samacharsecretary.com

भारत पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय रिश्तों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली   कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्नी का भारत का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा। चार दिवसीय भारत दौरे पर पीएम कार्नी दोनों देशों के संबंधों की मजबूती पर जोर देंगे। पीएम कार्नी कनाडा से रवाना हो चुके हैं और 27 फरवरी को वह मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिनों में वे अलग-अलग बिजनेस प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे और भारतीय तथा कनाडाई सीईओ, उद्योग एवं वित्तीय विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, शिक्षाविदों के साथ-साथ भारत में स्थित कनाडाई पेंशन फंड के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। पीएम कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। 2 मार्च को दोनों देशों के प्रधानमंत्री हैदराबाद हाउस में डेलीगेशन स्तर की बातचीत करेंगे। दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के अलग-अलग एरिया में अब तक हुए विकास की समीक्षा करेंगे, जो कनानास्किस (जून 2025) और जोहान्सबर्ग (नवंबर 2025) में हुई उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी। वे व्यापार और निवेश, ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स, कृषि, शिक्षा, शोध और नवाचार और लोगों के बीच संबंधों जैसे खास स्तंभों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी अपने विचार शेयर करेंगे। बाद में प्रधानमंत्री मोदी और पीएम कार्नी भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम कार्नी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-कनाडा के आपसी संबंध सामान्य होने के एक अहम मोड़ पर हैं। दोनों प्रधानमंत्री पहले एक-दूसरे की चिंताओं के लिए आपसी सम्मान, लोगों के बीच मजबूत संबंध और बढ़ती आर्थिक एक-दूसरे को पूरा करने वाली चीजों पर आधारित एक रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाली आने वाली मीटिंग, आगे की सोच वाली साझेदारी बनाने में भारत और कनाडा के सकारात्मक मोमेंटम और साझा दृष्टिकोण को फिर से पक्का करने का मौका देगी। कनाडाई सरकार ने कार्नी के भारत के लिए रवाना होने से पहले देश में हो रहे अपराध में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। कार्नी सरकार के अधिकारी ने भारत को क्लीन चिट देते हुए कहा कि कनाडा में हो रहे अपराध से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर इस तरह की गतिविधियां हो रही होतीं तो हम यह यात्रा बिल्कुल नहीं करते।

महिलाओं के लिए गृह आधार योजना, हर महीने 1500 रुपये की सहायता, पात्रता की पूरी जानकारी

नई दिल्ली केंद्र सरकार देश के अलग अलग वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाती है. जिनका मकसद आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक मजबूती देना है. इन योजनाओं का फायदा किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं तक पहुंचता है. खास तौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर अब ज्यादा फोकस किया जा रहा है. इसी दिशा में कुछ राज्य सरकारें भी अपनी स्तर पर पहल कर रही हैं.  सरकार की गृह आधार योजना ऐसी ही एक पहल है. जिसका मकसद घर की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देना है. अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पात्र महिलाओं को हर महीने की 10 तारीख को 1500 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे. जानें किन महिलाओं को मिलता है इस स्कीम में लाभ. हर महीने 10 तारीख को मिलेंगे पैसे सरकार की ओर से महिलाओं के लिए गृह आधार योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत गोवा की बड़ी संख्या में महिलाएं हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक  सहायता हासिल कर रही हैं. साल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की ओर से यह योजना शुरू की गई थी. पहले कुछ मामलों में भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद महिला और बाल विकास विभाग ने विशेष कैंप आयोजित कर समस्याएं सुनीं और दस्तावेजों की जांच की.  मुख्यमंत्री  ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र महिला का पेमेंट पेंडिंग न रहे. इसलिए सरकार ने अब तय किया गया है कि हर महीने की 10 तारीख को राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी. यह रकम दवा, बच्चों की पढ़ाई और घर के रोजमर्रा खर्च में काफी सहारा देती है.किन महिलाओं को मिलता है लाभ? योजना में इन महिलाओं को मिलता है लाभ इस योजना का फायदा वही महिलाएं उठा सकती हैं जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हों. सबसे पहली शर्त उम्र से जुड़ी है. आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह विवाहित हो. इसके साथ ही उसका गोवा में स्थायी रूप से रहना जरूरी है. नियम के मुताबिक महिला पिछले 15 वर्षों से गोवा में रह रही होनी चाहिए. इसके लिए आर्थिक मानदंड भी तय किए गए है. महिला और उसके पति की मिलाकर इनकम 300000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. सरकार का मकसद उन परिवारों तक सीधी मदद पहुंचाना है. जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहारे की जरूरत है. पात्रता पूरी होने पर ही योजना का लाभ दिया जाता है.

