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‘अभेद्य’ ऐप से बदलेगा खेल! हरियाणा पुलिस की नई पहल से रंगदारी कॉल्स पर रोक

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी (Extortion) की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह देश में अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में सक्षम होगा। इस पहल के साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर इस प्रकार की अनूठी पहल की गई है। इस संबंध में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने आज पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-6, पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ‘अभेद्य’ ऐप के फीचर्स और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर एवं पुलिस आयुक्त पंचकूला शिबास कबिराज तथा डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग, फर्जी नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में यह ऐप नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा। सिंघल ने कहा कि पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिनके अनुरूप पुलिस ने ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप के माध्यम से डॉक्टरों, ठेकेदारों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को व्यापक स्तर पर सुरक्षा और राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति भय और आतंक का माहौल बनाने का प्रयास करता है, उसे आतंकवादी की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिंघल ने बताया कि देश के भीतर से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करना अपेक्षाकृत सरल होता है, जबकि विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स एक बड़ी तकनीकी चुनौती पेश करती हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर एक सशक्त समाधान विकसित किया, जिसके सफल परीक्षण के बाद आज इसे लॉन्च किया गया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यह पूरी तरह हरियाणा पुलिस की इन-हाउस पहल है, जो उनकी तकनीकी क्षमता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने जानकारी दी कि इस ऐप का ट्रायल 25 चयनित उपयोगकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें इसकी कार्यक्षमता पूरी तरह सफल पाई गई। भविष्य में आवश्यकतानुसार इसमें और सुधार व अपडेट किए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर प्राप्त करे मोबाइल ऐप का एक्सेस   इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना होगा, जिसके उपरांत उसे अधिकृत एक्सेस प्रदान किया जाएगा। यह ऐप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। सिंघल ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस की सक्रिय कार्यवाही के परिणामस्वरूप जनवरी एवं फरवरी 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में एक्सटॉर्शन कॉल्स में लगभग 40 प्रतिशत की कमी तथा अपराध में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मोबाइल ऐप के शुरू होने से डिजिटल फ्रॉड, साइबर अपराध और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। ऐप की कार्यप्रणाली ‘अभेद्य’ ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों की पहचान कर उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले ही रोक देता है। यह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है तथा संदिग्ध पाए जाने पर कॉल को स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। यह ऐप संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज, नोटिफिकेशन और वॉयस नोट को भी डिवाइस से हटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या भय से सुरक्षित रह सके। इतना ही नहीं, विदेशो से आने वाली संदिग्ध कॉल्स पर भी नजर जाएगी। इससे एक तरफ उपयोगकर्ता मानसिक दबाव से दूर रहेगा वही दूसरी तरफ संदिग्ध कॉल करने वाले व्यक्ति को हरियाणा पुलिस द्वारा बैकहैंड से ट्रेस किया जाएगा। अभेद्य-2.0: और मजबूत सुरक्षा प्रणाली प्रेस वार्ता में ‘अभेद्य-2.0’ के बारे में भी जानकारी दी गई, जो इस ऐप का अपडेटेड वर्जन है। इसके माध्यम से न केवल इंटरनेट आधारित  फ्रॉड कॉल्स बल्कि सामान्य कॉल्स पर भी नियंत्रण संभव होगा। इसमें अज्ञात अंतरराष्ट्रीय कॉल्स, संदिग्ध घरेलू कॉल्स (यूजर विकल्प अनुसार), तथा प्राइवेट या हिडन नंबरों को ब्लॉक करने की सुविधा दी गई है, जबकि केवल सेव एवं सत्यापित नंबरों से कॉल की अनुमति होगी। नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ यह ऐप नागरिकों को धमकी भरे कॉल्स, रंगदारी के प्रयासों और साइबर अपराध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गुमनाम संचार माध्यमों पर रोक लगेगी और उनकी पहचान एवं ट्रैकिंग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अधिक आसान हो सकेगी। डिजिटल अरेस्ट पर कड़ा वार: ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा इसके साथ ही उन्होंने बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस शीघ्र ही “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए आने वाला ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके परिजन—जैसे बेटे, बेटी या अन्य विश्वसनीय सदस्य—के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के पश्चात ही ट्रांजेक्शन को स्वीकृति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा (ट्रांजेक्शन लिमिट) भी निर्धारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। सिंघल ने कहा कि इस अभिनव व्यवस्था के लागू होने से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। हरियाणा पुलिस का संकल्प डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रत्येक अपराधी को ट्रेस कर कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘अभेद्य’ ऐप का अधिक से अधिक … Read more

