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हैदराबाद से लौट रहे मजदूर से लूट का खुलासा: कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

अनूपपुर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा हैदराबाद से मजदूरी कर लौट रहे राहगीर से स्मार्ट फोन एवं नगदी रूपये के लूट के मामले में चार आरोपियों धर्मेन्द्र वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, राज वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार और राहुल वंशकार निवासी केशवाही जिला शहडोल को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया गया है। रविवार दिनांक 08.03.2026 को राकेश कुमार केवट पिता रामगरीब केवट उम्र करीब 34 साल निवासी ग्राम बैहाटोला थाना बिजुरी जिला अनूपपुर का थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि हैदराबाद से मजदूरी करके अपने साथी चमनलाल केवट के साथ ट्रेन से अनूपपुर लौटा था जो घर बिजुरी जाने के लिए ट्रेन विलम्ब होने से पुरानी सब्जी मण्डी में स्थित सार्वजनिक सुलभ शौचालय काम्पलेक्स फ्रेश होने गये थे जहां धर्मेन्द्र वंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, राज बंशकार निवासी पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार निवासी बुढार और राहुल वंशकार निवासी केशवाही शहडोल ने मिलकर बियर की बोतल तोड़कर पेट में अड़ाकर धमकी देते हुए राकेश कुमार केवट का वीवो कंपनी का 19000 रूपये का मोबाईल व 1400 रूपये लूट कर मोटर सायकल से फरार हो गये है । उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 142/26 धारा 309(4), 3(5) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक पवन प्रजापति, सहायक उपनिरीक्षक संतोष वर्मा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, प्रधान आरक्षक विनय बैस, आरक्षक अमित यादव, आरक्षक अब्दुल कलीम की पुलिस टीम का गठन कर आरोपियो की पता तलाश कर आरोपी धर्मेन्द्र वंशकार पिता स्व. कंधीलाल वंशकार उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 चंदासटोला अनूपपुर, राज वंशकार पिता बृजेश वंशकार उम्र 21 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 पटौराटोला अनूपपुर, भीमसेन उर्फ भिम्मा बंशकार पिता स्व. मुन्ना वंशकार उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 बुहार थाना बुढार जिला शहडोल और राहुल वंशकार पिता सुरेश वंशकार उम्र 28 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 केशवाही थाना जैतपुर जिला शहडोल से लूट में प्रयुक्त मोटर सायकल व लूट की गई वीबो कंपनी का 19000 रूपये कीमती का मोबाईल तथा लूट की राशि 1400 रूपये जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के विरूद्ध पूर्व से चोरी, अवैध उगाही, लड़ाई झगड़ा एवं मारपीट, धमकी के अनेक आपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा उक्त आदतन आरोपियों का जिला बदर कराए जाने का आदेश दिया गया है।  

कर्नाटक में नेतृत्व बदलने की चर्चा! दिल्ली रवाना हुए डी के शिवकुमार, मलिकार्जुन खरगे भी साथ

