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‘छत्तीसगढ़ का शिमला’ मैनपाट में विकसित होगा आधुनिक पर्यटन–आवासीय परिसर

मैनपाट में 4.80 हेक्टेयर भूमि आवंटित, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम रायपुर, छत्तीसगढ़ के ‘शिमला’ नाम से प्रसिद्ध मैनपाट में पर्यटन सुविधाओं और आवासीय विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार द्वारा मैनपाट में 4.80 हेक्टर (12 एकड़) भूमि अटल विहार योजना हेतु छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल को आवंटित की गई है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि इस भूमि पर आधुनिक एवं बहुउपयोगी पर्यटन–आवासीय परिसर का निर्माण शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप विकसित होने वाली यह परियोजना मैनपाट आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती ठहराव उपलब्ध कराएगी। सिंह देव ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी और पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल के सक्रिय प्रयासों से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि मैनपाट में लगातार बढ़ते पर्यटक आगमन को देखते हुए इस तरह की सुविधाओं की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। प्रस्तावित परिसर में आधुनिक वेलनेस एवं मनोरंजन सुविधाएँ विकसित की जाएंगी। सिंह देव ने बताया कि परियोजना में केरल मॉडल पर आधारित वेलनेस सेंटर, प्राकृतिक पंचकर्म चिकित्सा, हर्बल स्पा और आयुष सेवाएं प्रस्तावित हैं। साथ ही 24×7 क्लब हाउस, मिलेट्स कैफे, जिम, स्विमिंग पूल, किड्स प्ले एरिया, स्टीम बाथ और एंटरटेनमेंट ज़ोन विकसित किए जाएंगे। पर्यावरण अनुकूल विकास के तहत ट्री हाउस, कॉटेज और स्थानीय जीवन एवं संस्कृति का अनुभव कराने वाला सांस्कृतिक क्षेत्र भी शामिल होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से मैनपाट में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में नई संभावनाएं खुलेंगी। गुणवत्तापूर्ण आवासीय सुविधा उपलब्ध होने से पर्यटकों का ठहराव समय बढ़ेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि मैनपाट छत्तीसगढ़ का विशिष्ट एवं उभरता हुआ पर्यटन गंतव्य है। तेजी से बढ़ रही पर्यटक संख्या को देखते हुए यहाँ आधुनिक सुविधाओं का विकास अत्यावश्यक है। हाउसिंग बोर्ड की यह पहल पर्यटन, आवास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी तथा मैनपाट को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करेगी। पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने परियोजना को छत्तीसगढ़ के पर्यटन विस्तार के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के विकास से पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा और राज्य का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर मजबूत होगा। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने इसे मैनपाट के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना स्थानीय युवाओं को रोजगार एवं व्यापार के अवसर उपलब्ध कराएगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊँचाई देगी। अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि यह पहल छत्तीसगढ़ में पर्यटन–आवास विकास के क्षेत्र में गृह निर्माण मंडल की ऐतिहासिक भूमिका को मजबूत करेगी और भविष्य में मैनपाट को एक प्रमुख राष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने का आधार बनेगी।  

अक्षय ओबेरॉय ने देहरादून में शुरू की रोमांटिक कोर्टरूम थ्रिलर ‘लव लॉटरी’ की शूटिंग

मुंबई, अभिनेता अक्षय ओबेरॉय ने अपनी आने वाली रोमांटिक कोर्टरूम थ्रिलर ‘लव लॉटरी’ की शूटिंग उत्तराखंड के खूबसूरत शहर देहरादून में शुरू कर दी है। फिल्म लव लॉटरी का निर्देशन अरविंद पांडे कर रहे हैं और इसे कुलदीप भार्गव ‘तुषार’ अपनी प्रोडक्शन कंपनी सिनेमा गंज फिल्म्स.के बैनर तले बना रहे हैं।अक्षय ने हाल ही में सेट से कुछ झलकियां भी साझा की हैं, जिससे फैंस को शूटिंग के शुरुआती दिनों और खूबसूरत लोकेशन की झलक देखने को मिली। लव लॉटरी कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें रोमांस और सस्पेंस का मिश्रण देखने को मिलेगा। इस फिल्म में अक्षय ओबेरॉय के साथ हेली दरूवाला भी नज़र आएंगी। इसके अलावा फिल्म में कबीर दुहान सिंह और विज्यंत कोहली जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अक्षय ओबेरॉय ने देहरादून में शूटिंग शुरू करने के अनुभव के बारे में बात करते कहा कि यह उनके लिए काफी ताज़गी भरा और उत्साहजनक अनुभव रहा है। उन्होंने कहा, “देहरादून में लव लॉटरी की शूटिंग शुरू करना बहुत अच्छा अनुभव रहा है। इस शहर का माहौल बेहद शांत और खूबसूरत है, और यहां से इस सफर की शुरुआत करना बहुत अच्छा लग रहा है। अभी हमने शूटिंग शुरू ही की है, लेकिन सेट पर सभी की ऊर्जा कमाल की है। अरविंद पांडे और इतनी प्रतिभाशाली टीम के साथ काम करने को लेकर मैं बहुत उत्साहित हूँ और बेसब्री से इंतजार कर रहा हूँ कि दर्शक देखें कि हम क्या बना रहे हैं।”  