कौन है दुनिया की सबसे रहस्यमयी AI कंपनी? ईरान हमलों में मदद पर अमेरिका ने किया सम्मानित

अमेरिका ने ईरान पर टार्गेट हमलों में मदद करने वाली एआई कंपनी Palantir टेक्‍नोलजीज को इनाम दिया है और उसके Maven AI सिस्‍टम को अमेरिकी रक्षा विभाग का प्रोग्राम ऑफ रिकॉर्ड यानी आध‍िकारिक कार्यक्रम बनाने का निर्णय लिया है। Palantir को दुनिया की सबसे ‘रहस्‍यमयी’ एआई कंपनी माना जाता है। यह अपनी प्राइवेसी के लिए जानी जाती है और सरकारों को जासूसी व सैन्‍य अभियानों में मदद करती है। Palantir का Maven AI सिस्‍टम पहले से ही अमेरिकी सेना का प्रमुख एआई ऑपरेटिंग सिस्‍टम बना हुआ है। हाल के हफ्तों में इसने ईरान के ख‍िलाफ हजारों की संख्‍या में टार्गेटेड हमलों में मदद की है। अमेरिकी रक्षा विभाग का फैसला हमारे सहयोगी Gadgets Now की रिपोर्ट के अनुसार, रॉयटर्स द्वारा रिव्‍यू किए गए अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस स्टीव फेनबर्ग का एक ज्ञापन बताता है कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने पलान्टिर के 'मेवन' (Maven) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम को एक 'प्रोग्राम ऑफ रिकॉर्ड' (आधिकारिक कार्यक्रम) बनाने का निर्णय लिया है। इस फैसले से मेवन एआई का अमेरिकी सेना में लंबे समय तक इस्‍तेमाल करना तय हो गया है। 2017 में शुरू हुआ था प्रोजेक्‍ट मेवन प्रोजेक्‍ट मेवन को अमेरिकी सरकार ने ही शुरू किया था। तब गूगल इससे जुड़ी थी। रिपोर्टों के अनुसार, गूगल कर्मचारियों को जब यह पता चला कि प्रोजेक्‍ट मेवन के डेवलपमेंट के बाद इसे लोगों को मारने में इस्‍तेमाल किया जा सकता है तो विरोध शुरू हुए और गूगल प्रोजेक्‍ट से पीछे हट गई। बाद में अन्‍य कंपनियों जैसे- Palantir, एमेजॉन वेब सर्विसेज और एंथ्रोपिक ने इस प्रोजेक्‍ट पर काम किया। एंथ्रोपिक इसी साल मेवन एआई से अलग हो गई है। आज यह इतना डेवलप हो गया है कि इसे ‘युद्ध ऑपरेटिंग सिस्‍टम’ के रूप में देखा जाता है। युद्ध क्षेत्र का ‘गूगल मैप्‍स’ बनने का लक्ष्‍य रिपोर्टों के अनुसार, मेवन एआई को युद्ध क्षेत्र का ‘गूगल मैप्‍स’ बनाने का लक्ष्‍य है। जिस तरह गूगल मैप्‍स किसी रास्‍ते के बारे में बताता है, उसी तरह से मेवन एआई बताता है कि दुश्‍मन का ठ‍िकाना कहां है। जो काम पहले इंसानी विश्‍लेषण से होता था, उसे अब एआई कर रहा है और सेकंडों में टार्गेट को ढूंढ लिया जाता है। जानकारी के अनुसार, मेवन एआई की खूबी है कि यह अलग-अलग जगहों से आने वाले डेटा को जोड़कर एक कॉमन इमेज तैयार करता है जिससे युद्ध का पूरा क्षेत्र एक स्‍क्रीन में देखा जा सकता है। मेवन AI के इस्‍तेमाल पर उठते सवाल? मेवन AI के इस्‍तेमाल ने कई सवाल खड़े किए हैं।     क्‍या एआई तय करेगा कि किसे मारना है? हालांकि इस मामले में आखिर फैसला इंसान ही लेता है।     अगर एआई ने कोई गलती की जैसे- ऐसी जगह को न‍िशाना बनवा दिया जहां बच्‍चे या आम इंसान हों तो उसकी जिम्‍मेदारी कौन लेगा?

