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ईरान को 48 घंटे की जंग में हुआ कितना नुकसान? 48 नेता, 40 कमांडर, 9 नेवल शिप की कीमत पर मिडिल ईस्ट में फ्रांस की एंट्री

तेहरान / न्यूयॉर्क अमेरिका और इजरायल के हमलों के दौरान ईरान को 48 घंटे में भारी नुकसान हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को बताया कि इन हमलों में 48 ईरानी नेता मारे गए हैं. उन्होंने कहा, 'यह तेजी से आगे बढ़ रहा है. कोई विश्वास नहीं कर सकता कि हमने कितनी सफलता हासिल की है, एक ही हमले में 48 नेता खत्म हो गए.' ट्रंप ने यह बात फॉक्स न्यूज के साथ इंटरव्यू में कही. वहीं इजरायल की सेना (IDF) ने कहा कि इस हमले में 40 'महत्वपूर्ण' ईरानी सैन्य कमांडर मारे गए हैं, जिनमें ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ, अब्दुलरहीम मौसावी भी शामिल हैं. IDF के अनुसार, यह कार्रवाई खामेनेई पर हमले के तुरंत बाद हुई. नौ ईरानी युद्धपोत डूबे ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी सेनाएं ईरान की नौसेना को बेअसर करने में लगी हैं और अब तक नौ ईरानी युद्धपोत डूब चुके हैं. उन्होंने कहा, 'वे जल्दी ही समुद्र की तलहटी पर तैरेंगे!' उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमलों ने ईरानी नौसेना मुख्यालय को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत ईरानी सैन्य बलों ने जवाब में सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि इस संघर्ष में अब तक तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं और पांच गंभीर रूप से घायल हुए हैं. अमेरिकी सेनाध्यक्षों के अनुसार, ईरान के खिलाफ संयुक्त अमेरिकी-इजरायली ऑपरेशन ने देश के कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक नेताओं को खत्म कर दिया, जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे. USS अब्राहम लिंकन पर हमले का दावा खारिज यह संघर्ष अब पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फैल गया है. ईरानी मिसाइलों ने यूएई, कतर, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाया. ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को दावा किया कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि मिसाइलें कैरियर के पास तक भी नहीं पहुंच सकीं और कैरियर अभी भी क्षेत्र में संचालन कर रहा है. अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ईरान पर भीषण हमले किए जो तीसरे दिन भी जारी हैं. इसके जवाब में ईरान ने भी कई देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में टकराव बढ़ता जा रहा है.  दूसरी तरफ खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने भी अपने तेवर से बता दिया है कि वो रुकने वाला नहीं है. ईरान की जामकरान मस्जिद पर इंतकाम का लाल झंडा फहराया गया है. ईरान ने जवाबी हमले में 'करारा' जवाब देने का दावा करते हुए इजरायल और मिडिल ईस्ट में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. मिडिल ईस्ट के देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं, जबकि कई देशों ने अपने नागरिकों को एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने के लिए कहा गया है.  पाकिस्तान में US दूतावास अलर्ट पर अमेरिकी दूतावास इस्लामाबाद ने पाकिस्तान में वर्तमान स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की है. दूतावास ने बताया कि लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर चल रहे प्रदर्शन और कराची के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हिंसक विरोध प्रदर्शन की सूचना मिल रही है. इसके अलावा, इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर के अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सामने भी अतिरिक्त प्रदर्शन के आह्वान हो रहे हैं. अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे तब तक अपनी आवाजाही सीमित रखें जब तक अन्य सूचना न दी जाए. सेंसेक्स 2743 अंक टूटा, निफ्टी 519 अंक गिरा ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सेंसेक्स में 2743 अंक यानी 3.38% की भारी गिरावट देखी गई और यह 78,543 अंक पर खुला. वहीं, निफ्टी इंडेक्स में भी 519 अंक या 2.06% का नुकसान हुआ, जो इसे 24,659 अंक पर ले आया. इजरायल के हमलों में कम से कम 10 लोगों की मौत ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इजरायल के हमलों के चलते बेरूत के दक्षिणी इलाकों में कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की खबर सामने आई है. साइप्रस में ब्रिटिश बेस पर ड्रोन हमला, नुकसान की पुष्टि साइप्रस ने पुष्टि की है कि उसके द्वीप पर स्थित एक ब्रिटिश सैन्य ठिकाने को ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया था. इस हमले से ठिकाने को गंभीर नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है. यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के संदर्भ में चिंता का विषय बनी हुई है.  ईरानी सुप्रीम लीडर की हत्या के विरोध में डोडा-किश्तवाड़ में बंद का आह्वान डोडा और किश्तवार जिलों में शिया और अन्य मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने आज बंद का आह्वान किया है. यह बंद ईरान के सुप्रीम नेता की हत्या के विरोध में आयोजित किया गया है. जम्मू डिवीजन के ये दोनों जिले धार्मिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र हैं, जहां इस तरह के घटनाक्रम का गहरा असर पड़ता है.