ऑरेंज व ब्लू लाइन मेट्रो के लिए जमीन अधिग्रहण, सरकार ने 22 एकड़ की अधिसूचना दी

भोपाल   एमपी के भोपाल शहर में मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है। यहां पर मेट्रो ट्रेन के लिए 22 एकड़ जमीन की मांग की गई है। प्रशासन ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। ये ऑरेंज के साथ ब्लू लाइन के लिए है। हाल में भदभदा से डिपो चौराहा, टीटी नगर, लिली टॉकीज जहांगीराबाद तक की जमीन के लिए कलेक्ट्रेट से अधिसूचना जारी हुई है। अब रायसेन रोड पर करोंद के साथ पुल बोगदा, जिंसी के साथ ऐशबाग और संबंधित क्षेत्रों में जरूरत की जगह निकालनी है। भोपाल रेलवे स्टेशन के साथ नादरा बस स्टैंड की ओर भी जगह मांगी है। इसमें रेलवे लाइन, स्टेशन के अलावा लाइन किनारे पार्किंग विकसित करने की जगह भी शामिल है। इंदौर में पार्किंग की प्रक्रिया, भोपाल में भी उम्मीद इंदौर मेट्रो स्टेशन के पास यात्री वाहनों के लिए पार्किंग विकसित की जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू की है। यहां विभागीय मंत्री ने इसके लिए अफसरों को कहा है। भोपाल मेट्रो में भी अब तक कहीं पार्किंग विकसित नहीं हुई है। यहां भी स्टेशन के पास पार्किंग विकसित हो तो मेट्रो में यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ सकती है। भोपाल मेट्रो की ओर से पार्किंग की जमीन के लिए जिला प्रशासन के पास पांच जगह के लिए प्रकरण दर्ज किए हुए हैं। मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम कई स्तरों पर चल रहा है। जरूरत के अनुसार जमीन ली जा रही। उपयोग किया जा रहा है। पार्किंग को लेकर भी काम किया जा रहा है। चैतन्य कृष्णा, एमडी, मेट्रो रेल रोकी गई थी आपूर्ति बीते कुछ दिनों पहले मेट्रो रैक की वडोदरा से आपूर्तिरोक दी गई थी। यहां से तीन-तीन कोच के 27 रैक मिलने तय हुए हैं। आठ रैक की आपूर्ति हो चुकी है। अभी कमर्शियल रन में महज दो रैक का ही उपयोग किया जा रहा है। छह रैक अभी डिपो में ही हैं। ऐसे में जब तक प्रोजेक्ट में 32 किमी की लाइन नहीं बन जाती, तब तक नए रैक की आपूर्ति रोक दी गई है। गौरतलब है कि मेट्रो ट्रेन की रैक को बनाने का काम वडोदरा के पास स्थापित प्लांट में हो रहा है।

नितेन्द्र सिंह राठौर ने दिया बड़ा बयान, भाजपा में शामिल होने की अफवाहों पर कांग्रेस में मची हलचल