वाहन खरीदने वालों को झटका: MP में ई-बाइक और कार की कीमतें बढ़ेंगी, 27 मार्च तक ही राहत

भोपाल मध्य प्रदेश में पांच साल के लिए लागू की गई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति-2025 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन में कमर्शियल ईवी को टैक्स में वर्ष 2027 तक छूट रहेगी, लेकिन ई-बाइक और ई-कारों पर मिलने वाली छूट 27 मार्च को खत्म हो जाएगी। 27 मार्च, 2025 को लागू ईवी पालिसी में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर वाहन कर व पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए 100 प्रतिशत छूट दी गई थी। लागत बढ़ने से लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की ओर लौट सकते हैं। रेट्रोफिटिंग और कमर्शियल वाहनों के लिए प्रावधान इसके साथ ही ईवी नीति में रेट्रोफिटिंग यानी 15 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन को ईवी में बदलवाने पर एक साल तक दी गई छूट भी खत्म हो जाएगी। जबकि किट नहीं मिल पाने के कारण रेट्रोफिटिंग का काम ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया है। रेट्रोफिटिंग पर दो पहिया को पांच हजार प्रति वाहन, तीन पहिया को 10 हजार और कार को 25 हजार प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान किया गया था। हालांकि, कमर्शियल वाहनों जैसे ई-बस, ट्रक, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को दो वर्ष यानी 27 मार्च, 2027 तक के लिए वाहन कर व पंजीयन शुल्क में दी गई छूट लागू रहेगी। पंजीयन लक्ष्य और पांच मॉडल ईवी शहर इधर, पांच साल में दोपहिया वाहनों में 40 प्रतिशत और चार पहिया वाहनों के 15 प्रतिशत ईवी के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया था। 27 मार्च को टैक्स में छूट खत्म होने से लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। नीति लागू होने से पांच साल की अवधि में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल ईवी शहर घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति अवधि के अंत तक 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को ईवी करने का लक्ष्य भी रखा गया है। चार्जिंग स्टेशनों को वित्तीय सहायता देगी सरकार ईवी नीति के तहत सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए वित्तीय सहायता का भी प्रविधान है। राजमार्गों, प्रमुख सड़कों पर प्रत्येक 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन, राजमार्गों पर प्रत्येक 100 किमी पर लंबी दूरी/हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहन के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन (दोनों तरफ) लगाए जाएंगे। नीति अवधि के अंत तक सभी पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य है। विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित लक्ष्य     दो पहिया ईवी- 40%     दोपहिया वाहन ईवी (वाणिज्यिक बेड़ा)- 100%     तीन पहिया ईवी (यात्री और माल ढुलाई)- 80%     चार पहिया ईवी- 15%     ई-बसें- 40%  

