samacharsecretary.com

West Asia Crisis: संसद में बोले जयशंकर—समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति, भारतीयों को वापस लाने पर क्या कहा?

नई दिल्ली पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्री जयशंकर ने राज्यसभा में बयान दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हालात पर नजर रख रहे हैं और भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। इस बीच, विपक्ष ने संसद में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों और ऊर्जा संकट पर राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर काफी गंभीर है। भारत ने 20 फरवरी को ही एक बयान जारी कर अपनी चिंता जाहिर कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी। प्रधानमंत्री मोदी घटनाक्रम पर रख रहे नजर विदेश मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं। संबंधित मंत्रालय आपस में तालमेल बिठाकर काम कर रहे हैं ताकि सही कदम उठाए जा सकें। उन्होंने बताया कि यह विवाद भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है। खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं। ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कर्मचारी मौजूद हैं। यह इलाका भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यहां तेल और गैस के मुख्य सप्लायर हैं। सप्लाई चेन में रुकावट आना एक गंभीर मुद्दा है। जयशंकर ने कहा यह विवाद लगातार बढ़ रहा है जिससे इलाके की सुरक्षा की स्थिति खराब हो गई है। इसका असर आम जिंदगी और कामकाज पर पड़ रहा है। इस संकट में भारत ने अपने दो नाविकों को खो दिया है और एक नाविक अभी भी लापता है। तेहरान में भारतीय दूतावास हाई अलर्ट पर भारतीयों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास छात्रों को सुरक्षित जगहों पर भेजने में मदद कर रहा है। ईरान में मौजूद व्यापारियों को आर्मेनिया के रास्ते भारत लौटने में सहायता दी गई है। तेहरान में भारतीय दूतावास पूरी तरह सक्रिय और हाई अलर्ट पर है। अब तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक वापस लौटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं। सरकार अपने लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रही है। ईरान ने जताया आभार विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि फिलहाल ईरान के बड़े नेताओं से संपर्क करना मुश्किल है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का शुक्रिया अदा किया है। भारत ने मानवीय आधार पर ईरानी युद्धपोत 'लवन' को कोच्चि पोर्ट पर रुकने की इजाजत दी थी, जिसके लिए ईरान ने आभार जताया है।

‘वेलकम’ गैंग फिर तैयार: मजनू भाई-उदय शेट्टी और डॉ. घूंघरू की वापसी से बनेगा कॉमेडी का तूफान

