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श्रीअन्न और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने मंगलवार को सुबह 10 बजे से होगा रोड शो का आयोजन

कलेक्टर कार्यालय से निकलेगी बाईक रैली. संस्कारधानी में गूंजेगा प्राकृतिक खेती और श्रीअन्न का जयघोष. जबलपुर कृषि के क्षेत्र में पारंपरिक शुद्धता और आधुनिकता के संगम को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से मंगलवार 10 मार्च को संस्कारधानी जबलपुर में विशाल रोड शो (बाइक रैली) का आयोजन किया जायेगा। कृषि वर्ष-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित किये जा रहे रोड शो का मुख्य उद्देश्य किसानों और आम नागरिकों को श्रीअन्न (मोटे अनाज) के उपयोग से होने वाले फायदों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती की महत्ता तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना है। रोड शो का शुभारंभ सुबह 10 बजे कलेक्टर कार्यालय से होगा। कोदो, कुटकी, ज्वार और बाजरा जैसे मोटे अनाजों को थाली में वापस लाने की मुहिम तथा खेती के भविष्य की एक झलक दिखाने आयोजित किये जा रहे रोड शो के माध्यम से मिट्टी की उर्वरता बचाने के लिए प्राकृतिक और जैविक खाद के उपयोग एवं कम लागत में अधिक मुनाफे के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों और तकनीकों की जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जायेगी। रोड शो (बाईक रैली) कलेक्ट्रेट से प्रारंभ होकर घंटाघर, बड़ी ओमती, सिविक सेंटर, मालवीय चौक, गोल बाजार,  रानीताल, मदनमहल स्टेशन रोड, होम साइंस कॉलेज, शास्त्री ब्रिज, आदि शंकराचार्य चौक, बंदरिया तिराहा, हवाबाग कॉलेज, सदर, पेंटी नाका चौराहा, एंपायर टॉकीज, सर्किट हाउस नंबर दो तथा इंदिरा मार्केट होते हुये पुलिस हॉकी ग्राउंड पहुँचेगी। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा रोड शो (बाईक रैली) 11 से 13 मार्च तक पुलिस लाइन के हॉकी ग्राउंड में होने वाले तीन दिवसीय विशाल कृषि मेला एवं मिलेट्स फूड फेस्टिवल की भव्य शुरुआत  का एक हिस्सा होगा।

