक में चार अलग-अलग प्रकोष्ठ बनाने का फैसला लिया गया. इसका मकसद युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यवस्थित तरीके से काम करना है. संगठन शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास जैसे विषयों पर फोकस करेगा. 19 महीने में करेंगे 38 जिलों की यात्रा नीतीश कुमार द्विवेदी ने घोषणा की कि वह बिहार के 38 जिलों में 19 महीने की यात्रा पर निकलेंगे. इस दौरान वे युवाओं से सीधे संवाद करेंगे. उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान के लिए पहल करेंगे. उन्होंने कहा कि चुनाव के समय भी वह लगातार जनता के बीच रहे. करीब एक लाख लोगों से सीधे मुलाकात की. कई बार 10 दिन तक घर नहीं गए. जहां जगह मिली, वहीं रुक गए. पहले भी दिखा चुके हैं बागी तेवर नीतीश कुमार द्विवेदी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के राष्ट्रीय सचिव रह चुके हैं. वह पहले भी पार्टी से बागी होकर महराजगंज से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं. अब वह अपने संगठन के जरिए युवाओं की आवाज बनने का दावा कर रहे हैं. युवाओं की बात प्रशासन तक पहुंचाने का दावा उन्होंने कहा कि उनकी टीम गांव-गांव और जिले-जिले जाएगी. युवाओं से सीधा फीडबैक लिया जाएगा. फिर संबंधित विभागों और प्रशासन तक उनकी बात पहुंचाई जाएगी. 

तीन युवकों की जान गई, उदयपुर में ओवरटेक करते समय हुआ भीषण टकराव

उदयपुर जिले के कोटड़ा ब्लॉक स्थित मांडवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। कोदरमाल गाँव के पास ओवरटेक करने के प्रयास में एक बाइक बेकाबू होकर ऑटो से जा टकराई। इस भीषण भिड़ंत में तीन युवकों की जान चली गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छा गई है। हादसे का मंजर : दो की मौके पर मौत, एक ने अस्पताल में तोड़ा दम पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दो युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था। राहगीरों और पुलिस की मदद से तीसरे गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत कोटड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; इलाज के दौरान उसकी भी सांसें थम गईं। मृतकों की पहचान : हादसे का शिकार हुए तीनों युवक कोटड़ा क्षेत्र के ही निवासी थे, हरीश (24) पुत्र मसरू गमार, शंकरलाल (25) पुत्र सुनील खराड़ी, कालाराम (23) पुत्र किसनाराम। कैसे हुआ हादसा? मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में 'ओवरटेक' हादसे का मुख्य कारण सामने आया है। बाइक सवार युवक मांडवा से कोटड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने आगे चल रहे एक ऑटो को ओवरटेक करने की कोशिश की। तभी सामने से एक तेज रफ्तार जीप आ गई। जीप से बचने और ऑटो को पार करने की जद्दोजहद में बाइक सीधे ऑटो से जा टकराई। पुलिस की कार्रवाई हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुँचकर खुलवाया। मांडवा थाना पुलिस ने तीनों शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। सावधान! आपकी एक गलती जानलेवा है यह हादसा उन युवाओं के लिए एक कड़ा सबक है जो सड़कों पर रफ्तार और ओवरटेक को रोमांच समझते हैं। मांडवा-कोटड़ा मार्ग जैसे संकरे और घुमावदार रास्तों पर जरा सी लापरवाही मौत का बुलावा साबित हो सकती है।

