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पंजाब बजट सत्र: महिलाओं के लिए ₹1000 की घोषणा, गवर्नर ने AAP सरकार की उपलब्धियां साझा की, मान सरकार का आखिरी बजट 8 मार्च को

चंडीगढ़  पंजाब विधानसभा का बजट सेशन आज (6 मार्च) से शुरू हो गया है। पहले दिन गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने अभिभाषण दिया। उन्होंने सत श्री अकाल कहकर संबोधन शुरू किया। उनके अभिभाषण शुरू करते ही कांग्रेस ने विरोध शुरू कर दिया।  गवर्नर के अभिभाषण के दाैरान कांग्रेस विधायकों ने राज्यपाल के बजट अभिभाषण के दौरान नारेबाजी की और सदन से वाकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है। आये दिन हाल बिगड़ते जा रहे हैं और उस पर चर्चा करवाई जानी चाहिए। सभी कांग्रेस विधायकों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि राज्यपाल ने कहा कि आपको  अपनी बात रखने का उचित समय मिलेगा, लेकिन बावजूद इसके कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी जारी रखी। सत्र से पहले सीएम भगवंत मान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-2027 के बजट अनुमान को पंजाब मंत्रिमंडल ने पारित कर दिया है। यह बजट रविवार को पेश किया जाएगा। इस दिन को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह बजट प्रत्येक पंजाबी की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा और पंजाब को एक बार फिर रंगला पंजाब बनाने में सहायक होगा। वुमन्स डे पर भगवंत मान सरकार दे सकती है 1000 रुपये का ‘गिफ्ट’ हर महिला के खाते में आएंगे 1000 रुपये AAP ने 2021 में 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान घोषणा की थी कि अगर पार्टी सत्ता में आई तो 18 साल से अधिक उम्र की हर महिला को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने खुद यह वादा दोहराया था। पंजाब में लगभग एक करोड़ महिला मतदाता हैं, और यदि योजना सभी वयस्क महिलाओं पर लागू हुई तो सालाना खर्च 12,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। सरकार विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है, जैसे कि आय समूह के आधार पर लक्षित लाभार्थी या सभी के लिए वैकल्पिक योजना। वित्त विभाग फिस्कल प्रभाव का आकलन कर रहा है। पंजाब सरकार ने लागू की कई योजनाएं पंजाब सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कई प्रमुख योजनाएं लागू की हैं। 2022 में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली शुरू की गई। कृषि ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली सब्सिडी जारी है, जिससे सब्सिडी बिल 22,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। आम आदमी क्लीनिक्स की शुरुआत हुई, जहां अब 881 क्लीनिक चल रहे हैं जो ग्रामीण और शहरी इलाकों में मुफ्त परामर्श, दवाएं और 38 जांचें प्रदान करते हैं। बजट 8 मार्च को पेश होगा। जिसमें AAP सरकार 2022 में किए महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए के चुनावी वादे को पूरा करेगी। हालांकि महिलाओं को यह राशि देने का काम 18 मार्च से शुरू होगा। महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने की घोषणा के साथ-साथ कुछ महीने का बकाया देने पर भी विचार चल रहा क्योंकि विपक्ष सूबे की महिलाओं को सरकार से 48 महीने का बकाया मांगने के लिए उकसा रहा है। पंथक एजेंडे को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष घोषणाएं भी की जा सकती हैं। ये घोषणाएं पंजाब में धार्मिक नगरियों व स्थानों के विकास से संबंधित हो सकती हैं। विधानसभा में 7 मार्च को शनिवार के दिन अवकाश रहेगा। 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आप सरकार अपना पांचवां बजट पेश करेगी। माना जा रहा है कि इस बजट में महिलाओं के लिए विशेष घोषणाएं की जा सकती हैं। 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा होगी, जबकि 10 और 11 मार्च को विधायकों द्वारा बजट पर चर्चा की जाएगी। 12 मार्च को वैधानिक कार्य निपटाए जाएंगे। 13 से 15 मार्च तक प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन के चलते सदन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। 16 मार्च को सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विधेयक विधानसभा में पेश किए जाएंगे। अधूरे वादों और कानून-व्यवस्था पर कांग्रेस का प्रदर्शन विधानसभा सत्र के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक और नेता पंजाब भवन से विधानसभा तक रोष मार्च निकालेंगे। कांग्रेस का कहना है कि वह सरकार को अधूरे चुनावी वादों, बढ़ते गैंगस्टरवाद और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने जा रही है। खासतौर पर महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये देने के वादे को लेकर कांग्रेस सरकार से जवाब मांगेगी। कांग्रेस का दावा है कि 2022 में किए गए इस वादे के आधार पर सरकार को प्रत्येक महिला को चार साल के 48 हजार रुपये देने चाहिए। विपक्ष कथित फर्जी मुठभेड़ों और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को भी सत्र के दौरान जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी में है। प्रताप बाजवा की टिप्पणी के विरोध में मंत्री ईटीओ ने बजवाया बैंड कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने शुक्रवार को विधानसभा परिसर में बैंड बाजा बजवाकर प्रदर्शन किया। कुछ दिन पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मंत्री पर बैंड बाजे से संबंधित आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। मंत्री ने एसएसपी अमृतसर को प्रताप बाजवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए शिकायत भी दी है।  फरवरी में अजनाला रैली के दौरान बाजवा ने कहा था कि मंत्री हरभजन ईटीओ बैंड बजाते थे लेकिन अब वह पंजाब का बैंड बजा रहा हैं। इस पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस पर अब मंत्री ईटीओ कहा कि यदि वे मेहनत के बूते जमीन से उठकर मंत्री पद तक पहुंचे हैं तो कांग्रेस को क्या दिक्कत है। दरअसल, ये बयान कांग्रेसियों की मानसिकता को दर्शाते हैं।  

