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तनाव के बीच बड़ी खबर: होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरेंगे भारत के दो LPG टैंकर

नई दिल्ली कुकिंग गैस ले जा रहे दो भारतीय जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरते हुए अगले कुछ दिनों में भारत पहुंचेगे। जिससे उम्मीद बंधी है कि भारत में एलपीजी संकट कम होगा। शिप-ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि जहाज, जग वसंत और पाइन गैस, सुरक्षित रास्ते की मंजूरी मिलने के बाद, रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे हैं। जहाज लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) ले जा रहे हैं, जिसका इस्तेमाल भारत में खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर होता है। दोनों जहाजों ने सोमवार सुबह अपनी यात्रा शुरू की, यूएई तट से रवाना हुए और केशम और लारक द्वीपों के पास ईरान के तट के पास पहुंचे। जहाजों ने अपने ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए भारतीय मालिकाना हक का संकेत दिया, जो कई जहाजों द्वारा इस सेंसिटिव रास्ते पर चलने के लिए उठाया गया एक एहतियाती कदम था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर जहाजों की यात्रा बिना किसी रुकावट के जारी रहती है, तो उनके सोमवार शाम तक ओमान की खाड़ी पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से पूरा रास्ता तय करने में लगभग 14 घंटे लगते हैं। यह सब कुछ ऐसे समय में हुआ है जब स्ट्रेट, जो तेल और गैस शिपमेंट के लिए एक अहम ग्लोबल रास्ता है, फरवरी के आखिर में इस इलाके में यूएस और इजरायली हमलों के बाद बढ़ते तनाव से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। तब से, ईरान ने पानी के रास्ते से आने-जाने पर काफी हद तक रोक लगा दी है, और बातचीत के बाद सिर्फ भारत समेत कुछ देशों से जुड़े चुनिंदा जहाजों को ही गुजरने की इजाजत दी है। शिपिंग पैटर्न से पता चलता है कि ईरान जहाजों को अपने समुद्र तट के किनारे से गुजरने का निर्देश देकर ट्रैफिक को कंट्रोल कर रहा है। इसके उलट, ओमान के पास के आम रास्ते में जोखिम देखा गया है; इस महीने की शुरुआत में एक जहाज पर हमला होने की खबर है। 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' दोनों ने फरवरी के आखिर में, लड़ाई बढ़ने से ठीक पहले, फारस की खाड़ी में एंट्री की थी। जग वसंत ने कुवैत से एलपीजी लोड की, जबकि पाइन गैस ने यूएई के रुवाइस से अपना माल उठाया। तनाव की वजह से इस इलाके में फंसे हुए थे। इस महीने की शुरुआत में, भारतीय झंडे वाले दो और एलपीजी कैरियर ने भी इसी तरह की यात्राएं सफलतापूर्वक पूरी की थीं।

ICC अवॉर्ड में भारत-पाक का जलवा, फरवरी 2026 के प्लेयर ऑफ द मंथ का ऐलान

नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी ने 23 मार्च 2026 को फरवरी 2026 के प्लेयर ऑफ द मंथ का ऐलान कर दिया है। मेंस और वुमेंस कैटेगरी में भारत और पाकिस्तान का जलवा का दिखा है। वुमेंस कैटेगरी में भारतीय और मेंस कैटेगरी में पाकिस्तान का खिलाड़ी इस अवॉर्ड को जीतने में सफल हुआ है। टी20 विश्व कप 2026 में कोहराम मचाने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी साहिबजादा फरहान इस अवॉर्ड को जीतने में सफल हुए हैं। महिलाओं में भारत की अरुणधति रेड्डी ने बाजी मारी है। साहिबजादा फरहान टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। फरवरी के महीने की उनकी परफॉर्मेंस शानदार थी। यही कारण है कि उन्होंने इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स और अमेरिका के तेज गेंदबाज शैडली वैन शाल्विक को पीछे छोड़कर इस अवॉर्ड पर कब्जा किया है। वे टी20 वर्ल्ड कप में पहले बल्लेबाज थे, जिन्होंने एक एडिशन में शतक जड़ा था। एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी विराट कोहली का साहिबजादा फरहान ने ही तोड़ा था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी वे थे। सात मैचों की 6 पारियों में 76.60 के एवरेज से साहिबजादा फरहान ने 383 रन बनाए थे, जिसमें दो सेंचुरी और इतने ही हाफ सेंचुरी शामिल थीं। हालांकि, उनकी टीम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी, जिसका उन्हें अफसोस जरूर होगा, क्योंकि कई रिकॉर्ड तोड़ने के बावजूद उनकी टीम टॉप 4 में नहीं थी। वुमेंस कैटेगरी की बात करें तो भारत की अरुणधति रेड्डी ने इस खिताब पर कब्जा किया है। रेड्डी ने पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 मैचों की टी20 सीरीज में 8 विकेट अपने नाम किए थे। 10.87 का उनका औसत था और 7.25 का इकॉनमी रेट सीरीज में अरुणधति रेड्डी का था। सिडनी में 4 विकेट उन्होंने 22 रन देकर मेजबानों के चटकाए थे। नॉमिनेशन्स में श्रीलंका की हर्षिता समरविक्रमा और पाकिस्तान की फातिमा सना शामिल थीं, लेकिन अरुणधति ने इन दोनों को पछाड़ते हुए फरवरी 2026 का प्लेयर ऑफ द मंथ अवॉर्ड आईसीसी से हासिल किया है।

