samacharsecretary.com

सनबर्न और टैनिंग से परेशान हैं? एलोवेरा जेल ऐसे करें इस्तेमाल

गर्मियों का मौसम त्वचा के लिए काफी मुश्किल भरा होता है। चिलचिलाती धूप, गर्म हवाएं और पसीना त्वचा के नेचुरल मॉइश्चर को छीन लेते हैं, जिससे स्किन ड्राई, बेजान और टैन दिखने लगता है। ऐसे में एलोवेरा जेल एक नेचुरल स्किनकेयर के रूप में बेहद फायदेमंद साबित होता है। एलोवेरा में विटामिन-ए, सी, ई, एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो स्किन को ठंडक पहुंचाने, धूप के असर को कम करने और स्किन को डीप नरिशमेंट देने में मदद करता है। आइए जानें गर्मी से त्वचा को राहत दिलाने के लिए एलोवेरा जेल का कैसे इस्तेमाल करें। कैसे करें एलोवेरा जेल का इस्तेमाल?     चेहरे की सफाई करें- सबसे पहले अपने चेहरे को माइल्ड फेसवॉश या क्लींजर से धोकर साफ करें। यह जरूरी है जिससे स्किन के पोर्स में जमी धूल, गंदगी और एक्स्ट्रा ऑयल हट जाए और एलोवेरा जेल अच्छे से काम कर सके।     एलोवेरा जेल तैयार करें- अगर आपके पास ताजा एलोवेरा पत्ती है तो उसे काटकर उसका जेल निकाल लें। नहीं तो मार्केट में मिलने वाला शुद्ध, बिना खुशबू और रंग वाला ऑर्गेनिक एलोवेरा जेल लें।     चेहरे पर लगाएं- अब एलोवेरा जेल को उंगलियों की मदद से पूरे चेहरे पर हल्के हाथों से लगाएं। आप सर्कुलर मोशन में मसाज करें जिससे जेल स्किन में अच्छी तरह समा जाए। यह प्रक्रिया स्किन में ब्लड सर्कुलेशन को भी बेहतर बनाती है।     थोड़ी देर छोड़ दें- एलोवेरा जेल को 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें। यह स्किन को ठंडक देगा, जलन कम करेगा और पोषण भी देगा। गर्मियों में यह सनबर्न और टैनिंग के इलाज में भी कारगर होता है।     वॉश करें या या छोड़ दें- आप चाहें तो इसे नॉर्मल पानी से वॉश कर सकते हैं या फिर रातभर स्किन जेल की तरह छोड़ सकते हैं। रातभर लगाकर छोड़ना ड्राई और सेंसिटिव स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। कुछ जरूरी टिप्स     DIY फेस पैक- एलोवेरा में नींबू की कुछ बूंदें मिलाकर टैनिंग के लिए पैक बनाएं।     टोनर के रूप में- एलोवेरा जेल और गुलाब जल मिलाकर नेचुरल टोनर तैयार करें।     एक्ने कंट्रोल- एलोवेरा में टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें मिलाकर लगाएं। गर्मियों में एलोवेरा जेल स्किन को ठंडक, पोषण और सुरक्षा देने वाला सबसे आसान और नेचुरल उपाय है। नियमित इस्तेमाल से आपकी स्किन साफ, निखरी और हेल्दी बनी रहती है।  

