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होली खेलने से पहले सावधान! ये 4 चूक रंग छुड़ाना बना देती हैं मुश्किल

होली का त्योहार नजदीक आते ही मन में रंग और ढेर सारी मस्ती का ख्याल आता है। होली खेलना बहुत से लोगों को पसंद होती है, लेकिन इसके बाद की असली चुनौती तो तब शुरू होती है, जब शीशे में चेहरा लाल, नीला, हरा और काला नजर आए। ऐसे में दिमाग में बस एक ही सवाल आता है, “अब इस रंग को कैसे छुटाएं?” कई लोग होली खेलने की जल्दबाजी में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे रंग को छुड़ाना और भी मुश्किल हो जाता है। चलिए जानते हैं इसके बारे में। स्किन की देखभाल न करना होली खेलने से पहले हमेशा आप अपनी स्किन को अच्छी तरह से तैयार करें। अगर आप त्वचा की सही देखभाल नहीं करते हैं, तो होली के कलर्स में मौजूद केमिकल्स आपकी स्किन को डैमेज कर सकते हैं। इससे स्किन एलर्जी, पिंपल्स और रेडनेस जैसी समस्या पैदा हो सकती है। दरअसल, ड्राई स्किन रंग को ज्यादा सोख लेती है, जिससे उसे हटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में आप चेहरे से लेकर पूरे शरीर पर सरसों या नारियल तेल लगाएं। बालों में तेल न लगाना होली के रंग सिर्फ स्किन ही नहीं, बल्कि बालों को भी भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप होली खेलने से पहले बालों में तेल नहीं लगाने की गलती करते हैं, तो इससे बालों में मौजूद रंगों को छुटाना और भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही, बाल कमजोर और बेजान हो जाते हैं और हेयरफॉल की समस्या बढ़ जाती है। वहीं, बालों में से रंगों को छुड़ाने के लिए 1-2 बार ही माइल्ड शैंपू से हेयर वॉश करें और बाल धोने से 15-20 मिनट पहले थोड़ी देर सरसों, नारियल या बादाम तेल से हेयर मसाज करें। सिंथेटिक कलर का इस्तेमाल करना सिंथेटिक कलर्स दिखने में भले ही खूबसूरत और अट्रैक्टिव हो, लेकिन यह स्किन और आंखों दोनों के लिए हानिकारक होते हैं। इन केमिकल्स वाले रंगों का असर स्किन से जल्दी नहीं उतरता है। इसलिए होली पर सिंथेटिक की बजाय, ऑर्गेनिक कलर्स का ही इस्तेमाल करें। यह स्किन से जल्दी निकल जाते हैं और त्वचा से जुड़ी समस्याओं से भी बचाते हैं। त्वचा पर देर तक रंग रहना कुछ लोग होली खेलने में इतने मस्त रहते हैं कि चेहरे पर रंगों को घंटों लगाए रहते हैं। त्वचा पर ज्यादा देर तक रंग लगे रहने से एलर्जी, खुजली, रैशेज और ड्राईनेस हो सकती है। पक्के रंगों के केमिकल्स स्किन इन्फेक्शन और जलन का कारण बनते हैं, इसलिए इन्हें तुरंत हटाना जरूरी है।  

T20 वर्ल्ड कप में 5-0 से दबदबा, क्या सेमीफाइनल में बदलेगा इतिहास?