भोपाल   हाल ही में मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर हाइलाइट हुई है। इन तस्वीरों ने क्षेत्र में यह माहौल बना दिया है कि अब पृथ्वीपुर से विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर कांग्रेस छोडक़र भाजपा में शामिल हो जाएंगे। इतना ही नहीं कई राजनैतिक पंडित तो यह भी कह रहे हैं कि नितेन्द्र सिंह राठौर अगला चुनाव भी भाजपा से लड़ेंगे। हालांकि इस बात की पुष्टि हम नहीं करते, परन्तु इन दिनों नितेन्द्र सिंह राठौर का रहन-सहन यह बता रहा है कि अंदरखाने कुछ तो चल रहा है। तस्वीरों से बढ़ीं सियासी अटकलें पिछले कुछ महीनों में विधायक नितेन्द्र सिंह राठौर की प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ कई मुलाकातें सामने आई हैं। खासतौर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से उनकी बार-बार की मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े किए हैं। इसके अलावा पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल और कैबिनेट मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत के साथ बैठकों की तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। स्थानीय स्तर पर यह भी कहा जा रहा है कि भाजपा नेताओं से उनकी बढ़ती नजदीकियां किसी बड़े राजनीतिक फैसले का संकेत हो सकती हैं। हालांकि अभी तक यह केवल अटकलों के दायरे में है। विधायक का जवाब: “जनता के काम के लिए मिलना जरूरी” नितेन्द्र सिंह राठौर ने कहा ये निराधार बातें हैं जिनका कोई औचित्य नहीं हैं। किसी फंक्शन में जाने की तस्वीर को लेकर या मुख्यमंत्री से मिलने का मतलब ये नहीं कि मैं पार्टी बदल रहा हूं। सीएम मोहन यादव प्रदेश के मुखिया हैं उनसे सत्ता पक्ष के विधायक भी मिलते हैं और विपक्ष के विधायक भी मिलते हैं। क्योंकि, जनता ने चुनकर भेजा है तो हम क्षेत्र के काम मांगने या जनता की समस्याओं से अवगत कराने के लिए किसके पास जाएंगे? विपक्ष का विधायक यदि प्रदेश के मुखिया से मिलता है तो इसीलिए मिलता है ताकि जनता के हितों का ध्यान रख सके। क्योंकि, मुझे जनता ने चुनकर भेजा है। पृथ्वीपुर विधायक ने कहा मैं तो कहता हूं कि जनता के लिए मुझे प्रधानमंत्री जी से मिलना पड़े या किसी केन्द्रीय मंत्री से मिलना पड़े तो उनसे भी मिलूंगा। इसमें क्या गलत है? लेकिन, इन मुलाकातों को गलत तरीके से प्रस्तुत करना। ये बहुत दुखद और निराधार है। मैं इतना ही कहूंगा कि ऐसी खबरों से पत्रकारों को बचना चाहिए। क्योंकि इससे एक जनप्रतिनिधि जी जनता के द्वारा चुनकर आता है उसकी छवि खराब करने का प्रयास है। जनता के काम के लिए और विकास कार्यों के लिए किसी से भी काम के लिए मिलना होगा मैं मिलूंगा।  माह पहले संभावित बदलाव की चर्चा सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि यदि कोई राजनीतिक बदलाव होता है तो वह चुनाव से लगभग छह माह पहले हो सकता है। फिलहाल वे पार्टी नहीं छोड़ेंगे, ताकि कानूनी या दल-बदल से जुड़ी जटिलताएं न खड़ी हों। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि समय से पहले कदम उठाने पर सदस्यता और अयोग्यता से जुड़े प्रश्न उठ सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह अटकलों पर आधारित है और विधायक या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान इस संबंध में सामने नहीं आया है। बदली हुई राजनीतिक शैली स्थानीय मीडियाकर्मियों का कहना है कि पहले भाजपा सरकार के खिलाफ मुखर रहने वाले विधायक अब अपेक्षाकृत शांत नजर आते हैं। विपक्षी तेवरों में आई इस कमी को भी लोग संभावित राजनीतिक बदलाव से जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में पृथ्वीपुर क्षेत्र से जुड़ी यह चर्चा आने वाले समय में और गर्मा सकती है। आने वाले महीनों में ही यह साफ होगा कि यह केवल सियासी कयास हैं या किसी बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की भूमिका।  