अमरनाथ यात्रा को लेकर लखनपुर में प्रशासन अलर्ट, DC ने दिए कड़े आदेश

बनी/कठुआ आगामी वार्षिक श्री अमरनाथ यात्रा प्रबंधों के लिए कठुआ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी के चलते डी.सी. राजेश शर्मा ने अधिकारियों के साथ जम्मू-कश्मीर के मुख्य प्रवेश द्वार लखनपुर का दौरा किया। उन्होंने वहां पर देश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ढांचागत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हाल ही में आई बाढ़ के बाद संपत्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करने के लिए भी वहां का दौरा किया। इस दौरान डी.सी. ने पर्यटन विभाग, पशुपालन विभाग, राज्य कर विभाग के डी.सी. कार्यालय और उत्पाद शुल्क विभाग की बाढ़ से प्रभावित संपत्तियों का व्यापक निरीक्षण किया। उन्होंने अमरनाथ यात्रा अवधि के दौरान उपलब्ध अवसंरचना के जीर्णोद्धार, सुदृढ़ीकरण और इष्टतम उपयोग की संभावनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आवास, सेवा वितरण और सुविधा के लिए उनके प्रभावी उपयोग की संभावनाओं का पता लगाने के लिए विभिन्न सरकारी भवनों और लॉजिस्टिक सुविधाओं का भी निरीक्षण किया। बाद में डी.सी. ने लखनपुर के यार्ड क्षेत्र का दौरा किया और लखनपुर यात्रा अभिनंदन केंद्र की स्थापना के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि वे यात्रा से काफी पहले सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए बिजली, जल आपूर्ति, स्वच्छता और पहुंच मार्गों सहित आवश्यक बुनियादी ढांचे की समय पर मुरम्मत, बहाली और संवर्धन सुनिश्चित करें। डी.सी. ने पशुपालन विभाग को भी अपने अस्थायी कार्यालय को जल्द से जल्द उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने लखनपुर नगर समिति के कार्यकारी अधिकारी को लखनपुर प्रवेश द्वार का व्यापक कायाकल्प और सौंदर्यीकरण करने का भी निर्देश दिया। इस दौरान उनके साथ राज्य कर उपायुक्त जोगिंदर जसरोटिया, सी.पी.ओ. रणजीत ठाकुर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

