samacharsecretary.com

इंद्रावती नेशनल पार्क के अंदर विकास की एंट्री, 79 साल बाद सागमेटा गांव जुड़ा सड़क से

बीजापुर. जिले के इंद्रावती नेशनल पार्क क्षेत्र में बसे सागमेटा गाँव के लिए 2 अप्रैल 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब पहली बार बस सेवा गाँव तक पहुँची। दशकों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित इस क्षेत्र के करीब 600 परिवारों को अब बाजार, अस्पताल और प्रशासनिक सेवाओं तक सीधी पहुंच मिल सकेगी। इससे पहले ग्रामीणों को 17 किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ता था, जिससे दिनचर्या और जीवन स्तर प्रभावित होता था। इस बदलाव के पीछे स्थानीय युवाओं और प्रशासन का संयुक्त प्रयास रहा, जिन्होंने बस संचालकों को सेवा विस्तार के लिए तैयार किया और सुरक्षा का भरोसा दिलाया। क्षेत्र में स्थापित सुरक्षा कैंपों और सड़क निर्माण ने इस परिवर्तन को संभव बनाया है, जिससे विकास की राह खुली है। बस सेवा शुरू होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। सागमेटा और आसपास के गाँवों में इस पहल ने उम्मीद की नई किरण जगा दी है और यह साबित किया है कि इच्छाशक्ति और समन्वय से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी विकास पहुँच सकता है। बीजापुर का 200 किलोमीटर का लंबा सफर बीजापुर का आखिरी गांव पामेड़, जहां जाने के लिए लोगों को कभी 200 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना पड़ता था, अब सीधे जिले से जुड़ गया है। यह वही इलाका है, जहां सड़कों पर वाहनों की आवाज से ज्यादा धमाकों की गूंज सुनाई देती थी। जहां विकास का सपना, नक्सलियों के साये में दम तोड़ देता था। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। सरकार ने इस दुर्गम क्षेत्र तक बस सेवा शुरू कर दी है, जो न सिर्फ एक सफर को आसान बना रही है, बल्कि नक्सल प्रभावित इस इलाके को मुख्यधारा से जोड़ने की एक नई उम्मीद भी जगा रही है। पामेड़ गांव अब बस सेवा से जुड़ा छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का आखिरी गांव पामेड़ अब बस सेवा से जुड़ गया है। यह गांव अब तक सीधे जिले से नहीं जुड़ा था और वहां पहुंचने के लिए लोगों को तेलंगाना के रास्ते जाना पड़ता था। लेकिन अब राज्य सरकार ने नक्सल प्रभावित इस क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए सात पंचायतों को जोड़ते हुए पामेड़ तक बस सेवा शुरू की है। यह कदम बीजापुर के तेजी से विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। बीजापुर, जो अक्सर नक्सली हमलों, आईईडी ब्लास्ट और मुठभेड़ों की वजह से सुर्खियों में रहता था, अब एक नई पहचान की ओर बढ़ रहा है। 50 साल बाद बस सेवा की शुरुआत पिछले 50 सालों से इस इलाके में कोई बस सेवा उपलब्ध नहीं थी। पहले यहां सड़कें थीं, लेकिन उन पर वाहनों का संचालन नहीं होता था। धीरे-धीरे नक्सलियों ने इस पूरे क्षेत्र पर कब्जा कर लिया और वहां विकास कार्य रुक गए। लेकिन अब सरकार की ओर से यहां तेजी से सड़क निर्माण, सुरक्षा कैंप और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बीते चार महीनों में नक्सल प्रभावित इस इलाके में विकास कार्यों की रफ्तार काफी तेज हुई है। इस बस सेवा की शुरुआत से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी और वे सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ सकेंगे।

IPL में श्रेयस अय्यर पर बैन की तलवार, BCCI लगाएगा कार्रवाई, 2 मैचों में किए दो बड़े गलत फैसले

