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अचानक बदला मौसम: रांची में दिन में ही छाया अंधेरा, बिजली-गर्जन के साथ बारिश

रांची झारखंड के रांची में रविवार को दोपहर 4 बजे अचानक आसमान काले बादलों से छा गया और वज्रपात, बिजली और गर्जन के साथ मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया। हालांकि बारिश केवल हल्की ही हुई। झारखंड के जमशेदपुर, कोडरमा और कई अन्य जिलों में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री और न्यूनतम 18.1 डिग्री दर्ज हुआ। यहां दोपहर में तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। लातेहार में अधिकतम तापमान केवल 30 डिग्री और न्यूनतम 20 डिग्री दर्ज हुआ। यहां हल्की ठंडी हवा ने दिन को आरामदायक बनाया। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में असम की तरफ बने अपर ऐयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण झारखंड में बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। आज अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट हो सकती है। देवघर, गोड्डा, साहिबगंज, रांची, खूंटी, हजारीबाग, बोकारो, पलामू और कोडरमा जैसे जिलों में तापमान 32-34 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। दक्षिणी जिलों में जमशेदपुर, सरायकेला खरसावां और सिमडेगा में अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री रह सकता है। न्यूनतम तापमान 18-21 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। इन जिलों में अलर्ट ऑरेंज अलर्ट: बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, रांची, खूंटी, रामगढ़, देवघर, साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़, गिरिडीह, सरायकेला खरसावां और जमशेदपुर में। हवा की गति 70 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है।  येलो अलर्ट: पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गढ़वा, चतरा और सिमडेगा में। हवा की गति 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और गर्जन के साथ बारिश की भी संभावना है। वहीं, झारखंड में मौसम आज थोड़ी राहत देगा, लेकिन वज्रपात और तेज हवा के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।  

नींबू-पानी बेचने वाला बन गया करोड़पति, 782 करोड़ के गबन मामले में जांच जारी, दो निगम अधिकारी सस्पेंड

चंडीगढ़  चंडीगढ़ और हरियाणा में 782 करोड़ रुपए के गबन का मास्टरमाइंड विक्रम वधावा सेक्टर-19 स्थित शराब ठेके के सामने नींबू-पानी की रेहड़ी लगाता था। धीरे-धीरे उसने शहर के कई कारोबारियों, बिल्डरों और ब्यूरोक्रेट्स से संबंध बना लिए, जिसके बाद वह करोड़पति बन गया। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के पास चंडीगढ़ के सेक्टर-33 और सेक्टर-36 में करोड़ों रुपए की कोठियां हैं। इसके अलावा मोहाली के खरड़ क्षेत्र में उसने प्रिज्मा रेजीडेंसी एलएलपी के नाम से एक हाउसिंग सोसाइटी भी विकसित की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा निवेश रिभव ऋषि की ओर से किया गया था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कई ब्यूरोक्रेट्स और कारोबारियों के नाम लिए हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन लोगों के साथ विक्रम वधावा के क्या संबंध थे और किस तरह से इनसे काम करवाया जाता था। आरोपी वधावा से चंडीगढ़ पुलिस पूछताछ कर रही है। लुकआउट सर्कुलर के बाद पकड़ा गया हरियाणा में 590 करोड़ रुपए के गबन में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के पूर्व मैनेजर रिभव ऋषि ने जब पूछताछ में विक्रम वधावा का नाम लिया तो वह रातों-रात चंडीगढ़ से शिमला भागकर वहां छिप गया था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 27 फरवरी की रात वह प्राइवेट गाड़ी से शिमला पहुंचा और वहां दो दिन तक छिपा रहा। इसी दौरान उसने अपने खास लोगों के जरिए यह अफवाह भी फैलवा दी कि वह विदेश भाग सकता है, ताकि जांच एजेंसियों का ध्यान भटकाया जा सके। इसके बाद हरियाणा विजिलेंस ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया। LOC जारी होने के बाद विक्रम शिमला से आधी रात को निकलकर मोहाली पहुंच गया और वहां रिश्तेदारों व दोस्तों के यहां छिपता रहा। बाद में वह खरड़ के एक फ्लैट में पहुंचा, जहां चंडीगढ़ पुलिस को सूचना मिल गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पत्नी और बच्चों के नाम भी अकाउंट प्राथमिक जांच में पता चला है कि विक्रम वधावा के चंडीगढ़ के चार प्राइवेट बैंकों में खाते हैं। इसके अलावा उसकी पत्नी और दो बच्चों के नाम से भी अलग-अलग बैंक अकाउंट हैं। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि इन खातों में करोड़ों रुपए जमा हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने संबंधित बैंकों को खातों की पूरी जानकारी और स्टेटमेंट उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है।