बेंगलुरु मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के नई दिल्ली दौरे ने विधानसभा के बजट सत्र के बाद राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को फिर से हवा दे दी है। सरकारी और पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिवकुमार रविवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ कलबुर्गी से राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। इससे पहले दिन में, दोनों नेताओं ने जिले के चित्तपुर में 1,069 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की शुरुआत की थी। मीडिया के साथ साझा किए गए शिवकुमार के यात्रा कार्यक्रम के अनुसार, वह एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली गये हैं और सोमवार सुबह बेंगलुरु लौटेंगे। सिद्धारमैया क्या बोले मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवकुमार के साथ जारी खींचतान के बीच, सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा था कि अगर कांग्रेस आलाकमान उन्हें अवसर देता है तो वह दो और बजट पेश कर सकते हैं। सिद्धरमैया ने शुक्रवार को राज्य के वित्त मंत्री के रूप में अपना रिकॉर्ड 17वां बजट पेश किया। कहा जा रहा है कि शिवकुमार के समर्थक कुछ विधायक दिल्ली जाकर पार्टी आलाकमान के सामने अपने नेता को विधानसभा के बजट सत्र के बाद मुख्यमंत्री बनाए जाने की इच्छा व्यक्त चुके हैं। यह बजट सत्र 27 मार्च को समाप्त होगा। इस बीच, शिवकुमार 10 मार्च को सभी मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के लिए रात्रिभोज का आयोजन करेंगे, जो कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष के रूप में उनके छह साल पूरे होने का जश्न होगा। पहले भी दे चुके संकेत शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि वह 'अत्यंत धैर्य' रखे हुए हैं और उन्हें किसी भी प्रकार की क्रांति में शामिल होने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद पर विश्वास है और उम्मीद है। कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के प्रमुख शिवकुमार ने कहा कि उन्हें न तो स्वार्थ के लिए किसी भी तरह की 'ब्लैकमेलिंग' में दिलचस्पी है और न ही कांग्रेस के लिए किसी तरह की परेशानी पैदा करने में। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह मैदान में उतरकर लड़ने वाले व्यक्ति हैं, लेकिन उनकी लड़ाई कभी भी पार्टी के भीतर नहीं होती। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में कहा था, 'आज तक मैंने मुख्यमंत्री पद के मुद्दे पर कभी कुछ नहीं कहा है। हमारे बीच के मुद्दे, मेरे, मुख्यमंत्री और पार्टी आलाकमान तक ही सीमित हैं। मैंने सिर्फ इतना कहा है कि जो फैसला हुआ है उसमें हम शामिल हैं, इसके अलावा मैंने कभी कुछ नहीं कहा।' उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, 'कुछ लोग कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का पद खाली हो जाएगा, दलितों को यह पद मिलना चाहिए, दूसरों को मिलना चाहिए। ये वही लोग हैं जो मुख्यमंत्री का पद खाली करवाना चाहते हैं, चाहते हैं कि यह पद दलितों और अन्य लोगों को दिया जाए। मैंने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा।'  

हरियाणा के थप्पड़ कांड में 6 और पुलिसकर्मी सस्पेंड

हिसार/पानीपत. घरौंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में तैनात डॉक्टर को एसएचओ के थप्पड़ मारने के मामले में रविवार को छह और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना वाले दिन चार मार्च को इन सभी की ड्यूटी सीएचसी में थी। थाना प्रभारी दीपक को पांच मार्च को सस्पेंड किया जा चुका है। उधर, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद सरकारी डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के राज्य प्रधान डा. अनिल, वरिष्ठ उप प्रधान डॉ. नितिन व स्टेट को-आर्डिनेटर डा. दीपक गोयल ने बताया कि सोमवार से प्रदेश में डॉक्टर अपनी ड्यूटी देंगे और ओपीडी शुरू करेंगे। उनका पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ चुका है। इसलिए पीड़ित डॉ. प्रशांत अदालत जाएंगे। शनिवार को ओपीडी सेवाएं बंद रहने और रविवार को अवकाश के कारण उपचार लगभग ठप रहा। राज्यभर में प्रतिदिन औसतन 80 से 85 हजार मरीज प्रभावित रहे और दो दिन में यह संख्या करीब 1.6 लाख तक पहुंच गई। क्या कहते हैं आंकडे? प्रभावित सेवा     प्रभाव का प्रतिशत     विवरण सरकारी चिकित्सक भागीदारी     93%     औसतन इतने डॉक्टर हड़ताल में शामिल रहे, जिससे केवल सीमित सेवाएं ही मिल पाईं। नियोजित सर्जरी (Planned Surgeries)     95%     दो दिनों के भीतर अधिकांश सर्जरी स्थगित करनी पड़ीं और पोस्टमार्टम के मामले भी लंबित रहे। एमएलसी (MLC) सेवाएं     98%     यह सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई क्योंकि इसके लिए सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य हैं। जिलों में घटती ओपीडी से बढ़ी परेशानी प्रदेश के कई जिलों में ओपीडी लगभग ठप रही। भिवानी में 130 में से करीब 100 चिकित्सक कार्य बहिष्कार में शामिल रहे। और पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज में सामान्य दिनों की ढाई हजार ओपीडी के मुकाबले शनिवार को लगभग 1700 मरीज ही पहुंचे। हिसार में करीब 900 मरीज बिना उपचार लौट गए। यमुना नगर, जींद और झज्जर सहित कई जिलों में एनएचएम व जूनियर रेजिडेंट के सहारे सीमित सेवाएं चलती रहीं। राज्य स्तर के आंकड़ों के अनुसार 20 जिलों में प्रतिदिन 80-85 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित रही। करनाल में लगभग 5200, हिसार में 6100, गुरुग्राम में 6800 और फरीदाबाद में 6300 मरीज प्रभावित हुए। क्या हुआ हड़ताल का असर? कुल प्रभावित ओपीडी: इन 20 जिलों में लगभग 80,000 से 85,000 मरीज प्रतिदिन प्रभावित हुए, जिसका कुल योग शनिवार और रविवार को लगभग 1.6 लाख के पार रहा। भागीदारी: राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की हड़ताल में भागीदारी का औसत 93% के आसपास रहा। शेष 7% में कुछ आयुष चिकित्सक और एनएचएम के कर्मी शामिल थे जो सीमित स्तर पर सेवाएं दे रहे थे। सेवा का नाम     प्रभाव का स्तर     मुख्य कारण/विवरण पोस्टमार्टम     90% से अधिक लंबित     प्रदेश के सभी जिलों में पोस्टमार्टम के मामले बड़ी संख्या में रुक गए। सर्जरी     95% रद्द     पूरे प्रदेश में नियोजित (Planned) सर्जरी को स्थगित करना पड़ा। एमएलसी (MLC)     98% बाधित     सरकारी डॉक्टर के हस्ताक्षर अनिवार्य होने के कारण यह सेवा लगभग पूरी तरह ठप रही। मेडिकल प्रमाण पत्र भी रुके प्रदेशभर में चिकित्सकों की दो दिन की हड़ताल का असर मेडिकल प्रमाण पत्र जारी होने पर भी पड़ा। भिवानी के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कालेज और जिला नागरिक अस्पताल में जूनियर रेजिडेंट व एनएचएम चिकित्सकों ने केवल सीमित ओपीडी सेवाएं संभालीं, जबकि मेडिकल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए। जिले में प्रतिदिन औसतन 30 से अधिक लोग मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने आते हैं, जबकि राज्य स्तर पर यह संख्या 500 से 600 तक है। प्रमाण पत्र न बनने से कई सरकारी नौकरियों के अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन में अड़चन आई। इन दिनों आईटीआई, पालिटेक्निक प्रशिक्षुओं के अलावा पुलिस, होमगार्ड व अन्य सुरक्षा इकाइयों में भर्ती प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ रही है।

अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल: पश्चिम बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों के खिलाफ एक नई याचिका पर मंगलवार को विचार करने को सहमत हुआ। यह याचिका उन लोगों ने दायर की है जिनके नाम चुनाव आयोग ने हटा दिए हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी ने बताया कि यह याचिका पहले के मतदाताओं के नाम हटाने से संबंधित है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने अधिवक्ता की दलीलें सुनीं। अधिवक्ता ने कहा कि ये वे मतदाता हैं जिन्होंने पहले मतदान किया था, लेकिन अब उनके दस्तावेज नहीं लिए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि वे न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों पर अपील में नहीं बैठ सकते। हालांकि, वरिष्ठ अधिवक्ता ने अपील को सुनवाई योग्य बताया, जिसके बाद पीठ ने मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला किया। 24 फरवरी को शीर्ष अदालत ने एसआईआर अभ्यास के लिए पश्चिम बंगाल के सिविल जजों की तैनाती की अनुमति दी थी। इसके अतिरिक्त 250 जिला जज और झारखंड व ओडिशा के न्यायिक अधिकारी भी तैनात किए गए थे। इनका काम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का सामना कर रहे 80 लाख दावों और आपत्तियों को निपटाना था। कोलकाता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने 22 फरवरी को एक पत्र में बताया था कि 250 जिला जजों को भी इन दावों को निपटाने में करीब 80 दिन लगेंगे। 2002 की मतदाता सूची से वंशानुक्रम को जोड़ने में तार्किक विसंगतियां पाई गई हैं। इनमें माता-पिता के नाम का बेमेल होना शामिल है। साथ ही, मतदाता और उसके माता-पिता की उम्र का अंतर 15 साल से कम या 50 साल से अधिक होना भी एक विसंगति है। मुख्य न्यायाधीश कांत ने कहा कि अगर प्रत्येक न्यायिक अधिकारी प्रतिदिन 250 दावों को निपटाता है, तो भी इस प्रक्रिया में लगभग 80 दिन लगेंगे। पश्चिम बंगाल एसआईआर की समय सीमा 28 फरवरी थी। नौ फरवरी को शीर्ष अदालत ने राज्यों को स्पष्ट किया था कि वह एसआईआर को पूरा करने में किसी को भी बाधा डालने की अनुमति नहीं देगा। अदालत ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिया था। यह निर्देश चुनाव आयोग के नोटिस जलाने के आरोपों पर एक हलफनामा दाखिल करने के लिए था। कुछ व्यक्तियों पर चुनाव आयोग के नोटिस जलाने का आरोप लगा था।