प्रदेश में आवासीय सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की नई पहल, गाजियाबाद बना मॉडल जिला

स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नवाचार कर रही योगी सरकार गाजियाबाद में आवासीय भवनों के नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को किया गया अनिवार्य लखनऊ, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार में निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में औरैया के बाद गाजियाबाद जनपद ने आवासीय सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाते हुए प्रदेश के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने औरैया के जिलाधिकारी का अनुकरण करते हुए आदेश जारी किया। अब जनपद में नए बनने वाले आवासीय भवनों के नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में सोलर रूफटॉप सिस्टम और रेन वाटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य न केवल बिजली की बचत करना है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संसाधनों के सतत उपयोग को भी सुनिश्चित करना है। स्वच्छ ऊर्जा का दायरा होगा व्यापक इस प्रस्ताव के अंतर्गत संबंधित नगर पालिकाएं, नगर निगम एवं नगर पंचायतें अपने-अपने बोर्ड की बैठकों में प्रस्ताव पारित कर इस व्यवस्था को लागू कर सकतीं हैं। नक्शा स्वीकृति के बाद भवन निर्माण में सोलर पैनल और वर्षा जल संचयन प्रणाली का क्रियान्वयन अनिवार्य होगा। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा का दायरा व्यापक होगा। अन्य जनपदों के लिए अनुकरणीय मॉडल योगी सरकार गाजियाबाद जनपद की इस पहल को अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय मान रही है। सरकार का मानना है कि प्रदेश के सभी जनपदों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तृतीय श्रेणी शहरी एवं ग्रामीण स्थानीय निकायों के स्तर पर नीतिगत निर्णय लेकर आवासीय सोलर कवरेज बढ़ाने के प्रयास करना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश घरेलू रूफटॉप सोलर के क्षेत्र में तेजी से अग्रसर हो रहा है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 1440 मेगावाट रूफटॉप सोलर क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जिससे 60 लाख यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। यह बिजली बिना कोयला जलाए उत्पन्न की जा रही है, जिससे पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। करीब 5000 एकड़ भूमि का संरक्षण रूफटॉप सोलर के माध्यम से आम नागरिकों को प्रतिदिन औसतन लगभग 4 करोड़ रुपये की बिजली बचत का लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त इस पहल से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। लगभग 60 हजार लोगों को प्रत्यक्ष तथा लाखों लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही सोलर रूफटॉप मॉडल के कारण 5000 एकड़ से अधिक भूमि का संरक्षण संभव हो सका है, जिसे अब अन्य विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग में लाया जा सकता है। यह पहल ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए मज़बूत हो रही है। योगी सरकार का मानना है कि औरैया का यह मॉडल प्रदेश के अन्य जनपदों में भी लागू होने से उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा और हरित भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम साबित करेगा।

येलो अलर्ट जारी: अगले 24 घंटे में इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश की संभावना

