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यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा: इंदौर एयरपोर्ट में नए टर्मिनल विस्तार और 200 अतिरिक्त सीटें

इंदौर  मध्य प्रदेश का सबसे अधिक व्यस्ततम इंदौर एयरपोर्ट जल्द ही सालाना एक करोड़ की यात्री संख्या से अपग्रेड होगा. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यहां अतिरिक्त टर्मिनल बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इंदौर के देवी अहिल्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वर्तमान में यात्री संख्या सालाना 40 लाख तक पहुंच गई है, जो लगातार नई-नई फ्लाइट शुरू होने और बढ़ते एयर ट्रैफिक के कारण लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि इंदौर एयरपोर्ट परामर्शदात्री समिति ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के समक्ष कई साल पहले इसके टर्मिनल के विस्तार का प्रस्ताव भेजा था. हालांकि मंत्रालय ने विकल्प के तौर पर पुराने टर्मिनल को अपग्रेड करने के लिए 50 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की थी जिससे पुराने टर्मिनल को अपग्रेड किया गया है. साथ ही इंदौर एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए 200 नई सीटें लगेंगी. 30% यात्री पुराने टर्मिनल से उड़ान भर सकेंगे समिति के अध्यक्ष सांसद शंकर लालवानी ने बताया, ''पुराने टर्मिनल के अपग्रेड होने से अब 30% यात्री पुराने टर्मिनल से उड़ान भर सकेंगे. इसके अलावा छोटे एटीआर विमान यहां से टेक ऑफ कर सकेंगे. वीआईपी मूवमेंट भी अब पुराने टर्मिनल से होगा, जिससे एयरपोर्ट पर यात्रियों को वीआईपी के कारण होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल सकेगी. उन्होंने बताया, ''जल्द ही यहां शासन स्तर पर जारी जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के बाद एक नए बड़े टर्मिनल का निर्माण भी प्रस्तावित है. इसके बाद इंदौर एयरपोर्ट की सालाना यात्री संख्या एक करोड़ तक पहुंच जाएगी.'' लालवानी ने बताया, ''अपग्रेड किए गए पुराने टर्मिनल का उद्घाटन अप्रैल माह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री द्वारा किया जाएगा. इसके पहले राज्य शासन द्वारा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी. वेटिंग एरिया का विस्तार, समर शेड्यूल में नई फ्लाइट इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर के वेटिंग एरिया में 200 अतिरिक्त सीटें लगाने का फैसला किया गया है. यह व्यवस्था अप्रैल 2026 तक पूरी तरह लागू कर दी जाएगी. विशेष रूप से त्योहारों, व्यावसायिक आयोजनों और पर्यटन सीजन के दौरान टर्मिनल में भीड़ की स्थिति बन जाती है. ऐसे में यात्रियों को बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिकता था, हालांकि अब अतिरिक्त सीटों के लगने से यात्रियों को प्रतीक्षा के दौरान अधिक आरामदायक अनुभव मिलेगा. इसके अलावा समर शेड्यूल में इंदौर से फिर नई डेस्टिनेशन के लिए उड़ान शुरू की जाएगी. इसके पहले एयरपोर्ट प्रबंधन एवं पुराने टर्मिनल पर लगातार यात्री सुविधा विकसित कर रहा है, जिन में अब एक मल्टी लेवल पार्किंग भी है. जिससे यहां ज्यादा गाड़ियां पार्क हो सकेंगी. वहीं भविष्य में एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी मेट्रो ट्रेन के स्टेशन से होगी, जिससे कि लोगों को एयरपोर्ट तक मेट्रो ट्रेन से भी आने की सुविधा मिल सकेगी.''

