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SC का बड़ा फैसला: नीतीश कटारा के दोषी विकास को फर्लो, परिवार संग मना सकेगा होली

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा की हत्या के जुर्म में बिना किसी छूट के 25 साल की जेल की सजा काट रहे विकास यादव को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उसे 7 मार्च तक 'फर्लो' पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया है ताकि वह होली के दौरान अपने परिवार के साथ समय बिता सके। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने यह आदेश पारित किया है। फर्लों का आदेश देते हुए कोर्ट ने कहा कि यादव ने बिना किसी छूट के 23 साल जेल में बिताए हैं, जबकि उसे बिना किसी छूट के 25 साल जेल में बिताने हैं। कोर्ट ने ऑर्डर दिया, "अब फर्लो इस आधार पर मांगा गया है कि वह होली के दौरान समय बिताना चाहता है, तो मेरिट्स पर जाए बिना, हम पिटीशनर को 7 मार्च तक फर्लो पर रिहा करने की इजाजत देते हैं।" इस दौरान प्रतिवादी पक्ष ने यादव को फर्लो देने का पुरजोर विरोध किया लेकिन कोर्ट ने उसकी असहमति से इनकार कर दिया। इससे पहले 11 फरवरी को, दिल्ली हाई कोर्ट ने विकास यादव की तीन हफ़्ते की फरलो की अर्जी खारिज कर दी थी। आप उसे फांसी देना चाहते हैं? है ना? जस्टिस सुंदरेश ने कहा, "आप उसे फांसी देना चाहते हैं? है ना? इस मामले में आपकी सुनवाई का क्या मतलब है? 23 साल बाद, आप चीज़ों को जाने नहीं देना चाहते। हमें चीज़ों को जाने देना चाहिए। ज़िंदगी में हमारी सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि हम चीज़ों को जाने नहीं देते। उसने जो किया, सो हो गया।" जज ने आगे कहा कि ऐसी राहत देने से कभी-कभी कैदी को सुधारने में मदद मिल सकती है। बार एंड बेंच के मुताबिक, जस्टिस सुंदरेश ने कहा, “मद्रास हाई कोर्ट में, मैंने उन सभी को फर्लो दिया था जिन्हें बम ब्लास्ट केस में उम्रकैद की सज़ा हुई थी। वह समय खत्म होने के बाद और जब वे जेल लौटे, तो उनका बर्ताव बदल गया था। समय के साथ, उनमें पछतावा होने लगा।” 2002 में नीतीश कटारा का अपहरण फिर मर्डर बता दें कि विकास यादव और उसके भाई विशाल यादव को 2002 में 25 साल के नीतीश कटारा को किडनैप कर उसका मर्डर करने का दोषी पाया गया था। ट्रायल के दौरान इस मामले को कटारा के विकास की बहन के साथ रिश्ते की वजह से हुई ऑनर किलिंग बताया गया था। कटारा को पहले किडनैप किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई, उसकी जली हुई बॉडी गाजियाबाद के पास मिली थी। उच्चतम न्यायालय ने पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे विकास यादव और उसके रिश्तेदार विशाल यादव की भूमिका को लेकर तीन अक्टूबर 2016 को उन्हें बिना किसी छूट के 25 वर्ष की कारावास की सजा सुनाई थी।  

