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टॉयसन की राह पर CRPF के K9 सोल्जर्स, आतंक के खिलाफ तैयार खास फोर्स

नई दिल्ली भारत की सुरक्षा में तैनात जवानों की बहादुरी की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन कई बार असली हीरो वो होते हैं जो बोल नहीं सकते, फिर भी देश के लिए जान जोखिम में डाल देते हैं. ऐसी ही एक इंस्‍पायरिंग स्‍टोरी है टायसन की, जो भारतीय सेना की एलीट यूनिट 2 पैरा स्‍पेशल फोर्सेस का हाईली ट्रेंड के9 सोल्‍जर है. जम्‍मू-कश्‍मीर के हॉस्‍टाइल टेरेन में हुए एक हाई-रिस्‍क काउंटर-टेरर ऑपरेशन के दौरान टायसन ने जो साहस दिखाया, उसने साबित कर दिया कि बैटलफील्‍ड में करेज किसी इंसान या जानवर की पहचान से नहीं, बल्कि उसकी ट्रेनिंग और डेडिकेशन से तय होता है. क्‍यों मिसाल बनी ऑपरेशन में टायसन की बहादुरी?     जम्‍मू-कश्‍मीर में इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर 2 पैरा एसएफ को एक टेररिस्‍ट हाइडआउट की जानकारी मिली थी. इलाके का टेरेन बेहद चैलेंजिंग था. ऊंचे पहाड़, घने जंगल और खराब मौसम ने इस ऑपरेशन को बेहद मुश्किल बना दिया था. .     आतंकियों के पास मॉर्डन वैपेंस की मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को बेहद हाई-रिस्‍क ऑपरेशन बना दिया था. स्‍पेशल फोर्सेस ने हाइडआउट को कॉर्डन किया और टायगर को आगे बढ़ने का इशारा दिया गया. मिलिट्री के9 को अक्सर फर्स्‍ट कॉन्‍टैक्‍ट रोल में डिप्‍लॉय किया जाता है क्योंकि उनकी सेंसिंग एबिलिटी इंसानों से कई गुना तेज होती है.     टायसन बिना किसी हेजिटेशन के हाइडआउट की ओर चार्ज कर गया. उसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज और एक्‍सप्‍लोजन के बीच भी टायसन पीछे नहीं हटा. ऑपरेशन के दौरान टायसन को गोली लग गई, बावजूद इसके उसने मिशन नहीं छोड़ा.     उसकी मौजूदगी और ट्रैकिंग कैपेबिलिटी ने कमांडोज को आतंकियों की एक्‍जैक्‍ट पोजिशन पहचानने में मदद की. इसके बाद 2 पैरा एसएफ ने डिसाइसिव असॉल्‍ट किया और तीन आतंकियों को मार गिराया, जिनमें आतंकी सैफुल्‍लाह भी शामिल था.     ऑपरेशन पूरा होने के बाद टायसन को तुरंत एयरलिफ्ट किया गया और एडवांस्‍ड मेडिकल केयर दी गई. अब उसकी कंडीशन स्‍टेबल है. तरालु से शुरू हुई थी टायसन की ट्रेनिंग जर्नी     टायसन की जांबाजी के पीछे कई महीनों की इंटेंस ट्रेनिंग है, जो उसने सीआरपीएफ के डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में हासिल की थी.     कर्नाटक के तरालु में स्थित इस प्रीमियर इंस्‍टीट्यूशन में टायसन ने 7 फरवरी 2022 से 22 दिसंबर 2022 तक ट्रेनिंग ली. यहां डॉग्स को सिर्फ कमांड्स ही नहीं, बल्कि कॉम्‍बैट बिहेवियर भी सिखाया जाता है.     यहां के9 टीम्स को मल्‍टी-टास्किंग रोल्‍स के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें इन्‍फैंट्री पेट्रोल, एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन, असॉल्‍ट ऑपरेशंस, ट्रैकिंग एंड सर्च मिशन शामिल हैं.     