राजस्व संहिता में संशोधन, नक्शा पास होते ही लैंड यूज परिवर्तन होगा वैध

राजस्व संहिता में बड़ा बदलाव, नक्शा पास होते ही माना जाएगा लैंड यूज परिवर्तन कैबिनेट ने धारा-80 संशोधन अध्यादेश 2026 को दी मंजूरी दोहरी प्रक्रिया खत्म, निवेश और उद्योग स्थापना को मिलेगी रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन हेतु अध्यादेश 2026 को मंजूरी दे दी गई। इस अहम फैसले के तहत विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, विनियमित क्षेत्रों तथा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधीन क्षेत्रों में गैर-कृषि उपयोग (लैंड यूज़) परिवर्तन की प्रक्रिया को बेहद सरल बना दिया गया है। अब इन क्षेत्रों में अलग से लैंड यूज बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी भूखंड का नक्शा प्राधिकरण द्वारा पास हो जाता है, तो उसी को भूमि उपयोग परिवर्तन माना जाएगा। इससे पहले लोगों को दोहरी प्रक्रिया (पहले लैंड यूज परिवर्तन और फिर नक्शा पास कराने) से गुजरना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की अधिक खपत होती थी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि नई व्यवस्था में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में ही सभी औपचारिकताएं समाहित कर दी गई हैं। इससे न केवल आमजन को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि निवेशकों के लिए भी प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। इस सुधार से प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिलेगा, उद्योग स्थापना में तेजी आएगी और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