Haryana की 59 पंचायतें 2 अप्रैल को दिल्ली में होंगी सम्मानित

यमुना नगर. पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण की रोकथाम तथा महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को महिला एवं बाल विकास विभाग और केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष प्रदेश की 59 पंचायतों का चयन किया गया है। इनमें सबसे अधिक पंचायतें कुरुक्षेत्र जिले से हैं, जबकि करनाल और यमुनानगर की पंचायतें भी सूची में शामिल हैं। इन पंचायतों के प्रतिनिधियों, संबंधित खंड की CDPO और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 2 अप्रैल को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक चयनित पंचायत से तीन प्रतिनिधियों को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है। इनमें एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत का मुखिया या प्रतिनिधि और संबंधित खंड की सीडीपीओ शामिल होंगी। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का विवरण विभाग को भेजना आवश्यक है। मंत्रालय की ओर से कार्यक्रम में शामिल होने वाले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और पंचायत प्रतिनिधियों को ट्रेन किराए की प्रतिपूर्ति भी दी जाएगी। निर्धारित मापदंडों के आधार पर हुआ है चयन : मिक्षा रंगा महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने बताया कि सुपोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किए जाने के संबंध में विभाग को पत्र प्राप्त हुआ है और संबंधित पंचायतों को इसकी सूचना दे दी गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर ही इन पंचायतों का चयन किया गया है। जिलों के अनुसार चयनित पंचायतें जारी सूची के अनुसार कुरुक्षेत्र जिले से सबसे अधिक 13 पंचायतों का चयन हुआ है। करनाल से 11 पंचायतें, अंबाला और रोहतक से 6-6 पंचायतें, महेंद्रगढ़ से 6, यमुनानगर से 5 पंचायतें, पंचकूला से 3, भिवानी और रेवाड़ी से 2-2 पंचायतें चयनित हुई हैं। इसके अलावा चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, कैथल, सिरसा और सोनीपत से एक-एक पंचायत को सूची में शामिल किया गया है। इन पंचायतों ने पोषण अभियान को सफल बनाने, कुपोषण की रोकथाम और महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इन पंचायतों को मिलेगा सम्मान करनाल से गढ़ी गुजरान, हथियाना, खेड़ी सरफअली, भूडनपुर, बलरंगरन, डाकवाला रोड़ान, जूडला, मनूरा, अछनपुर, चखड़ा, चूरनी जागीर, अंबाला से मुनहारहेड़ी, नदियाली, भीलपुरा, मधेरी सेखान, कुरुक्षेत्र से बूला, चमूकलां, इसरहेड़ी, झीवैरी, खानपुर रोहड़ान, बहलौरपुर, जिनारपुर, जंधेड़ा, मूरादनगर, घिसरपड़ी, शाहबाद से कलसानी, शहजादपुर प‌ट्टी, रोहतक से ससरोली, करोंधा, पटवारपुर, घूसकनी, किसरांधी, सांपल, महेंद्रगढ़ से माधोगढ़, करिया, लबान, सेका, चरखीदादरी से माइकला, सिरसा से खाईशेरगढ़, पंचकूला से भगवानपुर, मौली, भिवानी से किकरल, नूनसार, यमुनानगर से पिंजौरा, भगवानपुर, संधाए, एमटी करहेड़ा, नगला जागीर, कैथल से सालूमाजरा, फतेहबाद से हिम्मतपुर, सोनीपत से रोलध लतीफपुर, रेवाड़ी से उसन, बराइवबास, फरीदाबाद से काबूलपुर बांगर ग्राम पंचायत शामिल हैं। सुपोषित ग्राम पंचायतों को सम्मानित किए जाने को लेकर विभाग की ओर से पत्र मिला है। संबंधित ग्राम पंचायतों को अवगत करवा दिया गया है। विभाग द्वारा निर्धारित मापदंडों के मुताविक ही इन ग्राम पंचायतों को सम्मान के लिए चुना गया है।

सांसदों ने स्पीकर की निष्पक्षता पर जताई चिंता, विपक्ष ने लगाया दावे का आरोप

नई दिल्ली लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर संसद के भीतर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने एक ओर जहां स्पीकर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं तो दूसरी ओर सत्र के दौरान अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की मांग की है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव आ रहा है लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण कई अन्य मुद्दे हैं जिन पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। ओम बिरला जानबूझकर भाजपा का पक्ष ले रहे हैं जबकि स्पीकर को इस तरह का काम नहीं करना चाहिए। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष की स्थिति पर भारत की क्या नीति है, यह स्पष्ट होना चाहिए। देश को यह जानने का अधिकार है कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय इस मुद्दे पर क्या रुख अपना रहे हैं। संसद में विदेश नीति जैसे अहम विषयों पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए। कांग्रेस सांसद रजनी पाटिल ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष ने अलोकतांत्रिक तरीके से विपक्ष के नेता को सदन में बोलने का अवसर नहीं दिया। विपक्ष इस मुद्दे पर जवाब मांगेगा और इसी कारण स्पीकर को पद से हटाने की मांग की जा रही है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने भी लोकसभा अध्यक्ष की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्पीकर का पद पूरी तरह निष्पक्ष होना चाहिए लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के राहुल गांधी से राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन वह विपक्ष के नेता हैं और उन्हें सदन में अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि मौजूदा स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव इसलिए लाया जा रहा है क्योंकि विपक्ष के नेताओं को सदन में बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा है। संसद की सबसे बड़ी जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुली और निष्पक्ष बहस कराना है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव लाने का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इस मुद्दे पर उचित और विस्तृत चर्चा सुनिश्चित करे। साथ ही, उन्होंने मध्य-पूर्व के हालात को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा व आजीविका को लेकर सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

