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गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार, संस्कारवान पीढ़ी के लिए मातृशक्ति की अनूठी पहल

संस्कारवान पीढ़ी की दिशा में अनूठी पहल : गायत्री शक्तिपीठ भोपाल में सामूहिक पुंसवन संस्कार में उमड़ी मातृशक्ति भोपाल  अखिल विश्व गायत्री परिवार के आध्यात्मिक केंद्र शांतिकुंज के तत्वावधान तथा गायत्री शक्तिपीठ भोपाल के मार्गदर्शन में संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण के उद्देश्य से 15 मार्च को भव्य सामूहिक पुंसवन संस्कार का आयोजन किया गया।इस आयोजन में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों—कोलार,अन्ना नगर, श्यामला हिल्स, एमपी नगर, मीनाल, अयोध्या नगर, बैरागढ़ और मंडीदीप सहित अन्य स्थानों से बड़ी संख्या में मातृशक्तियों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन महिला प्रकोष्ठ द्वारा किया गया। लगभग 200 मातृशक्तियों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया था, जो उत्साहपूर्वक पूर्ण हुआ और कार्यक्रम अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी रहा। कार्यक्रम के दौरान गर्भ संस्कार एवं भावी पीढ़ी को संस्कारित बनाने के महत्व पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। मुख्य अतिथियों में वरिष्ठ स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. कविता सिंह डीन गांधी मेडिकल कालेज, डॉ. वरुणा पाठक, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी श्री चतुर्वेदी जी उपस्थित रहे। डाक्टर अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि गर्भकाल के दौरान माता के विचार, भावनाएं और जीवनशैली का सीधा प्रभाव आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और संस्कारों पर पड़ता है, इसलिए सकारात्मक वातावरण और श्रेष्ठ संस्कारों का संवर्धन अत्यंत आवश्यक है। अतिथि ओ पी चतुर्वेदी जी  ने शासन की योजना के अंतर्गत जो सुविधा गर्भवती महिला को दी जाती है उसकी संपूर्ण जानकारी दी और उनका लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में वैदिक विधि-विधान के साथ पुंसवन संस्कार AGSP जोन समन्वयक मधु श्रीवास्तव तथा रमा देशमुख दीदी के द्वारा संपन्न कराया गया तथा मातृशक्तियों को गर्भावस्था के दौरान मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही स्वस्थ, जागरूक और संस्कारित समाज निर्माण के लिए परिवारों को सजग रहने का संदेश भी दिया गया। इसी दौरान शक्तिपीठ के ऊपरी सभागार में युवा प्रकोष्ठ द्वारा युवा व्यक्तित्व परिष्कार सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं ने जीवन की चुनौतियों और उनके समाधान पर सार्थक संवाद किया। अनुभव आधारित इस सत्र में युवाओं ने दैनिक जीवन में सकारात्मक सोच, अनुशासन और ऊर्जा संतुलन को अपनाने का संकल्प लिया। युवा प्रकोष्ठ टीम के समन्वय तथा महिला प्रकोष्ठ समन्वयक मधु श्रीवास्तव दीदी के मार्गदर्शन में सम्पन्न यह आयोजन संस्कारवान पीढ़ी के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।

मावां-धीयां सत्कार योजना: महिला वोट बैंक को साधने की आप की रणनीति, 97% वयस्क महिलाएं शामिल