मुंबई बॉलीवुड की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइज 'वेलकम' के फैंस के लिए खुशबरी है। एक ओर जहां, अहमद खान के डायरेक्‍शन में बनी फ्रेंचाइज की तीसरी फिल्‍म 'वेलकम टू द जंगल' इसी साल 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है, वहीं प्रोड्यूसर फिरोज नाडियाडवाला ने चौथे पार्ट पर काम शुरू कर दिया है। खास बात ये है कि इस चौथे पार्ट में फ्रेंचाइज के दो सबसे पॉपुलर एक्‍टर अनिल कपूर और नाना पाटेकर की वापसी होगी। ये दोनों जहां 'वेलकम टू द जंगल' का हिस्‍सा नहीं हैं, वहीं अब 'वेलकम 4' में अनिल कपूर अपने मजनू भाई वाले अवतार में, नाना पाटेकर डॉन उदय शेट्टी बनकर और परेश रावल एक बार फिर डॉ. घुंघरू के रोल में वापसी करेंगे। अक्षय कुमार भी फिल्‍म का हिस्‍सा होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'वेलकम 4' की स्क्रिप्ट लगभग पूरी होने वाली है। 'मिड-डे' ने दावा किया है कि चौथे पार्ट की कहानी तीसरी फिल्म से बिल्कुल अलग होगी, जिसमें नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल के निभाए यादगार किरदारों को बुना जाएगा। हालांकि, परेश रावल 'वेलकम टू द जंगल' का भी हिस्‍सा हैं, लेकिन उसमें वह डॉ. घुंघरू वाला अपना रोल नहीं निभा रहे हैं। 'वेलकम टू द जंगल' एक एडवेंचर कॉमेडी फिल्‍म है, जिसमें सितारों की लंबी फौज है। 2007 में सुपरहिट हुई थी 'वेलकम' साल 2007 में इस फिल्‍म फ्रेंचाइज की शुरुआत हुई थी। अनीस बज्‍मी के डायरेक्‍शन में 32 करोड़ रुपये के बजट में बनी 'वेलकम' ने तब देश में 70.13 करोड़ रुपये का नेट कलेक्‍शन और वर्ल्‍डवाइड 119.50 करोड़ रुपये की ग्रॉस कमाई की थी। फिल्‍म सुपरहिट साबित हुई। यह 1999 की अंग्रेजी कॉमेडी 'मिकी ब्लू आइज' से प्रेरित रीमेक फिल्‍म थी। इसमें अनिल कपूर, नाना पाटेकर, अक्षय कुमार, कटरीना कैफ, परेश रावल और मल्लिका शेरावत प्रमुख भूमिकाओं में हैं। जबकि दिवंगत फिरोज खान की यह आख‍िरी फिल्‍म है। इसमें सुनील शेट्टी और मलाइका अरोड़ा ने भी कैमियो किया था। 2015 में 'वेलकम बैक' बनी हिट, फिल्‍म में नहीं थे अक्षय कुमार इसके बाद साल 2015 में सीक्‍वल फिल्‍म 'वेलकम बैक' रिलीज हुई। इसमें अनिल कपूर, नाना पाटेकर, जॉन अब्राहम, श्रुति हासन, शाइनी आहूजा, अंकिता श्रीवास्तव के साथ डिंपल कपाड़िया, परेश रावल और नसीरुद्दीन शाह हैं। अक्षय कुमार सीक्‍वल का हिस्‍सा नहीं थे। 48 करोड़ के बजट में बनी 'वेलकम बैक' ने देश में ₹96.55 करोड़ का नेट कलेक्‍शन और वर्ल्‍डवाइड ₹130.34 करोड़ की ग्रॉस कमाई की थी। यह हिट साबित हुई थी। परेश रावल ने 'वेलकम 4' को किया कंफर्म अब नई रिपोर्ट में कहा गया है कि चौथे पार्ट में एक के बजाय कई डॉन होंगे और विलेन बनकर कहानी में ट्व‍िस्‍ट लाएंगे। परेश रावल ने अपने एक्स हैंडल पर इस रिपोर्ट को रीपोस्ट किया है। उनहोंने 'जय हो (हाथ जोड़ने वाला इमोजी)' के साथ इस डवलपमेंट को कन्फर्म किया है। उनके 'वेलकम टू द जंगल' के को-स्टार सुनील शेट्टी ने भी X पर लिखा, 'अफरा-तफरी के समय में, कुछ खबरें बस… सही लगती हैं। OG मैडनेस – नाना, अनिल और परेश – वेलकम यूनिवर्स की धड़कन वापस आ गए हैं।'