अवैध कॉल सेंटर पर ED की सख्त कार्रवाई, बंगाल में 10 ठिकानों पर एक साथ रेड

   कोलकाता पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच एजेंसी की टीमों ने राज्य के अलग-अलग कई इलाकों में छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई एक अवैध कॉल सेंटर चलाने और लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले से जुड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि सिलीगुड़ी, हावड़ा, बिधाननगर और दुर्गापुर जैसे इलाकों में करीब 10 जगहों पर तलाशी ली गई। इस मामले में सुरश्री कर, सम्राट घोष और सुभजीत चक्रवर्ती के नाम मुख्य रूप से सामने आए हैं। एजेंसी इन लोगों और इनके साथियों के ठिकानों पर जरूरी सबूत तलाश रही है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने कॉल सेंटर के जरिए बहुत से मासूम लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे बड़ी रकम ठगी है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि इस मामले का कोई संबंध चुनावी फंडिंग या राजनीति से है या नहीं। जांच एजेंसी हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है। ईडी के अधिकारी जब्त किए गए दस्तावेजों और सामानों की जांच कर रहे हैं ताकि इस गिरोह की पूरी सच्चाई सामने आ सके। यह छापेमारी एसे समय में हुई है जब बंगाल में चुनावी माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। चुनाव आयोग ने हाल ही में राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा की है। बंगाल में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है। चुनाव के नतीजों का एलान 4 मई को असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के साथ होगा।

IPL 2026 की तैयारी में जुटी Mumbai Indians, अभ्यास कैंप शुरू; कुछ दिन में टीम से जुड़ेंगे रोहित-हार्दिक और बुमराह

नई दिल्ली पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने मुंबई में IPL 2026 के लिए अपना प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप शुरू किया है। सोमवार को मुंबई में आधिकारिक प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप शुरू हुआ, जिसमें खिलाड़ियों ने फिटनेस, एजिलिटी ड्रिल्स और स्किल सेशन पूरे किए। पांच बार की चैम्पियन मुंबई इंडियंस ने सोमवार को 28 मार्च से शुरू हो रहे इंडियन प्रीमियर लीग के आगामी सत्र के लिये अभ्यास शुरू कर दिया। पहले सत्र के दौरान मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने मैदान पर मौजूद रहे। उनके साथ गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे और लसिथ मलिंगा, फील्डिंग कोच कार्ल हॉपकिंसन के साथ-साथ पूरी स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग और फिजियोथेरेपी सहयोगी टीमें भी मौजूद रहीं। हालांकि टीम के कप्तान हार्दिक पांड्या अभी तक टीम से जुड़े नहीं हैं। अभ्यास के लिये पहुंचने वाले पहले समूह में शार्दुल ठाकुर, मयंक मार्कंडेय, अल्लाह गजांफर, नमन धीर, राजा अंगद बावा, रॉबिन मिंज, रघु शर्मा, मयंक रावत, दानिश मालेवार, मोहम्मद इजहार और अश्वनी कुमार शामिल थे । रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और कप्तान हार्दिक पांड्या आने वाले दिनों में शिविर में जुड़ेंगे। मुंबई इंडियंस के मुख्य कोच महेला जयवर्धने ने कहा ,'' सत्र के पूर्व शिविर में पहला दिन हमेशा खास होता है । खिलाड़ी आते हैं, ऊर्जा का संचार होता है और अच्छे प्रदर्शन पर जोर रहता है । हमारे पास मुंबई इंडियंस के साथ काफी समय से जुड़े खिलाड़ी और कुछ नये चेहरे भी हैं ।'' मुंबई इंडियंस को पहला मैच 29 मार्च को वानखेड़े स्टेडियम पर कोलकाता नाइट राइडर्स से खेलना है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा है कि रोहित शर्मा इस समय सबसे फिट, सबसे तेज और शायद सबसे मजबूत खिलाड़ी हैं। जियो स्टार के एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने कहा, “तर्क के हिसाब से, अगर आप अनफिट हैं, तो आपको पूरा मैच खेलना चाहिए, न कि सब्स्टिट्यूट होना चाहिए। खासकर तब, जब आप दूसरी पारी में बैटिंग कर रहे हों; आपको 'इम्पैक्ट प्लेयर' के तौर पर मैदान पर नहीं उतरना चाहिए। एक ओपनर को डगआउट में बैठकर 20 ओवर का मैच देखने की आदत नहीं होती। ओपनिंग बैट्समैन मैदान पर रहने, उसी हिसाब से तैयारी करने और फिर तुरंत एक्शन में आने के आदी होते हैं। रोहित शर्मा इस समय सबसे फ़िट, सबसे तेज और शायद सबसे मजबूत खिलाड़ी हैं; इसलिए उन्हें पूरे 40 ओवर मैदान पर रहना चाहिए। असल में, इसी तरह मुंबई इंडियंस रोहित शर्मा का पूरा फायदा उठा पाएगी।” आईपीएल 2026 के लिए मुंबई इंडियंस टीम: हार्दिक पंड्या, रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, रयान रिकलटन, रॉबिन मिंज, राज बावा, रघु शर्मा, मिशेल सेंटनर, कॉर्बिन बॉश, नमन धीर, जसप्रित बुमरा, ट्रेंट बोल्ट, अल्लाह गफ़नज़ार, अश्विनी कुमार, दीपक चाहर, विल जैक, शेरफेन रदरफोर्ड, मयंक मारकंडे, शार्दुल ठाकुर, क्विंटन डी कॉक, दानिश मालेवार, मोहम्मद इज़हार, अथर्व अंकोलेकर, मयंक रावत।  