जालंधर  पंजाब सरकार की प्रस्तावित मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को राज्य की राजनीति में बड़ा कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने 2026-27 के बजट में इसकी घोषणा कर लगभग एक करोड़ महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता देने की तैयारी की है।   सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का कदम बता रही है, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह आगामी चुनावों से पहले महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति भी हो सकती है। योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जाएंगे। भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार का दावा है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत वयस्क महिलाएं इसके दायरे में आएंगी। बैसाखी से शुरू हो सकता है पंजीकरण, कैंपों में होंगे आवेदन मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के लिए पंजीकरण 13 अप्रैल 2026 (बैसाखी) से शुरू किए जाने की संभावना है। सरकार की योजना है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए गांवों और शहरों में विशेष पंजीकरण कैंप लगाए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से पात्र महिलाएं सीधे आवेदन कर सकेंगी। इसके अलावा नजदीकी सेवा केंद्रों और सुविधा केंद्रों के माध्यम से भी आवेदन की व्यवस्था की जाएगी। सरकार भविष्य में इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप शुरू करने की भी तैयारी कर रही है, ताकि महिलाएं घर बैठे भी पंजीकरण कर सकें। आवेदन के समय आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण या पासबुक, पंजाब का निवास प्रमाण पत्र और आधार से लिंक मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे, जिससे लाभ सीधे डीबीटी के माध्यम से खातों में भेजा जा सके। योजना के लागू करने में वित्तीय व प्रशासनिक चुनौतियां मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को लेकर आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों पर भी चर्चा हो रही है। पहले से कर्ज के दबाव से जूझ रहे पंजाब के लिए इतनी बड़ी नकद सहायता योजना को लंबे समय तक जारी रखना आसान नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वित्तीय प्रबंधन संतुलित नहीं रहा तो भविष्य में इसके लिए संसाधन जुटाना सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। इसके अलावा लाभार्थियों की सही पहचान, फर्जी आवेदनों पर रोक और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना भी प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कसौटी होगा। हालांकि समर्थकों का मानना है कि यदि योजना प्रभावी और पारदर्शी ढंग से लागू होती है तो इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ेगी और वे छोटे-मोटे खर्चों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी। करदाता महिलाएं नहीं होंगी शामिल सरकार के अनुसार आयकरदाता महिलाएं, वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी, तथा वर्तमान या पूर्व सांसद और विधायक इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि जो महिलाएं पहले से वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हें यह राशि अतिरिक्त सहायता के रूप में दी जाएगी। यानी उनकी मौजूदा पेंशन के साथ योजना की निर्धारित राशि भी मिलेगी, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से और अधिक सहारा मिल सकेगा। महिला मतदाताओं को साधने की रणनीति राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला केवल सामाजिक कल्याण योजना भर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। पंजाब में महिला मतदाताओं की संख्या काफी अधिक और प्रभावशाली मानी जाती है, जो कई विधानसभा सीटों के नतीजों को प्रभावित करती हैं। ऐसी योजनाएं सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में राशि पहुंचाकर सरकार और मतदाताओं के बीच सीधा संबंध स्थापित करती हैं। इससे महिलाओं के बीच सरकार के प्रति सकारात्मक संदेश जाने की संभावना रहती है। विश्लेषकों के अनुसार, आगामी चुनावों को देखते हुए यह कदम राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। क्रियान्वयन में प्रशासनिक कसौटी भी कम नहीं मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना को लागू करने में प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। सबसे बड़ी चुनौती पात्र लाभार्थियों की सही पहचान सुनिश्चित करना होगा। सरकार को यह तय करना होगा कि योजना का लाभ केवल योग्य महिलाओं तक ही पहुंचे और अपात्र लोग इससे बाहर रहें। इसके लिए आधार आधारित सत्यापन, बैंक खातों की जांच और स्व-घोषणा पत्र जैसी व्यवस्थाएं अपनाई जा सकती हैं। साथ ही फर्जी आवेदनों और दोहरे लाभ को रोकने के लिए डिजिटल डाटा मिलान भी जरूरी होगा। योजना के क्रियान्वयन में पंचायतों, नगर निकायों और स्थानीय प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। गांव और वार्ड स्तर पर पात्र महिलाओं की सूची तैयार करना, दस्तावेजों का सत्यापन और पंजीकरण प्रक्रिया को सुचारु बनाना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होगी। सामाजिक बदलाव की संभावना भी मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना का असर केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे सामाजिक बदलाव की भी संभावना जताई जा रही है। नियमित राशि सीधे बैंक खातों में आने से महिलाओं की बैंकिंग प्रणाली और डिजिटल भुगतान से जुड़ाव बढ़ सकता है। इससे वित्तीय साक्षरता और बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित आय से परिवार के आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ सकती है। इसके अलावा स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जुड़ी महिलाओं और छोटे स्तर के घरेलू कारोबार को भी इससे सहारा मिल सकता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। महिला मतदाता और चुनावी गणित पंजाब की राजनीति में महिला मतदाताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या करीब ढाई करोड़ के आसपास है, जिनमें महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 48 प्रतिशत मानी जाती है। पिछले विधानसभा चुनाव में भी महिला मतदान प्रतिशत उल्लेखनीय रहा और कई सीटों पर महिलाओं की भागीदारी ने नतीजों को प्रभावित किया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार मालवा क्षेत्र में महिला मतदाता बड़ी संख्या में हैं और यहां उनका रुझान चुनाव परिणामों को निर्णायक बना सकता है। इसके अलावा दोआबा और माझा में भी महिला मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी देखी जाती है। ऐसे में महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजनाओं को राजनीतिक रूप से अहम रणनीति माना जा रहा है। अन्य राज्यों में भी महिलाओं को नकद सहायता योजनाएं देश के कई राज्यों में महिलाओं को सीधे नकद सहायता देने वाली योजनाएं पहले से लागू हैं। पश्चिम बंगाल की लक्ष्मी भंडार योजना के तहत सामान्य वर्ग की … Read more