रायपुर: दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : दीर्घकालिक विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा राज्य नीति आयोग : मुख्यमंत्री  साय राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष के रूप में गणेश शंकर मिश्रा ने संभाला पदभार, मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएँ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय नवा रायपुर स्थित नीति भवन में छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा के पदभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य नीति आयोग प्रदेश के दीर्घकालिक विकास विज़न, साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण और विभिन्न विभागों के बेहतर समन्वय के माध्यम से छत्तीसगढ़ के विकास को नई दिशा और गति देने वाला एक महत्वपूर्ण संस्थान है। उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों और चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएँ और रणनीतियाँ तैयार करने में आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश माननीय प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी दृष्टि को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ विज़न डॉक्युमेंट 2047 तैयार किया गया है, जिससे प्रदेश के समग्र और दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी द्वारा योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन का निर्णय दूरदर्शी सोच का परिणाम था। आज नीति आयोग द्वारा संचालित आकांक्षी जिलों का कार्यक्रम देश के पिछड़े क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव छत्तीसगढ़ के आकांक्षी जिलों में भी देखने को मिला है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि नीति आयोग की विशेषता यह है कि यह क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नीति और योजना निर्माण को बढ़ावा देता है। इसी सोच के साथ राज्यों में भी राज्य नीति आयोग का गठन किया गया है, जो विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ प्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि  गणेश शंकर मिश्रा के प्रशासनिक अनुभव से राज्य नीति आयोग को नई दिशा और गति मिलेगी। आयोग की ओर से प्राप्त अच्छे सुझावों को राज्य सरकार गंभीरता से लेकर प्रभावी ढंग से लागू करने का प्रयास करेगी। राज्य नीति आयोग के नवनियुक्त उपाध्यक्ष  गणेश शंकर मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री  साय के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर और भविष्योन्मुखी नीतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को अधिक समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में सभी के साथ मिलकर कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा, वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक सु लता उसेंडी, विधायक  अमर अग्रवाल, महापौर धमतरी  रामू रोहरा, राज्य नीति आयोग के सदस्य डॉ. के. सुब्रह्मण्यम, सदस्य सचिव  आशीष भट्ट, सचिव  भुवनेश यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राजनांदगांव में 38°C तक पारा चढ़ा, उत्तर छत्तीसगढ़ की रातें अभी भी ठंडी, बारिश के आसार नहीं