पंजाब में दिवालिया होने पर 41 हजार से अधिक GST रजिस्ट्रेशन रद्द

चंडीगढ़. पंजाब में पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान बड़ी संख्या में जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए हैं। विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक राज्य में कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद किए गए, जिनमें व्यापार बंद होने, असफलता या दिवालिया होने जैसे कारण भी शामिल हैं। यह जानकारी वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने विधानसभा में विधायक डॉ. सुखविंदर कुमार सखी की ओर से पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। विधायक ने पूछा था कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक पंजाब में कितनी जीएसटी रजिस्ट्रेशन विशेष तौर पर व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण रद की गई हैं। वित्त मंत्री ने जवाब में बताया कि इस अवधि के दौरान करदाताओं द्वारा दी गई आवेदनों के आधार पर कुल 41,290 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। इन रद की गई रजिस्ट्रेशन में व्यापार असफल होने, व्यापार बंद होने या दिवालिया होने के कारण भी शामिल हैं। विधायक के एक अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि टैक्स पालन से जुड़े मुद्दों या नोटिस के कारण अधिकारियों ने 36,017 जीएसटी रजिस्ट्रेशन रद की गई हैं। डॉ. सुखविंदर कुमार सखी ने यह भी पूछा था कि प्रभावित छोटी पार्टियों या कारोबारियों के लिए कोई भलाई योजना, बीमा या पेंशन योजना है या नहीं। इस पर वित्त मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना पंजाब राज्य के लाभार्थियों के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना है। मौजूदा प्रावधानों के अनुसार जिन लाभार्थियों का जीएसटी एक्ट 2017 के तहत सालाना टर्नओवर 2 करोड़ रुपये तक है और जिन्होंने संबंधित वित्तीय वर्ष के सभी रिटर्न दाखिल किए हैं, वे इस योजना के तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नकद रहित स्वास्थ्य बीमा कवर पाने के हकदार हैं। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। विधानसभा में यह भी जानकारी दी गई कि अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 तक कुल 1963 इंस्पेक्शनों के दौरान 157,11,34,388 रुपये की रिकवरी की गई है। इसके अलावा जीएसटी एक्ट के तहत टैक्स दाताओं के लिए राहत फंड जैसा कोई अलग फंड नहीं बनाया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जीएसटी एक्ट के तहत इस तरह का कोई फंड फिलहाल अस्तित्व में नहीं है।

‘हमारी टीम जिम्बाब्वे-यूगांडा तक सीमित’… भारत की जीत पर पाक खिलाड़ी ने अपनी ही टीम का उड़ाया मजाक

नई दिल्ली तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम की चर्चा हर तरफ है। देश में जहां इसे लेकर जश्न के दौर चल रहे हैं वहीं पाकिस्तान में इसे लेकर बहस के सिलसिले चल रहे हैं। टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड पर भारत की एकतरफा जीत पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर खूब चर्चा कर रहे हैं। कुछ तो भारतीय टीम की जमकर तारीफ कर रहे तो कुछ उसकी कामयाबी को किसी न किसी बहाने से कमतर बताने की कोशिश भी कर रहे। कुछ ऐसे भी हैं जो पाकिस्तानी टीम का ही मखौल उड़ा रहे। पूर्व क्रिकेटर अहमद शहजाद ने तो पाकिस्तानी टीम के मजे लेते हुए कहा कि हम तो सिर्फ जिम्बाब्वे, यूगांडा और केन्या से जीतते हैं। 'हारना मना है' शो पर अहमद शहजाद ने कहा कि भारत टॉप पर है क्योंकि उसने टॉप टीमों के खिलाफ तैयारी की। उन्होंने कहा, ‘वो बी, सी, डी टीम से नहीं खेलते। वो जिम्बाब्वे को हराके या वो यूगांडा को हराके या वो केन्या को हराके और उसके बाद स्टैट्स नहीं दिखा देते कि देखो जी कि ये फलाने हमारे प्लेयर ने इतना कर दिया। नहीं, वो बड़ी टीमों के खिलाफ बड़े मैच खेलते हैं। बड़ी-बड़ी सीरीज खेलते हैं। उनके पास प्लेयर के ऊपर प्लेयर बैठा हुआ है और ये जो फाइनल के अंदर…ये कोई नई बात नहीं है। ये भारत ने कोई पहली बार नहीं किया है। अच्छी टीमें राइट टाइम पर पिक करती हैं। पिछली दो मैच उठाकर देखिए। 250 किए। उनकी जगह पर हम होते तो 180 करते और उसके बाद कहते कि इतना तो कर दिया अब बोलर डिफेंड करे उसको।’ अहमद शहजाद ने ये भी कहा कि पाकिस्तान के पास टैलेंट की कमी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के पास टैलेंट की कमी नहीं है, हमारे सिस्टम में गड़बड़ी है। वहां पर क्या है- टैलेंट भी है और सिस्टम भी है। वे टैलेंट और सिस्टम के थ्रू प्लेयर प्रोड्यूस करते जा रहे हैं। ये प्लेयर कौन हैं? ये वो प्लेयर हैं संजू सैमसन जिसे कभी चांस ही नहीं मिलता। वह मैन ऑफ द सीरीज हो गया वर्ल्ड कप के अंदर। ये वो प्लेयर है ईशान किशन। उसको खिलाते ही नहीं हैं। डिसिप्लिन का कहकर साइड में किया हुआ था। वो भी डोमेस्टिक में परफॉर्म करके यहां आया और जितनी इम्पैक्टफुल इनिंग्स वो खेल रहा है…वह तैयार था। अभिषेक शर्मा कितने प्रेशर में था। उसने शो किया है फाइनल में 21 गेंद में 50 करके कि लो भाई ये लो, हम खड़े हुए हैं।’ टी20 विश्व कप के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार इस टूर्नामेंट का खिताब जीता। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत के दोनों ओपनरों संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने तूफानी शुरुआत दी और अनिवार्य पावर प्ले यानी शुरुआती 6 ओवरों में बिना किसी नुकसान के 92 रन ठोक डाले। अभिषेक शर्मा 21 गेंद में 52 रन बनाकर आउट हुए। संजू सैमसन ने 46 गेंदों में 89 रन की पारी खेली। ईशान किशन ने 25 गेंदों में 54 रन बनाए। आखिरी ओवर में शिवम दुबे ने 24 रन बटोरे। इस तरह भारत ने 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में न्यूजीलैंड की पूरी टीम 19 ओवर में 159 रन पर सिमट गई। प्लेयर ऑफ द मैच रहे जसप्रीत बुमराह ने बहुत की कसी गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 15 रन देकर 4 विकेट चटकाए। अक्षर पटेल ने 3 विकेट झटके। संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द सीरीज के खिताब से नवाजा गया।