नौकरियां जाएंगी या इंसान ही खत्म? AI के खिलाफ सड़कों पर उतरे अमेरिकी

जिन आर्टिफ‍िशियल इंटेल‍िजेंस तकनीकों (AI) को जल्‍द से जल्‍द अपनाने के लिए पूरी दुनिया बेताब है। कंपनियां नए-नए मॉडल लॉन्‍च कर रही हैं। उन्‍हीं तकनीकों के खिलाफ दुन‍िया के सबसे शक्‍त‍िशाली देश की जनता सड़कों पर है। वह ओपनएआई से लेकर एंथ्रोपिक तक के दफ्तरों के बाहर जुटकर अपनी आवाज उठा रही है। डर है कि एआई की अनैत‍िक रेस इंसानी वजूद काे खत्‍म कर सकती है। कई और भी चिंताएं हैं, जिन्‍हें लेकर अमेरिका के सैन फ्रांस‍िस्‍को में भारी विरोध-प्रदर्शन देखे गए हैं। प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि कंपनियां एआई के जोखिमों को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। Stop The AI Race मुह‍िम अमेरिका का सैन फ्रांसिस्‍को टेक्‍नॉलजी का बड़ा गढ़ है। हाल ही में वहां एआई के खिलाफ कुछ ग्रुप्‍स ने बड़ा विरोध-प्रदर्शन किया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी एआई के जोखिमों को कम करने के लिए फ्रंट‍ियर एआई के विकास को रोकने की मांग कर रहे हैं। Stop the AI Race मुह‍िम के तहत 200 से ज्‍यादा प्रदर्शनकारियों ने अपना मार्च न‍िकाला जो दिग्‍गज कंपनी एंथ्रोपिक के मुख्‍यालय से शुरू होकर ओपनएआई के मुख्‍यालय पर खत्‍म हुआ। क्‍या होता है फ्रं‍ट‍ियर AI एआई के विकास में प्रमुख कंपनियां अब फ्रं‍ट‍ियर एआई को डेवलप करने में जुट गई है। यह सामान्‍य से बहुत अधिक एडवांस है और कहा जाता है कि इंसान से भी बेहतर सोच सकता है। फ्रं‍टि‍यर एआई कोडिंग से लेकर कव‍िताएं लिख सकता है। वह इंसान की भावनाओं को समझकर जवाब दे सकता है। इसे ऐसे तैयार किया जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर उन कामों को भी कर पाए, जिसके लिए उसे ट्रेनिंग ही नहीं दी गई है। AI के विरोध में क्‍या हैं लोगों की मांगें     प्रदर्शनकार‍ियों ने फ्रं‍टि‍यर एआई के विकास काे रोकने की मांग की है।     प्रमुख एआई कंपनियों के सीईओ से इस बारे में उनकी प्रतिबद्धता मांगी है।     मांग है कि हरेक एआई लैब को इसके लिए सहमत होना होगा।     लोगों का आरोप है कि एआई लैब्‍स आने सुरक्षा वादों से मुकर रही हैं। किस बात की चिंता लोगों को चिंता है कि इस तरह विकास की गत‍ि को तेज करके इंसान के विलुप्‍त होने का खतरा बढ़ रहा है। याद रहे कि एंथ्रोपिक पिछले महीने अपने उस कमिटमेंट से पीछे हट गई थी जिसमें उसने एआई के खतरनाक होने पर इसके विकास को रोकने की बात कही थी। इस पूरे मामले पर बड़ी कंपनियों ने चुप्‍पी साधी हुई है। वह कोई भी बयान देने से बच रही हैं।

नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं : वन मंत्री केदार कश्यप

रायपुर, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि नालंदा परिसर के निर्माण से बस्तर के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम क्षेत्रों में ऐसे परिसर बनाए जा रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध होंगी। केदार कश्यप ने आज शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर जगदलपुर में प्रस्तावित ‘नालंदा परिसर’ का विधिवत भूमिपूजन किया। इस नालंदा परिसर का निर्माण लगभग 11 करोड़ 59 लाख की लागत से किया जाएगा, जिसमें 500 सीटर बैठक व्यवस्था, 24 घंटे सातों दिन पढ़ने की सुविधा, वाई फाई, पार्किंग और गार्डन की सुविधा रहेगी। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।         कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि युवाओं से समय का सदुपयोग करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया। महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय परिसर में नालंदा परिसर के निर्माण से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को भी काफी सुविधा होगी। नालंदा परिसर में स्मार्ट लाइब्रेरी व स्टडी जोन होगा। हजारों किताबों के संग्रह के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर के ई-बुक एक्सेस करने की भी सुविधा होगी। स्मार्ट लर्निंग पर फोकस होगा। 24X7 वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को यहां मिलेगी। सिविल सर्विसेज के साथ मेडिकल, इंजीनियरिंग, क्लैट की तैयारी के साथ मैथ्स ओलिंपियाड के लिए भी किताबें यहां होगी। नालंदा परिसर का निर्माण धरमपुरा क्षेत्र में हो आपके विधायक किरण देव लगातार प्रयासरत रहे। नालंदा परिसर के निर्माण से हमारे आने वाली पीढ़ी को शिक्षा क्षेत्र में लाभ होगा। उन्होंने कहा हमारी सरकार की मंशा है कि शिक्षा का स्तर बढ़ाना है।           इस अवसर पर स्थनीय विधायक किरण देव ने कहा कि आज के हमारे युवा साथी भारत वर्ष की नींव है। बस्तर के युवा नालंदा परिसर में पढ़ाई कर अपना भविष्य खुद तय करेंगे। उन्होंने कहा कि प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय विश्व की ख्यातिप्राप्त संस्था रही है और इसी अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए नालंदा परिसर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसके तहत प्रदेश के विभिन्न निकायों में निर्माण कार्य जारी है। उन्होंने बताया कि यह परिसर बस्तर के छात्रों की बहुप्रतीक्षित मांग थी, जहां विद्यार्थी 24 घंटे अध्ययन कर सकेंगे और अपने भविष्य को संवार सकेंगे। उन्होंने नालंदा परिसर के निर्माण कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया।          कार्यक्रम में अध्यक्ष जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक एवं पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, ब्रेवरेज कार्पाेरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, निगम आयुक्त प्रवीण वर्मा सहित जनप्रतिनिधि, पार्षदगण, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।  