 कोलकाता T20 वर्ल्ड कप 2026 का पहला सेमीफाइनल कोलकाता के ईडन गार्डन्स (Eden Gardens) में बुधवार (4 मार्च) को है, जहां साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे | मुकाबला सिर्फ फाइनल के टिकट का नहीं, बल्कि कीवी टीम के लिए इतिहास बदलने का भी है. वहीं दूसरा सेमीफाइनल गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में भारत और इंग्लैंड के बीच होना है |  साउथ अफ्रीकी टीम इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है. वहीं न्यूजीलैंड ने सुपर 8 में नेट रन रेट के आधार पर पाकिस्तान को पछाड़कर सेमीफाइनल में जगह बनाई | कीवी टीम के कप्तान म‍िचेल सेंटनर के सामने बड़ी चुनौती है, और यह चुनौती है इत‍िहास बदलने की. क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में न्यूजीलैंड टीम  कभी भी साउथ अफ्रीका को नहीं हरा पाई है । यह हारों का सिलसिला इतना लंबा है कि न्यूजीलैंड के लिए यह सेमीफाइनल सिर्फ मैच नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक बदला लेने का मौका बन गया है. ब्लैक कैप्स के पास अनुभवी खिलाड़ी हैं, जो इस बार चोक का टैग तोड़ने की कोशिश करेंगे. लेकिन साउथ अफ्रीका की टीम इस टूर्नामेंट में मजबूत फॉर्म में दिख रही है. वह लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड उन्हें फेवरेट बनाता है. प्रोटियाज इस एडिशन में एक भी मैच ना हारने वाली इकलौती टीम भी है। 2007 से 2026 तक, हर बार मिली जीत साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पहली भिड़ंत साल 2007 में हुई थी. उस मैच में साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से बाजी मारी थी. इसके बाद दोनों टीमें 2009 टी20 वर्ल्ड कप में आमने-सामने आईं थीं, तब साउथ अफ्रीका सिर्फ 1 रन से जीता था. 2010 में भी कीवी टीम को 13 रनों से हार मिली थी. इसके बाद 2014 टी20 वर्ल्ड कप में खेले गए मैच को भी साउथ अफ्रीका ने 2 रन से अपने नाम किया था. वहीं, 2026 टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में भी ये टीमें टकराई थीं. इस बार भी अफ्रीका ने 7 विकेट से मैच जीता. अब सेमीफाइनल में ये टीमें भिड़ने के लिए तैयार हैं। टी20 वर्ल्ड कप में 5 बार SA vs NZ का आमना-सामना 2007 से 2026 तक दोनों टीमों के बीच टी20 वर्ल्ड कप में पांच मुकाबले खेले गए हैं और हर बार जीत साउथ अफ्रीका को मिली है |      2007: साउथ अफ्रीका ने 6 विकेट से जीत दर्ज की.     2009: कीवी टीम 1 रन से हार गई.     2010: प्रोटियाज ने 13 रन से मुकाबला जीता.     2014: 2 रन से रोमांचक जीत साउथ अफ्रीका के नाम रही.     2026 (ग्रुप मैच, चेन्नई): 176 रन का लक्ष्य साउथ अफ्रीका ने 17.1 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया |  चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले ने साफ कर दिया कि मौजूदा टूर्नामेंट में भी साउथ अफ्रीका का आत्मविश्वास चरम पर है|  SA vs NZ ओवरऑल टी20I हेड टू हेड टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में दोनों टीमों के बीच कुल 19 मुकाबले हुए हैं. इनमें से 12 मैच साउथ अफ्रीका ने जीते हैं, जबकि 7 मुकाबले न्यूजीलैंड के खाते में गए हैं. आंकड़े बताते हैं कि अफ्रीकी टीम पलड़ा साफ तौर पर भारी रहा है|  एडेन मार्करम की कप्तानी में साउथ अफ्रीका पिछले टी20 वर्ल्ड कप से ही शानदार प्रदर्शन कर रहा है. 2024 में टीम फाइनल तक पहुंची थी और इस बार फिर से खिताब से सिर्फ एक जीत दूर है.वहीं मिचेल सेंटनर की अगुवाई में न्यूजीलैंड को फाइनल में जगह बनाने के लिए 19 साल का सिलसिला तोड़ना होगा. अब देखना दिलचस्प होगा कि ईडन गार्डन्स की पिच पर आंकड़े हावी रहते हैं या कीवी टीम नया इतिहास रचती है | यह सेमीफाइनल मुकाबला 4 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार मैच शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। इस मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और डीडी स्पोर्ट्स पर किया जाएगा, जबकि जियोहॉटस्टार पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध होगी। सेमीफाइनल-1: साउथ अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड (4 मार्च, कोलकाता) ऑन-फील्ड अंपायर: रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ थर्ड अंपायर: नितिन मेनन फोर्थ अंपायर: रॉड टकर मैच रेफरी: जवागल श्रीनाथ मुंबई में होने वाला दूसरा सेमीफाइनल भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा, जिसे लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। इस मैच में न्यूजीलैंड के क्रिस गैफनी और साउथ अफ्रीका के अल्लाउद्दीन पलेकर फील्ड अंपायर होंगे। क्रिस गैफनी इससे पहले भी बड़े ICC मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। पलेकर ने भी मौजूदा टूर्नामेंट में इंग्लैंड और भारत के मैचों में जिम्मेदारी निभाई है। एंडी पाइक्रॉफ्ट मैच रेफरी की भूमिका में होंगे। सेमीफाइनल-2: भारत बनाम इंग्लैंड (5 मार्च, मुंबई)     ऑन-फील्ड अंपायर: क्रिस गैफनी और अल्लाउद्दीन पलेकर     थर्ड अंपायर: एड्रियन होल्डस्टॉक     फोर्थ अंपायर: पॉल रिेफेल     मैच रेफरी: एंडी पाइक्रॉफ्ट सेमीफाइनल में दिखेगा जबरदस्त रोमांच T20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर अंपायरों और रेफरी की भूमिका बेहद अहम होती है। नॉकआउट मुकाबलों में हर फैसला मैच का रुख बदल सकता है। ऐसे में ICC ने अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि मुकाबले निष्पक्ष और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें। अब फैंस की नजरें सेमीफाइनल मुकाबलों पर टिकी हैं। मुंबई और कोलकाता में होने वाले इन हाई-वोल्टेज मुकाबलों के बाद ही तय होगा कि फाइनल में कौन सी दो टीमें भिड़ेंगी।    

