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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर जताई खुशी

कूनो उद्यान के अधिकारी और कर्मचारी चीतों की बेहतर देखरेख के लिए बधाई के पात्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 5 शावकों के जन्म पर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक और प्रसन्नता देने वाला समाचार मिला है। कूनो उद्यान में मादा चीता "ज्वाला' ने 5 शावकों को जन्म दिया है। चीता परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि चीतों की पुनर्स्थापन के बाद 10वीं बार सफलतापूर्वक जन्म हुआ है। यह इस बात का प्रतीक है यहां की जलवायु चीतों को रास आ गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मादा चीता ज्वाला के 5 शावकों के जन्म के साथ ही, भारत में चीतों की कुल संख्या 50 का आंकड़ा पार कर 53 हो गई है। चीता पुनर्स्थापन के कार्य वन्य जीव संरक्षण, प्रकृति और पर्यटन विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण सिद्ध हुए हैं। मध्यप्रदेश की चीतों के लिए "अनुकूल घर" के रूप में विशेष पहचान बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वन्य जीव संरक्षण के लिए निश्चित ही यह एक गौरवपूर्ण क्षण है। भारत में चीतों की बेहतर देखरेख और उनके पुनर्वास के प्रयासों की सफलता के लिए कूनो राष्ट्रीय उद्यान और वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी बधाई के पात्र हैं।  

कबड्डी खिलाड़ी की रहस्यमयी मौत से हड़कंप, ड्रग ओवरडोज होने का शक

जालंधर मेहतपुर के गांव उदोवाल में एक कबड्डी खिलाड़ी वंश की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गांव के लोगों का कहना है कि उसकी मौत नशे की ओवरडोज से हुई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार वंश दो साल पहले 12वीं पास कर चुका था और स्कूल स्तर से ही कबड्डी खेलता था। वह कई टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुका था। बताया जा रहा है कि वह घर से पास के गांव बालोकी खेड़ा रोड गया हुआ था, जहां उसका शव संदिग्ध हालत में मिला। राहगीरों ने इसकी सूचना गांव के सरपंच और परिवार को दी। परिवार में उसके माता-पिता, एक छोटा भाई और एक छोटी बहन हैं। परिवार ने इस मामले में पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी और अंतिम संस्कार कर दिया। गांव उदोवाल के पंच मनप्रीत सिंह ने बताया कि वंश एक अच्छा खिलाड़ी था और उसने कई कबड्डी टूर्नामेंट में स्कूल का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने कहा कि स्कूल छोड़ने के बाद वह नशे की गिरफ्त में आ गया था। गांव में इससे पहले भी नशे से मौत का मामला सामने आ चुका है। 17 फरवरी को पड़ोसी जसदीप सिंह जस्सा की भी संदिग्ध ओवरडोज से मौत हुई थी, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई थी।

बिहार की राजनीति में हलचल: ‘अगला CM चिराग पासवान’ वाले पोस्टरों से मचा बवाल

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच बिहार में पॉलिटिकल हलचल तेज हो गई है। इसी बीच चिराग पासवान को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग वाले पोस्टर पटना की सड़कों पर दिखे हैं। ये पोस्टर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष इमाम गजाली ने लगाए हैं। पोस्टर, जिसमें चिराग पासवान के सिर पर ताज दिखाया गया है, पर नारे लिखे थे, जैसे, “उन्हें ताज पहनाओ, तभी बिहार का सुनहरा दौर आएगा। मोदी ने उन्हें आशीर्वाद दिया है। चिराग बिहार के नए नेता होंगे। बिहार को चिराग की जरूरत है। अब, एक युवा मुख्यमंत्री बनाने का समय आ गया है। नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस सरकार बनाएगी, और चिराग मुख्यमंत्री होंगे।” यह पहली बार नहीं है जब पार्टी के समर्थकों ने चिराग पासवान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। इससे पहले, जमुई से सांसद और चिराग पासवान के साले अरुण भारती ने भी चिराग को बिहार का नेतृत्व करते देखने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर आखिरी फैसला NDA करेगा। इससे पहले, चिराग पासवान की मां राजकुमारी देवी ने सबके सामने इच्छा जताई थी कि वह उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चिराग पासवान मुख्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार से बेहतर काम करेंगे। उन्होंने अपने बेटे को आशीर्वाद देते हुए और लोगों से उनका समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “हम जानते हैं कि चिराग मुख्यमंत्री बनेंगे। वह नीतीश कुमार से बेहतर काम करेंगे।”