संसद में कांग्रेस के विरोध पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— देश में कोई एक महाराजा नहीं

नई दिल्ली लोकसभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के वक्तव्य के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष बेमतलब हंगामा करने में लगा है। सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा, "विपक्ष पूरी तरह कंफ्यूजन में है। उसके लोगों को यह नहीं पता है कि उन्हें क्या करना है। पहले ये लोग लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, जो अभी तक पेंडिंग है, लेकिन उसी बीच दूसरा अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दे रहे हैं, जिसका कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने कहा कि विपक्ष जिस मुद्दे को उठा रहा है, उस पर विदेश मंत्री ने सदन में ही विस्तार से जवाब दिया है। लेकिन विपक्ष को जवाब सुनना ही नहीं है। रिजिजू ने कहा, "मैंने कभी इतनी गैर-जिम्मेदार पार्टी नहीं देखी। आपका एक परिवार या एक आदमी क्या पूरे देश का महाराजा है? इस देश में संविधान है और सदन में नियम हैं, लेकिन विपक्ष के लोग इन नियमों को ही नहीं मानते हैं।" रिजिजू ने कहा, "मैं कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से कहना चाहता हूं कि आप अपनी अंतरआत्मा में झांककर देखें कि आपकी हरकत से देश का क्या भला हो रहा है और संसद की गरिमा को कितना गिराया है।" केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा, "आप जो भी अनैतिक प्रस्ताव लेकर आए हैं, उस पर चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। अगर विपक्ष में हिम्मत है तो अभी चर्चा शुरू करे।" इससे बावजूद विपक्ष का हंगामा नहीं रुका। कांग्रेस और अन्य विपक्षी सांसदों ने वेल में आकर नारेबाजी की और तख्तियां लहराईं। इस हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इससे पहले, जब राज्यसभा में पश्चिमी एशिया के मुद्दे पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर वक्तव्य दे रहे थे, कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने हंगामा करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

पोलो की शान: जयपुर टीम ने जीता नौवां सीजन टाइटल

जयपुर जयपुर पोलो टीम ने महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह की लीडरशिप में मशहूर एसएमएस गोल्ड वेस में जीत हासिल करते हुए इस सीजन में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा है। इस टीम ने एक करीबी मुकाबले वाले फाइनल में कृष्णा पोलो को 6-5.5 से हराकर सीजन का अपना नौवां टाइटल जीता। फाइनल एक कड़ा मुकाबला था, जिसमें दोनों टीमों ने चकर्स पर एक-दूसरे के साथ मोमेंटम बदला। जयपुर ने अच्छी शुरुआत की, पहले चकर के आखिर में शुरुआती अटैकिंग प्रेशर के जरिए 2-1.5 की लीड हासिल की। कृष्णा पोलो ने दूसरे चकर में जवाब दिया, जिसमें विशाल सिंह राठौर ने लीड करते हुए अपनी टीम को हाफटाइम तक 3.5-3 की मामूली बढ़त दिलाई। जयपुर ने तीसरे चकर में गियर बदलते हुए पजेशन वापस पा लिया और स्कोरिंग के मौकों का फायदा उठाया। एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने क्लिनिकल फिनिशिंग के साथ अटैक को लीड किया, जिससे टीम 5-3.5 से आगे हो गई। कृष्णा पोलो ने आखिरी चकर में विशाल सिंह राठौर और सिद्धांत सिंह के गोल की मदद से कड़ी चुनौती दी। हालांकि, जयपुर ने आखिरी स्टेज में भी अपना डिफेंस बनाए रखा और गेम को अच्छे से मैनेज करते हुए 6-5.5 से जीत हासिल की और एसएमएस गोल्ड वेस जीता। आरपीसीबी के खिलाफ सेमीफाइनल में, जयपुर ने शुरुआती कमी को पूरा किया, जब आरपीसी ने पहले चकर के आखिर में 3.5-1 की बढ़त ले ली थी। जयपुर ने दूसरे चक्कर में हर्षोद सिंह और योगेंद्र सिंह के गोल की मदद से लगातार जवाब दिया, जिससे हाफटाइम तक स्कोर 4.5-4 हो गया। तीसरे चकर में मोमेंटम काफी बदल गया। जयपुर ने अपना डिफेंस मजबूत किया और पजेशन कंट्रोल किया। दिव्यमान सिंह दुजोद और एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह के गोल की मदद से टीम 5-4.5 से आगे हो गई। जयपुर ने इस मोमेंटम को आखिरी चकर में भी बनाए रखा, अपनी बढ़त को 8-5.5 तक बढ़ाया और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। जयपुर के लिए, हर्षोद्या सिंह और योगेंद्र सिंह ने दो-दो गोल किए, जबकि दिव्यमान सिंह दुजोद ने एक और एचएच महाराजा सवाई पद्मनाभ सिंह ने तीन गोल किए। आरएपीसी की तरफ से तरुण बिलवाल और एलन शॉन माइकल ने दो-दो गोल किए।  