होली के पावन दिन करें यह छोटा उपाय, धन-वैभव से भर जाएगा पूरा साल

हिंदू धर्म में होली का त्योहार न केवल रंगों और खुशियों का प्रतीक है, बल्कि यह नकारात्मकता को मिटाकर जीवन में सकारात्मकता लाने का भी एक विशेष अवसर होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होली के दिन किए गए कुछ खास उपाय व्यक्ति की सोई हुई किस्मत को चमका सकते हैं. इस साल होलिका दहन 3 मार्च को है और रंगों वाली होली 4 मार्च 2026 को खेली जाएगी. दिवाली की तरह ही होली की सुबह भी मां लक्ष्मी और सुख-समृद्धि को आकर्षित करने के लिए बेहद शुभ मानी जाती है. आइए जानते हैं उन अचूक उपायों के बारे में जिन्हें होली की सुबह करने से आपके घर में पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होगी. सूर्योदय से पहले स्नान कर करें पूजा होली की सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल या हल्दी मिला लें. इसके बाद घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और अपने इष्टदेव का पूजन करें. मान्यता है कि ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और पूरे साल घर में खुशहाली बनी रहती है. पीपल या तुलसी में जल अर्पित करें होली की सुबह स्नान के बाद पीपल या तुलसी के पौधे में जल चढ़ाएं. जल में थोड़ा सा दूध और अक्षत (चावल) मिला सकते हैं. तुलसी माता को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है, इसलिए यह उपाय आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में सहायक माना जाता है. घर के मुख्य द्वार पर लगाएं गुलाल का तिलक होली के दिन सुबह घर के मुख्य दरवाजे पर हल्दी या गुलाल से स्वस्तिक बनाएं. साथ ही घर के सदस्यों के माथे पर चंदन या गुलाल का तिलक लगाएं. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है और आपसी प्रेम बढ़ता है. धन वृद्धि के लिए करें ये सरल उपाय एक लाल कपड़े में थोड़ी सी हल्दी, 5 कौड़ियां और चांदी का सिक्का बांधकर घर की तिजोरी या धन रखने की जगह पर रख दें. ज्योतिष मान्यता के अनुसार, यह उपाय आर्थिक संकट दूर करने और धन वृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है. होलिका दहन की राख का करें प्रयोग 3 मार्च को होने वाले होलिका दहन के बाद उसकी थोड़ी सी राख घर लाकर सुरक्षित रखें. होली की सुबह उस राख का तिलक लगाने से बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है. यह उपाय विशेष रूप से परिवार की सुरक्षा और उन्नति के लिए शुभ माना गया है. जरूरतमंदों को रंग और मिठाई दान करें होली के दिन सुबह किसी जरूरतमंद को रंग, मिठाई या वस्त्र दान करें. दान-पुण्य करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है.