विधानसभा में बड़ा ऐलान: 2 साल बाद मध्य प्रदेश में नहीं दिखेंगे आवारा पशु

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने भरोसा दिलाया कि दो साल बाद राज्य की सड़कों पर कोई आवारा मवेशी घूमता हुआ नहीं दिखेगा. सरकार का यह भरोसा तब आया जब कुछ कांग्रेसी MLA ने आवारा मवेशियों की वजह से होने वाले सड़क हादसों पर चिंता जताई. कांग्रेस MLA अजय सिंह और कैलाश कुशवाहा ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए यह मुद्दा उठाया और कहा कि मध्य प्रदेश में आवारा मवेशियों की समस्या गंभीर हो गई है. उन्होंने कहा कि सरकार के  करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद राज्य में लगभग 10 लाख आवारा मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है, नेशनल हाईवे और दूसरी सड़कों पर ट्रैफिक में रुकावट आ रही है और हादसों की घटनाएं बढ़ रही हैं. सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही की वजह से इस समस्या को ठीक से हल नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों और दूसरे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.  'जुर्माना और नई नीति से होगा समाधान' जवाब देते हुए राज्य के पशुपालन और डेयरी मंत्री लखन पटेल ने कहा कि आवारा पशुओं का मैनेजमेंट ग्रामीण इलाकों में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग और शहरी इलाकों में शहरी और आवास विकास विभाग की जिम्मेदारी है, और संबंधित विभाग लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. मंत्री ने कहा कि 2025 में राज्य में शहरी निकायों द्वारा लगभग 78 हजार 153 आवारा पशु पकड़े गए और इन पशुओं के मालिकों पर कुल 25 लाख 58 हजार 753 रुपये का जुर्माना लगाया गया. राज्य में कुल 3 हजार 40 गौशालाएं चल रही हैं, जिनमें मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के तहत 2 हजार 325 गैर-सरकारी संगठनों द्वारा 703 और शहरी निकायों द्वारा 12 शामिल हैं. पटेल ने कहा कि लगभग 4.80 लाख आवारा पशुओं को गौशालाओं में ले जाया गया है और उनका मैनेजमेंट एक लगातार चलने वाला प्रोसेस है. मंत्री ने सदन को बताया कि राज्य सरकार ने 'मध्य प्रदेश में आत्मनिर्भर गाय आश्रय स्थलों की स्थापना राज्य नीति-2025' को मंजूरी दे दी है. इसका मकसद ऐसी आश्रय इकाइयों को आत्मनिर्भर बनाना और रोजगार के मौके पैदा करना है, साथ ही बेसहारा मवेशियों का बेहतर मैनेजमेंट करना है. उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत, कम से कम 5000 मवेशियों की क्षमता वाले आत्मनिर्भर गाय आश्रय (कामधेनु निवास) के लिए कम से कम 130 एकड़ रेवेन्यू जमीन दी गई है, जिसमें से 5 एकड़ जमीन का इस्तेमाल कमर्शियल गतिविधियों के लिए किया जा सकता है. मंत्री के अनुसार, गाय आश्रय स्थलों में मौजूद मवेशियों के रखरखाव के लिए अनुदान राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति जानवर प्रति दिन कर दी गई है. पटेल ने कहा, "अगले दो सालों में जब नई गाय आश्रय स्थल बन जाएंगी और व्यवस्था हो जाएगी, तो बेसहारा मवेशी सड़कों पर नहीं दिखेंगे. मेरा विश्वास कीजिए. दो साल बाद, सड़कों पर एक भी गाय नहीं दिखेगी."  विधानसभा स्पीकर की टिप्पणी मध्य प्रदेश विधानसभा के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि गौशालाओं को कमर्शियली आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत है, साथ ही गौ रक्षा और सेवा के जरिए उन्हें बढ़ावा देने की भी जरूरत है. उन्होंने कहा कि देश की पहली गौ अभ्यारण्य पहले शाजापुर में बनाई गई थी, लेकिन इस एरिया में अभी और काम करने की ज़रूरत है. तोमर ने कहा कि इस समस्या के परमानेंट समाधान के लिए सरकार और सभी स्टेकहोल्डर्स को मिलकर गंभीर कोशिशें करनी होंगी.

