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SA Tour पर ऑस्ट्रेलिया का शेड्यूल तय, टेस्ट और वनडे सीरीज में होगी कड़ी टक्कर

मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया तीन टेस्ट मैच और इतने ही एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के लिए इस साल सितंबर अक्टूबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा। पिछले साल जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जीत के बाद दोनों टीम पहली बार टेस्ट मैच खेलेंगी। दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतकर 37 वर्षों में पहली बार कोई बड़ी ट्रॉफी जीती थी। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को बताया कि एकदिवसीय मैच 24 सितंबर को डरबन में, 27 सितंबर को जोहानिसबर्ग में और 30 सितंबर को पोटचेफस्ट्रूम में खेले जाएंगे। इसके बाद 3-4 अक्टूबर को पोटचेफस्ट्रूम में दो दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। पहला टेस्ट मैच नौ अक्टूबर को डरबन में शुरू होगा। दूसरा टेस्ट मैच 18 अक्टूबर से गकेबरहा (पूर्व में पोर्ट एलिजाबेथ) में तथा तीसरा और अंतिम टेस्ट मैच 27 अक्टूबर से केपटाउन के न्यूलैंड्स में खेला जाएगा।  

क्या पुरुष ट्रैफिक पुलिसकर्मी महिलाओं से वाहन जांच नहीं कर सकते?

  नई दिल्ली हाल ही में सोशल मीडिया पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो बाइक पर महिला राइडर देखकर उसे छोड़ देता है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही थी कि क्या पुरुष पुलिसकर्मी किसी महिला राइडर को रोक सकते हैं या नहीं. इस सवाल पर कई तरह के कमेंट आ रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि शाम को पुलिसकर्मी नहीं पकड़ सकते हैं तो कई लोगों का कहना है कि शराब वाला टेस्ट पुरुष पुलिसकर्मी नहीं कर सकते हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है… क्या कहते हैं नियम? नियमों के अनुसार, भारतीय ट्रैफिक कानून पुरुष पुलिसकर्मियों को दस्तावेज़ जांच या उल्लंघन के लिए गाड़ी चला रही महिलाओं को रोकने की अनुमति देते हैं. सभी राज्यों में पुलिस के निर्देश पुरुष और महिलाओं के लिए एक ही है. ये बात सच है कि सूर्यास्त के बाद महिला अधिकारियों की तैनाती अनिवार्य है, लेकिन ये नियन केवल गिरफ्तारी या हिरासत के मामलों में ही लागू होते हैं.  ऐसे में सामान्य यातायात जांच के मामलों में ये लागू नहीं होते हैं. ऐसे में रात में भी पुरुष पुलिसकर्मी महिला चालकों से पूछताछ कर सकते हैं. सरल शब्दों में कहें तो, किसी वाहन को रोकना, कागजात की जांच करना या चालान जारी करना गिरफ्तारी नहीं माना जाता है.  इसके अलावा, एएसआई या उससे ऊपर के रैंक के ट्रैफिक ऑफिसर चालक के लिंग की परवाह किए बिना, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के कागजात मांगने या चालान जारी करने के लिए अधिकृत हैं. रात के समय में कई राज्य सुरक्षा और जनता की सुविधा के लिए, जहां तक संभव हो, महिला अधिकारियों को तैनात करना पसंद करते हैं. लेकिन यह एक प्रथा है, कानून नहीं. पुरुष पुलिस अधिकारियों पर अभी भी रात के अंधेरे में महिला चालकों को रोकने पर कोई पूर्ण प्रतिबंध नहीं है. साल 2015 में, नवी मुंबई पुलिस ने गोल्फ क्लब रोड पर लापरवाही से गाड़ी चलाने सहित यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली महिला चालकों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया. महिला कांस्टेबलों की कम संख्या के कारण, पुरुष अधिकारियों ने जुर्माना लगाया. कानून पुरुषों और महिलाओं में कोई भेद नहीं करता.