टेंशन भरी जिंदगी को बनाएं शांत और सरल – गौतम बुद्ध के 10 गहरे विचार

गौतम बुद्ध अपने समय के सबसे महान चिंतक थे, जिन्होंने मानवता को केवल धर्म का ही नहीं बल्कि करुणा, शांति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाया। उनके कहे शब्द समय की सीमाओं से परे हैं और आज भी इतने ही प्रासंगिक हैं जितना सदियों पहले थे। बुद्ध के विचार हमें सिखाते हैं कि असली शांति बाहर ढूंढने से नहीं मिलती, बल्कि आपके भीतर ही छिपी हुई रहती है। आज का जीवन जहां भागदौड़, तनाव और उलझनें मन की शांति को भंग कर रही हैं, वहां गौतम बुद्ध के विचार हमें भीतर से थाम लेते हैं। आज के समय में तो ये और भी प्रासंगिक हो गए हैं क्योंकि ये महज अध्यात्मिकता की सीख ही नहीं देते, बल्कि शांति, धैर्य और आत्मबोध की सही राह दिखाते हैं। तो चलिए दिन की शुरुआत गौतम बुद्ध के कुछ महान विचारों के साथ करते हैं। 1) किसी जंगली जानवर की अपेक्षा एक कपटी और दुष्ट मित्र से अधिक डरना चाहिए। जानवर तो बस आपके शरीर को नुक्सान पहुंचा सकता है, पर एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है। 2) आपके पास जो कुछ भी है है उसे बढ़ा-चढ़ा कर मत बताइए, और ना ही दूसरों से ईर्ष्या कीजिये। जो दूसरों से ईर्ष्या करता है उसे मन की शांति नहीं मिलती। 3) क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के सामान है; इसमें आप ही जलते हैं। 4) सत्य के मार्ग पे चलते हुए कोई दो ही गलतियाँ कर सकता है; पूरा रास्ता ना तय करना और इसकी शुरआत ही ना करना। 5) मन और शरीर दोनों को स्वास्थ्य रखने का रहस्य है- अतीत पर शोक मत करो, ना ही भविष्य की चिंता करो, बल्कि बुद्धिमानी और ईमानदारी से वर्तमान में जियो। 6) ऊपर उठें और आभारी रहें, क्योंकि अगर हमने बहुत नहीं तो कुछ तो सीखा और अगर हमने कुछ भी नहीं सीखा, तो कम से कम हम बीमार तो नहीं पड़े, और अगर हम बीमार पड़े तो कम से कम हम मरे नहीं; इसलिए चलिए हम सभी आभारी रहे। 7) कोई व्यक्ति इसलिए ज्ञानी नहीं कहलाता क्योंकि वह सिर्फ बोलता रहता है; लेकिन अगर वह शांतिपूर्ण, प्रेमपूर्ण और निर्भय है तो वह वास्तव में ज्ञानी कहलाता है। 8) जो जगा है उसके लिए रात लम्बी है; जो थका है उसके लिए दूरी लम्बी है, जो मूर्ख सच्चा धर्म नहीं जानता उसके लिए जीवन लम्बा है। 9) किसी चीज पर यकीन मत करो। ये मायने नहीं रखता कि आपने उसे कहाँ पढ़ा है, या किसने उसे कहा है, कोई बात नहीं अगर मैंने ये कहा है, जब तक कि वो आपके अपने तर्क और समझ से मेल नही खाती। 10) एक कुत्ता इसलिए अच्छा नहीं समझा जाता क्योंकि वो अच्छा भौंकता है। इसी तरह एक व्यक्ति इसलिए अच्छा नहीं समझा जाता क्योंकि वो सिर्फ अच्छा बोलता है।  