West Asia Crisis: संसद में बोले जयशंकर—समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति, भारतीयों को वापस लाने पर क्या कहा?

नई दिल्ली पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्री जयशंकर ने राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हालात पर नजर रख रहे हैं और भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इस बीच, विपक्ष ने संसद में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों और ऊर्जा संकट पर राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर काफी गंभीर है। भारत ने 20 फरवरी को ही एक बयान जारी कर अपनी चिंता जाहिर कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है। जयशंकर ने कहा यह विवाद लगातार बढ़ रहा है जिससे इलाके की सुरक्षा की स्थिति खराब हो गई है। इसका असर आम जिंदगी और कामकाज पर पड़ रहा है। इस संकट में भारत ने अपने दो नाविकों को खो दिया है और एक नाविक अभी भी लापता है। तेहरान में भारतीय दूतावास हाई अलर्ट पर भारतीयों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने में मदद कर रहा है। ईरान में मौजूद व्यापारियों को आर्मेनिया के रास्ते भारत लौटने में सहायता दी गई है। तेहरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय और हाई अलर्ट पर है। अब तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक वापस लौटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं। सरकार अपने लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है। ईरान ने जताया आभार विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि फिलहाल ईरान के बड़े नेताओं से संपर्क करना मुश्किल है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का शुक्रिया अदा किया है। भारत ने मानवीय आधार पर ईरानी युद्धपोत 'लवन' को कोच्चि पोर्ट पर रुकने की इजाजत दी थी, जिसके लिए ईरान ने आभार जताया है।

‘वेलकम’ गैंग फिर तैयार: मजनू भाई-उदय शेट्टी और डॉ. घूंघरू की वापसी से बनेगा कॉमेडी का तूफान