करूर भगदड़ मामला: अभिनेता विजय से दोबारा पूछताछ करेगी CBI, मंगलवार को हाजिर होने का आदेश

नई दिल्ली करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को मंगलवार को फिर से पूछताछ के लिए तलब किया है। इससे पहले उनसे 12 और 19 जनवरी को पूछताछ हो चुकी है। 27 सितंबर 2025 को करूर में उनकी रैली के दौरान हुई भगदड़ में 41 लोगों की मौत और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे।   करूर भगदड़ मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अभिनेता और टीवीके प्रमुख विजय को पूछताछ के लिए मंगलवार को फिर से तलब किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इससे पहले अभिनेता से 12 और 19 जनवरी को एजेंसी के मुख्यालय में पूछताछ की जा चुकी है। जांच के दौरान सीबीआई को कुछ नए तथ्यों और दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी मिली है, जिन पर स्पष्टीकरण लेने के लिए विजय को दोबारा बुलाया गया है। इसी के मद्देनजर उन्हें एक नया नोटिस जारी किया गया है। यह घटनाक्रम तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर 2025 को हुई उस दुखद भगदड़ से जुड़ा है, जिसमें अभिनेता विजय की एक रैली के दौरान 41 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने संभाली जांच यह मामला मूल रूप से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा संभाला जा रहा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इसकी कमान अपने हाथों में ले ली। सीबीआई इस मामले से संबंधित सबूतों को एकत्र करने में जुटी हुई है, ताकि घटना के कारणों और जिम्मेदारियों का पता लगाया जा सके। न्यायिक निगरानी और निष्पक्ष जांच पर जोर पिछले साल अक्तूबर में, शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक को इस मामले की जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में एक पर्यवेक्षी समिति का गठन भी किया गया था, जिसका उद्देश्य सीबीआई की जांच की निगरानी करना है। जनता के विश्वास को बहाल करने का प्रयास सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जे के महेश्वरी और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया शामिल थे, ने इस बात पर जोर दिया था कि करूर भगदड़ ने पूरे देश के नागरिकों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ी है। अदालत ने कहा था कि इस घटना का नागरिकों के जीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ा है और उन परिवारों के मौलिक अधिकारों को लागू करना अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। पीठ ने यह भी कहा था कि आपराधिक न्याय प्रणाली में जांच प्रक्रिया में आम जनता के विश्वास और भरोसे को बहाल किया जाना चाहिए। 