चेन्नई  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में जीत के बावजूद पंजाब किंग्स (PBKS) के कप्तान श्रेयस अय्यर पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का शिकंजा कसता नजर आ रहा है. टीम ने लगातार दूसरी जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन स्लो ओवर रेट की गलती एक बार फिर भारी पड़ गई।  दरअसल, PBKS ने लगातार दूसरे मैच में निर्धारित समय से ज्यादा वक्त लेते हुए 20 ओवर पूरे किए. इस वजह से कप्तान श्रेयस अय्यर पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. वहीं प्लेइंग इलेवन और इम्पैक्ट प्लेयर पर 6 लाख रुपये या मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) फाइन किया गया है।  3 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के ख‍िलाफ एमए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम (चेपॉक) में PBKS की गेंदबाजी काफी महंगी साबित हुई. टीम ने कुल 15 वाइड और 1 नो-बॉल फेंकी, जिससे समय और रन दोनों का नुकसान हुआ. सबसे ज्यादा वाइड साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज मार्को जानसेन ने डाले, जिन्होंने 6 वाइड फेंके. युजवेंद्र चहल ने 3 वाइड और 1 नो-बॉल, जबकि अर्शदीप सिंह ने भी 3 वाइड दिए. जेवियर बार्टलेट ने 2 और मार्कस स्टोइनिस ने 1 वाइड डाला. विजयकुमार वैशाक ही एकमात्र गेंदबाज रहे जिन्होंने कोई एक्स्ट्रा रन नहीं दिया।  इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209/5 का बड़ा स्कोर खड़ा किया. आयुष म्हात्रे ने 43 गेंदों पर 73 रन की शानदार पारी खेली. शिवम दुबे ने 27 गेंदों पर नाबाद 45 रन बनाए, जबकि सरफराज खान ने 12 गेंदों में 32 रन की तेज पारी खेली। जवाब में PBKS की शुरुआत आक्रामक रही. प्रियांश आर्य ने सिर्फ 11 गेंदों पर 39 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया. प्रभसिमरन सिंह 43 रन बनाकर रन आउट हुए, जबकि कूपर कोनॉली ने 36 रन जोड़े. कप्तान श्रेयस अय्यर ने 29 गेंदों पर 50 रन की अहम पारी खेली।  आखिर में शशांक सिंह और मार्कस स्टोइनिस ने टीम को जीत दिलाई. हालांकि मैच जीतने के बावजूद ओवर रेट की गलती ने PBKS की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पंजाब किंग्स अब पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच गई है और अगला मुकाबला 6 अप्रैल को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ ईडन गार्डन्स में खेलेगी।  फिलहाल श्रेयस अय्यर पर बैन नहीं लगा है, लेकिन अगर टीम ने स्लो ओवर रेट की गलती दोहराई तो डिमेरिट पॉइंट्स और सख्त सजा मिल सकती है।  आईपीएल 2026 में कब किस पर लगा जुर्माना  2 अप्रैल को ग‍िरी अभ‍िषेक शर्मा पर गाज: कोलकाता के ईडन गार्डन्स 2 अप्रैल को KKR के खिलाफ खेले गए मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने 48 रन की अहम पारी खेली थी और टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।  हालांकि मैच के दौरान उनके व्यवहार ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया. BCCI ने उन्हें IPL कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.3 का उल्लंघन करने का दोषी माना , जो अपमानजनक या अश्लील भाषा के इस्तेमाल से जुड़ा था. इस गलती के लिए उन पर मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था, और उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया है।    31 मार्च को ग‍िरी थी श्रेयस अय्यर पर भी गिरी गाज: पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर को भी 31 मार्च को गुजरात टाइटन्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में स्लो ओवर रेट के कारण उन पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।  श्रेयस अय्यर पर कब लग सकता है बैन? चूंक‍ि श्रेयस की स्लो ओवर रेट के मामले में यह इस सीजन की पहली गलती कर चुके थे, इसलिए अय्यर पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगा था. अब 3 अप्रैल को दूसरी बार यही गलती दोहराई गई, इसल‍िए उन पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगा और टीम के खिलाड़ियों पर भी आर्थिक दंड लगाया गया।  अब तीसरी बार स्लो ओवर रेट का दोषी पाए जाने पर मामला और गंभीर हो जाएगा. ऐसी स्थिति में कप्तान को एक मैच के लिए बैन किया जा सकता है. श्रेयस पहले भी स्लो ओवर रेट के मामलों में सजा झेल चुके हैं. पिछले सीजन में भी उन पर दो बार जुर्माना लगाया गया था, लेकिन समस्या अब भी जारी है।     