दुनिया पर मंडरा रहा 1973 जैसा ऑयल क्राइसिस का खतरा, भारत के लिए बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली यदि आंशिक रूप से भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई रुकी तो संकट कहीं अधिक गहरा होगा। भारत अपनी तेल की जरूरतों का 85 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसी स्थिति में उसके लिए भी संकट पैदा होगा और पूरे हालात पर वह लगातार नजर बनाए हुए है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग के चलते दुनिया भर में कच्चे तेल को लेकर दबाव की स्थिति है। हालात ऐसे हैं कि चंद दिनों में ही कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। इसके चलते 1973 जैसे तेल संकट की स्थिति पैदा हो गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की सप्लाई बाधित है और यदि हालात लंबे खिंचे तो फिर बड़ी मंदी की ओर दुनिया बढ़ सकती है। फिलहाल हर दिन 100 मिलियन बैरल की सप्लाई बाधित हो रही है। इस तरह पूरे संकट की वजह एक चेकपॉइंट है। अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन का कहना है कि हर दिन 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही होती है। यह दुनिया की कुल खपत का 20 फीसदी है। इसके अलावा अन्य इलाकों में भी तेल की सप्लाई बाधित हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल की सप्लाई का आधा हिस्सा चीन, भारत, जापान और दक्षिण कोरिया खरीदते हैं। ऐसी स्थिति में यदि सप्लाई बाधित रहेगी तो सबसे पहले भारत, चीन और साउथ कोरिया जैसे देशों को झटका लगेगा। मार्केट की जानकारी रखने वाली संस्थाओं का कहना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो यह तेल सप्लाई की सबसे बड़ी बंदी होगी। ऐसी स्थिति में दुनिया को करारा झटका लगेगा और महामंदी के हालात पैदा हो सकते हैं। इस तरह करीब 20 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई खतरे में होगी। यही नहीं 1973 के मुकाबले भी यह संकट बड़ा है। तब दुनिया की तेल की जरूरतें कम थीं और आज कहीं ज्यादा हैं। आज के दौर में 20 मिलियन बैरल प्रतिदिन की खपत होती है, तब 4.5 से 5 मिलियन बैरल तेल ही यहां सप्लाई होता था। इसके अलावा जब ईरानी क्रांति के दौरान बंद होने की नौबत आई थी, तब यहां से सप्लाई का आंकड़ा 6 मिलियन बैरल ही था। ऐसी स्थिति में साफ है कि अबकी बार संकट कहीं अधिक गहरा हो सकता है। इसके अलावा गैस का संकट भी पैदा हो सकता है। साफ कहें तो होर्मुज के ब्लॉक होने पर तेल, गैस समेत सभी जरूरी ईंधन की कमी होगी। हालांकि एक राहत की बात यह है कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश दूसरे रास्तों से सप्लाई जारी रख सकते हैं। ऐसी स्थिति में तेल की सप्लाई तो किसी तरह पहुंचती रहेगी, लेकिन उसकी लागत और कीमत में इजाफा हो जाएगा। इसके अलावा जो ऑइल रिजर्व हैं, वे भी जल्दी ही खत्म हो सकते हैं। यदि आंशिक रूप से भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई रुकी तो संकट कहीं अधिक गहरा होगा। भारत अपनी तेल की जरूरतों का 85 फीसदी हिस्सा आयात करता है। ऐसी स्थिति में उसके लिए भी संकट पैदा होगा और पूरे हालात पर वह लगातार नजर बनाए हुए है।

West Asia संकट का असर: शेयर बाजार धड़ाम, सेंसेक्स 1353 अंक गिरा

मुंबई पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने से वैश्विक बाजारों में गिरावट का माहौल देखने को मिल रहा है। इसके चलते सोमवार को घरेलू शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, विदेशी निधियों की निरंतर निकासी और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी ने निवेशकों की भावना पर भारी असर डाला। रुपया 53 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 92.35 पर बंद हुआ। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,352.74 अंक या 1.71 प्रतिशत गिरकर 77,566.16 पर बंद हुआ, लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। दिन भर में, यह सूचकांक 2,494.35 अंक या 3.16 प्रतिशत गिरकर 76,424.55 पर पहुंच गया। इसी क्रम में, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 422.40 अंक या 1.73 प्रतिशत गिरकर 24,028.05 पर बंद हुआ। दिन के दौरान इसमें 752.65 अंक या 3.07 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,697.80 पर पहुंच गया। सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स पैक में अल्ट्राटेक सीमेंट को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, इसके शेयरों में 5.23 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंटरग्लोब एविएशन और अदानी पोर्ट्स प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल थे। इसके विपरीत, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सन फार्मा, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक को लाभ हुआ। क्यों गिरा बाजार? ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि कमजोर वैश्विक संकेतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण निवेशकों की भावना पर भारी नकारात्मक प्रभाव पड़ा, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार लगभग 3 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ खुले और सत्र के अंत में तेजी से नीचे बंद हुए। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिमों में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के निशान से ऊपर धकेल दिया और भारतीय रुपये को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा दिया, जिससे मुद्रास्फीति और बाहरी संतुलन को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 5.96 प्रतिशत और जापान का निक्केई 225 सूचकांक 5.20 प्रतिशत गिर गया। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी नकारात्मक दायरे में बंद हुए। यूरोप के बाजारों में सत्र के मध्य में काफी गिरावट देखी गई। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। ब्रेंट क्रूड का भाव उछलकर 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड में 12.34 प्रतिशत की उछाल आई और यह 104.1 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। बाजार विनिमय आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने पिछले कारोबार में 6,971.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को सेंसेक्स 1,097 अंक या 1.37 प्रतिशत गिरकर 78,918.90 पर बंद हुआ। निफ्टी 315.45 अंक या 1.27 प्रतिशत गिरकर 24,450.45 पर समाप्त हुआ। पिछले सप्ताह, बीएसई बेंचमार्क 2,368.29 अंक या 2.91 प्रतिशत गिर गया, और निफ्टी 728.2 अंक या 2.89 प्रतिशत गिर गया।