पंजाब में ट्रैफिक नियमों पर बड़ा एक्शन, इन गाड़ियों के कटेंगे मोटे चालान

लुधियाना पंजाब में अब फर्जी वी.आई.पी. गाड़ियों वाले सावधान हो जाएं। दरअसल, अब अगर गाड़ियों पर अवैध तौर पर लाल-नीली चमकदार लाइट लगाई तो ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान किया जाएगा। इन लाइटों का प्रयोग सिर्फ पुलिस, एम्बुलैंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ही कर सकती हैं। अपने वाहनों पर ऐसी चमकदार लाइट लगाकर फर्जी वी.आई.पी. बनने वाले लोग पुलिस की पकड़ में आएंगे बता दें कि जिला लुधियाना के कई इलाकों में महंगी गाड़ियों और एस.यू.वी. पर लाल-नीली बत्तियां लगाकर लोग खुद को वी.आई.पी. दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होती है और ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। मोटर व्हीकल नियमों के मुताबिक लाल और नीली फ्लैशर लाइट का उपयोग केवल आपातकालीन सेवाओं और अधिकृत सरकारी अधिकारियों के वाहनों के लिए ही निर्धारित है। किसी भी निजी वाहन पर इन लाइटों का इस्तेमाल पूरी तरह अवैध माना जाता है। इन वाहनों को है अनुमति पुलिस वाहन, एम्बुलैंस, फायर ब्रिगेड, कुछ अधिकृत आपातकालीन सरकारी वाहन पहले किया जागरूक, अब शुरू किए चालान : ए.सी.पी. गुरदेव सिंह ए.सी.पी. ट्रैफिक गुरदेव सिंह का कहना है कि लाल नीली फ्लैशर लाइटों का प्रयोग सिर्फ पुलिस, एम्बुलैंस या फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ही कर सकती हैं। अगर कोई अवैध तौर पर इन लाइटों का प्रयोग करता है तो धारा-177 के तहत पहली बार जुर्म में 500 रुपए तथा इसके बाद 1500 रुपए का जुर्माना किया जा सकता है, जबकि अगर धारा 190(2) में चालान किया जाए तो पहली बार में 5000 रुपए तथा दूसरी बार नियम तोड़ने पर 10,000 रुपए का जुर्माना नियत किया गया है। ट्रैफिक पुलिस द्वारा पहले लोगों को जागरूक किया गया है। इसके बावजूद न सुधरने वाले लोगों के चालान शुरू कर दिए गए हैं।