5 साल पुराने कांड में विवाद, रवनीत बिट्टू ने प्रियंका गांधी पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़  केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोला है। बिट्टू ने ऐलान किया है कि वह प्रियंका गांधी के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत दर्ज करवाएंगे। यह शिकायत करीब पांच साल पहले किसान आंदोलन के दौरान घटी उस घटना की जांच के लिए होगी, जब बिट्टू को प्रदर्शनकारी किसानों के बीच भेजा गया था और वहां उन पर 'जानलेवा हमला' हुआ था। बिट्टू का दावा: 'लिंचिंग' की साजिश थी 'द ट्रिब्यून' को दिए एक इंटरव्यू में रवनीत बिट्टू ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उस समय उन्हें प्रियंका गांधी की मंशा पर कोई संदेह नहीं था, बावजूद इसके कि प्रियंका यह अच्छी तरह जानती थीं कि किसान बिट्टू के प्रति कितने आक्रोशित थे। बिट्टू ने कहा- मैं इस बात की जांच करवाना चाहता हूं कि आखिर मुझे वहां भेजने के पीछे उनकी मंशा क्या थी। क्या वह कोई बड़ी घटना करवाना चाहती थीं? उस दिन कुछ भी हो सकता था। प्रियंका गांधी की ओर से यह एक हताशा भरा प्रयास था ताकि किसानों के बीच भाजपा विरोधी भावनाओं को और भड़काया जा सके। केंद्रीय मंत्री ने उस घटना को याद करते हुए कहा कि वह और विधायक कुलबीर जीरा उस दिन किसानों की भीड़ द्वारा लगभग 'लिंच' कर दिए गए होते। उन्हें अब आशंका है कि उन्हें नुकसान पहुंचाने का एक पूर्व-नियोजित 'प्लान और डिजाइन' तैयार किया गया था, ताकि इसे एक बड़े राजनीतिक मुद्दे में बदला जा सके। राहुल गांधी के 'गद्दार' वाले बयान पर पलटवार बिट्टू ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उन्हें गद्दार कहे जाने पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस तरह की हल्की बातें करके अपने पद की गरिमा गिराई है। बिट्टू ने सवाल किया कि कांग्रेस में कई ऐसे नेता और सांसद हैं जो दूसरी पार्टियों से आए हैं। तो क्या राहुल गांधी का मतलब है कि उनके साथ मौजूद ऐसे सभी नेता गद्दार हैं? कांग्रेस का पलटवार: 'आकाओं को खुश करने की कोशिश' पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने बिट्टू के इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। पंजाब के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि बिट्टू द्वारा प्रियंका गांधी को इस विवाद में घसीटना केवल सुर्खियां बटोरने की एक हताश कोशिश है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- सालों बाद बिट्टू की याददाश्त अचानक वापस आ गई है, ठीक उसी वक्त जब उनके राजनीतिक आकाओं ने उन पर शिकंजा कसा है। पंजाब की राजनीति का यह 'फुस हो चुका कारतूस' अब सबसे ज्यादा शोर मचा रहा है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बिट्टू के आरोपों को बचकानी हरकत बताया। उन्होंने कहा- यह कहना कि प्रियंका गांधी ने उन्हें जबरदस्ती विरोध प्रदर्शन स्थल पर भेजा, हास्यास्पद है। बिट्टू को अपने नए आकाओं की 'गुड बुक्स' में रहने के लिए क्या-क्या करना पड़ रहा है, यह देखकर दुख होता है।

महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण पर बड़ा ऐलान, सरकार का 5% आरक्षण देने का निर्णय

मुंबई  महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5 फीसदी आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला रद्द कर दिया है. साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए मुस्लिम समाज को विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-ए (SBC-A) के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5 फीसदी आरक्षण दिया गया था. इसके आधार पर जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र भी जारी किए जा रहे थे. नवंबर 2014 में हाई कोर्ट ने लगा दी थी रोक लेकिन इस अध्यादेश को मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. 14 नवंबर 2014 को हाईकोर्ट ने इस पर रोक (स्टे) लगा दी. बाद में यह अध्यादेश 23 दिसंबर 2014 तक कानून में नहीं बदल पाया, जिससे वह स्वतः निरस्त (लैप्स) हो गया. अब सरकार ने साफ किया है कि उस अध्यादेश के आधार पर जारी सभी शासन निर्णय और परिपत्र भी रद्द माने जाएंगे. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश वहीं सोमवार (16 फरवरी) को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन 75 स्कूलों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिनके बारे में खबरें थीं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद इन विद्यालयों को मंजूरी दी गई थी. इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया.  अल्पसंख्यक विकास विभाग सुनेत्रा पवार के पास अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी से दो फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया. बताया जाता है कि पहला प्रमाण पत्र 28 जनवरी को दोपहर तीन बजकर नौ मिनट पर  जारी किया गया था, उसी दिन अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. उस दिन सात संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई. उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे. यह विभाग अब सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. 

