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सनराइजर्स पर फूटा सुनील गावस्कर का गुस्सा, पाक खिलाड़ियों को पैसा देने पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली इंग्लैंड की क्रिकेट लीग 'द हंड्रेड' में भारतीय कंपनी सन ग्रुप के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी के पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का मामला शांत नहीं हुआ है। सनराइजर्स लीड्स ने हाल में हुई नीलामी में अबरार अहमद को खरीदा था। इस पर भारत में सोशल मीडिया पर काफी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। अब महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने कहा है कि तीखी प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक हैं। उन्होंने सनराइजर्स लीड्स के कदम की बेहद तल्ख शब्दों में आलोचना की है। गावस्कर ने कहा है कि पाकिस्तानी क्रिकेटरों को दी गई फीस भारतीयों की मौत में योगदान देना है। काव्या मारन सनराइजर्स लीड्स की सह-मालकिन हैं। द हंड्रेड की नीलामी में उनकी फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1 लाख 90 हजार पाउंड में खरीदा जो भारतीय रुपये में करीब 2.3 करोड़ है। इतना ही नहीं, सनराइजर्स के कोच डेनियल वेटोरी ने नीलामी के बाद ये भी कहा कि पाकिस्तान के एक और स्पिनर उस्मान तारिक भी फ्रेंचाइजी के रेडार पर थे। सुनील गावस्कर ने मिड-डे के लिए अपने कॉलम में लिखा है, ‘द हंड्रेड में एक भारतीय ओनर की फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर मचा हंगामा बिल्कुल भी हैरान नहीं करता। जब से नवंबर 2008 में मुंबई हमला हुआ, भारतीय फ्रेंचाइजी ओनर्स ने आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया। देरी से ही सही, यह असहास हुआ कि किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी जाने वाली फीस, अप्रत्यक्ष तौर पर भारतीय सैनिकों और आम नागरिकों की मौत में योगदान देना है। पाकिस्तानी खिलाड़ी खुद को मिले पैसे पर अपनी सरकार को इनकम टैक्स देते हैं। उससे हथियार और बारूद खरीदे जाते हैं। इसी वजह से भारतीय संस्थाओं ने पाकिस्तानी कलाकारों और स्पोर्ट्सपर्सन को बुलाना बंद कर दिया।’ गावस्कर ने आगे लिखा है, ‘कोई भारतीय संस्था या उसकी कोई ओवरसीज सब्सिडियरी जो पेमेंट कर रही है, अगर मालिक भारतीय है तब वह भारतीयों के हताहत होने में योगदान कर रहा/रही है। यह बहुत ही सामान्य बात है। द हंड्रेड की टीम के कोच डेनियल वेटोरी न्यूजीलैंड से हैं। वह शायद इस सामान्य सी बात को नहीं समझ पाए होंगे, इसलिए वह अपनी टीम में कुछ पाकिस्तानी खिलाड़ियों को चाहते थे। लेकिन ओनर को हालात की समझ होनी चाहिए और उन्हें इस खरीद को हतोत्साहित करना चाहिए था। क्या एक ऐसे फॉर्मेट के टूर्नामेंट को जीतना जिसे कोई दूसरा देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है।’ आईपीएल की 2008 में जब शुरुआत हुई तब पाकिस्तानी खिलाड़ी भी उसमें खेले थे। उसी साल नवंबर को मुंबई में पाकिस्तान से आए आतंकियों ने भीषण हमला किया था। मुंबई आतंकी हमले के बाद आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर रोक लग गई। उसके 11 साल बाद 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में आत्मघाती हमला हुआ था। अभी पिछले साल पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने धर्म पूछकर सैलानियों की बर्बर हत्या की थी।

राज्यसभा चुनाव में आज चुने जाएंगे सीएम नीतीश कुमार, पहले भी बना चुके हैं अनोखा राजनीतिक रिकॉर्ड