4 अप्रैल को दिल्ली में TET अनिवार्यता के खिलाफ होगा बड़ा प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ से 25 हजार शिक्षक हिस्सा लेंगे

रायपुर  टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में देशभर के शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन का निर्णय लिया है। इस क्रम में चार अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा, जिसमें छत्तीसगढ़ से 25 हजार से अधिक शिक्षक भाग लेंगे। आंदोलन की तैयारियों के लिए रायपुर में शिक्षक संगठनों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिक्षक नेता केदार जैन, मनीष मिश्रा, रविंद्र राठौर और जाकेश साहू सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे। टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के बैनर तले हुई बैठक टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (टीएफआई) के बैनर तले सभी संगठनों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। बैठक में बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के अनुसार सभी शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। यदि कोई शिक्षक दो वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण नहीं करता है, तो उसकी नौकरी पर संकट आ सकता है। इस निर्णय को लेकर देशभर के शिक्षकों में असंतोष है। करीब 82हजार शिक्षक टीईटी पास नहीं बैठक में आंदोलन की तैयारियों को मजबूत करने के लिए 21 मार्च को राज्य के सभी जिलों में और 24 मार्च को सभी 146 विकासखंडों में समन्वय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ में करीब 82 हजार शिक्षक ऐसे हैं जो टीईटी क्वालिफाइड नहीं हैं, जिनमें से अधिकांश की नियुक्ति उस समय हुई थी जब टीईटी अनिवार्य नहीं था। नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह नियम वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू होगा। ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति 2010 के बाद हुई है, उन्हें नियुक्ति के दो सालों के भीतर टीईटी पास करना होगा। कोर्ट ने साफ किया है कि संपूर्ण देश के सभी राज्यों को इस आदेश का पालन करना अनिवार्य है। एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के समान ही एक याचिका छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट, बिलासपुर में भी लंबित है। इसमें शिक्षकों ने टीईटी को पदोन्नति में अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।

हर क्षेत्र तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय

छत्तीसगढ़ को मिली डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट, लोगों को मिलेगा बेहतर इलाज का लाभ चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने मुख्यमंत्री का सम्मान कर जताया आभार रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में चिकित्सक संगठन एवं मेडिकल छात्राओं ने सौजन्य मुलाकात की और प्रदेश को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट मिलने पर उनका आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार प्राथमिकता के साथ बेहतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेशवासियों को सहज और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज हुआ करता था, जिसमें लगभग 100 से 150 सीटें थीं। आज प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर 14 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं, जिनमें लगभग 1400 सीटें उपलब्ध हैं। इसके साथ ही फिजियोथेरेपी, नर्सिंग सहित अन्य उच्च शैक्षणिक संस्थान भी स्थापित हुए हैं, जिनका लाभ प्रदेश के विद्यार्थियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में मेडिको सिटी की स्थापना की जा रही है, जहां बड़े-बड़े सुपरस्पेशलिटी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को डीएम कार्डियोलॉजिस्ट की 2 सीट प्रदान किए जाने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के प्रति भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर तुलसी कौशिक, डॉ. देवेंद्र कश्यप सहित जूडो और मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