राजनांदगांव   छत्तीसगढ़ में मार्च के साथ ही गर्मी धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल पूरे प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है. मौसम की स्थिति फिलहाल स्थिर बनी हुई है, जिसके कारण आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई जा रही है। राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तापमान प्रदेश के अलग-अलग जिलों में तापमान में थोड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजनांदगांव में 38.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो अंबिकापुर में सबसे कम 12.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. इसके कारण वहां सुबह और रात के समय हल्की ठंड का अहसास बना हुआ है। इन इलाकों के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी ओडिशा और उससे सटे गंगा क्षेत्रीय पश्चिम बंगाल के ऊपर समुद्र तल से करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तरी उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ और दक्षिणी झारखंड होते हुए उत्तरी ओडिशा तक द्रोणिका बनी हुई है. हालांकि फिलहाल इसका प्रदेश के मौसम पर कोई बड़ा असर देखने को नहीं मिल रहा है। अगले 7 दिनों तक मौसम में बड़ा बदलाव नहीं मौसम विभाग का कहना है कि छत्तीसगढ़ में आने वाले 7 दिनों तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है. प्रदेश में मौसम शुष्क ही बना रहेगा और दिन के समय हल्की गर्मी का असर महसूस किया जाएगा। रायपुर में साफ रहेगा आसमान राजधानी रायपुर में 6 मार्च को आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार यहां अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी का असर महसूस हो सकता है।

सेंसेक्स 500 अंक टूटा, निफ्टी 24,600 के पास, बाजार गिरने की वजह क्या है?

मुंबई शेयर बाजार में आज 6 मार्च को जोरदार गिरावट के साथ बाजार खुले हैं. सुबह 9:22 बजे पर सेंसेक्स 542 अंक गिरकर 79,472 के करीब ट्रेड कर रहा और निफ्टी 169 अंक फिसलकर 24,607 पर कारोबार कर रहा है. बैंक निफ्टी में 14 में से 10 शेयर्स में गिरावट देखने को मिल रही है. बाजार में आज 1021 शेयरों में बढ़त देखने को मिली, 1011 शेयरों में गिरावट रही, जबकि 195 शेयर बिना बदलाव के नजर आ रहे है. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस और विप्रो निफ्टी टॉप गेनर्स हैं. वहीं, इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट और एलएंडटी निफ्टी टॉप लूजर्स में शामिल रहे हैं।  बाजार में वोलैटिलिटी थोड़ी बढ़ी है, इंडिया VIX करीब 3.5% बढ़कर 18.48 पर पहुंच गया, जो बाजार में अनिश्चितता को दिखाता है. यह गिरावट पिछले सेशन की तेज रैली के बाद आई है, जब सेंसेक्स करीब 900 अंक उछला था और निफ्टी 285 अंक से ज्यादा चढ़ा था. कल 5 मार्च को मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और ऑटो शेयरों में व्यापक खरीदारी देखने को मिली थी।  किन वजहों से शेयर बाजार लुढ़का? ग्लोबल बाजारों में रातोंरात माहौल सतर्क होता हुआ नजर आया है. अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए, जहां डॉव जोन्स 780 से ज्यादा अंक टूट गया. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ीं, जिससे महंगाई और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को लेकर चिंता बढ़ गई. वहीं एशियाई बाजार भी शुक्रवार सुबह कमजोर कारोबार करते दिखे, और लंबे समय से जारी जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्षेत्रीय बाजार छह साल की सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ते नजर आए. आज गिफ्ट निफ्टी 169.50 अंक यानी 0.68% गिरकर 24,626.50 पर कारोबार करता दिखा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं थे कि शुक्रवार को दलाल स्ट्रीट की शुरुआत कमजोर हो सकती है।  एनालिस्ट की राय जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार, अमेरिकी अमेरिकी ड‍िप्‍टी सेक्रेटरी के कमेंट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिसमें संकेत मिला कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द पूरी हो सकती है. हालिया करेक्शन के बाद मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में वैल्यू बाइंग भी देखने को मिली. वहीं, गुरुवार को भारतीय रुपये की मजबूती के कारण आईटी शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद शुक्रवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा गिरावट देखने को मिली है।   

रायगढ़ में आज से शुरू होगा “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान, जिला स्तर पर होगी मॉनिटरिंग