नई दिल्ली बिहार की राजनीति में फिर एक बड़ा दिन। राज्यसभा चुनाव तो भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी लड़ रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर है। नितिन विधायक रहते सांसदी का यह चुनाव लड़ रहे तो नीतीश विधान परिषद् सदस्य रहते। नीतीश कुमार की चर्चा इसलिए सबसे ज्यादा हो रही है, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा और पहली बार भारतीय जनता पार्टी इस कुर्सी पर अपना आदमी बैठाएगी। ऐसे में रोचक है कि नीतीश कुमार आज के बाद फैसला क्या लेते हैं? बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार को समझना असंभव जब 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के रूप में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम प्रचारित होना शुरू होता, इससे पहले नीतीश कुमार ही ऐसे बड़े नेता थे जिन्होंने पुराने रिश्ते छोड़ दिए थे। नीतीश कुमार अटल-आडवाणी के समय से भाजपा से जुड़े थे, लेकिन नमो युग की शुरुआत से पहले एनडीए से निकल गए थे। तब भी अंदाजा नहीं लग रहा था। फिर 2017 में लौटे तो 2022 में छोड़ गए। फिर 2024 में वापस साथ आए। इस साल होली के एक दिन पहले जिस तरह से वह बिहार चुनाव 2025 के तीन महीने बाद ही राज्यसभा जाने के लिए तैयार हुए, वह भी अचरज में डालने वाला था। और, अब खरमास शुरू होने से पहले उनका इस्तीफा नहीं आना भी भाजपा के लिए सिरदर्द बना हुआ है। खरमास में वह फैसला लेते भी हैं तो यही माना जा रहा है कि 15 अप्रैल तक भाजपा नए सीएम की कुर्सी पर अपना आदमी बैठाने का 'जतरा' नहीं बनाएगी। केंद्रीय मंत्री रहे नीतीश एक बार सांसद रहते विधायक भी बने थे नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। वह केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। वह पटना जिले की बाढ़ सीट से लोकसभा सदस्य हुआ करते थे। नालंदा जिले की हरनौत विधानसभा सीट से विधायक हुआ करते थे। इस सदी में वह कभी विधानसभा चुनाव में नहीं उतरे। विधान पार्षद ही चुने जाते रहे। अब राज्य सभा के चुनाव में हैं। नीतीश कुमार के बारे में यह जानना बेहद रोचक है कि वह 1991 में तत्कालीन जनता दल के टिकट पर बाढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी को हराकर सांसद बने थे। इसके बावजूद उन्होंने 1995 में तत्कालीन समता पार्टी के चुनाव चिह्न पर हरनौत से विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीते भी। विधायक चुने जाने के बाद जब लोग सांसद के रूप में उनके इस्तीफे का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने विधायक की शपथ नहीं ली। नतीजतन हरनौत सीट के लिए 1996 में उप चुनाव हुआ, जिसमें फिर समता पार्टी के अरुा कुमार सिंह विधायक बने। कब केंद्र में मंत्री बने और कब-कब बिहार की राजनीति का रुख किया? नीतीश कुमार 1985 में हरनौत विधायक चुने गए थे। इसके बाद दिल्ली की राजनीतिक यात्रा के लिए पहली बार 28 नवंबर 1989 को पटना जिले के बाढ़ संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। तब, सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 से 13 मार्च 1991 तक रहा था। अप्रैल 1990 में तत्कालीन विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में उन्हें केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बनाया गया था। बाद में वीपी सिंह सरकार सदन में बहुमत साबित नहीं कर सकी तो केंद्रीय राज्यमंत्री के तौर पर नीतीश कुमार का कार्यकाल भी 10 नवंबर 1990 को खत्म हो गया। 13 मार्च 1991 को लोकसभा भंग हुआ तो फिर अगले चुनाव में नीतीश कुमार फिर बाढ़ से ही सांसद चुने गए। इसके बाद, बिहार की राजनीति में वापस वह सक्रिय होते दिखे। 1995 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह हरनौत से फिर उतरे और विधायक चुने गए, हालांकि उन्होंने लोकसभा सदस्य रहना ही उचित समझा। इसके बाद, 1996 में फिर बाढ़ से ही नीतीश कुमार सांसद बने। तब अटल बिहारी वाजपेयी 7 दिन के लिए पीएम बने और फिर मौजूदा विपक्ष सत्ता में आ गया। 15 मार्च 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो नीतीश कुमार की समता पार्टी उनके साथ थी। नीतीश कुमार को केंद्रीय रेल एवं भूतल परिवहन मंत्री बनाया गया। अगस्त 1999 में गैसाल में रेल दुर्घटना के बाद उन्होंने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। फिर करगिल युद्ध के बाद 1999 के लोकसभा चुनाव कराना पड़ा तो भाजपा बड़े दल के उभरी। पहली बार पांच साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार रही। नीतीश केंद्रीय मंत्री रहे। नई सदी में पहली बार जब वह चुनाव में उतरे तो 2004 के बाढ़ ने उन्हें हरा दिया। इसके बाद परिस्थितियां देख वह बिहार को सुधारने के लिए यहां उतर गए। फिर तो 2005 से बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार बतौर मुख्यमंत्री अब तक कुर्सी पर हैं। बीच में एक बार जीतन राम मांझी को उन्होंने ही सीएम बनाया था, वह भी लोकसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेते हुए।  