किसानों के लिए खुशखबरी! 2585 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेगी सरकार, ये काम करना होगा अनिवार्य

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 2585 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार तैयारियों में जुटी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। पंजीयन का काम 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया ​कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 27175, उज्जैन में 73398, ग्वालियर में 3358, चंबल में 1449, जबलपुर में 12342, नर्मदापुरम में 11698, भोपाल में 41268, रीवा में 3242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7137 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल एमपी में गेहूं खरीदी के लिए इस बार कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह पिछले साल से 160 रूपए अधिक है।   पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंदों पर भी निशुल्क पंजीयन किए जा रहे हैं। इधर एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केंद्रों और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफों पर पंजीयन का शुल्क देना होगा।

एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: लवलीना-निकहत पर टिकी भारतीय दल की उम्मीदें

नई दिल्ली ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और दो बार की विश्व चैंपियन निकहत ज़रीन 28 मार्च से 11 अप्रैल तक मंगोलिया में होने वाली एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में भारत की 20 सदस्यीय टीम की अगुवाई करेंगी। भारत ने एक महीने तक चली गहन मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद 20 सदस्यीय टीम का चयन किया है। जनवरी में राष्ट्रीय चैंपियनशिप के बाद संभावित खिलाड़ियों को पटियाला में चल रहे राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया था। चयन नीति के अनुसार एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए चुना जाएगा। इससे इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप का महत्व बढ़ गया है। स्पेन में हाल ही में बॉक्सम एलीट चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली लवलीना (75 किग्रा) महिला टीम की अगुवाई करेंगी। स्पेन में स्वर्ण पदक जीतने वाली अन्य खिलाड़ियों प्रीति (54 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) और प्रिया (60 किग्रा) को भी टीम में शामिल किया गया है। मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी (48 किग्रा) और जैस्मीन (57 किग्रा) भी टीम में शामिल हैं। महिला वर्ग में अन्य खिलाड़ियों में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल की स्वर्ण पदक विजेता निकहत ज़रीन (51 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा) और अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 किग्रा से अधिक) को टीम में जगह दी गई है। पुरुषों के वर्ग में विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल और बॉक्सम चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता सचिन (60 किग्रा) टीम की अगुवाई करेंगे। उनके साथ आकाश (75 किग्रा) भी शामिल हैं, जिन्होंने स्पेन में स्वर्ण पदक जीता था। स्पेन में रजत पदक जीतने वाले दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) तथा स्पेन में कांस्य पदक विजेता और विश्व मुक्केबाजी फाइनल के रजत पदक विजेता जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा) भी टीम का हिस्सा हैं। विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा) और नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक) टीम में शामिल अन्य खिलाड़ी हैं। भारतीय मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘‘एशियाई चैंपियनशिप में हमेशा आपके कौशल और निरंतरता की अच्छी परीक्षा होती है। हमारा ध्यान ऐसे मुक्केबाजों के चयन पर रहा है जिन्होंने अच्छी फॉर्म, अनुशासन और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता दिखाई है। हमें विश्वास है कि यह टीम एशिया चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेगी।’’ खिलाड़ियों का मूल्यांकन मुख्य कोच सैंटियागो नीवा (महिला) और सीए कुट्टप्पा (पुरुष) की देखरेख में किया गया। भारतीय टीम ने स्पेन में बॉक्सम एलीट में नौ स्वर्ण पदक जीते थे। एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम: पुरुष: विश्वनाथ सुरेश (50 किग्रा), जदुमणि सिंह मंडेंगबाम (55 किग्रा), सचिन (60 किग्रा), आदित्य प्रताप यादव (65 किग्रा), दीपक (70 किग्रा), आकाश (75 किग्रा), अंकुश (80 किग्रा), लोकेश (85 किग्रा), हर्ष चौधरी (90 किग्रा), नरेंद्र (90 किग्रा से अधिक)। महिला: मिनाक्षी (48 किग्रा), निकहत ज़रीन (51 किग्रा), प्रीति (54 किग्रा), जैस्मिन (57 किग्रा), प्रिया (60 किग्रा), अंकुशिता बोरो (65 किग्रा), अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), पूजा रानी (80 किग्रा), अल्फिया तरन्नुम अकरम खान पठान (80 से अधिक किग्रा)।  