रायपुर: नक्सल प्रभावित क्षेत्र से छत्तीसगढ़ का उभरता पर्यटन हब

रायपुर : छत्तीसगढ़: नक्सल छाया से पर्यटन हब तक की शानदार यात्रा विष्णुदेव साय सरकार की नीतियों से खुल रहे विकास के नए द्वार रायपुर कभी नक्सल प्रभावित राज्य की छवि से पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़ अब तेजी से देश के उभरते पर्यटन हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन विरासत और जीवंत आदिवासी संस्कृति से समृद्ध यह प्रदेश अब नई नीतियों और आधारभूत ढांचे के विकास के कारण राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। राज्य सरकार की प्राथमिकता में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और पर्यटन अधोसंरचना को शीर्ष स्थान दिया गया है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर निवेशकों को सब्सिडी, टैक्स छूट और प्रोत्साहन प्रदान किए गए हैं। राज्य में इको-एथनिक और एडवेंचर टूरिज्म के लिए करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर संभाग की पहचान उसकी जीवंत परंपराओं से है। गोंड, मुरिया, हल्बा और बैगा जनजातियों की जीवनशैली, पारंपरिक भोजन, हस्तशिल्प और लोकनृत्य पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करते हैं। पंथी, राउत नाचा, सुवा और कर्मा जैसे लोकनृत्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। प्रदेश में स्थित प्राकृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल तेजी से पर्यटकों की पसंद बन रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यटन के क्षेत्र में अपनी विविधताओं से देश-विदेश के सैलानियों को लुभा रहा है। चित्रकोट जलप्रपात, जिसे एशिया का नियाग्रा कहा जाता है, एडवेंचर प्रेमियों का पसंदीदा स्पॉट है। जशपुर का मधेश्वर पर्वत आकर्षित करता है, जो विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग है। रहस्यमयी कुटुमसर गुफाएं एडवेंचर थ्रिल प्रदान करती हैं। रामगढ़ की प्राचीन नाट्यशाला राम वनवास स्थल के रूप में धार्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ये सभी स्थल राज्य सरकार की विकास योजनाओं से और समृद्ध हो रहे हैं। यूएनडब्ल्यूटीओ द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित धुड़मारास गांव ने छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई है।  इन स्थलों के आसपास सड़क, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकार की योजनाओं से पर्यटन केवल भ्रमण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह स्थानीय रोजगार का बड़ा स्रोत बनता जा रहा है। होम-स्टे, हस्तशिल्प, स्थानीय भोजन और गाइड सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की आय में वृद्धि हो रही है। आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इको-कल्चरल पर्यटन राज्यों में शामिल हो सकता है। छत्तीसगढ़ नक्सल छवि से बाहर निकलकर पर्यटन की नई पहचान गढ़ रहा है और विकास की नई उड़ान भरता दिखाई दे रहा है।

बिजली व्यवस्था होगी मजबूत: फूलबाग सब-स्टेशन में जुड़े दो फीडर, डेढ़ लाख लोगों को फायदा

ग्वालियर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली खपत को देखते हुए बिजली कंपनी ने अभी से तैयारियां तेज कर दी हैं। शहर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फूलबाग स्थित 132 केवी सब-स्टेशन से दो नए फीडर जोडऩे की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन फीडरों के जुडऩे के बाद कुल छह फीडर इस सब-स्टेशन से संचालित होंगे, जिससे करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, अभी तक 132 केवी फूलबाग सब-स्टेशन से 33 केवी के सेवा नगर, रोशनी घर, तानसेन नगर इंडस्ट्रियल एरिया और फूलबाग जोन के फीडरों को जोडक़र चार्ज किया जा चुका है। अब स्टेडियम और सिटी सेंटर फीडर को भी इससे जोडऩे की तैयारी अंतिम चरण में है। जैसे ही यह कार्य पूरा होगा, संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अधिक स्थिर और सुचारू हो जाएगी। एचटी के उपमहाप्रबंधक राज मालवीय ने बताया, विगत वर्षों में गर्मियों के दौरान इन फीडरों का संचालन 220 केवी महलगांव सब-स्टेशन से किया जाता था। मोनो पोल-1, मोनो पोल-2 और स्टेडियम फीडर के माध्यम से सप्लाई दी जाती थी। अधिक लोड के कारण जम्पर और इंसुलेटर के फटने जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आती थीं, जिससे बार-बार फॉल्ट होते थे और उपभोक्ताओं को बिजली गुल की परेशानी झेलनी पड़ती थी। वैकल्पिक लाइन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सकेगी अब फूलबाग सब-स्टेशन से सप्लाई शुरू होने पर इन फीडरों का लोड संतुलित हो जाएगा। इससे ओवरलोड की समस्या कम होगी और फॉल्ट की घटनाओं में भी गिरावट आएगी। साथ ही चेंजओवर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसका अर्थ यह है कि यदि किसी कारणवश एक फीडर बंद हो जाता है तो वैकल्पिक लाइन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सकेगी। इससे उपभोक्ताओं को लंबे समय तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ेगा और बिजली आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनेगी। रेलवे ने डेडीकेटेड फीडर की योजना टाली उपमहाप्रबंधक मालवीय ने बताया, पहले रेलवे ने फूलबाग सब-स्टेशन से 2500 केवी का डेडीकेटेड फीडर लेने की मांग की थी और इस संबंध में प्रारंभिक प्रक्रिया भी शुरू हो गई थी। हालांकि अब रेलवे ने इस प्रस्ताव को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है और डेडीकेटेड फीडर नहीं लेने का निर्णय लिया है।   बार-बार बिजली गुल की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी गर्मी से पहले विद्युत आपूर्ति को मजबूत करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। फूलबाग सब-स्टेशन से छह फीडरों को जोडऩे का काम पूरा होते ही शहर के प्रमुख क्षेत्रों में ओवरलोड और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