इंडियन वेल्स में वीनस विलियम्स को मिली वाइल्ड कार्ड एंट्री, 45 साल की उम्र में नई चुनौती

नई दिल्ली   दिग्गज अमेरिकी टेनिस खिलाड़ी और 7 बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स को इस साल के इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। टूर्नामेंट के आयोजकों ने वीनस को वाइल्ड कार्ड एंट्री दिए जाने की पुष्टि की है। 1-15 मार्च तक दक्षिणी कैलिफोर्निया में होने वाले इस टूर्नामेंट में वीनस विलियम्स एकल और डबल्स दोनों श्रेणियों में हिस्सा लेंगी। वाइल्ड कार्ड एंट्री मिलने से उत्साहित वीनस विलियम्स ने कहा, "इंडियन वेल्स वापस जाना और कैलिफोर्निया में अपने घर लौटना बहुत अच्छा है। जबरदस्त फैंस के सामने खेलने जैसा कुछ नहीं है। मैंने इतने सालों में यहां बहुत सारी यादें बनाई हैं। मैं आयोजकों की शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने मुझे वापस बुलाया।" पूर्व वर्ल्ड नंबर वन और चार बार की ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट विलियम्स ने पहले भी इंडियन वेल्स में काफी सफलता हासिल की है। वह तीन बार सेमीफाइनल तक पहुंची हैं। आखिरी बार 2024 में वाइल्ड कार्ड एंट्री के माध्यम से ही उन्होंने टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। 45 साल की विलियम्स ने 2026 का कैंपेन ऑस्ट्रेलियन ओपन से शुरू किया था। उन्हें वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी। हालांकि, वह पहले दौर से ही बाहर हो गई थीं, लेकिन ओपन एरा में ऑस्ट्रेलियन ओपन में हिस्सा लेने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड उन्होंने अपने नाम कर लिया। विलियम्स ने शुरुआती सेट में कड़ा मुकाबला जीता, लेकिन दूसरे सेट में डैनिलोविच ने बेसलाइन से वापसी की। सर्बियाई खिलाड़ी ने डिसाइडर में भी अपना नियंत्रण बनाए रखा, और अहम मौकों पर विलियम्स की सर्विस तोड़कर मैच अपने नाम कर लिया। हार के बावजूद, विलियम्स ने नौ एस और फर्स्ट-सर्व पॉइंट्स पर 71 प्रतिशत सफलता दर से सबको प्रभावित किया। हालांकि पांच डबल फॉल्ट महंगे साबित हुए। पिछले साल, वह पार्टनर लेयला फर्नांडीज के साथ यूएस ओपन डबल्स क्वार्टर-फाइनल में पहुंचीं थीं। इंडियन वेल्स टूर्नामेंट में वीनस के प्रदर्शन पर दुनियाभर के टेनिस फैंस की नजर रहेगी। 

24 फरवरी को भोपाल में कांग्रेस का महा आंदोलन: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का संयुक्त दौरा

भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 24 फरवरी को कांग्रेस का बड़ा किसान आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे हिस्सा लेंगे। कांग्रेस ने यह आंदोलन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में किया है। पार्टी का कहना है कि यह डील देश के किसानों के हितों के खिलाफ है और मध्यप्रदेश के कपास, सोयाबीन, मक्का और फल उत्पादक किसानों पर इसका खास असर पड़ेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि किसानों के लिए लड़ाई की शुरुआत मध्यप्रदेश से होगी। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन छह राज्यों में किया जाएगा। राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश से पार्टी ने तय किया है कि ट्रेड समझौते के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत मध्य प्रदेश से होगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि इस डील का सीधा असर सोयाबीन, कपास और मक्का उत्पादक किसानों पर पड़ेगा। उनके अनुसार, यह समझौता किसानों के आर्थिक हितों पर चोट करता है, इसलिए पार्टी इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर व्यापक जनआंदोलन खड़ा करेगी। किसानों के हक और अधिकारों के समर्थन में अभियान की शुरुआत जीतू पटवारी ने कहा है कि भोपाल का यह सम्मेलन केवल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यहीं से देशभर में किसानों के हक और अधिकारों के समर्थन में अभियान की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस नेतृत्व इसे किसानों के भविष्य और कृषि अर्थव्यवस्था से जुड़ा निर्णायक संघर्ष बता रहा है।  इस फैसले की घोषणा नई दिल्ली में कांग्रेस की उच्चस्तरीय बैठक में हुई, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मौजूद थे।कांग्रेस का यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और उनकी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

MP में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को सरकारी ठेका, CAG की रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासा

भोपाल  मध्य प्रदेश में वर्ष 2018 से 2023 के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा बनाई गई कई सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (CAG report) में खुलासा हुआ है कि कई जगह ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को ही निर्माण और मरम्मत का काम सौंपा गया। गुणवत्ताहीन सामग्री के उपयोग के कारण सड़कें बार-बार खराब हो रही हैं, जिससे आम जनता को लंबे समय तक परेशानी झेलनी पड़ रही है। खराब सड़कों की वजह से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है और वाहनों को भी समय से पहले नुकसान हो रहा है। विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट यह रिपोर्ट विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पेश की गई। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी सुरक्षित और प्रभावी सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने में पूरी तरह सफल नहीं रहा। कई परियोजनाएं तय समय सीमा में पूरी नहीं हुईं। दीर्घकालिक मास्टर प्लान के अभाव, भूमि अधिग्रहण और मंजूरी संबंधी अड़चनों के कारण कई कार्य अधूरे या विलंबित रहे। वित्तीय प्रबंधन और बजट उपयोग में भी कमियां सामने आईं। गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर रहा और कई स्थानों पर डिजाइन भी टिकाऊ नहीं पाई गई। सड़क सुरक्षा से जुड़े बैरियर और संकेतकों की भी कमी देखी गई। कैग की प्रमुख अनुशंसाएं कैग ने पीडब्ल्यूडी को कई सुधारात्मक कदम उठाने की सलाह दी है। विभाग को 10 वर्षीय मास्टर प्लान तैयार करने, डीपीआर पारदर्शिता के साथ बनाने और परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने की अनुशंसा की गई है। साथ ही, 20 प्रतिशत सामग्री का अनिवार्य परीक्षण, विलंब पर जुर्माना, अमानक कार्यों पर ठेकेदारों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और क्षेत्रीय प्रयोगशालाओं की स्थापना जैसे कदम उठाने की सिफारिश की गई है। कैग ने निविदा फाइलें उपलब्ध न कराने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की बात कही है। 

अलीगढ़ में शादी का तामझाम और डांसर के साथ फरार हुआ दूल्हा, कहानी में नया मोड़

अलीगढ़  अलीगढ़ के सराय इंतजाम अली इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पर एक शादी में डांस करने आई सोनी उर्फ शबनम नाम की युवती लड़की के भाई बिलाल के साथ फरार हो गई. लड़के के परिजनों का कहना है कि युवती सोनी विवाह और पार्टियों में डांस करने के दौरान युवकों से संपर्क बढ़ाती है, फिर धीरे-धीरे उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसा लेती है. इसके बाद पैसों की मांग और दबाव का सिलसिला शुरू हो जाता है. परिवार का आरोप है कि युवती अपने पहले प्रेमी की भी हत्या कर चुकी है. परिवार ने युवक बिलाल के गायब होने की पुलिस में शिकायत दी है जिस पर पुलिस ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है. दरअसल, गांधी पार्क थाना इलाके के सराय इंतजाम अली के रहने वाले बिलाल की शादी 3 दिसंबर 2025 को मुस्लिम रीति रिवाज से गुलिस्ता से हुई थी. 5 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी थी उससे पहले 4 दिसंबर को बिलाल की बहन की शादी के मेहंदी कार्यक्रम में नाच गाने के लिए 2 डांसर को बुलवाया गया था जिसमें से एक डांसर सोनी उर्फ शबनम निवासी शाह जमाल भी थी.  कार्यक्रम के बाद जब सोनी को वापस छोड़ने की बात आई तो बिलाल भी उसको छोड़ने के लिए गया. वहां न जाने ऐसा क्या हुआ कि बिलाल और सोनी के बीच नजदीकियां बढ़ गईं. दोनों ने एक दूसरे के नंबर ले लिए और अक्सर बातचीत करते थे.  परिवार में अक्सर गृहक्लेश करने लगा. बिलाल की पत्नी गुलिस्ता ने जब उसका फोन चेक किया तो पता चला कि वह सोनी से ही घंटों घंटों बात करता था और एक दिन ऐसा आया कि बिलाल कहीं चला गया.  मामले में नया मोड़ तब आया जब 11 फरवरी की शाम जयपुर के एक होटल से जुड़ा एक वीडियो सामने आया. वीडियो में सोनी और युवक बिलाल साथ दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो के सामने आने के बाद युवक की पत्नी गुलिस्ता ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.  परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीते वर्ष डांसर सोनी के एक कथित प्रेमी का शव कब्रिस्तान में दबा हुआ मिला था, जिसे लेकर भी कई सवाल उठे थे. हालांकि उस मामले की जांच की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है. गुलिस्ता का कहना है कि उसके परिवार को तोड़ने की साजिश रची गई है और उसे इंसाफ चाहिए. वह अपने पति के साथ रहना चाहती है. उसे डर है कि सोनी उसके पति के साथ कुछ कर ना दे. उसका पति घर आ जाये. परिवार के सभी लोग सहमे हुए हैं और वह चाहते हैं कि उनका बेटा बिलाल सही सलामत घर आ जाए. पुलिस ने गुलिस्तां की शिकायत पर मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली है.  