केले का छिल्का: विटामिन और पोषक तत्वों का खजाना, जानिए इसके चौंकाने वाले फायदे

अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि दैनिक आहार में मौसमी फलों को शामिल किया जाए, क्योंकि ये शरीर को आवश्यक विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करते हैं। इन्हीं फलों में केला एक ऐसा फल है जो लगभग हर मौसम में आसानी से उपलब्ध होता है और पोषण से भरपूर होता है। अधिकतर लोग केला खाने के बाद उसके छिलके को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन हाल के कई अध्ययनों में यह सामने आया है कि केले का छिलका भी पोषक तत्वों का भंडार है। इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए बेहद लाभकारी हो सकते हैं। यदि इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह पाचन, दिल, आंखों, त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य तक के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। केले के छिलके में मौजूद पोषक तत्व केले के छिलके में कई प्रकार के महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जिनमें शामिल हैं: फाइबर एंटीऑक्सीडेंट ल्यूटिन पॉलीफेनॉल कैरोटेनॉयड्स फ्लेवोनॉयड्स विटामिन ए विटामिन बी6 ये सभी तत्व शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद केले के छिलके में भरपूर मात्रा में डाइटरी फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। फाइबर आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होता है। कई अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि फाइबर आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे पाचन प्रक्रिया मजबूत होती है। इसके अलावा केले के छिलके में रेजिस्टेंट स्टार्च भी पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिला सकता है। दिल की सेहत के लिए लाभकारी केले के छिलके में मौजूद पॉलीफेनॉल, कैरोटेनॉयड्स और फ्लेवोनॉयड्स जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट शरीर में बनने वाले फ्री-रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं। फ्री-रेडिकल्स के कारण शरीर में सूजन (इंफ्लेमेशन) बढ़ सकती है, जिससे कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। एंटीऑक्सीडेंट इनसे बचाव करते हैं और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से केले के छिलके का सेवन करने से हृदय रोगों का जोखिम कम हो सकता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर हो सकती है। आंखों की सेहत के लिए उपयोगी केले के छिलके में ल्यूटिन और विटामिन ए अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो आंखों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होता है। ल्यूटिन आंखों को हानिकारक प्रकाश से बचाने में मदद करता है और उम्र से जुड़ी आंखों की समस्याओं के खतरे को कम कर सकता है। विटामिन ए आंखों की रोशनी को बनाए रखने और दृष्टि को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद केले के छिलके में ट्रिप्टोफैन और विटामिन बी6 जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। ट्रिप्टोफैन शरीर में जाकर सेरोटोनिन नामक हार्मोन में बदल जाता है। सेरोटोनिन को “हैप्पी हार्मोन” भी कहा जाता है क्योंकि यह मूड को बेहतर बनाने में मदद करता है और तनाव व अवसाद के लक्षणों को कम कर सकता है। वहीं विटामिन बी6 नींद की गुणवत्ता को सुधारने में मदद करता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। त्वचा और बालों के लिए भी उपयोगी केले के छिलके का उपयोग केवल खाने तक सीमित नहीं है। इसे त्वचा और बालों की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरे पर केले के छिलके को हल्के से रगड़ने से त्वचा में निखार आ सकता है। यह मुंहासों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद कर सकता है। बालों में लगाने से बालों की चमक बढ़ सकती है और स्कैल्प को पोषण मिल सकता है। डाइट में कैसे करें इस्तेमाल केले के छिलकों को कई तरीकों से आहार में शामिल किया जा सकता है: स्मूदी में ब्लेंड करके आइसक्रीम या डेजर्ट की टॉपिंग के रूप में पके केले के नरम छिलकों को उबालकर सब्जी या स्टिर-फ्राई बनाकर हालांकि छिलकों का इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना जरूरी है ताकि किसी भी प्रकार के केमिकल या गंदगी को हटाया जा सके। निष्कर्ष अक्सर हम जिन चीजों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, उनमें भी कई बार सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्व छिपे होते हैं। केले का छिलका भी ऐसा ही एक उदाहरण है। फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी विटामिन से भरपूर केले का छिलका पाचन, दिल, आंखों और मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। सही तरीके से इसका उपयोग करके हम अपने आहार को और अधिक पौष्टिक बना सकते हैं।  