स्मार्टफोन इंडस्ट्री पर संकट: IDC बोला– 2026 में सबसे बड़ी गिरावट तय

अमेरिकी मार्केट इंटेलिजेंस कंपनी, इंटरनेशनल डेटा कॉरपोरेशन (IDC) ने चेतावनी दी है कि स्‍मार्टफोन मार्केट इस साल 2026 में अबतक की सबसे बड़ी गिरावट देखेगा। इसकी वजह मेमोरी और रैम की कीमतों में बढ़ोतरी को बताया गया है, जिससे स्‍मार्टफोन्‍स महंगे हो रहे हैं। आईडीसी ने कहा है कि स्‍मार्टफोन कंपनियों का शिपमेंट यानी डिवाइस की शिपिंग 10 साल से भी ज्‍यादा समय के निचले स्‍तर को देखने वाली है। हाल ही में देखा गया है कि स्‍मार्टफोन कंपनियों ने अपने तमाम प्रोडक्‍ट्स की कीमतों को बढ़ाया है। सैमसंग की A और F सीरीज के पुराने मॉडलों में 1 हजार रुपये तक बढ़ोतरी हुई है। यह सब मेमोरी चिप्‍स और रैम की कीमत बढ़ने की वजह से हो रहा है। दिग्‍गज कंपनी वेस्‍टर्न डिजिटल (WD) ने हाल ही में बताया था कि उसके पास अगले 1 साल के मेमोरी चिप्‍स के ऑर्डर आ गए हैं। 12.9% घट सकता है स्‍मार्टफोन श‍िपमेंट IDC की रिपोर्ट (REF.) के अनुसार, इस साल स्मार्टफोन शिपमेंट में 12.9% फीसदी की कमी देखने को मिल सकती है। इसके कुल स्‍मार्टफोन्‍स की शिपिंग 1.12 अरब यूनिट रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस गिरावट के कारण सबसे ज्‍यादा प्रभावित होंगे, सस्‍ते एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन बनाने वाले मैन्‍युफैक्‍चरर्स। छोटी कंपनियां कर रहीं बड़ा संघर्ष इस रिपोर्ट में बताया गया है कि स्‍मार्टफोन मार्केट में कीमतें बढ़ने से छोटी कंपनियां बड़ा संघर्ष कर रही हैं। वह मार्केट से बाहर हो रही हैं। वहीं, ऐपल और सैमसंग जैसे दिग्‍गज अपना मार्केट शेयर बनाए हुए हैं। इसकी एक वजह यह हो सकती है कि प्रीमियम सेगमेंट में यूजर कुछ हजार के अंतर को गंभीरता से नहीं लेता। 20 हजार रुपये की प्राइस रेंज में थोड़ी सी बढ़ोतरी भी मुश्किल पैदा कर देती है। कहां परेशानी झेलेंगी कंपनियां? एनाल‍िस्‍ट ने बताया IDC की रिपोर्ट में एनालिस्ट्स ने बताया है कि कॉम्‍पोनेंट की लागत बढ़ने से स्‍मार्टफोन कंपनियों का मार्जिन कम होगा। उन्‍हें इसका बोझ अपने ग्राहकों पर डालना होगा। और कीमत बढ़ने से डिमांड कमजोर हो रही है। आईडीसी की रिपोर्ट कहती है कि अपने प्रीमियम स्‍मार्टफाेन्‍स की बदौलत ऐपल और सैमसंग जैसी कंपनियां इस मुसीबत का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।

तृप्ति डिमरी ने मनाया खास जन्मदिन, सैम मर्चेंट संग तस्वीरों पर उमड़ा प्रशंसकों का प्यार

मुंबई, अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर मनाए गए निजी समारोह की झलकियां साझा कर प्रशंसकों का दिल जीत लिया है। सामाजिक मंच पर साझा की गई इन तस्वीरों और दृश्यांशों में वह कथित मित्र सैम मर्चेंट के साथ स्नेहपूर्ण अंदाज में नजर आईं, जिस पर उनके चाहने वालों ने भरपूर प्रेम लुटाया। तृप्ति डिमरी ने अपने संदेश में जन्मदिन पर मिले स्नेह के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए लिखा कि इतनी शुभकामनाओं के कारण उनके चेहरे पर अब भी मुस्कान बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने संदेश, दूरभाष या मन ही मन उन्हें याद किया, उन सभी का यह स्नेह उनके लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। साझा की गई पहली तस्वीर में वह सजे हुए मेज के पास खड़ी दिखाई दे रही हैं, जिसके पीछे ‘जन्मदिन मुबारक’ का पट लगा है और सामने सूर्यास्त का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है। एक अन्य चित्र में वह काले परिधान में आकर्षक अंदाज में ‘1’ और ‘3’ आकार के रजत रंग के गुब्बारे पकड़े हुए नजर आती हैं, जिससे उनके 31वें जन्मदिन का संकेत मिलता है। एक दृश्यांश में तृप्ति बच्चों के बीच केक काटते हुए दिखाई देती हैं, वहीं एक भावुक तस्वीर में वह अपनी माता को आलिंगन करती नजर आईं। इसके अतिरिक्त उन्होंने विभिन्न जन्मदिन के केक, जलती मोमबत्तियों और सूरजमुखी के पुष्पों का गुलदस्ता भी साझा किया। सैम मर्चेंट के साथ उनकी एक आत्मीय तस्वीर ने विशेष रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इन तस्वीरों पर प्रशंसकों ने बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं दीं। अनेक लोगों ने दोनों को साथ में सुंदर बताते हुए शुभकामनाएं दीं, जबकि कई ने उनके इस निजी उत्सव को परिवार और अपनों के साथ बिताए गए यादगार पल बताया। कार्य क्षेत्र की बात करें तो तृप्ति डिमरी हाल ही में प्रदर्शित फिल्म ‘ओ रोमियो’ में शाहिद कपूर के साथ नजर आई थीं। इस फिल्म ने अब तक 60.25 करोड़ रुपये का व्यवसाय कर लिया है, जिससे उनके अभिनय को एक बार फिर सराहना मिली है।  