रेल यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव: अब ट्रेन टॉयलेट में नहीं होंगे चेन वाले मग

नई दिल्ली भारतीय रेलवे की ट्रेनों से हर दिन एक बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। एसी क्लास से लेकर नॉन एसी कोच तक में लोग अपने-अपने हिसाब से जाते हैं। वहीं, अगर आप ट्रेन से सफर करते हैं तो आपने कभी न कभी तो ट्रेन में बने टॉयलेट का भी इस्तेमाल किया होगा? यहां आपने टॉयलेट में चेन से बंधा स्टील का मग तो जरूर देखा होगा? क्योंकि ये काफी पुरानी व्यवस्था है। पर अब इस व्यवस्था को बदला जाएगा यानी अब ट्रेन में बने टॉयलेट में लगे चेन से बंधे मगों को हटाया जाएगा। इसको लेकर रेल मंत्रालय ने एक फैसला लिया है। तो चलिए जानते हैं इस बारे में। अगली स्लाइड्स में आप इस नए निर्देश के बारे में जान सकते हैं… रेलवे द्वारा क्या फैसला लिया गया है?     रेल मंत्रालय की तरफ से सभी रेलवे जोन को निर्देश दिया गया है कि ट्रेन के टॉयलेट में जो चेन से बंधा स्टील मग है, उस हटाया जाए     साथ ही टॉयलेट के फर्श के पास जो पानी का नल है उसे भी हटाने के निर्देश मंत्रालय द्वारा दिए गए हैं स्टील मग की जगह अब क्या होगा?     अपने निर्देश में मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि इन मग को हटाकर जेट स्प्रे लगाए जाएंगे     मंत्रालय ने सभी जोनों से कहा है कि वे अपनी चुनी हुई 19 ट्रेनों के एसी कोच में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू करें     साथ ही 3 महीने बाद अनुपालन रिपोर्ट और प्रदर्शन संबंधी फीडबैक मांगा गया है क्यों लिया गया ये फैसला?     अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन जब स्पीड में होती है तो मग से पानी भरते समय ये फर्श पर गिर जाता है जिससे टॉयलेट का फर्श गंदा हो जाता है     फिर टॉयलेट का फर्श पूरा गीला हो जाता है और बदबू आने लगती है आदि     टॉयलेट का फर्श साफ रह सके, इसलिए जेट स्प्रे लगाए जाएंगे किन-किन कोच में मिलेगी सुविधा?     फिलहाल जेट स्प्रे एसी कोच में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर लगाए जाएंगे     सबकुछ ठीक रहने पर माना जा रहा है कि जेट स्प्रे फिर बाकी कोचों में भी लगाए जाएंगे  

प्रॉपर्टी खरीदारों को झटका: भोपाल की 551 शहरी लोकेशन पर जमीन के दाम बढ़ेंगे

भोपाल भोपाल में जमीन और मकान खरीदना अब महंगा होने वाला है। जिला मूल्यांकन समिति ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कलेक्टर गाइडलाइन का नया प्रस्ताव तैयार कर लिया है। शनिवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में शहर की कई प्राइम लोकेशन पर दरों में भारी बढ़ोतरी का सुझाव दिया गया है। कलेक्टर गाइडलाइन का नया प्रस्ताव तैयार भोपाल कलेक्ट्रेट में शनिवार को कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में जिला मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन का खाका पेश किया गया। पंजीयन अधिकारियों ने जिले भर की प्रॉपर्टी दरों की समीक्षा के बाद अपना प्रस्ताव समिति के समक्ष रखा।   551 लोकेशन पर 11 प्रतिशत तक बढ़ेंगे दाम प्रस्ताव के अनुसार, जिले में प्रॉपर्टी की दरों में औसत वृद्धि करीब डेढ़ प्रतिशत प्रस्तावित की गई है। हालांकि, भोपाल के शहरी क्षेत्रों की स्थिति इससे अलग है। अधिकारियों ने बताया कि शहर की 551 चुनिंदा लोकेशन ऐसी हैं, जहां विकास और मांग को देखते हुए प्रॉपर्टी की दरों में 11 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। इन क्षेत्रों में हाल के दिनों में संपत्तियों की रजिस्ट्री और बाजार मूल्यों में बड़ा उछाल देखा गया है।   राजस्व और विकास को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय बैठक में कलेक्टर ने पंजीयन अधिकारियों के प्रस्ताव पर चर्चा की और क्षेत्रवार दरों की समीक्षा की। इस वृद्धि के पीछे का मुख्य उद्देश्य बाजार दरों और सरकारी गाइडलाइन के बीच के अंतर को कम करना है। प्रस्तावित गाइडलाइन पर अब आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे शासन के राजस्व में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