भारत का सेमीफाइनल सपना: कितने मैचों की जरूरत और कौन सी टीम है सबसे मजबूत चुनौती

नई दिल्ली  आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए सुपर 8 में जगह बनाई है. अब टीम के सामने तीन और मुकाबले हैं जिसे जीतकर सूर्यकुमार यादव अपने अजय रथ को सेमीफाइनल तक पहुंचाना चाहेंगे. हालांकि ये इतना आसान नहीं होने वाला है. टीम इंडिया के सामने साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से होना है. तीनों टीमें दमदार है और कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी. फैंस के मन में ये सवाल जरूर होगा कि सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम को कितने मुकाबले जीतने होंगे. भारत ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में अब तक शानदार खेल दिखाया है. ग्रुप स्टेज में बिना एक भी मैच हारे टीम सुपर 8 में पहुंची है. यूएई के खिलाफ भारत 29 रन से जीता इसके बाद नामीबिया को 93 रन से हराया. इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ 61 रन की शानदार जीत हासिल की. आखिरी ग्रुप मुकाबले में नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया. सुपर 8 में किन टीमों से भारत के मुकाबले रविवार, 22 फरवरी- भारत बनाम साउथ अफ्रीका, नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद), शाम 7 बजे गुरुवार, 26 फरवरी- भारत बनाम जिम्बाब्वे, एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेन्नई), शाम 7 बजे रविवार, 01 मार्च- भारत बनाम वेस्टइंडीज, ईडन गार्डन्स (कोलकाता), शाम 7 बजे भारतीय टीम के लिए सुपर 8 की चुनौती आसान नहीं होने वाली. साउथ अफ्रीका के साथ पहला मुकाबला है और इसे सबसे खतरनाक माना जा रहा है. जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीम भी कड़ी टक्कर देगी. जानकार असली खतरा साउथ अफ्रीका को ही मान रहे हैं. कितने मैच जीतकर सेमीफाइनल में मिलेगी एंट्री? टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 के लिए दो ग्रुप बनाए गए हैं. टूर्नामेंट के शुरुआत में 20 टीमों के 4 ग्रुप बनाए गए थे जिसमें 5-5 टीमों को रखा गया था. हर एक ग्रुप की टॉप 2 टीम सुपर-8 में पहुंची. इस राउंड में टीम इंडिया अगर अपने 3 में से तीनों मैच जीत लेती है तो फिर सीधा सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा. 3 में से 2 मुकाबले जीतकर भी भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच सकती है लेकिन इसका फैसला ग्रुप की बाकी टीमों के नेट रन रेट से तय होगा. अंतिम चार में जगह बनाने के लिए हर टीम को कम से कम दो मैच जीतना जरूरी है. नेट रन रेट होगा सबसे अहम भारतीय टीम ने अब तक तीनों मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की है और इस ग्रुप में उसका नेट रन रेट सबसे बेहतर है. भारत का नेट रन रेट 2.5 से ऊपर है जबकि साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज 2 अंकों से भी पीछे है. आसान शब्दों में समझें तो अगर टीम इंडिया सुपर-8 में दो मैच में जीत पाती है तो उसके 4 अंक होंगे. जिस टीम को भारत के बराबर अंक होंगे उसके साथ नेट रन रेट में सूर्यकुमार यादव की टीम को आगे रहना होगा. तभी मिलेगी सेमीफाइनल का टिकट

उत्तर प्रदेश सरकार का तंबाकू विरोधी फैसला: सरकारी दफ्तर होंगे तंबाकू मुक्त, स्कूलों में एंटी-टोबैको पाठ्यक्रम लागू

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तंबाकू के बढ़ते प्रभाव को रोकने और युवा पीढ़ी को इसके चंगुल से बचाने के लिए एक 'ब्लूप्रिंट' तैयार किया है। अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को 'तंबाकू मुक्त क्षेत्र' (Tobacco Free Zone) घोषित किया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षण संस्थानों की मान्यता के लिए अब तंबाकू मुक्त परिसर के नियमों का पालन करना अनिवार्य शर्त होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई 'राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम' की बैठक में राज्य स्तरीय समन्वय समिति ने कई फैसलों पर मुहर लगाई। तंबाकू की दुकानों के बीच 500 मीटर की दूरी का प्रस्ताव राज्य सरकार अब तंबाकू की उपलब्धता को कम करने के लिए लाइसेंसिंग व्यवस्था को और सख्त करने जा रही है। मुख्य सचिव ने प्रस्ताव दिया है कि:     दो तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों के बीच कम से कम 500 मीटर की दूरी सुनिश्चित करने के नियम पर विचार किया जाए।     बिना वैध लाइसेंस के तंबाकू बेचना अब और भी मुश्किल होगा। स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे दुष्प्रभाव मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि तंबाकू के खिलाफ जंग की नींव बचपन में ही रखनी होगी। इसके लिए रणनीति तैयार की गई है:     प्राथमिक स्तर से ही तंबाकू के दुष्प्रभावों को पढ़ाई और सह-पाठ्यक्रम (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।     सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विशेष अभियान चलाए जाएंगे, ताकि तंबाकू के साथ जुड़े 'तथाकथित ग्लैमर' के भ्रम को तोड़ा जा सके।     किसी भी नए शिक्षण संस्थान को मान्यता तभी मिलेगी, जब वह 'तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान' के कड़े दिशानिर्देशों का पालन करेगा। मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे 'तंबाकू निषेध केंद्र' स्वास्थ्य ढांचे को और प्रभावी बनाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं:     चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे हर मरीज को तंबाकू छोड़ने की प्रभावी सलाह दे सकें।     सभी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एक तय समय सीमा के भीतर 'तंबाकू निषेध केंद्र' (Cessation Centers) स्थापित किए जाएंगे।     तंबाकू के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत बच्चों से ही करनी होगी। युवाओं में इसके बढ़ते आकर्षण को रोकने के लिए हमें इसके ग्लैमरस विज्ञापन वाले चेहरे को बेनकाब करना होगा।- एसपी गोयल, मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश बैठक में ये रहे मौजूद इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त रोशन जैकब सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में 'कोटपा' (COTPA) अधिनियम, 2003 के प्रभावी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।  

भारत का सुरक्षा दायरा मजबूत, इजरायल से खरीदेंगे नया डिफेंस सिस्टम — S-400 के बाद अगला बड़ा कदम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते इजरायल के दो दिवसीय दौरे पर जाने वाले हैं. 25–26 फरवरी को होने वाले इस इजरायल दौरे से पहले भारत की रक्षा तैयारियों को लेकर बड़ी तस्वीर साफ होती दिख रही है. भारत अब रूसी एयर डिफेंस सिस्टम S-400 के साथ-साथ इजरायल के अत्याधुनिक मिसाइल और लेज़र आधारित रक्षा सिस्टम को भी अपने सुरक्षा ढांचे में शामिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसका मकसद साफ है देश को लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और आधुनिक हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित करना. भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक और रक्षा सहयोग पहले से ही काफी मजबूत है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत आने वाले वर्षों में करीब 10 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. वैसे तो पीएम मोदी की दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बीच किसी नई डिफेंस डील पर हस्ताक्षर नहीं होंगे, लेकिन सुरक्षा सहयोग पर एक अहम समझौता (MoU) तय माना जा रहा है. रक्षा सहयोग को लेकर बातचीत लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और अब इसे और गहराई देने की तैयारी है. वैसे तो दोनों पक्ष इस यात्रा को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में इजरायल भारत को अपनी सबसे हाईटेक रक्षा तकनीकों तक पहुंच देने पर सहमत हो गया है. इनमें हाई-टेक लेज़र डिफेंस सिस्टम, लॉन्ग रेंज स्टैंड-ऑफ मिसाइलें और ड्रोन रोधी तकनीक शामिल हैं. यह वही तकनीक है जिसे इजरायल अब तक बेहद सीमित देशों के साथ साझा करता रहा है. हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विस्तारित रक्षा सहयोग की नींव पिछले साल नवंबर में रक्षा सचिव आरके सिंह के इजरायल दौरे के दौरान पड़ी थी, जब दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी. मिशन सुदर्शन की रीढ़ भारत इजरायल के साथ मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के संयुक्त विकास पर गंभीरता से काम कर रहा है. यह परियोजना मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका मकसद देश के भीतरी इलाकों को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है. इस क्षेत्र में इजरायल को वैश्विक लीडर माना जाता है. उसके पास लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए एरो मिसाइल सिस्टम है, मध्यम दूरी के खतरों के लिए डेविड स्लिंग और रॉकेट या ड्रोन हमलों के लिए आयरन डोम हैं. भारत लंबी दूरी से मार करने वाली मिसाइलों और लोइटरिंग म्यूनिशन की खरीद भी बढ़ा रहा है, जिन्हें हवा, जमीन और समुद्र से दुश्मन की एयर डिफेंस रेंज से बाहर रहकर लॉन्च किया जा सकता है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने इजरायली तकनीक से लैस हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तान के भीतर गहरे तक सटीक हमले किए थे. इस श्रेणी में भारत जिन हथियार प्रणालियों को शामिल करने की तैयारी में है, उनमें Spice-1000 ग्लाइड बम, Rampage एयर-टू-सर्फेस मिसाइल, Air LORA एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल और Ice Breaker लॉन्ग रेंज मिसाइल सिस्टम शामिल हैं. इसके अलावा भारतीय नौसेना अपने युद्धपोतों की सुरक्षा के लिए विस्तारित रेंज वाली Barak सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली भी लेना चाहती है. अभेद्य होगा भारत का सुरक्षा कवच रूस से खरीदे गए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम पहले ही भारत को लंबी दूरी की हवाई निगरानी और इंटरसेप्शन क्षमता दे चुके हैं. अब इजरायल की लेज़र और मिसाइल आधारित प्रणालियों के साथ मिलकर भारत की हवाई सुरक्षा एक बहुस्तरीय, मल्टी-डोमेन शील्ड में बदल जाएगी. इसका मतलब यह है कि दुश्मन की मिसाइल, ड्रोन या फाइटर जेट… किसी के लिए भी भारतीय सीमा भेदना बेहद मुश्किल होगा. प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के करीबी रिश्तों और आतंकवाद के खिलाफ समान रुख के चलते दोनों देश रणनीतिक, तकनीकी और रक्षा मोर्चे पर एक ही आवाज में बात कर रहे हैं. रक्षा के अलावा इस दौरे में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कृषि, स्वच्छ पेयजल और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. कुल मिलाकर, रूस के S-400 और इजरायल की अत्याधुनिक मिसाइल व लेज़र रक्षा तकनीक के साथ भारत धीरे-धीरे एक ऐसे सुरक्षा किले में तब्दील होता दिख रहा है, जहां आसमान से आने वाला हर खतरा पहले ही बेअसर कर दिया जाएगा.  

वर्ल्ड कप से अभिषेक की छुट्टी तय? कप्तान सूर्या ने सुपर-8 के लिए रणनीति का किया खुलासा

अहमदाबाद टीम इंडिया के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 मुकाबले से पहले बड़ा बयान दिया है. अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूर्यकुमार ने साफ कर दिया कि टीम मैनेजमेंट को अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म की बिल्कुल भी चिंता नहीं है. भारत का सामना 22 फरवरी को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका से होगा. सुपर-8 चरण के इस अहम मुकाबले से पहले कप्तान ने टीम की रणनीति, पिच, बल्लेबाजी क्रम और संभावित बदलावों पर खुलकर बात की. अभिषेक शर्मा की फॉर्म पर क्या बोले कप्तान? कप्तान सूर्या ने अभिषेक शर्मा के लगातार तीन शून्य पर आउट होने को लेकर उठ रहे सवालों को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, हमें कोई चिंता नहीं है. जो लोग अभिषेक की फॉर्म को लेकर चिंता कर रहे हैं, मैं उनके लिए चिंतित हूं कि वे क्यों चिंतित हैं. कप्तान ने आगे कहा कि यह टीम गेम है और ऐसे दौर हर खिलाड़ी के करियर में आते हैं. पिछले साल अभिषेक ने हमें संभाला था, इस बार अगर वह रन नहीं बना पा रहे हैं तो हम उनके लिए रन बना लेंगे. बता दें कि अभिषेक शर्मा अब तक तीन मैचों में खाता भी नहीं खोल पाए हैं. एक मुकाबला उन्होंने पेट की बीमारी के कारण मिस किया था. बावजूद इसके, सुपर-8 में उनकी जगह बरकरार रहने की पूरी संभावना है. पिच और परिस्थितियों पर भरोसा पिच को लेकर सूर्यकुमार ने कहा कि टीम हर तरह की परिस्थितियों के लिए तैयार है. उन्होंने माना कि विकेट ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं थे, लेकिन टीम ने हालात के मुताबिक खुद को ढालने की कोशिश की है. उन्होंने यह भी कहा कि बल्लेबाजी में परिस्थिति का सम्मान करना जरूरी है. हमारे पास पर्याप्त कौशल है. कभी-कभी स्थिति के अनुसार खेलना पड़ता है. हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो मैच का रुख बदल सकते हैं. ऑफ स्पिन के खिलाफ रणनीति ऑफ स्पिन के खिलाफ संघर्ष के सवाल पर कप्तान ने कहा कि टीम ने काफी क्रिकेट खेली है और उन्हें पता है कि ऐसी गेंदबाजी का सामना कैसे करना है. उन्होंने माना कि टीम ने रणनीति में बदलाव कर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की है. क्या संजू सैमसन को मौका मिलेगा? जब प्लेइंग इलेवन में बदलाव और संजू सैमसन को शामिल करने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो सूर्यकुमार हंस पड़े. उन्होंने कहा कि क्या अभी अभिषेक को हटा दूं? या तिलक को? उन्होंने साफ किया कि टीम संयोजन फिलहाल संतुलित है और बिना ठोस कारण के बदलाव नहीं होगा. तिलक वर्मा को ओपनिंग पर भेजने का सवाल तिलक को ओपनिंग पर भेजने के विकल्प पर कप्तान ने कहा कि यह पूरी तरह मैच की स्थिति पर निर्भर करेगा. उन्होंने कहा, अगर ओपनर अच्छी शुरुआत नहीं देते तो हमें अपनी गति बदलनी होती है. विकेट नहीं गंवाने हैं, नहीं तो निचले क्रम पर दबाव बढ़ेगा. मुझे अपने गेंदबाजों पर भरोसा है कि वे 180-190 का स्कोर डिफेंड कर सकते हैं. अहम मुकाबले से पहले स्पष्ट संदेश टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारत का पहला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका से है. यह मैच आगे की राह तय करने में अहम होगा. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने बयान से साफ कर दिया है कि टीम दबाव में नहीं है और खिलाड़ियों पर पूरा भरोसा रखती है.

रेलवे की होली स्पेशल ट्रेनें: त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ के बीच अब आसानी से घर पहुंचे

