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अचानक रद्द हुई कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें, अमृतसर एयरपोर्ट पर हाहाकार

अमृतसर (पंजाब) एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कतर एयरवेज की कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है। कई उड़ानें या तो रद्द की गईं या उनका संचालन स्थगित कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से उड़ानों के रद्द होने का सिलसिला लगातार जारी है। रविवार को भी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़े सैन्य तनाव और कुछ देशों के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा है। जानकारी के अनुसार अमृतसर से खाड़ी और यूरोप के लिए संचालित कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। इनमें दुबई, शारजाह और दोहा रूट की उड़ानें भी प्रभावित हुईं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक एयरलाइनों ने सुरक्षा कारणों से इन सेवाओं को अस्थायी रूप से रद्द किया। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कतर एयरवेज की कुछ उड़ानों पर भी असर पड़ा है। कई उड़ानें या तो रद्द की गईं या उनका संचालन स्थगित कर दिया गया, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुईं। रद्द हुई प्रमुख उड़ानों में दुबई-अमृतसर, अमृतसर-शारजाह, शारजाह-अमृतसर, अमृतसर-दुबई, लंदन-अमृतसर और अमृतसर-बर्मिंघम जैसी अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शामिल बताई जा रही हैं। उड़ानें रद्द होने के कारण कई यात्री एयरपोर्ट पर फंस गए। संबंधित एयरलाइनों ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड या अगली उपलब्ध उड़ानों में समायोजित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का असर: नोएडा में लोग कर रहे टंकी फुल कराने की दौड़

नई दिल्ली  ईरान व अमेरिका-इस्राइल के बीच युद्ध के कारण भारत में भी पेट्रोल व डीजल महंगा होने वाला है। इसकी आशंका पर शनिवार को ग्रेटर नोएडा के काफी पेट्रोल पंपों पर भीड़ देखने को मिली। वहां लंबी लाइन लगी थी। ज्यादातर लोग कार व बाइक के टैंक को पूरा भरवा रहे थे। वहीं प्रशासन भी लगातार पेट्रोलियम कंपनियों के संपर्क में हैं। अफसरों का कहना है कि युद्ध का असर हर जगह है। पेट्रोलियम कंपनियां यहां भी कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।   ईंधन की आपूर्ति पर पड़ा असर खाड़ी देशों में युद्ध का असर अन्य देशों पर भी पड़ रहा है। ईरान पर हमले के कारण ईंधन की आपूर्ति पर असर पड़ा है। वहां से दुनिया भर में 20 प्रतिशत तेल जाता है। आपूर्ति बंद होने पर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल को पार कर चुकी है। इस कारण अन्य देशों में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं। अगर युद्ध जारी रहा तो भारत में भी तेल की कीमतें जल्द बढ़ जाएंगी। पेट्रोल पंपों पर लगी गाड़ियों की कतारें शनिवार को शहर में तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका रही। इस कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर शाम को काफी भीड़ रही। ग्रेनो वेस्ट की समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू निवासी संजीव ने बताया कि एक मूर्ति गोल चक्कर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर शनिवार शाम को काफी भीड़ रही। बाइक और कारों की लंबी लाइन लगी थीं। ज्यादातर लोग बाइक व कार का टैंक फुल करवा रहे थे। ताकि पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के कारण उनकी जेब ढीली होने से बच सके। अफसर बोले- अभी आशंका है हालांकि जिला आपूर्ति विभाग के अफसरों का कहना है कि आशंका है, लेकिन इस संबंध में कंपनियों की तरफ से कोई जानकारी नहीं मिली है। साथ ही कंपनियों के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। फिलहाल तेल की कीमतें बढ़ने संबंधी कोई आदेश नहीं है। पाकिस्तान में 55 रुपये प्रति लीटर का उछाल खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पाकिस्तान में तेल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस कारण वहां पर पेट्रोल की कीमतें 335 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है। वहीं अमेरिका और यूरोप में भी तेल की कीमतों में इजाफा हुआ है। जबकि इस्राइल में भी कीमतें बढ़ी हैं।  

Punjab Budget 2026: SC महिला को ₹1500, पेंशनर्स को राहत, वित्तमंत्री बोले—हम जुमलेबाज नहीं