सीआरपीएफ के इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल की शुरूआत 27 अगस्‍त 2011 को सिर्फ 15 पप्‍स और 6 ब्रीडिंग डॉग्स से हुई थी. बेंगलुरु सिटी सेंटर से लगभग 25 किलोमीटर दूर यह कैंपस मॉडर्न फैसिलिटीज से लैस है.     यहां बेल्जियन शेफर्ड मलिनोइस और डच शेफर्ड जैसी एलीट ब्रीड्स को पुलिस सर्विस के9 के तौर पर प्र‍िशिक्षत किया जाता है. आरपीएफ अब तक अपने इस सेंटर में 1377 से अधिक के9 टीम्स ट्रेंड कर ऑपरेशन एरिया में डिप्‍लॉय कर चुकी है. सीआरपीएफ ने खड़ी की K9 सोल्‍जर्स और हैंडलर्स की फौज     सीआरपीएफ के अनुसार, दिसंबर 2025 तक डीबीटीएस ने 1377 K9 सोल्‍जर्स की फौज खड़ी कर ऑपरेशन एरिया में तैनात कर दिया है. साथ ही, 824 डॉग हैंडलर्स और 183 मास्‍टर ट्रेनर्स को भी प्रशिक्षित किया गया है.     बेंगलुरु स्थित इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में अब तक 1431 पप्‍स ब्रीड किए गए हैं. इन के9 सोल्‍जर्स ने देशभर में ऑपरेशंस (Operations) के दौरान 6207 किलो से अधिक एक्‍सप्‍लोसिव्स रिकवर करने में मदद की है.     ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2018 के दौरान सीआरपीएफ के डीबीटीएस में ट्रेंड के9 बैशा डॉग ने नारकोटिक डिटेक्‍शन ब्रॉन्‍ज मेडल मेडल जीता था.     के9 जुबान डॉग ने नेशनल काउंटर-IED एक्‍सरसाइज में फर्स्‍ट पोजिशन हासिल किया था. इसके अलावा, के9 रेमो डॉग ने एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन में ब्रॉन्‍ज मेडल हासिल किया था.     सीआरपीएफ के9 डैनबी और के9 वास्‍ट डॉग को पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 सिक्‍योरिटी फ्रेमवर्क में शामिल किया गया था. वहीं, के9 बैशा ने ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2025 में गोल्‍ड मेडल जीता था. क्या डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय ब्रीड के डॉग्‍स को भी ट्रेंड किया जाता है? डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में फॉरेन ब्रीड्स के साथ-साथ अब इंडिजिनस यानी भारतीय डॉग ब्रीड्स को भी ऑपरेशनल रोल्स के लिए तैयार किया जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट्स के तहत मुधोल हाउंड, कोंबाई, मोंग्रेल और पंडिकोना जैसी भारतीय नस्लों के डॉग्‍स को ट्रेन किया जा रहा है. इन डॉग्स की खासियत यह है कि ये भारतीय मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में आसानी से एडॉप्ट हो जाते हैं. इन्हें ट्रैकिंग, सर्विलांस और सिक्योरिटी ऑपरेशन्स जैसे ऑपरेशंस के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे ये फोर्स मल्टिप्लायर्स के रूप में उभर रहे हैं. सेना या फोर्स से रिटायर होने वाले डॉग्‍स का क्‍या होता है? ओपेरा — सीनियर के9 केयर सेंटर एक विशेष फैसिलिटी है, जिसे नवंबर 2024 में शुरू किया गया ताकि सर्विस डॉग्स को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन मिल सके. ये डॉग्स अपने करियर के दौरान कई हाई-रिस्क मिशंस और ऑपरेशन्स का हिस्सा रहते हैं, इसलिए उनकी रिटायरमेंट लाइफ की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इस सेंटर में उन्हें सुरक्षित शेल्टर, नियमित मेडिकल केयर और वेटरनरी सपोर्ट दिया जाता है.