फर्जी कागजों से RTE में दाखिला, जांच में खुलासा—23 एडमिशन निरस्त

दुर्ग. फर्जी दस्तावेजों के जरिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेशित 23 बच्चों का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। ये वे बच्चे हैं, जिनका एडमिशन आरटीई के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में निजी स्कूलों के केजी -1 में हुआ था। इनमें सर्वाधिक 9 बच्चे डीपीएस रिसाली के हैं। बताया जा रहा है कि एडमिशन को लेकर शिकायत हुई थी। यह शिकायत संबंधित नगरीय निकाय तथा संयुक्त संचालक कार्यालय शिक्षा संभाग दुर्ग को गई थी। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा के मार्गदर्शन में जांच कराई गई। जांच के बाद 19 मार्च को इन सभी 23 बच्चों के एडमिशन को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। वहीं 18 बच्चों के दस्तावेज सही पाए गए। इनको लेकर की गई शिकायत निराधार पाई गई। दुर्ग जिले के बड़े जिी स्कूलों में एडमिशन के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। यहां तक कि एडमिशन के लिए जरूरी दस्तावेजों में छेड़छाड़ करने से नहीं चूकते। हो सकता है कि फर्जी दस्तावेज बनाने कोई गिरोह सक्रिय हो । तभी तो बीपीएल राशन कार्ड फर्जी होने के कई मामले सामने आए हैं। इस वजह से बच्चों का एडमिशन भी निरस्त हुआ है। सबसे बड़ी परेशानी उन बच्चों का है, जो साल भर की पढ़ाई कर लिए रहते हैं। उसके बाद उन्हें उस स्कूल से बेदखल किया जाता है। हालांकि जिला शिक्षा विभाग ऐसे बच्चों को स्वामी आत्मानंद तथा अनुदान प्राप्त स्कूलों में प्रवेश के लिए अवसर प्रदान करता है, ताकि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो। उनकी शिक्षा को जारी रखने विभाग हरसंभव प्रयास करता है। पूर्व में 22 बच्चों का प्रवेश रिजेक्ट जिला शिक्षा विभाग द्वारा पिछले वर्ष दिसंबर माह में 13 बच्चों का एडमिशन रिजेक्ट किया गया था। इस आशय का आदेश 2 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। इन 13 बच्चों में सर्वाधिक 5 बच्चे माइलस्टोन स्कूल के थे। शेष बच्चों में शंकराचार्य स्कूल हुडको 4, केपीएस नेहरूनगर तथा डीएवी हुडको के 2-2 बच्चे शामिल थे। इसके पहले 12 नवंबर 2025 को 9 बच्चों का एडमिशन निरस्त किया गया था। ये सभी माइलस्टोन स्कूल के बताए गए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – ‘सम्राट विक्रमादित्य’ महानाट्य सुशासन का अहम संदेश देता है

सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन का संदेश देता है महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी राज्यों में परस्पर सहयोग को बढ़ाने का कर रहे हैं महत्वपूर्ण कार्य सुशासन से गढ़ा जा रहा है नया इतिहास सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य प्रतिभाओं का मंच, युवा पीढ़ी को सार्थक संदेश बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल की धरा को जोड़ा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी वाराणसी में मध्यप्रदेश सरकार का तीन दिवसीय अनूठा आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन काल से हम सब परिचित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कर्मस्थली काशी में इस महानाट्य के मंचन के अवसर पर यह कहना प्रासंगिक होगा कि प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन से राष्ट्र को दिए जा रहे योगदान के लिए अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव वाराणसी (काशी) में शुक्रवार को तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य के मंचन पर संबोधित कर रहे थे। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बदलते दौर में 2 राज्यों के मध्य सांस्कृतिक संबंध को प्रगाढ़ करने के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण है। दोनों राज्य विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद से दोनों राज्यों को अंतर्राज्यीय केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना की सौगात मिली है। यह दोनों राज्यों में सिंचाई, कृषि उत्पादन और पेयजल प्रदाय में सहयोग करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना है। यह प्रधानमंत्री मोदी का सुशासन भी है, जिसके अंतर्गत राज्यों के बीच परस्पर सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी सुशासन के इस काल में सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में स्थापित सुशासन का स्मरण आना स्वभाविक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्र के स्वाभिमान के सम्राट विक्रमादित्य के राष्ट्र प्रेम, पराक्रम, न्यायप्रियता, प्रजा वात्सल्य और ज्ञान विज्ञान परम्परा की पुनर्स्थापना के गुणों की जानकारी युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए महानाट्य माध्यम बन रहा है। सम्राट विक्रमादित्य के युग का पुनर्स्मरण करने के लिए महानाट्य का मंचन किया जा रहा है। सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का पहले नई दिल्ली में भी मंचन हुआ है। इस नाटक में अनेक इंजीनियर, डॉक्टर, वकील और अन्य व्यवसायों से जुड़े प्रतिभाशाली व्यक्ति विभिन्न पात्रों के रूप में मंच पर भूमिका निभाते हैं। इससे प्रतिभाओं को तो मंच मिल ही रहा है, एक कुशल शासक के योगदान से देश के नागरिक भी परिचित हो रहे हैं। इस तरह यह महानाट्य लोकरंजन के साथ भारत के गौरवशाली इतिहास को भी आज जीवंत करने में माध्यम बना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में भाइयों की तीन जोड़ियां प्रसिद्ध हुई हैं। इनमें भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, भगवान श्रीकृष्ण और बलराम के साथ सम्राट विक्रमादित्य और राजा भतृहरि की जोडी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ एक लाख रुपए का सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्रारंभ किया है। एक राष्ट्रीय सम्मान 21 लाख रुपए राशि का और तीन राज्य स्तरीय सम्मान 5-5 लाख रुपए राशि के स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2024 में हुए विक्रमोत्सव को सर्वाधिक अवधि वाली धार्मिक- आध्यात्मिक फैस्टिवल का महाद्वीप स्तरीय वॉव अवार्ड भी मिला है। यही नहीं प्रतिष्ठित ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड भी विक्रमोत्सव को प्राप्त हुआ है। विक्रमादित्य महानाट्य मंचन यादगार क्षण : उ.प्र. मुख्यमंत्री योगी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रमादित्य महानाट्य मंचन को यादगार क्षण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के "एक भारत-श्रेष्ठ भारत'' के भाव को साकार करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा विश्वनाथ की इस धरा को बाबा महाकाल की धरा से नाट्य मंचन के माध्यम से जोड़ने का विशिष्ट कार्य किया है। योगी ने भाइयों की जोड़ी का जिक्र करते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य और राजा भरथरी की जोड़ी का उल्लेख है। महाराजा ने नाथ संप्रदाय में दीक्षा लेकर काशी की भूमि और चुनार के किले में साधना की थी। सम्राट विक्रमादित्य ने ही आज से दो हजार साल पहले अयोध्या नगरी की खोज की थी और महाराज लव के बाद सबसे पहले भगवान राम के मंदिर का निर्माण करवाया था। सम्राट विक्रमादित्य नीति शास्त्र और न्याय के पर्याय थे। उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है और काशी पंचांग की नगरी है दोनों मिलकर नया इतिहास बनाते हुए प्रेम और सहयोग किया परंपरा मजबूती से आगे बढ़ायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की ज्ञान परंपरा को उचित स्थान देकर पूरे विश्व में प्रतिष्ठित किया है। आज योग और आयुर्वेद की पूरी दुनिया में स्वीकार्यता बढ़ी है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2024 में प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन किया गया। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा में स्नान किया। भेंट की गई वैदिक घड़ी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नाथ को वैदिक घड़ी भेंट की। यह घड़ी बाबा विश्वनाथ के मंदिर में वैदिक काल को वर्तमान में जनता के बीच पुनर्स्थापित करने में सहायक होगी। इस घड़ी में प्राचीन वैदिक परंपरा तथा आधुनिक ज्ञान विज्ञान का मिश्रण करके कल की अचूक गणना का समावेश किया गया है। समारोह में उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल, एमएसएमई मंत्री राजेश सचान, पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ,महापौर अशोक तिवारी जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेश नाथ जी, विधायक, स्थानीय जन-प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्कृति प्रेमी उपस्थित रहे। वाराणसी की पावन धरा पर महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ का हुआ ऐतिहासिक मंचन महानाट्य ‘सम्राट विक्रमादित्य’ के भव्य मंचन और ओजस्वी प्रस्तुति से दर्शकों को हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युग की यात्रा कराई। महानाट्य का आरंभ सम्राट विक्रमादित्य के उस संकल्प से हुआ, जब वे विदेशी आक्रांताओं के चंगुल से मातृ भूमि को मुक्त कराने का प्रण लेते हैं। रंगमंच पर कलाकारों के सजीव अभिनय ने उस कालखंड को जीवंत कर दिया, जब शकों के आतंक से त्रस्त प्रजा की रक्षा के लिए एक महानायक का उदय हुआ था। विशाल और भव्य सेट, ऊंचे दुर्ग … Read more