कतर एनर्जी के CEO ने ट्रंप को दिया जवाब, बार-बार कहा गैस ठिकानों को हाथ मत लगाना

दोहा  इजरायल ने अमेरिका की मदद से बुधवार रात दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड साउथ पार्स पर हमला कर ईरान को आगबबूला कर दिया. जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान ने कतर, सऊदी, यूएई और कुवैत के तेल और गैस ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है. सबसे अधिक नुकसान कतर को हुआ है. सरकारी तेल और गैस कंपनी कतरएनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) साद अल-काबी का कहना है कि उन्होंने लगातार इसे लेकर अमेरिका को चेताया था।  साउथ पार्स पर हमले के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान की मिसाइलों ने कतर के रास लाफान इलाके को निशाना बनाया, जहां लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की रिफाइनरी के मुख्य ठिकाने मौजूद हैं. कतर की सरकारी गैस कंपनी के अनुसार, ईरान के हमले से समुद्री मार्ग से गैस आपूर्ति करने वाली दुनिया के सबसे बड़े गैस सिस्टम को भारी नुकसान हुआ है।  इसके प्रमुख अल-काबी, जो देश के ऊर्जा मंत्री भी हैं, ने कहा कि ईरान के हमले से इतना नुकसान हुआ है जिसे ठीक करने में तीन से पांच साल का समय लग सकता है. अल-काबी ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों और एग्जीक्यूटिव्स को चेताया था कि अगर ईरान के तेल-गैस ठिकानों पर हमला होता है तो हमें ऐसे खतरे झेलने पड़ सकते हैं।  समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में साद अल-काबी ने कहा, 'मैं हमेशा चेतावनी देता रहा, हमारे साथ साझेदारी करने वाली तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों से बात करता रहा, अमेरिकी ऊर्जा मंत्री से बात करता रहा, ताकि उन्हें इस नतीजे के बारे में आगाह कर सकूं और बता सकूं कि यह हमारे लिए नुकसानदेह हो सकता है।  कतरएनर्जी के साझेदारों में एक्सॉनमोबिल और कोनोकोफिलिप्स जैसी बड़ी अमेरिकी ऊर्जा कंपनियां शामिल हैं।  कतरएनर्जी के प्रमुख को खतरे का अंदाजा था साद अल-काबी ने कहा कि अमेरिका और उसकी कंपनियों को अंदाजा था कि अगर ईरान के गैस फील्ड पर हमला हुआ तो वो कड़ा पलटवार करेगा. उन्होंने कहा, 'उन्हें खतरे की जानकारी थी, और मैं उन्हें लगभग रोजाना याद दिलाता था, उनसे कहता था कि तेल और गैस ठिकानों पर हमलों से हमें एकदम बचने की जरूरत है।  इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने रॉयटर्स से कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी पूरी ऊर्जा टीम यह सच्चाई जानती थी कि ईरान में जारी ऑपरेशन के दौरान तेल और गैस की सप्लाई में कुछ समय के लिए रुकावटें आएंगी. हमें पहले से इन रुकावटों का अंदाजा था जिसे लेकर हमने प्लानिंग की थी।  कोनोकोफिलिप्स के एक प्रवक्ता ने कहा, 'हम अपनी लंबे समय से चली आ रही साझेदारी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. कतरएनर्जी के साथ मिलकर चीजों को फिर से ठीक करने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।  ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के तीन हफ्तों के दौरान मिसाइल और ड्रोन हमलों ने टैंकरों, रिफाइनरियों और अन्य एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचाया है।  इसमें अब तक सबसे बड़ा असर कतरएनर्जी के रास लाफान पर पड़ा है, जो दुनिया का सबसे बड़ा लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) कॉम्प्लेक्स है. अल-काबी ने कहा कि 26 अरब डॉलर की लागत से बने इन संयंत्रों को हुए नुकसान से यूरोप और एशिया को एलएनजी सप्लाई पांच साल तक प्रभावित हो सकती है।  बिना किसी चेतावनी के ईरान के गैस फील्ड को इजरायल ने बनाया निशाना बुधवार को इजरायल ने ईरान के मुख्य साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमला किया. इसके जवाब में तेहरान ने कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और कतर के रास लाफान में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े हमले किए।  काबी ने कहा कि उन्हें साउथ पार्स पर हमले की कोई पूर्व चेतावनी नहीं थी. उन्होंने कहा, 'मुझे किसी भी चीज की जानकारी नहीं थी, और मुझे नहीं लगता कि किसी को भी थी. राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता था. तो क्या आपको लगता है कि हमें पता होता? साउथ पार्स दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड का हिस्सा है, जिसे ईरान कतर के साथ साझा करता है. कतर में इसे नॉर्थ फील्ड कहा जाता है।  काबी ने कहा कि कतरएनर्जी ने अभी तक यह आकलन नहीं किया है कि क्या बीमा युद्ध से हुए नुकसान को कवर करेगा।  रास लाफान को कितना नुकसान हुआ है? अल-काबी ने कहा कि रास लाफान पर हमले से न केवल कतर की एलएनजी निर्यात क्षमता का 17 प्रतिशत हिस्सा ठप हो गया, बल्कि नुकसान के कारण इसका असर पांच साल तक रहेगा।  काबी ने कहा, 'कोल्ड बॉक्स खत्म हो गए हैं.' कोल्ड बॉक्स कूलिंग सिस्टम होता है जो गैस को शुद्ध और लिक्विड रूप में ठंडा कर देता है ताकि उसका ट्रांसपोर्टेशन किया जा सके. कतरएनर्जी के 14 ट्रेनें कोल्ड बॉक्स में से 2 को भारी नुकसान हुआ है।  उन्होंने कहा, 'यह मुख्य यूनिट है, यही एलएनजी का कूलिंग बॉक्स है, यह पूरी तरह नष्ट हो चुका है।  रास लाफान का विस्तार भी होने वाला था लेकिन इस महीने की शुरुआत में ईरानी हमले के बाद कंपनी ने अपने संयंत्रों को खाली करा लिया है. इस देरी की वजह से 2027 से फ्रांस, जर्मनी और चीन जैसे देशों को भेजी जाने वाली गैस प्रभावित होगी।  उन्होंने कहा, 'समंदर के बीच स्थित रिफाइनरी से सभी लोगों को हटाना आसान नहीं था, आप जानते हैं, 24 घंटों में 10,000 लोगों को निकाला गया और सभी ऑपरेशंस बंद कर दिए गए. मुझे बहुत खुशी है कि कोई इस दौरान घायल नहीं हुआ, कोई मौत नहीं हुई. यह हमारे उस फैसले की वजह से हुआ।  इस विस्तार के जरिए कतर शीर्ष एलएनजी निर्यातक की अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहता था. इसके तहत 2027 तक कतर की तरलीकरण क्षमता 77 मिलियन टन से बढ़ाकर 126 मिलियन टन प्रति वर्ष की जानी थी।  कतरएनर्जी में अब एलएनजी का उत्पादन कब शुरू होगा? काबी ने कहा कि कतरएनर्जी का उत्पादन तभी दोबारा शुरू हो सकता है जब शत्रुता समाप्त हो जाए, और तब भी पूरी तरह लोडिंग शुरू करने में कम से कम तीन से चार महीने लगेंगे।  काबी, जो कतर एयरवेज के चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि इस युद्ध का व्यापक असर खाड़ी की सभी अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ेगा।  उन्होंने कहा, 'इसने पूरे क्षेत्र को 10-20 साल पीछे धकेल दिया है. पर्यटन … Read more