अगर घर में नजर आएं ये संकेत तो समझ लें खुशियों की दस्तक तय है

वास्तु शास्त्र और भारतीय परंपराओं में हमारे आसपास होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं को भविष्य के संकेतों से जोड़कर देखा जाता है। अक्सर हमारे घर में कुछ ऐसे बदलाव या घटनाएं होती हैं जिन्हें हम साधारण समझकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन वास्तु के अनुसार ये शुभ संकेत होते हैं। ये संकेत इशारा करते हैं कि आपके घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होने वाला है और जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। आइए विस्तार से जानते हैं उन संकेतों के बारे में जो भाग्य बदलने की दस्तक देते हैं। घर के मुख्य द्वार पर गौरैया या पक्षी का घोंसला बनाना वास्तु शास्त्र में पक्षियों को सकारात्मक ऊर्जा का वाहक माना गया है। यदि आपके घर की छत, बालकनी या मुख्य द्वार के पास कोई पक्षी अपना घोंसला बनाती है, तो यह बहुत ही शुभ संकेत है। इसका अर्थ है कि आपके घर की सुख-समृद्धि में वृद्धि होने वाली है और परिवार में कोई मांगलिक कार्य होने वाला है। अचानक काली चींटियों का झुंड दिखना अक्सर हम घर में चींटियां देखकर उन्हें भगाने लगते हैं लेकिन ज्योतिष और वास्तु में काली चींटियों का दिखना धन आगमन का प्रतीक है। यदि काली चींटियां घेरा बनाकर कुछ खाती हुई दिखें या घर की दीवारों पर ऊपर की ओर जाती दिखें, तो समझ लें कि आपका रुका हुआ पैसा वापस मिलने वाला है या व्यापार में बड़ा मुनाफा होने वाला है।  घर के आंगन में तितलियों का आना तितलियां खुशहाली और बदलाव का प्रतीक हैं। यदि आपके घर के बगीचे या आंगन में अचानक रंग-बिरंगी तितलियां मंडराने लगें, तो यह करियर में बड़े उछाल का संकेत है। अविवाहित लोगों के लिए यह जल्द विवाह होने का संकेत भी हो सकता है। गाय का घर के द्वार पर आकर रंभाना सनातन धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। यदि सुबह के समय कोई गाय आपके घर के मुख्य द्वार पर आकर रंभाती है, तो यह साक्षात ईश्वरीय आशीर्वाद है। ऐसी स्थिति में गाय को रोटी या गुड़ जरूर खिलाएं। यह संकेत बताता है कि आपके घर के सारे दुख दूर होने वाले हैं। घर में अचानक हरियाली का बढ़ना यदि आपके घर में लगे पौधे बिना किसी विशेष खाद या देखरेख के अचानक हरे-भरे हो जाएं और उनमें सुंदर फूल खिलने लगें, तो यह घर की सकारात्मक ऊर्जा के बढ़ने का प्रमाण है। हरा रंग बुध ग्रह का प्रतीक है। पौधों का खिलना आपके बौद्धिक विकास और आर्थिक स्थिरता की ओर इशारा करता है। शंख या घंटियों की आवाज सुनाई देना यदि सुबह उठते ही आपको कहीं दूर से शंख, मंदिर की घंटियों या भजनों की आवाज सुनाई देती है, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि आपके जीवन से नकारात्मकता खत्म हो रही है और आप जल्द ही किसी बड़ी बाधा से मुक्त होने वाले हैं।  

झारखंड में चढ़ता तापमान: 34 डिग्री तक पहुंची गर्मी, मौसम विभाग का अलर्ट

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज अभी बदल रहा है। एक तरफ दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो रही है, वहीं रात के समय कुछ इलाकों में अभी भी ठंडक महसूस होती है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। रांची, खूंटी, लोहरदगा जैसे जिलों में रात के समय लोगों को ठंडक महसूस हो रही है। यहां न्यूनतम तापमान लगभग 10 डिग्री के आसपास था, लेकिन आज के लिए तापमान बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, दिन का तापमान भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है। पलामू, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में जंगलों की वजह से पहले तापमान थोड़ा कम रहता था, लेकिन अब यहां भी गर्मी महसूस होने लगी है। उदाहरण के लिए लोहरदगा में जहां कल न्यूनतम तापमान 10 डिग्री था, आज यह 18 डिग्री रहने का अनुमान है। पाकुड़, साहिबगंज, जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा जैसे जिलों में भी न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है। अब इन जगहों का न्यूनतम तापमान 18 से 19 डिग्री तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटे में सबसे गर्म जगह चाईबासा रही, जहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, लोहरदगा सबसे ठंडा रहा, यहां न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री रहा और रात में ठंडी हवा ने राहत दी। होली पर मौसम आगामी 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। दोपहर में तेज धूप और उमस रहेगी, जबकि शाम में हल्की ठंडी हवा चलेगी। यानी होली के दिन मौसम गर्म रहेगा।  

होली पर रंगों की मस्ती में कानून तोड़ा तो नहीं बख्शेगी बिहार पुलिस, जानें पूरा सुरक्षा इंतज़ाम