दिल्ली में पानी संकट की चेतावनी: 3 विधानसभा क्षेत्रों के कई इलाकों में एक दिन नहीं आएगा पानी

नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड ने राजधानी में पानी आपूर्ति को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। जल बोर्ड ने कहा है कि तीन विधानसभा क्षेत्रों के दर्जनभर इलाकों में 24 घंटे तक पानी नहीं आएगा। हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े पाइप लाइन की मरम्मत के लिए आपूर्ति रोकी जाएगी। रोहिणी, रिठाला और बादली विधानसभा क्षेत्र के अधिकतर इलाकों में 17 मार्च सुबह 10 बजे से अगले दिन 10 बजे तक पानी की आपूर्ति नहीं होगी। दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया है कि इन क्षेत्रों में जिस पाइप लाइन से आपूर्ति होती है, वह क्षतिग्रस्त हो गया है और इसकी जल्द से जल्द मरम्मत के प्रयास किए जा रहे हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था और जरूरी इंतजाम की सलाह दी गई है। लोगों को पहले ही पर्याप्त पानी स्टोर करके रखने को कहा गया है। इसके अलावा मांग के आधार पर टैंकर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। किन-किन इलाकों में बंद रहेगी पानी आपूर्ति रोहिणी- रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सेक्टर 19, बादली इंडस्ट्रियल एयरिया फेज-1, 2, 3, सूरज पार्क, राजा विहार, प्रशांत विहार और आसपास के इलाकों में पानी आपूर्ति बंद रहेगी। रिठाला- रिठाला के भी कई इलाकों में पानी नहीं आने की चेतावनी दी गई है। रिठाला में सेक्टर 16, सेक्टर 17, सरदार कॉलोनी, अमर ज्योति कॉलोनी और आसपास के इलाकों दिक्कत रहेगी। बादली- बादली के समयपुर, शिवपुरी, टीचर कॉलोनी, बादली गांव और आसपास के इलाकों में पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। इन नंबरों पर फोन करके मंगवा सकते हैं टैंकर रोहिणी AC6 & 13- 8770530657, 9289138498 अवंतिका वाटर इमर्जेंसी- 0999902478, 9650755709, 8178020816, 9650094327, 9643575478 बादली- केवल पार्क- 9654708881 (JE) पानी आपूर्ति इन इलाकों में रहेगी बाधित  

ट्रंप को चार दोस्तों ने दिया धोखा, होर्मुज में अकेले पड़े! तेल संकट में डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति हुई विफल