खेल प्रतिभा का महाकुंभ: छत्तीसगढ़ में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ की धूम, खिलाड़ियों का गर्मजोशी से किया स्वागत

रायपुर,      खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ आगमन शुरू हो गया है, जिससे प्रदेश में खेल उत्सव का माहौल बन गया है। सोमवार शाम असम से तैराकी के 10 खिलाड़ी और तमिलनाडु से 17 फुटबॉल खिलाड़ियों का दल रायपुर पहुंचा।        खिलाड़ियों के स्वागत में स्वामी विवेकानंद विमानतल पर पारंपरिक रंगारंग प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह से भर दिया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग और SAI के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया।आयोजन के तहत 23 मार्च को देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहेगा। यह पहली बार है जब इस स्तर का आदिवासी खेल आयोजन छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहा है।        यह भव्य प्रतियोगिता रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर से लगभग 3,000 जनजातीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग जैसे सात खेलों में पुरुष और महिला वर्गों के बीच रोमांचक मुकाबले होंगे।      छत्तीसगढ़वासियों के लिए यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को देखने का अवसर है, बल्कि जनजातीय संस्कृति और खेल भावना के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बनेगा।

बिहार में सत्ता का फॉर्मूला तय? चिराग पासवान बोले- सीएम-Dy CM नामों पर बनी मोटी सहमति

पटना लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए की नई सरकार और नीतीश कुमार के बाद बनने वाले मुख्यमंत्री को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 5 घटक दलों के बीच मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। सोमवार की सुबह दिल्ली से पटना पहुंचे चिराग ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि बिहार में नई सरकार को लेकर एनडीए गठबंधन के भीतर सब कुछ लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा कि इसको लेकर जल्द ही तस्वीर साफ हो जाएगी। याद दिला दें कि सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा के सांसद चुन लिए गए हैं और 10 अप्रैल या उसके बाद वो दिल्ली में नई पारी शुरू करेंगे। नीतीश के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने के प्रबल आसार हैं। चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी के नाम को लेकर सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन सकारात्मक तौर पर कहा कि गृहमंत्री के तौर पर उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बड़ी जिम्मेदारी निभाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में और किस भूमिका में उनका मॉडल प्रदेश में दिखेगा, यह समय ही बताएगा। पासवान ने हालांकि यह जरूर कहा कि सरकार जिसके भी नेतृत्व में बनेगी, उसमें नीतीश का अनुभव और मार्गदर्शन जरूर रहेगा। चिराग ने कहा कि नई सरकार के गठन को लेकर गठबंधन के भीतर तमाम विषयों पर बातचीत चल रही है। गठबंधन से कौन मुख्यमंत्री बनेगा, कौन डिप्टी सीएम होगा, इसको लेकर चर्चा ही नहीं, बल्कि मोटा-मोटी सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जायेगी। मौजूदा सीएम नीतीश कुमार इस समय राज्य की यात्रा कर रहे हैं, जिनके साथ मंच पर सम्राट चौधरी की केमिस्ट्री ने राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म कर रखा है। नीतीश कई जिलों में समृद्धि यात्रा के मंच पर सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर उनसे जनता को प्रणाम करवा रहे हैं। इसे नीतीश की तरफ से सम्राट के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिनकी नए सीएम के चयन में भूमिका से कोई इनकार नहीं कर रहा है। बिहार में बीजेपी के 89 विधायक और जेडीयू के 85 विधायक हैं। यह संख्या बताता है कि सीएम भले भाजपा का हो, उसका चुनाव भी भाजपा अपने तरीके से करे, लेकिन नीतीश की रायशुमारी उसमें महत्वपूर्ण होगी। नीतीश को 30 मार्च से पहले बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देना होगा। राज्यसभा का चुनाव जीतने के बाद उनके पास एमएलसी का पद छोड़ने के लिए 14 दिन का समय था, जिसमें एक सप्ताह बीत चुका है। चर्चा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद से अप्रैल के दूसरे हफ्ते तक इस्तीफा देंगे, जब नई सरकार का गठन होगा। भाजपा और जदयू के नेताओं ने पहले कहा था कि नई सरकार के गठन की बातचीत 26 मार्च के बाद शुरू होगी, जिस दिन यात्रा के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक नीतीश की सभा पटना में होगी।  