जयपुर के बिजनेसमैन वल्लभ माहेश्वरी की सड़क हादसे में मौत

नई दिल्ली. राजस्थान के अलवर में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक BMW कार पलट गई। इस सड़क हादसे में जयपुर के 62 साल के बिजनेसमैन वल्लभ माहेश्वरी मौत हो गई है। वल्लभ माहेश्वरी शकुन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर थे। पुलिस ने बताया कि रैनी पुलिस स्टेशन इलाके में रविवार शाम को जब यह हादसा हुआ, तब वल्लभ माहेश्वरी जयपुर से मथुरा जा रहे थे। सड़क हादसे में वल्लभ माहेश्वरी की मौत न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि ड्राइवर ने एक्सप्रेसवे पर लग्जरी गाड़ी से कंट्रोल खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे लगे बैरिकेड्स को तोड़कर निकल गई। पुलिस के मुताबिक, कार मीडियन से टकरा गई और एक पुलिया की दीवार से टकराकर पलट गई। टक्कर से गाड़ी बुरी तरह डैमेज हो गई। हादसे के तुरंत बाद माहेश्वरी और उनके ड्राइवर को पास के अस्पताल ले जाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि शुरुआती इलाज के बाद, बिजनेसमैन को ज्यादा चोट आने के कारण अलवर के दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया। हालांकि, ड्राइवर को मामूली चोटें आईं। अशोक गहलोत ने जताया दुख शकुन ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर वल्लभ माहेश्वरी जयपुर के एक जाने-माने बिजनेसमैन थे। उनकी मौत पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शोक जताया। अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए हादसे में उद्योगपति की मौत को बहुत दुखद बताया और दुखी परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताई। गहलोत ने लिखा, 'अलवर के रैणी थाना इलाके में एक्सप्रेसवे पर एक दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में उद्योगपति श्री वल्लभ माहेश्वरी के निधन की खबर बहुत दुखद है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि दिवंगत आत्मा को शांति दें और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें। ओम शांति।'

मंत्री परमार ने जताई खुशी, कहा—सहयोग और संवेदनाएं ही आनंदम का लक्ष्य

भोपाल राज्य सरकार द्वारा संचालित आनंदम कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में परोपकार, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को प्रोत्साहित करना है। आनंदम सहयोगी समाज के विभिन्न वर्गों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और सकारात्मक पहल को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को सामाजिक समरसता, सहयोग और सेवा के भाव को मजबूत करने की प्रेरणा दी जा रही है। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने रविवार को चित्रकूट स्थित उद्यमिता विद्यापीठ में राज्य आनंदम संस्थान द्वारा आयोजित आनंदम सहयोगी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही। मंत्री श्री परमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रतिभागियों को संबोधित किया और समाज में सकारात्मकता, सेवा भावना तथा मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने में आनंदम अभियान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री परमार ने कहा कि समाज में खुशहाली और संतोष की भावना तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के लोगों की मदद और सहयोग के लिए आगे आए। श्री परमार ने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और अनुभव को समाज के बीच ले जाकर जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर विधायक चित्रकूट सुरेंद्र सिंह गहरवार, रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद, कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह, कुलगुरू महात्मा गांधी चित्रकूट विश्वविद्यालय आलोक चौबे, प्रशिक्षक और विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागी उपस्थित थे।  