क्रोध नहीं, संयम है ताकत: हर मेहनती इंसान के लिए 5 जीवन मंत्र

अगर आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता है और आप लोगों पर गुस्सा उतारने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने लगते हैं तो जरा रुकिए, यह किसी सफल व्यक्ति के गुण बिल्कुल नहीं हैं। दुनिया को जीतने का हौसला रखने वाला एक सफल व्यक्ति अपनी कुछ आदतों में एक आम व्यक्ति से बिल्कुल अलग होता है। यही वो खासियत होती हैं, जो उसे आम से खास बनाकर सफलता की सीढ़ी चढ़ने में मदद करती हैं। याद रखें, शांत रहना कोई कमजोरी नहीं, बल्कि खुद पर काबू पाने का वो आसान तरीका है, जो बिना लड़े ही आधी जंग जीत लेता है। अगर आप भी जीवन में खामोश कदमों से बड़ी सफलता हासिल करना चाहते हैं तो ये 5 टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। प्रतिक्रिया देने में जल्दबाजी न करें जब कोई आपको उकसाए या अपमान करे, तो तुरंत जवाब देने की जगह 2 सेकंड रुकें। आपकी चुप्पी सामने वाले के गुस्से को बेअसर कर देती है और आपको स्थिति जीतने का मौका देती है। कम बोलने और ज्यादा सुनने की आदत डालें जीतने वाले व्यक्ति हमेशा कम बोलते हैं और ज्यादा सुनते का गुण रखते हैं। जब आप किसी दूसरे व्यक्ति को सुन रहे होते हैं, तो आप उससे मिली जानकारी इकट्ठा कर रहे होते हैं। जितना कम आप अपने पत्ते खोलेंगे, याद रखें लोग आपकी अगली चाल को लेकर उतने ही उत्सुक और सतर्क बने रहेंगे। अपनी एनर्जी को बचाए रखें हर बहस जीतने के लिए नहीं होती। मूर्खों से उलझना अपनी मानसिक शांति को खराब करना होता है। 'आप सही कह रहे हैं' कहकर आगे बढ़ जाना सबसे बड़ी कूटनीति है, जो सफलता का रास्ता जल्दी तय करने में मदद करती है। दिन में कम से कम 15 मिनट पूरी तरह मौन रहें। यह अभ्यास आपके दिमाग के 'शोर' को कम करता है और आपकी निर्णय लेने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। परिणाम पर नहीं, प्रक्रिया पर ध्यान दें दुनिया को जीतने का हौसला वही रखते हैं, जिनका मन भविष्य की चिंता या अतीत के पछतावे में नहीं उलझा रहता है। अपने आज में जीने से आपको असली मानसिक शांति मिलेगी। अपनी कमियों को स्वीकारें एक सफल व्यक्ति को ना तो अपनी तारीफ से और ना ही बुराई से कोई फर्क पड़ता है। जब आप खुद को पूरी तरह स्वीकार कर लेते हैं, तो दूसरो की कोई भी दिल दुखाने वाली बात, आपको चोट नहीं पहुंचा सकती है। अहंकार हमेशा अशांति पैदा करता है। विनम्र व्यक्ति पानी की तरह सरल होने के साथ अपना रास्ता खुद बनाने का हुनर भी जानता है। इसलिए हमेशा विनम्रता का गुण बनाए रखें।  