वाशिंगटन दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) पर ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है. ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि ईरान के खिलाफ मोर्चाबंदी में दुनिया की महाशक्तियां और उनके पुराने सहयोगी कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे, लेकिन हकीकत इसके उलट निकली।   दरअसल, ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देशों से अपील की थी कि वे भी इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपने नौसैनिक जहाज तैनात करें।   स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम मार्ग माना जाता है और यहां से दुनिया के बड़े हिस्से तक तेल और गैस की आपूर्ति होती है. ट्रंप का तर्क था कि चूंकि इन देशों का तेल और व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी इनकी ही होनी चाहिए. ट्रंप ने ट्वीट किया था, "दुनिया के बाकी देश अपने जहाजों की सुरक्षा खुद क्यों नहीं करते? हम सालों से उनकी रक्षा कर रहे हैं।  जापान का दो टूक जवाब सबसे बड़ा झटका टोक्यो से लगा. जापान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह होर्मुज में किसी भी तरह के समुद्री सुरक्षा अभियान (Maritime Security Operations) पर विचार नहीं कर रही है। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण कोरिया ने भी खींचे हाथ ऑस्ट्रेलिया, जिसे प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका का सबसे वफादार साथी माना जाता है, उसने भी ट्रंप की मांग को ठुकरा दिया है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने स्पष्ट किया कि वे होर्मुज में अपना युद्धपोत नहीं भेजेंगे. वहीं, दक्षिण कोरिया ने थोड़ी कूटनीतिक भाषा का इस्तेमाल किया लेकिन मंशा साफ कर दी. सियोल ने कहा कि वे इस अनुरोध की 'बारीकी से समीक्षा' करेंगे, लेकिन फिलहाल युद्धपोत भेजने की कोई योजना नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका के घटते प्रभाव का संकेत है. जिस 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से दुनिया का 20% तेल गुजरता है, वहां सुरक्षा के नाम पर ट्रंप का साथ देने के लिए कोई भी अपना युद्धपोत जोखिम में डालने को तैयार नहीं है। तेल और गैस संकट पर फेल हुए डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने पुरी दुनिया के लिए अहम जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का फैसला किया था। अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसे खुलवाने के लिए दूसरे देशों से साथ आने की अपील कर रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने 7 देशों का नाम लिया और कहा कि अमेरिका तो यहां से सिर्फ 1 फीसदी तेल ही लेता है। उन्होंने कहा कि ये रास्ता चीन समेत कई देशों के लिए जरूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन समेत अन्य देश जो इस समस्या से प्रभावित हैं वो इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजेंगे और रास्ता खुलवाने में अहम भूमिका निभाएंगे। अमेरिका के साथ मिलकर कई देश युद्धपोत भेजेंगे तो होर्मुज खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले ही ईरान की सैन्य क्षमता का 100 फीसदी नष्ट कर दिया है, लेकिन उनके लिए एक- दो ड्रोन भेजना, बारूदी सुरंग फोड़ना या जलमार्ग के आसपास कहीं भी कम दूरी की मिसाइल दागना आसान है, चाहे वे कितनी ही बुरी तरह हार चुके हों। क्या है प्लान ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी युद्धपोत तट पर बमबारी करते रहेंगे और ईरानी पोत को निशाने पर लेते रहेंगे। अमेरिकी नौसेना ईरानी पोतों को पानी में डुबाने का सिलसिला जारी रखेगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसी तरह से हम जल्द ही होर्मुज को खुलवा लेंगे और ये रास्ता सुरक्षित रास्ता और स्वतंत्र होगा। मालूम हो अमेरिका लंबे समय से इस रास्ते को दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल अवरोध बिंदु बताता रहा है। पल्ला झड़ाया और मदद का वादा भी किया ट्रंप ने कहा, 'मैं इन देशों से मांग कर रहा हूं कि वे आगे आएं और अपने क्षेत्र की सुरक्षा करें क्योंकि यह उनका ही क्षेत्र है।' फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बातचीत में यह भी दावा किया कि यह समुद्री मार्ग अमेरिका के लिए उतना जरूरी नहीं है, क्योंकि अमेरिका के पास तेल तक अपनी पहुंच है। ट्रंप ने कहा कि चीन को लगभग 90 प्रतिशत तेल इसी मार्ग से मिलता है, जबकि अमेरिका को वहां से बहुत कम तेल मिलता है। हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या चीन इस गठबंधन में शामिल होगा। अब तक कोई नहीं हुआ तैयार तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद उनकी अपील पर अभी तक किसी देश ने ठोस प्रतिबद्धता नहीं जताई है। ऑस्ट्रेलिया ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दोबारा खुलवाने के लिए अपने पोत भेजने से इनकार कर दिया है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की कैबिनेट की सदस्य कैथरीन किंग ने एक इंटरव्यू में कहा, 'हम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपना जहाज नहीं भेजेंगे। हम जानते हैं कि वह इलाका कितना अहम है, लेकिन न तो हमसे ऐसा करने के लिए कहा गया है और न ही हम इसमें अपना योगदान दे रहे हैं। जापानी संसद में प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने कहा कि जापान की युद्धपोत तैनात करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा, 'जहाज भेजने को लेकर हमने अब तक कोई फैसले नहीं लिए हैं। हम अभी पता लगा रहे हैं कि जापान स्वतंत्र रूप से क्या कर सकता है और कानून के दायरे में रहकर क्या किया जा सकता है।' कुछ देश अभी विचार कर रहे हैं दक्षिण कोरिया ने संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन के साथ चर्चाएं जारी हैं। साथ ही कहा गया है कि कोई भी कदम गहन समीक्षा के बाद ही उठाया जाएगा। ट्रंप टाल सकते हैं चीन यात्रा रविवार को ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को बताया कि वह उम्मीद कर रहे हैं की राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले चीन मदद के लिए तैयार हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर सहयोग नहीं किया गया, तो वह अपनी यात्रा टाल सकते हैं। ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि चीन को भी मदद करनी चाहिए, क्योंकि चीन को स्ट्रेट्स से 90 फीसदी तेल मिलता है।'    