पश्चिम बंगाल चुनाव: भाजपा ने एक से दो चरणों की प्रक्रिया पर जोर दिया

कोलकाता भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई ने राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की पूर्ण पीठ के समक्ष विस्तृत प्रस्तुति दी। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव आयोग के सामने रखे। भाजपा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक चलने वाली चुनाव प्रक्रिया से हिंसा और प्रशासनिक दखल की आशंका बढ़ जाती है। पार्टी ने आयोग से मांग की कि छह सप्ताह तक 7–8 चरणों में मतदान कराने के बजाय कम समय में अधिकतम एक या दो चरणों में मतदान कराया जाए। साथ ही, पिछले तीन चुनावों 2019 व 2024 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग के आदेश से स्थानांतरित किए गए सभी अधिकारियों को फिर से ट्रांसफर करने की मांग की। भाजपा ने “संवेदनशील बूथ” के बारे में बताते हुए कहा कि जहां पिछले तीन चुनावों के दौरान मतदान के समय या उसके बाद हिंसा हुई हो, या जहां 85 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है और अशांति फैलाई जा सकती है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भाजपा ने पश्चिम बंगाल पुलिस पर निर्भरता कम करने की बात कही। पार्टी ने मांग की कि पर्याप्त संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की अग्रिम तैनाती की जाए और उनके लिए क्षेत्र से परिचित कराने हेतु हैंडबुक उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सीएपीएफ के नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि बल की तैनाती व आवाजाही पूरी तरह पारदर्शी हो और जवान स्थानीय लोगों से किसी प्रकार की मेहमाननवाजी स्वीकार न करें। भाजपा ने यह भी सुझाव दिया कि सामान्य पर्यवेक्षकों और पुलिस पर्यवेक्षकों को काफी पहले से तैनात किया जाए ताकि वे स्वतंत्र आकलन कर सकें। वहीं, सीएपीएफ की ओर से एरिया डॉमिनेशन, रूट मार्च और कॉन्फिडेंस बिल्डिंग उपाय स्थानीय पुलिस के बजाय ऑब्जर्वरों की पहचान के आधार पर किए जाएं। भाजपा ने वोटरों की पहचान के लिए दो चरणों की व्यवस्था, हर पोलिंग स्टेशन पर वेबकैम और राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारियों की 50-50 फीसदी भागीदारी की भी मांग की। पार्टी का कहना है कि इन उपायों से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सकेगी।

Tourist सावधान! छतबीड़ चिड़ियाघर में अब नहीं चलेगी मनमानी, जंगलात विभाग ने कसे नियम

जीरकपुर अब छतबीड़ चिड़ियाघर में किसी भी गाड़ी के हॉर्न बजाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया है। यह फैसला जंगलात डिपार्टमेंट के बड़े अधिकारियों ने एक टूरिस्ट की शिकायत सामने आने और मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लिया है। डिपार्टमेंट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत आदेश जारी किए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले जू घूमने आए एक टूरिस्ट ने शिकायत की थी कि अंदर चल रही कुछ गाड़ियों के हॉर्न की आवाज से जानवरों और पक्षियों को परेशानी हो रही है। सोशल मीडिया पर यह मामला सामने आने के बाद जंगलात डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने जांच की और तुरंत एक्शन लिया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने मामले को इतना गंभीरता से लिया कि होली की छुट्टी होने के बावजूद छुट्टी वाले दिन ही इस बारे में आदेश जारी कर दिए गए। डिपार्टमेंट का कहना है कि चिड़ियाघर में रहने वाले जंगली जानवरों को शांत और कुदरती माहौल देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। चिड़ियाघर के अंदर बाहरी गाड़ियों की एंट्री पहले से ही बंद है, ताकि जानवरों और पक्षियों को गाड़ियों के शोर से परेशानी न हो। प्रशासनिक काम के लिए कुछ ही गाड़ियों को अंदर आने की इजाजत है। इनमें जानवरों के लिए चारा ले जाने वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली और डिपार्टमेंट की दूसरी जरूरी गाड़ियां शामिल हैं। नए ऑर्डर के मुताबिक, इन गाड़ियों के ड्राइवरों को भी हॉर्न बजाने से मना किया गया है। नियम तोड़ने वालों पर एक्शन होगा जंगलात डिपार्टमेंट ने साफ कर दिया है कि अगर कोई गाड़ी वाला चिड़ियाघर के अंदर हॉर्न बजाता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। चिड़ियाघर में चलने वाली बैटरी से चलने वाली गाड़ियों के ड्राइवरों को भी इन नियमों का पालन करने को कहा गया है।   तेज आवाज जानवरों के व्यवहार पर डालती है असर वाइल्डलाइफ लवर्स के मुताबिक, तेज और लगातार शोर जानवरों के व्यवहार पर गंभीर असर डालता है। कई जानवर अचानक तेज आवाज से डर जाते हैं और उनमें स्ट्रेस बढ़ सकता है। कभी-कभी पक्षी भी अपने घोंसले छोड़ देते हैं और जानवरों की नॉर्मल एक्टिविटीज पर असर पड़ता है। लगातार शोर उनकी नींद, खाने और रिप्रोडक्टिव प्रोसेस पर भी बुरा असर डालता है। नियमों का सख्ती से पालन करें: सुपरिटेंडेंट इस बात की पुष्टि करते हुए छतबीड़ चिड़ियाघर के सुपरिटेंडेंट चंचल कुमार ने कहा कि हॉर्न बजाने की शिकायत मिलने के बाद डिपार्टमेंट ने तुरंत फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि जानवरों को शांतिपूर्ण माहौल देने के लिए अब चिड़ियाघर के अंदर किसी भी गाड़ी को हॉर्न बजाने की इजाजत नहीं होगी और सभी ड्राइवरों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