क्या खत्म होने वाला है नेमार का करियर? फीफा वर्ल्ड कप से पहले सामने आई सच्चाई

सैंटोस (ब्राज़ील) ब्राज़ील के स्टार फुटबॉलर Neymar ने संकेत दिया है कि वह 2026 के अंत में प्रोफेशनल फुटबॉल से संन्यास ले सकते हैं। हालांकि उनका पूरा फोकस इस साल होने वाले FIFA World Cup 2026 में ब्राज़ील का प्रतिनिधित्व करने पर है। लगातार चोटों से जूझ रहे 34 वर्षीय नेमार फिलहाल फिटनेस हासिल करने की जद्दोजहद में हैं और एक बार फिर राष्ट्रीय टीम में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सैंटोस में वापसी के बाद फिर से मिला आत्मविश्वास Santos FC के साथ अपने करियर की नई शुरुआत कर रहे नेमार ने दिसंबर 2025 में घुटने की सर्जरी करवाई थी। इससे पहले वह एसीएल (ACL) चोट के कारण पूरा सीजन नहीं खेल पाए थे। FC Barcelona और Paris Saint-Germain के साथ सफल कार्यकाल के बाद नेमार ने अपने पुराने क्लब सैंटोस में वापसी की है। उनका कॉन्ट्रैक्ट कैलेंडर वर्ष के अंत तक बढ़ा दिया गया है। नेमार ने कहा, 'मुझे नहीं पता भविष्य में क्या होगा। संभव है कि दिसंबर में मैं संन्यास लेने का फैसला करूं। मैं दिन-प्रतिदिन जी रहा हूं। यह साल मेरे लिए, सैंटोस के लिए और ब्राज़ीलियन नेशनल टीम के लिए बेहद अहम है।' फिटनेस पर पूरा ध्यान, आलोचनाओं का दिया जवाब नेमार ने बताया कि वह इस सीजन 100 प्रतिशत फिट होकर लौटना चाहते थे, इसलिए कुछ मैचों में आराम किया। उन्होंने कहा कि लोग बाहरी बातें करते हैं, लेकिन वह अपनी फिटनेस को प्राथमिकता दे रहे हैं। 'मैं बिना दर्द और बिना डर के, पूरी तरह फिट होकर लौटना चाहता था। आखिरी मैच में मेरी वापसी अच्छी रही। मैं धीरे-धीरे अपनी लय में आ रहा हूं।' वर्ल्ड कप में वापसी बड़ी प्राथमिकता ब्राज़ील के लिए 128 मैचों में 79 गोल कर चुके नेमार अक्टूबर 2023 के बाद से राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेले हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्राज़ील के कोच Carlo Ancelotti उनकी फिटनेस पर नजर बनाए हुए हैं। ब्राज़ील को FIFA World Cup 2026 में ग्रुप C में रखा गया है। टीम 13 जून को Morocco national football team के खिलाफ MetLife Stadium में अपना अभियान शुरू करेगी। इसके बाद हैती और स्कॉटलैंड से मुकाबले होंगे। फिलहाल नेमार का पूरा ध्यान फिटनेस और प्रदर्शन पर है, जबकि उनके करियर का भविष्य अभी अनिश्चित बना हुआ है।    

मिडिल ईस्ट तनाव से घिरा, क्या युद्ध या संकट के समय इंश्योरेंस कंपनियों से मिलेगा क्लेम? जानें शर्तें