रायगढ़ में हुड़दंगियों पर ड्रोन की नजर, होली के लिए 16 चेकिंग पॉइंट सक्रिय

रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में होली शालीनता पूर्वक मनाने के लिए इस बार ड्रोन कैमरों से हुड़दंगियों पर नजर रखी जाएगी। रायगढ़ पुलिस अलर्ट मोड में है। शहर में चार सौ पुलिस अधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। वहीं शहर में 16 चेकिंग पॉइंट भी बनाए गए हैं। शराब पीकर वाहन चलाने वालों और माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है। रायगढ़ जिले में पिछले 48 घंटे से पुलिस जवान तैनात हैं। बीती रात होलिका दहन शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न हुआ। होली की चौक-चौबंद व्यवस्था को लेकर एसएसपी रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने आज पुलिस कार्यालय से जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारियों की वर्चुअल बैठक लेकर होली ड्यूटी की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान पुलिस का रिस्पांस टाइम सबसे महत्वपूर्ण रहेगा और किसी भी सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा को सौंपी गई है। सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि अगले 48 घंटे लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग पॉइंट्स पर सघन जांच और बाइकर्स गैंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल और कोतरारोड़ क्षेत्रों में बनाए गए 16 चेकिंग पॉइंट्स पर यातायात टीम द्वारा ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। शराब पीकर वाहन चलाते पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे। एसएसपी के निर्देश पर इस बार थाना कोतवाली, चक्रधरनगर, जूटमिल, कोतरारोड़ और खरसिया क्षेत्र में 5 ड्रोन के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी। पेट्रोलिंग यूनिट्स की लाइव लोकेशन के साथ एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप सक्रिय किया गया है, जिससे आवश्यकता पड़ने पर निकटतम पेट्रोलिंग टीम तत्काल सहायता प्रदान कर सके। ड्रोन, व्हाट्सएप ग्रुप और शहरभर के सीसीटीवी कैमरों की निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम में विशेष मॉनिटरिंग रूम बनाया गया है, जहां एक्सपर्ट टीम रियल टाइम मॉनिटरिंग कर किसी भी घटना या दुर्घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया देगी। सुरक्षा प्रबंधन के तहत शहर के चार थाना क्षेत्रों में 27 पेट्रोलिंग, 16 चेकिंग पॉइंट्स तथा कोतवाली क्षेत्र में 24, कोतरारोड़ में 12 और जूटमिल व चक्रधरनगर में 10-10 फिक्स पिकेट पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त एडी स्क्वॉड की टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग से सोशल मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। साइबर थाना और महिला थाना की टीम सादी वर्दी में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखेगी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही अनुविभाग के थानों में एसडीओपी, थानों और पुलिस लाइन के अतिरिक्त बल मुस्तैद रहेंगे। होली के दौरान जिले में पुलिस बल के साथ छठवीं बटालियन और मैनपाट बटालियन से प्राप्त बल सहित लगभग 400 पुलिस अधिकारी और जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहेंगे। ड्यूटी पर तैनात जवानों के लिए समय पर भोजन और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र के वाटर एरिया पर विशेष निगरानी रखने, प्रशिक्षित होमगार्ड गोताखोरों की तैनाती करने तथा फायर ब्रिगेड को विभिन्न स्थानों पर तैयार रखने को कहा गया है। रायगढ़ पुलिस आज शाम सभी थाना क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालकर आमजन को संदेश देगी कि पुलिस हर परिस्थिति में उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। एसएसपी ने आगामी दो दिनों की ड्यूटी के लिए सभी अधिकारियों और जवानों को अनुशासन, समन्वय और सतर्कता बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए शुभकामनाएं दीं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि होली के दौरान किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, हुड़दंग, छेड़छाड़, शराब पीकर वाहन चलाना या शांति भंग करने की कोशिश बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार की आड़ में कानून तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