सरकार का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप और 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण प्रस्ताव, आबकारी नीति पास

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस लाइव ब्लॉग में। विधानसभा से हर पल की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें। जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों के साथ वित्तीय समावेशन वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इसने बैंकिंग सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान- वित्त मंत्री वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। शिक्षा के लिए खास बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को लिए ये भी     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग को मिले ₹1335 करोड़, श्रमिकों का होगा कल्याण असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए श्रम विभाग के बजट में ₹1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च की जाएगी। जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़ जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए ₹793 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा। ग्रामीण सड़कों का जाल: ₹21,630 करोड़ की मंजूरी ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना' के तहत ₹21,630 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा। मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए ₹412 करोड़ का फंड नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में ₹412 करोड़ के निवेश का प्रावधान किया है। इससे न केवल मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। 'देश का तीसरा युवा प्रदेश' बनेगा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों का खाका खींचा गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए 'विशेष फंड' का प्रावधान उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं। किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को 'किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है। सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान जगदीश देवड़ा ने कहा, ''मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है. सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर … Read more

सीमा हैदर-सचिन के घर गूंजी किलकारी, परिवार में बढ़ी खुशियाँ — नया सदस्य हुआ शामिल

ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में रह रही पाकिस्तान से आई महिला सीमा हैदर छठी बार मां बनी हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में सीमा ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी होने के बाद रबूपुरा पहुंचने पर सचिन के परिजनों ने बेटे के जन्म की खुशी में मिठाई बांटी। पिछले साल सीमा ने बेटी को जन्म दिया था। जोकि करीब ग्यारह महीने की हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की रहने वाली सीमा हैदर पबजी गेम खेलने के दौरान कस्बा रबूपुरा के रहने वाले सचिन मीणा के संपर्क में आई थी। उसके बाद दोनों में प्यार हो गया और तीन साल पहले सीमा अपने चार बच्चों को लेकर नेपाल के रास्ते भारत आ गए। वह रबूपुरा में सचिन मीणा के साथ रह रही थी। इसका खुलासा होने पर सीमा हैदर के साथ सचिन मीणा व उसके पिता को भी जेल जाना पड़ा था। मामला महीनों तक मीडिया की सुर्खियों में रहा था। पिछले साल 18 मार्च को सीमा ने सचिन मीणा की बेटी को जन्म दिया था। इसके करीब ग्यारह माह बाद अब उसके बेटा पैदा हुआ है। हालांकि सचिन मीणा और उसके परिजनों ने इस संबंध में ज्यादा जानकारी देने से इनकार कर दिया। यूट्यूब पर हैं दो मिलियन सब्सक्राइबर सीमा और सचिन मीणा सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं। दोनों यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर ब्लॉग व तरह तरह की वीडियो बनाकर डालते रहते हैं। दोनों के यूट्यूब चैनल पर दो मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर हैं। वहीं उनके इंस्टाग्राम पर भी फॉलोवर की संख्या एक मिलियन है।