रायगढ़   आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निराकरण के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “प्रशासन पहुंचेगा जनता के द्वार” अभियान के तहत जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरुआत 6 मार्च को विकासखंड धरमजयगढ़ के तहसील मुख्यालय प्रांगण कापू से होगी। शिविर दोपहर 12 बजे से सायं 4 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें आमजन अपनी मांग, शिकायत, आवेदन एवं अन्य आवश्यक प्रकरण सीधे जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। जिला प्रशासन द्वारा 12 मार्च को मुकडेगा (लैलूंगा), 13 मार्च को तमनार, 19 मार्च को पुसौर, 20 मार्च को छाल (धरमजयगढ़), 27 मार्च को लैलूंगा, 2 अप्रैल को घरघोड़ा तथा 4 अप्रैल को खरसिया तहसील मुख्यालय में शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक शिविर में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों, अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की गई है, ताकि अधिकतम प्रकरणों का निराकरण स्थल पर ही किया जा सके। शिविर में प्राप्त आवेदनों को मांग एवं शिकायत श्रेणी में वर्गीकृत कर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। जिन प्रकरणों का समाधान शिविर दिवस पर संभव होगा, उनका निराकरण तत्काल कर आवेदक को जानकारी दी जाएगी। शेष प्रकरणों के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर संबंधित आवेदकों को सूचित किया जाएगा। शिविर की तिथि से एक सप्ताह के भीतर श्रेणीवार निराकरण रिपोर्ट संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा प्रस्तुत की जाएगी। संपूर्ण प्रक्रिया की सतत मॉनिटरिंग जिला स्तर पर की जाएगी, ताकि पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), जिला स्तरीय अधिकारियों तथा सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि शिविरों का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं, बल्कि अधिकाधिक प्रकरणों का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करना है। इससे आम नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होगा।