चुनावी माहौल में नई रणनीति: पंजाब में भाजपा ने लगाए महाराजा रंजीत सिंह के कटआउट

जालंधर. मोगा में भारतीय जनता पार्टी की बदलाव रैली के दौरान आज कई कुछ ऐसा देखने को मिला, जो अकसर भाजपा की रैली में पहले कभी नहीं देखा गया। भाजपा वाकई ही पंजाब को लेकर इस बार कितनी गंभीर है, वो आज की रैली में देखने को मिला। रैली के दौरान कई इस तरह की व्यवस्थाएं की गईं, जिससे भाजपा की रैली की सफलता की संभावनाएं बढ़ गईं। मोगा में आज की रैली के दौरान स्थल के पास कुछ कटआऊट लगाए गए थे, जिनमें भाजपा के शीर्ष नेताओं के फोटो थे। लेकिन उसमें एक ऐसी तस्वीर थी, जो पंजाब के लोगों के लिए खास अहमियत रखती है। यह तस्वीर थी, शेरे पंजाब महाराज रंजीत सिंह की। उनकी तस्वीर के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ तथा पंजाब के बड़े नेताओं की तस्वीरें थीं। महाराजा रंजीत सिंह की तस्वीर को अगर भाजपा का मास्टरस्ट्रोक कहा जाए तो वह गलत नहीं होगा। महाराजा रंजीत सिंह पंजाब के इतिहास में युगपुरुष के तौर पर जाने जाते थे। जिन्होंने सिख मिसलों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई। अफगान के आक्रमणों को रोका। अंग्रेजों को सीमाओं से दूर रखा और पंजाब को आर्थिक समृद्धि तथा सांस्कृतिक पुनर्गठन का केंद्र बनाया। उन्होंने 11 सिख मिसलों को एक झंडे के नीचे लाकर पंजाब को एक विशाल और संगठित साम्राज्य में बदला। शेर-ए- पंजाब की उपाधि से महाराजा रंजीत सिंह आज भी याद किए जाते हैं। पंजाब के लिए उनकी देन हर सिख हिंदू के लिए अहम भूमिका रखती है। भाजपा ने मोगा रैली के दौरान जिस तरह से महाराजा रंजीत सिंह को अहमियत दी, यह बात साबित करता है कि पंजाब को इस समय वाकई में ही ऐसे एक युगपुरुष की जरूरत है। महाराजा रंजीत सिंह ने कभी किसी को बेवजह तंग परेशान नहीं किया। कहा तो यह भी जाता है कि उन्होंने युद्ध के अलावा कभी किसी की जान नहीं ली और न ही कभी सिंहासन पर बैठे। हरमंदिर साहिब को सोने से सजाने का अभियान भी उनकी ही देन है। भाजपा इस कोशिश के साथ शायद यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब में एक बार फिर से ऐसे साम्राज्य की जरूरत है, जहां पर आम जनता से जुड़ी समस्याओं का हल हो सके। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने भाषण में महाराजा रंजीत सिंह का जिक्र करने के साथ साथ पंजाब का कर्ज, धर्म परिवर्तन, ड्रग्स, लॉ एंड आर्डर का जिक्र भी किया, जो इस समय सबसे बड़ी समस्याएं हैं।

राहुल की हल्की भाषा पर सीएम का बयान, कहा- वैश्विक हालात को समझें, कांग्रेस षड्यंत्र कर रही है

भोपाल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कठोर शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा है कि वैश्विक स्तर पर युद्ध के हालातों के बीच राहुल गांधी को सच्चाई समझनी चाहिए। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। जनता सब समझ रही है। इन्हीं हरकतों की वजह से कांग्रेस सत्ता से लगातार दूर बनी हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध से वैश्विक हालात गंभीर बने हुए हैं। हमारे एशिया के नजदीक घट रही घटनाओं के बीच दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश के सबसे बड़े पद पर आसीन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राहुल गांधी जिस प्रकार से हल्की भाषा बोलते हैं, मैं उनकी निंदा करता हूं। जब पूरा विश्व इन हालातों से जूझ रहा है, उसके बीच भारत सरकार और PM मोदी गैस सिलेंडर और तेल का बेहतर प्रबंधन कर रहे हैं। भारत सरकार युद्ध की चुनौती के बीच तेल के जहाज निकालकर लाई है और सुव्यवस्था स्थापित की है। राहुल गांधी पर सीएम बोले     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ हल्की भाषा बोलते हैं नेता प्रतिपक्ष     युद्ध के हालातों में तेल-गैस का बेहतर प्रबंधन कर रही भारत सरकार     देश- प्रदेश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है कांग्रेस पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठना चाहिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस और कांग्रेस के नेता जिस प्रकार से षडयंत्र कर रहे हैं, उसे जनता जानती है। इसी कारण से ये लगातार सत्ता से दूर हैं। मैं इनकी निंदा करता हूं और उम्मीद करता हूं कि नेता प्रतिपक्ष को वर्तमान की सच्चाई समझ में आएगी। इस माहौल में कांग्रेस को पक्ष-विपक्ष की भावना से ऊपर उठकर जनता को एकजुट करना चाहिए और उसके अंदर से डर की भावना को समाप्त करना चाहिए। कांग्रेस राज्य के साथ-साथ देश में गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रही है। मैं पुनः राहुल गांधी के बयानों की कठोर शब्दों में निंदा करता हूं।  