आर्थिक समीक्षा में अभ्युदय मध्य प्रदेश का विकसित भारत संकल्प

आर्थिक समीक्षा में अभ्युदय मध्य प्रदेश का विकसित भारत संकल्प  लेखक सत्येंद्र जैन,आर्थिक चिंतक। मध्यप्रदेश की विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु आर्थिक समीक्षा उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत की गयी है।आर्थिक समीक्षा में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की दूरदर्शी आर्थिक नीतियों, कार्यक्रमों का समावेश किया गया है।इन दूरदर्शी आर्थिक नीतियों द्वारा संतुलित और समावेशी विकास का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है।डॉ मोहन यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश का उदय हो रहा है। भारत के भागीरथी,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल एवं योग्य मार्गदर्शन में भारत को विश्व की सबसे सशक्त अर्थव्यवस्था निर्मित करने हेतु मध्यप्रदेश सर्वस्व अर्पण के भाव से योगदान दे रहा है।यही कारण है कि मप्र का भारत की जीडीपी में योगदान लगभग 3.25 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 5.8 प्रतिशत हो गया है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक समृद्धि के अनेक कदम उठाये हैं।इसके सुखद परिणाम मिलना आरंभ हो गये हैं। वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद GSDP प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रूपये अनुमानित है।पिछले वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार स्थिर भाव वर्ष 2011-12 के सापेक्ष जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रूपये अनुमानित है,।जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि को प्रतिबिंबित करता है। आर्थिक विस्तार केवल मूल्य वृद्धि का परिणाम नहीं,अपितु वास्तविक उत्पादन और गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में प्रचलित भाव पर 38,497 रूपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रूपये हो गई है। यह आय स्तर में सुधार का परिचायक है, जो जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित करता है।वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन जीएसवीए में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत रहा। इससे प्रकट होता है कि कृषि आधारित आधार को मजबूती देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योग और सेवा क्षेत्रों में भी संतुलित विस्तार हुआ है। प्राथमिक क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रूपये रहा, जो पिछले वर्ष के 6,33,532 करोड़ रूपये की तुलना में 7.31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इस क्षेत्र में फसलें 30.17 प्रतिशत भागीदारी के साथ प्रमुख घटक रहीं। पशुधन, वानिकी, खनन एवं उत्खनन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खाद्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उद्यानिकी क्षेत्रफल 28.39 लाख हेक्टेयर रहा है।दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा है। गांवों की समृद्धि के लिए 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवासों के निर्मित होने से ग्रामीण आधार सशक्त हुआ है। द्वितीयक क्षेत्र का कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन- GSVA वर्ष 2025-26 में 3,12,350 करोड़ रूपये रहा, जो 9.93 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। निर्माण, विनिर्माण तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाओं का प्रमुख योगदान है। औद्योगिक विकास के अंतर्गत 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार के अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज गति से वृद्धि की है। वर्ष 2025-26 में इसका कुल GSVA 5,85,588 करोड़ रूपये रहा, जो 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, लोक प्रशासन तथा अन्य सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटकों के आगमन से पर्यटन क्षेत्र में तीव्रता आई है। वर्ष 2025-26 में 618 करोड़ रूपये राजस्व आधिक्य, अनुमानित कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि तथा ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत का होना मध्यप्रदेश के वित्तीय अनुशासन में निरंतर सुधार को प्रकट करता है। नगरीय विकास के अंतर्गत अमृत 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण हुए तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को 8 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल व्यय 34,112 करोड़ रुपये रहा।यह GSDP का 3 प्रतिशत है। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और वर्ष 2001-03 के सापेक्ष मातृ मृत्यु दर 379 से घटकर वर्ष 2021-23 में 142 प्रति लाख हो गई। शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य रही और कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई। 45,668 विद्यार्थियों को 500 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है। महाराजा विक्रमादित्य की भाँति कुशल प्रशासक ,मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अखंड प्रचण्ड पुरुषार्थ करते हुए अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं। महानतम अर्थशास्त्री चाणक्य के अनुसार- तस्मान्नित्योत्थितो राजा कुर्यादर्थानुशासनम् । अर्थस्य मूलमुत्थानमनर्थस्य विपर्ययः । अर्थात राजा प्रतिदिन उद्यमशील होकर शासन करे । अर्थ अनुशासन करे।अर्थ मूल को संवर्धित करे। चाणक्य के इस मंत्र को आत्मसात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अभ्युदय मध्य प्रदेश की रचना कर रहे हैं।अभ्युदय मध्य प्रदेश के सर्वागीण विकास द्वारा विकसित  भारत 2047 का संकल्प स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर हो रहा है, झलक रहा है। इति श्री।