चलती ट्रेन के वॉशरूम में जज की पत्नी की मौत, पति ने मोबाइल लोकेशन से रोकी ट्रेन

 रतलाम रेल यात्रा आम तौर पर लोगों के लिए एक सामान्य और सुरक्षित अनुभव मानी जाती है, लेकिन कभी-कभी सफर के बीच घटने वाली घटनाएं हर किसी को झकझोर कर रख देती हैं. मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से सामने आई एक ऐसी ही घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. यहां चलती ट्रेन के वॉशरूम में एक जज की पत्नी की मौत हो गई. इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि स्टेशन पर खड़े पति को काफी देर तक यह पता ही नहीं चल पाया कि उनकी पत्नी ट्रेन के अंदर ही जिंदगी की जंग हार चुकी हैं।  यह घटना कांचीगुड़ा–भगत की कोठी एक्सप्रेस में सामने आई, जहां सफर के दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और संभवतः साइलेंट हार्ट अटैक आने से उनकी मौत हो गई. घटना के बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है. जानकारी के मुताबिक राजस्थान के निंबाहेड़ा में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजकुमार चौहान अपनी पत्नी उषा चौहान के साथ जोधपुर से निंबाहेड़ा लौट रहे थे. दोनों ट्रेन में सवार तो साथ हुए थे, लेकिन रिजर्वेशन अलग-अलग कोच में था, इसलिए वे अलग डिब्बों में यात्रा कर रहे थे. सफर सामान्य तरीके से चल रहा था. रास्ते में दोनों के बीच फोन पर बातचीत भी होती रही. बताया जाता है कि निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंचने से कुछ समय पहले उषा चौहान ने अपने पति को फोन किया और बताया कि वह वॉशरूम जा रही हैं. उस समय किसी को यह अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत आखिरी साबित होगी।  स्टेशन पर इंतजार करते रहे पति कुछ ही देर बाद ट्रेन निंबाहेड़ा स्टेशन पहुंची. जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी, जज राजकुमार चौहान अपने डिब्बे से उतरकर पत्नी का इंतजार करने लगे. उन्हें उम्मीद थी कि पत्नी भी अपने कोच से उतरकर प्लेटफॉर्म पर आ जाएंगी. लेकिन मिनट दर मिनट गुजरते गए और उषा चौहान नजर नहीं आईं. पहले तो उन्होंने सोचा कि शायद वह दूसरे दरवाजे से उतर गई होंगी या फिर सामान लेने में देर हो रही होगी. लेकिन जब काफी देर तक उनका कोई पता नहीं चला तो चिंता बढ़ने लगी।  तलाश शुरू, लेकिन नहीं मिला कोई सुराग राजकुमार चौहान ने प्लेटफॉर्म पर इधर-उधर तलाश शुरू की. उन्होंने आसपास मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों से भी पूछताछ की, लेकिन किसी को भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. इसी बीच ट्रेन भी आगे के लिए रवाना हो चुकी थी. पत्नी के अचानक लापता होने से घबराए जज ने तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस सक्रिय हो गई. सबसे पहले ट्रेन की जानकारी जुटाई गई और आगे के स्टेशन को अलर्ट किया गया. पुलिस ने ट्रेन को मंदसौर स्टेशन पर रुकवाने का फैसला किया ताकि वहां जांच की जा सके. मंदसौर स्टेशन पर रेलवे पुलिस और कर्मचारियों ने कई डिब्बों की जांच की, लेकिन वहां भी उषा चौहान का कोई पता नहीं चला।  मोबाइल लोकेशन बनी सुराग इसी दौरान पुलिस ने महिला के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करवाई. लोकेशन सामने आने के बाद स्थिति कुछ हद तक साफ होने लगी. मोबाइल की लोकेशन से संकेत मिला कि फोन अभी भी उसी ट्रेन में मौजूद है. इससे यह अंदेशा बढ़ गया कि महिला शायद ट्रेन से उतरी ही नहीं हैं और किसी डिब्बे में ही मौजूद हो सकती हैं. मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने ट्रेन को आगे जावरा स्टेशन पर रुकवाया. यहां पुलिस टीम ने उस आरक्षित कोच की जांच शुरू की, जिसमें उषा चौहान यात्रा कर रही थीं. जब कोच के भीतर तलाश की गई तो एक वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. इससे शक और गहरा गया।  दरवाजा तोड़कर देखा गया अंदर का दृश्य स्थिति को गंभीर देखते हुए पुलिस और रेलवे कर्मचारियों ने वॉशरूम का दरवाजा तोड़ने का फैसला किया. दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी हैरान रह गए. वॉशरूम के अंदर उषा चौहान अचेत अवस्था में पड़ी थीं. उन्हें तुरंत बाहर निकाला गया और बिना समय गंवाए अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने महिला की जांच की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने आशंका जताई कि महिला की मौत साइलेंट हार्ट अटैक की वजह से हुई है. साइलेंट अटैक में कई बार व्यक्ति को गंभीर दर्द या लक्षण महसूस नहीं होते और अचानक स्थिति बिगड़ जाती है।  परिवार में पसरा मातम घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई. एक सामान्य ट्रेन यात्रा इस तरह दुखद अंत में बदल जाएगी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था. परिजनों को सूचना दी गई और बाद में सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. परिवार शव को अपने साथ लेकर रवाना हो गया। 

ग्रामीण यूपी में महिलाओं ने किया कमाल, अब तक 3250 करोड़ रुपये का किया रिकॉर्ड बिजली बिल कलेक्शन

योगी सरकार की पहल से आधी आबादी के जीवन में उजाला 30 हजार 'विद्युत सखियां' बनीं आत्मनिर्भर ग्रामीण यूपी में महिलाओं ने किया कमाल, अब तक 3250 करोड़ रुपये का किया रिकॉर्ड बिजली बिल कलेक्शन 15 हजार से अधिक विद्युत सखी सक्रिय रूप से फील्ड में तैनात, बाकी प्रशिक्षित महिलाएं भी जल्द उतरेंगी मैदान में लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। योगी सरकार की 'विद्युत सखी योजना' ग्रामीण महिलाओं के जीवन में न केवल उजाला ला रही है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत भी कर रही है।  अब तक इन ग्रामीण महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से 3,250 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल संग्रह कर एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड कायम किया है, जो महिला सशक्तीकरण का एक सशक्त मॉडल बन गया है। प्रदेश में अभी  30 हजार महिलाओं को विद्युत सखी के तौर पर पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से 15 हजार से अधिक महिलाएं पूरी सक्रियता के साथ फील्ड में तैनात होकर घर-घर जाकर बिजली बिल जमा करवा रही हैं।  महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का एक मजबूत जरिया योगी सरकार की योजना है कि प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद बाकी बची महिलाओं को भी जल्द ही मैदान में उतार दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण ऊर्जा सेवा में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की जा सके। इस योजना ने महिलाओं के लिए सम्मानजनक आय का एक मजबूत जरिया तैयार किया है।  हजारों 'दीदियां' बनीं लखपति इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत सखियों को दो हजार रुपये तक के बिजली बिल कलेक्शन पर 20 रुपये का कमीशन दिया जाता है, जबकि दो हजार से अधिक के बिल पर एक फीसदी कमीशन मिलता है। इस योजना के जरिए आज गांवों में हजारों 'दीदियां' लखपति बन चुकी हैं और समाज व परिवार में उनका मान-सम्मान भी काफी बढ़ा है। उपभोक्ताओं को सुविधा तो महिलाओं के लिए रोजगार का साधन उत्तर प्रदेश में इस योजना के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को बिजली बिल कलेक्शन एजेंट के रूप में सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इस सफल पहल से जहां एक ओर ग्रामीण उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों से छुटकारा मिला है और उनके लिए बिल जमा करना आसान हुआ है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं के लिए यह योजना रोजगार का एक बेहतरीन साधन साबित हुई है।