चंडीगढ़  पंजाब में बजट पेश करने से पहले वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने CM भगवंत मान से मुलाकात की थी। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को 1000 रुपए महीना देने का ऐलान कर दिया है। खास बात ये है कि SC वर्ग की महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा यानी 1500 रुपए महीने दिए जाएंगे।  पेंशनधारकों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि सरकारी कर्मचारियों और सांसदों-विधायकों को इससे बाहर रखा गया है। खास बात ये है कि AAP सरकार ने इस स्कीम को लेकर हरियाणा की BJP सरकार पर भी तंज कसा है। वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में बोलते हुए कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य की सरकार ने इनकम लिमिट लगा दी। जिसमें सिर्फ 20% महिलाएं ही कवर होती हैं। वित्तमंत्री ने कहा कि हम जुमलेबाजी नहीं करते। पंजाब में इस स्कीम से 97% महिलाएं कवर होंगी। CM भगवंत मान सिर्फ 20% महिलाओं नहीं बल्कि 100% महिलाओं के मुख्यमंत्री हैं। महिलाओं के लिए 1 हजार रुपए राशि का ऐलान करते हुए वित मंत्री हरपाल सिंह चीमा। जिस पर जमकर तालियां बजी। महिलाओं के लिए 1 हजार रुपए राशि का ऐलान करते हुए वित मंत्री हरपाल सिंह चीमा। जिस पर जमकर तालियां बजी। SC महिलाओं को 500 रुपए ज्यादा मिलेंगे वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू की गई है। इस योजना के तहत पंजाब की हर बालिग महिला को हर महीने ₹1000 सीधे उसके बैंक खाते में दिए जाएंगे। इसके अलावा SC समुदाय की महिलाओं को हर महीने ₹1500 सीधे उनके खाते में दिए जाएंगे। वित्तमंत्री चीमा ने कहा- मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह योजना सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की पहली डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (यूनिवर्सल कैश ट्रांसफर) योजना होगी, जो महिलाओं के लिए शुरू की जा रही है। पंजाब में 18 वर्ष से अधिक उम्र की हर महिला इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकेगी। चीमा ने कहा- केवल कुछ कैटेगरी की महिलाओं को इस स्कीम से बाहर रखा गया है, जिनमें मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा या पूर्व सांसद/विधायक और आयकर देने वाली महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं जैसे बुजुर्ग पेंशन, विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या दिव्यांग पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। चीमा ने कहा- कुल मिलाकर पंजाब की लगभग 97% बालिग महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी, जो भारत के किसी भी राज्य में सबसे अधिक कवरेज है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, घर के फैसलों में उनकी भूमिका को मजबूत करना, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार लाना और लड़कियों को पढ़ाई जारी रखने तथा बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित करना है। पड़ोसी राज्य ने इनकम लिमिट लगाई, सिर्फ 20% को लाभ चीमा ने कहा- कई राज्यों ने ऐसी योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन वे उन्हें सिर्फ महिलाओं के एक छोटे वर्ग तक सीमित कर देते हैं और उन बड़ी संख्या में महिलाओं को नजरअंदाज कर देते हैं जो अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी पुरुषों पर आर्थिक रूप से निर्भर हैं। उदाहरण के तौर पर, हमारे एक पड़ोसी राज्य ने भी ऐसी ही योजना घोषित की, लेकिन उसे सालाना ₹1 लाख से कम आय वाले परिवारों तक ही सीमित रखा, जिससे सिर्फ लगभग 20% बालिग महिलाएं ही कवर होती हैं। पंजाब ऐसी जुमलेबाजी नहीं करेगा। CM भगवंत मान पंजाब की सिर्फ 20% महिलाओं के नहीं, बल्कि पंजाब की हर महिला के मुख्यमंत्री हैं। इसीलिए हमने फैसला किया है कि इस योजना के तहत राज्य की सभी बालिग महिलाओं को कवर किया जाएगा। किताबों-कोचिंग, फिल्म देखने के लिए पैसे मांगने की जरूरत नहीं चीमा ने कहा कि चाहे कॉलेज में पढ़ने वाली बेटी हो जिसे अतिरिक्त किताबों की जरूरत हो, सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही बेटी हो जिसे कोचिंग की जरूरत हो, कोई महिला जो सिनेमा हॉल में फिल्म देखना चाहती हो, या कोई दादी जो अपनी पोती के लिए नया खिलौना खरीदना चाहती हो, अब उन्हें अपने खर्चों के लिए किसी से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब उनके बड़े भाई और बेटे सरदार भगवंत सिंह मान हर महीने ₹1000 से ₹1500 सीधे उनके बैंक खाते में जमा करवाएंगे। चीमा ने कहा कि इस योजना को पारदर्शी और समय पर लागू करने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹9,300 करोड़ का विशेष बजट रखा गया है। वित्तमंत्री चीमा ने कहा- इस सीधी आर्थिक सहायता के साथ-साथ सरकार पंजाब में महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी जारी रखेगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए आवागमन, अवसर और पहुंच बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन चुकी है। पिछले एक साल में ही इस योजना के तहत महिलाओं ने लगभग 12 करोड़ मुफ्त बस यात्राएं की हैं, जो इसकी लोकप्रियता और सामाजिक प्रभाव को दिखाता है। इस सुविधा से महिलाओं को काम, पढ़ाई, इलाज और पारिवारिक जिम्मेदारियों के लिए यात्रा करने में आर्थिक बोझ नहीं पड़ता। इस योजना को जारी रखने के लिए वित्त वर्ष 2026–27 में ₹600 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