पटना बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने शनिवार को होली से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए। होली चार मार्च को मनाई जाएगी। डीजीपी कंट्रोल रूम को हर 2 घंटे में मिलेगी अपडेट कुमार ने बताया कि होली पर उपद्रव नहीं किया जायेगा और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पुलिस थानों को संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, "प्रत्येक जिले में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर दो घंटे में डीजीपी नियंत्रण कक्ष को स्थिति की रिपोर्ट दें।" असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने निर्देश दिया है कि पुलिस पिछले तीन वर्षों की घटनाओं का विश्लेषण करे। अक्सर देखा गया है कि होली की आड़ में पुरानी दुश्मनी या भूमि विवाद को लेकर वारदातों को अंजाम दिया जाता है। असामाजिक तत्वों के खिलाफ धारा-126 और BNSS के तहत कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर सीसीए (CCA) की धारा-3 और बीएनएसएस की धारा-170 के तहत गिरफ्तारी भी हो सकती है। संदिग्ध लोगों से धारा-135 के तहत बॉन्ड भरवाया जाएगा, जिसका मिलान अनुमंडल दंडाधिकारी कार्यालय से होगा। राज्य में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात राज्यभर में होली को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। सभी जिलों में 12 कंपनी रेंज रिजर्व बल, 31 कंपनी बीसैप (बिहार सशस्त्र पुलिस बल), 2768 पीटीसी प्रशिक्षु सिपाही और 5100 होमगार्ड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा तीन कंपनी केंद्रीय पुलिस बल की भी तैनाती की गई है। राजधानी पटना में सबसे अधिक सुरक्षा बल लगाए गए हैं। यहां तीन कंपनी रेंज रिजर्व बल, तीन कंपनी बीसैप, 535 नवनियुक्त सिपाही और 400 होमगार्ड तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त दरभंगा, बेगूसराय, जमुई, मुंगेर, रोहतास, बक्सर, गया और मोतिहारी में भी अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे आपसी सौहार्द बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने या नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि होली का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जा सके।

चंद्र ग्रहण और होली एक साथ: नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन कब होंगे? जानिए पूरा विवरण

राजसमंद पुष्टिमार्गीय वल्लभ संप्रदाय की प्रधानपीठ नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी की हवेली में 3 मार्च 2026, फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को पड़ रहे चंद्र ग्रहण के कारण होली एवं डोल उत्सव के सेवा क्रम में परिवर्तन किया गया है। तिलकायत राकेश महाराज की आज्ञा अनुसार मंगलवार को होने वाले चंद्र ग्रहण को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 3 मार्च को प्रातः 3 बजे शंखनाद होगा और उसी दिन डोल उत्सव का आयोजन किया जाएगा। चंद्र ग्रहण का स्पर्श सायं 3:20 बजे से होगा तथा मोक्ष 6:47 बजे रहेगा। ग्रहण काल 3:20 बजे से 6:48 बजे तक रहेगा। इस कारण डोल उत्सव के बाद ग्रहण क्रम की सेवा ही संपन्न होगी। युवाचार्य विशाल बावा ने बताया कि पुष्टिमार्गीय परंपरा में डोल उत्सव का मुख्य आधार उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र है और सामान्यतः उत्सव इसी नक्षत्र में मनाया जाता है। किंतु शास्त्रीय मर्यादा के अनुसार यदि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन किसी क्षेत्र में चंद्र ग्रहण दृश्य हो, तो नक्षत्र की अपेक्षा पूर्णिमा तिथि को प्रधानता दी जाती है। जहां ग्रहण दिखाई देता है, वहां डोल उत्सव पूर्णिमा के दिन ही मनाया जाता है। चूंकि प्रधानपीठ श्रीनाथद्वारा में चंद्र ग्रहण दृश्य होगा, इसलिए यहां डोल उत्सव 3 मार्च 2026 को ही आयोजित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में ग्रहण दृश्य नहीं होगा, वहां 4 मार्च 2026 को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में डोल उत्सव मनाया जाएगा। दर्शन व्यवस्था इस प्रकार रहेगी     प्रातः मंगला, श्रृंगार और ग्वाला दर्शन नहीं खुलेंगे।     डोल के तीसरे-चौथे राजभोग दर्शन लगभग 10:30 बजे होंगे।     उत्थापन, भोग, संध्या आरती और शयन दर्शन नहीं खुलेंगे।     ग्रहण का सूतक लगने के कारण राजभोग का सखड़ी प्रसाद गौशाला भेजा जाएगा।     उत्सव के पश्चात ग्रहण क्रम की सेवा होगी।     ग्रहण से संबंधित प्रमुख समय     ग्रहण का वेध: प्रातः 3:52 बजे     ग्रहण का स्पर्श: सायं 3:20 बजे     मध्य/गौदान: सायं 5:04 बजे     मोक्ष: सायं 6:47 बजे     चंद्रोदय: सायं 6:42 बजे     पर्वकाल: 3 घंटे 27 मिनट     दृश्यपर्व: 4 मिनट 26 सेकंड