मुख्यमंत्री ने कहा- इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाएंगे, लॉरेंस को VIP सुविधाएं दी गईं; BJP सरकार आई तो धर्म की लड़ाई होगी

चंडीगढ़ पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में विस्तृत रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने चुनाव के समय जनता से किए अधिकतर वादों को पूरा किया है और कई ऐसे काम भी किए गए हैं जिनकी घोषणा पहले नहीं की गई थी। सबसे पहले मुख्यमंत्री ने सीएम मान के साथ 4 साल बुकलेट को लांच किया। इसके बाद उन्होंने अपने 4 साल में पूरे किए वादों और आने वाले उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 117 में से 92 सीटों पर जीत मिली थी और 16 मार्च 2022 को उन्होंने खटकड़ कलां में शपथ लेकर सरकार की शुरुआत की थी। चार वर्षों में बिजली, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और खेल के क्षेत्र में बड़े फैसले लिए गए हैं। CM ने कहा कि अमृतसर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बना रहे हैं। इसके लिए जमीन देख रहे हैं। इसके लिए एयरपोर्ट और होटलों की शर्त पूरी कर रहे हैं। मान ने कहा कि कांग्रेस सांसद सुखजिंदर रंधावा गैंगस्टरों का सरगना है। उसने अपने गैंगस्टर पैदा कर रखे थे। सीएम ने कहा कि इस चुनाव में हमारा मुकाबला खुद से है। दूसरी किसी पार्टी से वह मुकाबला नहीं मानते। पंजाब में अगर BJP सरकार बनी तो धर्म की लड़ाई होगी। सीएम मान ने कहा कि पंजाब आकर अमित शाह गैंगस्टरों की बात करते हैं, लेकिन गुजरात की साबरमती जेल में गैंगस्टर लॉरेंस को VIP फैसिलिटी में रखा गया है। उसे वहां से कोई कहीं न ले जा सके। उसकी जान को खतरा बताया जाता है। उन्होंने कहा कि पहले कोयले की खान से भी कमीशन खाया जाता था। हमने अपनी खान चालू कराई, जिससे थर्मल प्लांट चलाकर बिजली संकट को दूर किया गया। इससे पहले उन्होंने पिछले 4 साल में किए सरकार के कामकाज का बुकलेट जारी किया। 300 यूनिट मुफ्त बिजली से की शुरुआत  मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लोगों को मुफ्त बिजली देने के फैसले को लेकर शुरुआत में विरोधियों ने कई सवाल उठाए थे, लेकिन सरकार ने जुलाई 2022 से ही यह योजना लागू कर दी। उन्होंने कहा कि आज लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा किसानों को दिन के समय आठ घंटे बिना रुकावट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। सीएम मान ने कहा कि संगरूर में मेडिकल कॉलेज बनना था, अब तक चालू भी हो जाता। मगर SGPC ने विरोध कर दिया। अब नई जगह तय की गई है। सीएम ने कहा कि भाजपा ने 15 लाख रुपए का वादा किया। फिर चुनाव के बाद कहा कि ये तो जुमला था। रोजगार के नाम पर PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि पकौड़े तलना भी रोजगार है। बता दें कि साल 2022 में AAP को पंजाब में 117 में से 92 विधानसभा सीटों पर जीत मिली थी। इस लैंडस्लाइड विक्ट्री के बाद CM भगंवत मान ने 16 मार्च 2022 को खटकड़ कलां में शपथ ली थी। स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले जा चुके हैं और जल्द ही दो सौ और खोले जाएंगे। इन केंद्रों पर लाखों लोग मुफ्त उपचार और जांच का लाभ ले चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत हजारों लोगों का इलाज कराया जा रहा है। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। नशे के खिलाफ जंग जारी नशा तस्करी के खिलाफ अभियान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और उनकी संपत्तियों को भी जब्त किया जा रहा है। यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक राज्य से नशा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सड़क सुरक्षा बल की स्थापना के बाद सड़क हादसों में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने और खेल सुविधाओं को बढ़ाने के लिए भी कई योजनाएं चल रही हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की कुछ नीतियों की आलोचना भी की और कहा कि राज्य के विकास के लिए जरूरी वित्तीय सहायता समय पर मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब विकास और खेल दोनों क्षेत्रों में नई पहचान बनाएगा। विरोधियों को घेरा सीमए मान ने सीएम मान ने विरोधियों को भी घेरा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एक तरफ गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को गुजरात की साबरमती जेल में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल के गैंगस्टरों पर कार्रवाई करने संबंधी बयान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार न तो गैंगस्टरों को चुनाव में टिकट देती है और न ही … Read more

ओडिशा के कटक में मेडिकल कॉलेज हादसा, मुख्यमंत्री साय ने व्यक्त की संवेदना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

धालभूमगढ़ एयरपोर्ट पर तेज़ी लाने की मांग, SCCI ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंपा प्रस्ताव