हेट स्पीच पर SC का तीखा रुख: सिब्बल से सवाल, CJI ने किया चेतावनी भरा नोट

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने  12 'प्रतिष्ठित' व्यक्तियों द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) पर कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि यह याचिका कथित हेट स्पीच के लिए केवल भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निशाना बना रही है, जबकि अन्य दलों के नेताओं को छोड़ दिया गया है। मामला क्या है? याचिकाकर्ताओं ने संवैधानिक नैतिकता के उल्लंघन को रोकने के लिए संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्तियों और नौकरशाहों के लिए दिशा-निर्देश तय करने की मांग की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस जॉयमल्या बागची की पीठ से कहा कि देश का माहौल जहरीला हो गया है और केवल सुप्रीम कोर्ट ही इसे सुधार सकता है। हालांकि, पीठ ने तुरंत यह इशारा किया कि याचिका में समस्या को उजागर करते समय चुनिंदा रूप से केवल कुछ व्यक्तियों का नाम लिया गया है। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियां अदालत ने याचिका के एकतरफा होने पर सवाल उठाए और कहा- यह याचिका निश्चित रूप से कुछ व्यक्तियों को निशाना बना रही है, जबकि उन अन्य लोगों को छोड़ दिया गया है जो नियमित रूप से ऐसे हेट स्पीच देते हैं। याचिकाकर्ताओं को यह आभास नहीं देना चाहिए कि वे केवल कुछ व्यक्तियों को टारगेट कर रहे हैं। CJI ने कहा कि एक निष्पक्ष और तटस्थ याचिका के साथ आएं। यह मुद्दा महत्वपूर्ण है। अंततः, सभी पक्षों की ओर से बोलने में संयम होना चाहिए। हम यह कहना चाहेंगे कि सभी राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को संवैधानिक नैतिकता का ध्यान रखना चाहिए और अपने भाषणों में संयम बरतना चाहिए। कोई भी दिशानिर्देश सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए। पीठ ने कहा कि कई राजनीतिक दल अपनी सांप्रदायिक विचारधारा के आधार पर बेशर्मी से भाषण देते हैं और खुलेआम नफरत फैलाते हैं। कोर्ट ने सिब्बल से कहा- आपने दूसरे पक्ष का एक भी उदाहरण पेश नहीं किया है। याचिका में किनका नाम था? याचिकाकर्ताओं में रूप रेखा वर्मा, मोहम्मद अदीब, हर्ष मंदर, नजीब जंग, जॉन दयाल और अशोक कुमार शर्मा शामिल थे। उन्होंने अपनी याचिका में कथित हेट स्पीच के लिए कई भाजपा नेताओं का नाम लिया था:     हिमंत बिस्वा सरमा (असम के मुख्यमंत्री)     योगी आदित्यनाथ (उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री)     देवेंद्र फडणवीस (महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री)     पुष्कर सिंह धामी (उत्तराखंड के मुख्यमंत्री)     अनंत कुमार हेगड़े (पूर्व केंद्रीय मंत्री)     गिरिराज सिंह (केंद्रीय मंत्री)     इसके अलावा कुछ नौकरशाहों की टिप्पणियों का भी जिक्र था। जस्टिस नागरत्ना ने कहा, 'राजनीतिक दलों के नेताओं को भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए। अदालतें आदेश पारित कर सकती हैं, लेकिन इसका असली समाधान राजनीतिक दलों और लोकतांत्रिक संस्थानों द्वारा संवैधानिक मूल्यों और नैतिकता के प्रति वफादार रहने में ही है।' उन्होंने आगे कहा, 'भाषण की उत्पत्ति विचार प्रक्रिया से होती है। क्या अदालत के आदेश से किसी व्यक्ति की विचार प्रक्रिया को बदला या प्रतिबंधित किया जा सकता है? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का क्या होगा?' जस्टिस बागची: उन्होंने सिब्बल से कहा कि यह बहुत ही अस्पष्ट याचिका है। इसे एक लोकलुभावन कवायद बनाने के बजाय, इसे एक रचनात्मक संवैधानिक प्रयास होने दें। राजनीति का शोर-शराबा जनहित याचिका (PIL) दाखिल करने का आधार नहीं होना चाहिए। जब कपिल सिब्बल ने कहा कि वह याचिका से व्यक्तियों के सभी संदर्भ हटा देंगे, तो पीठ ने जवाब दिया कि आवश्यक संशोधन किए जाने के बाद ही वह जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी। सिब्बल ने याचिका में संशोधन के लिए दो सप्ताह का समय मांगा है। याचिकाकर्ताओं की दो मुख्य मांगे हैं:     यह घोषणा की जाए कि संवैधानिक पदों या सार्वजनिक कार्यालयों में बैठे लोगों के सार्वजनिक भाषण संवैधानिक नैतिकता के अधीन होने चाहिए और वे दूसरों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन न करें।     संवैधानिक पदधारियों और नौकरशाहों के सार्वजनिक भाषण को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश बनाए जाएं, ताकि बिना पूर्व प्रतिबंध या सेंसरशिप के संवैधानिक नैतिकता का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