संघर्ष से सुपरस्टार तक: Sanju Samson की स्वर्णिम कमबैक स्टोरी

नई दिल्ली साल 2015…केरल से एक खिलाड़ी आता है, जिसे जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाता है। वे जिम्बाब्वे के दौरे पर जाते हैं। पहले मैच में उनको मौका नहीं मिलता, लेकिन 19 जुलाई 2015 को दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाते हैं और अपना इंटरनेशनल डेब्यू कैप हासिल करते हैं। इस मैच में 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और 24 गेंदों में एक चौके की मदद से 19 रन बनाते हैं। 146 रनों का टारगेट भारत के सामने होता है, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत 135 रनों तक ही पहुंच पाता है और मुकाबला 10 रन से हार जाता है। इस हार का ठीकरा संजू के सिर मढ़ दिया जाता है। इस मैच के बाद संजू सैमसन एक मैच, एक सीरीज या एक साल के लिए ड्रॉप नहीं होते, बल्कि उनको करीब 5 साल और 79 मैचों का इंतजार करना पड़ता है। 10 जनवरी 2020 को 5 साल के बाद उनको फिर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिलता है। श्रीलंका के खिलाफ पुणे के मैदान पर वे उतरते हैं। पहली गेंद पर छक्का जड़ते हैं और अगली गेंद पर आउट हो जाते हैं। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैचों में उनको नहीं खिलाया जाता है। इसके बाद न्यूजीलैंड की सरजमीं पर उनको टी20 सीरीज के लिए चुना जाता है। वहां वे दो मैच खेलते हैं और ड्रॉप कर दिए जाते हैं, क्योंकि दो मैचों में उन्होंने रन नहीं बनाए होते हैं। फरवरी के बाद दिसंबर में उनको फिर से कुछ मैच खेलने को मिलते हैं, लेकिन फिर से ड्रॉप हो जाते हैं। कमबैक की कहानी जारी रही जुलाई 2021 में फिर से उनको मौका मिलता है। तीन मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलते हैं और फ्लॉप रहते हैं और टीम से बाहर हो जाते हैं। फरवरी 2022 में फिर संजू की वापसी होती है। इस बार कुछ रन बनाते हैं। इसके बाद आईपीएल आता है और उसके बाद भी वे टीम में बने रहते हैं, लेकिन जून और अगस्त में वे तीन मैच खेलते हैं। अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप के लिए नहीं चुने जाते हैं। इस दौरान वे सिर्फ एक ही अर्धशतक जड़ पाते हैं। जनवरी 2023 में वे एक मैच खेलते हैं और चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं। अगस्त 2023 में वे फिर से वापस आते हैं और सात मैच खेलते हैं, लेकिन प्रदर्शन अभी भी वैसा नहीं है, जैसा वे आईपीएल या डोमेस्टिक क्रिकेट में कर रहे होते हैं। इस दौरान उनको न तो भारत की वनडे विश्व कप की टीम में मौका मिलता है और न ही एशियन गेम्स के लिए टीम में चुने जाते हैं। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से एक मैच खेलने को मिलता है। हालांकि, आईपीएल के बाद हुए टी20 विश्व कप 2024 के लिए वे टीम में चुन लिए जाते हैं, लेकिन वहां ऋषभ पंत उनसे आगे खेल जाते हैं और पूरे टूर्नामेंट में सैमसन एक भी मैच नहीं खेलते। इसके बाद आता है अक्तूबर 2024, जहां से सैमसन की किस्मत पलटी, लेकिन उस समय उनका करियर भी खत्म हो सकता था। करियर खत्म हो सकता था दरअसल, अक्तूबर में बांग्लादेश की टीम भारत के दौरे पर आती है। सैमसन उस सीरीज में पहले दो मैचों में फ्लॉप होते हैं और कहा जाता है कि आखिरी मैच में उनको मौका नहीं मिलेगा और उनका करियर समाप्त है। अगर उनको आखिरी मैच में मौका मिला और रन नहीं बने तो फिर हमेशा के लिए टीम से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि इतने कमबैक और इतने मौके इंटरनेशनल क्रिकेट में और वह भी भारत जैसी टीम में मिलते नहीं है। अब तक 32 मौके उनको मिले थे, जिनमें दो अर्धशतक उन्होंने जड़े थे। ज्यादातर मैचों में उनका स्कोर सिंगल डिजिट था। बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में भारत आखिरी मैच सीरीज का खेलता है, जो कि संजू सैमसन का करियर डिसाइडिंग मैच था। इस मैच में 47 गेंदों में 111 रन संजू बनाते हैं और अपना करियर बचाते हैं। अगली सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी पहले मैच में संजू के बल्ले से शतक आता है। हालांकि, अगले दो मैचों में फिर से वे शून्य पर आउट हो जाते हैं, लेकिन अच्छी बात ये थी कि चौथे मैच में भी उनके बल्ले से शतक आता है। भारत जीतता चला जाता है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी दमदार नजर आती है। फ्लॉप शो रहा जारी अब जनवरी 2025 आता है, जहां वे इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 51 रन बनाते हैं। इसके बाद भारत को सीधे एशिया कप खेलना था। सितंबर में खेले गए उस एशिया कप में सिलेक्टर ने ओपनर के तौर पर शुभमन गिल को मौका दिया था और उन्हें वाइस कैप्टन बनाया था। संजू को कहा गया कि वे मैच फिनिशर की भूमिका निभाएं, जिसमें वह फेल रहे। ऊपर गिल का भी बल्ला नहीं चला। एक अर्धशतक एशिया कप में संजू ने जड़ा और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 24 रनों की अच्छी पारी खेली, लेकिन उन्हें सराहना नहीं मिली, क्योंकि एक मैच नंबर तीन पर उतरे थे। ऑस्ट्रेलिया का दौरा आता है और अक्तूबर में वे दो मैच वहां खेलते हैं, लेकिन एक में बल्लेबाजी आती है और दो रन ही वे बना पाते हैं और फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर पांच मैचों की टी20 सीरीज में वे ड्रॉप हो जाते हैं। इस दौरान अभिषेक के साथ गिल ओपन करते हैं, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में गिल से ओपनिंग छीनकर संजू को दे दी जाती है, जो फिर से संजू का कमबैक था। उस मैच में वे 22 गेंदों में 37 रन बनाते हैं। इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का चयन होता है। उसी टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी। मेन प्लेयर से बैकअप प्लेयर बन गए संजू अब चयनकर्ता शुभमन गिल से आगे बढ़ चुके थे। उनको ड्रॉप किया गया था और ईशान किशन को बतौर बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर टीम में चुना गया था। उपकप्तानी अक्षर पटेल को सौंपी गई थी। संजू सैमसन मेन ओपनर और मेन विकेटकीपर थी। 