बिहार के युवाओं को मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में 10 लाख तक मिलेगा इंसेटिव

सिवान. बिहार के सिवान जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना के तहत चयनित लाभुकों को उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से अधिकतम 10 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जिला उद्योग केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 15 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। महाप्रबंधक विवेक कुमार ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इस योजना का मुख्य मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और छोटे-छोटे उद्योगों की स्थापना के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देना है। योजना के तहत चयनित लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के साथ उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवेदन की प्रक्रिया के लिए अभ्यर्थी उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट udyami.bihar.gov.in या जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। महाप्रबंधक ने जिले के युवाओं से योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की है। 373008 अन्नदाताओं के खाते में जाएगी 74.61 करोड़ राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान के लाभुक किसानों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 13 मार्च को 22वीं किस्त की राशि जारी कर दी जाएगी। इसको लेकर सभी स्तर की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी आलोक कुमार ने बताया कि जिले के तीन लाख 73 हजार आठ किसानों के खाते में 74.61 करोड़ रुपये भेजी जाएगी। यह राशि सीधे बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से आएगी। खास बात यह है कि रबी फसलों की सिंचाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाते में आने वाली धनराशि किसानों को कृषि संबंधित कार्यों को पूरा करने में बड़ी राहत मिलेगी। डीएओ ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 13 मार्च को पीएम किसान उत्सव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपराह्न पांच बजे से वेब कास्टिंग के माध्यम से उपस्थित किसानों को संबोधित करेंगे।

जींद फैक्ट्री हादसे में मृतकों के परिजनों को CM ने की 5-5 लाख देने की घोषणा

चंडीगढ़. मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गत दिवस जींद जिले के सफीदों में स्थित रंग-गुलाल बनाने वाली फैक्टरी में हुए दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। इस हादसे में 4 महिलाओं की मृत्यु हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुख्यमंत्री सैनी ने इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हादसे में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायलों को अस्पताल में बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएं और उनके उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न रहने दी जाए। राज्य सरकार ने संबंधित अस्पतालों को घायलों के समुचित इलाज के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घटना की विस्तृत जांच करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

नांगलोई में दर्दनाक सड़क हादसा, डीटीसी बस ने कई लोगों को कुचला

नई दिल्ली  बाहरी दिल्ली के नांगलोई इलाके में सोमवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। नांगलोई–नजफगढ़ रोड पर थाना निहाल विहार क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर गांव मोड़ के पास डीटीसी की एक बस ने कई लोगों को टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। डीटीसी बस तेज रफ्तार में आ रही थी। इस दौरान बस ने पहले एक स्कूटर सवार युवक को कुचल दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बस आगे बढ़ते हुए एक ई-रिक्शा और सड़क किनारे मौजूद कुछ लोगों को भी अपनी चपेट में लेती चली गई। हादसे में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। हादसे से नाराज लोगों ने बस में तोड़फोड़ शुरू कर दी और गुस्से में बस में आग भी लगा दी। स्थिति को काबू में करने के लिए दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। डीसीपी विक्रम सिंह और ज्वाइंट सीपी जतिन नरवाल ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया और पुलिस टीम को जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की क्या भूमिका रही। फिलहाल घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है। इस हादसे के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बन गई थी, लेकिन फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

HC की महिला जज बोलीं- ‘मेरे चैंबर में घुसने पर वो जमकर पिटा’