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी, फाइनल वोटर लिस्ट से पता चले कितने वोटर करेंगे चुनाव

जयपुर  राजस्थान में पंचायत चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने  पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) जारी कर दी है। इस सूची के अनुसार, प्रदेश में अब कुल 4 करोड़ 2 लाख 20 हजार 734 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। माना जा रहा है कि प्रदेश की 41 जिला परिषदों, 457 पंचायत समितियों और 14,403 ग्राम पंचायतों में अगले महीने चुनाव संपन्न कराए जा सकते हैं। मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद प्रदेश में कुल 5 लाख 73 हजार 568 नए वोटर्स बढ़े हैं। बांसवाड़ा जिले में सबसे ज्यादा 4.55% मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। फलोदी जिला 4.46% की बढ़ोतरी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। सबसे कम वृद्धि टोंक (0.04%) और श्रीगंगानगर (0.19%) जिलों में देखी गई। आयोग के अनुसार, 29 जनवरी 2026 को जारी प्रारूप सूची पर प्राप्त आपत्तियों के निपटारे के बाद 13.66 लाख नए नाम जोड़े गए, जबकि 7.92 लाख नाम हटाए गए हैं। जयपुर में 18 लाख से अधिक वोटर्स राजधानी जयपुर की बात करें तो यहाँ की 22 पंचायत समितियों में करीब 18.91 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। इन समितियों के अंतर्गत आने वाली सभी 597 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो चुका है, जहाँ जल्द ही मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी। कार्यकाल और आरक्षण की स्थिति वर्तमान में प्रदेश की 12 जिला परिषदों और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल अभी शेष है, जो सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच अलग-अलग चरणों में पूरा होगा। ओबीसी आरक्षण पर संशय : चुनावों में ओबीसी वर्ग के आरक्षण के निर्धारण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का अभी इंतजार है। यदि आयोग समय पर रिपोर्ट पेश नहीं करता है, तो सरकार पुराने आरक्षण प्रावधानों के आधार पर ही चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।

Renault Duster 2026: 17 मार्च को बाजार में दस्तक, जानें नई Duster में क्या नया है