पटना बिहार के कई जिलों में मौसम के तेवर बदल गए हैं। कहीं तेज ठंडी हवाओं ने राहत दी है, तो कहीं हल्की बूंदाबांदी से उमस कम हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार से लेकर 17 मार्च तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश की स्थिति बनी रहेगी। इन जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी मौसम विभाग ने बिहार के 5 जिलों के लिए आज यानी शुक्रवार अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इन इलाकों में मौसम विभाग ने मेघ गर्जन, वज्रपात और तेज बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई है। 15 मार्च से बारिश का तांडव मौसम विभाग के अनुसार, 15 मार्च से एक बार फिर बिहार में बारिश का मौसम देखने को मिल सकता है। प्रदेश में दो दिन तक बारिश का मौसम जारी रहने की संभावना जताई गई है। 15 और 16 मार्च को बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने का येलो अलर्ट है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है। 37 डिग्री के पार पहुंचा पारा एक तरफ बारिश की राहत है, तो दूसरी तरफ तापमान अब भी डरा रहा है। दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में गर्मी का सितम चरम पर है। बुधवार को कैमूर में तापमान 36.8°C दर्ज किया गया, जिसने लोगों को मई-जून वाली गर्मी का अहसास कराया। पटना का पारा भी 34.3°C के पार बना हुआ है। हालांकि, आगामी बारिश से अगले तीन-चार दिनों तक तापमान में 2 से 3 डिग्री की कमी आने की उम्मीद है।

गो तस्करों पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 35 हजार से अधिक आरोपी सलाखों के पीछे

लखनऊ योगी सरकार ने सूबे की सत्ता संभालने के बाद प्रदेश में गोकशी, गोतस्करों और अवैध पशु वध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई की, जो आज भी लगातार जारी है। इसके साथ गोकशी को पूरी तरह से रोकने के लिए वर्ष 2020 में गोवध निवारण कानून में संशोधन किया गया और जून-2020 में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश जारी किया गया। इसके तहत अब तक प्रदेश भर में गोकशी के 14,182 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 35,924 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। यूपी सरकार का मानना है कि गोकशी पर नियंत्रण केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि यह सामाजिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार द्वारा पुलिस, प्रशासन और विशेष कानूनों के माध्यम से लगातार कार्रवाई की जा रही है। गोकशी से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ केवल सामान्य मुकदमे ही नहीं दर्ज किए गए, बल्कि उनके विरुद्ध कड़े कानूनों के तहत भी कार्रवाई की गई। गोकशी के मामले में 35,924 आरोपियों में से 13,793 के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई, जबकि 178 आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की कार्रवाई की गई। इसके अलावा 14,305 मामलों में गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की गई है। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से गोकशी व गोतस्करी से जुड़े संगठित गिरोहों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली। इस दौरान प्रदेश में सक्रिय गोकशी से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया गया और आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की गई। गोकशी के मामलों में केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी अपराधियों पर प्रहार किया गया। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत कार्रवाई करते हुए लगभग 83 करोड़ 32 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई। इसका उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त करने से संगठित अपराधियों की आर्थिक ताकत कमजोर करना है ताकि भविष्य में ऐसे अपराधों को पूरी तरह रोका जा सके। इतना ही नहीं, कई मामलों में अवैध कमाई से खरीदी गई जमीन, वाहन और अन्य संपत्तियों को भी कुर्क किया गया है। योगी सरकार ने गोकशी पर नियंत्रण के लिए पुलिस की विशेष टीमों का गठन किया। विशेष टीमों द्वारा खुफिया निगरानी, जिलास्तरीय टास्क फोर्स और सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता के जरिये गोकशी-गोतस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया। साथ ही प्रदेश के कई संवेदनशील जिलों में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई गई, वहीं पशु परिवहन से जुड़े मामलों की भी विशेष निगरानी की गई। इसके अलावा अवैध बूचड़खानों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए गए। योगी सरकार की सख्त कार्रवाई से प्रदेश में अवैध पशु वध से जुड़े मामलों में काफी कमी आई है और संगठित गिरोहों की गतिविधियों पर अंकुश लगा है। उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश 2020 में नियमों को सख्त किया गया। अध्यादेश के तहत प्रदेश में गोहत्या पर 10 साल कठोर कारावास की सजा, 3 से 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान और गोवंश के अंगभंग करने पर 7 साल की जेल व 3 लाख जुर्माना है।