रायपुर: ‘मरीजों की सेहत से नहीं होगा कोई समझौता’ – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : मरीजों की सेहत से समझौता नहीं – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य मंत्री का मनेन्द्रगढ़ सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण रायपुर  प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने  शासकीय सिविल अस्पताल मनेन्द्रगढ़ का औचक निरीक्षण कर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना तथा उन्हें मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में उपचार व्यवस्था, दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा अन्य व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों एवं अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक जानकारी लेते हुए मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर इलाज और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का औपचारिक निरीक्षण किया। रविवार होने के कारण ओपीडी बंद थी, इसके बावजूद उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और साफ-सफाई को लेकर संतोष व्यक्त किया। सीएचएमओ डॉ. खरे ने बताया कि अस्पताल परिसर में अनावश्यक रूप से आने वाले अवांछनीय तत्वों की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। ऐसे लोगों पर निगरानी रखने के लिए अस्पताल में सुरक्षा गार्ड की व्यवस्था की गई है, जो दो शिफ्टों में तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में जब मेडिकल कॉलेज प्रारंभ होगा, तब सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। इस दौरान सीएचएमओ डॉ. अविनाश खरे, स्वप्निल तिवारी, मंडल अध्यक्ष रवि वर्मा सहित अस्पताल के चिकित्सक, अधिकारी एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

नेतन्याहू ने जो वीडियो शेयर किया था, उससे खारिज हुई मौत की अफवाह, Grok ने उसे डीपफेक बताया!

यरुशलम इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं. पिछले हफ्ते से इंटरनेट पर उनके बारे में अजीब तरह की अफवाहें चल रही थीं. कुछ यूजर्स दावा कर रहे थे कि नेतन्याहू की मौत हो गई है या उन्हें ईरानी अटैक में मार दिया गया है। इन अफवाहों की शुरुआत एक वायरल वीडियो से हुई, जिसमें दावा किया गया कि नेतन्याहू के हाथ में 6 उंगलियां दिखाई दे रही हैं. सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे AI जनरेटेड वीडियो बताया और सवाल उठाए कि कहीं यह असली व्यक्ति की जगह डिजिटल डबल तो नहीं है. यही से नेतन्याहू जिंदा हैं या नहीं जैसी थ्योरी फैलने लगी। चूंकि वो अब तक लाइव नहीं आए हैं, इसलिए इस तरह के अफवाहों को बल मिल रहा है. इसी बीच उनके X हैंडल से एक नया वीडियो पोस्ट किया गया है. हालांकि इंटरनेट पर लोग इस वीडियो पर भी सवाल उठा रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि ये वीडियो AI जेनेरेटेड तो नहीं है, लेकिन इसमें नेतन्याहू के बॉडी डबल का यूज किया गया है. हालांकि Elon Musk का Grok इस वीडियो को भी नकली बता रहा है। क्या नया वीडियो Deepfake है? रविवार को नेतन्याहू के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक नया वीडियो सामने आया. इस वीडियो में वह एक कैफे में खड़े दिखाई देते हैं और कॉफी पीते हुए मजाकिया अंदाज में उन अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हैं। वीडियो में वह कहते हैं कि लोग कह रहे हैं कि वह मर चुके हैं, लेकिन वह खुद कॉफी पीते हुए दिखाई दे रहे हैं। Grok ने नए वीडियो को बताया Deepfake यानी नकली एलन मस्क की कंपनी xAI के AI चैटबॉट Grok ने इस वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया. सोशल मीडिया पर एक यूजर ने जब Grok से पूछा कि यह वीडियो असली है या नहीं, तो चैटबॉट ने जवाब दिया कि यह AI से बना Deepfake वीडियो हो सकता है। Grok ने कहा कि वीडियो में कई ऐसे संकेत हैं जो AI जनरेशन की ओर इशारा करते हैं. कुछ यूजर्स ने वीडियो में अजीब लिप सिंक, कप में कॉफी का असामान्य स्तर और बैकग्राउंड के कुछ अस्वाभाविक हिस्सों की ओर भी ध्यान दिलाया. इसी वजह से इंटरनेट पर बहस और तेज हो गई कि यह वीडियो असली है या AI से बनाया गया। कैफे की तस्वरीरें भी की गई हैं जारी हालांकि इस बीच उस कैफे की तरफ से तस्वीरें भी जारी की गईं, जहां नेतन्याहू को कॉफी लेते हुए देखा गया था. कैफे ने कहा कि प्रधानमंत्री सच में वहां आए थे और तस्वीरें उसी समय की हैं. इससे यह दावा भी किया गया कि नेतन्याहू बिल्कुल जिंदा और सक्रिय हैं। दरअसल यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में हालात काफी संवेदनशील बने हुए हैं. इसी माहौल में नेतन्याहू की मौत से जुड़ी अफवाहें भी तेजी से फैलने लगीं कि ईरान द्वारा किए गए हमले मे उनकी मौत हो गई है। AI की वजह से हो रही कन्फ्यूजन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि AI के दौर में असली और नकली वीडियो में फर्क करना कितना मुश्किल होता जा रहा है. Deepfake तकनीक से बनाए गए वीडियो इतने असली लग सकते हैं कि आम लोगों के लिए सच और झूठ में फर्क करना आसान नहीं रहता। अब सोशल मीडिया पर बहस जारी है. कुछ लोग कह रहे हैं कि वीडियो असली है और AI चैटबॉट ने गलती की है, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इसे Deepfake मान रहे हैं।