आलोचकों को करारा जवाब: गौतम गंभीर बने दो ICC ट्रॉफी जिताने वाले पहले भारतीय कोच

नई दिल्ली खिलाड़ी के तौर पर चमकने के बाद गौतम गंभीर मुख्य कोच के तौर पर भी खुद को साबित कर रहे हैं। 2024 में टी20 विश्व कप का खिताब जीतने के बाद राहुल द्रविड़ का कार्यकाल समाप्त हो गया था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने टीम की जिम्मेदारी गंभीर को सौंपी थी। गंभीर का मेंटर के तौर पर आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ कार्यकाल बेहद सफल रहा था, लेकिन जब से उन्हें राष्ट्रीय टीम का जिम्मा सौंपा गया, तभी से उनके फैसलों पर लगातार सवाल उठते रहे।   टेस्ट में फुस्स, सफेद गेंद प्रारूप में मजबूत गंभीर ने टी20 विश्व कप 2024 के बाद मुख्य कोच के रूप में पदभार संभाला था और पहले ही दिन से उन्होंने कड़े फैसले लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। गंभीर पर पक्षपात करने के आरोप लगे और उनकी नीतियों पर सवाल भी खड़े किए गए, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ा और वह नियमित रूप से अपना काम करते रहे। गंभीर के कार्यकाल में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है और टीम घरेलू मैदान पर भी जीत हासिल नहीं कर पा रही है, लेकिन सीमित ओवर में उन्हें सफलताएं मिली है। द्रविड़ से अलग है शैली गंभीर राहुल द्रविड़ के सफल कार्यकाल के बाद इस पद पर आए थे। उनके सामने कड़ी चुनौतियां थी। गंभीर की शैली द्रविड़ से काफी अलग थी और ऐसी चर्चा होनी शुरू हो गई थी कि उनके विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर खिलाड़ियों से रिश्ते क्या बेहतर रहेंगे? कम समय में ही गंभीर के कार्यकाल की आलोचना होने लगी और उनकी शैली पर भी सवाल खड़े किए गए।   टी20 टीम में बदलाव से हुई शुरुआत गंभीर ने जुलाई 2024 में भारतीय टीम के मुख्य कोच पद को संभाला था। गंभीर ऐसे समय पद पर आए जब भारत ने द्रविड़ के कार्यकाल में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया था और इस प्रारूप में भारतीय टीम बदलाव के दौर से गुजर रही थी। माना जा रहा था कि हार्दिक पांड्या को टी20 टीम की कमान सौंपी जाएगी, लेकिन कप्तानी सूर्यकुमार यादव को मिली। यह हैरान करने वाला फैसला था, लेकिन टीम इंडिया में गंभीर का दौर शुरू हो चुका था और संभवतः सूर्यकुमार को कप्तानी मिलने में गंभीर की अहम भूमिका रही। इन दोनों की जोड़ी टी20 में हिट रही। चाहे एशिया कप हो या द्विपक्षीय सीरीज और अब टी20 विश्व कप, इन दोनों के नेतृत्व में टीम का प्रदर्शन दमदार रहा। कोच के तौर पर पहली बार में दिलाया था खिताब तमाम आलोचनाओं और पक्षपात के आरोपों के बीच गंभीर के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पिछले साल चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया था। भारत ने उस समय पूरे टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन किया था। रोहित शर्मा की कप्तानी और गंभीर के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। गंभीर ने इस तरह कोच के तौर पर अपने पहले ही आईसीसी टूर्नामेंट में भारत को जीत दिलाई थी। टेस्ट प्रारूप में असफलता पर निशाने पर आए थे कोच गंभीर के नेतृत्व में वनडे और टी20 में तो टीम ने दमदार प्रदर्शन किया, लेकिन टेस्ट प्रारूप में भारत का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। गंभीर के नेतृत्व में भारत ने पहली टेस्ट सीरीज में बांग्लादेश को हराया था। इसके बाद भारत का मुकाबला 2024 में न्यूजीलैंड से हुआ था। तीन मैचों की इस सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन घरेलू मैदान पर काफी खराब रहा था और टीम इंडिया लंबे समय के बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज हारी। कीवी टीम ने भारत को उसी के घर पर 0-3 से मात दी थी।