मुंबई   कार निर्माता कंपनी Renault India भारतीय बाजार में अपनी सबसे लोकप्रिय एसयूवी रही, Renault Duster को एक बार से लॉन्च करने वाली है. ताजा जानकारी के अनुसार भारत में इस एसयूवी को 17 मार्च, 2026 को उतारा जाएगा, जो अपने थर्ड-जेनरेशन अवतार में होगी. इंडिया-स्पेक Renault Duster को बीती 26 जनवरी, 2026 को पेश किया गया था. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसकी पिछली जनरेशन की बिक्री साल 2022 में बंद कर दी गई थी, जिसके बाद अब इस मिडसाइज़ SUV की वापसी हो रही है. नई Duster, कंपनी के लिए एक ज़रूरी मॉडल है, जिसके बारे में मैन्युफैक्चरर को उम्मीद है कि यह धीरे-धीरे भारत में बेस्टसेलिंग कारों की लिस्ट में वापस आ जाएगी. 2026 Renault Duster पावरट्रेन विकल्प इंजन की बात करें तो भारत में, Renault Duster दो टर्बो-पेट्रोल इंजन और एक स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल पावरट्रेन के ऑप्शन के साथ उतारा जाएगा. टर्बो-पेट्रोल इंजन में Renault Kiger में मिलने वाला छोटा 1.0-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन शामिल है, जो 100hp की पावर देता है. इसके अलावा, इसमें सेगमेंट-बेस्ट 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिलेगा, जो 163hp की पावर प्रदान करेगा. दोनों इंजन के साथ 6-स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशन मिलेगा, लेकिन बड़े इंजन के साथ 6-स्पीड DCT ऑप्शन भी मिलेगा. इसके अलावा, साल 2026 की दिवाली के आस-पास एक नया 1.8-लीटर स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड पेट्रोल इंजन लाइनअप में शामिल किया जाएगा, जो 109hp की पावर प्रदान करेगा. यह 49hp इलेक्ट्रिक मोटर और 20hp हाइब्रिड स्टार्टर जनरेटर के साथ काम करता है, जो 1.4kWh (280V) बैटरी से चलता है. कंबाइंड सिस्टम आउटपुट 160hp पावर का है. 2026 Renault Duster का एक्सटीरियर डिजाइन की बात करें तो इंडिया-स्पेसिफिक डस्टर का ओवरऑल लुक तीसरी जेनरेशन के ग्लोबल-स्पेसिफिक मॉडल जैसा ही है, लेकिन Renault ने इंडियन मॉडल में लोकल पसंद के हिसाब से कुछ बदलाव किए हैं. इस कार में एक है रीडिजाइन की गई हेडलाइट्स लगाई है, जिनमें आइब्रो के आकार की LED डे-टाइम रनिंग लैंप (DRLs) मिलती हैं, जो टर्न इंडिकेटर का भी काम करती हैं. कार के ग्रिल का डिज़ाइन भी अलग है और इसमें एक बड़ा Duster बैज दिया गया है, जिससे फ्रंट एंड से Renault लोगो को पूरी तरह हटा दिया गया है. इसके अलावा, फ्रंट बंपर में पहली जेनरेशन के मॉडल की तरह उभरा हुआ सिल्वर सराउंड दिया गया है, और बंपर के किनारों पर पिक्सेल के आकार की फॉग लैंप लगाई गई हैं. साइड प्रोफाइल की बात करें तो, नई Renault Duster में व्हील आर्च और बॉडी के निचले हिस्से पर रग्ड ब्लैक क्लैडिंग लगाई गई है. पीछे के दरवाज़े के हैंडल C-पिलर पर लगे हैं. कंपनी ने इस कार में फंक्शनल ब्लैक रूफ रेल्स दी हैं, जिनकी लोड उठाने की क्षमता 50kg है, साथ ही 18-इंच तक के ब्लैक अलॉय व्हील्स और 212mm का ग्राउंड क्लीयरेंस दिया गया है. इंडिया-स्पेक मॉडल की कुछ खास डिटेल्स में फ्रंट फेंडर्स पर हिमालयन मोटिफ्स और बॉडी क्लैडिंग पर एक पीली पट्टी है, जिस पर ‘आइकॉनिक’ लिखा हुआ है. रियर प्रोफाइल की बात करें तो, पीछे ट्राई-एंगुलर टेल-लाइट्स एक LED लाइट बार से जोड़ी गई हैं, जो ग्लोबल-स्पेक मॉडल में नहीं है. कंपनी ने नई Renault Duster में रूफ-माउंटेड स्पॉइलर भी दिया है, और लाइसेंस प्लेट ब्रैकेट को एक यूनिक टेक्सचर्ड फिनिश दिया गया है. 2026 Renault Duster का इंटीरियर एक्सटीरियर की तरह ही, कंपनी ने कार के अंदर भी भारतीय ग्राहकों की पसंद का ख्याल रखा है और इसे भी यूरोपियन-स्पेक मॉडल से काफी अलग बनाया है. इंडिया-स्पेक Renault Duster में पूरी तरह से यूनिक डैशबोर्ड मिलता है, जिसमें डुअल-स्क्रीन सेटअप, प्रीमियम दिखने वाले ट्रिम इंसर्ट और सॉफ्ट-टच मटीरियल इस्तेमाल किया गया है. इसमें सिल्वर ट्रिम्स और कंट्रास्ट ग्रीन स्टिचिंग का भरपूर इस्तेमाल किया गया है, जो केबिन को और भी आकर्षक बनाते हैं. सबसे ज़रूरी बात, इसके इंटीरियर में डिजिटल और फिजिकल कंट्रोल्स के बीच अच्छा बैलेंस रखा गया है, जिसमें ज़रूरी गाड़ी के फंक्शन्स के लिए सेंटर कंसोल पर बटन्स का एक सेट है. 2026 Renault Duster के फीचर्स इसमें मिलने वाले फीचर्स की बात करें तो नई Renault Duster में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और Apple CarPlay के साथ 10.1-इंच का टचस्क्रीन, 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस फोन चार्जर और डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल दिया गया है. इसमें पावर्ड टेलगेट और 6-वे पावर्ड और वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स भी दी गई हैं. 2026 Renault Duster के सेफ्टी फीचर्स कार में सेफ्टी फीचर्स की भी भरमार दी गई है. कार में छह एयरबैग (स्टैंडर्ड), एक 360-डिग्री कैमरा, आगे और पीछे पार्किंग सेंसर, एक टायर-प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम (TPMS), लेवल-2 ADAS, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और चारों व्हील्स पर डिस्क ब्रेक लगाए गए हैं. खास बात यह भी है कि Renault Duster भारत में पहली Renault कार है, जिसमें ADAS सूट मिलता है. Renault ने जानकारी दी कि वह नई Duster के साथ पूरे 5-स्टार क्रैश सेफ्टी रेटिंग हासिल करने का लक्ष्य रखेगी और क्लास में सबसे अच्छी 7-साल/1,50,000 किमी की स्टैंडर्ड वारंटी देगी.