मध्य प्रदेश में LPG संकट: गैस की कमी से ठंडी पड़ी रसोई, होटल-ढाबे बंद होने के कगार पर, 3 दीनदयाल रसोई हुई बंद

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस का गंभीर संकट सामने आ गया है। घरेलू रसोई से लेकर होटल-ढाबों तक चूल्हे ठंडे पड़ने लगे हैं। एक ओर घरेलू गैस सिलेंडर के लिए आम लोग घंटों लाइन में खड़े हैं, तो दूसरी ओर कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई लगभग बंद होने से होटल-रेस्टोरेंट और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट की बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात को माना जा रहा है। Strait of Hormuz में तनाव और समुद्री मार्ग प्रभावित होने से भारत के एलपीजी आयात पर असर पड़ा है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों-भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन-से गैस की किल्लत और आम लोगों की परेशानी की खबरें सामने आ रही हैं। राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा परेशानी राजधानी भोपाल में गैस संकट ने लोगों की रसोई पर सीधा असर डाला है। जहांगीराबाद, बोगदा पुल, कोहेफिजा, टीटी नगर और शिवाजी नगर जैसे इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। जहांगीराबाद की निवासी शीबा खान बताती हैं कि 13 मार्च को मोबाइल पर गैस डिलीवरी का मैसेज आया था, लेकिन तीन दिन बाद भी सिलेंडर नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि मजबूरी में रिश्तेदारों के यहां खाना बनाना पड़ रहा है और बच्चों को भी परेशानी हो रही है। इसी तरह बोगदा पुल निवासी मोहम्मद रियाज ने गैस नहीं मिलने पर इंडक्शन चूल्हा खरीद लिया। उनका कहना है कि तीन दिन तक घर में गैस नहीं थी, इसलिए बिजली से खाना बनाना पड़ रहा है। शहर में इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक बढ़ गई है और दुकानदारों के अनुसार बिक्री में लगभग 70-80 प्रतिशत तक उछाल आया है। एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। कई जगह ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम भी दबाव के कारण धीमा या क्रैश हो रहा है। लोगों का कहना है कि पहले जहां सिलेंडर 2-3 दिन में मिल जाता था, अब 5-7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा नए नियम के अनुसार अब सिलेंडर की अगली बुकिंग 25 दिन बाद ही संभव है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है। कमर्शियल सिलेंडर संकट से होटल-ढाबे संकट में कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई लगभग ठप होने से होटल और ढाबों पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है। प्रदेश में 19 किलो वाले सिलेंडर की सप्लाई पिछले कई दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। ऑयल कंपनियों-Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum-के अनुसार उपलब्ध सीमित स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, रेलवे, सेना और अन्य आपात सेवाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली का कहना है कि राजधानी में करीब 1500 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना हजारों कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत होती है। जिनके पास थोड़ा स्टॉक है, वे कुछ दिन काम चला रहे हैं, लेकिन अगर सप्लाई जल्द शुरू नहीं हुई तो कई होटल बंद हो सकते हैं। ग्वालियर में गैस सिलेंडर की किल्लत के कारण चार में से तीन दीनदयाल रसोई बंद हो गई हैं। इससे जरूरतमंदों को मिलने वाले भोजन की थालियों की संख्या में भारी गिरावट आई है। पहले जहां औसतन 3700 थालियां वितरित होती थीं, वहीं अब यह संख्या घटकर मात्र 1300 रह गई है। वर्तमान में केवल अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर स्थित दीनदयाल रसोई ही चालू है। यहीं से सीमित मात्रा में भोजन तैयार कर इंटक मैदान भेजा जा रहा है। झांसी रोड बस स्टैंड की रसोई भी पूरी तरह बंद हो चुकी है। यदि सिलेंडर की आपूर्ति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो अंतरराज्यीय बस स्टैंड की रसोई भी बंद हो सकती है। कई छोटे ढाबों और चाय-नाश्ते की दुकानों ने लकड़ी या कोयले के चूल्हे का सहारा लेना शुरू कर दिया है, लेकिन यह तरीका महंगा और असुविधाजनक है। अन्य शहरों में भी बढ़ी परेशानी सिर्फ भोपाल ही नहीं, बल्कि इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में भी कमर्शियल गैस की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही हैं। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सप्लाई बहाल नहीं हुई तो हजारों लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है। सरकार का दावा: घरेलू गैस की कमी नहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में घरेलू एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उनके अनुसार पैनिक बुकिंग और अफवाहों के कारण वितरण प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में भोपाल में एक बंद गोदाम से सैकड़ों सिलेंडर जब्त किए गए। जिला कलेक्टरों को भी स्टॉक की निगरानी और अवैध बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आम आदमी और छोटे कारोबार पर असर एलपीजी संकट का असर सबसे ज्यादा आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर दिखाई दे रहा है।     कई घरों में खाना पकाने में मुश्किल     महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित     चाय-नाश्ता और छोटे ढाबों की कमाई ठप     ब्लैक मार्केट में सिलेंडर की कीमत कई गुना तक बढ़ी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन जल्द सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। संकट सिर्फ गैस का नहीं, रोजी-रोटी का एलपीजी की यह किल्लत अब सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं रही। यह लाखों परिवारों की रोजी-रोटी और छोटे कारोबार की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने लगी है। लोग अब इंडक्शन और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर बढ़ रहे हैं, लेकिन यह अस्थायी समाधान ही है। अगर वैश्विक हालात जल्द नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में गैस संकट और गहरा सकता है।