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा चार सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को भावभीनी विदाई

भोपाल  पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह फरवरी में सेवानिवृत्‍त चार कर्मचारियों को विशेषपुलिस महानिदेशक  अनिल कुमार नेशुक्रवार को भावभीनी विदाई दी। वरिष्‍ठ अधिकारियों ने सभी को प्‍लांट एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये। नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह मेंअतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक  विवेक शर्मा, उप पुलिस महानिरीक्षक  तरूण नायक, मती किरणलता केरकेट्टाएवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे। पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍त कार्यवाहक निरीक्षक पीटीआरआई  उत्‍तम सिंह जाटव, स.उ.नि. महिला सुरक्षा शाखा  वचन सिंह,कार्यवाहक स.उ.नि. विशेष शाखा  भंवर लाल पंवारतथा प्रधान आरक्षक अ.अ.वि. शाखा  वीरभान सिंह को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने शुक्रवार को भावभीनी विदाई दी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक सु इरमीन शाह ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल पर प्रकाश डाला। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।  

हाई कोर्ट से राहत के बाद बंगाल में भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, अमित शाह दिखाएंगे परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी

कोलकाता बंगाल में भाजपा की प्रस्तावित ‘परिवर्तन यात्रा’ को लेकर चल रही कानूनी रस्साकशी के बीच कोलकाता हाई कोर्ट ने सशर्त अनुमति दे दी है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति शुभ्रा घोष की पीठ में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने स्पष्ट किया कि एक और दो मार्च को दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक यात्रा निकाली जा सकेगी, लेकिन किसी भी स्थान पर एक हजार से अधिक लोगों की भीड़ नहीं होनी चाहिए। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन को सुनिश्चित करनी होगी।   हाई कोर्ट 'परिवर्तन यात्रा' को दी सशर्त अनुमति अदालत ने यात्रा के समय को भी सीमित कर दिया है, जिसके तहत दोपहर दो बजे से शाम छह बजे तक ही जुलूस निकालने की इजाजत होगी। भाजपा सूत्रों के अनुसार, होली के त्योहार के मद्देनजर तीन और चार मार्च को यात्रा स्थगित रहेगी। ऐसे में पार्टी ने रणनीति बनाई है कि एक और दो मार्च को ही यात्रा का भव्य उद्घाटन कर दिया जाए, जबकि पांच मार्च से इसे पुनः सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा। इस दौरान कूचबिहार, कृष्णनगर, कुल्टी, इस्लामपुर और संदेशखाली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से यात्रा गुजरेगी।   अब दो मार्च को शाह आएंगे कोलकाता इस राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन में केंद्रीय मंत्रियों और दिग्गज नेताओं का जमावड़ा लगने वाला है। विशेष रूप से, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में मामूली बदलाव हुआ है; अब वे एक मार्च की बजाय दो मार्च को दक्षिण 24 परगना जिले के रायदिघी से इस यात्रा का शुभारंभ कर सकते हैं। भाजपा ने पूरे राज्य को 10 संगठनात्मक संभागों में बांटा है, जिनमें से नौ संभागों में यह यात्रा निकलेगी। कोलकाता संभाग को इस यात्रा से मुक्त रखा गया है क्योंकि वहां 14 मार्च को होने वाली ब्रिगेड रैली की तैयारियां चल रही हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे।  

