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कल से MP में मौसम का मिजाज बदलेगा, आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ तेज गर्मी का असर

भोपाल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी के बीच अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के मुताबिक 18 मार्च से एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर करीब आधे मध्यप्रदेश में नजर आएगा। इस सिस्टम के चलते तीन दिन तक आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है।राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में भी मौसम बदलेगा। हालांकि इससे पहले मंगलवार तक गर्मी का असर बरकरार रहेगा और दिन में तेज धूप लोगों को परेशान करेगी।मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा यह सिस्टम 17 मार्च की रात से असर दिखाना शुरू करेगा, जो 18 से 20 मार्च के बीच मध्यप्रदेश में व्यापक प्रभाव डालेगा।  फिलहाल प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ सिस्टम सक्रिय हैं, लेकिन इनका खास असर अभी दिखाई नहीं दे रहा है. इसी वजह से कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।  खंडवा रहा सबसे गर्म शहर प्रदेश में सोमवार को सबसे ज्यादा गर्मी खंडवा में दर्ज की गई. यहां अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. इसके अलावा नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, रायसेन, सिवनी, मंडला, टीकमगढ़, सागर और खजुराहो में भी तापमान 37 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया।  अगर बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में 35.8°C, भोपाल में 35.2°C, इंदौर और उज्जैन में करीब 35°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया. वहीं ग्वालियर में अधिकतम तापमान 34.1°C रहा।  वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के मुताबिक आज रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय होने जा रहा है. इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा. इसी वजह से 18 मार्च से 20 मार्च के बीच प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला हुआ नजर आएगा. कई जगहों पर तेज हवा, गरज-चमक और बारिश होने की संभावना जताई गई है।  18 मार्च को इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने 18 मार्च को ग्वालियर, मुरैना, दतिया, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।  19 मार्च को इन इलाकों में बदलेगा मौसम 19 मार्च को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।  20 मार्च को भोपाल-जबलपुर समेत कई शहरों में असर 20 मार्च को भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, विदिशा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल, कटनी, सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।  अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। फरवरी में 4 बार ओले-बारिश हुई इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार दर्ज किया गया भोपाल: 20.0°C इंदौर: 19.0°C जबलपुर: 19.6°C ग्वालियर: 17.1°C उज्जैन: 15.8°C

PMAY 2.0: मुख्यमंत्री ने 90,000 लाभार्थियों के खाते में 900 करोड़ की पहली किस्त ट्रांसफर की