भुवनेश्वर. ओडिशा हाईकोर्ट की जज सावित्री राठो ने रविवार को खुलकर अपनी कानूनी पेशे की यात्रा पर बात की। उन्होंने बताया कि शुरुआत में एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था और वह जहां भी जातीं, वहां पहुंच जाता। उन्होंने बताया कि बाद में उस शख्स की जमकर कुटाई भी हुई थी। जस्टिस राठो ने बताया कि कैसे पारिवारिक परेशानी के कारण कॉलेजियम की सिफारिश के बाद भी उनके नाम पर विचार नहीं किया गया। पीछे पड़ गया था एक शख्स बार एंड बेंच के अनुसार, जस्टिस राठो ने बताया कि जब उन्होंने कानूनी पेशे की शुरुआत की, तब एक शख्स उनके पीछे पड़ गया था। उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में जहां भी जातीं, वह उनके पीछे आ जाता। उन्होंने बताया कि बात तब बढ़ गई थी, जब वह उनके चैंबर में तक घुस आया था। जस्टिस राठो ने कहा, 'जब मैंने प्रेक्टिस शुरू की, तो एक शख्स मेरा पीछा करने लगा था। मुझे लगा कि वह हमेशा कोर्ट में है। मेरे पुरुष सहकर्मियों ने मेरी मदद की। एक बार वह मेरे चैंबर में भी आ गया था, लेकिन मैंने ऐसे दिखाया कि मैंने उसे देखा ही नहीं। हालांकि, बाद में उसकी जमकर कुटाई हुई थी।' जज बनने में हुई दिक्कत जस्टिस राठो ने कहा कि कॉलेजियम की तरफ से जज बनने के लिए दो बार उनके नाम की सिफारिश भी की गई थी। उन्होंने कहा, 'मेरे नाम की दो बार सिफारिश की गई थी, लेकिन जो इंचार्ज थे, उन्होंने इसे नहीं माना। उन्हें मेरे परिवार से कुछ परेशानी थी।' पुरुष सहकर्मियों की तारीफ की उन्होंने कहा कि ये आम धारणा है कि इस पेशे में हमेशा एक महिला दूसरी महिला की मदद करती है। उन्होंने कहा कि उनका अनुभव अलग रहा है। जज ने बताया कि करियर की शुरुआत में पुरुष सहकर्मियों ने उनकी काफी मदद की है। उन्होंने कहा कि कई वकील जज लेनदेन के कारण जज बनने में संकोच करते हैं, लेकिन वो उनके लिए कभी चिंता की बात नहीं रही। स्टिस राठो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट में आयोजित Half the Nation – Half the Bench थीम पर पहली नेशनल कॉन्फ्रेंस में बोल रहीं थीं। यह आयोजन सीनियर एडवोकेट शोभा गुप्ता और महालक्ष्मी पवानी की तरफ से आयोजित किया गया था।

क्रिकेट में भारत की जीत और केरल की अनदेखी भूमिका

तिरुवनंतपुरम भले ही क्रिकेट आंकड़ों का खेल है, लेकिन इसमें कई बार ऐसे संयोग भी देखे गए, जिसने सभी को हैरान किया है। भारत ने अब तक कुल 5 बार क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम किए हैं। इन सभी खिताबी जीत में केरल का खास 'कनेक्शन' रहा है। जब भी भारत पुरुषों का वर्ल्ड कप जीतता है, तो टीम में हमेशा एक मलयाली खिलाड़ी होता है। यह पैटर्न कपिल देव की लीडरशिप में 1983 के क्रिकेट वर्ल्ड कप में भारत की ऐतिहासिक जीत के साथ शुरू हुआ था, जिसमें केरल के तेज गेंदबाज सुनील वाल्सन भी मौजूद थे। हालांकि, वाल्सन को टूर्नामेंट के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इसके बावजूद वह विश्व कप विजेता कहलाए। इसके बाद भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2007 जीतकर विश्व कप खिताब के करीब ढाई दशक के सूखे को समाप्त किया। इस टीम में श्रीसंत ऐसे मलयाली खिलाड़ी थे, जिन्होंने न सिर्फ विजेताओं की सूची में अपना नाम दर्ज करवाया, बल्कि खिताब जीतने में अहम भूमिका भी निभाई। शायद ही कोई फैन खिताबी मुकाबले की अंतिम गेंद पर उनके शानदार कैच को भूल सके। केरल का यही खिलाड़ी वनडे वर्ल्ड कप 2011 की विजेता टीम का भी हिस्सा था, जिसके बाद फैंस उन्हें 'मलयाली लकी चार्म' कहने लगे थे। साल 2024 में भारत ने दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप अपने नाम किया, जिसमें केरल के विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन विजेता टीम का हिस्सा थे। हालांकि, उस संस्करण में सैमसन को एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिल सका था। संजू सैमसन टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान अपनी शुरुआती दो पारियों से फैंस को खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, लेकिन अंतिम तीन मुकाबलों में वह भारत की जीत के नायक रहे। सैमसन ने वेस्टइंडीज के विरुद्ध निर्णायक मुकाबले में नाबाद 97 रन की पारी खेलकर भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ 89 रन की पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुंचाया। संजू ने खिताबी मैच में भी इतने ही रन बनाकर भारत को ट्रॉफी जिताने में बड़ी भूमिका निभाई।