राजनीतिक विवाद: RJD ने उठाया सीएम घेरने वालों की संपत्ति पर सवाल

पटना राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और विधान पार्षद सुनील सिंह ने विधानमंडल सत्र के आखिरी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को सबसे भ्रष्ट पार्टी करार देते हुए आरोप लगाया कि सीएम के आस-पास रहने वाले तीन-चार लोगों के पास छोटे राज्यों के बजट से अधिक संपत्ति है। उन्होंने जेडीयू पर कंपनियों से करोड़ों रुपया का चंदा लेकर उन्हें बेजा फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। राजनीतिक दलों को चंदा पर यह बवाल विधान परिषद में जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार के उस आरोप के बाद शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजद ने शराब कंपनियों से चंदा लिया है। सदन के अंदर भी सुनील सिंह और नीरज कुमार में इस मसले पर नोंक-झोंक हुई थी। जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सदन में दिए बयान पर राजद एमएलसी सुनील सिंह ने शुक्रवार को विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जेडीयू के चंदों के कथित दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि जदयू ने कई वर्षों तक किंग महेंद्र (दिवंगत राज्यसभा सांसद महेंद्र प्रसाद) से हर महीने 99 लाख रुपये चंदा लिया और कुल 146 करोड़ का डोनेशन हासिल किया। सुनील सिंह ने पूछा कि जेडीयू को लोगों ने अपनी औकात से ज्यादा चंदा कैसे दिए, जिस कंपनी का टर्नओवर 27 करोड़ था, उसने 24 करोड़ का चंदा ही कैसे दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तो बैंक खाता में है, इससे कई गुना ज्यादा पैसा इनलोगों ने कच्चा (काला धन) में लिया है। सुनील सिंह ने कहा कि समाजवादी चोला ओढ़कर ईमानदार बन रही पार्टी को यह बताना चाहिए। सुनील ने आरोप लगाया कि बिजली के स्मार्ट मीटर में यूनिट उठता है 100, पैसा लेता है 200 का, वैसे लोगों से करोड़ों का चंदा लिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस आदमी की क्षमता नहीं है, उससे करोड़ों रुपया लिया गया है। सुनील सिंह ने एक कंपनी एटूबीएस इन्फ्रास्ट्रक्चर का नाम लेकर कहा कि इसका सालाना टर्नओवर 27 करोड़ था और इसने 24 करोड़ चंदा जेडीयू को दे दिया। सुनील ने कहा कि वो सरकार से जानना चाहते हैं कि इतनी छोटी कंपनी ने जदयू को 24 करोड़ चंदा कैसे दे दिया। उन्होंने बताया कि जेडीयू ने खुद कबूल किया है कि 2020 से 2022 में 93 करोड़ रुपया चंदा वसूल किया, जिसमें सिर्फ 2 जगह से 39 करोड़ आया। सुनील ने कहा कि दवा कंपनी से 27 करोड़ चंदा लिया गया है और बिहार की जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। शराब कंपनी से चंदा लेने के आरोप पर राजद का बचाव करते हुए सुनील सिंह ने कहा कि जो पार्टी 20 साल से विपक्ष की राजनीति कर रही हो, उसको कोई भी चंदा नहीं देता है। उन्होंने दावा किया कि राजद के पास जो भी चंदा है, वो बैंक खाते में है, सदस्यता का है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि बिहार तबादला उद्योग चल रहा है। उन्होंने जन सुराज पार्टी (जेएसपी) के नेता प्रशांत किशोर के इसी तरह के आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि सीओ-बीडीओ से लेकर डीएम-एसपी तक बिना पैसा लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होता है, यह पूरा बिहार जानता है।