MP की लाड़ली बहनों को बड़ी सौगात: 34वीं किस्त के 1500 रुपये ट्रांसफर

भोपाल मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए 13 मार्च का दिन खास रहा। उनके लाड़ले भाई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनके खातों में योजना की 34वीं किश्त के रूप में 1500 रुपये ट्रांसफर किए। सीएम डॉ. यादव ने ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में 1.25 महिलाओं के खातों में 1836 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस मौके पर उन्होंने 121 करोड़ रुपये की लागत के 54 विकासकार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलन और कन्या पूजन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत बड़ी से बड़ी कठिन परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें प्रदेश की बहन बेटियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। जून 2023 से फरवरी 2026 तक योजना के तहत 33 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इस अवधि में 54,140 करोड़ रुपये की राशि बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। आज नवरात्रि से पहले बहनों को 1500 रुपए की सौगात मिली है। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में हमारी सरकार ने लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की है। इससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अब लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिलाओं को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि उन्हें कौशल उन्नयन, रोजगार और स्व-रोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। इस दिशा में हमारी सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खुला सौगातों का पिटारा     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार में 122 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 40 करोड़ लागत के भव्य सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण और नए पुल का भूमिपूजन भी शामिल है।     डबरा के जौरासी गांव में डॉ भीमराव अंबेडकर स्मारक के लिए दूसरे चरण में 12.5 हजार करोड़ के भूमि पूजन किया जाएगा।     कुलैथ, डबरा और मुरार में 50-50 सीट के बालक बालिका छात्रावास का पूजन हो रहा है। आईएसबीटी के पास 7 करोड़ की लागत से श्रमिक विश्रामगृह का निर्माण किया जा रहा है।     उन्होंने कहा 2024 से अब तक ग्वालियर में 220 औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है।     यहां 12.5 हजार करोड़ के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लोगों की जिंदगी बदलेगी। सीतापुर में फुटवियर क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है।     मुरैना में हाइड्रोजन निर्माण के लिए नया कारखाना लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कूनो नेशनल पार्क में चीता अपना कुनबा बढ़ा रहा है।     माधव नेशनल पार्क अब टाइगर, घड़ियाल और कछुआ के लिए पहचान बना रहा है। किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार ने किसानों को 40 रुपये बोनस देखकर गेहूं खरीदने का निर्णय लिया है।     प्रदेश में पशुपालन एवं दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नई योजना की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की ये घोषणाएं सीएम डॉ. यादव ने कहा कि भितरवार पीएचसी को सिविल अस्पताल बनाएंगे। घाटीगांव के उप स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कराएंगे। भितरवार और घाटीगांव में युवाओं के कौशल विकास के लिए आईटीआई केंद्र की स्थापना करेंगे। भितरवार में मां शबरी माता का भव्य मंदिर निर्माण के लिए भूमि का सर्वे कराया जाएगा। संस्कृति विभाग के माध्यम से भगवान देवनारायण मंदिर में आयोजन होंगे। लिखी जा रही विकास की नई इबारत     कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भितरवार विधानसभा क्षेत्र को माता शबरी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त है।     प्रदेश में विकास की नई इबारत लिखी जा रही है।     लाडली बहनों को आज योजना की 34वीं किश्त सीधे बैंक खाते में मिल रही है।     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत 2047 का संकल्प लिया है।     भारत अब अमृतकल से आगे शताब्दी काल की ओर बढ़ रहा है।     बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण के बगैर विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। इसीलिए मध्य प्रदेश में लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना की शुरुआत की गई है।     प्रदेश की लाड़ली बहनों को आगामी वर्षों में प्रति माह 3000 तक दिए जाएंगे।     इस दौरान जल संसाधन मंत्री एवं ग्वालियर जिले के प्रभारी तुलसीराम सिलावट ने कहा कि हमारी सरकार ने जो कहा है, वह किया है।     प्रदेश के अन्नदाता को समृद्ध बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संकल्प लिया है।  

रिश्वत लेते पकड़ी गई पटवारी, जमीन पट्टा के लिए ₹1 लाख की मांग, लोकायुक्त ने ₹5 हजार लेते दबोचा

 धार  धार जिले की सरदारपुर तहसील में शुक्रवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए एक महिला पटवारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपित पटवारी जमीन का पट्टा जल्दी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रही थी। लोकायुक्त टीम ने उसे आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये लेते समय धर दबोचा।लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई के तहत इंदौर इकाई ने यह ऑपरेशन अंजाम दिया। पट्टा दिलाने के नाम पर मांगे थे रुपये जानकारी के अनुसार, ग्राम कुमारिया खेड़ी (ग्राम पंचायत भानगढ़), तहसील सरदारपुर निवासी 53 वर्षीय लक्ष्मण कुमावत ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने जिस जमीन पर मकान बनाया है और उसके पीछे की जमीन पर उसका कब्जा है, उसका पट्टा उसके नाम होना है। लोकायुक्त टीम ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचा इस संबंध में आवेदक ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायत की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 13 मार्च 2026 को ट्रेप दल का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी पटवारी श्रीमती भारती राजपूत को आवेदक से पहली किश्त के रूप में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में शामिल अधिकारी ट्रेप दल में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला, आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक पवन पटोरिया, आरक्षक मनीष माथुर, आरक्षक कृष्णा अहिरवार और महिला आरक्षक भारती बागोरा शामिल रहे।  