ट्रंप का ईरान में सीजफायर से इनकार, कहा- जंग बंद करने की शर्तें अस्वीकार्य

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि फिलहाल ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किसी समझौते पर बात नहीं बनी है. ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उसकी शर्तें अभी अमेरिका के लिए स्वीकार करने लायक नहीं हैं. ईरान की तरफ से उनके इस ताजा बयान पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। NBC News को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, "ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन मैं अभी इसके लिए तैयार नहीं हूं, क्योंकि उसकी शर्तें अभी अच्छी नहीं हैं." उन्होंने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई समझौता होता है तो उसकी शर्तें "बहुत मजबूत" होनी चाहिए. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हाल-फिलहाल ईरान की तरफ से क्या शर्तें रखी गई हैं और समझौते के लिए किस तरह उनसे संपर्क किया गया है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि किसी भी युद्धविराम या समझौते की एक बड़ी शर्त यह होगी कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह छोड़ दे. अमेरिका लंबे समय से ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध करता रहा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजरायल की जंग तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गई है. इन हमलों की वजह से मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है. इसका असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। जंग की वजह से तेल की कीमतों में भारी उछाल लगातार हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर असर पड़ा है और तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है. कई विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंता का कारण बनती जा रही है. ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका उन देशों से मदद मांग रहा है जिनका तेल व्यापार होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है. उनका कहना है कि इन देशों को इस अहम समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने में योगदान देना चाहिए। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में तेल के टैंकर गुजरते हैं. ट्रंप ने दावा किया कि कई देशों ने इस रास्ते की सुरक्षा में मदद करने का भरोसा दिया है, हालांकि उन्होंने इन देशों के नाम नहीं बताए। होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए दुनिया के अन्य देशों से ट्रंप की अपील राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर भी लिखा कि जो देश इस रास्ते से तेल हासिल करते हैं, उन्हें इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि कई देश अपने युद्धपोत भेज सकते हैं ताकि इस मार्ग को खुला और सुरक्षित रखा जा सके। जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिकी नौसेना जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा देगी, तो ट्रंप ने सीधे जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ कहना उचित नहीं होगा, लेकिन ऐसा होना संभव है।

भोपाल नगर निगम घोटाला: सेवतकर को हटाकर दूसरे को सौंपा वित्त विभाग, लोकायुक्त ने दर्ज की थी FIR