मोनालिसा की शादी पर CM मोहन यादव से शिकायत करेगा परिवार, कहा- फरमान बहन कहता था

खरगोन  मध्यप्रदेश के महेश्वर की निवासी मोनालिसा के विवाह प्रकरण के मामले में फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा भोंसले के परिवार से मुलाकात की और उसकी शादी को 'सुनियोजित लव जिहाद' का हिस्सा बताते हुए मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कल इस मामले में कहा कि वे जल्द ही मोनालिसा के परिवार के साथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और कार्रवाई के लिये पूरे मामले को उनके सामने रखेंगे। परिवार के लोगों का कहना है कि मोनालिसा नाबालिग है और कुछ दिन पहले तक फरमान उसे बहन कहकर संबोधित करता था। परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य का नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से लेगा। उन्होंने बताया कि वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए समय लेने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मोनालिसा के परिवार के साथ जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकें। उन्होंने कहा कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित तरीके से युवती को फंसाने का मामला है। धर्म परिवर्तन पर फिल्म इसलिए बनाया गया निशाना: सनोज मिश्रा मिश्रा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन बेरोजगार युवकों को फंडिंग कर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाते हैं, ताकि 'सनातन' को बदनाम किया जा सके। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म 'द डायरी ऑफ मणिपुर' में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था। इस फिल्म का विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया और मोनालिसा का ब्रेनवॉश कर उसे फंसा लिया गया, जिससे उसके पिता के सपने भी टूट गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनालिसा से जुड़ा पूरा घटनाक्रम मानो किसी स्क्रिप्ट की तरह लिखा और क्रियान्वित किया गया हो। लड़की मुस्लिम होती तो क्या किया जाता इस तरह प्रचारित: डायरेक्टर फिल्म निर्देशक ने यह भी सवाल उठाया कि शादी वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, कोई अन्य राज्य नहीं मिला। उन्होंने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और उसके पति फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। मिश्रा ने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती तो क्या उसी तरह इस रिश्ते को प्रचारित किया जाता। मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उसकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार का कहना है कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में काफी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। चाचा ने कहा- नाबालिग है मोनालिसा, परिवार ने कहा- फरमान कहता था बहन मोनालिसा के चाचा विजय भोंसले ने दावा किया कि मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था और वह अभी नाबालिग है। उनका आरोप है कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी बताया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी आरोप लगाया कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का उपयोग भी करता था।

मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की

मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में की पूजा-अर्चना  मुख्यमंत्री ने कालिका माता मंदिर में श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की वीरभूमि को किया प्रणाम, महारानी पद्मावती के जौहरस्थल भी गए सीएम योगी राजस्थान की धरती पर गूंजा ‘योगी-योगी’ चित्तौड़गढ़/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वीरभूमि राजस्थान पहुंचे। उन्होंने जौहर श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने से पहले दुर्ग चित्तौड़गढ़ में ऐतिहासिक कालिका माता मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सीएम ने मां को चुनरी भेंटकर श्रद्धा निवेदित की और प्रदेश व देशवासियों के मंगल के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सीएम ने राजस्थान की वीरभूमि को नमन किया और महारानी पद्मावती के जौहर स्थल भी गए। मुख्यमंत्री ने यहां की वीरगाथाओं को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि हम आज इतिहास बनाने वाली धरती से साक्षात्कार कर रहे हैं। यह त्याग, बलिदान की परिपाटी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब जौहर श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचे और मंच पर संबोधन के लिए खड़े हुए तो समूचा समारोह स्थल ‘योगी-योगी’ की गूंज से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान सरकार के मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ आदि भी मौजूद रहे।