यात्रियों के लिए खबर: होली त्यौहार पर भोपाल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें संचालन में

भोपाल  मध्यप्रदेश के रहवासियों के अच्छी खबर है। होली त्यौहार पर रेल में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भोपाल रेल मंडल से चार जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। रीवा, भोपाल और दानापुर के लिए स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। रेलवे के इस फैसले से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रीवा- रानी कमलापति रेलवे स्टेशन सुपरफास्ट स्पेशल चलेगी। गाड़ी संख्या (02192/02191) 28 फरवरी 2026 को एक-एक ट्रिप चलेगी। गाड़ी संख्या 02186/02185 नंबर की ट्रेन 2 और 3 मार्च 2026 को दो-दो ट्रिप संचालित होगी। भोपाल-रीवा स्पेशल (01704/01703) 5 मार्च 2026 को एक ट्रिप करेगी। रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल (01667/01668) 27 फरवरी व 2 मार्च को चलेगी। रानी कमलापति-दानापुर वापसी में 28 फरवरी और 3 मार्च को चलेगी। ये स्पेशल ट्रेनें चलेंगी     गाड़ी संख्या 02192/02191 रीवा-रानी कमलपति-रीवा सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन 1-1 फेरा लगाएगी। गाड़ी संख्या 02192 रीवा से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी को रीवा से दोपहर 12.30 बजे प्रस्थान कर उसी रात में 9.15 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी।     इसी प्रकार गाड़ी संख्या 02191 रानी कमलापति से रीवा स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी को रानी कमलापति स्टेशन से रात 10.15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 7: 30 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 02186 रीवा से रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 2 एवं 3 मार्च को रीवा से दोपहर 12.30 बजे प्रस्थान कर उसी रात में 9.15 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी।     इसी प्रकार गाड़ी संख्या 02185 रानी कमलापति से रीवा स्पेशल ट्रेन 2-3 मार्च को रानी कमलापति स्टेशन से रात 10.15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 7.30 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01704 भोपाल से रीवा स्पेशल ट्रेन 5 मार्च को भोपाल से सुबह 10.30 बजे प्रस्थान कर उसी दिन रात में 8.45 बजे रीवा स्टेशन पहुंचेगी।     इसी प्रकार गाड़ी 01703 रीवा से भोपाल स्पेशल ट्रेन 5 मार्च को रीवा स्टेशन से रात 10.20 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 9.05 बजे भोपाल स्टेशन पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01667 रानी कमलापति-दानापुर स्पेशल ट्रेन 27 फरवरी एवं 2 मार्च को रानी कमलापति से दोपहर 2.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन दूसरे दिन सुबह 8.45 बजे दानापुर स्टेशन पहुंचेगी।     इसी प्रकार गाड़ी संख्या 01668 दानापुर-रानी कमलापति स्पेशल ट्रेन 28 फरवरी एवं 3 मार्च को दानापुर स्टेशन से सुबह 11.15 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 8.55 बजे रानी कमलापति स्टेशन पहुंचेगी। यात्री इन ट्रेनों का आरक्षण किसी भी कंप्यूटरीकृत केंद्र या इंडियन रेलवे केटरिंग एंड ट्यूरिज्म कोर्पोरेशन (IRCTC) की वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं। ठहराव संबंधी अधिक जानकारी स्टेशन या रेल मदद 139 से प्राप्त की जा सकती है।  

Bandhavgarh Tiger Reserve में बाघों की रहस्यमयी मौतें, 50% मामलों में समान कारण, हाईकोर्ट में सुनवाई