फरीदाबाद में अवैध कॉलोनियों की बाढ़, ACB रिपोर्ट ने खोली 10 साल की पोल

फरीदाबाद हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पिछले 10 वर्षों के दौरान 1017 अवैध कॉलोनियां विकसित होने का बड़ा खुलासा हुआ है। यह जानकारी हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की रिपोर्ट में सामने आई है। यह रिपोर्ट पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर तैयार की गई है और इसे जल्द ही कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा। हाई कोर्ट के आदेश पर तैयार किया गया डाटा दरअसल, गुरुग्राम निवासी अशोक मुंजाल ने प्रदेश में तेजी से बस रही अवैध कॉलोनियों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो को प्रदेश में विकसित हुई अवैध कॉलोनियों का विस्तृत डाटा तैयार करने के निर्देश दिए थे। इसी आदेश के तहत फरीदाबाद समेत अन्य जिलों का आंकड़ा जुटाया गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो के एसपी अनिल यादव ने बताया कि हाई कोर्ट ने उन अधिकारियों के नामों की सूची भी मांगी है, जिनके कार्यकाल के दौरान ये अवैध कॉलोनियां विकसित हुईं। हालांकि, संबंधित विभागों की ओर से अभी तक इस संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। एसीबी की ओर से इस मामले में दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। इन इलाकों में सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां एसीबी की जांच में सामने आया है कि सबसे ज्यादा अवैध कॉलोनियां ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में विकसित हुई हैं। यहां करीब 500 कॉलोनियां बसाई गई हैं। इसके अलावा पृथला, आईएमटी, बसंतपुर, पल्ला, सेहतपुर, अगवानपुर, ददसिया, टिकावली और वजीरपुर जैसे इलाकों में भी बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां विकसित हुई हैं। इन क्षेत्रों में 300 से अधिक कॉलोनियां पाई गई हैं। इन विभागों पर होती है रोकथाम की जिम्मेदारी अवैध कॉलोनियों को विकसित होने से रोकने की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार (इनफोर्समेंट) और नगर निगम की होती है। इसके अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) और ग्रामीण क्षेत्रों में डीटीपी विभाग भी कार्रवाई करता है। नगर निगम क्षेत्र में तोड़फोड़ विभाग के एसडीओ के पास अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई करने और कॉलोनी काटने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराने के अधिकार होते हैं।