मुंबई बॉलीवुड की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइज 'वेलकम' के फैंस के लिए खुशबरी है। एक ओर जहां, अहमद खान के डायरेक्‍शन में बनी फ्रेंचाइज की तीसरी फिल्‍म 'वेलकम टू द जंगल' इसी साल 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, वहीं प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने चौथे पार्ट पर काम शुरू कर दिया है। खास बात ये है कि इस चौथे पार्ट में फ्रेंचाइज के दो सबसे पॉपुलर एक्‍टर अनिल कपूर और नाना पाटेकर की वापसी होगी। ये दोनों जहां 'वेलकम टू द जंगल' का हिस्‍सा नहीं हैं, वहीं अब 'वेलकम 4' में अनिल कपूर अपने मजनू भाई वाले अवतार में, नाना पाटेकर डॉन उदय शेट्टी बनकर और परेश रावल एक बार फिर डॉ. घुंघरू के रोल में वापसी करेंगे। अक्षय कुमार भी फिल्‍म का हिस्‍सा होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'वेलकम 4' की स्क्रिप्ट लगभग पूरी होने वाली है। 'मिड-डे' ने दावा किया है कि चौथे पार्ट की कहानी तीसरी फिल्म से बिल्कुल अलग होगी, जिसमें नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल के निभाए यादगार किरदारों को बुना जाएगा। हालांकि, परेश रावल 'वेलकम टू द जंगल' का भी हिस्‍सा हैं, लेकिन उसमें वह डॉ. घुंघरू वाला अपना रोल नहीं निभा रहे हैं। 'वेलकम टू द जंगल' एक एडवेंचर कॉमेडी फिल्‍म है, जिसमें सितारों की लंबी फौज है। 2007 में सुपरहिट हुई थी 'वेलकम' साल 2007 में इस फिल्‍म फ्रेंचाइज की शुरुआत हुई थी। अनीस बज्‍मी के डायरेक्‍शन में 32 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'वेलकम' ने तब देश में 70.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन और वर्ल्‍डवाइड 119.50 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की थी। फिल्‍म सुपरहिट साबित हुई। यह 1999 की अंग्रेजी कॉमेडी 'मिकी ब्लू आइज' से प्रेरित रीमेक फिल्‍म थी। इसमें अनिल कपूर, नाना पाटेकर, अक्षय कुमार, कटरीना कैफ, परेश रावल और मल्लिका शेरावत प्रमुख भूमिकाओं में हैं। जबकि दिवंगत फिरोज खान की यह आख‍िरी फिल्‍म है। इसमें सुनील शेट्टी और मलाइका अरोड़ा ने भी कैमियो किया था। 2015 में 'वेलकम बैक' बनी हिट, फिल्‍म में नहीं थे अक्षय कुमार इसके बाद साल 2015 में सीक्‍वल फिल्‍म 'वेलकम बैक' रिलीज हुई। इसमें अनिल कपूर, नाना पाटेकर, जॉन अब्राहम, श्रुति हासन, शाइनी आहूजा, अंकिता श्रीवास्तव के साथ डिंपल कपाड़िया, परेश रावल और नसीरुद्दीन शाह हैं। अक्षय कुमार सीक्‍वल का हिस्‍सा नहीं थे। 48 करोड़ के बजट में बनी 'वेलकम बैक' ने देश में ₹96.55 करोड़ का नेट कलेक्‍शन और वर्ल्‍डवाइड ₹130.34 करोड़ की ग्रॉस कमाई की थी। यह हिट साबित हुई थी। परेश रावल ने 'वेलकम 4' को किया कंफर्म अब नई रिपोर्ट में कहा गया है कि चौथे पार्ट में एक के बजाय कई डॉन होंगे और विलेन बनकर कहानी में ट्व‍िस्‍ट लाएंगे। परेश रावल ने अपने एक्स हैंडल पर इस रिपोर्ट को रीपोस्ट किया है। उनहोंने 'जय हो (हाथ जोड़ने वाला इमोजी)' के साथ इस डवलपमेंट को कन्फर्म किया है। उनके 'वेलकम टू द जंगल' के को-स्टार सुनील शेट्टी ने भी X पर लिखा, 'अफरा-तफरी के समय में, कुछ खबरें बस… सही लगती हैं। OG मैडनेस – नाना, अनिल और परेश – वेलकम यूनिवर्स की धड़कन वापस आ गए हैं।'

पंजाब में दिवालिया होने पर 41 हजार से अधिक GST रजिस्ट्रेशन रद्द

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए हैं। विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए, जिनमें व्यापार बंद होने, असफलता या दिवालिया होने जैसे कारण भी शामिल हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सखी की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने पूछा था कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक पंजाब में कितनी जीएसटी रजिस्ट्रेशन विशेष तौर पर व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण रद की गई हैं। वित्त मंत्री ने जवाब में बताया कि इस अवधि के दौरान करदाताओं द्वारा दी गई आवेदनों के आधार पर कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। इन रद की गई रजिस्ट्रेशन में व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण भी शामिल हैं। विधायक के एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि टैक्स पालन से जुड़े मुद्दों या नोटिस के कारण अधिकारियों ने 36,017 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। डॉ. सुखविंदर कुमार सखी ने यह भी पूछा था कि प्रभावित छोटी पार्टियों या कारोबारियों के लिए कोई भलाई योजना, बीमा या पेंशन योजना है या नहीं। इस पर वित्त मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना पंजाब राज्य के लाभार्थियों के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार जिन लाभार्थियों का जीएसटी एक्ट 2017 के तहत सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित वित्तीय वर्ष के सभी रिटर्न दाखिल किए हैं, वे इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नकद रहित स्वास्थ्य बीमा कवर पाने के हकदार हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। विधानसभा में यह भी जानकारी दी गई कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक कुल 1963 इंस्पेक्शनों के दौरान 157,11,34,388 रुपये की रिकवरी की गई है। इसके अलावा जीएसटी एक्ट के तहत टैक्स दाताओं के लिए राहत फंड जैसा कोई अलग फंड नहीं बनाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जीएसटी एक्ट के तहत इस तरह का कोई फंड फिलहाल अस्तित्व में नहीं है।