योगी सरकार का बड़ा कदम: 2026 के लिए खाद आपूर्ति रणनीति तैयार

खाद आपूर्ति को लेकर योगी सरकार का बड़ा प्लान, 2026 के लिए विस्तृत आपूर्ति रणनीति तैयार यूरिया, डीएपी और एनपीके की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सप्लाई प्लान पर किया जा रहा काम सहकारी समितियों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर, निजी क्षेत्र का 35% कोटा प्रस्तावित किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार की सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लखनऊ  योगी सरकार ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए अप्रैल 2026 के लिए एक व्यापक और सुव्यवस्थित सप्लाई प्लान तैयार किया है। इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसी भी प्रकार की खाद कमी की स्थिति को रोकना और कृषि कार्यों को सुचारु बनाए रखना है। राज्य सरकार द्वारा जारी इस रणनीति के तहत यूरिया, डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) और एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटाश) जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। कृषि विभाग के आला अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जिले में मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति समय से पहले सुनिश्चित की जाए, ताकि बुवाई और फसल की बढ़वार के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।        इसके साथ ही प्रदेश के समस्त उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं आवश्यकतानुसार अन्य विभागों के कार्मिकों की ड्यूटी लगाकर पारदर्शिता के साथ वितरण किया जाए। उर्वरकों की जमाखोरी कर कृत्रिम अभाव करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। गैर कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के डायवर्जन यथा-प्लाईवुड इण्डस्ट्रियल, पशु आहार निर्मित इकाइयों पर सघन निगरानी रखी जाए। फसल में संस्तुति / संतुलित मात्रा में (अधिकतम यूरिया 07 बोरी एवं डी०ए०पी०-05 बोरी प्रति हेक्टेयर) उर्वरकों का प्रयोग करने के साथ-साथ उर्वरकों का अग्रिम भण्डारण न करने के सम्बन्ध में ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाए। अन्तर्राष्ट्रीय / अन्तर्राज्यीय सीमावर्ती जनपदों में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण की सघन निगरानी रखी जाए।  इस योजना में सहकारी समितियों की भूमिका को और मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से खाद वितरण की हिस्सेदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे पारदर्शिता और सुगमता दोनों में सुधार होगा। वहीं, निजी क्षेत्र की भागीदारी को संतुलित रखते हुए उन्हें लगभग 35 प्रतिशत कोटा देने का प्रस्ताव भी रखा गया है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावी बनी रहे।     खाद वितरण की निगरानी के लिए सरकार ने सख्त मॉनीटरिंग व्यवस्था लागू की है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखी जाएगी। इस सुनियोजित रणनीति से किसानों को समय पर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होगी, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। यह पहल राज्य के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की शिकायत पर सख्त हुए मुख्यमंत्री, वेतन वृद्धि पर कंपनी ने दी सहमति