भोपाल  नगर निगम में फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए के भुगतान के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई के बीच वित्त और लेखा शाखा के अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर को शाखा से हटा दिया है। वहीं, अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को वित्त एवं लेखा शाखा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह फेरबदल उस समय हुआ है, जब नगर निगम का बजट पेश होने में करीब 10 दिन शेष हैं। नगर निगम का वार्षिक बजट 23 से 26 मार्च के बीच पेश होना है। बजट का ड्राफ्ट तैयार करने की अंतिम तिथि 16 मार्च तय की गई है। लोकायुक्त की छापेमारी और FIR का असर इससे ठीक पहले करोड़ों रुपये के फर्जी बिल भुगतान मामले में निगम के डाटा सेंटर सहित कई शाखाओं में छापेमारी कर लोकायुक्त ने पिछले करीब दस साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त किया है। शिकायत के आधार पर की गई प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद शुक्रवार को तत्कालीन वित्त एवं लेखा शाखा की जिम्मेदारी देख रहे अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई थी। इसके बाद निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने उन्हें इस शाखा से हटा दिया गया है। ऐन वक्त पर वित्त विभाग के प्रमुख को हटाए जाने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप है। अब मुकेश शर्मा पर बजट को अंतिम रूप देने और निगम की वित्तीय साख सुधारने की दोहरी चुनौती होगी। बता दें कि नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की थी। टीम ने निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया था। इस मामले में सेवतकर समेत अन्य पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर के बाद शनिवार को कमिश्नर जैन ने सेवतकर को हटाने की कार्रवाई की। कोर्ट से सर्च वारंट लेकर की थी छापेमारी निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई थी। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई नवंबर 2025 में मिली एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि नगर निगम में कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी बिल बनाकर सरकारी राशि का भुगतान कराया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपों के समर्थन में पर्याप्त तथ्य मिलने के बाद 9 मार्च को अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ी धाराओं में FIR दर्ज की गई। जांच एजेंसी के मुताबिक फर्जी भुगतान के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर ई-बिल तैयार किए गए। आरोप है कि कई मामलों में नगर निगम के जलकार्य विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और केंद्रीय वर्कशॉप के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए, जबकि वास्तव में ऐसे काम हुए ही नहीं। इसके बावजूद सिस्टम में बिल दर्ज कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह करीब साढ़े दस बजे नगर निगम के अलग-अलग विभागों में एक साथ कार्रवाई की। लेखा शाखा, कंप्यूटर शाखा, डेटा सेंटर, लिंक रोड-2 स्थित मुख्य कार्यालय और फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय में छापेमारी कर दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया गया। जांच अधिकारियों ने भुगतान से जुड़े SAP सॉफ्टवेयर का डेटा भी जब्त किया है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि सर्वर डेटा की पड़ताल के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन-किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तव में उन कार्यों का निष्पादन हुआ या नहीं। जांच के दौरान अन्य अधिकारियों और निजी फर्मों की भूमिका भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। इस बीच अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नगर निगम में बिल सीधे लेखा शाखा से तैयार या स्वीकृत नहीं किए जाते। संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद ही बिल आते हैं और फंड की उपलब्धता के आधार पर आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है। फिलहाल लोकायुक्त की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। यह मामला सरकारी संस्थाओं में वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, जिस पर प्रशासन और आम जनता दोनों की नजर बनी हुई है। ये गड़बड़ी आई थी सामने आरोप है कि नगर निगम के जलकार्य, सामान्य प्रशासन और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए। कई मामलों में वास्तव में काम हुआ ही नहीं, लेकिन सिस्टम में ई-बिल तैयार कर दिए गए। कुछ मामलों में जिस विभाग के नाम से बिल बनाए गए, उन्हें ही इसकी जानकारी नहीं थी। इन जगहों पर हुई थी छापेमारी लोकायुक्त पुलिस ने निगम के लेखा शाखा, कंप्यूटर शाखा, डाटा सेंटर, लिंक रोड-2 स्थित मुख्य कार्यालय और फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय में एक साथ छापेमारी की। लोकायुक्त का कहना है कि डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में अन्य कर्मचारियों और फर्मों की भूमिका भी सामने आ सकती है। SAP सॉफ्टवेयर का डाटा जब्त किया प्रारंभिक जांच में मोटर वर्क शाखा, जल कार्य विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े कुछ कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच टीम ने भुगतान से जुड़े SAP सॉफ्टवेयर का डिजिटल डाटा भी कब्जे में लिया है। अब इसकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तव में काम हुआ भी था या नहीं। इस मामले में अपर आयुक्त ने कहा- कमिश्नर से चर्चा के बाद भुगतान इस मामले में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर ने कहा था कि लेखा शाखा में बिल सीधे तैयार या पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार … Read more

अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बदायूं सीबीजी प्लांट मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी गठित बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल का किया गठन एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से करेगी जांच अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत होगी कार्रवाई: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है: मुख्यमंत्री बदायूं   जनपद बदायूं स्थित सीबीजी प्लांट में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बरेली मंडल के मंडलायुक्त की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि मामले में त्वरित कार्रवाई की गई है और घटना की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या संभावित साजिश की स्थिति सामने आने पर जिम्मेदार लोगों को चिन्हित कर कड़ी कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि इस मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके बावजूद यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की साजिश या अन्य आपराधिक संलिप्तता के संकेत मिलते हैं तो प्रदेश सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। घटना के बाद प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीबीजी प्लांट परिसर की सुरक्षा बढ़ाते हुए वहां पुलिस चौकी की स्थापना कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की किसी भी घटना की संभावना को रोका जा सके और औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना में प्रभावित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मामले की जांच पूरी गंभीरता के साथ की जाए तथा किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।

AI का दुरुपयोग पड़ा भारी: निशांत और मैथिली ठाकुर की फर्जी फोटो वायरल करने वाला आरोपी पकड़ा गया

फतेहपुर/गया. सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोवर बढ़ाने की चाह में की गई एक लापरवाही एक युवक के लिए बड़ी मुसीबत बन गई। एआई तकनीक का इस्तेमाल कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार तथा अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक मैथिली ठाकुर की आपत्तिजनक तस्वीर बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक फतेहपुर थाना क्षेत्र के शब्दों गांव निवासी विकास कुमार यादव 35 है। आरोप है कि उसने एक सप्ताह पूर्व फेसबुक पर एआई तकनीक की मदद से निशांत कुमार और विधायक मैथिली ठाकुर से जुड़ी कुछ आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर उन्हें सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। पोस्ट वायरल होते ही मामला तेजी से फैल गया और पुलिस तक इसकी सूचना पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फतेहपुर पुलिस तुरंत हरकत में आई और शनिवार की शाम आरोपी युवक को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। युवक ने वीडियो किया पोस्ट गिरफ्तारी के बाद युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी पोस्ट किया। थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री पोस्ट करने की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में गैर कानूनी कार्य है। थानाध्यक्ष ने बताया कि किसी भी व्यक्ति की आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या संदेश बनाकर अथवा एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। फर्जी सामग्री न करें पोस्ट थानाध्यक्ष ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें। किसी भी प्रकार की भ्रामक, फर्जी या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचें। यदि किसी के पास इस तरह की कोई सामग्री आती है तो उसे आगे शेयर करने के बजाय तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि तकनीक का सही उपयोग समाज के लिए लाभदायक है। लेकिन इसका दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