हाई कोर्ट का फैसला: पति-पत्नी जैसा व्यवहार, होटल की रातों को देखते हुए आरोपी को मिली राहत

कलकत्ता  कलकत्ता हाईकोर्ट ने बलात्कार के एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि अगर शादी नहीं हो पाती है और रिश्ता में कड़वाहट आती है, तो सिर्फ इसलिए ही सहमति से बने शारीरिक संबंधों को रेप नहीं माना जा सकता। जज ने कहा कि शुरुआत से ही धोखा देने का इरादा होना चाहिए था। साथ ही कहा कि जिस तरह से महिला और पुरुष बर्ताव कर रहे थे, उससे सहमति के संकेत मिल रहे थे। क्या था मामला मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को हाईकोर्ट ने आरोपी के खिलाफ दर्ज केस रद्द कर दिया। आरोप थे कि उसने शादी का वादा कर महिला के साथ बलात्कार किया और जबरन गर्भपात कराया है। कोर्ट ने कहा कि दोनों साथ में घूमे, रहे और पति पत्नी की तरह रहे। ऐसे में यह आपसी सहमति दिखाता है। जस्टिस चैताली चटर्जी (दास) मामले की सुनवाई कर रहीं थीं। अदालत ने क्या कहा उन्होंने कहा, 'शुरुआत से ही (संबंध बनते समय) धोखा देने या गलत इरादा होना चाहिए था, जिसके कारण महिला को यौन संबंध बनाने के लिए प्रेरित किया गया हो।' जज ने कहा है कि जिस तरह से उस पुरुष और महिला ने एक-दूसरे के साथ व्यवहार किया, वह 'साफ तौर पर आपसी सहमति और साथ को दिखाता है न कि 'धोखाधड़ी के से उकसावे या प्रलोभन' को।' जज ने कहा, 'रिश्ता… साल 2017 में शुरू हुआ और साल 2022 में खटास आने तक जारी रहा। रिश्ते के दौरान… उन्होंने शारीरिक संबंध बनाए, दीघा, पार्क स्ट्रीट, खड़गपुर और गोवा के कई होटलों में साथ रातें गुजारीं और पति-पत्नी की तरह रहे। यह भी स्वीकार किया गया है कि महिला गर्भवती हो गई थी और पीड़िता और आरोपी की सहमति से गर्भपात कराया गया था।' उन्होंने कहा, 'आरोपी के खिलाफ कोई शिकायत करने के बजाए महिला ने रिश्ता जारी रखा…। ऐसे में किसी भी बात से यह साफ नहीं होता कि वह बीते 5 या 6 सालों से किसी भी तरह की गलतफहमी में थीं।' शिकायत इस मामले में महिला साल 2017 में रिश्ते में आई थीं। उन्होंने आरोप लगाए थे कि साल 2018 में आरोपी ने उन्हें कुछ पिलाकर बलात्कार किया, लेकिन वह चुप रही क्योंकि उसने शादी का वादा किया था। इसके बाद दोनों दीघा और गोवा ट्रिप पर गए थे। साल 2020 में महिला गर्भवती हो गई थी और बाद में गर्भपात भी कराया गया। महिला ने आरोप लगाए कि वह शादी के वादे के कारण गर्भपात के लिए तैयार हुई थी। जब आरोपी ने उससे शादी करने से इनकार कर दिया, तो महिला ने 16 फरवरी 2022 में पश्चिम मिदनापुर में पुलिस शिकायत दर्ज कराई। 23 फरवरी को आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।