केंद्र की सैद्धांतिक मंजूरी, देवघर में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित होगी

देवघर झारखंड के देवघर में केंद्र सरकार ने ब्रह्मोस मिसाइल बनाने की यूनिट स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इससे राज्य में रक्षा उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है। सांसद निशिकांत दुबे ने बताया कि उन्होंने 13 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर देवघर में ब्रह्मोस यूनिट स्थापित करने की मांग की थी। इसके बाद रक्षा मंत्रालय की ओर से सैद्धांतिक स्वीकृति मिल गई। देवघर के मोहनपुर प्रखंड के तिलौना क्षेत्र में करीब 300 एकड़ सरकारी जमीन पहले से चिन्हित है, जिसे लगभग आठ साल पहले आरक्षित किया गया था। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस यूनिट बनने से देवघर पूर्वी भारत का प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्र बन सकता है। इससे राज्य में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही ऑटो पार्ट्स, प्रिसिजन इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों का विकास भी होगा, जिससे क्षेत्रीय औद्योगिक इकोसिस्टम मजबूत होगा। यह कदम आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल की हालिया सफलताओं के बाद इसकी मांग लगातार बढ़ रही है।  

महंगाई भत्ते को बेसिक में जोड़ने की मांग तेज, कर्मचारियों ने सरकार को लिखा पत्र

नई दिल्ली देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन (FNPO) ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को एक आधिकारिक पत्र लिखकर अंतरिम राहत की मांग की है। फेडरेशन का प्रस्ताव है कि 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी रूप से कर्मचारियों के मूल वेतन (Basic Pay) में 50% महंगाई भत्ते (DA) को समाहित (Merge) कर दिया जाए। महंगाई और वेतन में देरी बनी मुख्य वजह FNPO के महासचिव शिवाजी वेसिरेड्डी ने पत्र में स्पष्ट किया है कि 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों के क्रियान्वयन में होने वाली संभावित देरी को देखते हुए यह कदम उठाना अनिवार्य है। फेडरेशन का तर्क है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) को बुरी तरह प्रभावित किया है।   पत्र के मुख्य अंशों के अनुसार     बेसिक सैलरी में 50% DA मर्ज करने से कर्मचारियों को तुरंत वित्तीय राहत मिलेगी और समाज में उनका आर्थिक सम्मान बना रहेगा।     महंगाई भत्ता सीधे तौर पर जीवन यापन की लागत से जुड़ा होता है। इसमें तेजी से बढ़ोतरी इस बात का प्रमाण है कि वर्तमान मूल वेतन संरचना अब वास्तविक खर्चों को वहन करने में सक्षम नहीं है।     स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आवास, ईंधन और परिवहन जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। क्या होता है DA/DR और इसका गणित? केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को DA (Dearness Allowance) और पेंशनभोगियों को DR (Dearness Relief) प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य बढ़ती कीमतों के प्रभाव को बेअसर करना होता है। क्या है वर्तमान स्थिति?     फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% की दर से DA मिल रहा है।     संभावित बढ़ोतरी: अनुमान है कि AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर इसमें जल्द ही 2% की और वृद्धि हो सकती है।     संशोधन चक्र: सरकार हर साल दो बार (जनवरी और जुलाई में) महंगाई भत्ते की समीक्षा और संशोधन करती है। क्यों जरूरी है DA का मर्जर? जब महंगाई भत्ता मूल वेतन के 50% या उससे अधिक हो जाता है, तो कर्मचारी संगठन अक्सर इसे बेसिक सैलरी में जोड़ने की मांग करते हैं। इससे न केवल मासिक वेतन में वृद्धि होती है, बल्कि HRA (मकान किराया भत्ता), ग्रेच्युटी और अन्य भत्ते भी बढ़ जाते हैं, क्योंकि वे सीधे मूल वेतन पर आधारित होते हैं। FNPO ने उम्मीद जताई है कि वेतन आयोग इस मानवीय और आर्थिक पहलू पर विचार करेगा ताकि देश भर के लाखों परिवारों को महंगाई के इस दौर में संबल मिल सके।