CM साय छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में हुए शामिल सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक : मुख्यमंत्री  साय रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय राजधानी रायपुर स्थित बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ और साहस का इतिहास है। विभाजन की विभीषिका की पीड़ा सबसे अधिक सिंधी समाज ने झेली। उस कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपनी संपत्ति छोड़ी, अपना घर छोड़ा, लेकिन अपना आत्मसम्मान और परिश्रम करने का स्वभाव कभी नहीं छोड़ा। शून्य से शिखर तक कैसे पहुँचा जाता है, यह सिंधी समाज ने आज पूरी दुनिया को सिखाया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तरक्की में सिंधी समाज की प्रमुख भूमिका रही है। चाहे वह चेंबर ऑफ कॉमर्स हो या प्रदेश का छोटा-बड़ा व्यापार, आपकी मेहनत से राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। आप केवल व्यापार ही नहीं करते, बल्कि हजारों लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराते हैं।भविष्य में हमने विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का जो सपना देखा है, उसमें सिंधी समाज का  महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी सरकार ने लगभग ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और लगातार इस दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि आज बी.टी.आई. ग्राउंड में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह बताता है कि सिंधी समाज अपनी जड़ों से कितना गहराई से जुड़ा हुआ है। ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, खान-पान और सिंधी भाषा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्हें पवित्र शदाणी दरबार में संतों का आशीर्वाद लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ था। वहाँ जो स्नेह और आत्मीयता उन्हें मिली, वही अपनापन आज यहाँ भी महसूस हो रहा है। उन्होंने कहा कि सिंधी समाज की यही एकजुटता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम बधाई और शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का भी विमोचन किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष  संजय वास्तव, धमतरी महापौर  रामू रोहरा, छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष  अमर गिदवानी, चंद सुंदरानी सहित सिंधी समाज के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

जालंधर-मोगा के स्कूलों में धमकी का मामला, पेपर से पहले ईमेल आई, परीक्षा रद्द कर बच्चों को घर भेजा

जालंधर  जालंधर में तीन प्रमुख स्कूलों, दिल्ली जाने वाली ट्रेन, विधानसभा और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने का मामला सामने आया। यह धमकी कथित तौर पर खालिस्तानी समर्थकों की ओर से भेजी गई बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और जांच शुरू कर दी गई है।  बम की धमकी के बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। एडीसीपी आकर्षि जैन ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक जालंधर के एपीजे स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल सहित एक अन्य निजी स्कूल को धमकी भरी ईमेल भेजी गई है। ईमेल में चेतावनी दी गई है कि जालंधर में स्थित इन संस्थानों के साथ-साथ दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन और विधानसभा को भी निशाना बनाया जा सकता है। ईमेल मिलने के बाद स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए। धमकी भरे ईमेल में एक और गंभीर चेतावनी दी गई है। मेल भेजने वाले ने जालंधर जिले में स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी प्रतिमाओं को हटाने की मांग की है। इसके लिए 14 अप्रैल तक का समय दिया गया है। ईमेल में कहा गया है कि यदि तय समय तक प्रतिमाएं नहीं हटाई गईं तो उन्हें बम से उड़ाने की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। स्कूलों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल भी ईमेल की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि धमकी किसने और कहां से भेजी है। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हैं और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की गई है।  मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मोगा के तीन सरकारी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूल गोथेयाला, सरकारी स्कूल उगोके और सरकारी स्कूल झंडियाना को एक धमकी भरी ईमेल प्राप्त हुई, जिसमें स्कूलों को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। गोथेयाला सरकारी स्कूल के अध्यापक जतिन गोयल ने बताया कि आज नाैवीं क्लास के पेपर थे। पेपर शुरू होने से पहले जब स्कूल के स्टाफ ने ईमेल चेक किया तो उसमें खालिस्तान समर्थक की और से ईमेल भेजा गया। ईमेल में लिखा गया कि 14 अप्रैल से पहले स्कूल से डॉ. भीम राव आंबेडकर की फोटो हटा दी जाए नहीं तो स्कूल को बम से उड़ा दिया जाएगा। तुरंत इस मामले की सूचना उच्च अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को दी गई।  उन्होंने बताया कि उस समय स्कूल में छात्रों के पेपर चल रहे थे, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परीक्षाएं तुरंत रद्द कर दी गईं और छात्रों को सुरक्षित तरीके से घर भेज दिया गया। धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बम निरोधक टीमों को मौके पर भेज कर स्कूल परिसर और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की और स्कूल को सेफ घोषित किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी भरी ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है और साइबर टीम की भी मदद ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। 