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से जारी की 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त  पिछली सरकारों में पाले गए माफियाओं ने गरीबों का हक छीना,  जमीनें कब्जाईं, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए घर बनेंगे: मुख्यमंत्री माफिया से मुक्त जमीनों पर हाईराइज आवास बनाने के निर्देश, गरीबों के साथ-साथ शिक्षकों, वकीलों, डॉक्टरों व पत्रकारों के लिए भी आवास योजना जिन्होंने वर्षों शोषण किया, उसकी भरपाई अब ब्याज सहित करने का समय आ गया: सीएम योगी डबल इंजन सरकार 25 करोड़ जनता को परिवार मानकर योजनाओं का लाभ पहुंचा रही: सीएम सरकार का लक्ष्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है: योगी लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 के अंतर्गत 90,000 लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त के रूप में 900 करोड़ रुपये की अनुदान राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि जिन्होंने वर्षों तक आम जनता का शोषण किया है, उस शोषण की भरपाई अब ब्याज सहित वापस करने का समय आ गया है। जिन माफियाओं ने गरीबों का हक छीना, जमीनें कब्जाईं, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए घर बनेंगे। डबल इंजन सरकार की नीति के तहत “25 करोड़ जनता ही परिवार” मानकर बिना भेदभाव हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है, और यही उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ छवि से निकालकर देश का ग्रोथ इंजन बना रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल मकान देना नहीं, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है, जहां घर के साथ शौचालय, बिजली, पानी और सभी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित हों।  62 लाख परिवारों को मिला आवास मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसके पास अपना घर हो। मनुष्य ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ कृति है और उसमें अपना पक्का मकान बनाने की क्षमता है। जैसे अन्य जीव शरण के लिए ठौर-ठिकाना बनाते हैं, उसी तरह घर मनुष्य के जीवन की प्राथमिक आवश्यकता है। इस मूल आवश्यकता को पूरा करने का कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हाथों में लिया, जिसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश में अब तक लगभग 62 लाख परिवारों को इस योजना के तहत आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। अब 25 करोड़ जनता ही हमारा परिवार मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले गरीबों के लिए आवास योजनाएं होने के बावजूद उनका लाभ नहीं मिल पाता था, क्योंकि प्रदेश सरकार में इच्छाशक्ति की कमी थी। जब व्यक्ति स्वार्थ में डूब जाता है तो उसकी संवेदनाएं समाप्त हो जाती हैं और वह केवल अपने परिवार तक सीमित रह जाता है। इसी कारण उस समय की सरकारें भी परिवार और नातेदारों तक सीमित थीं। लेकिन 2017 के बाद डबल इंजन सरकार ने “25 करोड़ प्रदेशवासी ही परिवार हैं” की सोच के साथ काम करते हुए हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना अपनी प्राथमिकता बना लिया। हर गरीब के साथ सरकार की संवेदना मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की संवेदना हर गांव, गरीब, युवा, महिला, किसान और श्रमिक के साथ है। इसी क्रम में 90,000 से अधिक लाभार्थियों को आवास के लिए ₹1 लाख की पहली किस्त दी जा रही है। इसमें सहारनपुर में 10,214 लाभार्थियों को, प्रतापगढ़ में 7,991, शाहजहांपुर में 4,325, फिरोजाबाद में 4,266, प्रयागराज में 3,331, जालौन में 3,174, सीतापुर में 3,078, गोरखपुर में 3,063, बरेली में 3,017, अलीगढ़ में 2,883, बदायूं में 2,712, महाराजगंज में 2,701, मेरठ में 2,626, अमरोहा में 2,175, हरदोई में 1,895, बुलंदशहर में 1,826, कुशीनगर में 1,562, बहराइच में 1,529, आगरा में 1,473, मऊ में 1,470, बांदा में 1,437, बिजनौर में 1,364, गाजियाबाद में 1,209, देवरिया में 1,138 और गोंडा में 1,121 लाभार्थियों को यह पहली किस्त प्रदान की गई है। कुल ₹900 करोड़ से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खातों में भेजी गई है। यह तकनीक के प्रभावी उपयोग का उदाहरण है, जहां बिना किसी बिचौलिए के पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है और सभी के मकान बनने का रास्ता साफ हो रहा है। ‘बीमारू’ से ‘ग्रोथ इंजन’ बना यूपी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पहले गरीब और वंचित को बिना भेदभाव योजना का लाभ मिले। यही किसी भी कल्याणकारी शासन की पहचान है। इसी दृष्टिकोण के साथ किए गए कार्यों का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज ‘बीमारू राज्य’ की छवि से निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। डबल इंजन सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और गांव, गरीब, किसान, युवा व महिलाओं के लिए समर्पित प्रयासों के चलते यह संभव हुआ है। साथ ही, बासंतीय नवरात्रि और रामनवमी से पहले गरीबों को आवास मिलना उनके लिए विशेष खुशी का विषय है, जिससे उनके सपनों को नए पंख मिले हैं। आवास के साथ समग्र विकास मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभार्थियों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि राशन योजना, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत के तहत ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों व दिव्यांगजनों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन जैसी सुविधाएं भी मिल रही हैं। प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख लोगों को पेंशन दी जा रही है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। 25 करोड़ जनता को परिवार मानने की भावना से बिना भेदभाव दलितों, वंचितों, पिछड़ों, गरीबों और महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया है। इससे न केवल जीवन स्तर में सुधार हो रहा है, बल्कि लोगों की ऊर्जा और क्षमता से प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है और अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो रही है। 75% निर्माण पर अगली किस्त मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न जनपदों में संवाद के दौरान उन्होंने लाभार्थी परिवारों की खुशी को स्वयं देखा। सहारनपुर, फतेहपुर, महाराजगंज, देवरिया, प्रयागराज और गोरखपुर में महिलाओं ने बताया कि पहली किस्त मिलते ही उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सीएम ने कहा कि 75 प्रतिशत कार्य पूरा होते ही लाभार्थी तुरंत अगली किस्त की मांग करें और अधिकारियों द्वारा ₹1 लाख की अगली किस्त तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि निर्माण में तेजी आए। साथ ही, जिलों में नोडल अधिकारी तैनात कर सस्ती और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सामग्री … Read more

राज्यसभा चुनाव में संजय की जीत, कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग से BJP की रणनीति हुई नाकाम, पूर्व CM के लिए छोड़ी थी सीट