सीएम हेल्पलाइन 1076 के कर्मचारियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री सख्त, वेतन वृद्धि पर कंपनी की सहमति कंपनी ने कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी सहमति जताई है कर्मचारियों में प्रसन्नता की लहर, मुख्यमंत्री का जताया आभार लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारियों द्वारा वी-विन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ की गई शिकायतों का गंभीरता से संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों एवं कार्यस्थल की समस्याओं का तत्काल और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा कर कंपनी स्तर पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कराई जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। निर्देश मिलते ही प्रबंध निदेशक यूपीडेस्को ने संबंधित कंपनी के शीर्ष प्रबंधन को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया और उच्चस्तरीय वार्ता शुरू की गई। मुख्यमंत्री स्तर से हुए सख्त हस्तक्षेप के बाद कंपनी प्रबंधन को कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाना पड़ा। कंपनी ने कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए वेतन वृद्धि पर सहमति दे दी है। साथ ही साथ कंपनी ने कार्यस्थल की सुविधाओं में सुधार करने पर भी सहमति जताई है। यूपीडेस्को की प्रबंध निदेशक नेहा जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुपालन में पूरे प्रकरण की गंभीरता से समीक्षा कराई गई है। कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के वेतन संबंधी मुद्दों का समाधान प्राथमिकता पर किया जाए और कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि कार्मिकों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस प्रकार की स्थिति न उत्पन्न हो, इसके लिए भी सतत निगरानी की जाएगी। बताया जा रहा है कि त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति जल्द ही सामान्य हो गई और कर्मचारी पुनः अपने कार्य पर लौट आए हैं। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के इस निर्णायक हस्तक्षेप की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है और कहा है कि समय पर लिए गए निर्णय से उनकी समस्याओं का समाधान संभव हुआ। कर्मचारियों में खुशी की लहर सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी हिमांशु विक्रम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि, “हम सभी कर्मचारियों की समस्याओं को जिस गंभीरता से माननीय मुख्यमंत्री जी ने सुना और तत्काल प्रभाव से समाधान के निर्देश दिए, वह हमारे लिए बहुत राहत देने वाला है। लंबे समय से चले आ रहे वेतन संबंधी मुद्दों पर अब सकारात्मक निर्णय हुआ है और वेतन वृद्धि के लिए कंपनी मान गई है, इससे हम सभी कर्मचारियों में खुशी की लहर है। सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी विकास यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी के त्वरित हस्तक्षेप से हमारी समस्याओं का समाधान हुआ है। वेतन संबंधी मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय के बाद स्थिति सामान्य हो गई है और हम सभी कर्मचारी अपने काम पर वापस आ गए हैं। इसके लिए हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं।” सीएम हेल्पलाइन 1076 से जुड़े कर्मचारी अंकित शुक्ला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “माननीय मुख्यमंत्री जी ने हमारी बात को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई कराई, जिससे हमारी समस्याओं का समाधान संभव हुआ। कंपनी द्वारा वेतन संबंधी मांगों पर सहमति बनने के बाद अब कार्यस्थल का माहौल भी बेहतर हुआ है। हम सभी कर्मचारी उनके इस निर्णय के लिए धन्यवाद देते हैं और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य में लगे हैं।