फर्जी सॉफ्टवेयर बिलों के जरिए करोड़ों का भुगतान, लोकायुक्त को मिली हार्ड डिस्क, भोपाल निगम के डाटा एनालिसिस से और नाम होंगे उजागर

भोपाल  भोपाल नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त की टीम ने की गई छापेमारी के दौरान सर्वर रूम से हार्ड डिस्क जब्त की है। इसका परीक्षण कराया जाएगा, जिससे यह साफ होगा कि फर्जी बिलिंग कर करोड़ों रुपए हड़पने के खेल में अपर आयुक्त वित्त गुणवंत सेवतकर के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और पूरा फर्जीवाड़ा किस तरह किया जाता था। डाटा एनालिसिस के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी की गिरफ्तारी की जाएगी। शिकायतकर्ता ने गुणवंत सेवतकर के खिलाफ नामजद शिकायत की थी, इसलिए प्राथमिकी में उन्हें आरोपी बनाया गया है। उनसे अभी पूछताछ नहीं हो सकी है। जल्द ही नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया जाएगा। शुरुआती जांच में सेंट्रल वर्कशॉप द्वारा भी बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग पास कराने के साक्ष्य लोकायुक्त के हाथ लगे हैं। इसके बाद रविवार सुबह माता मंदिर के पास स्थित सेंट्रल वर्कशॉप कार्यालय में नगर निगम की टीम ने छापा मारा और यहां से अहम दस्तावेज जब्त किए गए। यहां के जिम्मेदार अधिकारियों को भी लोकायुक्त टीम नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाएगी। दस साल का रिकॉर्ड जब्त कर चुकी है लोकायुक्त लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने नगर निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया। निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई। सॉफ्टवेयर से फर्जी बिल तैयार कराए लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, शिकायत में आरोप है कि सॉफ्टवेयर की मदद से फर्जी बिल तैयार कराए गए और बिना काम कराए ही परिचितों व रिश्तेदारों की फर्मों के नाम पर करोड़ों रुपए का भुगतान कराया गया।

दुबई एयरपोर्ट पर ईरान युद्ध के बीच धुंआ, भारत से जा रहे विमान को बीच रास्ते में वापस लौटना पड़ा, 19 भारतीय गिरफ्तार

दुबई कोच्चि से दुबई जाने वाली एमिरेट्स की एक उड़ान हवाई अड्डे से मिली सुरक्षा संबंधी सूचना के बाद सोमवार को यहां लौट आई। कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (CIAL) के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी। प्रवक्ता ने बताया कि उड़ान ईके533 यहां सीआईएएल से सुबह 4:30 बजे 325 यात्रियों को लेकर रवाना हुई। रास्ते में दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अचानक बंद होने के कारण विमान को लौटने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि सुबह 8:30 बजे विमान यहां उतरा। प्रवक्ता ने कहा, 'दुबई के डीएक्सबी (अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा) पर स्थिति की समीक्षा होने तक यात्रियों को विमान में ही बैठे रहने की सलाह दी जाती है। हवाई अड्डे पर परिचालन फिर से शुरू होने के बाद ही सेवा संचालित होगी।' अधिकारियों ने हवाई अड्डे के पास आग लगने की घटना के बाद एहतियाती सुरक्षा उपाय के रूप में परिचालन रोक दिया। वहीं क्षेत्रीय तनाव के बीच सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो क्लिप साझा करने के आरोप में 19 भारतीय नागरिकों समेत 35 लोगों की गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। दुबई एयरपोर्ट पर अफरा तफरी दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को ड्रोन हमले के बाद उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गईं। अधिकारियों ने हवाई अड्डे के पास आग लगने की घटना के बाद एहतियाती सुरक्षा उपाय के रूप में परिचालन रोक दिया। दुबई नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने निलंबन की घोषणा करते हुए कहा कि यह कदम यात्रियों एवं हवाई अड्डे के कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, 'यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी उड़ानों के संबंध में नवीनतम जानकारी के लिए अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें, स्थिति की समीक्षा करने के बाद आधिकारिक चैनलों के माध्यम से आगे की जानकारी दी जाएगी।' अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन हमले के कारण हवाई अड्डे की सीमा के पास आग लग गई जिसे आपातकालीन सेवाओं ने तुरंत बुझा दिया। दुबई मीडिया कार्यालय ने कहा कि हवाई रक्षा प्रणालियों ने उड़ान संचालन को अस्थायी रूप से रोकने से पहले ही आग की घटना पर प्रतिक्रिया दी। हवाई क्षेत्र हो रहा प्रभावित यह व्यवधान पश्चिम एशिया में फरवरी के अंत में अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच उत्पन्न हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप कई खाड़ी देशों में ड्रोन और मिसाइल हमले हुए हैं और हवाई क्षेत्र पर रुक-रुक कर प्रतिबंध लगाए गए हैं। क्षेत्रीय विमानन को पहले ही काफी व्यवधान का सामना करना पड़ा है, पिछली बार उड़ानों के निलंबन से दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे प्रभावित हुए थे जिसके परिणामस्वरूप पूरे क्षेत्र में 1,800 से अधिक उड़ानें रद्द हुई थीं। दुबई से होकर गुजरने वाले भारत के कई यात्रियों सहित सभी यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपडेट उड़ान समय सारिणी की जानकारी एयरलाइन की वेबसाइटों या मोबाइल एप्लिकेशन से प्राप्त करें क्योंकि चल रही बाधाओं के बावजूद बुकिंग अभी भी सक्रिय चालू रह सकती है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय  आज राजधानी रायपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य महाआरती में शामिल हुए और विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और निरंतर प्रगति की मंगलकामना की। इस अवसर पर विधायक  पुरंदर मिश्रा सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश में 2 दिन तेज गर्मी, 18-19 मार्च को बारिश, ग्रीन नेट से धूप से बचाव, सड़कों पर सन्नाटा