जमशेदपुर जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक व शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से रांची में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना, टाटा कमांड एरिया में बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री और उद्योगों से जुड़ी अन्य समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। कई अहम मुद्दों पर हुई चर्चा सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (SCCI) का एक प्रतिनिधिमंडल अध्यक्ष मानव केडिया के नेतृत्व में रांची स्थित नवनिर्मित झारखंड विधानसभा भवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कोल्हान और जमशेदपुर क्षेत्र के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में मानद महासचिव पुनीत काउंटिया, उपाध्यक्ष (टैक्स एवं फाइनेंस) राजीव अग्रवाल, उपाध्यक्ष (उद्योग) हर्ष बांकरेवाल, सचिव (उद्योग) विनोद शर्मा और सचिव (टैक्स एवं फाइनेंस) अंशुल रिंगासिया शामिल थे। "वे खुद इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं" बैठक में चैंबर ने सबसे पहले धालभूमगढ़ एयरपोर्ट परियोजना का मुद्दा उठाया, जो पिछले करीब छह वर्षों से लंबित है। चैंबर ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि इस परियोजना को जल्द शुरू कराया जाए, क्योंकि इसके चालू होने से कोल्हान क्षेत्र में उद्योग, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आश्वासन दिया कि वे खुद इस परियोजना की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं और जल्द ही इसमें आगे बढ़ने की उम्मीद है। प्रतिनिधिमंडल ने टाटा स्टील के कमांड एरिया में करीब दस वर्षों से बंद पड़ी जमीन रजिस्ट्री का मुद्दा भी उठाया। चैंबर ने बताया कि रजिस्ट्री बंद रहने से शहर में रियल एस्टेट, निर्माण कार्य और शहरी विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए पहल करने की मांग की। चैंबर ने राज्य सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में सुधार करने की मांग की बैठक में झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (JIADA) को भूमि अधिग्रहण का अधिकार देने की मांग भी रखी गई। चैंबर का कहना था कि इस अधिकार के बिना औद्योगिक भूमि बैंक बनाना मुश्किल हो रहा है, जिससे खासकर MSME सेक्टर के उद्योग लगाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने बताया कि कर्नाटक, महाराष्ट्र, नोएडा और राजस्थान जैसे राज्यों में औद्योगिक विकास संस्थाओं को यह अधिकार दिया गया है। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने जुगसलाई, मानगो और टाटा कमांड एरिया से बाहर के कई इलाकों में जमीन के रिकॉर्ड में अब भी “बिहार सरकार” का नाम दर्ज रहने की समस्या भी उठाई। चैंबर ने राज्य सरकार से भूमि सर्वे कर रिकॉर्ड में सुधार करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से भी मुलाकात कर इन मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही जमशेदपुर–आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में वाणिज्यिक एलपीजी की कमी से उद्योगों को हो रही परेशानी के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राधा कृष्ण किशोर, पूर्णिमा साहू, समीर मोहंती और सोमेस सोरेन से भी मुलाकात की। चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि मुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और समस्याओं के समाधान के लिए सकारात्मक पहल का भरोसा दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मुद्दों के हल होने से जमशेदपुर और कोल्हान क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और शहरी विकास को नई गति मिलेगी।  