पेरेंट्स बनने से पहले रणदीप हुडा-लिन लैशराम का खास मैटरनिटी शूट, तस्वीरों में झलका प्यार

मुंबई अभिनेता रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी लिन लैशराम जल्द ही माता-पिता बनने वाले हैं। वे अपने पहले बच्चे की उम्मीद कर रहे हैं और बहुत खुश हैं। माता-पिता बनने से पहले रणदीप और लिन ने मैटरनिटी फोटोशूट कराया है। जिसकी प्यारी तस्वीरें रणदीप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर कर फैंस का दिल जीत लिया है। रणदीप ने इंस्टाग्राम पर पत्नी लिन के मैटरनिटी फोटोशूट की कई प्यारी तस्वीरें शेयर की हैं। ज्यादातर तस्वीरें ब्लैक एंड व्हाइट हैं। इन तस्वीरों में लिन लैशराम अपनी बेबी बंप को सहलाती नजर रही हैं, जबकि रणदीप हुडा अपनी पत्नी को प्यार से निहारते नजर रहे हैं। इन तस्वीरों में लिन अपना बेबी बंप को फ्लॉन्ट करती नजर रही हैं। इन तस्वीरों में दोनों पति-पत्नी एक दूजे में खोए नजर आ रहे हैं। रणदीप और लिन की ये तस्वीरें उनके फैंस को बेहद पसंद आ रही हैं।   कब की प्रेग्नेंसी की घोषणा नवंबर 2025 में, अपनी शादी की दूसरी सालगिरह पर रणदीप हुड्डा ने इंस्टाग्राम पर यह खुशखबरी साझा की थी। उन्होंने एक प्यारी तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह जंगल में बैठे नजर आए। रणदीप ने कैप्शन में लिखा कि अब उनका प्यार एक नन्हे मेहमान के रूप में आने वाला है। प्रेग्नेंसी को लेकर लिन की राय प्रेग्नेंसी को लिन ने 'सबसे खूबसूरत बदलाव' बताया। एक इंटरव्यू में लिन ने कहा कि बच्चे को अपने अंदर पालना चमत्कार जैसा लगता है। इससे उन्हें मां बनने की असली ताकत समझ आई है। कथित तौर पर उन्होंने पहले गर्भपात का दर्द भी झेला है, लेकिन अब वे बहुत खुश हैं और बच्चे के आने का इंतजार कर रही हैं।