2 लाख भक्तों की ऑनलाइन भागीदारी के साथ बागेश्वर धाम में चतुर्थ हनुमान चालीसा हवन, पांचवां हवन 20 अप्रैल को

छतरपुर बागेश्वर धाम में गुरुवार रात पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन करवाया. इसमें देश और विदेश के 2 लाख भक्तों ने एक साथ हवन पूजन किया. इस आयोजन का उद्दश्य घरों से नकारात्मक ऊर्जा का खात्मा करना था. इसके साथ ही इस प्रकार के हवन भक्त घर में कर सकें, इसकी विधि भी बताई गई।  हवन के साथ हनुमान चालीसा का पाठ बागेश्वर धाम परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित हुए और हवन में हिस्सा लिया. बागेश्वर धाम में जो भक्त नहीं आ सकते, उनके लिए ऑनलाइन हवन और हनुमान चालीसा का आयोजन किया गया. धीरेंद्र शास्त्री द्वारा आयोजित यह चौथा हनुमान चालीसा हवन था. खास बात ये है कि इसमें विदेश के भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।  सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े भक्त विदेश में रहने वाले भक्तों ने यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजन में हिस्सा लिया. धाम में पंडाल में बैठे 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन हवन पूजन में अपनी आहुति डाली. भक्तों ने दिव्य अनुष्ठान में आहुति देकर अपना कार्य सिद्ध किया. ऑनलाइन हवन व हनुमान चालीसा विधि-विधान से शुरू किया गया. यह हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया।  यह इस श्रृंखला का चौथा आयोजन था। इससे पहले भी धाम पर तीन हनुमान चालीसा हवन आयोजित किए जा चुके हैं। हवनों की यह श्रृंखला दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुई थी और 12 मार्च को इसका चौथा आयोजन संपन्न हुआ। हवन हनुमान चालीसा की 40 चौपाइयों के आधार पर विशेष विधि-विधान से संपन्न कराया गया। ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन से जुड़े लाखों श्रद्धालु इस हवन का मुख्य उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है। कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने अपने घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की। बागेश्वर महाराज ने बताया कि यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है। इसका लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।   बागेश्वर धाम में अगला आयोजन 20 अप्रैल को हवन का उद्देश्य सनातन परंपरा के अनुसार घर-घर यज्ञ और हवन की संस्कृति को पुनर्जीवित करना तथा लोगों को इसकी विधि से अवगत कराना है. कार्यक्रम के दौरान भक्तों ने श्रद्धा और आस्था के साथ आहुति देकर अपने घर-परिवार में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा के संचार की कामना की।  इस मौके पर पं. धीरेंद्र शास्त्रीने कहा "पांचवां अगला हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा, जिसमें एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे. यह ऑनलाइन हनुमान चालीसा हवन भक्तों को साथ जोड़कर करवाया जाता है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घरों में भी हवन की परंपरा को अपनाएं।  20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में पांचवां हनुमान चालीसा अगला, पांचवां हनुमान चालीसा हवन 20 अप्रैल को बागेश्वर धाम में आयोजित किया जाएगा। इसमें भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हवन के लिए, ऑनलाइन जुड़े भक्तों ने रात में तिल, जौ, चावल, धूप, घी, दीपक, चंदन, लकड़ियां, कपूर, नारियल, सुपारी, कलावा, रुई की बाती, माचिस, पुष्प और जल जैसी आवश्यक सामग्री एकत्र कर निःशुल्क हवन किया।  

UEFA Europa League: Aston Villa, FC Porto और FC Midtjylland ने पहले चरण में बनाई मामूली बढ़त