सिलेंडर संकट के बीच सरकार का बड़ा ऐलान, पीएनजी पर शिफ्ट करने पर 500 रुपये की फ्री गैस मिलेगी

नई दिल्ली. ईरान संकट के बीच सिलेंडर के संकट से निपटने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लोगों को बड़ा ऑफर दिया है। सरकार ने पाइप नेचुरल गैस (PNG) को रसोई और व्यापार का मुख्य आधार बनाने के लिए एक बड़ी प्रोत्साहन योजना को हरी झंडी दी है. इस पहल के तहत प्रमुख सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए ‘वेलकम ऑफर’ पेश किए हैं, ताकि लोग बिना किसी आर्थिक बोझ के एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट हो सकें. इस योजना के तहत Indraprastha Gas Ltd. (IGL) और GAIL Gas Ltd जैसे बड़े नाम घरेलू उपभोक्ताओं को सीधे 500 रुपये मूल्य की मुफ्त गैस दे रहे हैं. वहीं, व्यावसायिक क्षेत्र को बड़ी राहत देते हुए BPCL ने सिक्योरिटी डिपॉजिट को पूरी तरह खत्म कर दिया है. सरकार ने कहा कि स्थिति चिंताजनक है लेकिन फिलहाल सबकुछ नियंत्रण में है। CGD Entity (गैस कंपनी) Offers (ऑफर/छूट का विवरण) Indraprastha Gas Ltd. (IGL) 31 मार्च 2026 से पहले रजिस्टर करने या गैस शुरू करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को ₹500 मूल्य की मुफ्त गैस। Mahanagar Gas Ltd. (MGL) DPNG उपभोक्ताओं के लिए ₹500 का रजिस्ट्रेशन शुल्क माफ; कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट (SD) में ₹1 लाख से ₹5 लाख तक की छूट। GAIL Gas Ltd घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ₹500 मूल्य की मुफ्त गैस की पेशकश। BPCL सभी कमर्शियल (व्यावसायिक) कनेक्शनों के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट (Security Deposit) पूरी तरह माफ। सिलेंडर की कालाबाजारी पर 1100 स्‍थानों पर छापेमारी पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्‍वाइंट सेकेटरी सुजाता शर्मा ने साफ किया है कि देश में एलपीजी (LPG) की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी ‘ड्राई-आउट’ (स्टॉक खत्म होने) की खबर नहीं है. सरकार ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि घरेलू गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी, इसलिए लोग पैनिक बुकिंग या जमाखोरी से बचें. कालाबाजारी रोकने के लिए राज्यों के साथ मिलकर 1100 से अधिक स्थानों पर औचक निरीक्षण किए गए हैं. पीएनजी वालों से सिलेंडर छोड़ने की अपील सरकार का मुख्य जोर अब उपभोक्ताओं को पाइप नेचुरल गैस (PNG) पर शिफ्ट करने पर है. 14 तारीख को जारी नए सरकारी आदेश के अनुसार, जिन लोगों के पास एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन हैं, उनसे एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने की अपील की गई है ताकि जरूरतमंदों तक सिलेंडर पहुंच सके. अधिकारियों ने साफ कहा है कि सिलेंडर की होम डिलीवरी जारी रहेगी, इसलिए वितरकों के पास भीड़ लगाने की आवश्यकता नहीं है.  