देशविरोधी पोस्ट पर आरोपी को बेल, हाईकोर्ट बोला- शर्त माननी होगी तभी मिलेगी राहत

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंस्टाग्राम पर कथित रूप से ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार युवक फैजान को जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने फैजान बनाम स्टेट ऑफ यूपी मामले में पारित किया। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की थी। एटा से फैजान की हुई थी गिरफ्तारी फैजान को मई 2025 में एटा जिले के जलेसर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया, जिनमें धारा 152 भी शामिल थी। यह धारा पूर्व में भारतीय दंड संहिता में राजद्रोह से जुड़े प्रावधान का स्थान लेती है। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आरोपी का सोशल मीडिया पोस्ट देश की संप्रभुता और प्रतिष्ठा के खिलाफ था और इससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता था। देश के खिलाफ नहीं सोशल मीडिया पोस्ट जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता एनआई जाफरी ने तर्क दिया कि आरोपी द्वारा की गई पोस्ट भले ही आपत्तिजनक प्रतीत हो, लेकिन उसमें भारत के खिलाफ कोई अपमानजनक, अवमाननापूर्ण या विद्रोह भड़काने वाला कथन नहीं था। उन्होंने कहा कि केवल किसी दुश्मन देश के समर्थन का उल्लेख करना स्वतः धारा 152 के तहत अपराध नहीं बनता। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि अधिकतम यह मामला धारा 196 बीएनएस के तहत आ सकता है, जिसकी सुनवाई मजिस्ट्रेट द्वारा की जा सकती है और जिसमें तीन से पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। कई शर्तों के साथ आरोपी को जमानत राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। हालांकि अदालत ने अपराध की प्रकृति, उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपी की कथित संलिप्तता, जेलों में भीड़भाड़ और निचली अदालतों में लंबित मामलों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आरोपी को जमानत देने का निर्णय लिया। अदालत ने कड़ी शर्तें लगाते हुए कहा कि आरोपी सोशल मीडिया पर कोई भी ऐसा पोस्ट अपलोड नहीं करेगा जो देश की प्रतिष्ठा या किसी समुदाय के खिलाफ हो। साथ ही वह मामले के गवाहों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेगा और मुकदमे की कार्यवाही में पूरा सहयोग करेगा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया तो उसकी जमानत को निरस्त भी जा सकता है।  

‘व्हाइट लोटस 4’ में नहीं होंगी दीपिका पादुकोण

मुंबई, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से जुड़ी एक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वह पहले बहुप्रतीक्षित फिल्में 'कल्कि 2' और 'स्पिरिट' से बाहर होने को लेकर चर्चा में थीं। अब खबर है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीरीज 'द व्हाइट लोटस सीजन 4' में काम करने से भी इनकार कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सीरीज के निर्माताओं ने दीपिका से संपर्क कर उन्हें ऑडिशन देने के लिए कहा था। अभिनेत्री ने ऑडिशन प्रक्रिया में हिस्सा लेने से साफ मना कर दिया, जिसके चलते यह मौका उनके हाथ से निकल गया। बताया जा रहा है कि 'द व्हाइट लोटस' की कास्टिंग प्रक्रिया में ऑडिशन अनिवार्य रखा गया था। निर्माता किसी भी कलाकार को अंतिम रूप देने से पहले उनका ऑडिशन लेना चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक, दीपिका इस प्रक्रिया के लिए तैयार नहीं थीं, जिस कारण वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं बन पाईं। गौरतलब है कि इससे पहले भी निर्माताओं ने उन्हें तीसरे सीजन के लिए अप्रोच किया था, लेकिन उस समय वह प्रेग्नेंसी के चलते यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं कर सकी थीं। वर्क फ्रंट की बात करें तो दीपिका को आखिरी बार 'कल्कि 2898 एडी' में देखा गया था। अब फैंस उनकी अगली फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।  

खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग में प्रमोशन की बौछार, इंक्रीमेंट और वेतन पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वैसे तो वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने में 18 महीने या उससे ज्यादा का समय लग सकता है लेकिन इससे पहले कर्मचारियों की डिमांड जारी है। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड) और NC-JCM की मीटिंग हुई है। इस मीटिंग में 8वें वेतन आयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में रक्षा, रेलवे, डाक, आयकर, लेखा एवं लेखा परीक्षा सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। क्या है डिमांड? इस बैठक में केंद्र सरकार के सैलरी स्ट्रक्चर, प्रमोशन पॉलिसी, एनुअल सैलरी इंक्रीमेंट और पेंशन सुधार जैसे विषय पर चर्चा हुई। बैठक में फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी व्यापक चर्चा की गई। कर्मचारी संगठनों ने प्रत्येक कर्मचारी को सेवा अवधि में कम से कम पांच प्रमोशन सुनिश्चित करने की मांग रखी। उनका कहना है कि निचले स्तर पर काम कर रहे प्रतिभाशाली कर्मचारियों में सीमित प्रमोशन अवसरों के कारण निराशा बढ़ रही है। संगठनों की मांग है कि कर्मचारियों और लगभग 68 लाख पेंशनरों/पारिवारिक पेंशनरों के लिए समान फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाए। इसके अलावा, पेंशन व्यवस्था पर भी जोरदार बहस हुई। प्रतिनिधियों ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन सिस्टम (UPS) को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की पुरानी मांग दोहराई। बैठक में फैमिली यूनिट की संख्या तीन से बढ़ाकर पांच करने का प्रस्ताव है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सैलरी निर्धारण में माता-पिता को भी शामिल किया जाना चाहिए, इसलिए परिवार इकाई का दायरा बढ़ाया जाए। 18 सवालों के जवाब देने पर बनी सहमति ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन के महासचिव सी. श्रीकुमार के मुताबिक 8वें वेतन आयोग द्वारा वेबसाइट पर पूछे गए 18 सवालों के जवाब तय समयसीमा के भीतर भेजने पर सहमति बनी है। अगले 10 से 15 दिनों में सभी कर्मचारी संगठनों की मांगों को समेटते हुए एक ज्ञापन तैयार किया जाएगा, जिसे आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। स्वास्थ्य सुविधाओं के तहत केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) से वंचित शहरों में कर्मचारियों को वर्तमान में 1,000 रुपये मासिक भत्ता मिलता है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करने और इंटरनेट जैसी सेवाओं के लिए भत्ता शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया। बता दें कि 10 मार्च को अगली बैठक में साझा ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिसके बाद इसे 1-2 सप्ताह के भीतर 8वें वेतन आयोग को सौंपे जाने की संभावना है।

दलाल-मुंशी सिस्टम पर लगेगी रोक, भू-माफियाओं को नहीं मिलेगी राहत: विजय सिन्हा की दो टूक चेतावनी

पटना बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजस्व प्रशासन की इकाइयों में दलालों एवं मुंशियों के हस्तक्षेप पर रोक लगाने और भू-माफियाओं के विरुद्ध कड़ी कारर्वाई के निर्देश जारी किए हैं।        विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी समाहर्ताओं को पत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि राजस्व प्रशासन में किसी भी प्रकार की बिचौलिया संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की‘समृद्धि यात्रा'तथा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के‘भूमि सुधार जन कल्याण संवाद'कार्यक्रमों के दौरान विभिन्न जिलों के भ्रमण में यह तथ्य सामने आया कि नगर क्षेत्रों में कार्य की अधिकता के नाम पर हल्का कर्मचारियों द्वारा अनौपचारिक रूप से ‘सहायक मुंशी' रखे गए हैं। पटना महानगर क्षेत्र में तो संपतचक में समानांतर कार्यालय संचालित होने की जानकारी भी सामने आई। प्रधान सचिव ने इसे प्रशासनिक निरीक्षण एवं नियंत्रण की कमी का संकेत बताते हुए कहा है कि राजस्व प्रशासन पर भू-माफियाओं द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध‘रूल ऑफ लॉ'के तहत सख्त न्यायिक एवं आपराधिक कारर्वाई की जाएगी। निर्देशानुसार सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए विभाग द्वारा राशि आवंटित की जा चुकी है। उद्देश्य है कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली पारदर्शी हो तथा दलालों का प्रवेश पूरी तरह निषिद्ध किया जा सके।