डरावनी चेतावनी: 2040 तक कैंसर से हालात होंगे और भयावह, हर 2 मिनट में एक पीड़ित

कैंसर के मामले वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए सबसे गंभीर चुनौती बने हुए हैं। हर साल इस बीमारी के कारण लाखों लोगों की जान जा रही है। बुजुर्ग और युवा तो छोड़िए, बच्चे भी तेजी से इसका शिकार होते जा रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस गति से ये बीमारी बढ़ती जा रही है, ऐसे में अनुमान है कि आने वाले वर्षों में कैंसर के कारण हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। इस जानलेवा रोग के जोखिमों को देखते हुए सभी लोगों को इससे बचाव के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की जरूरत है। आने वाले दो दशकों में कैंसर और कितना खतरनाक रूप लेने वाला है? इससे संबंधित रिपोर्ट में जो बातें सामने आई हैं, वो निश्चित ही काफी डराने वाली हैं। ब्रिटेन की एक जानी-मानी चैरिटी ने चेतावनी दी है कि साल 2040 तक कैंसर के मामले रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच सकते हैं। हालात इतने बिगड़ सकते हैं कि हर दो मिनट में एक व्यक्ति में इस बीमारी का निदान होने की आशंका है। वैसे तो ये रिपोर्ट केवल ब्रिटिश नागरिकों में कैंसर के बढ़ते जोखिमों को लेकर है, पर विशेषज्ञ इसे दुनियाभर के लिए बड़ी चेतावनी मान रहे हैं। बच्चे भी कैंसर की चपेट में आ रहे हैं जिसके कारण एक पूरी पीढ़ी पर कैंसर का गहरा साया देखा जा रहा है। अगले दो दशकों में और बिगड़ सकते हैं हालात 'वन कैंसर वॉइस' नाम के 60 कैंसर संस्थानों वाले ग्रुप ने ये चौंकाने वाला अनुमान जारी किया है, जिसमें अगले दो दशकों में अकेले ब्रिटेन में कैंसर के 63 लाख नए मामलों का अनुमान लगाया गया है। विशेषज्ञों ने शोध के दौरान पाया है कि ब्रेस्ट, प्रोस्टेट और लंग्स कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़ने वाले हैं। इसके कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका जताई गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि कैंसर के बढ़ते खतरे के लिए वैसे तो कई कारण जिम्मेदार पाए गए हैं। हालांकि मोटापे की बढ़ती दर, खराब डाइट, कुछ प्रकार के कैंसर को रोकने वाली वैक्सीन लगवाने में कमी और लोगों में बढ़ती धूम्रपान की आदत इसके लिए मुख्यरूप से जिम्मेदार है। क्या कहती हैं विशेषज्ञ? कैंसर रिसर्च यूके की चीफ एग्जीक्यूटिव मिशेल मिशेल ने चेतावनी दी है कि हममें से लगभग दो में से एक को अपनी जिंदगी में कैंसर का खतरा हो सकता है। इस बीमारी का असर हर किसी पर पड़ेगा, चाहे उन्हें खुद इस बीमारी का पता चले या उनके किसी दोस्त-परिवार के सदस्य या प्रियजन को ये समस्या हो। उन्होंने आगे कहा कि अगर अभी से कैंसर की रोकथाम के लिए कदम नहीं उठाए गए तो इंग्लैंड में इस रोग के मामले दुनिया के कई देशों को पीछे छोड़ सकते हैं।       यूके में कैंसर और इसके कारण होने वाली समय से पहले मौत का सबसे बड़ा कारण तंबाकू है।     कैंसर का खतरा उम्र से भी जुड़ा हुआ है, क्योंकि समय के साथ बीमारी को ट्रिगर करने वाले सेल्स में डैमेज का जोखिम भी काफी बढ़ सकता है। कौन से कैंसर बढ़ा रहे खतरा? कैंसर को लेकर किए गए अध्ययनों से पता चलता है कि ब्रिटेन में जिन कैंसर का जोखिम सबसे ज्यादा बढ़ता जा रहा है उनमें प्रोस्टेट, ब्रेस्ट, लंग्स, बाउल और मेलेनोमा स्किन कैंसर शीर्ष पांच पर हैं। ये सिर्फ ब्रिटेन ही नहीं दुनिया के अन्य देशों के लिए भी अलर्ट है। कैंसर रोग विशेषज्ञों ने बताया कि हमारी रोजाना की गड़बड़ आदतें भी कैंसर के खतरे को बढ़ाती जा रही हैं। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि किस तरह से डियोड्रेंट और परफ्यूम के इस्तेमाल के कारण भी कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा जिन लोगों को इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज की दिक्कत होती है, ऐसे लोगों में आगे चलकर बाउल कैंसर का खतरा 600 प्रतिशत तक ज्यादा हो सकता है। बाउल कैंसर को कोलन कैंसर या कोलोरेक्टल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है।  