होली 2026 से पहले करें ये काम, घर से निकाल दें ये चीजें वरना बढ़ेगी नकारात्मक ऊर्जा

नई दिल्ली किसी भी तीज-त्योहार से पहले घर की सफाई होना लाजमी है। हालांकि इसके बाद भी कई लोग घर में ऐसी चीजें रखे रहते हैं जोकि वास्तु के हिसाब से सही नहीं है। त्योहार से पहले घर की सफाई करने का एकमात्र उद्देश्य होता है कि सारी नेगेटिविटी दूर हो जाएंगे और घर के हर एक कोने में पॉजिटिविटी रहे। अब होली आने वाली है। हर कोई होली की तैयारियां में जुट चुका है। रंगभरी एकादशी के से ही लोग होली की मस्ती में झूमते दिखेंगे। हिंदू पंचांग के हिसाब से इस बार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी। वास्तुशास्त्र के हिसाब से किसी भी त्योहार से पहले घर की साफ-सफाई सही तरीके से करनी चाहिए और इस दौरान कुछ चीजों को घर से बाहर कर देना चाहिए। ऐसा करने से घर से सारी नेगेटिविटी बाहर चली जाती है और घर में खुशहाली आती है। घर से बाहर कर दें ये चीजें शास्त्र के हिसाब से होली नजदीक आते ही घर में टूटी पड़ी हुई चीजों को सबसे पहले बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए। इसके अलावा अगर घर में कोई बंद घड़ी पड़ी है तो इसे भी बाहर कर देना चाहिए। शास्त्र के हिसाब से घर में तीज-त्योहार जैसे पावन दिनों में टूटी हुई चप्पल या जूते नहीं होने चाहिए। साथ ही घर से टूटे हुए बर्तन भी निकाल देने चाहिए। अगर ये चीजें घर में हैं तो होली से पहले इन्हें बाहर कर देने से हर एक कोने में पॉजिटिवि एनर्जी आएगी। दरअसल इन चीजों में नेगेटिव एनर्जी रहती है और इनके होने से घर की पॉजिटिविटी इफेक्ट होती है। ऐसे में इनको हटा देना ही उचित होता है। पूजा घर से दूर करें ये चीजें वहीं घर के पूजा स्थल से आप टूटी हुई मूर्तियां हटा देंगे तो घर का वास्तु अपने आप ही ठीक हो जाएगा। आम तौर पर देखा जाता है कि लोग खंडित पड़ी हुई मूर्तियों को इकट्ठा करके रख लेते हैं ताकि मौका मिलते ही उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दिया जाए। ऐसे में ये खंडित चीजें घर में कई दिनों तक रह जाती है और इनके नेगेटिव वाइब्रेशन से घर का वास्तु गड़बड़ा जाता है। इसी वजह से किसी भी त्योहार या पूजा से पहले इन्हें किसी भी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। वहीं अगर घर में कोई टूटा हुआ शीशा है तो उसे भी इस दौरान घर से बाहर का रास्ता दिखा देना ही बेहतर माना जाता है।

देशभक्ति की गूंज: आज पटेल पार्क में होगा राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान कार्यक्रम

भोपाल मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र -गीत "वन्देमातरम" एवं राष्ट्र -गान "जन-गण-मन" का गायन सोमवार 2 मार्च को प्रात: 10:15 बजे किया जाएगा। रविवार 1 मार्च को शासकीय अवकाश होने के कारण राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का आयोजन 2 मार्च को किया जायेगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी अधिकारी/कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्र गीत एवं राष्ट्र गान का आयोजन किया जाता है।