नई दिल्ली इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध ने दुनिया भर के लोगों को चिंता में डाल दिया है. खासकर भारतीय यात्रियों, विदेश में काम करने वालों और व्यापार करने वाली कंपनियों की मुश्किल बढ़ गई है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंश्योरेंस कंपनियां क्या कवर देती हैं? क्या आपकी सामान्य यात्रा बीमा या स्वास्थ्य बीमा इस युद्ध जैसी स्थिति में नुकसान की भरपाई करेगी? या बिजनेस के लिए कोई अलग सुरक्षा है? इस समय कई भारतीय परिवार और व्यापारी इसी उलझन में हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट भारत का बड़ा व्यापारिक पार्टनर है और वहां लाखों भारतीय काम करते हैं. सामान्य तौर पर ज्यादातर यात्रा और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में युद्ध, सिविल अनरेस्ट या आतंकवाद से होने वाले नुकसान को पूरी तरह बाहर रखा जाता है. यह पॉलिसी के एक्सक्लूजन क्लॉज में साफ लिखा होता है. अगर कोई इलाका बाद में अनसेफ घोषित हो जाए तो वहां जाने वाले लोगों को खुद सावधानी बरतनी पड़ती है. यानी अगर फ्लाइट कैंसल हो, होटल खर्च बढ़े या स्वास्थ्य समस्या युद्ध की वजह से आए तो बीमा कंपनी पैसे नहीं देगी. सिर्फ सामान्य स्वास्थ्य समस्या जैसे दिल का दौरा पड़ना, जो युद्ध से जुड़ा न हो, तो कुछ कंपनियां मदद कर सकती हैं. लेकिन युद्ध का सीधा असर हो तो कवर नहीं मिलता. एक्सक्लूजन क्लॉज में होता है वॉर या सिविल अनरेस्ट PlusCash के फाउंडर और CEO प्रणव कुमार के मुताबिक, जब किसी देश या क्षेत्र में युद्ध, दंगे या आतंकी घटनाएं होती हैं, तो ज्यादातर ट्रैवल और हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां ऐसे हालात में होने वाले नुकसान को कवर नहीं करती हैं. इन पॉलिसियों में पहले से ही “वॉर या सिविल अनरेस्ट” को एक्सक्लूजन क्लॉज में रखा जाता है. इसलिए अगर कोई व्यक्ति ऐसे इलाकों में यात्रा की योजना बना रहा है, जिन्हें बाद में असुरक्षित घोषित कर दिया जाता है, तो उसे पहले अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी की शर्तें ध्यान से पढ़ लेनी चाहिए और पूरी सावधानी बरतनी चाहिए. क्या महंगे प्लान में सब कवर होता है? भारत में भी इंश्योरेंस रेगुलेटर आईआरडीएआई के नियमों के तहत यही प्रैक्टिस है. अगर आप मिडिल ईस्ट घूमने या काम पर जा रहे हैं तो अपनी पॉलिसी अच्छे से पढ़ लें. कई बार लोग सोचते हैं कि महंगा प्लान ले लिया तो सब कवर हो जाएगा, लेकिन युद्ध जैसी बड़ी घटना में यह गलतफहमी महंगी पड़ सकती है. खासकर शिपिंग, ऑयल और एक्सपोर्ट बिजनेस करने वालों के लिए तो स्थिति और गंभीर है. होर्मुज स्ट्रेट जैसे इलाकों में शिपिंग रूट प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए सामान्य मरीन इंश्योरेंस भी पर्याप्त नहीं रहता. ऐसे में बिजनेस वाले लोगों को अलग तरह के स्पेशल बीमा प्रोडक्ट्स की जरूरत पड़ती है. जैसे पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस, वॉर रिस्क इंश्योरेंस और मरीन वॉर रिस्क कवर. ये प्रोडक्ट्स खासतौर पर बनाए गए हैं ताकि संपत्ति को नुकसान, बिजनेस रुकने या सरकार द्वारा संपत्ति छीनने जैसे खतरे से बचाया जा सके. लेकिन इनकी कीमत भी ज्यादा होती है और हर कोई आसानी से नहीं ले पाता. कंपनियों को मिलता है कवर? Vibhvangal Anukulakara Private Limited के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर सिद्धार्थ मौर्य के अनुसार, जो कंपनियां राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में काम करती हैं, उनके लिए खास तरह के इंश्योरेंस कवर बेहद जरूरी हो जाते हैं. इनमें पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस, वॉर रिस्क इंश्योरेंस और मरीन वॉर रिस्क कवर शामिल हैं. ये पॉलिसियां संपत्ति को नुकसान, बिजनेस रुकने (बिजनेस इंटरप्शन) और जबरन अधिग्रहण जैसे जोखिमों से सुरक्षा देने के लिए बनाई गई हैं. हालांकि, ऐसे कवर लेने की कीमत भी ज्यादा होती है. भारतीय कंपनियां जो मिडिल ईस्ट से तेल, गैस या दूसरे सामान का आयात-निर्यात करती हैं, उन्हें अब इन स्पेशल कवर की तलाश करनी पड़ रही है. कुछ इंटरनेशनल इंश्योरेंस ग्रुप्स ने पर्सियन गल्फ में वॉर रिस्क कवर रोक भी दिया है, जिससे शिपिंग कंपनियों की मुश्किल बढ़ गई है. कुछ कंपनियां टेररिज्म के लिए अलग ‘टेररिज्म राइडर’ या ऐड-ऑन कवर प्रदान करती हैं, लेकिन युद्ध के लिए बहुत कम ऑप्शन हैं. इस समय जब कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है, भारतीय व्यापारियों को अपनी पॉलिसी अपडेट करानी चाहिए. घरेलू स्वास्थ्य बीमा या लाइफ इंश्योरेंस में भी युद्ध से जुड़े नुकसान बाहर रहते हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार, पॉलिसी खरीदते समय सिर्फ प्रीमियम नहीं, बल्कि एक्सक्लूजन क्लॉज को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है.