फूल भी करते हैं दवा का काम, इन रोगों में ये हैं रामबाण

फूलों की खूशबू और उनकी सुंदरता तो हम सभी का मन मोह लेती है, लेकिन क्या आप जानते है कि हम फूलों को भी खा सकते हैं। खाने में फूलों का उपयोग भले ही हम सीधे न कर पाएं, लेकिन सही पर फूलों का इस्तेमाल हम कई चीजें में करते हैं, फिर चाहे वह खाना हो या सलाद। हजारो सालों से हम फूलों कि सुंदरता को देखते और महक का आनंद लेते आए हैं। उनके इन्हीं रंगों में उनकी बहुत सारी खूबियां छिपी हुई हैं। अभी तक अधिकांश लोग यही जानते थे कि फूलों का उपयोग सिर्फ इत्र बनाने में होता है,तो आइए जाने कुछ ऐसे ही फूलों को जो हमारे भोजन को स्वादिष्ट बनाते हैं। लैवेंडर फूल-इन खुशबूदार फूलों का इस्तेमाल आइस्क्रीम और दही में किया जाता है। इसका इस्तेमाल एंटीसेप्टिक और बालों की रूसी को रोकने में भी होता है। गुलदाउदी-कैमोमाइल की तरह ही गुलदाउदी का चाय में इस्तेमाल होता है। गुलदाउदी में एंटी ऑक्सीडेंट और मिनरल्स के अलावा एंटी इन्फ्लेमेटरी, एंटी-कार्सनोजेनिक गुण भी पाए जाते हैं। बबूने का फूल (कैमोमाइल)-यह फूल आपको शान्त रखने में मदद करता है, इसीलिए इसका इस्तेमाल चाय में किया जाते है। इसमें एंटीइनफ्लेमेटरी, एंटी-कार्सनोजेनिक और घाव भरने के गुण पाए जाते हैं। गुडहल के फूल-इन फूलों का इस्तेमाल सलाद को गार्निश करने के लिए होता है, इसके अलावा चाय में भी गुड़हल के फूलों का इस्तेमाल होता है। इनमें भरपूर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं जो लो-ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं। एप्पल और ऑरेंज के फूल-ये दोनों फूल सबसे ज्यादा खाए जाते हैं, इन्हें खाने से कई रोग दूर होते हैं। इसके बारे में कुछ ही लोग जानते हैं, लेकिन इनका उपयोग कम मात्रा में करना चाहिए।  

मौसम का बड़ा अपडेट: 3 दिन तक तूफानी बारिश, IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली  IMD ने देश के विभिन्न राज्यों में मौसम के बदलते मिजाज को लेकर अलर्ट जारी किया है। 24 मार्च से 26 मार्च के बीच उत्तर और पूर्वी भारत के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गर्जना की संभावना जताई गई है। खासतौर पर Western Disturbance के सक्रिय होने से राजस्थान और हिमालयी क्षेत्रों में मौसम में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का तांडव राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों, जिनमें जैसलमेर, जोधपुर और बीकानेर शामिल हैं, वहां पहले ही अच्छी वर्षा दर्ज की जा चुकी है। आज यानी सोमवार को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, सीकर, चुरू और नागौर जैसे जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ बारिश के आसार हैं। विभाग का अनुमान है कि 25 और 26 मार्च को एक और हल्के विक्षोभ के कारण प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी भारत में आंधी-तूफान का संकट बिहार, झारखंड और ओडिशा में 24 से 28 मार्च के दौरान मौसम खराब रह सकता है। इस दौरान में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्रों में भी 27 और 28 मार्च को भारी बारिश के साथ तेज अंधड़ चलने का अनुमान है। बिहार के कई जिलों, जैसे गया, पटना, बक्सर, रोहतास और चंपारण में 24 मार्च से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पटना में आज न्यूनतम तापमान 20°C और अधिकतम 29°C के आसपास रहने की उम्मीद है। दिल्ली और उत्तर प्रदेश का हाल दिल्ली में आज बारिश की संभावना तो नहीं है, लेकिन दिनभर तेज हवाएं चल सकती हैं। फिलहाल तापमान 18°C से 28°C के बीच रहेगा, जिससे प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, 25 मार्च के बाद गर्मी बढ़ेगी और पारा 35°C को पार कर सकता है। यूपी में अगले तीन दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 27 मार्च से लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ सहित कई जिलों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है। लखनऊ में आज अधिकतम तापमान 35°C तक जाने का अनुमान है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत: इस साउथ अमेरिकी देश से LPG सप्लाई बढ़ी, आयात हुआ डबल