परफार्मेंस और परिणाम देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे मैदान में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को ना हो कोई परेशानी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव परफार्मेंस और परिणाम देने वाले कलेक्टर ही रहेंगे मैदान में अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयीन समय का पालन करें सुनिश्चित जिला कलेक्टर, शैक्षणिक संस्थानों, छात्रावासों, विश्व विद्यालय परिसरों का आवश्यक रूप से करें आकस्मिक निरीक्षण खाड़ी देशों में रह रहे व्यक्तियों और उनके परिवारों से निरंतर रखें समन्वय और सम्पर्क भ्रामक जानकारियों का जिला स्तर पर हो तत्काल प्रभावी रूप से खंडन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन प्रक्रिया में किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर पंजीकृत किसानों में से चिन्हित किसानों के सत्यापन, उपार्जन केन्द्रों पर बारदानों की उपलब्धता और किसानों को समय पर भुगतान के लिए शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित करें। गेहूं का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 16 मार्च से 5 मई तक होगा और शेष संभागों जबलपुर, ग्वालियर, रीवा, शहडोल, चम्बल व सागर में 23 मार्च से 12 मई तक किया जाएगा। किसान अपना पंजीयन 7 मार्च तक करा सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मंत्रालय में आयोजित अभियान की राज्य स्तरीय बैठक के बाद जिला कलेक्टर्स से वर्चुअल संवाद में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपार्जन केन्द्रों का समय-सीमा में निर्धारण, उनकी स्थापना और इन केन्द्रों पर सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन कार्य में लगे अमले के उपयुक्त प्रशिक्षण सहित जिला उपार्जन समिति द्वारा नियमित बैठक कर समस्याओं के त्वरित निदान की व्यवस्था की जाए। किसानों को अद्यतन जानकारियां सरलता से उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला कलेक्टर्स को खाड़ी देशों में वर्तमान में निर्मित अप्रत्याशित परिस्थितियों को देखते हुए इन देशों में रह रहे जिले के विद्यार्थियों, नागरिकों के परिवारों से सम्पर्क में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भवन नई दिल्ली और वल्लभ भवन मंत्रालय में प्रदेशवासियों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिला स्तर पर ऐसे व्यक्तियों और परिवारों से कलेक्टर्स निरंतर समन्वय और सम्पर्क रखें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संकल्प से समाधान अभियान का अंतिम चरण जारी है। अभियान के अंतर्गत 40 लाख आवेदनों का निराकरण हुआ है। अब 16 मार्च तक जिला स्तरीय शिविर लगना है। विकास और जनकल्याण की इस गतिविधि की जिला कलेक्टर सघन मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कलेक्टर्स जिले की सभी गतिविधियों में परफार्मेंस और परिणाम देंगे वे ही मैदान में रहेंगे, यह सिद्धांत सभी अधिकारी-कर्मचारियों पर भी लागू होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों में वीसी सेटअप के संबंध में आलीराजपुर, छिंदवाड़ा, पांर्ढुणा, बालाघाट, भोपाल जिलों को तत्काल कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वीसी सेटअप से सभी विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधियों को पंचायत स्तर तक संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे विकास और जनकल्याण के कार्यों की समीक्षा में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा स्तर के विजन डॉक्यूमेंट के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासन और व्यवस्था के संबंध में मिथ्या या भ्रम फैलाने वाली जानकारियों का जिला स्तर पर तत्काल प्रभावी रूप से खंडन किया जाए। सोशल मीडिया के युग में ऐसी गतिविधियों पर त्वरित रूप से वस्तुस्थिति रखना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में शाला और महाविद्यालयीन स्तर पर परीक्षाओं का समय चल रहा है। जिला अधिकारी शैक्षणिक संस्थाओं, छात्रावासों, विश्वविद्यालय परिसरों का आकस्मिक निरीक्षण आवश्यक रूप से करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि परीक्षाओं का संचालन और आगामी सत्रारंभ निर्विघ्न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला अधिकारियों को जिला स्तर पर नवाचार करने के लिए प्रोत्साहित भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयीन समय का पालन करने की अपेक्षा है। इस संबंध में गत दिवस मंत्रालय में कार्यालयीन समय अनुसार उपस्थिति का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया था। जिला स्तर पर जिला कलेक्टर्स द्वारा अपने स्तर पर इस प्रकार के निरीक्षण की व्यवस्था की जाए। कार्यालयीन स्टॉफ को दी गई सुविधाएं, उनका अधिकार है, इसके साथ उनसे नियमानुसार कार्य लेना भी सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आकस्मिक निरीक्षण की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। यदि कार्यालयीन समय के पालन में सुधार नहीं आया तो राज्य में 6 कार्य दिवसीय सप्ताह की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। शासकीय कार्यालयों में आम नागरिकों के लिए सुगम व्यवस्था स्थापित करना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। जिलों में होने वाले परम्परागत मेलों में कृषि-पशुपालन आदि क्षेत्र में नवाचार करने वालों या विशेष उपलब्धि अर्जित करने वालों की प्रदर्शनी लगाई जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर होम-स्टे को प्रोत्साहित करने के भी कलेक्टर्स को निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, श्री अशोक बर्णवाल, श्री संजय दुबे, श्री नीरज मंडलोई, श्रीमती दीपाली रस्तोगी, श्री शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में समस्त जिला कलेक्टर्स वर्चुअली शामिल हुए।  