चंडीगढ़  राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य संजय भाटिया कॉलेज समय से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से अपना राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद भाजपा में सक्रिय रूप से काम किया। वे 2019 के लोकसभा चुनाव में करनाल से जीतकर लोकसभा में पहुंचे थे। उनकी यह देश की दूसरी बड़ी जीत थी। वे 2024 में लोकसभा से हटकर संगठन में सक्रिय हो गए थे। केंद्रीय नेतृत्व ने उनको बिहार और अन्य प्रदेशों के चुनाव में आगे रखा। वे जीटी बेल्ट के पंजाबी चेहरों में सबसे ऊपर हैं। प्रदेश के साथ केंद्रीय संगठन में भी उनकी मजबूत पकड़ है।  संजय भाटिया मूल रूप से पानीपत उरलाना गांव से हैं। वे गांव से कई वर्ष पहले मॉडल टाउन में आकर बस गए थे। उनका जन्म 29 जुलाई 1967 पानीपत में हुआ। वे बीकॉम की पढ़ाई के बाद सामाजिक कार्यों में आगे रहे। उनके पिता जय दयाल भाटिया और मां चंद्र कांता भाटिया हैं। उनकी पत्नी अंजू भाटिया गृहिणी हैं। बड़े बेटे चांद भाटिया सामाजिक कार्यों में आगे रहते हैं। संजय भाटिया कॉलेज समय से राजनीति में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने आईबी पीजी कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई की। वे एबीवीपी के 1987 में मंडल सचिव और 1989 में जिला महासचिव बने। उनको 1998 में भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश महासचिव बनाया गया। उन्होंने नगर परिषद में पार्षद का चुनाव भी लड़ा था। हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे हैं। वे राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पार्टी के कार्यों और संसदीय गतिविधियों में सक्रिय हैं। राजनीति में लगातार सक्रिय रहे संजय भाटिया ने 2019 में लोकसभा चुनाव में करनाल लोकसभा क्षेत्र लड़ा था। उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 6,89,668 वोटों से हराया था। उनको 9,11,594 वोट मिले थे। यह उनकी देश की दूसरी बड़ी जीत थी। भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में मनोहर लाल को करनाल लोकसभा का टिकट दिया था। वे इसके बाद भाजपा के केंद्रीय संगठन में सक्रिय हो गए थे। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के लिए भी उनका नाम चर्चाओं में आया था। जीटी बेल्ट का बड़ा पंजाबी चेहरा संजय भाटिया भाजपा में जीटी रोड बेल्ट के बड़े पंजाबी चेहरे हैं। संजय भाटिया का 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट कट गया था। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष के लिए भी नाम चला था। हालांकि भाजपा ने किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया। इसके बाद इस वर्ग के लोगों में कहीं न कहीं पंजाबियों को पीछे धकेलने की बात मन में आती थी। इन सारी दुश्वारियों के बावजूद संजय भाटिया संगठन में केंद्रीय नेतृत्व के साथ मिलकर काम करते रहे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी वह करीबी हैं। ऐसा माना जा रहा है कि संगठन उनको राज्यसभा में भेजकर पंजाबी बिरादरी के बीच अपनी पैठ को मजबूत करना चाह रहा है। पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भी पंजाबी चेहरे के रूप में संजय भाटिया का उपयोग किया जा सकता है। भाटिया के विपक्षी नेताओं के साथ भी संबंध हैं। भाजपा ने इन सभी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए भाटिया को मैदान में उतारा। कांग्रेस में क्राॅस वोटिंग, भाजपा की रणनीति भी नाकाम हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में नतीजे भले ही साफ दिखे, लेकिन अंदर की कहानी बेहद रोमांचक रही। चुनाव के दौरान खेल कुछ ऐसा रचा गया कि आखिरी पलों तक सस्पेंस बना रहा। अंत में कांग्रेस के करमवीर बौद्ध और बीजेपी के संजय भाटिया जीत गए, मगर भाजपा दूसरी सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को जीत के मुहाने पर लाकर चूक गई।  कांग्रेस को क्यों लगा झटका राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस को भी काफी बड़ा झटका लगा है। चुनाव से पहले एकजुटता का दावा करने वाली कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जबकि चार वोट अमान्य पाए गए। कांग्रेस ने फिलहाल क्रॉस वोटिंग करने वाले नामों का खुलासा नहीं किया है। इतना जरूर कहा है कि उन्हें पता है कि किन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है उनके खिलाफ जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।  जीत के बाद भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी पर चुनाव परिणाम को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, बीजेपी ने वोट चोरी के हर हथकंडे अपनाए, लेकिन हमारे विधायक उनके झांसे में नहीं आए। यह वोट चोरी की हार है। हुड्डा ने यह भी आरोप लगाया कि रिटर्निंग अधिकारी ने पक्षपातपूर्ण तरीके से काम किया।  अब भाजपा के चार और कांग्रेस के पास एक सांसद इस चुनाव के बाद हरियाणा से राज्यसभा की पांच सीटों में से अब चार पर भाजपा और एक सीट पर कांग्रेस है। भाजपा के तीन सांसद संजय भाटिया, रेखा शर्मा और सुभाष बराला है, जबकि कार्तिकेय शर्मा समर्थित हैं। वहीं, अब कांग्रेस के भी हरियाणा से एक सांसद कर्मवीर बौद्ध हो गए है। भजपा कैसे चूकी दूसरी सीट पर 1 इनेलो से तालमेल नहीं बना पाई भाजपा इनेलो के विधायकों को अपने पक्ष में लाने में असफल रही। अगर ये 2 वोट मिल जाते तो नतीजा अलग होता। 2. अपना एक वोट बचा नहीं सकी भाजपा का एक वोट रद्द होना सीधे तौर पर नुकसानदायक साबित हुआ। इतने करीबी मुकाबले में एक वोट भी भारी पड़ता है। 3. निर्दलीय उम्मीदवार के लिए पर्याप्त मैनेजमेंट नहीं सतीश नांदल को जिताने के लिए जरूरी अतिरिक्त वोटों की व्यवस्था नहीं हो सकी। 4. कांग्रेस के वोट तोड़े, लेकिन पूरी तरह नहीं हालांकि कांग्रेस के कुछ वोट टूटे, लेकिन बीजेपी उन्हें निर्णायक बढ़त में नहीं बदल पाई। 5. कानूनी रणनीति सफल नहीं हुई भरत सिंह बेनीवाल का वोट रद्द कराने की कोशिश की गई, लेकिन यह दांव नहीं चला। अगर यह वोट रद्द हो जाता तो परिणाम बदल सकता था। ऐसी जीती भाजपा-कांग्रेस  हरियाणा में कुल विधायक: 90 इनेलो के वोट (जो नहीं डाले गए) : 2 कुल वोट डाले गए : 88 सही (वैध) वोट: 83 गलत (रद्द) वोट: 5 4 कांग्रेस के, एक भाजपा का (मतलब 5 वोट खराब हो गए, जिनका कोई फायदा नहीं मिला।) जीत के लिए कितना चाहिए था? राज्यसभा चुनाव में हर वोट की कीमत 100 मानी जाती है। 83 वोट × 100 = 8300 अब इसे 3 से बांटते हैं (क्योंकि 2 … Read more