दुग्ध व्यवसाय से तरक्की में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर

मिल्क प्रोक्योरमेंट से आत्मनिर्भर बनीं प्रदेश की साढ़े तीन लाख महिलाएं दुग्ध व्यवसाय से तरक्की में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी की महिलाओं ने रचा इतिहास उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बनी तरक्की का आधार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं तरक्की की नई इबारत लिख रहीं हैं। प्रदेश में दुग्ध संग्रहण और उससे जुड़े कार्यों के माध्यम से करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं हैं। इतनी बड़ी संख्या के लिहाज से दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में यूपी देश में नंबर वन है। यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए संभव हुआ है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए तरक्की का मजबूत आधार बनकर उभरा है। योगी सरकार की अभूतपूर्व योजनाओं के जरिए उत्तर प्रदेश नित नए रिकॉर्ड बना रहा है। मिल्क वैल्यू चेन से मिल रहा अब बेहतर मूल्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में दुग्ध मूल्य श्रृंखला (मिल्क वैल्यू चेन) विकसित होने से अब उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इसके साथ ही किसानों और महिला समूहों को नियमित एवं पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उनके भरोसे और आय दोनों में वृद्धि हुई है। रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दुग्ध व्यवसाय से गांवों में बड़े स्तर पर रोजगार सृजन हो रहा है। इससे न सिर्फ महिलाओं की आय बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह कार्य अब बड़े आर्थिक मॉडल का रूप ले चुका है। महिलाओं का व्यापक सशक्तीकरण सरकार की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की सुविधा दी गई है। इसका परिणाम यह है कि आज ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। प्राथमिकता में ग्रामीण महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण महिलाओं को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में लगातार अभूतपूर्व योजनाओं के जरिए नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और महिलाएं विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश में दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से महिलाओं का सशक्तीकरण न केवल एक आर्थिक बदलाव है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत नींव बन चुका है। प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर देश के सामने नई दिशा प्रस्तुत कर रहीं हैं।