भगवंत मान का बड़ा तोहफा महिलाओं के लिए, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शुरू होगा मासिक लाभ

चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है। पंजाब की आप सरकार ने 8 मार्च को महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा की है। जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। विशेष रूप से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को इस योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रमुख वादों में से एक थी। योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे पंजाब की भगवंत मान सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धीयां सतिकार योजना' की शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को इस योजना के तहत 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह योजना आम आदमी पार्टी (AAP) के 2022 विधानसभा चुनाव से पहले दिए गए प्रमुख वादों में से एक थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'मिशन पंजाब' रैली के दौरान यह गारंटी दी थी कि AAP की सरकार बनने पर राज्य की हर वयस्क महिला को मासिक 1000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी AAP ने दावा किया है कि पार्टी द्वारा चुनाव में दी गई लगभग सभी गारंटियां पूरी की जा चुकी हैं, और यह योजना महिलाओं की वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ावा देने का एक और बड़ा कदम है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज विधानसभा में राज्य का बजट पेश करते हुए इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इससे राज्य की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं लाभान्वित होंगी। हालांकि योजना के तहत वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायक, स्थायी सरकारी कर्मचारी (वर्तमान या पूर्व) और आयकर दाता महिलाएं पात्र नहीं होंगी। राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाई जाएगी, जिससे पारदर्शिता और प्रभावी वितरण सुनिश्चित होगा। AAP सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें छोटे-मोटे खर्चों के लिए परिवार पर निर्भर न रहने में मदद करेगी। उन्होंने जोर दिया कि AAP सरकार महिलाओं के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। योजना की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर होने से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। विपक्षी दलों ने इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह वादा चार साल बाद पूरा हो रहा है, और सरकार को पिछले वर्षों की बकाया राशि भी चुकानी चाहिए। हालांकि, AAP का कहना है कि सरकार ने अन्य वादों की तरह इस गारंटी को भी पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। यह योजना पंजाब की महिलाओं के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकती है, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाएगी बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण में भी योगदान देगी। योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

सिंहस्थ 2028 के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तेज, समयसीमा पर कमिश्नर सख्त