पी के डेयरी उत्पादों का निर्यात 10% बढ़ा, अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज

यूपी के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% की अभूतपूर्व वृद्धि योगी सरकार की नीतियों का असर, पशुपालन व डेयरी सेक्टर के निर्यात में उल्लेखनीय सुधार 444.10 करोड़ से बढ़कर अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 489.24 करोड़ रुपये पहुंचा निर्यात डेयरी, अंडे और प्राकृतिक शहद समेत उत्पादों की बढ़ती मांग से निर्यात को मिली गति डेयरी प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रहा बढ़ावा पशुपालकों की आय में इजाफा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती लखनऊ पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए योगी सरकार के कदमों का असर निर्यात में वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश के डेयरी और संबंधित पशु-आधारित उत्पादों के निर्यात में विगत एक से डेढ़ वर्ष में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार “डेयरी उत्पाद, अंडे, प्राकृतिक शहद और खाद्य उत्पाद” श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2023 से नवंबर 2024 के दौरान 444.10 करोड़ रुपये था, जो अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच बढ़कर 489.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रकार इस श्रेणी में 10.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करीब 45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को दर्शाती है। निर्यात को मिल रही नई गति यह श्रेणी केवल डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंडे, प्राकृतिक शहद और अन्य खाद्य पशु-आधारित उत्पाद भी शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को नई गति दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, दूध, घी, पनीर, मक्खन, मिल्क पाउडर के साथ-साथ शहद और अंडों की गुणवत्ता में सुधार तथा प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत हुई है। बेहतर पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है। योगी सरकार की पहल से मिला बढ़ावा सीएम योगी के निर्देश पर राज्य में पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रहीं हैं। डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट्स के विस्तार, कोल्ड चेन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु, प्रशिक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दुग्ध सहकारी समितियों और निजी डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण स्तर पर संग्रहण और विपणन तंत्र मजबूत हुआ है। अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत डेयरी और संबद्ध उत्पादों के निर्यात में आई यह वृद्धि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इससे बड़ी संख्या में जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर इसी तरह ध्यान दिया जाता रहा, तो उत्तर प्रदेश आने वाले समय में इस श्रेणी के निर्यात में और बड़ी छलांग लगा सकता है।

पंजाब में खिलाड़ियों को मिलेगा दाखिले और नौकरियों में वेटेज, 75% प्रदर्शन और 25% परीक्षा अंक का होगा हिसाब

लुधियाना  पंजाब सरकार ने खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों और एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में दाखिले में अधिक अवसर मुहैया करवाने के लिए नई स्ट्रेटजी बनाई है। अब उनके ग्राउंड में दिखाए गए प्रदर्शन को प्राथमिकता मिलेगी। उनके नौकरी की राह में जिला स्तर से लेकर इंटरनेशनल मुकाबले खेले है।  इसके लिए पंजाब स्टेट पॉलिसी ऑन रिजर्वेशन फॉर स्पोर्ट्सपर्सन जारी की है। पॉलिसी में सरकारी नौकरियों में 3 प्रतिशत आरक्षण और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश पर लागू होगी। पुरानी 1988 की खेल भर्ती भी जहां-जहां अंतर है, नई नीति उसे ओवरराइड कर देगी। स्पोर्ट्स परफॉरमेंस को 75% वेटेज नई पॉलिसी के मुताबिक खेल उपलब्धियों को 75 प्रतिशत वेटेज और प्रवेश परीक्षा को 25 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, जबकि सभी विज्ञापित पदों के लिए खेल विभाग द्वारा खेल ग्रेडेशन और स्कोरिंग अनिवार्य कर दी गई है। अंकों का लाभ केवल तभी मिलेगा जब उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा में न्यूनतम क्वालीफाइंग अंक प्राप्त कर लेगा। चार ग्रुप में मिलेगी नौकरियां खेल ग्रेड के आधार पर नौकरी के लिए सरकार ने 4 ग्रुप तय किए हैं। ग्रेड A और B वाले ग्रुप A, B, C और D की नौकरियों के लिए पात्र होंगे। जबकि ग्रेड C वाले ग्रुप C और D की नौकरियों के लिए पात्र हैं। ग्रेड D केवल ग्रुप D की नौकरियों के लिए पात्र हैं। 2023 की पॉलिसी से ऐसे अलग 2023 की खेल नीति के अनुसार खेलों (एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल आदि) के खिलाड़ियों को शैक्षणिक, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों में दाखिले के समय वरीयता देने का प्रावधान था, लेकिन अब यह प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें

राज्यपाल  पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन को देंगे विकास की सौगातें गीता भवन और विभिन्न विकास कार्यों का करेंगे भूमि-पूजन उज्जैन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 17 मार्च को उज्जैन में 77 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले गीता भवन का भूमि-पूजन करेंगे। साथ ही उज्जैन विकास प्राधिकरण द्वारा कियान्वित की जा रही नगर विकास योजनाओं एवं सिंहस्थ 2028 के विकास कार्यों के अंतर्गत 662.46 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित होने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भी भूमि-पूजन होगा। नगर विकास योजना ग्राम नीमनवासा, धतरावदा एवं लालपुर में 473.32 हैक्टयेर में विकसित की जा रही है, जिसमें लगभग 35 कि.मी. के 24 मी. एवं 30 मी. के सीसी रोड अन्तर्गत सीवर लाईन, वॉटर लाईन, स्थाई अण्डर ग्राउण्ड विद्युतीकरण, स्ट्रीट लाईट आदि विकास कार्य किए जाएंगे। उक्त कार्य में 160.39 करोड़ रुपए की लागत आएगी। विक्रम नगर आरओबी का निर्माण कार्य राशि 30.68 करोड़ रुपए की लागत से किया जा रहा हैं, जिसमें विक्रम उद्योगपुरी के पास एमआर 5 से नगर विकास योजना क्रं.- 03,04, 05 & 06, को जोड़ने के लिए किया जा रहा है। आरओबी के निर्माण से रेल्वे लाईन क्रॉसिंग से शहर को जोड़ने का कार्य एवं सिंहस्थ के दौरान मक्सी एवं देवास से आने वाले यातायात को सुगमता प्रदान करेगा। नवीन सिंहस्थ मेला कार्यालय भवन का भूमि-पूजन सिंहस्थ मेला कार्यालय का निर्माण कार्य का भूमि-पूजन भी होगा, जिसकी लागत राशि 29.84 करोड़ रुपए की है। सिंहस्थ के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं के प्रबंधन एवं प्रभावी नियत्रंण के लिए किया जा रहा है। उक्त भवन G+1 होकर निर्मित क्षेत्रफल 63 हजार वर्गफीट होगा। उक्त मेला कार्यालय भवन में एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र स्थापित होगा।

दिल्ली हाई कोर्ट ने हरदीप पुरी की बेटी को जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले कंटेंट पर लगाई रोक