स्टाइल और पावर का परफेक्ट कॉम्बिनेशन! Jawa 42 Ivory लॉन्च, Royal Enfield की बढ़ी टेंशन

 नई दिल्ली Jawa 42 Ivory Price & Features: देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी जावा येज्डी मोटरसाइकिल ने भारतीय बाजार में अपनी मशहूर बाइक Jawa 42 के कलर लाइन-अप को अपडेट किया है. रेट्रो लुक और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के लिए मशहूर बाइक Jawa 42 अब एक नए रंग के साथ पेश की गई है. कंपनी ने इस बाइक को अब आइवरी शेड में लॉन्च किया है, जो बाइक को एक अलग और प्रीमियम लुक देता है. यह नया रंग उन ग्राहकों को ध्यान में रखकर लाया गया है, जो क्लासिक स्टाइल के साथ एक्सक्लूसिव फील चाहते हैं. जावा 42 के नए आइवरी कलर वेरिएंट की कीमत कीमत 1.85 लाख (एक्स-शोरूम) रुपये रखी गई है. यह अब इस मॉडल का सबसे महंगा कलर वेरिएंट बन गया है. इससे पहले ड्यूल-चैनल एबीएस और अलॉय व्हील वाला वेरिएंट 1.83 लाख रुपये तक जाता था. नई कीमत के साथ यह वेरिएंट सीधे तौर पर प्रीमियम ग्राहकों को टारगेट करता है. डिजाइन में क्या है खास पेस्टल आइवरी शेड बाइक के फ्रंट फेंडर, हेडलैंप कवर, फ्यूल टैंक, साइड पैनल और रियर फेंडर पर दिया गया है. टैंक पर बड़े और बोल्ड अक्षरों में ‘Forty Two’ लिखा गया है, जबकि साइड पैनल पर ‘42’ का नंबर दिया गया है. यह डिटेल्स इसे बाकी कलर वेरिएंट्स से अलग बनाती हैं. इंजन और अन्य पार्ट्स को ब्लैक पेंट से फिनिश किया गया है, जिससे बाइक को फैक्ट्री कस्टम जैसा लुक मिलता है. मैकेनिकल तौर पर नई आइवरी जावा 42 में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें 294.7 सीसी का लिक्विड-कूल्ड इंजन मिलता है. जो 27 बीएचपी की पावर और 26.84 न्यूटर मीटर (Nm) का टॉर्क जेनरेट करता है. इंजन के साथ छह-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है, जिसमें असिस्ट और स्लिपर क्लच की सुविधा भी मिलती है. बाइक डबल क्रैडल फ्रेम पर बनी है और इसमें आगे टेलिस्कोपिक फोर्क तथा पीछे ट्विन शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं. हाई-स्पेक वेरिएंट में अलॉय व्हील मिलते हैं, जबकि ग्राहक वायर-स्पोक रिम्स का विकल्प भी चुन सकते हैं. वारंटी और सर्विस सपोर्ट Jawa Yezdi की ओनरशिप एश्योरेंस प्रोग्राम के तहत जावा 42 के साथ 4 साल या 50,000 किलोमीटर की स्टैंडर्ड वारंटी दी जाती है. इसके अलावा ग्राहक कुछ और पैसे खर्च कर एक्सटेंडेड वारंटी भी ले सकते हैं. जिसके बाद कुल वारंटी 6 साल तक की हो जाएगी. इसके अलावा बाइक पर 8 साल तक की रोडसाइड असिस्टेंस और 5 साल तक का एएमसी पैकेज भी उपलब्ध है, जो पूरे देश में लागू होता है.