उज्जैन उज्जैन में “सिंहस्थ महापर्व 2028” को लेकर शहर के विकास कार्यों को तेज कर दिया गया है। नगर निगम के मास्टर प्लान के तहत सड़कों के निर्माण का बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। नगर निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में मास्टर प्लान के अंतर्गत कुल 27 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से वर्तमान में करीब 22 सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है। उज्जैन में मास्टर प्लान की 27 सड़कों पर काम किया जाएगा। निगम कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि सभी सड़कों का निर्माण मास्टर प्लान में निर्धारित चौड़ाई के अनुसार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके। इन सभी परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 530 करोड़ रुपए है। ठेकेदारों-इंजीनियरों को सख्त टाइमलाइन कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने बताया कि होली पर्व के कारण एक-दो दिन निर्माण कार्य की गति थोड़ी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब सभी साइटों पर फिर से पूरी टीम के साथ काम शुरू कर दिया गया है और जल्द ही पहले जैसी रफ्तार देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम ने इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों और इंजीनियरों को स्पष्ट चुनौती देते हुए सख्त टाइमलाइन तय की है। ये है नगर निगम का लक्ष्य साथ ही कौन-सी सड़क कितने समय में पूरी होगी, इसका डेटा भी सार्वजनिक किया गया है, ताकि काम तय समय सीमा में पूरा हो सके। नगर निगम का लक्ष्य है कि “सिंहस्थ 2028” से पहले शहर की प्रमुख सड़कों का निर्माण पूरा कर यात्रियों और श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

लखनऊ में 12 करोड़ की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार, कार से भारी नशे की खेप बरामद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने बड़ा एक्शन लिया है. यहां करीब 12 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी को शहर के चौक थाना क्षेत्र में इमामबाड़ा के पास से पकड़ा गया. पुलिस ने उसके कब्जे से हेरोइन, मोबाइल, आधार कार्ड, पैन कार्ड और नकदी भी बरामद की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यूपी एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि चौक इलाके में एक तस्कर बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की सप्लाई करने के लिए पहुंचने वाला है. इस सूचना के आधार पर टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।  टीम ने चौक थाना क्षेत्र में इमामबाड़ा के पास एक संदिग्ध कार को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान कार से भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार में मौजूद आरोपी की पहचान इमरान के रूप में हुई है, जो लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के न्यू हैदरगंज इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है. पूछताछ में पता चला है कि वह इस मादक पदार्थ को शहर में सप्लाई करने के लिए लेकर आया था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड और 6,080 रुपये नकद भी बरामद किए हैं. बरामद हेरोइन को जब्त कर लिया गया है और आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हेरोइन कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था. वह किस गिरोह से जुड़ा है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही तस्करी के पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ दार्जिलिंग में विवादित व्यवहार, झारखंड राजनैतिक हलकों में आक्रोश

 दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन को लेकर सियासत तेज हो गई है। झारखंड के कई नेताओं ने इस घटना की कड़ी आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रपति पद और आदिवासी समाज का अपमान बताया है। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य सरकार के व्यवहार को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि दार्जिलिंग में आयोजित नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ किया गया व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को संविधान का अपमान बताया मरांडी ने अपने प्रेस बयान में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति इस तरह का रवैया प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। इससे आदिवासी समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के शब्दों में जो पीड़ा और असहजता दिखाई दी, उसे पूरे देश ने महसूस किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के अहंकार में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है और संथाल आदिवासी समाज का भी अपमान किया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने भी इस घटना को संविधान का अपमान बताया है। मुर्मु के साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद शर्मनाक आजसू पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति हैं और उनके साथ ऐसा व्यवहार करना बेहद शर्मनाक है। सुदेश महतो ने आरोप लगाया कि जब राष्ट्रपति नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में शामिल होने दार्जिलिंग पहुंचीं, तब उनका स्वागत करने के लिए न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मौजूद थीं और न ही कोई वरिष्ठ अधिकारी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को प्रोटोकॉल के अनुसार सम्मान नहीं दिया गया, जो बेहद आपत्तिजनक है। आजसू पार्टी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्रपति पद का अपमान बताया है।  

Women’s Day 2026: हरियाणा की महिलाओं को बड़ा मौका, इस विभाग में बढ़ेगी हिस्सेदारी