नई दिल्ली दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी की बेटी हिमायनी पुरी को चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन से जोड़कर बदनाम करने वाले कंटेंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। अभी ये आदेश वैश्विक स्तर पर जारी नहीं हुए हैं। दरअसल हिमायनी पुरी ने जेफरी एपस्टीन से जोड़ने वाले पोस्ट को अपमानजनक बताते हुए याचिका दायर की थी, जिस पर दिल्ली हाई कोर्ट सुनवाई कर रहा है। 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग अपने वाद में हिमायनी पुरी ने 10 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग की है। इसके साथ ही कई संस्थाओं को मानहानिकारक कंटेंट फैलाने से रोकने का आदेश देने का अनुरोध किया है। इस मामले में न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्ना सुनवाई कर रही हैं। पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी का कहना है कि उन्हें अत्यंत अपमानजनक पोस्टों के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ 'जॉन डो' आदेश की मांग की है। पुरी की ओर से पेश वकील ने क्या तर्क दिए जेठमलानी का तर्क है कि यह सामग्री एक सुनियोजित हमले का हिस्सा प्रतीत होती है, जो व्यक्तिगत और संभावित राजनीतिक दुर्भावना का संकेत देती है। उनका यह भी कहना है कि पुरी से पूर्व में जुड़ी एक फर्म को एपस्टीन से धन प्राप्त होने के दावे पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत हैं। जेठमलानी का कहना है कि ये आरोप पेशेवर कदाचार और नैतिक पतन के आरोप हैं, जो उनके अनुसार हिमायनी पुरी के खिलाफ मानहानिकारक हमले का मूल आधार हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही झूठी सामग्री याचिका के अनुसार, 22 फरवरी 2026 के आसपास से सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर झूठे, भ्रामक एवं मानहानिकारक पोस्ट, आर्टिकल, वीडियो और डिजिटल कंटेंट फैलाए जा रहे हैं। इनमें एक्स, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन तथा अन्य डिजिटल न्यूज पोर्टल भी शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री की बेटी होने की वजह से बनाया जा रहा निशाना हिमायनी पुरी ने कहा कि वह फाइनेंस और इनवेस्टमेंट सेक्टर में काम करती हैं। उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की बेटी हैं। याचिका में कहा गया है कि प्रतिवादियों ने यह निराधार आरोप लगाए कि उनका एपस्टीन के साथ डायरेक्ट-इडायरेक्ट बिजनेस, फाइनेंस या निजी संबंध था। याचिका के अनुसार, इन आरोपों को पूरी तरह झूठा, दुर्भावनापूर्ण और तथ्यहीन बताया गया है। चाइल्ड सेक्स ऑफेंडर जेफरी एपस्टीन Jeffrey Epstein एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जो बाद में नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों के कारण दुनिया भर में कुख्यात हो गया। वह अमीर और प्रभावशाली लोगों से जुड़े अपने नेटवर्क के लिए भी चर्चा में रहा। 2008 में उसे नाबालिग से जुड़े अपराध में सजा मिली थी, लेकिन 2019 में दोबारा गिरफ्तार किया गया। उसी साल न्यूयॉर्क की जेल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। एपस्टीन केस ने वैश्विक स्तर पर सत्ता, पैसे और यौन अपराधों के संबंध पर बहस छेड़ दी।

योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ग्रामीण बैंकिंग लेनदेन में पहली बार आई इतनी रफ्तार

बीसी सखियों ने बनाया रिकॉर्ड, 45 हजार करोड़ का किया वित्तीय लेनदेन, कमीशन में मिले 120 करोड़ योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद ग्रामीण बैंकिंग लेनदेन में पहली बार आई इतनी रफ्तार 50 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय लेनदेन की ओर अग्रसर प्रदेश की बीसी सखियां आजीविका मिशन के जरिए एक करोड़ से ज्यादा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया लेनदेन में प्रयागराज पहले स्थान पर, बरेली दूसरे और शाहजहांपुर तीसरे नंबर पर लखनऊ योगी सरकार में प्रदेश के गांवों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की मुहिम ने बड़ा असर दिखाया है। बीसी सखी योजना के माध्यम से गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंच रहीं हैं और 40 हजार से ज्यादा महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहीं हैं। प्रदेश में पहली बार योगी सरकार के कार्यकाल में ग्रामीण बैंकिंग को इतनी रफ्तार मिली है। बीसी सखियां गांवों में बैंकिंग प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए खातों में पैसे जमा-निकासी, आधार आधारित लेनदेन और सरकारी योजनाओं का भुगतान जैसी सेवाएं लोगों तक पहुंचा रहीं हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक जाने की परेशानी कम हुई है और महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का रास्ता भी खुला है। प्रदेश की बीसी सखियां अब तेजी से वित्तीय लेनदेन को बढ़ावा दे रहीं हैं। यह आंकड़ा जल्द ही 50 हजार करोड़ रुपये के करीब पहुंचने की ओर अग्रसर है। ग्रामीण महिलाएं अब तक लगभग 45 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय लेनदेन कर चुकीं हैं। इसके अंतर्गत उन्हें लगभग 120 करोड़ का कमीशन मिला है। कई बीसी सखियां हर महीने 40 से 50 हजार रुपये तक कमीशन भी अर्जित कर रहीं हैं, जिससे ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है। उद्यमिता और बैंकिंग के जरिए अलग पहचान बना रहीं महिलाएं राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आजीविका मिशन के माध्यम से अब तक एक करोड़ से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब उद्यमिता, बैंकिंग और विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों के जरिए अपनी अलग पहचान बना रहीं हैं। 50 हजार से अधिक बीसी सखियों को प्रशिक्षण राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जनमेजय शुक्ला के अनुसार प्रदेश में अब तक 50,225 बीसी सखियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से करीब 40 हजार महिलाएं सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रहीं हैं। बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन में प्रयागराज अव्वल बीसी सखियों के जरिए होने वाले लेनदेन के मामले में प्रयागराज जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है, जहां 1030 बीसी सखियां सक्रिय हैं। इसके बाद बरेली में 890 और शाहजहांपुर में 813 बीसी सखियां कार्य कर रहीं हैं। योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी बीसी सखी मॉडल ने गांवों में वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक नई मिसाल पेश की है। आने वाले समय में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी है, जिससे प्रदेश के और अधिक गांवों में आर्थिक बदलाव की रफ्तार तेज होगी।

काबुल में आतंकी ठिकाने बताकर पाकिस्तान ने 400 लोगों की जान ली, जिनमें मरीज और आम लोग भी शामिल

काबुल अफ़गानिस्तान के उप-सरकारी प्रवक्ता ने मंगलवार सुबह बताया कि अफ़गान राजधानी काबुल में नशा करने वालों का इलाज करने वाले एक अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर 400 हो गई है।  सोशल मीडिया पोस्ट में हमदुल्ला फितरत ने कहा कि सोमवार देर रात हुए इस हमले में अस्पताल का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया. उन्होंने बताया कि अब तक 400 लोग मारे जा चुके हैं और करीब 250 अन्य के घायल होने की खबर है।  फितरत ने आगे कहा कि बचाव दल इमारत में लगी आग पर काबू पाने और मलबे से शवों को निकालने का काम कर रहे हैं।  पाकिस्तान क्या बोला? पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के दावे को झूठा और जनता की राय को गुमराह करने के मकसद से किया गया बताकर खारिज कर दिया. पाकिस्तान ने कहा कि उसने सोमवार को काबुल और नंगरहार प्रांत में केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था।  अफ़गानिस्तान की तालिबान सरकार के डिप्टी प्रवक्ता हमदुल्ला फ़ितरत के मुताबिक, काबुल के उमर एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर हमला स्थानीय समय के अनुसार रात लगभग 9 बजे (16:30 GMT) हुआ. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह हॉस्पिटल 2,000 बेड की सुविधा वाला है और इस हमले में इमारत का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया।  'हम फिर से उठ खड़े होंगे…' अफगानिस्तानी क्रिकेटर राशिद खान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "काबुल में पाकिस्तानी हवाई हमलों के कारण आम नागरिकों के हताहत होने की ताज़ा रिपोर्टों से मुझे गहरा दुख हुआ है. आम नागरिकों के घरों, शिक्षण संस्थानों या चिकित्सा सुविधाओं को निशाना बनाना एक युद्ध अपराध है. इंसानी जानों के प्रति इस तरह की शदीद गफलत, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, बेहद घिनौनी और गहरी चिंता का विषय है. इससे केवल फूट और नफ़रत ही बढ़ेगी।  उन्होंने आगे कहा कि मैं संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली अन्य एजेंसियों से अपील करता हूं कि वे इस ताज़ा जुल्म जांच करें और इसके दोषियों को जवाबदेह ठहराएं. इस मुश्किल घड़ी में मैं अपने अफ़ग़ान लोगों के साथ खड़ा हूं. हम इस सदमे से उबरेंगे और एक राष्ट्र के रूप में हम फिर से उठ खड़े होंगे. हम हमेशा ऐसा ही करते आए हैं।  'जेट ने बम गिराए…' स्थानीय टेलीविज़न चैनलों ने ऐसे फुटेज दिखाए, जिनमें दमकलकर्मी एक इमारत के मलबे के बीच उठ रही लपटों को बुझाने के लिए संघर्ष करते नज़र आ रहे थे।  हॉस्पिटल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करने वाले 31 साल के ओमिद स्तानिकज़ई ने AFP समाचार एजेंसी को बताया कि हमले से पहले उन्होंने आसमान में लड़ाकू विमानों को गश्त करते हुए सुना था. हमारे चारों ओर सैन्य टुकड़ियां थीं. जब इन सैन्य टुकड़ियों ने जेट पर गोलीबारी की, तो जेट ने बम गिराए और आग लग गई. सभी मृतक और घायल नागरिक थे।  पाकिस्तान के द्वारा यह हमला अफ़ग़ान अधिकारियों के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों पक्षों के बीच उनकी साझा सीमा पर गोलीबारी हुई थी और अफ़ग़ानिस्तान में चार लोग मारे गए थे. यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब इन पड़ोसी देशों के बीच पिछले कई वर्षों की सबसे भीषण लड़ाई तीसरे हफ़्ते में प्रवेश कर गई है।  'इंसानियत के खिलाफ जुर्म…' अफ़ग़ान सरकार के एक और प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने इससे पहले सोशल मीडिया पर अस्पताल पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है और काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया है. उन्होंने कहा कि अफ़ग़ान सरकार इस तरह के कृत्य को सभी सिद्धांतों के खिलाफ और इंसानियत के खिलाफ जुर्म मानती है।  'आतंकवादियों को मदद देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर…' पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के प्रवक्ता मुशर्रफ़ ज़ैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि काबुल में किसी भी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया।  सोशल मीडिया पोस्ट में पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों में सैन्य ठिकानों और आतंकवादियों को मदद देने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर को सटीक रूप से निशाना बनाया गया, जिसमें अफ़ग़ान तालिबान के तकनीकी उपकरणों और गोला-बारूद के गोदाम शामिल हैं. इसके साथ ही काबुल और नंगरहार में मौजूद अफ़ग़ानिस्तान-स्थित पाकिस्तानी लड़ाकों को भी निशाना बनाया गया. मंत्रालय ने आगे कहा कि इन ठिकानों का इस्तेमाल बेकसूर पाकिस्तानी नागरिकों के खिलाफ किया जा रहा था। 