स्मार्ट सिटी योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप: लोकसभा में कुमारी सैलजा ने उठाया मुद्दा

चंडीगढ़ सिरसा की सांसद, कांग्रेस की महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री कुमारी सैलजा ने लोकसभा में स्मार्ट सिटी मिशन के क्रियान्वयन में सामने आई गंभीर अनियमितताओं और अधूरी परियोजनाओं का मुद्दा उठाते हुए सरकार का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के फरीदाबाद और करनाल सहित देश के कई शहरों में स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का काम अपेक्षित गति से नहीं हुआ है और अनेक योजनाएं आज भी अधूरी पड़ी हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट के अनुसार इन दोनों शहरों में कुल 167 परियोजनाओं में से जून 2024 तक केवल 112 परियोजनाएं ही शुरू की जा सकीं, जबकि उनमें से भी 67 परियोजनाओं में तीन से चार वर्ष तक की देरी हुई है। नगर स्तरीय निगरानी समिति की 133 निर्धारित बैठकों के स्थान पर केवल 10 बैठकें आयोजित की गईं, जिससे परियोजनाओं की सही समीक्षा और निगरानी नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 3896.82 करोड़ रुपये की प्रस्तावित वित्तीय व्यवस्था के मुकाबले केवल 1825.86 करोड़ रुपये (लगभग 46.86 प्रतिशत) ही जुटाए जा सके। इसके अलावा करनाल में 356.87 करोड़ रुपये ऐसे कार्यों पर खर्च किए गए जो चिन्हित विकास क्षेत्र से बाहर थे। साथ ही परियोजनाओं की गुणवत्ता का स्वतंत्र मूल्यांकन भी नहीं कराया गया। कुमारी सैलजा ने सरकार से मांग की कि इन अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच करवाई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की स्पष्ट कार्ययोजना बनाई जाए। मान्यवर कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का समर्थन नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा सामाजिक न्याय के महान योद्धा और बहुजन चेतना के मार्गदर्शक मान्यवर कांशीराम जी को भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग का कुमारी सैलजा ने समर्थन किया है। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी का संघर्ष करोड़ों बहुजनों को अधिकार, हिस्सेदारी और आत्मसम्मान की राह दिखाने वाला रहा है। ऐसे महान समाज सुधारक को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जाना देश की सामाजिक न्याय की भावना को और मजबूत करेगा।

सीएम विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में टेका माथा, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।