रिकॉर्डतोड़ बजट! ‘धुरंधर’ से 16 गुना ज्यादा खर्च में तैयार हो रही है 2026 की मेगा फिल्म

मुंबई भारत में बीते कुछ सालों में फिल्ममेकर्स फिल्मों पर तगड़ी रकम खर्च कर रहे हैं. कई भारतीय फिल्मों ने टिकट खिड़की पर ताबड़तोड़ कमाई की है और इसे ध्यान में रखते हुए फिल्ममेकर्स भी फिल्मों पर पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं. साल 2025 में कई बिग बजट फिल्मों ने दस्तक दी थी, जबकि साल 2026 भी पूरी तरह से ऐसा ही होने वाला है. इस साल एक ऐसी भी फिल्म आएगी जिसका बजट रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ से भी 16 गुना ज्यादा है और ये ना सिर्फ 2026 की बल्कि भारत की अब तक की सबसे महंगी फिल्म साबित होगी. 2026 की शुरुआत में ही साउथ सुपरस्टार प्रभास और बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त की 400-450 करोड़ के बजट में बनी फिल्म ‘द राजा साब’ रिलीज हुई थी. इसके बाद रिपब्लिक डे के मौके पर सनी देओल की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘बॉर्डर’ के सीक्वल ‘बॉर्डर 2’ ने दस्तक दी थी. इसका बजट करीब 250 करोड़ तक है. इस साल किंग, अल्फा, बैटल ऑफ गलवान, दृश्यम 3 और स्पिरिट सहित कई बड़े बजट की फिल्में भी आने वाली हैं. इन सभी का बजट 200 करोड़ रुपये से ऊपर है. लेकिन, एक फिल्म ऐसी भी है जिसके सामने इन सभी फिल्मों के बजट को मिला लिया जाए तो भी ये सब उसका मुकाबला नहीं कर पाएगी. पहले ‘धुरंधर’ का बजट जानिए सबसे पहले हम आपको रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना की दिसंबर 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ का बजट बता देते हैं. बता दें कि आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च हुए थे और फिल्म ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपये की तगड़ी कमाई की है. साबित होगी अब तक की सबसे महंगी फिल्म जिस फिल्म का बजट रणवीर सिंह की धुरंधर से भी 16 गुना ज्यादा है उसका नाम है ‘रामायण’. रणबीर कपूर की अहम भूमिका वाली इस फिल्म पर पानी की तरह पैसा खर्च किया जा रहा है. ये फिल्म दो पार्ट में बन रही है और इसका कुल बजट 4 हजार करोड़ रुपये है. आज तक किसी भी भारतीय फिल्म पर इतनी बड़ी रकम खर्च नहीं की गई है. रामायण का पहला पार्ट 2026 की दिवाली पर और दूसरा पार्ट साल 2027 की दिवाली पर आएगा.