श्रेयस की शानदार कप्तानी पारी, पंजाब ने CSK को उनके घर में दी हार

 चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-7 में शुक्रवार (3 अप्रैल) को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का सामना पंजाब किंग्स (PBKS) से हुआ. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेपॉक) में हुए इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने 5 विकेट से जीत हासिल की. चेन्नई सुपर किंग्स ने पंजाब किंग्स को जीत के लिए 210 रनों का टारगेट दिया था. इस टारगेट को पंजाब किंग्स ने 18.4 ओवरों में हासिल कर लिया. पंजाब किंग्स के लिए कप्तान श्रेयस अय्यर ने शानदार 50 रन बनाए।  मौजूदा सीजन में पंजाब किंग्स की ये लगाातार दूसरी जीत रही, वहीं सीएसके ने लगातार दूसरा मैच गंवाया है. बता दें कि चेन्नई सुपर किंग्स को अपने पहले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स (RR) के हाथों 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी थी. वहीं पंजाब किंग्स ने गुजरात टाइटन्स (GT) को 3 विकेट से हराकर अपने अभियान का शानदार आगाज किया था।  पंजाब का ऐसा रहा रनचेज रनचेज में पंजाब किंग्स की शुरुआत तूफानी रही. प्रियांश आर्य और प्रभसिमरन सिंह ने मिलकर पहले विकेट के लिए 4.2 ओवरों में 61 रनों की साझेदारी की. प्रियांश आर्य ने 11 गेंदों पर 39 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और चार छक्के शामिल रहे. तेज गेंदबाज मैट हेनरी ने प्रियांश का विकेट लिया. वहीं प्रभसिमरन सिंह 43 रन बनाकर सरफराज खान के थ्रो पर रन आउट हुए।  प्रभसिमरन ने 34 गेंदों की इनिंग्स में 6 चौके के अलावा एक सिक्स लगाया. कूपर कोनोली ने भी 6 चौके की मदद से 22 बॉल पर 36 रन बनाए, जिसने पंजाब का मोमेंटम बनाए रखा. यहां से कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों पर फिफ्टी जमाई. श्रेयस ने 4 चौके और तीन छक्के की मदद से 29 गेंदों पर 50 रनों का योगदान दिया. श्रेयस को अंशुल कम्बोज ने आउट किया. श्रेयस के बाद नेहाल वढेरा (10 रन) भी आउट हो गए. यहां से मार्कस स्टोइनिस (नाबाद 9 रन) और शशांक सिंह (नाबाद 14 रन) ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।  ऐसी रही चेन्नई सुपर किंग्स की पारी चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 209 रन बनाए. चेन्नई सुपर किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने दूसरे ही ओवर में संजू सैमसन का विकेट गंवा दिया. संजू 7 रन बनाकर तेज गेंदबाज जेवियर बार्टलेट की गेंद पर विकेट के पीछे लपके गए. यहां से कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ और आयुष म्हात्रे ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 96 रनों की साझेदारी की. इस पार्टनरशिप के दौरान आयुष ने 29 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी कर ली।  लेग-स्पिनर युजवेंद्र चहल ने ऋतुराज गायकवाड़ को आउट कर इस साझेदारी का अंत किया. ऋतुराज ने दो चौके की मदद से 22 गेंदों पर 28 रन बनाए. फिर सीएसके ने आयुष म्हात्रे का विकेट गंवा दिया, जो विजयकुमार वैशाक का शिकार बने. आयुष ने 43 गेंदों का सामना करते हुए 73 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और पांच छक्के शामिल थे. कार्तिक शर्मा (1 रन) कुछ खास नहीं कर पाए और उनका विकेट मार्को जानसेन ने लिया।  इसके बाद सरफराज खान ने कुछ बड़े शॉट्स लेकर चेन्नई सुपर किंग्स की पारी को मोमेंटम प्रदान किया. सरफराज ने 6 चौके और एक छक्के की मदद से महज 12 गेंदों पर 32 रन बनाए. सरफराज के आउट होने के बाद शिवम दुबे ने गियर चेंज करते हुए टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम रोल निभाया. शिवम ने 5 चौके और एक छक्के की मदद से 27 बॉल पर 45 रनों की पारी खेली. पंजाब किंग्स की ओर से विजयकुमार वैशाक ने सबसे ज्यादा दो विकेट झटके।  इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपर किंग्स और पंजाब किंग्स के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है. दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 33 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान चेन्नई सुपर किंग्स ने 16 मुकाबले जीते. जबकि पंजाब किंग्स को 17 मैचों में सफलता मिली. पिछले सीजन में दोनों टीमों के बीच दो मुकाबले हुए थे, जिनमें पंजाब किंग्स को जीत मिली थी।  चेन्नई Vs पंजाब H2H कुल IPL मैच: 33 चेन्नई ने जीते:16 पंजाब ने जीते: 17 पंजाब किंग्स की प्लेइंग-11: प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, नेहाल वढेरा, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जानसेन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, अर्शदीप सिंह और युजवेंद्र चहल।  इम्पैक्ट सब: प्रियांश आर्य. चेन्नई सुपर किंग्स की प्लेइंग-11: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), आयुष म्हात्रे, सरफराज खान, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा, प्रशांत वीर, नूर अहमद, अंशुल कम्बोज, मैट हेनरी और खलील अहमद. इम्पैक्ट सब: राहुल चाहर।     

नासिक में भीषण दुर्घटना, कुएं में गिरने से एक ही परिवार के 9 सदस्यों की जान गई

नासिक  महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी तालुका में देर रात एक भीषण सड़क दुर्घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। एक मारुति XL6 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित पानी से भरे कुएं में जा गिरी, जिसमें सवार नौ लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के नौ सदस्य शामिल थे। हादसा शुक्रवार रात करीब 10 बजे डिंडोरी शहर के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। पुलिस के अनुसार, पीड़ित लोग डिंडोरी तालुका के इंदौर गांव के दरगुडे परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तु दरगुडे (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुडे (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है; इन बच्चों में सात से 14 साल की उम्र की पांच लड़कियां और 11 साल का एक लड़का शामिल है। कार्यक्रम से लौटते समय हुआ हादसा परिवार वाले एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहे थे। जो रात के अंधेरे में अचानक चालक का वाहन पर से नियंत्रण छूट गया और कार सीधे सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिर पड़ी। पानी भरा होने के कारण बचाव कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं। देर रात तक चले बचाव अभियान में कड़ी मशक्कत के बाद कार और शवों को कुएं से बाहर निकाला गया। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। कब हुआ हादसा? दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, यह परिवार एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होकर घर लौट रहा था। इसी दौरान अचानक कार का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे बने गहरे कुएं में गिर गई। कुएं में पानी भरा होने की वजह से राहत और बचाव कार्य और भी मुश्किल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस को भी सूचना दी गई, लेकिन जब तक कार और लोगों को बाहर निकाला गया, तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। परिवार के सभी सदस्यों की हुई मौत सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। राहत-बचाव अभियान के तहत दो क्रेन और तैराकों की मदद से आधी रात के आसपास कार और उसमें सवार सभी लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने बताया कि सभी मृतक डिंडोरी तालुका के इंदोरे गांव निवासी दरगुड़े परिवार के सदस्य थे। मृतकों की पहचान सुनील दत्तू दरगुड़े (32), उनकी पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुड़े (32) और परिवार के छह बच्चों के रूप में हुई है। बच्चों में पांच लड़कियां (उम्र 7 से 14 वर्ष) और एक 11 वर्षीय लड़का शामिल है। सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डिंडोरी के सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।  पुलिस को क्या पता? फिलहाल, सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे की असली वजह क्या थी। साथ ही सड़क की स्थिति, वाहन की रफ्तार और अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। यह पहली बार नहीं है जब इस इलाके में ऐसा हादसा हुआ हो। इससे पहले भी यहां इस तरह की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है। जांच में जुटी पुलिस  दिंडोरी पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन से नियंत्रण खोना मुख्य कारण बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस रोड कंडीशन, वाहन की स्पीड और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद हादसे के सही कारण सामने आएंगे।  