अमेरिका की छूट: भारत अब 30 दिन तक खरीद सकेगा रूस का कच्चा तेल

 नई दिल्ली ईरान जंग की वजह से पैदा हुए तेल संकट के बीच अमेरिका ने अहम फैसला लिया है. उसने रूस को 30 दिन तक भारत को तेल बेचने की अस्थायी छूट दी है. इससे महीनों से समंदर में भटक रहे रूसी तेल जहाजों के साथ-साथ भारत को भी राहत मिलेगी। बताया गया कि अमेरिका ने ईरान जंग के बीच ग्लोबल ऑयल मार्केट पर दबाव कम करने के लिए समुद्र में फंसे रूसी तेल को भारत को बेचने की इजाजत दी है. ये 30 दिन की टेम्पररी छूट है। ईरान से जंग शुरू होने के बाद आशंका थी कि भारत में भी तेल संकट हो सकता है. तब सरकार ने बताया था कि भारत के पास अभी करीब 50 दिन का तेल रिजर्व है। रॉयटर्स के मुताबिक, दो सीनियर अमेरिकी अधिकारियों ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया कि वाशिंगटन ने रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर लगे प्रतिबंधों से जुड़ी मौजूदा पाबंदियों के बावजूद शिपमेंट को आगे बढ़ने की अनुमति देने के लिए 30 दिनों की छूट को मंजूरी दे दी है। बता दें कि, अमेरिका ने यूक्रेन जंग शुरू होने के बाद विभिन्न देशों को रूसी तेल नहीं खरीदने की धमकी दी थी. पश्चिमी देशों ने भी मॉस्को पर प्रतिबंध लगाए थे. लेकिन भारत रूसी तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक के रूप में उभरा था. ट्रंप की धमकियों के बावजूद भारत ने रूसी तेल खरीदना जारी रखा था. साथ ही साफ संदेश दिया था कि तेल कहां से खरीदना है, इसका फैसला भारत खुद करेगा। रूस के तेल टैंकर समुद्र में क्यों खड़े थे दरअसल, रूस के तेल टैंकर समुद्र में इसलिए खड़े थे क्योंकि नए अमेरिकी प्रतिबंधों और भुगतान/बीमा की अनिश्चितता की वजह से उनका तेल तुरंत उतारा नहीं जा रहा था. यूएस ने रूसी तेल से जुड़ी कुछ शिपिंग कंपनियों और टैंकरों पर सख्त प्रतिबंध लगाए थे. इससे कई जहाजों के बीमा, भुगतान और पोर्ट एंट्री पर सवाल खड़े हो गए। भारत के रिफाइनर्स भी इंतजार करने लगे कि कहीं तेल खरीदना नियमों के खिलाफ तो नहीं होगा. इसलिए जहाजों को कुछ समय समुद्र में ही रोक दिया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक, सरकारी स्वामित्व वाली रिफाइनरियां- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड – जल्द डिलीवरी के लिए रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए व्यापारियों के साथ पहले से ही बातचीत कर रही हैं। बताया गया कि भारतीय सरकारी तेल रिफाइनरी कंपनियों ने व्यापारियों से पहले ही लगभग 20 मिलियन बैरल रूसी तेल खरीद लिया है। कुछ रिफाइनरियों के लिए, यह कदम रूसी आपूर्ति की वापसी का संकेत है. रॉयटर्स की खबर के मुताबिक, एचपीसीएल और एमआरपीएल को आखिरी बार नवंबर में रूसी कच्चे तेल की खेप मिली थी।