भोपाल में लॉरेंस गैंग का खौफ, कारोबारी से 10 करोड़ रंगदारी की मांग, जान से मारने की धमकी

भोपाल  कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क का खौफ अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया। इंदौर, खरगोन और अशोक नगर के बाद अब भोपाल में भी उसके गुर्गों की सक्रियता सामने आई है। ताजा मामला कोलार रोड क्षेत्र का है, जहां एक कारोबारी को 10 करोड़ रुपए की रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की खुली धमकी दी गई है।  जानकारी के अनुसार, कोलार रोड निवासी कारोबारी और समाजसेवी गौरव जैन को करीब चार दिन पहले एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की। शुरुआत में कारोबारी ने इस कॉल को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन तीन दिन बाद 20 मार्च को उसी नंबर से दोबारा कॉल आया। इस बार आरोपी ने न केवल पैसे की मांग दोहराई, बल्कि मना करने पर गौरव जैन को जान से खत्म करने की धमकी भी दी। खतरे का अंदेशा धमकी को गंभीर मानते हुए गौरव जैन तुरंत कोलार थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बदमाशों ने व्हाट्सएप ऑडियो कॉल पर खुली चुनौती दी है, जिससे खतरे का अंदेशा बढ़ गया है। संगठित अपराध को लेकर नई चिंता कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने पुष्टि की है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश में लॉरेंस गैंग की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। इंदौर में एक कारोबारी से 15 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी, जबकि खरगोन में 15 लाख रुपए की रंगदारी नहीं देने पर एक कारोबारी के घर पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। वहीं, अशोक नगर में पुलिस ने इसी गैंग से जुड़े एक बदमाश को गिरफ्तार भी किया था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। 

PHED की बड़ी पहल: लखीसराय के 23 पंचायतों तक पहुंचेगा साफ गंगाजल, 500 करोड़ की योजना शुरू