नई दिल्ली ईरान में छिड़ी जंग का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली सप्लाई पर पड़ा है तो वहीं उत्पादन भी प्रभावित है। इस बीच भारत के लिए साउथ अमेरिका के देश अर्जेंटीना से महत्वपूर्ण राहत आई है। अर्जेंटीना से बीते तीन महीनों में आयात दोगुना हो गया है और यह भारत के लिए बड़ी राहत है। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि अर्जेंटीना इस साल अब तक 50 हजार टन एलपीजी की खरीद की जा चुकी है, जो बीते साल 22 हजार टन ही थी। इस तरह अब तक दोगुने से ज्यादा का आयात भारत कर चुका है। ऐसे समय में जब ईरान से लेकर कतर तक में गैस फील्ड्स पर हमले हो रहे हैं, तब अर्जेंटीना से आयात का बढ़ना बड़ी राहत है। अर्जेंटीना के पोर्ट ऑफ बाहिया ब्लांका से इस जंग की शुरुआत से ठीक पहले भारत ने 39 हजार टन गैस मंगाई थी। इसके बाद 5 मार्च को फिर से 11 हजार नई खेप मंगाई गई थी। अर्जेंटीना का जनवरी महीने में गैस उत्पादन 2,59,000 टन था। उसने तेजी से अपने उत्पादन में भी इजाफा करने के प्रयास किए हैं। इससे स्पष्ट है कि मिडल ईस्ट के देशों से इतर गैस की खरीद के लिए प्रयास कर रहे भारत को इससे बड़ी राहत मिल सकती है। कतर, सऊदी अरब जैसे देशों पर ईरान के हमले हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अर्जेंटीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भारत पहले ही नॉर्वे और अमेरिका जैसे देशों से गैस की खरीद में बढ़ोतरी कर चुका है। इसके अलावा भारत ने अपनी खरीद को डाइवर्सिफाई करने के जो प्रयास किए हैं, उसी के तहत अर्जेंटीना भी जुड़ा है। भारत 2024 से पहले अर्जेंटीना से तेल और गैस की कोई खरीद नहीं करता था। अब यह देश जुड़ा है और भारत तेजी से उससे खरीद बढ़ाने का इच्छुक है। यही नहीं मांग को देखते हुए अर्जेंटीना ने भी अपनी प्रॉसेसिंग यूनिट के विस्तार का फैसला लिया है। इस तरह भारत ने एक नया पार्टनर एनर्जी के मामले में तलाश लिया है। बता दें कि भारत पहले ही अर्जेंटीना से एडिबल ऑयल खरीदता रहा है। इसमें भी बड़ा हिस्सा सोयाबीन तेल का रहा है। इसके अलावा लेदर, सूरजमुखी का तेल, दाल और कुछ केमिकल्स आदि की खरीद करता रहा है। भारत की कंपनी ONGC विदेश ने किया है करार अर्जेंटीना से तेल और गैस की खरीद के लिए भारत की कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड ने समझौता भी किया है। गौरतलब है कि लंबे समय से यह बात होती ही है कि भारत को अपनी तेल और गैस की खरीद को डाइवर्सिफाई करने की जरूरत है। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में ईरान और खाड़ी देशों से इतर किन मुल्कों से भारत अपनी खरीद में इजाफा करता है। फिलहाल गैस का संकट देश में बड़ा है और उससे निपटने की जरूरत है।