नई दिल्ली यूईएफए यूरोपा लीग के राउंड ऑफ 16 के पहले लेग मुकाबलों में रोमांचक नतीजे देखने को मिले। ओली वाटकिंस के शानदार हेडर की बदौलत एस्टन विला ने फ्रांस की टीम लिली ओएससी को 1-0 से हराकर अहम बढ़त हासिल कर ली। वहीं, एफसी पोर्टो और एफसी मिडट्जिलैंड ने भी अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज करते हुए अगले चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। फ्रांस के स्टेड पियरे-मौरॉय स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में एस्टन विला और लिली के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन गोल नहीं हो सका। दूसरे हाफ में 61वें मिनट पर ओली वॉटकिंस ने हेडर के जरिए गोल दागकर विला को बढ़त दिला दी। इस मुकाबले में विला के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने लिली के कई घातक हमलों को नाकाम किया और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इस जीत के साथ एस्टन विला ने फ्रांस में अपने सातवें प्रयास में पहली जीत दर्ज की। यह मुकाबला विला के मैनेजर उनाई एमरी के लिए भी खास रहा। क्लब के साथ यह उनकी 100वीं जीत थी। वह सबसे तेज गति से 100 जीत हासिल करने वाले मैनेजर बन गए हैं। दूसरी ओर, दो बार की चैंपियन पोर्टो ने जर्मनी की टीम वीएफबी स्टटगार्ट के खिलाफ पहले हाफ में शानदार शुरुआत की। मैच के शुरुआती सात मिनट के भीतर दो गोल कर पोर्टो ने मजबूत बढ़त बना ली। पोर्टो की ओर से टेरेम मोफीके दमदार शॉट और रोड्रिगो मोरा के शानदार फिनिश ने टीम को बढ़त दिलाई। हालांकि स्टटगार्ट ने वापसी की कोशिश की और हाफ टाइम से ठीक पहले डेनिज उंडाव की शानदार हाफ-वॉली से अंतर कम कर दिया। डेनमार्क की टीम मिड्टजीलैंड ने इंग्लैंड के नॉटिंघम फारेस्ट को 1-0 से हराकर सबको चौंका दिया। मैच के 80वें मिनट में सब्सटीट्यूट चो गुए-सुंग ने लूपिंग हेडर से निर्णायक गोल किया।  

भरी सभा में नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी की पीठ थपथपाई, क्या मिल गया अगले CM का संकेत?

पटना बिहार की विकास यात्रा को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए राज्य सरकार ने आने वाले 5 सालों के लिए एक comprehensive action plan पेश किया है। सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार (12 मार्च) को अपनी 'समृद्धि यात्रा' के तहत पूर्णिया और कटिहार का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जनसभाओं को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र के सहयोग से राज्य अब विकास की एक नई इबारत लिखने के लिए तैयार है। कटिहार में जनसभा के दौरान एक भावुक पल भी देखने को मिला, जब मंत्री लेशी सिंह अपने संघर्षों को याद करते हुए मंच पर ही आंसू नहीं रोक पाईं। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति अपना पूरा भरोसा जताया। मंच पर सम्राट चौधरी की पीठ थपथपाते हुए सीएम ने यह संदेश दिया कि बिहार में एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती के साथ विकास कार्यों को गति दे रहा है। ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष फोकस सरकार की नई रणनीति का सबसे अहम हिस्सा ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करना है। अब राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक 'आदर्श विद्यालय' और एक 'डिग्री कॉलेज' स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण प्रतिभाओं को उच्च शिक्षा के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़े। स्वास्थ्य सेवाओं के मोर्चे पर भी सरकार ने बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। प्रखंड स्तर के अस्पतालों को अब स्पेशलाइज्ड (विशेष) अस्पतालों में तब्दील किया जाएगा। इसके अलावा, गांवों की लाइफलाइन कही जाने वाली सड़कों को भी अपग्रेड करने की योजना हैग्रामीण सड़कों को अब दो लेन में बदला जाएगा, जिससे आवागमन सुलभ और तेज हो सके। खेल और युवाओं के लिए बड़ा ऐलान राजधानी पटना को खेल जगत के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए वहां एक अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सिटी के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार केवल बुनियादी ढांचा ही नहीं, बल्कि करियर की सुरक्षा भी प्रदान करेगी। प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने की योजना को प्राथमिकता दी जा रही है। मखाना किसानों के लिए विशेष पहल सीमांचल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मखाना किसानों की आय बढ़ाने के लिए भी विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से मखाना उत्पादन और उसके बाजार को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।