ब्यूटी रूटीन में गुड़हल क्यों है ज़रूरी? जानें स्किन और बालों के बेहतरीन लाभ

प्राकृतिक सुंदरता की चाहत हर किसी की होती है, लेकिन केमिकल से बने प्रॉडक्ट्स स्किन और बालों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में गुड़हल एक बेहद असरदार, सुरक्षित और आयुर्वेदिक ऑप्शन बनकर सामने आता है। इसे बोटॉक्स पौधा भी कहा जाता है, क्योंकि यह स्किन को कसाव देने और जवां बनाए रखने में सहायक होता है।     इसके फूल, पत्तियां और तेल तीनों ही, स्किन और बालों की देखभाल में काफी असरदार साबित होते हैं। इसलिए गुड़हल को अपने ब्यूटी केयर रूटीन में शामिल करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानें इसके क्या-क्या फायदे मिल सकते हैं। स्किन और बालों के लिए गुड़हल के फायदे     डेड स्किन सेलस् हटाता है- गुड़हल में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHA) पाए जाते हैं जो स्किन को एक्सफोलिएट करके डेड स्किन हटाते हैं।     एंटी-एजिंग गुण- इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और फ्लावोनॉयड्स त्वचा की झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करके उसे जवां बनाए रखते हैं। यह स्किन को टाइट बनाकर एजिंग के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।     त्वचा की गहराई से सफाई- गुड़हल स्किन की गहराई से सफाई करता है और पोर्स को क्लीन रखता है जिससे एक्ने और ब्लैकहेड्स की समस्या कम होती है।     स्किन के अन इवेन टोन को सुधारे- गुड़हल की पेस्ट या फेस मास्क स्किन की टोन को समान बनाता है और नेचुरल ब्राइटनिंग देता है।     दाग-धब्बों और पिगमेंटेशन से राहत- इसके नियमित इस्तेमाल से डार्क स्पॉट्स, सनटैन और पिगमेंटेशन कम होते हैं।     मुहांसों से सुरक्षा- इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल तत्व एक्ने को रोकते हैं और स्किन को हेल्दी बनाते हैं।     बालों की ग्रोथ में सहायक- गुड़हल की पत्तियों और फूलों से बना हेयर मास्क स्कैल्प को पोषण देता है और बालों की जड़ों को मजबूत करता है।     डैंड्रफ को करे दूर- इसके एंटी-फंगल गुण स्कैल्प की खुजली और रूसी को दूर करने में मदद करते हैं।     बालों को गहराई से मॉइस्चराइज करे- गुड़हल बालों को नमी देकर ड्राइनेस हटाता है और उन्हें स्मूद और शाइनी बनाता है।     स्किन को नैचुरल ग्लो दे- गुड़हल में विटामिन-सी  होता है, जो स्किन की चमक को बढ़ाता है और उसे फ्रेश लुक देता है।     त्वचा को हाइड्रेट और नरम बनाए- यह स्किन को हाइड्रेट करता है जिससे त्वचा मुलायम और लचीली बनी रहती है। गुड़हल एक ऐसा वर्सेटाइल पौधा है जिसे आप फेस पैक, हेयर ऑयल, मास्क या टोनर के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह पूरी तरह नेचुरल और सुरक्षित है, जो स्किन व हेयर दोनों को बिना साइड इफेक्ट के पोषण देता है। अगर आप अपनी सुंदरता को बनाए रखने के लिए नेचुरल उपाय अपनाना चाहती हैं, तो गुड़हल को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा जरूर बनाएं।  