प्रदेश के 3300 से अधिक किसानों को मिलेंगे उन्नत कृषि यंत्र

प्रदेश के 3300 से अधिक किसानों को मिलेंगे कृषि यंत्र  जनपदों में शुक्रवार को ई लाटरी से होगा किसानों का चयन  www.agridarshan.up.gov.in पर 4 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों को मिलेगा अनुदान का लाभ 2017 से 2025 के मध्य लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का किया गया है वितरण लखनऊ योगी सरकार होली के उपरांत 3300 से अधिक किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र देगी। इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने 4 मार्च तक कृषि विभाग की वेबसाइट www.agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन किया है। जिन जनपदों में लक्ष्य से अधिक आवेदन मिले हैं, सिर्फ वहीं शुक्रवार को ई लाटरी से चयन होगा।  सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के तहत 2519 किसानों को दिए जाएंगे यंत्र  कृषि विभाग द्वारा संचालित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत फार्म मशीनरी बैंक, कृषि ड्रोन, अन्य एकल कृषि यंत्र के तहत 2519 तथा प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना के अंतर्गत 800 किसानों को कृषि यंत्र मिलेंगे।  10 दिन के भीतर अपलोड करनी होगी रसीद व फोटो  कृषि यंत्रों से जुड़ी समस्त जानकारी व अनुदान प्रक्रिया वेबसाइट पर उपलब्ध है। लाभार्थियों का चयन/बुकिंग टोकन कन्फर्म होने की तिथि से कृषि यंत्र खरीद कर उसकी रसीद व फोटो 10 दिन के भीतर www.agridarshan.up.gov.in या upyantratraking.in अपलोड करना होगा।  चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि की जाती है वापस  ई लॉटरी में चयनित किसानों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाता है। सूचना एवं बिल अपलोड की अंतिम तिथि की सूचना के साथ-साथ प्रतीक्षा सूची में चयनित कृषकों को भी सूचित किया जाता है। ई लॉटरी में चयनित न होने वाले किसानों की जमानत धनराशि अधिकतम छह महीने में वापस कर दी जाती है। योगी सरकार की प्राथमिकता है कि कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाएं पारदर्शिता से संपादित हो और इसका लाभ किसानों को मिले। कृषि विभाग ने अपील की है कि जिन किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर कृषि यंत्रों की बुकिंग की है, वे जनपद में होने वाली ई-लाटरी प्रक्रिया में अवश्य प्रतिभाग करें। 2017 से 2025 तक लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण 2017-18 से 2025 तक उत्तर प्रदेश में लगभग तीन लाख कृषि यंत्रों का वितरण किया गया। इसमें 2.31 लाख एकल कृषि यंत्र, 8405 कस्टम हायरिंग सेंटर, 7351 फॉर्म मशीनरी बैंक आदि प्रमुख हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनवरी तक 7777 कृषि यंत्र, 51 कस्टम हायरिंग सेंटर एवं 64 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने के बिल पोर्टल पर अपलोड हुए।