लखीसराय लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने जिले में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी पहल की है। सतही गंगा बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत जिले की 23 पंचायतों के 293 वार्ड के लोगों को सीधे गंगा जल उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत सूर्यगढ़ा प्रखंड के बरियारपुर के समीप एक संप (जल संग्रहण केंद्र) का निर्माण किया जाएगा। बेगूसराय जिले के शाम्हो प्रखंड स्थित गंगा नदी से पाइपलाइन के माध्यम से गंगा जल को संप तक लाया जाएगा। इसके बाद वहां स्थापित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंगा जल को शुद्ध कर पाइप लाइन के जरिए संबंधित वार्डों में निर्मित पानी टंकियों तक पहुंचाया जाएगा। टंकियों से पाइपलाइन के जरिये हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल जनित बीमारियों पर अंकुश लगेगा तथा लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। जिले के सूर्यगढ़ा एवं चानन प्रखंड के 10-10, रामगढ़चौक प्रखंड के दो एवं पिपरिया प्रखंड के एक पंचायत में गंगा जल से लोगों की प्यास बुझाने की योजना है। निम्न पंचायत व आबादी को लाभान्वित करने की है योजना सूर्यगढ़ा प्रखंड के 10 पंचायत     अलीनगर पंचायत के पांच वार्डों की 3,154 आबादी     कसबा पंचायत के 17 वार्डों की 10,355 आबादी     चौरा राजपुर पंचायत के नौ वार्डों की 6,944 आबादी     बरियारपुर पंचायत के 17 वार्डों की 9,678 आबादी     अरमा पंचायत के 11 वार्डों की 7,365 आबादी     श्रीकिशुन पंचायत के 18 वार्डों की 12,902 आबादी     घोसैठ पंचायत के 12 वार्डों की 9,883 आबादी     लोसघानी पंचायत के 12 वार्डों की 9,436 आबादी     महेशपुर पंचायत के 13 वार्डों की 5,785 आबादी     मदनपुर पंचायत के 14 वार्डों की 7,573 आबादी चानन प्रखंड के 10 पंचायत     जानकीडीह पंचायत के 13 वार्डों की 9,481 आबादी     खुटुकपार पंचायत के 14 वार्डों की 10,178 आबादी     महेशलेटा पंचायत के 15 वार्डों की 11,809 आबादी     लाखोचक पंचायत के 15 वार्डों की 11,735 आबादी     गोड्डीह पंचायत के 15 वार्डों की 11,243 आबादी     संग्रामपुर पंचायत के 13 वार्डों की 9,643 आबादी     मलिया पंचायत के 13 वार्डों की 9,415 आबादी     इटौन पंचायत के 13 वार्डों की 10,986 आबादी     भलुई पंचायत के 13 वार्डों की 10,270 आबादी     कुंदर पंचायत के 15 वार्डों की 12,386 आबादी रामगढ़चौक प्रखंड के दो पंचायत     गेरूआ पुरसंडा पंचायत के 16 वार्डों की 11,922 आबादी     नोनगढ़ पंचायत के 13 वार्डों की 5,066 आबादी पिपरिया प्रखंड के एक पंचायत     सैदपुरा पंचायत अंतर्गत पवई गांव के चार के वार्डों की 2,795 आबादी     परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। श्रीनिवास सिंह, सहायक अभियंता, पीएचईडी, लखीसराय  

ब्यावरा के ग्राम लखनवास में किया 26.79 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने शनिवार को विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास किया। ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लखनवास को उन्होंने 26 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण विकास के प्रति संकल्पित होकर उन्हें सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में लखनवास से दूधिया दीवान (नरसिंहगढ़) मार्ग (7.70 किलोमीटर) के उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस सड़क के विकसित होने से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान बनेगी। साथ ही ग्राम लखनवास में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया। जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत गांगाहोनी, आमडोर, पाडलीगुसाई, लखनवास, सीलखेड़ा, भंवास, पातलापानी, तरेना, बगवाज, बेरियाखेड़ी, सेमलापार, टोडी, चुकल्या, खेजड़ामहाराजा, कुंडीखेड़ा, आगर एवं सुंदरपुरा में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया गया। इन कार्यों से ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर विकास को नई दिशा प्राप्त होगी। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री  बद्रीलाल यादव,  दिलवर यादव,  इंदर सिंह लववंशी,  जसवंत गुर्जर,  नारायण सिंह सालरियाखेड़ी,  दिनेश मीना,  श्याम सिंह चौहान,  बलवान सिंह,  इंदर सिंह सौंधिया,  रामगोपाल मीना,  राजू गुप्ता,  बिट्टू सक्सेना,  आशीष मीना, जनपद सीईओ  आर.के. मंडल, एसडीओ  प्रवीण भील समेत बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