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी। महिलाओं के सशक्तिकरण में हरियाणा देश में एक मिसाल के तौर पर बनने जा रहा है। हरियाणा ने अपने विजन डॉक्यूमेंट 2047 में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक स्थिति में सुधार के लिए कई लक्ष्य तय किए हैं ताकि वे अपनी पूरी क्षमता के साथ समाज में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य सरकार ने महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी को 19 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में यह भागीदारी केवल 19 फीसदी है, जो एक बहुत ही कम आंकड़ा है। इस लक्ष्य के जरिए सरकार न केवल महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने का इरादा रखती है, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम बढ़ा रही है।  समृद्ध हरियाणा के लिए महिलाओं का साक्षर होना सबसे जरूरी है। इस दिशा में भी हरियाणा सरकार बड़े कदम उठाने जा रही है। हरियाणा सरकार ने महिलाओं की साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य की वर्तमान महिला साक्षरता दर 65.94 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 90 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल महिलाओं के ज्ञान का स्तर बढ़ेगा, बल्कि उनकी समाज में स्थिति भी बेहतर होगी। शिक्षा के माध्यम से महिलाएं अपने जीवन को सशक्त बना सकेंगी और समाज में अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकेंगी। हर विभाग महिलाओं के लिए अलग से तैयार करेगा बजट यह देश में पहली बार होगा कि कोई प्रदेश महिलाओं के लिए हर विभाग में अलग से बजट से तैयार करें। हरियाणा सरकार ने अगली वित्तीय वर्ष से अपने बजट को जेंडर-बेस्ड बनाने की घोषणा की है। इसका मतलब है कि सभी विभागों को अपने बजट का एक निश्चित हिस्सा महिलाओं के कल्याण के लिए आरक्षित करना होगा। यह कदम महिलाओं के लिए बेहतर योजनाएं और संसाधन उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त करेगा। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी सरकारी योजनाएं और कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं। इसके साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हरियाणा सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य का लक्ष्य है कि महिलाओं की औसत आयु को 75 साल से बढ़ाकर 80 साल किया जाए। इसके लिए सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में काम करेगी। महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने से न केवल उनकी जीवनशैली में सुधार होगा, बल्कि समाज में उनके योगदान को भी बेहतर तरीके से सराहा जाएगा। महिलाओं के स्टार्टअप से बदली तस्वीर हरियाणा में बीते चार वर्षों के दौरान महिला उद्यमिता ने नई रफ्तार पकड़ी है। राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है और अब आधे से अधिक स्टार्टअप महिला नेतृत्व में संचालित हो रहे हैं। सरकार का लक्ष्य इस हिस्सेदारी को आने वाले समय में 60 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। प्रदेश में इस समय 9,100 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी कंपनियों की है, जिन्हें महिलाओं ने शुरू किया है या जिनका संचालन महिलाओं के हाथ में है। कृषि-टेक, सूचना प्रौद्योगिकी, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में महिला उद्यमियों की सक्रियता ने रोजगार और नवाचार को नई दिशा दी है। महिला उद्यमी के लिए ये योजनाएं चल रही हैं महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत महिलाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्टार्टअप इन्क्यूबेटर और आईटी पार्कों में महिला संस्थापकों को किराए पर 45 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे शुरुआती लागत का बोझ कम हो सके। सरकार की ओर से मेंटॉरशिप, तकनीकी सहायता और फंडिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि नए उद्यम तेजी से विकसित हो सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से महिला उद्यमियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे पारंपरिक क्षेत्रों से आगे निकलकर टेक्नोलॉजी आधारित कारोबार में भी कदम रख रही हैं। पुलिस में महिलाओं की बढ़ेगी हिस्सेदारी हरियाणा सरकार ने पुलिस विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। यह व्यवस्था जल्द होने वाली नई भर्तियों में लागू की जाएगी, जिसके लिए सरकार शीघ्र ही आधिकारिक अधिसूचना जारी करने की तैयारी में है। सरकार पुलिस विभाग में करीब 6,000 पदों पर भर्ती करने जा रही है। इन भर्तियों में कांस्टेबल और सब-इंस्पेक्टर के पद शामिल होंगे। नए नियम के तहत लगभग 1,250 पद विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाएंगे, जिससे पुलिस बल में उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार का मानना है कि पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ने से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के निपटारे में संवेदनशीलता और प्रभावशीलता दोनों बढ़ेंगी। महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राज्य में ढांचे का विस्तार भी किया जा रहा है। प्रदेश में 7 नए महिला पुलिस थाने स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में हरियाणा में 33 महिला पुलिस थाने कार्यरत हैं, जहां महिलाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई प्राथमिकता के आधार पर की जाती है।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी महिलाओं को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश, समाज और परिवार की प्रगति में हर चुनौती में सहभागी रहने वाली मातृशक्ति को शत्-शत् नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में सफल हों, नए प्रतिमान गढ़ें, यही मेरी मंगलकामनाएं हैं।  

नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड फीचर; सिर्फ 999 यूनिट ही होंगी उपलब्ध

मुंबई  भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है और कई नई कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं। इसी कड़ी में जेलो इलेक्ट्रिक ने अपने फ्लैगशिप स्कूटर का विशेष संस्करण नाइट+ रानी एडिशन पेश किया है। यह एक लिमिटेड एडिशन मॉडल है जिसे खास तौर पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बाजार में उतारा गया है। कंपनी ने इस स्कूटर की कुल बिक्री को केवल 999 यूनिट तक सीमित रखा है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 69,990 रुपये तय की गई है और इसकी बुकिंग कंपनी के अधिकृत डीलर नेटवर्क के माध्यम से शुरू हो चुकी है। यह स्कूटर केवल बेबी पिंक रंग में उपलब्ध कराया गया है, जो इसे अन्य मॉडलों से अलग पहचान देता है।  सिंगल चार्ज पर मिलेगी 100 किलोमीटर तक की रेंज नाइट+ रानी एडिशन तकनीकी रूप से उसी प्लेटफॉर्म पर आधारित है जिस पर अगस्त 2025 में लॉन्च हुआ नाइट+ मॉडल बनाया गया था। इसमें 1.8 kWh क्षमता की पोर्टेबल लिथियम आयरन फॉस्फेट बैटरी दी गई है। कंपनी का दावा है कि एक बार पूरी तरह चार्ज होने के बाद यह स्कूटर लगभग 100 किलोमीटर तक चल सकता है। इस इलेक्ट्रिक स्कूटर में 1.5 kW क्षमता की मोटर लगाई गई है, जो इसे संतुलित प्रदर्शन देने में मदद करती है। इसकी अधिकतम रफ्तार करीब 55 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। इस मॉडल की खास बात यह है कि इसमें हटाने योग्य बैटरी दी गई है, जिसे उपयोगकर्ता आसानी से निकालकर घर या किसी अन्य स्थान पर चार्ज कर सकते हैं। क्रूज कंट्रोल और हिल होल्ड जैसे आधुनिक फीचर नाइट+ रानी एडिशन में कई ऐसे आधुनिक फीचर दिए गए हैं जिन्हें कंपनी इस श्रेणी में खास मानती है। इसमें हिल होल्ड कंट्रोल की सुविधा दी गई है, जो ढलान या चढ़ाई पर स्कूटर को स्थिर रखने में मदद करती है। इसके अलावा क्रूज कंट्रोल फीचर भी मौजूद है, जिसकी मदद से लंबी दूरी तय करते समय रफ्तार को स्थिर बनाए रखना आसान हो जाता है। स्कूटर में फॉलो-मी-होम हेडलैंप भी दिया गया है, जो अंधेरे में वाहन पार्क करने या घर तक पहुंचने के दौरान अतिरिक्त रोशनी प्रदान करता है। इसके साथ ही मोबाइल चार्ज करने के लिए यूएसबी चार्जिंग पोर्ट भी लगाया गया है, जिससे यात्रा के दौरान उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिलती है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का उद्देश्य कंपनी के अनुसार इस स्कूटर के रंग और डिजाइन को भारतीय संस्कृति में “रानी” शब्द के प्रतीकात्मक महत्व को ध्यान में रखकर चुना गया है। इसका उद्देश्य आत्मविश्वास और स्वतंत्र पहचान को दर्शाना है। कंपनी का कहना है कि इस मॉडल को बाजार में लाने का मकसद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करना भी है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह स्कूटर सभी प्रकार के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध रहेगा। कंपनी के पोर्टफोलियो में हैं कई मॉडल जेलो इलेक्ट्रिक, एसएलएसआर इलेक्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत काम करने वाली कंपनी है। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने भारत के विभिन्न शहरों में अपने डीलर नेटवर्क को विस्तार देने पर ध्यान दिया है। वर्तमान समय में कंपनी के पोर्टफोलियो में कुल पांच मॉडल शामिल हैं और नाइट+ रानी एडिशन इसी श्रृंखला का एक विशेष संस्करण है, जिसे सीमित संख्या में ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराया गया है।