भोपाल  मध्यप्रदेश में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ कई जिलों में गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में तापमान में हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश में अगले दो दिन तेज गर्मी महसूस होगी, जबकि 18 और 19 मार्च को कई इलाकों में बारिश की संभावना बन सकती है।  इससे पहले रविवार को ग्वालियर-चंबल में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर देखा गया। यहां बादल छाए रहे। इससे तापमान में 1.7 डिग्री तक की गिरावट हुई। मौसम विभाग की माने तो यह सिस्टम अब कमजोर पड़ गया है। इस वजह से 16 और 17 मार्च को कहीं भी बारिश या बादल का अलर्ट नहीं है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया, 17 मार्च की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। इसका एमपी में 18-19 मार्च को असर दिखाई देगा। पश्चिमी विक्षोभ का असर हुआ कमजोर रविवार को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिला था। कई जगह बादल छाए रहे, जिसके कारण तापमान में करीब 1.7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम अब कमजोर पड़ चुका है, इसलिए 16 और 17 मार्च को प्रदेश में कहीं भी बारिश या बादल का विशेष असर नहीं रहेगा। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसका प्रभाव मध्यप्रदेश में 18 और 19 मार्च के दौरान बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है। कुछ शहरों में राहत, कुछ जगह गर्मी बरकरार रविवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री और बालाघाट में 35 डिग्री दर्ज किया गया। कई स्थानों पर शाम तक बादल छाए रहने से तापमान में थोड़ी कमी महसूस हुई। पिछले कुछ दिनों से तेज गर्मी झेल रहे नर्मदापुरम में भी तापमान घटकर 38.9 डिग्री पर आ गया, जिससे लोगों को आंशिक राहत मिली। वहीं प्रमुख शहरों में भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में 35.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मार्च में ही बदला गर्मी का ट्रेंड आमतौर पर प्रदेश में तेज गर्मी मार्च के दूसरे पखवाड़े के बाद बढ़ती है, लेकिन इस बार शुरुआत से ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मार्च में ही गर्मी का ट्रेंड बदलता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल और मई में प्रदेश में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार जाने की संभावना जताई गई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने का अनुमान है।   गर्मी से राहत…नर्मदापुरम में पारा लुढ़का, लू का असर नहीं मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर में रविवार को अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री, दतिया में 32.4 डिग्री, छिंदवाड़ा में 36 डिग्री, सिवनी में 35.6 डिग्री, मंडला में 37.2 डिग्री, बालाघाट में 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने इन जिलों में मौसम में बदलाव होने की बात कही थी। शाम तक बारिश तो दर्ज नहीं की गई, लेकिन बादल जरूर छाए रहे। इस वजह से पारे में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पिछले 3 दिन से तीव्र लू के प्रभाव वाले नर्मदापुरम में पारा लुढ़ककर 38.9 डिग्री पर आ गया। 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 36.4 डिग्री, इंदौर में 35.5 डिग्री, ग्वालियर में 32.6 डिग्री, उज्जैन में 35.5 डिग्री और जबलपुर में तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया।