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बर्फबारी के कारण अटल टनल की ओर जाने वाले मार्ग बंद, IMD का आज भी अलर्ट जारी

 मनाली      हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी के कारण प्रशासन ने नेहरू कुंड से साउथ पोर्टल तक अटल टनल की ओर वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी है. दरअसल, प्रसिद्ध पर्यटन जगह मनाली के पास अटल टनल क्षेत्र में रविवार को अचानक हुई भारी बर्फबारी ने हजारों पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं. करीब 1000 से ज्यादा वाहनों में लगभग 5000 पर्यटक सड़क पर फंस गए थे. लेकिन प्रशासन, पुलिस और बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया और सोमवार देर शाम तक सभी लोगों को सुरक्षित मनाली पहुंचा दिया। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि भारी बर्फबारी से सड़कों पर बर्फ जम गई. जिससे फिसलन वाले रास्तों पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया था. कई पर्यटकों को अपनी गाड़ियां छोड़कर पैदल या मदद से सुरक्षित जगह पहुंचना पड़ा. वहीं, कुछ टैक्सी ड्राइवर अभी भी अपने वाहनों के साथ टनल के आस-पास हैं, लेकिन सभी लोग सुरक्षित हैं. सड़क ठीक होने पर उन्हें मनाली भेज दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, अटल टनल के साउथ पोर्टल के पास भारी बर्फ जमा हो गई है. इसलिए यातायात को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. नेहरू कुंड और सोलंग नाला में 24 घंटे के लिए बैरियर लगाए गए हैं. पुलिस की निगरानी में केवल आपातकालीन वाहन जैसे एंबुलेंस, पुलिस गाड़ियां, फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों को 4×4 वाहनों से ही जाने की अनुमति है। मार्च में बर्फ से ढकी वादियां, स्नोफॉल का अद्भुत नजारा उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने कहा कि बीआरओ की टीमें लगातार भारी मशीनरी से बर्फ हटा रही हैं. सड़क को जल्द से जल्द साफ करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अभी जोखिम ज्यादा है, इसलिए ट्रैफिक बंद रखना जरूरी है. इस बीच, मौसम विभाग ने फिलहाल भारी बर्फबारी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि मौसम और सड़क की स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक अटल टनल, सोलंग वैली की ओर जाने से बचें।

रूल ऑफ लॉ और सुशासन से बदली यूपी की तस्वीर, अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी: मुख्यमंत्री

ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रूल ऑफ लॉ और सुशासन से बदली यूपी की तस्वीर, अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी: मुख्यमंत्री डिफेंस कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट से यूपी बन रहा निवेश का प्रमुख केंद्र: मुख्यमंत्री नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए टाइमलाइन, मॉनिटरिंग और जवाबदेही जरूरी: मुख्यमंत्री  जापान का सिविक सेंस और तकनीकी अनुशासन अनुकरणीय, यूपी में निवेश को लेकर वैश्विक रुचि: मुख्यमंत्री राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय के अधिकारियों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संवाद लखनऊ  राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय,रक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित नेशनल सिक्योरिटी एंड स्ट्रेटजिक स्टडी कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रस्ट और टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के परिवर्तन के दो प्रमुख आधार बने हैं। पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और आज देश में सर्वाधिक हाईवे और एक्सप्रेसवे नेटवर्क उत्तर प्रदेश के पास है, जहां देश के लगभग 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे स्थित हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन सरकार ने रूल ऑफ लॉ स्थापित करते हुए अवैध वसूली और अराजकता पर प्रभावी नियंत्रण किया। बेहतर कानून व्यवस्था के कारण निवेश और विकास को नई गति मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का तेजी से विकास हो रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई स्थापित है, जो एक एंकर यूनिट के रूप में अनेक छोटे उद्यमों को अवसर प्रदान करेगी। कानपुर नोड में भी बड़े निवेश आए हैं, जबकि हरदोई में ‘बेब्ले स्कॉट’ उत्पादन इकाई है। उन्होंने अधिकारियों को डिफेंस कॉरिडोर का दौरा करने के लिए भी आमंत्रित किया।  मुख्यमंत्री ने कहा कि जेवर में देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा निर्माणाधीन है, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे लगभग पूर्ण होने की अवस्था में है। कानून व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रदेश के हर मंडल में साइबर फोरेंसिक लैब, प्रत्येक जिले में फोरेंसिक मोबाइल वैन तथा 75 साइबर थाने स्थापित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि डीबीटी व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। ई-पॉस मशीनों के माध्यम से प्रदेश की लगभग 80 हजार उचित दर की दुकानों पर पारदर्शी तरीके से राशन वितरण सुनिश्चित किया गया है। इसके साथ ही एक करोड़ से अधिक निराश्रित महिलाओं, वृद्धजनों और दिव्यांगजनों को प्रतिवर्ष ₹12,000 की पेंशन सीधे उनके खातों में प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में अब तक 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं और हाल ही में 90 हजार नए लाभार्थियों को भी इस योजना से जोड़ा गया है।  संवाद के दौरान अधिकारियों ने यह प्रश्न किया कि भारत में अनेक अच्छी नीतियां बनती हैं, लेकिन उनका प्रभावी क्रियान्वयन अक्सर नहीं हो पाता। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट और जवाबदेही तय करने से ही परिणाम प्राप्त होते हैं। अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री से उनकी सिंगापुर और जापान यात्राओं के अनुभव के बारे में भी प्रश्न किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान का सिविक सेंस, स्वच्छता और अनुशासन अत्यंत अनुकरणीय है। वहां ग्रीन एनर्जी, ट्रांसपोर्ट मोबिलिटी और अत्याधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि वहां के उद्योग जगत ने उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश की रुचि व्यक्त की है और जल्द ही इन निवेश प्रस्तावों को मूर्त रूप मिलता दिखाई देगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय, नई दिल्ली के कमांडेंट एयर मार्शल मनीष कुमार गुप्ता कर रहे थे। प्रतिनिधिमंडल में भारतीय सशस्त्र बलों, विभिन्न देशों की सेनाओं तथा भारत सरकार की सिविल सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इनमें ब्रिगेडियर समीर मेहरोत्रा, श्री परिमल सिन्हा, ब्रिगेडियर विपुल सिंह राजपूत, कमोडोर J.M.B.S.B. जयवीरा (श्रीलंका नौसेना), ब्रिगेडियर भारत भूषण, कर्नल जावख्लानबयार डोंडोगदोरज (मंगोलिया), कमोडोर शरद सिन्सुनवाल, कर्नल इब्राहिम नईम (मालदीव नौसेना), ब्रिगेडियर सूर्यवीर सिंह राजवी, ब्रिगेडियर सुमीत अबरोल, श्री संजय जोसेफ, ब्रिगेडियर मुरली मोहन विरुपसमुद्रम लक्ष्मिसा, कर्नल होवहानेस खानवेल्यान (आर्मेनियन एयर फोर्स), एयर कमोडोर मंटिना सुब्बा राजू, एयर कमोडोर फेलिक्स पैट्रिक पिंटो तथा कर्नल ई.बी. गुस्तावो मोरेइरो मैथियास (ब्राजील) शामिल थे।

एयरस्ट्राइक के बाद अफगान सरकार का कड़ा संदेश: ‘पाकिस्तान से डिप्लोमेसी का समय अब खत्म’

काबुल पाकिस्तान और अफगान-तालिबान के बीच पिछले 10 दिनों से भीषण युद्ध जारी है . कल रात 9 बजे पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब लिल हक' के तहत काबुल में अब तक की सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक की, जिसमें एक अस्पताल को भी निशाना बनाया गया. अफगान अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में 400 बेकसूर नागरिकों की मौत हो गई है और करीब 250 लोग घायल हुए हैं। पाकिस्तान सरकार ने इस हमले का फुटेज जारी करते हुए इसे सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई बताया है। इस हमले के बाद इस्लामिक एमिरेट्स ऑफ अफगानिस्तान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने टोलो न्यूज़ से कहा कि अब पाकिस्तान के साथ बातचीत या कूटनीति का समय खत्म हो गया है, अफगानिस्तान इसका बदला लेगा. डूरंड लाइन पर दोनों देशों की सेनाएं लगातार आमने-सामने हैं और तनाव चरम पर है। निशाने पर इस्लामाबाद जंग की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और सैन्य कार्रवाई तेज थी. अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री ने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर काबुल पर हमला हुआ, तो निशाना इस्लामाबाद होगा. जवाब में तालिबान ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद, क्वेटा और रावलपिंडी में पाक आर्मी के ठिकानों पर हमले का दावा किया था. तालिबान ने दावा किया था कि उन्होंने पाकिस्तान के महत्वपूर्ण 'नूर खान एयरबेस' को निशाना बनाया है। पाकिस्तान का 'ऑपरेशन गजब लिल हक' पाकिस्तान ने काबुल और नंगरहार में किए गए इन हमलों को अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने हाल ही में बयान दिया था कि अफगान-तालिबान ने पाकिस्तान में नागरिकों को निशाना बनाकर 'रेड लाइन' क्रॉस की है. इसी बयान के बाद कल रात काबुल पर भारी बमबारी की गई. पाकिस्तान का दावा है कि ये हमले उन सैन्य प्रतिष्ठानों पर थे, जो पाकिस्तान में हमलों को प्रायोजित कर रहे थे। डूरंड लाइन पर भीषण झड़पें दोनों देशों के बीच सीमा पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है. डूरंड लाइन पर दोनों तरफ की सेनाएं लगातार एक-दूसरे पर भारी गोलाबारी कर रही हैं. पाकिस्तान द्वारा काबुल के अस्पताल पर किए गए हमले और उसके फुटेज जारी करने के बाद अफगानिस्तान में भारी आक्रोश है. तालिबान ने कहा है कि वे इस सैन्य हमले का करारा जवाब देंगे, जिससे पूरे इलाके में बड़ी जंग का खतरा मंडराने लगा है। ।.

शेयर बाजार में बड़ी उछाल, गिरावट के बाद एक घंटे में सेंसेक्स पहुंचा 76,000 पर

मुंबई शेयर बाजार की चाल दो कारोबारी दिनों से लगातार बदली-बदली नजर आ रही है. सोमवार को जहां सेंसेक्स-निफ्टी ने आखिरी कारोबारी घंटे में बाजी पलट दी थी और शुरुआती गिरावट के बाद अचानक तूफानी तेजी लेकर बंद हुए थे. वहीं मंगलवार को भी दोनों इंडेक्स की चाल शुरुआती कारोबार में ही बदलती रही।  जी हां, बढ़त के साथ खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में दोनों इंडेक्स रेड जोन में ट्रेड करते दिखे, तो घंटेभर के कारोबार के बाद अचानक सुस्ती से उबरते हुए पलटी मार दी. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 495 अंक की छलांग लगाकर 76,000 पर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा उछल गया था. इस बीच Zomato की पैरेंट कंपनी Eternal, M&M, Tata Steel, से लेकर Maruti, IndiGo तक के शेयर तेज रफ्तार पकड़े नजर आए।  सेंसेक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सुस्ती के साथ हुई. BSE Sensex अपने पिछले कारोबारी बंद 75,502.85 की तुलना में तेजी के साथ 75,826 पर ओपन हुआ और फिर कुछ मिनट में ही ये फिसलकर 75,234 के स्तर पर आ गया. करीब घंटेभर के कारोबार के बाद स्थिति फिर से बदली हुई दिखी और सेंसेक्स इंडेक्स 495 अंक की उछाल के साथ 76,000 के लेवल पर पहुंच गया।  NSE Nifty की बात करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के साथ-साथ बदलती रही. 50 शेयरों वाले इस इंडेक्स ने अपने पिछले बंद 23,408 की तुलना में बढ़त लेकर 23,493 पर कारोबार शुरू किया था और फिर ये 23,346 तक फिसला था. लेकिन अचानक इसमें भी तूफानी तेजी आ गई और खबर लिखे जाने तक निफ्टी 155 अंक की तेजी लेकर 23,577 पर कारोबार करता नजर आया. हालांकि, इस स्तर पर पहुंचने के बाद फिर दोनों इंडेक्स की रफ्तार कम होती दिखी ये 10 शेयर बने बाजार के 'हीरो' Stock Market में अचानक आई इस तेजी के बीच कई दिग्गज शेयरों का सपोर्ट शामिल है, जो तेज रफ्तार से भागते हुए नजर आए. इनमें बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Eternal Share (3.70%), M&M Share (2.94%), Tata Steel Share (2.86%), Maruti Share (2.10%), Indigo Share (1.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे।  वहीं मिडकैप में शामिल Tornt Power Share (2.20%) और Ashok Leyland Share (1.85%) की बढ़त में था. स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल शेयरों में APARINDS Share (4%), ASTERDM Share (3.20%) और MCX Share (3%) उछलकर कारोबार कर रहा था।   अचानक तेजी के ये बड़े कारण बात करें, शेयर बाजार में अचानक आई तेजी के पीछे के कारणों के बारे में, तो एशियाई बाजारों में तेजी से मिले ग्लोबल पॉजिटिव सिग्नल का असर देखने को मिला है. Japan Nikkei, Hongkong HangSeng से लेकर साफत कोरिया का KOSPI तक ग्रीन जोन में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लगातार दूसरे दिन मेटल, ऑटो जैसे शेयरों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली है. बाजार के डर का पैमाना India VIX फिर 6 फीसदी टूटा।     

राज्यसभा चुनाव में NDA ने जीते 22 सीटें, कांग्रेस को मिली 6 सीटें, नफा-नुकसान का विश्लेषण

 नई दिल्ली बिहार, हरियाणा और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के आगे विपक्षी की सारी कोशिश बेकार साबित हुईं. बीजेपी ने ऐसी रणनीति बनाई कि बिहार में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव का असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साथ हाथ मिलान भी काम नहीं आ सका तो ओडिशा में कांग्रेस और बीजेडी की जोड़ी भी कोई कमाल नहीं कर सकी। तीन राज्यों की 11 राज्यसभा सीटों में से एनडीए ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है जबकि विपक्ष को सिर्फ दो राज्यसभा सीटें ही मिल सकी है. बीजेपी ने 5 सीटें जीती हैं और उसके सहयोगियों को 4 सीट मिली है. कांग्रेस और बीजेडी एक-एक राज्यसभा सीटें जीत सकती है. राज्यसभा के ये नतीजे सोमवार को हुए चुनाव के है, लेकिन फाइनल आंकड़ा अलग है। देश के 10 राज्यों की कुल 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए हैं, जिसमें सात राज्यों के 26 राज्यसभा सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित चुन लिए गए थे. तीन राज्यों की 11 सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए और उसके बाद नतीजे आए हैं. इस तरह से 37 राज्यसभा सीटों के चुनाव का फाइनल नतीजे देखें तो बीजेपी के अगुवाई वाले एनडीए ने 22 सीटें जीती हैं तो विपक्ष के खाते में 15 सीटें आईं हैं। 37 राज्यसभा सीटों का फाइनल नतीजा अप्रैल-2026 में खाली होने वाली 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव हो गए हैं और अब फाइनल नतीजे भी आ गए. 37 राज्यसभा सीटों में 26 सीटें पर पहले ही निर्विरोध सदस्यों का चुन लिया गया था, जिसमें एनडीए और विपक्ष को 13-13 सीटें मिली थी. अब सोमवार को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर सोमवार को चुनाव हुए, जिसमें एनडीए 9 और विपक्ष दो सीटें जीती है. इस तरह से चुनाव का फाइनल स्कोर देखें तो एनडीए को 22 सीटें मिली है जबकि विपक्ष के हिस्सा में 15 सीट ही आ सकी हैं। राज्यसभा चुनाव में एनडीए को मिली 22 सीटों में देखें तो 13 सीटें बीजेपी ने जीती हैं जबकि 9 सीटें उसके सहयोगी ने जीती हैं. जेडीयू ने 2, शिंद की शिवसेना एक, अजित पवार की एनसीपी एक, पीएमके एक, AIADMK एक, यूपीपीएल एक, आरएलएसएम एक और एक सीट पर बीजेपी के समर्पित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीती है। वहीं, विपक्ष को मिली 15 राज्यशभा सीटों के पार्टी के लिहाज से देखें तो कांग्रेस को 6 सीटें टीएमसी को 4 सीटें, डीएमके को 3 सीटें, शरद पवार की एनसीपी को एक सीटें और एक सीट बीजेडी को मिली है। राज्यसभा में किसे नफा और किसे नुकसान राज्यसभा चुनाव पहले और नतीजे आने के बाद देखते हैं तो एनडीए को 10 सीटों का फायदा हुआ और विपक्ष को 10 सीटों का नुकसान. चुनाव से पहले एनडीए के पास 12 राज्यसभा सीटें थी, लेकिन अब बढ़कर 22 हो गई हैं जबकि विपक्ष के पास 25 राज्यसभा सीटें थी, जो अब घटकर के 15 रह गई हैं। देश के 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के आंकड़े देखें तो बीजेपी के पास 9 सीटें थी, जो अब बढ़कर 13 हो गई हैं. जेडीयू ने अपनी दोनो सीटों को बरकरार रखा है.  इसके अलावा AIADMK, ने अपनी एक सीट, पीएमके ने भी अपनी एक सीट तो आरएलएसएम ने अपनी-अपनी एक-एक सीट को बचाए रखा है। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बात करें तो 18 राज्यसभा सीटें उसके कब्जे में थी, जिसमें से 4 सीटें कांग्रेस के पास थी, जो बढ़कर अब 6 हो गई हैं. इस तरह कांग्रेस को दो सीटों का फायदा मिला है. टीएमसी ने अपनी 4 सीटें बरकार रखी हैं. डीएमके 4 सीटों से घटकर 3 पर रह गई है। आरजेडी के पास 2 सीटें थी, जो अब घटकर जीरो हो गई है. एक सीट शिवसेना (यूबीटी) और एक सीट सीपीआईएम के पास थी, लेकिन उन्हें एक सीट भी नहीं मिली. इसके चार सीटें अन्य दलों के पास थी, जिसमें दो सीटें बीजेडी के पास थी, जिसमें से एक सीट ही उसे मिल सकी. बीआरएस ने अपनी एकलौती सीट भी गंवा दी। राज्यवार राज्यसभा चुनाव के नतीजे क्या रहे? महाराष्ट्र से 7 राज्यसभा सीटों में बीजेपी को चार, एनसीपी और शिवसेना को एक-एक सीट मिली है. इसके अलावा एक सीट पर विपक्ष से शरद पवार चुने गए हैं.  बीजेपी को दो सीट का फायदा तो कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की एनसीपी को एक सीट का घाटा हुआ. अजित पवार और शिंदे को एक-एक सीट का लाभ मिला। तमिलनाडु की  छह राज्यसभा सीटों पर चुनाव में डीएमके को एक सीट का नुकसान तो कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला है. AIADMK और पीएमके अपनी एक-एक सीट बचाने में कामयाब रहीं. पश्चिम बंगाल की 5 राज्यसभा सीटों में टीएमसी अपनी चार सीटें बचाए रखा तो बीजेपी को एक सीट का लाभ और लेफ्ट को नुकसान हुआ। बिहार की पांच राज्यसभ सीटों में जेडीयू ने अपनी दोनों सीटें बचाए रखा तो आरजेडी को 2 सीट का नुकसान. बीजेपी को दो सीट का लाभ हुआ तो उपेंद्र कुशवाहा अपनी सीट बचा लिया है.  ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचाए रख लिया तो बीजेडी को एक सीट का नुकसान हुआ है.  इसके अलावा एक सीट बीजेपी ने अपने समर्थन से निर्दलीय को जिता लिया. असम की तीन राज्यसभा सीटों में बीजेपी अपनी दोनों सीटें बचा ली है तो असम गढ़ परिषद के पास एक सीट का नुकसान हुआ। छत्तीसगढ़ में बीजेपी को एक सीट का फायदा तो कांग्रेस को एक सीट का नुकसान हुआ. तेलंगाना की दोनों सीटें कांग्रेस जीत ली है, उसे एक सीट का लाभ मिला है तो बीआरएस को एक सीट का नुकसान. हरियाणा की दो सीटों में बीजेपी और कांग्रेस एक-एक सीट जीती हैं, लेकि बीजेपी को एक सीट का नुकसान हुआ है.  हिमाचल में कांग्रेस को एक सीट का लाभ मिला तो बीजेपी को नुकसान। 

नंदा देवी जहाज का भारत वापसी, होर्मुज से लाया 47 हजार मीट्रिक टन LPG

वडीनार होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से शिवालिक के बाद, एक और LPG टैंकर 'नंदा देवी' भारत आ चुका है. 'नंदा देवी' होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पार करते हुए वडीनार बंदरगाह पर पहुंच गया है. यह जहाज अपने साथ 47 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर आया है. यह जहाज गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पर पहुंच चुका है. मिडिल ईस्ट में गहराते संकट के बीच, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने वाला यह दूसरा जहाज़ है। एक दिन पहले, दूसरा LPG टैंकर 'शिवालिक' गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर 46,000 मीट्रिक टन से ज़्यादा LPG लेकर पहुंचा था. इसमें इतनी LPG थी जो भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के करीब 32.4 लाख स्टैंडर्ड घरेलू सिलेंडरों के बराबर थी। अधिकारियों का अनुमान था कि यह अकेला जहाज़ भारत की कुल LPG आयात की ज़रूरत का लगभग एक दिन का हिस्सा पूरा कर सकता है। मंत्रालय ने क्या बताया था? शनिवार को जहाज़रानी मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया था कि शिवालिक और नंदा देवी के क्रमशः 16 मार्च और 17 मार्च को पहुंचने की उम्मीद है. सिन्हा ने कहा था, “फ़ारसी खाड़ी इलाके में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में उनके साथ किसी भी अप्रिय घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. फ़ारसी खाड़ी में 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ मौजूद थे. इनमें से दो जहाज़- शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से गुज़र गए और अब भारत की ओर बढ़ रहे हैं। नंदा देवी के गुजरात बंदरगाह पर पहुंचने के बाद 24 हजार मीट्रिक टन LPG तमिलनाडु भेजी जाएगी. LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद दो जहाज़ों के आने से भारत की LPG आपूर्ति स्थिर होने की उम्मीद है, जिससे कमी के व्यापक डर को दूर किया जा सकेगा. फ़िलहाल, कई शहरों में लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं, जबकि छोटे कारोबारी (होटल, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे दुकानें चलाने वाले) इस बात से चिंतित हैं कि इस कमी की वजह से उन्हें अपना कारोबार बंद करना पड़ सकता है। पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने कहा, "कच्चे तेल और रिफाइनरियों के संबंध में, हमारे पास कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति है और हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर स्टॉक की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। पेट्रोल और डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। हम अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए घरेलू स्तर पर पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का उत्पादन करते हैं; इसलिए, हमें आयात की कोई आवश्यकता नहीं है। पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे प्राकृतिक गैस के संबंध में, मैंने कल आपका ध्यान सरकार के उद्देश्य की ओर दिलाया था, जहां भी वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को एलपीजी आपूर्ति में कठिनाइयों या व्यवधानों का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें पीएनजी कनेक्शन में परिवर्तित किया जाना चाहिए।" इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए, GAIL (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) ने विभिन्न सीजीडी ऑपरेटरों के साथ एक बैठक आयोजित की और उन्हें सलाह दी कि वे जहां भी संभव हो, सभी पात्र वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजी लाएं… कांडला बंदरगाह में 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम तनाव के माहौल में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरकर भारत आने वाला पहला जहाज लाइबेरिया का था, जो सीधे मुंबई पहुंचा था। लेकिन, उसके बाद कांडला बंदरगाह में 72 घंटों के अंदर 22 जहाजों को हैंडल करने का इंतजाम किया गया है। 46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा 'नंदा देवी' उधर जानकारी के अनुसार 'नंदा देवी'46,000 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आ रहा है। भारत के कई इलाकों में इस समय जिस तरह से एलपीजी की किल्लत बताई जा रही है, ऐसे मौके पर देश के लिए ईरान से बात करके इस तरह से होर्मुज के रास्ते एलपीजी टैंकर ले आना बहुत बड़ी उपलब्धि है। ईरान से होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते अबतक भारत पहुंचे जहाज     ईरान युद्ध के बाद भारत पहुंचने वाला सबसे पहला तेल टैंकर लाइबेरिया का शेनलॉन्ग।     यह मुंबई बंदरगाह पहुंचा, लेकिन इसने होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए 'डार्क ट्रांजिट' का इस्तेमाल किया।     ईरान से जब भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने के लिए कूटनीतिक स्तर पर बातचीत हुई तो सबसे पहले जिस एलपीजी टैंकर को गुजरने की इजाजत मिली, वह 'शिवालिक' है।     सूत्रों के अनुसार 'शिवालिक' भी अभी अंतरराष्ट्रीय जल में है और इंडियन नेवी इसे एस्कॉर्ट करके भारत ला रही है। 

19 मार्च को राम मंदिर में राष्ट्रपति करेंगी राम यंत्र की स्थापना

एक और ऐतिहासिक उत्सव की साक्षी बनेगी रामनगरी अयोध्या 19 मार्च को राम मंदिर में राष्ट्रपति करेंगी राम यंत्र की स्थापना राम मंदिर के द्वितीय तल पर होगी राम यंत्र की स्थापना, सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित लगभग सात हजार लोगों को किया गया है आमंत्रित योगी आदित्यनाथ सरकार ने तैयार की भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा दो वर्ष पहले अयोध्या पहुंचा था राम यंत्र अयोध्या  योगी सरकार के नेतृत्व में रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक उत्सव की साक्षी बनने जा रही है। राम जन्मभूमि मंदिर में 19 मार्च को राम यंत्र की विधिवत स्थापना होने जा रही है, जिसमें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम चैत्र नवरात्र के पहले दिन यानी वर्ष प्रतिपदा के शुभ अवसर पर आयोजित हो रहा है, जो हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस आयोजन को अत्यंत भव्य बनाने की रूपरेखा तैयार की है। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि राम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा शोभायात्रा के माध्यम से अयोध्या भेजा गया था। वैदिक गणित और ज्यामितीय आकृतियों पर आधारित यह यंत्र देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा आकर्षित करने की क्षमता रखता है। वर्तमान में इस यंत्र की राजा राम के समक्ष नियमित पूजा-अर्चना चल रही है। 19 मार्च तक यह यंत्र राम मंदिर के दूसरे तल पर पहुंच जाएगा। नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पहले से ही शुरू हो चुके हैं, जिनमें दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्य शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 7000 लोग इस ऐतिहासिक समारोह में मौजूद रहेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के ऐसे संभ्रात लोग भी मौजूद रहेंगे, जिन्होंने निर्माण कार्यों में महती भूमिका निभाई है। सुबह 11 बजे के बाद पहुंचेगी राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सुबह करीब 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनका स्वागत करेंगे। राष्ट्रपति राम मंदिर परिसर में प्रवेश कर राम यंत्र की पूजा-अर्चना करेंगी। अभिजित मुहूर्त में ठीक 11:55 बजे यंत्र की स्थापना का मुख्य अनुष्ठान संपन्न होगा। राष्ट्रपति मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच इस पवित्र कार्य में भाग लेंगी। पूजन के बाद राष्ट्रपति प्रसाद ग्रहण करेंगी और भोजन के पश्चात वापस रवाना होंगी।  माता अमृतानंदनमयी अपने एक हजार भक्तों के साथ ट्रेन से पहुंचेंगी अयोध्या कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लगभग 300 संत व विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। केरल की पूज्य माता अमृतानंदनमयी अपने एक हजार भक्तों के साथ ट्रेन से अयोध्या पहुंचेंगी। मंदिर निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले संभ्रांत व्यक्तियों को भी विशेष निमंत्रण भेजा गया है। इनमें एलएंडटी, टाटा कंपनी के प्रतिनिधि, गुजरात के आर्किटेक्ट चंद्रकांत भाई का परिवार और परिसर के विकास में भूमिका निभाने वाले अन्य विशेषज्ञ शामिल हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, पत्थर-लकड़ी-संगमरमर की नक्काशी करने वाले, स्तंभों पर मूर्तियां उकेरने वाले, भगवान की प्रतिमा बनाने वाले और वस्त्र तैयार करने वाली फर्मों के लगभग 1800 कार्यकर्ता भी आमंत्रित हैं।  सिर्फ आमंत्रित सिख ही ला सकेंगे कृपाण आयोजन को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। सभी अतिथियों को विशेष पास जारी किए जाएंगे, जिन पर क्यूआर कोड अंकित होगा। मंदिर परिसर में मोबाइल फोन, हथियार या कोई सुरक्षाकर्मी साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। केवल सिख धर्म के अनुयायी ही कृपाण लेकर प्रवेश कर सकेंगे। चूंकि यह चैत्र नवरात्र का पहला दिन है, इसलिए अतिथियों के लिए फलाहारी भोजन की विशेष व्यवस्था की गई है। आम श्रद्धालुओं के लिए रामलला के दर्शन सामान्य रूप से जारी रहेंगे, हालांकि कुछ समय के लिए समय-सारिणी में बदलाव संभव है। मंदिर की सजावट व व्यवस्था पर दिया जा रहा विशेष ध्यान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने इस कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार की है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई, सजावट और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि राम मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले हजारों कार्यकर्ताओं को सम्मानित करने का भी अवसर प्रदान करेगा। अयोध्या में यह आयोजन पूरे देश के लिए आस्था और गौरव का क्षण साबित होगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में उत्तर प्रदेश के आठ डाटा सेंटर पार्क होंगे अहम कड़ी

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में आठ डाटा सेंटर पार्क उत्तर प्रदेश को बढ़ाएंगे आगे नोएडा से वाराणसी तक आठ शहरों में विकसित होंगे डेटा सेंटर पार्क लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव, कई बड़ी कंपनियां दिखा रहीं रुचि 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति और नई नीति से डेटा सेंटर उद्योग को मिलेगा बल लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश को देश का प्रमुख डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी रणनीति के अंतर्गत प्रदेश में 8 डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाने की योजना तैयार की गई है। इन परियोजनाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रोद्योगिकी विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा सेंटर पार्कों के विकास से उत्तर प्रदेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही आने वाले समय में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। सरकार की योजना के अनुसार इन डेटा सेंटर पार्कों को नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र, गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और आगरा जैसे प्रमुख शहरों में विकसित किया जाएगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में जमीन की पहचान और आवंटन की प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। कुछ कंपनियों को जमीन आवंटित भी की जा चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर भूमि चिन्हांकन और मास्टर प्लान तैयार करने का काम जारी है। डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि दिखाई है। एचसीएल, अडानी ग्रुप, एनटीटी डेटा, योट्टा इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टर्लाइट टेक्नोलॉजीज और सिफी टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां प्रदेश में निवेश की दिशा में आगे आईं हैं। इन कंपनियों की ओर से कुल मिलाकर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षरित किए जा चुके हैं और कुछ परियोजनाएं निर्माण की दिशा में अग्रसर हो रहीं हैं। डेटा सेंटर के संचालन के लिए बड़े पैमाने पर बिजली की आवश्यकता होती है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने लगभग 900 मेगावाट बिजली की मांग को पूरा करने की योजना बनाई है। इसके लिए नए सब स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा और डेटा सेंटर पार्कों को समर्पित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि डेटा सेंटर संचालन को पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सके। प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने के लिए डेटा सेंटर नीति के अंतर्गत कई प्रोत्साहन भी तय किए हैं। इसमें पूंजीगत सब्सिडी, बिजली शुल्क में रियायत, स्टांप ड्यूटी में छूट और बुनियादी ढांचे के विकास में सरकारी सहयोग शामिल है। इसके अलावा निवेशकों को तेज और पारदर्शी अनुमति प्रक्रिया देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू किया गया है। इन 8 डेटा सेंटर पार्कों के विकसित होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे। लगभग 50 हजार प्रत्यक्ष रोजगार और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। अनुमान है कि परियोजनाओं के अधिकांश चरण अगले 3 से 5 वर्षों के भीतर पूरे हो जाएंगे।

संगीत नाटक अकादमी ने पुरस्कारों की घोषणा की, विभिन्न कला विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित

संगीत नाटक अकादमी के पुरस्कारों की घोषणा, विभिन्न विधाओं के कलाकार होंगे सम्मानित वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के अकादमी पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों की घोषणा अकादमी पुरस्कार के साथ सफदर हाशमी एवं बी.एम.शाह पुरस्कारों के लिए कलाकारों के नामों का हुआ चयन  लखनऊ  राज्य में संगीत, नृत्य, नाटक एवं लोक कलाओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार के लिए समर्पित संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से अकादमी पुरस्कारों की घोषणा की गई। इस अवसर पर अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने बताया कि संगीत नाटक अकादमी उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने एवं उसके संवर्धन में योगदान देने वाले कलाकारों को अकादमी पुरस्कारों से सम्मानित करती है। इसी क्रम में अकादमी की ओर से वर्ष 2021 से लेकर वर्ष 2024 तक के चार वर्षों के अकादमी पुरस्कार के साथ नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलाकारों को बी.एम. शाह पुरस्कार और सफदर हाशमी पुरस्कार प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।    संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश की ओर से वर्ष 2021 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन के क्षेत्र में पं. दीनानाथ मिश्रा,  लोक गायन के लिए श्रीकांत वैश्य, नक्कारा वादन के लिए कानपुर के प्रभु दयाल और शहनाई वादन के लिए वाराणसी के जवाहर लाल के नामों की घोषणा की गई। इस क्रम में रंगमंच निर्देशन के लिए भूमिकेश्वर सिंह, रंगमंच तकनीकी-प्रकाशन के लिए जगमोहन रावत, नौटंकी निर्देशन के लिए राजकुमार श्रीवास्तव एवं नाट्य लेखन के लिए विजय पंडित को सम्मानित किया जाएगा।  कला उन्नयन के लिए मथुरा के मोहन स्वरूप भाटिया और वाराणसी की माला होम्बल के नामों का चयन किया गया है। जबकि नृत्य विधा में मथुरा,वृदांवन की भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रतिभा शर्मा को पुरस्कार दिया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2021 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए रीवा के मनोज कुमार मिश्रा एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए दिल्ली के सतीश आनन्द पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। इसी क्रम में वर्ष 2022 के अकादमी पुरस्कार के लिए शास्त्रीय गायन एवं लोक गायन के लिए मथुरा के आनन्द कुमार मलिक व माधुरी शर्मा, जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ के पं. अनुज मिश्रा, पखावज वादन के लिए शशिकांत पाठक और तबला वादन के लिए प्रयागराज के पंकज कुमार श्रीवास्तव के नामों की घोषणा की गई है। वहीं गिटार वादन के लिए सुनील पावगी, बांसुरी वादन के लिए मोहन लाल कुंवर, रंगमंच अभिनय के लिए मंजू कौशल तथा रंगमंच तकनीक-कठपुतली के लिए मेराज आलम को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।  नाट्य लेखन,संगीत, नृत्य एवं रंगमंच के लिए वाराणसी के विजय शंकर मिश्रा एवं कला समीक्षा के लिए सीतापुर के पद्मकांत शर्मा को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। जबकि वर्ष 2022 के सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए नई दिल्ली के राजेश सिंह एवं बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के कमल जैन के नामों का चयन किया गया है।  संगीत नाटक अकादमी की ओर से वर्ष 2023 के लिए शास्त्रीय गायन की श्रेणी में डॉ. रामशंकर, सुगम गायन के लिए मनोज गुप्ता एवं लोक गायन के लिए राकेश श्रीवास्तव को सम्मानित करने की घोषणा की गई। जबकि कथक नृत्य के लिए लखनऊ की डॉ. आकांक्षा श्रीवास्तव, तबला वादन के लिए अनूप बनर्जी और बांसुरी वादन के लिए चेतन कुमार जोशी के नामों का चयन किया गया है। वहीं नाटक एवं रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए राजकुमार उपाध्याय, अभिनय के लिए संजय देगलुरकर, लेखन-संगीत एवं नृत्य के लिए उमा त्रिगुणायत, कला उन्नयन के लिए डॉ. ओमेन्द्र कुमार एवं कला समीक्षा के लिए अर्जुनदास केसरी को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए गाजियाबाद के अजय कुमार और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए गोरखपुर के रविशंकर खरे के नाम का चयन किया गया है।  इसी क्रम में वर्ष 2024 के अकादमी पुरस्कार में शास्त्रीय गायन के लिए रीतेश-रजनीश मिश्रा, सुगम गायन के लिए मुक्ता चटर्जी और लोकगायन (आल्हा) के लिए रामस्थ पाण्डेय को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। वहीं लोक नृत्य के लिए सुगम सिंह शेखावत, दुक्कड़ वादन के लिए मंगल प्रसाद, वायलिन वादन के लिए सुखदेव मिश्रा एवं सितार वादन के लिए वाराणसी के राजेश शाह को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि रंगमंच के क्षेत्र में निर्देशन के लिए सुषमा शर्मा, अभिनय क्षेत्र में रविकांत शुक्ला ‘शिब्बू’, कला उन्नयन के लिए राजेश पंडित एवं कला समीक्षा के लिए शशिप्रभा तिवारी को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही वर्ष 2024 के लिए सफदर हाशमी पुरस्कार के लिए लखनऊ के शुभदीप राहा और बी.एम. शाह पुरस्कार के लिए भोपाल के संजय मेहता के नामों का चयन किया गया है। अध्यक्ष प्रो. जयंत ने बताया कि अकादमी की ओर से जल्द ही विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर इन सभी कलाकारों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा।

ऑटो और बाइक की टक्कर में बाइक चालक को गंभीर चोटें, पैर की दो उंगलियां टूटने की आशंका

ऑटो और बाइक की भिंडत, बाइक चालक को आया गंभीर चोटें पैर की दो उंगली टूटने की आशंका  राजेंद्रग्राम छबिलाल थाना क्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत आने वाली ग्राम बरगी सांधा जो राजेंद्रग्राम बसनिहा से बेनीबारी को जोड़ती है वही बरगी साधा में ऑटो और बाइक की जोरदार भिंडत होने से बाइक चालक प्रवीण कुमार मराबी 23 वर्ष पिता जान सिंह मरावी ग्राम दमगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है।जो अपने निजी काम से बेनीबारी की ओर गए हुए थे और घर लौटते समय राजेंद्रग्राम की ओर से स्कूली बच्चों को लेकर जा रही ऑटो आमने सामने भिड़ने से ऑटो में सवार एक विद्यार्थी बच्चे को भी चोट लगने की जानकारी बताई जा रही है।और घायल व्यक्ति प्रवीण कुमार मरावी को भी गंभीर चोट लगने की आसंका जताई जा रही है,और प्रवीण मरावी को उनके परिजनों के द्वारा अपने निजी वाहन से अस्पताल लाया गया,लेकिन देख भाल करने वाले डॉक्टरों का कोई अता पता नहीं है,जिससे घायल व्यक्ति को सही तरीके से इलाज किया जा सके।वही ड्रेसिंग करने वालों के द्वारा घायल व्यक्ति के पैर में टांका लगाकर,घाव को साफ कर, मलहम पट्टी लगाकर, जिला अस्पताल अनूपपुर ले जाने की सलाह दी गई,और परिजनों का कहना है की हमारे बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ डॉक्टरों के द्वारा ना किया जाए जिससे होने वाले बीमारी या एक्सीडेंट से डॉक्टरों के द्वारा छुटकारा दिलाया जा सकता है,अगर वो समय से अस्पताल को निगरानि मे रखकर काम करेंगे तो ,नही फिजूल में मरीज अपने मौत को गले लगाने से किसी को बचाया नहीं जा सकता है।