सीएम योगी ने पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से सहजता से किया संवाद

सीएम योगी का सहज अंदाज, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों से किया सीधा संवाद “फोन चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा” विभिन्न जिलों की महिलाओं से सीधे बातचीत कर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी ली सीएम योगी ने लखनऊ प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के लाभार्थियों को पहली किस्त अंतरित करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई जनपदों की लाभार्थियों के साथ वर्चुअल संवाद भी किया। यह संवाद सिर्फ औपचारिक बातचीत नहीं रहा, बल्कि इसमें सहज शैली के साथ किए गए सरल प्रश्नों के जरिए सीएम योगी ने यह भी सुनिश्चित किया कि योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। फतेहपुर की माया देवी से बातचीत में मुख्यमंत्री ने पूछा, “आज आपके खाते में पहली किस्त आ गई है, आपने फोन देखा?” जब माया देवी ने कहा कि अभी नहीं देखा, तो मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा, “एक बार चेक कर लीजिए, पैसा आ गया होगा।” इस सहज संवाद ने कार्यक्रम में आत्मीयता का माहौल बना दिया। फतेहपुर की माया देवी ने बताया कि उन्हें राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का लाभ मिल चुका है और पति मजदूरी कर बच्चों की पढ़ाई करवा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने की सलाह देते हुए कहा कि अब आवास, बिजली और पानी की सुविधा भी उन्हें मिलेगी। गोरखपुर की मेनका देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें पहले कच्चे मकान में रहना पड़ता था, लेकिन अब आवास मिलने से बड़ी राहत मिली है। उन्हें आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, उज्ज्वला गैस और पीएम स्वनिधि योजना का लाभ भी मिला है। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के बारे में जानकारी ली और उन्हें नए घर के लिए बधाई दी। प्रयागराज की अर्चना ने बताया कि उन्हें बिजली, गैस और आयुष्मान कार्ड के साथ अब आवास का लाभ भी मिला है। पति मजदूरी करते हैं और वह स्वयं काम कर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करती हैं। मुख्यमंत्री ने उन्हें आवास निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की सलाह देते हुए कहा कि सभी जन प्रतिनिधि इसमें आपका सहयोग करेंगे। सहारनपुर की सुनीता ने आवास मिलने पर खुशी जताते हुए कहा कि वह जल्द ही अपना घर बनाएंगी। परिवार में पति बिजली का काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि घर बनने के बाद सभी को गृह प्रवेश पर आमंत्रित करें और योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं। महराजगंज की गुंजा देवी ने बताया कि उन्हें पहली बार आवास का लाभ मिला है। मुख्यमंत्री ने उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने की सलाह दी और बताया कि अब शहरी क्षेत्रों में आवास के लिए अधिक राशि उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे बेहतर मकान बन सके। देवरिया की सरोज देवी ने बताया कि उन्हें उज्ज्वला गैस, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड का भी लाभ मिला है। उन्होंने अपने परिवार में बुजुर्गों और बच्चों की जिम्मेदारी निभाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि बुजुर्गों की सेवा करना महत्वपूर्ण है और सरकार हर संभव सहयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने संवाद के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, राशन योजना और पेंशन योजनाओं के माध्यम से सरकार हर गरीब तक सुविधाएं पहुंचा रही है। उन्होंने लाभार्थियों को आवास निर्माण समय से पूरा करने, बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देने और सभी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन सरकार” की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ पहुंचे, जिससे उसका जीवन स्तर सुधरे और वह आत्मनिर्भर बन सके। सीएम से आवास स्वीकृति पत्र पाकर झलकी खुशी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से 20 लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इस दौरान कार्यक्रम में उत्साह का माहौल देखने को मिला और जैसे-जैसे लाभार्थियों के नाम पुकारे गए, सभागार तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में सबसे पहले लखनऊ की सीमा को मुख्यमंत्री ने घर का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इसके बाद लखनऊ की रूबी गुप्ता, आराधना श्रीवास्तव व अंजू, सीतापुर की रेनू वर्मा व संजीवनी सिंह, बाराबंकी की शबाना रिजवी, सरिता देवी व पिंकी वर्मा को भी मंच पर बुलाकर आवास स्वीकृति पत्र दिए गए। उन्नाव की मोनिका गौतम व अर्चना देवी को भी इस योजना का लाभ मिला। हरदोई की सोनी, दीप्ति कुमारी व रेनू मिश्रा और रायबरेली की चांदनी भट्ट, रेनू व सुनील कुमार को भी मुख्यमंत्री ने आवास स्वीकृति पत्र सौंपे। कार्यक्रम के दौरान जब लाभार्थी मंच पर पहुंचे तो उनके चेहरों पर अपने घर का सपना पूरा होने की खुशी साफ दिखाई दी। कई लाभार्थियों के साथ उनके बच्चे भी मौजूद थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक दुलारा।