इंदौर-उज्जैन फोर लेन रोड निर्माण पर सीएम का बयान, कहा– किसान हितों से नहीं होगा समझौता

इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन रोड निर्माण में किसान हित सर्वोपरि: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनेगा रोड किसानों के सुझावों को ध्यान में रखकर होगा निर्माण मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने माना आभार इंदौर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मेट्रो पॉलिटन सिटी इंदौर-उज्जैन भविष्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगा। इस नाते इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट भी किसानों के हित में उनके सुझाव के अनुरूप एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनाया जायेगा। जिन किसानों की भूमि प्रभावित होगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के लिये शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार शाम उनके भेंट करने आये इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न ग्रामों के किसान प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का इंदौर और उज्जैन के किसान प्रतिनिधियों ने इंदौर उज्जैन ग्रीनफील्ड फोर लेन मार्ग का निर्माण कार्य किसानों के हित में करने के निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ रूपये की परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप और जनसुविधा देने के लिये फोर लेन मार्ग निर्मित किया जायेगा। उन्नत संरचना के अंतर्गत इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन का प्रावधान है। परिवहन तेज और सुरक्षित रहे इसके लिये प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन के इस पुराने मार्ग से जानापाव आने-जाने के लिये भी परिवहन होता रहा है। पूर्व के वर्षों में मार्ग के संकुचित होते जाने से जो दुर्घटनाएं होती रही हैं, वह सिलसिला अब थम जायेगा। किसानों से विचार विमर्श के पश्चात इस ग्रीन फील्ड फोर लेन मार्ग परियोजना के कार्यों को गति दी जा रही है। गत 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के पश्चात अन्य कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित करेगी। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।  

कीमती धातुओं में भूचाल: चांदी सस्ती, सोना लुढ़का और बाजार में हलचल

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) से लेकर शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स सेंसेक्स-निफ्टी (Sensex-Nifty) में गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही सुस्ती देखने को मिल रही है. बीते कारोबारी दिन तक तेज रफ्तार से भागती नजर आ रही चांदी, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर खुलने के साथ ही अचानक 5000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती (Silver Price Fall) हो गई, तो वहीं सोने का भाव भी धड़ाम (Gold Rate Fall) नजर आया. दूसरी ओर सेंसेक्स-निफ्टी की चाल बदली-बदली नजर आई, दोनों जोरदार तेजी के साथ खुले, लेकिन मिनटों में ये रफ्तार धीमी पड़ गई और रेड जोन में आ गए.  चांदी खुलते ही हुई इतनी सस्ती  कमोडिटी मार्केट में गुरुवार को सुस्ती देखने को मिल रही है. चांदी की अगर बात करें, तो MCX Silver Price अपने पिछले बंद भाव 2,78,364 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में ओपनिंग के साथ ही टूटकर 2,72,560 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया. इस हिसाब से 1 Kg Silver Price झटके में 5,804 रुपये कम हो गया. वहीं इस गिरावट के बाद अपने 29 जनवरी के हाई 4,20,048 रुपये से चांदी अभी भी 1,47,488 रुपये प्रति किलोग्राम तक सस्ती मिल रही है.  Gold Rate में भी आई नरमी चांदी के साथ ही सोना भी फिसला है. एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला वायदा सोना बीते कारोबारी दिन बुधवार को बंद 1,61,145 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने स्तर से फिसलकर 1,60,516 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ओपन हुआ. मतलब अचानक 10 Gram 24 Karat Gold 629 रुपये सस्ता हो गया. अगर हाई से सोने की कीमत में आई गिरावट पर गौर करें, तो चांदी की तरह सोना भी बीते 29 जनवरी को ही 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के लाइफ टाइम हाई पर पहुंचा था और वहां से अब तक ये कीमती पीली धातु 32,580 रुपये टूट चुकी है.  शेयर बाजार की बदली-बदली चाल सोना-चांदी की कीमतों में गुरुवार को जहां नरमी देखने को मिली है, तो वहीं शेयर बाजार की चाल भी बदली-बदली नजर आ रही है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स अपने पिछले बंद के मुकाबले जोरदार तेजी के साथ खुले और अगले ही पल रेड जोन में आ गए, इसके कुछ देर बाद फिर से ग्रीन जोन में ट्रेड करते दिखने लगे. BSE Sensex पिछले बंद 82,276 की तुलना में तेजी लेकर 82,418 के स्तर पर ओपन हुआ और फिर मिनटों में ही ये फिसलकर 82,244 के लेवल पर आ गया. इसके कुछ मिनटों बाद ही सेंसेक्स की चाल ने फिर कन्फ्यूज किया और 200 अंक चढ़ गया. ऐसा ही हाल NSE Nifty का भी दिखा. ये इंडेक्स पिछले बंद 25,482 के मुकाबले बढ़त लेकर 25,556 पर खुला और फिर 25,487 तक टूट गया. खबर लिखे जाने तक ये भी 50 अंक की बढ़त लेकर कारोबार कर रहा था. 

रफ्तार बनाम ताकत: वेस्टइंडीज बल्लेबाजों को दक्षिण अफ्रीका की स्पीड का इम्तिहान

अहमदाबाद टूर्नामेंट में अब तक अपराजेय रही वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका की टीमें टी20 विश्व कप सुपर आठ के मुकाबले में बृहस्पतिवार को आमने सामने होंगी तो आक्रामक कैरेबियाई बल्लेबाजों को बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण से पार पाना होगा। दक्षिण अफ्रीका ने खिताब की प्रबल दावेदार भारतीय टीम को पिछले मैच में इसी मैदान पर 76 रन से हराया था जबकि वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को मुंबई में 107 रन से मात दी। वेस्टइंडीज के पास बेहतरीन आक्रामक बल्लेबाज हैं जो अपने दम पर मैच जिताने का माद्दा रखते हैं। अब उनका सामना हालांकि दक्षिण अफ्रीका के ऐसे गेंदबाजी आक्रमण से होगा जिसने रविवार को भारतीय बल्लेबाजों को नाकों चने चबवा दिये थे। मार्को यानसेन, केशव महाराज, कैगिसो रबाडा और लुंगी एनगिडि ने मिलकर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज भी कमतर नहीं है और डेविड मिलर ने अक्सर संकटमोचक की भूमिका निभाई है। भारत के खिलाफ पावरप्ले में कई विकेट गंवाने के बाद उन्होंने पारी को संभाला। इस महा मुकाबले में व्यक्तिगत टक्कर पर भी नजरें होंगी मसलन शिमरोन हेटमायेर कैसे रबाडा की गेंदों को खेलते हैं या रोवमैन पॉवेल को महाराज की फिरकी कितना परेशान कर पाती है। मिलर का अनुभव बायें हाथ के स्पिनर अकील हुसैन के सामने कितना काम आता है या यानसेन की गेंदों की उछाल ब्रेंडन किंग को रास आती है या नहीं। यह मैच दिन में खेला जायेगा तो समीकरण अलग होंगे। ओस नहीं होने से टॉस का महत्व उतना नहीं रहेगा। पिच सूखी रहने से शुरूआत में ही स्पिनरों की भूमिका हो सकती है। दक्षिण अफ्रीका ने अपने अधिकांश मैच नरेन्द्र मोदी स्टेडियम पर ही खेले हैं जिससे टीम यहां के हालात में ढल चुकी है। इसका फायदा उसे इस महत्वपूर्ण मैच में मिल सकता है। वेस्टइंडीज अगर जीत जाता है तो भारत के लिये मुश्किलें खड़ी हो सकती है। इससे वेस्टइंडीज सेमीफाइनल में पहुंचने के करीब आ जायेगा और दक्षिण अफ्रीका को आखिरी सुपर आठ मैच में जिम्बाब्वे को हराना होगा। ऐसे में भारत को वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे दोनों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी। टीमें : वेस्टइंडीज: शाई होप (कप्तान), जॉनसन चार्ल्स, रोस्टन चेज़, मैथ्यू फोर्डे, शिम्रोन हेटमायर, जेसन होल्डर, अकील होसेन, शमर जोसेफ, ब्रैंडन किंग, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड। दक्षिण अफ्रीका: एडेन मार्क्रम (कप्तान), क्विंटन डीकॉक (विकेटकीपर), रयान रिकलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, मार्को यानसन, कैगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, केशव महाराज, कॉर्बिन बॉश, एनरिक नार्किया, क्वेना मफाका, जॉर्ज लिंडे, जेसन स्मिथ। मैच का समय : दोपहर तीन बजे से।  

ESIC:40 साल से अधिक उम्र वालों के लिए फ्री हेल्थ चेकअप, एक करोड़ लोगों को होगा लाभ

नई दिल्ली कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने एक करोड़ से ज्यादा लोगों को बड़ा तोहफा दिया है। दरअसल, ESIC ने मंगलवार को 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के अपने एक करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम की शुरुआत की है। अपनी स्थापना की 75वीं वर्षगांठ पर ESIC ने यह पहल शुरू की। बता दें कि ईएसआईसी की स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में करीब 3.8 करोड़ सदस्य हैं जिनमें से करीब एक करोड़ सदस्यों की उम्र 40 साल से अधिक है। फिलहाल ESIC के पास 166 अस्पताल, 17 मेडिकल कॉलेज और लगभग 1,600 डिस्पेंसरी का नेटवर्क है। क्यों लिया गया फैसला? पिछले वर्ष नवंबर में अधिसूचित नई श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के कामगारों की फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम कराना नियोक्ताओं के लिए अनिवार्य किया गया है। यही वजह है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने भी फ्री एनुअल हेल्थ चेकअप स्कीम को लॉन्च किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने श्रमिकों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच सुविधा शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम कामगारों के कल्याण को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि ESIC को 'सुधार एवं प्रदर्शन' का दृष्टिकोण अपनाते हुए सेवा वितरण में और सुधार के लिए सामूहिक संकल्प लेने चाहिए। मांडविया ने ESIC के अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने के मामले कम रखने के लिए आंतरिक सुविधाएं बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा ESIC को अपने मानकों को एम्स जैसे शीर्ष संस्थानों के स्तर तक ले जाने का लक्ष्य रखना चाहिए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ESIC के बीच समझौता इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और ईएसआईसी के बीच ईएसआई योजना को आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के साथ एकीकृत करने के लिए एक समझौता किया गया। इसका उद्देश्य समन्वित स्वास्थ्य सेवा वितरण को मजबूत करना और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं तक पहुंच का विस्तार करना है।ईएसआईसी ने गुणवत्ता आश्वासन और ईएसआईसी स्वास्थ्य सुविधाओं में मान्यता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशांकन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) के साथ एक और समझौता किया। बता दें कि ईएसआईसी 24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष सेवा पखवाड़ा मनाएगा ताकि स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण सेवाओं को बीमित श्रमिकों के करीब लाया जा सके। गतिविधियों में श्रमिकों के बीच व्यावसायिक रोगों का प्रारंभिक पता लगाने के लिए श्रम संहिता प्रावधानों के अनुरूप 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के बीमित व्यक्तियों के लिए दैनिक स्वास्थ्य जांच शिविर, सेमिनार, जागरूकता एवं स्वच्छता शिविर, प्राथमिक जीवन रक्षा प्रशिक्षण, स्वच्छता अभियान शामिल होंगे।

बस्तर में बेरोजगार युवाओं को मिलेगी 1500 पदों पर नौकरी, जल्द जारी होंगी भर्तियां

रायपुर ‘संकल्प’ थीम पर आधारित राज्य सरकार का बजट ‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को आगे बढ़ाने वाला बताया जा रहा है। इस बजट में शिक्षा, अधोसंरचना, औद्योगिक निवेश, कृषि आधारित उद्योग, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को केंद्र में रखकर मिशन मोड में काम करने की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। सरकार ने पांच नए मुख्यमंत्री मिशन प्रारंभ करने की घोषणा की है, जिनका उद्देश्य नीति से परिणाम तक स्पष्ट रणनीति के साथ समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। खासतौर पर बस्तर और सरगुजा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जहां रोजगार, शिक्षा और कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर है। शिक्षा और रोजगार पर विशेष जोर शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कुल बजट का 13.5 प्रतिशत प्रविधान स्कूल शिक्षा के लिए किया गया है। बस्तर के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी स्थापित की जाएंगी, जिससे दूरस्थ अंचलों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। बस्तर फाइटर्स में 1,500 नई भर्तियों से युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। औद्योगिक विकास और शहरी अधोसंरचना औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना हेतु 250 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। मुख्यमंत्री आदर्श शहर समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रुपये और भूमि विकास बैंक के सुदृढ़ीकरण के लिए भी 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर-जगदलपुर हवाई सेवा विस्तार से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। बस्तर-सरगुजा में कृषि और आजीविका फोकस कृषि आधारित उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बकरी, सूअर और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इंद्रावती नदी पर देवरगांव और मटनार बैराज के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा कुनकुरी, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा मेडिकल कॉलेजों के संचालन को गति दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार सुविधा भी लागू की जाएगी, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में अहम कदम माना जा रहा है।

मध्य प्रदेश में 25 लाख होम लोन पर सब्सिडी मिलेगी, जानिए क्या होगी शर्त

 सतना  मध्य प्रदेश के सतना में बैंकों की परामर्श दात्री एवं समीक्षा समिति की बैठक में लीड बैंक मैनेजर गौतम शर्मा ने बताया कि ऐसे लोग जिनकी वार्षिक आय 9 लाख रुपए से कम है और 25 लाख या उससे कम का होम लोन लिया है उन्हें सालाना 1.80 लाख रुपए का ब्याज अनुदान मिलेगा। इस ब्याज अनुदान योजना का लाभ सितंबर 2024 के बाद होम लोन लेने वालों को मिलेगा। 48 लोगों को मिला लाभ बैठक की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर डॉ सतीश कुमार एस ने जिले में योजना के पात्रों की संख्या पूछी, जिस पर बताया गया कि इस दायरे में सतना जिले के लगभग 500 ऋणधारक है। इसमें से 48 लोगों को योजना के तहत लाभ दिया जा रहा है। इन्हें ब्याज पर 1.80 लाख रुपए की छूट योजना के तहत मिलने लगी है। कलेक्टर ने सभी पात्र लोगों को योजना के लाभ से जोड़ने के निर्देश दिए। इस दौरान जिपं सीईओ शैलेन्द्र सिंह, आरबीआई भोपाल के जिला अग्रणी अधिकारी विनय मोरे सहित सभी बैंकों के बैंक मैनेजर और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। महिला हितग्राही होने पर मिल रहा फायदा हालांकि समीक्षा के दौरान एक बैंक प्रबंधक ने बताया कि व्याज अनुदान योजना में हितग्राही को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई थी। लेकिन जब इस योजना की फीडिंग की जाती है तो हितग्राही महिला नहीं होती है तो केस आगे नहीं बढ़ता है। लिहाजा योजना के लाभ महिला हितग्राही या फिर महिला सहखातेदार होने पर ही मिल पा रहा है। कलेक्टर ने इस मामले में शासन स्तर से मार्गदर्शन लेने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि पशुपालकों के लिए शुरू कामधेनु योजना के प्रकरण विभाग ने प्रस्तुत कर दिए हैं लेकिन ऋण वितरण की स्थिति न के बराबर है। एलडीएम ने कहा कि जल्द ही इंक्वायरी प्रोसेस पूरी की जाकर ऋण वितरण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएमएफएमई योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष जताया। इन बैंकों का कम मिला क्रेडिट-डिपॉजिट बैठक में जमा ऋण अनुपात (सीडी रेसियो) की समीक्षा की गई। नियमानुसार यह 60 फीसदी होना चाहिए, लेकिन कई बैंकों का काफी कम मिला। इसे सुधारने के निर्देश दिए गए। जिन बैंकों का जमा ऋण अनुपात कम रहा उनमें कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल रहे।

CG Budget: गजेंद्र यादव और विजय शर्मा के विभागों के लिए सबसे ज्यादा आवंटन, शिक्षा और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता

रायपुर राज्य सरकार के नए बजट में शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए बड़े पैमाने पर धनराशि आवंटित की गई है।बजट से स्पष्ट है कि सरकार सामाजिक सुरक्षा और आधारभूत ढांचे के बीच संतुलन बनाते हुए विकास को गति देना चाहती है। सबसे अधिक आवंटन स्कूल शिक्षा और पंचायत-ग्रामीण विकास जैसे विभागों को मिला है, जिससे गांवों, किसानों और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के विभाग को 22,360 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रामोद्योग और विधि विभाग भी उनके पास हैं। यह राशि शैक्षणिक ढांचे को मजबूत करने और नई योजनाओं को लागू करने में सहायक होगी। पंचायत और गृह विभाग का बड़ा बजट उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को पंचायत, ग्रामीण विकास एवं गृह विभाग के लिए कुल 24,940 करोड़ रुपये का संयुक्त आवंटन मिला है। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 16,560 करोड़ और गृह विभाग के लिए 8,380 करोड़ रुपये शामिल हैं। कृषि और जनकल्याण पर फोकस कृषि एवं आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम को 13,507 करोड़ रुपये मिले हैं। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल को 12,820 करोड़ रुपये का प्रावधान है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के विभाग को 11,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जिससे महिला कल्याण योजनाओं को बल मिलेगा।

योगी सरकार ने होली से पहले यूपी के छात्रों को दिया तोहफा, 38 लाख स्टूडेंट्स को मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में होली से पहले प्रदेश के छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात का ऐलान किया गया है. जिसमें कक्षा 9 और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि करने का फैसला लिया है. इस निर्णय से खास तौर पर पिछड़ा वर्ग के लाखों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा. सरकार के नए आदेश के अनुसार अब पिछड़ा वर्ग के छात्रों को तीन हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. पहले की तुलना में यह राशि बढ़ाई गई है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहारा मिलेगा. सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़कर रखना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है. छात्र हित में लिया गया फैसला प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस फैसले का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हुए कहा कि यह निर्णय छात्रों के हित में लिया गया है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे. छात्रवृत्ति की बढ़ी हुई राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जिससे पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी. 38 लाख छात्रों को मिलेगा लाभ सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के लगभग 38 लाख छात्र इस योजना से लाभान्वित होंगे. इससे न सिर्फ छात्रों को आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि उनके अभिभावकों पर भी आर्थिक बोझ कम होगा. होली से पहले आई इस घोषणा को सरकार की ओर से छात्रों के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है. शिक्षा के क्षेत्र में यह फैसला प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है, जिसमें युवाओं के भविष्य को मजबूत करना प्रमुख लक्ष्य है. पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए यह कदम बड़ा बताया जा रहा है.सरकार जनहित के फैसले लगातार ले रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिल सके.

‘रामायण सर्किट’ के तहत जबलपुर-गोंदिया रेल प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी, नक्सल मुक्त क्षेत्र को 5,236 करोड़ की सौगात

जबलपुर मध्य प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पीएम मोदी सरकार ने गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को सीधा लाभ मिलेगा। नक्सल प्रभावित बालाघाट के रेल परियोजना से जुड़ने से विकास के नए द्वार खुलेंगे। सीएम मोहन यादव ने केंद्र सरकार व मोदी कैबिनेट द्वारा  गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन परियोजना को स्वीकृति देने की जानकारी साझा करते हुए खुशी जताई है। उन्होंने एक्स पर जानकारी देते हुए पीएम और रेल मंत्री का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण परियोजना को आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। उन्होंने इस निर्णय को प्रदेश के लिए 'बड़ी सौगात' बताया है। सेवातीर्थ में पहली केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बता दें कि सेवातीर्थ में केन्द्र सरकार की पहली केबिनेट बैठक में आयोजित हुई। इसमें गोंदिया से जबलपुर रेलवे लाईन दोहरीकरण को मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट से लेकर नार्थ से साउथ तक का एक महत्वपूर्ण कॉरीडोर बताया है। इस दोहरीकरण का सबसे ज्यादा लाभ विकास के रूप में बालाघाट जिले मिलेगा। केंद्र ने इस रेललाइन के दोहरीकरण को मंजूरी प्रदान करते हुए 5236 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है। जाहिर है इस परियोजना के पूरे होने के बाद एमपी के विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। नक्सल मुक्त बालाघाट को मिलेगी नई गति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि नक्सल समस्या से मुक्त हो चुके बालाघाट जिले के लिए यह परियोजना जीवनदायिनी साबित होगी। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से यहां न केवल व्यापार और व्यवसाय बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज, मेजर और माईनर ब्रिज बनेंगे करीब 231 किलोमीटर के गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण का काम 5236 करोड़ रुपए से 5 साल में पूरा होगा। जिससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्यप्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को इसका लाभ मिलेगा। वन्यप्राणियों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास और फेसिंग में खर्च किए जाएंगे। साथ ही रेलवे दोहरीकरण के इस काम में नर्मदा नदी में एक बड़े ब्रिज के साथ ही मेजर और माईनर ब्रिज बनाए जाएंगे। परियोजना में एमपी को क्या-क्या मिलेगा, एक नजर     रामायण सर्किट में नार्थ से साउथ तक का कॉरीडोर बनेगा है     परियोजना की कुल लागत 5,236 करोड़ रुपए     रेल दोहरीकरण में लगभग 231 किलोमीटर लम्बाई पर काम होगा     परियोजनाओं को 5 वर्ष में कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया     एमपी के जबलपुर, मंडला, सिवनी, बालाघाट को मिलेगा लाभ     450 करोड़ रुपए की लागत से अंडरपास और फेसिंग में खर्च