Puducherry Elections: BJP की पहली लिस्ट जारी, 9 उम्मीदवारों के नाम सामने

पुडुचेरी बीजेपी ने पुडुचेरी  विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट रिलीज कर दी है। BJP ने पुडुचेरी की 9 सीटों पर कैंडिडेट्स के नाम घोषित किए हैं, जिससे चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। BJP की Central Election Committee की मीटिंग बीते 18 मार्च 2026 को हुई, जिसकी अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष Nitin Nabin ने की। इस मीटिंग में PM Modi, केंद्रीय रक्षा मंत्री Rajnath Singh और केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत कमेटी के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मन्नादिपेट से प्रत्याशी होंगे पुडुचेरी के गृहमंत्री BJP की तरफ से रिलीज की गई सूची के मुताबिक, पुडुचेरी के गृहमंत्री A. Namassivayam को मन्नादिपेट विधानसभा सीट से सियासी मैदान में उतरेंगे। इसके अलावा, ऊसुदु (एससी) सीट से ई. थीप्पैनथन, राजभवन से वी.पी. रामालिंगम, कालापेट से पी.एम.एल. कल्याणसुंदरम, मुदलियारपेट से ए. जॉनकुमार, तिरुनल्लार से जी.एन.एस. राजशेखरन, मनावेली से एंबलम आर. सेल्वम, माहे सीट से ए. दिनेशन और नेरावी टी.आर. पट्टिनम से टीकेएसएम मीनाक्षीसुंदरम को टिकट दिया गया है। चुनावी तैयारियों को BJP ने दी धार पार्टी के उम्मीदवारों की इस लिस्ट से साफ है कि बीजेपी ने लोकल नेताओं पर विश्वास जताते हुए संतुलित उम्मीदवारों का चुनाव किया है। उम्मीदवारों के नामों के ऐलान से BJP ने अपनी स्ट्रैटेजी को स्पष्ट कर दिया है। अब सभी की नजरें दूसरे दलों की लिस्ट पर टिकी हुई हैं, क्योंकि पुडुचेरी में इस बार मुकाबला दिलचस्प हो सकता है। बीजेपी ने यह लिस्ट जारी करने के साथ ही अपनी चुनावी तैयारियों को धार दे दी है। आने वाले दिनों में यहां चुनाव प्रचार और तेज होने वाला है। पुडुचेरी में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे और 4 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। विधानसभा सीट उम्मीदवार का नाम मन्नादिपेट ए. नमस्सिवयम ऊसुदु (एससी) ई. थीप्पैनथन राजभवन वी.पी. रामालिंगम कालापेट पी.एम.एल. कल्याणसुंदरम मुदलियारपेट ए. जॉनकुमार तिरुनल्लार जी.एन.एस. राजशेखरन मनावेली एंबलम आर. सेल्वम माहे ए. दिनेशन नेरावी टी.आर. पट्टिनम टीकेएसएम मीनाक्षीसुंदरम    

ईद सेलिब्रेशन में दिखी खास दोस्ती: आमिर खान ने राज ठाकरे को ऐसे किया विदा, वीडियो वायरल

मुंबई आज 21 मार्च को ईद मनाई जा रही है। इस त्योहार पर बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान के घर खूब रौनक देखी गई है। कई फिल्मी हस्तियां उनके आवास पर पहुंचीं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के अध्यक्ष राज ठाकरे भी आमिर के घर पहुंचे। ईद की बधाई देने के बाद राज ठाकरे जब अपने घर लौटे तो उन्हें विदा करने आमिर खान नंगे पैर ही अपने घर से निकल आए। राज ठाकरे को विदा करने नंगे पैर चले आए आमिर आमिर खान का एक वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि एमएनएस चीफ राज ठाकरे आमिर खान को गले मिलकर ईद की बधाई दे रहे हैं। राज ठाकरे जब कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए तो आमिर ने पैपराजी को पोज दिए। वे सफेद कुर्ता पाजामा में नजर आ रहे हैं। इस दौरान वे नंगे पैर हैं।   सपरिवार पहुंचे राज ठाकरे ईद के अवसर पर राज ठाकरे अपने परिवार के साथ आमिर खान के घर पहुंचे। राज ठाकरे की पत्नी भी नजर आईं। राज ठाकरे सफेद कुर्ता पाजामा में नजर आए। इस वायरल वीडियो पर आमिर खान के फैंस भी उन्हें ईद की बधाई दे रहे हैं।   आमिर खान का वर्क फ्रंट आमिर खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्हें बीते वर्ष फिल्म 'सितारे जमीन पर' में देखा गया था। वहीं, इस साल वे 'हैप्पी पटेल-खतरनाक जासूस' में नजर आए। दोनों ही फिल्में आमिर खान के प्रोडक्शन की हैं। आमिर अब 'लाहौर 1947' को लेकर चर्चा में हैं। सनी देओल की इस फिल्म का निर्माण आमिर कर रहे हैं।