जबलपुर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर की ओर से एक स्टेटस रिपोर्ट जमा की गई. इस रिपोर्ट ने राज्य के वन्यजीव संरक्षण के दावों की पोल खोल दी है. रिपोर्ट के अनुसार, 21 नवंबर 2025 से 2 फरवरी 2026 के बीच रिजर्व और उसके आसपास के इलाकों में कुल 8 बाघों की मृत्यु हुई. रिपोर्ट में कहा गया है कि बाघ अभ्यारण्य के भीतर चारों बाघों की मौत का कारण प्राकृतिक था, जबकि शेष चार बाघों की मौत सामान्य वन क्षेत्र में बिजली के झटके से हुई. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सभी बाघों के शव पूरी तरह से सुरक्षित थे. इस रिपोर्ट में बाघों की मौतों को दो हिस्सों में बांटा गया है. इसमें बताया गया है कि टाइगर रिजर्व के अंदर 4 मौतें हुई हैं. यहां हुईं सभी मौतें 'प्राकृतिक' बताई गई हैं. इनमें से 2 बाघ आपसी लड़ाई में मारे गए, एक की बीमारी से मौत हुई और एक कुएं में डूब गया. जबकि 4 मौतें जनरल फॉरेस्ट एरिया में हुईं. रिजर्व के बाहर सामान्य वन क्षेत्र में हुई ये सभी चार मौतें करंट लगने के कारण हुईं. 'संदिग्ध हालात' पर सवाल वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे की ओर से दायर याचिका में राज्य सरकार और वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. याचिका के अनुसार, 2025 में मध्य प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई, जो प्रोजेक्ट टाइगर शुरू होने के बाद से एक साल में सबसे बड़ा आंकड़ा है. आरोप है कि शिकारी बिजली के तारों का खुलेआम इस्तेमाल कर रहे हैं और विभाग का सर्विलांस सिस्टम पूरी तरह फेल हो चुका है. याचिकाकर्ता का दावा है कि अधिकारी अक्सर संदिग्ध मौतों को Territorial fight बताकर पल्ला झाड़ लेते है.  बिजली विभाग को चेतावनी स्टेटस रिपोर्ट में कहा गया है कि वन विभाग ने बिजली विभाग को बार-बार पत्र लिखे हैं ताकि संवेदनशील इलाकों में बिजली की लाइनों को मजबूत किया जा सके और वाइल्डलाइफ स्टैंडर्ड का पालन हो, ताकि करंट लगने की घटनाओं को रोका जा सके. मध्य प्रदेश में बाघों की स्थिति  कुल बाघ (MP): 785 भारत में कुल बाघ: 3,167 2025 में मौतें: 54 (याचिका के अनुसार) जनवरी 2026 (प्रथम सप्ताह): 6 बाघों की मौत

भस्म आरती में भगवान को चढ़ेगा हर्बल गुलाल, महाकाल रंगोत्सव की धूम आज से

उज्जैन  धर्मनगरी उज्जैन में रंगोत्सव की शुरुआत इस बार भी परंपरा और आध्यात्म के संग होगी। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 02 मार्च को संध्या आरती के बाद प्राचीन परंपरा अनुसार होलिका दहन किया जाएगा। मान्यता है कि विश्व में सबसे पहले बाबा महाकाल के आंगन में ही होलिका प्रज्वलित होती है और यहीं से रंगों के पर्व का शुभारंभ माना जाता है । संध्या आरती के दौरान सबसे पहले भगवान महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित किया जाएगा और परंपरानुसार शक्कर की माला पहनाई जाएगी। इसके बाद मंदिर प्रांगण में ओंकारेश्वर मंदिर के सामने विधिवत पूजन-अर्चन कर होलिका दहन होगा। 03 मार्च को धुलेंडी पर्व पर तड़के 4 बजे होने वाली भस्म आरती में सबसे पहले मंदिर के पुजारी और पुरोहित बाबा महाकाल को हर्बल गुलाल अर्पित करेंगे। भक्ति का यह अद्भुत संगम श्रद्धालुओं के लिए अलौकिक अनुभव होगा। इसी क्रम में 04 मार्च 2026 से चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से अश्विन पूर्णिमा तक आरतीयों के समय में परंपरानुसार परिवर्तन लागू होगा। नई समय-सारिणी के अनुसार, भस्म आरती प्रातः 4 से 6 बजे तक, दद्योदक आरती 7 से 7:45 बजे तक, भोग आरती 10 से 10:45 बजे तक, संध्या पूजन 5 से 5:45 बजे तक, संध्या आरती 7 से 7:45 बजे तक और शयन आरती रात्रि 10:30 से 11 बजे तक संपन्न होगी।