बुजुर्गों की सुरक्षा और देखभाल: हरियाणा में ‘प्रहरी’ पहल, स्वयंसेवक करेंगे नियमित मुलाकात

चंडीगढ़. उम्र के आखिरी पड़ाव में अकेलेपन का दंश झेल रहे हरियाणा के बुजुर्गों के लिए एक बेहद सुकून भरी खबर है। राज्य सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी 'प्रहरी' योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब प्रदेश भर में एक हजार 'स्वयंसेवकों' की फौज उतारने का फैसला किया है। ये वॉलंटियर न सिर्फ नियमित रूप से बुजुर्गों के घर जाकर उनका हालचाल जानेंगे, बल्कि बीमारी या किसी अन्य जरूरत के वक्त तुरंत सरकारी मशीनरी को एक्टिव कर उनकी मदद भी सुनिश्चित करेंगे। दरअसल, साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने 80 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए इस अनूठी योजना का खाका खींचा था। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे नई रफ्तार देते हुए इसके लिए अलग से बजट का भी भारी-भरकम प्रावधान कर दिया है। सरकार की इस पहल से उन बुजुर्गों को सबसे बड़ा संबल मिलेगा, जिनके बच्चे नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में दूर शहरों या विदेशों में बस गए हैं। प्रहरी योजना के इस राज्यव्यापी विस्तार का सीधा असर हरियाणा के करीब तीन लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों की जिंदगी पर पड़ेगा। मैदान में उतरे ये स्वयंसेवक सिर्फ हालचाल पूछने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आपात स्थिति में एंबुलेंस बुलाने से लेकर अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ दिलाने तक हर मोर्चे पर मुस्तैद दिखेंगे। एक तरह से ये वॉलंटियर बुजुर्गों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बीच एक मजबूत सेतु का काम करेंगे। इस नेक काम में राज्य सरकार ने समाज के उन रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को भी शामिल करने का फैसला किया है, जो अपनी दूसरी पारी में समाजसेवा का जज्बा रखते हैं। फिलहाल रोहतक, गुरुग्राम, भिवानी और पंचकूला समेत प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों में डे-केयर सेंटर शानदार तरीके से चल रहे हैं। इन सेंटरों का मुख्य मकसद बुजुर्गों को दिन के वक्त एक ऐसा खुशनुमा और सुरक्षित माहौल देना है, जहां वे अपनी हमउम्र संगत के साथ अपना अकेलापन बांट सकें। बुजुर्गों को स्थायी छत और पक्का आसरा देने के लिए राज्य के हर प्रमुख शहर में 'वरिष्ठ नागरिक सेवा आश्रम' खोलने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है। रेवाड़ी और करनाल में ये आश्रम बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 14 नए स्थानों को भी इस नेक काम के लिए चिन्हित कर लिया गया है। इसके अलावा, पानीपत और अंबाला में रेडक्रॉस सोसाइटी अपना मोर्चा संभाले हुए है, वहीं पंचकूला में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड का आधुनिक वृद्धाश्रम बेसहारा बुजुर्गों के लिए एक बड़ी उम्मीद बना हुआ है।  

स्टेज पर दिखा भावुक दृश्य: गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के पैर छुए, मूसेवाला को कविता से किया याद