‘हमारी टीम जिम्बाब्वे-यूगांडा तक सीमित’… भारत की जीत पर पाक खिलाड़ी ने अपनी ही टीम का उड़ाया मजाक

नई दिल्ली तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम की चर्चा हर तरफ है। देश में जहां इसे लेकर जश्न के दौर चल रहे हैं वहीं पाकिस्तान में इसे लेकर बहस के सिलसिले चल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड पर भारत की एकतरफा जीत पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर खूब चर्चा कर रहे हैं। कुछ तो भारतीय टीम की जमकर तारीफ कर रहे तो कुछ उसकी कामयाबी को किसी न किसी बहाने से कमतर बताने की कोशिश भी कर रहे। कुछ ऐसे भी हैं जो पाकिस्तानी टीम का ही मखौल उड़ा रहे। पूर्व क्रिकेटर अहमद शहजाद ने तो पाकिस्तानी टीम के मजे लेते हुए कहा कि हम तो सिर्फ जिम्बाब्वे, यूगांडा और केन्या से जीतते हैं। 'हारना मना है' शो पर अहमद शहजाद ने कहा कि भारत टॉप पर है क्योंकि उसने टॉप टीमों के खिलाफ तैयारी की। उन्होंने कहा, ‘वो बी, सी, डी टीम से नहीं खेलते। वो जिम्बाब्वे को हराके या वो यूगांडा को हराके या वो केन्या को हराके और उसके बाद स्टैट्स नहीं दिखा देते कि देखो जी कि ये फलाने हमारे प्लेयर ने इतना कर दिया। नहीं, वो बड़ी टीमों के खिलाफ बड़े मैच खेलते हैं। बड़ी-बड़ी सीरीज खेलते हैं। उनके पास प्लेयर के ऊपर प्लेयर बैठा हुआ है और ये जो फाइनल के अंदर…ये कोई नई बात नहीं है। ये भारत ने कोई पहली बार नहीं किया है। अच्छी टीमें राइट टाइम पर पिक करती हैं। पिछली दो मैच उठाकर देखिए। 250 किए। उनकी जगह पर हम होते तो 180 करते और उसके बाद कहते कि इतना तो कर दिया अब बोलर डिफेंड करे उसको।’ अहमद शहजाद ने ये भी कहा कि पाकिस्तान के पास टैलेंट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के पास टैलेंट की कमी नहीं है, हमारे सिस्टम में गड़बड़ी है। वहां पर क्या है- टैलेंट भी है और सिस्टम भी है। वे टैलेंट और सिस्टम के थ्रू प्लेयर प्रोड्यूस करते जा रहे हैं। ये प्लेयर कौन हैं? ये वो प्लेयर हैं संजू सैमसन जिसे कभी चांस ही नहीं मिलता। वह मैन ऑफ द सीरीज हो गया वर्ल्ड कप के अंदर। ये वो प्लेयर है ईशान किशन। उसको खिलाते ही नहीं हैं। डिसिप्लिन का कहकर साइड में किया हुआ था। वो भी डोमेस्टिक में परफॉर्म करके यहां आया और जितनी इम्पैक्टफुल इनिंग्स वो खेल रहा है…वह तैयार था। अभिषेक शर्मा कितने प्रेशर में था। उसने शो किया है फाइनल में 21 गेंद में 50 करके कि लो भाई ये लो, हम खड़े हुए हैं।’ टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीता। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत के दोनों ओपनरों संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने तूफानी शुरुआत दी और अनिवार्य पावर प्ले यानी शुरुआती 6 ओवरों में बिना किसी नुकसान के 92 रन ठोक डाले। अभिषेक शर्मा 21 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन की पारी खेली। ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन बनाए। आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने 24 रन बटोरे। इस तरह भारत ने 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। प्लेयर ऑफ द मैच रहे जसप्रीत बुमराह ने बहुत की कसी गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 15 रन देकर 4 विकेट चटकाए। अक्षर पटेल ने 3 विकेट झटके। संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।