मिडल ईस्ट युद्ध से तेल संकट की आशंका, फिर भी भारत पर नहीं पड़ रहा कोई असर

नई दिल्‍ली मिडिल ईस्‍ट में जंग छिड़ी हुई है. ईरान लगातार दुबई, सऊदी और अन्‍य देशों पर मिसाइलें दाग रहा है. वहीं अमेरिका-इजरायल ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं. कुछ अन्‍य देशों ने भी ईरान पर हमले की चेतावनी दी है. ऐसे में इस जंग के शांत होने के आसार फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ी चिंता कच्‍चे तेल को लेकर है, जिसके दाम में रिकॉर्ड तेजी आने की संभावना जताई जा रही है |  सोमवार को कच्‍चे तेल की कीमतों में 13 फीसदी तक की उछाल देखी गई और आगे 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. अगर ऐसा होता है तो दुनियाभर में महंगाई चरम पर आ सकती है, जो ग्‍लोबल इकोनॉमी के लिए भी खतरा है |  तेल की कीमतों में इतनी बड़ी तेजी आने की वजह ईरान के कंट्रोल में 'स्‍ट्रेट ऑफ होमुर्ज' गलियारा है, जहां से दुनियाभर के लिए 40 फीसदी तेल आयात होता है. इसी रास्‍ते 20 फीसदी अन्‍य गैस या एनर्जी का भी आयात किया जाता है. अकेले भारत 50 फीसदी कच्‍चे तेल का आयात करता है. इस एरिए के चोक होने की खबर है, जिसके बाद तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है |  भारत पर नहीं कच्‍चे तेल का संकट हालांकि भारत को इससे डरने की जरूरत नहीं, क्‍योंकि भारत के पास रिजर्व में बहुत ज्‍यादा कच्‍चा तेल पड़ा हुआ है, जिससे भारत की जरूरतें बिना रुकावट पूरी हो सकती हैं. सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत के पास फिलहाल अल्पकालिक व्यवधानों से निपटने के लिए पर्याप्त बफर भंडार मौजूद हैं |  45 दिनों का भंडार  रणनीतिक भंडार LPG और एलएनजी की मांग को लगभग 15 दिनों तक पूरा कर सकते हैं, जबकि कच्चे तेल के भंडार आपूर्ति में व्यवधान की स्थिति में 45 दिनों तक चलने का अनुमान है. भारत के लिए यह  तैयारी ऐसे समय में की गई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं |  बढ़ते तनाव के बावजूद, अधिकारियों का कहना है कि जलडमरूमध्य में लंबे समय तक व्यवधान या बंद होने की स्थिति में भी भारत घरेलू मांग को पूरा करने के लिए वैकल्पिक बाजारों से ऊर्जा प्राप्त करने की अपनी क्षमता को बरकरार रखेगा. हालांकि निकट भविष्य में भौतिक आपूर्ति में व्यवधान की संभावना कम ही दिखती है. अभी कच्‍चे तेल के दाम इंटरनेशनल मार्केट में 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच चुका है |  कितना खास है ये मार्ग?  गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है, जिससे वैश्विक कच्‍चे तेल का लगभग  40% और एलएनजी शिपमेंट का लगभग 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है. इसलिए, इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की दीर्घकालिक बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है |  यूरोपियन गैस की कीमतों में 22% की तेजी यूरोपियन नैचुरल गैस की कीमतों में लगभग 22% की तेज़ी से बढ़ोतरी हुई है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण, खासकर ईरान पर हाल ही में US और इजराइली मिलिट्री हमलों और होर्मुज़ स्ट्रेट के ज़रिए सप्लाई में रुकावट के डर के बाद, एनर्जी कीमतों में उछाल आई है |  2022 के गैस मार्केट में उथल-पुथल के बाद यह सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. डर है कि इस युद्ध से LNG (लिक्विफाइड नैचुरल गैस) और दूसरे एनर्जी शिपमेंट का फ्लो रुक सकता है या झगड़े बढ़ने पर उनका रूट बदला जा सकता है |