सैलरी अकाउंट बदला है? PF क्लेम से पहले EPFO में यह काम करना न भूलें

नई दिल्ली आपने अपना सैलरी अकाउंट बदल लिया है. हो सकता है आपके नए इंप्लॉयर ने ऐसा करने पर ज़ोर दिया हो. हो सकता है आप बेहतर सर्विस या कम शुल्क चाहते हों. या फिर कोई दूसरी मजबूरी हो. लेकिन एक बात जो अक्सर लोग भूल जाते हैं, वह यह है कि EPFO ​​अभी भी आपका प्रोविडेंट फंड का पैसा आपके UAN से जुड़े बैंक अकाउंट में भेजता है. अगर वह अकाउंट बंद है या इनैक्टिव है तो आपका क्लेम वापस आ सकता है. और आपको इसका पता तभी चलेगा जब आप पैसे निकालने की कोशिश करेंगे. कुछ भी करने से पहले यह चेक कर लें सबसे पहले, EPFO ​​मेंबर ई-सर्विस पोर्टल पर लॉग इन करें और देखें कि वर्तमान में आपका UAN किस बैंक अकाउंट से जुड़ा है. कई लोग सोचते हैं कि नौकरी बदलने पर यह अपने आप अपडेट हो जाता है. ऐसा नहीं है. यह भी चेक कर लें कि आपका आधार वेरिफाई है या नहीं. अगर आधार, पैन और बैंक डिटेल पूरी तरह से मैच नहीं करते हैं – यहां तक ​​कि छोटी सी स्पेलिंग मिस्टेक भी – तो अपडेट अस्वीकार हो सकते हैं. अगर कुछ भी मैच नहीं करता है तो पहले उसे ठीक करें. अन्यथा, सिस्टम आगे नहीं बढ़ेगा. बैंक अकाउंट कैसे बदलें लॉग इन करने के बाद, “मैनेज” सेक्शन में जाएं और “केवाईसी” पर क्लिक करें. आपको वहां अपना बैंक अकाउंट दिखाई देगा. अपना नया अकाउंट नंबर और IFSC कोड ध्यान से डालें. नंबरों को दोबारा जांच लें – ज्यादातर गलतियां यहीं होती हैं. यदि आवश्यक हो, तो कैंसल किए गए चेक की एक स्पष्ट छवि अपलोड करें. सबमिट करने के बाद, रिक्वेस्ट सीधे आगे नहीं बढ़ता. यह अनुमोदन के लिए आपके इंप्लॉयर के पास जाता है. यही वह बात है जिसे लोग नहीं समझते. यदि एचआर इसे अनुमोदित नहीं करता है, तो कुछ भी नहीं बदलेगा. इसलिए यदि मामला अटक जाता है, तो अनिश्चित काल तक प्रतीक्षा करने के बजाय सैलरी डिपार्टमेंट से संपर्क करें. यह क्यों जरूरी है यदि आप विड्रॉल क्लेम करते हैं और बैंक डिटेल गलत हैं, तो EPFO पेमेंट प्रोसेस्ड नहीं करेगा. क्लेम रिजेक्ट हो सकता है, और आपको फिर से शुरुआत करनी होगी. नौकरी छोड़ने के बाद या पीएफ एडवांस के लिए आवेदन करते समय पैसे निकालना तनावपूर्ण हो जाता है. जब कोई जल्दबाजी न हो, तो अकाउंट को अभी अपडेट करना कहीं अधिक आसान है. महत्वपूर्ण बात याद रखें आपके यूएएन के तहत एक समय में केवल एक ही बैंक अकाउंट सक्रिय हो सकता है. और नौकरी बदलने पर आपका यूएएन नहीं बदलता – यह आपके पूरे करियर में आपके साथ रहता है. इसलिए जब भी आपका सैलरी बैंक बदले, EPFO ​​को अपनी चेकलिस्ट में शामिल करें. यह पांच मिनट का काम है जो बाद में हफ्तों की परेशानी से बचाता है.