मानसा. पंजाबी संगीत जगत के वरिष्ठ गायक गुरदास मान रविवार सुबह दिवंगत गायक सिद्धू मूसेवाला के गांव मूसा पहुंचे। यहां उन्होंने मूसेवाला की हवेली में जाकर परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया जब गुरदासमान ने पहले शुभदीप (सिद्धू मूसेवाला) के भाई के पैरों को छुआ और उसके बाद छोटे मूसेवाला ने भी उनके पैरों को छू सिर झुकाया। जानकारी के अनुसार गुरदास मान शनिवार रात मानसा में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंच से सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए विशेष रूप से लिखी गई कविता भी सुनाई। कविता की पंक्तियां सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। मान ने मंच से कहा था कि वह सिद्धू के शहर आए हैं और उसके घर गए बिना वापस नहीं लौटेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सिद्धू मूसेवाला की आवाज और उसकी शायरी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। उन्होंने मंच से पंक्तियां पढ़ते हुए सिद्धू को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उसके गीत और उसका जज्बा हमेशा याद रखा जाएगा। छोटे सिद्धू को देखते ही रह गए गुरदास मान रविवार सुबह गुरदास मान सीधे गांव मूसा पहुंचे। इस दौरान जब सिद्धू की माता चरण कौर ने उनका स्वागत किया तो गुरदास मान ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद जब उन्होंने सिद्धू के छोटे भाई को देखा तो वे भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह तो बिल्कुल हूबहू शुभदीप जैसा दिखाई देता है, वही चेहरा और वही जज्बा नजर आता है। इसके बाद अचानक से गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के पैरों को छू लिया। इसके बाद माता चरण कौर ने छोटे शुभदीप को गुरदास मान के पैर छूने को कहा। गुरदास मान ने छोटे सिद्धू के नन्हें हाथों को अपने हाथों में लिया और चूम लिया। बोले- क्या बात है, ग्रेट…। शुभदीप की तस्वीर को किया सेल्यूट इसके बाद गुरदास मान मूसेवाला की हवेली के अंदर गए। सबसे पहले उनकी तस्वीर को नमन किया। उन्होंने तस्वीर के सामने खड़े होकर श्रद्धांजलि अर्पित की और कुछ क्षण मौन भी रखा। इसके बाद गुरदासमान ने उनकी तस्वीर को सेल्यूट भी किया। गुरदास मान ने इस दौरान परिवार के साथ कुछ समय बिताया और सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए कहा कि उसका नाम और उसकी आवाज हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनके इस दौरे के दौरान गांव मूसा में भावनात्मक माहौल बना रहा।

हरियाणा में सुरक्षा पर फोकस: CM सैनी ने सड़क किनारे बिजली के खंभों को लेकर लिया बड़ा एक्शन

चंडीगढ़. हरियाणा में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए सरकार ने अब बिजली के बुनियादी ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों के बिल्कुल साथ सटे बिजली के खंभे अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। चंडीगढ़ में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सीएम ने निर्देश दिए कि नए खंभे लगाते समय सड़क के किनारे से कम से कम 3 फीट की दूरी सुनिश्चित की जाए। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि वाहन चालकों को पर्याप्त जगह मिल सके और अनियंत्रित होने की स्थिति में गाड़ियां सीधे खंभों से न टकराएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने केवल नए नियमों की बात नहीं की, बल्कि सड़कों के किनारे खड़े पुराने और खतरनाक खंभों को लेकर भी सख्त लहजे में बात की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो खंभे जर्जर हो चुके हैं या जिनका अब कोई उपयोग नहीं रह गया है, उन्हें तुरंत हटाया जाए। अक्सर देखा गया है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद पुराने खंभे बीच रास्ते या बिल्कुल किनारे रह जाते हैं, जो रात के अंधेरे में जानलेवा साबित होते हैं। अब ऐसे सभी 'ब्लैक स्पॉट्स' को चिन्हित कर सफाई अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने एक अहम पहलू संसाधनों की बर्बादी को लेकर भी उठाया। उन्होंने निर्देश दिए कि हटाए गए खंभों का प्रॉपर स्टॉक रिकॉर्ड बनाया जाए। सीएम का विजन साफ है कि जो खंभे हटाए जा रहे हैं, अगर वे ठीक हालत में हैं तो उन्हें बेकार छोड़ने के बजाय किसी अन्य उपयोगी जगह पर लगाया जाए। लोक निर्माण मंत्री रणबीर सिंह गंगवा की मौजूदगी में सीएम ने विभागों के बीच आपसी तालमेल (Inter-departmental coordination) की कमी पर भी चुटकी ली और कहा कि जनहित की योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की नीतियों का असली मकसद आम आदमी का जीवन सरल बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखें, बल्कि पारदर्शिता और दक्षता के साथ जमीन पर उतारें। सड़कों को बाधा मुक्त बनाने का यह मिशन न केवल प्रदेश के विकास को गति देगा, बल्कि कीमती जानों को बचाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।