रतलाम  होली के त्योहार पर अपने घर जाने का प्लान बना रहे लोगों को यदि ट्रेनों में जगह नहीं मिल रही है, तो चिंता की कोई बात नहीं है. रेलवे यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 5 जोड़ी होली स्पेशल ट्रेन चलाने जा रहा है. रतलाम रेल मंडल के विभिन्न स्टेशनों से यह होली स्पेशल ट्रेन गुजरेगी. मुंबई, वडोदरा, सूरत और प्रयागराज, बनारस, पटना के लिए चलने वाली यह स्पेशल ट्रेन 22 फरवरी से 29 मार्च के मध्य संचालित की जाएंगी. रतलाम मंडल से होकर चलेगी होली स्‍पेशल ट्रेनें डॉ. अंबेडकर नगर – पटना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 09343, डॉ. अंबेडकर नगर – पटना साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन हर गुरुवार को 18:00 बजे डॉ. अंबेडकर नगर से चलकर अगले दिन शाम 18:30 बजे पटना पहुंचेगी. यह ट्रेन डॉ. अम्बेडकर नगर से 26 फरवरी 2026 से 26 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह गाड़ी पटना – डॉ. अंबेडकर नगर स्पेशल (09344) हर शुक्रवार को 21:30 बजे पटना से चलकर शनिवार की रात 23:55 बजे डॉ. अंबेडकर नगर पहुंचेगी . यह ट्रेन पटना से 27 फरवरी 2026 से 27 मार्च 2026 तक चलेगी. इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में इंदौर, फतेहाबाद चंद्रावतीगंज, उज्जैन, मकसी, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुरवारा, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पं. दीन दयाल उपाध्याय, बक्सर, आरा एवं दानापुर स्टेशनों पर ठहराव रहेगा. मुंबई सेंट्रल – बनारस साप्ताहिक एसी स्पेशल ट्रेन संख्या 09183, मुंबई सेंट्रल – बनारस स्पेशल हर बुधवार को 22:30 बजे मुंबई सेंट्रल से चलकर शुक्रवार को सुबह 10 :30 बजे बनारस पहुंचेगी. यह ट्रेन 04 मार्च से 25 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह ट्रेन बनारस– मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09184) हर शुक्रवार को 14:30 बजे बनारस से चलकर रविवार को सुबह 4:20 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 06 मार्च से 27 मार्च 2026 तक चलेगी. इस ट्रेन का दोनों दिशाओं में बोरीवली, पालघर, वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, अछनेरा, आगरा ईदगाह, टूंडला, शिकोहाबाद, मैनपुरी, भोगांव, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, जंघई एवं भदोही स्टेशनों पर ठहराव रहेगा. मुंबई सेंट्रल – कटिहार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09189, मुंबई सेंट्रल – कटिहार साप्ताहिक स्पेशल हर शनिवार को 10:55 बजे मुंबई सेंट्रल से चलकर सोमवार को सुबह 07:30 बजे कटिहार पहुंचेगी. यह ट्रेन 21 फरवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में कटिहार – मुंबई सेंट्रल स्पेशल (09190) हर मंगलवार को 00:15 बजे कटिहार से प्रस्थान कर बुधवार शाम 18:40 बजे मुंबई सेंट्रल पहुंचेगी. यह ट्रेन 24 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में बोरीवली, वापी, वलसाड, भरूच, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम नगर, विदिशा, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा, मनकापुर, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया एवं नौगछिया स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09189 का सूरत स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. वडोदरा – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन संख्या 09111, वडोदरा – गोरखपुर साप्ताहिक स्पेशल हर सोमवार को 19:00 बजे वडोदरा से चलकर कर अगले दिन 23:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी. यह ट्रेन 23 फरवरी 2026 से 23 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में गोरखपुर – वडोदरा स्पेशल(09112) हर बुधवार को 05:00 बजे गोरखपुर से चलकर अगले दिन सुबह 10:35 बजे वडोदरा पहुंचेगी. यह ट्रेन 25 फरवरी 2026 से 25 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में गोधरा, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, आगरा फोर्ट, टुंडला, शिकोहाबाद, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा एवं बस्ती स्टेशनों पर रुकेगी. वडोदरा – मऊ साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन संख्या 09195, वडोदरा – मऊ साप्ताहिक सुपरफास्ट स्पेशल हर शनिवार को 19:00 बजे वडोदरा से चलकर अगले दिन 20:45 बजे मऊ पहुंचेगी. यह ट्रेन 21 फरवरी 2026 से 28 मार्च 2026 तक चलेगी. वापसी में यह ट्रेन मऊ – वडोदरा स्पेशल (09196) हर रविवार को 23:15 बजे मऊ से प्रस्थान कर मंगलवार को 00:45 बजे वडोदरा पहुंचेगी. यह ट्रेन 22 फरवरी 2026 से 29 मार्च 2026 तक चलेगी. यह ट्रेन दोनों दिशाओं में दाहोद, रतलाम, कोटा, बयाना, आगरा फोर्ट, टुंडला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर एवं वाराणसी स्टेशनों पर रुकेगी. ट्रेन संख्या 09195 का गोधरा स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव होगा. होली स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग हो चुकी है शुरू रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि "होली स्पेशल ट्रेन संख्या 09343, 09183, 09189, 09111 और 09195 की बुकिंग सभी पीआरएस काउंटरों तथा आईआरसीटीसी वेबसाइट पर शुरू हो चुका है. इन ट्रेनों के ठहराव सहित अन्य विस्तृत जानकारी के लिए यात्री www.enquiry.indianrail.gov.in पर विजिट कर सकते हैं."