कूनो नेशनल पार्क में ज्वाला चीता ने दिया पांच शावकों को जन्म

श्योपुर. मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट का लगातार सफलता मिल रही है, सोमवार को ज्वाला चीता ने पांच शावकों को जन्म दिया है। इसी के साथ मध्य प्रदेश में कुल चीतों की संख्या 50 के पार पहुंच गई है। ज्वाला तीसरी बार मां बनी है। देश में जन्में चीतों की संख्या 33 पहुंच गई है। वहीं इन चीतों के जन्म के साथ कुल चीतों की संख्या 53 हो गई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के जरिए ज्वाला चीता और उसके शावकों का वीडियो शेयर कर यह खुशखबरी दी है। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता ‘गामिनी’ ने तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया था। गामिनी दूसरी बार मां बनी। इससे पहले उसने 10 मार्च 2024 को छह शावकों को जन्म दिया था जिसमें से पांच शावक जिंदा हैं। इन नए शावकों के साथ भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है, जबकि देश में कुल चीता आबादी अब 38 तक पहुंच गई है। वन विभाग के अनुसार, सभी नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीम उनकी सतत निगरानी कर रही है। प्रोजेक्ट चीता को मिल रही मजबूती अधिकारियों का कहना है कि लगातार मिल रही प्रजनन सफलताएं प्रोजेक्ट चीता की प्रभावशीलता को साबित कर रही हैं। फील्ड स्टाफ और पशु चिकित्सकों की समर्पित निगरानी के कारण कूनो में चीतों का अनुकूलन और प्रजनन दोनों सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं। हर नया जन्म इस महत्वाकांक्षी परियोजना को नई ऊर्जा दे रहा है।

ई-मेल से मिली बम धमकी: बालोद-बेमेतरा कोर्ट में हाई अलर्ट

बालोद/बेमेतरा छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट और विभिन्न जिला कोर्टों को लगातार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही है। इसी बीच आज बालोद कोर्ट और बेमेतरा जिला न्यायालय परिसर को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिससे हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि यह धमकी ईमेल के जरिए मिली है। धमकी मिलने के बाद कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं पुलिस ने कोर्ट परिसर से सभी मजिस्ट्रेटों को सुरक्षित सर्किट हाउस लेकर पहुंची और सभी अधिवक्ताओं को भी बाहर निकाला गया है। फिलहाल, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और बम स्क्वॉड की टीम जांच में जुट गई है। बता दें कि 25 फरवरी को छत्तीसगढ़ के हाईकोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हाईकोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। इसके अलावा, इससे पहले प्रदेश के अन्य जिलों जैसे राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा और जगदलपुर के न्यायालयों को भी इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, जांच में यह बात सिर्फ अफवाह निकली थी।