प्राचीन विरासत की झलक: गढ़पहाड़ की गुफाएं बयां करती हैं इतिहास के अनछुए पन्ने

रायपुर गढ़पहाड़ की गुफाओं में झलकती प्रागैतिहासिक सभ्यता की अनूठी विरासत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध जशपुर जिला अब अपनी समृद्ध पुरातात्विक धरोहर के कारण भी विशेष पहचान बना रहा है। जिले से लगभग 30 किलोमीटर दूर मनोरा विकासखंड के ग्राम जयमरगा स्थित गढ़पहाड़ की गुफा में मिले आदिमकालीन शैलचित्र प्रागैतिहासिक मानव जीवन की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं। यह स्थल न केवल ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत आकर्षक बनता जा रहा है। ग्राम पंचायत डड़गांव के आश्रित ग्राम जयमरगा की आबादी लगभग 1400 है और यहां तक सड़क मार्ग से सहज पहुंचा जा सकता है। गांव से लगभग 300 मीटर ऊँची पहाड़ी पर चढ़ाई करने के बाद गढ़पहाड़ की इस प्राकृतिक गुफा तक पहुंचा जाता है। घने जंगलों के बीच स्थित यह गुफा आज भी स्थानीय ग्रामीणों के लिए आस्था का केंद्र है, जहां वे पूजा-अर्चना करते हैं। पुरातत्त्ववेत्ता डॉ. अंशुमाला तिर्की एवं  बालेश्वर कुमार बेसरा के अनुसार, जयमरगा क्षेत्र प्रागैतिहासिक स्थलों की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां पहाड़, जंगल और नदी की उपलब्धता के कारण प्राचीन मानव के लिए भोजन, पानी और आश्रय की समुचित व्यवस्था रही होगी। इसी कारण यह क्षेत्र आदिमानवों के निवास का प्रमुख केंद्र रहा प्रतीत होता है। गुफा में प्राप्त शैलचित्र मध्य पाषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इन चित्रों में मानव आकृतियों के साथ-साथ पशु आकृतियाँ, ज्यामितीय आकृतियाँ तथा कुछ रहस्यमयी आकृतियाँ भी अंकित हैं। लाल एवं सफेद रंगों से बनाए गए ये चित्र उस समय की कलात्मक अभिव्यक्ति और जीवन शैली को दर्शाते हैं। विशेष रूप से बैल, तेंदुआ, हिरण और मानव  आकृतियों का चित्रण उस काल के शिकार एवं सामाजिक जीवन की कहानी कहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गुफा संभवतः प्राचीन काल में पहरेदारी स्थल के रूप में प्रयुक्त होती रही होगी, जहां से शिकारी वन्यजीवों पर नजर रखते थे। यहां हेमाटाइट पत्थर की उपलब्धता भी पाई गई है, जिसका उपयोग रंग बनाने में किया जाता था। इसके अतिरिक्त, स्थल से माइक्रोलिथिक उपकरण जैसे लुनैट, स्क्रैपर, पॉइंट, ट्रैपेज, साइड स्क्रैपर और ब्लेड भी प्राप्त हुए हैं, जो उस समय के मानव द्वारा शिकार एवं दैनिक कार्यों में उपयोग किए जाते थे। गढ़पहाड़ की यह गुफा जशपुर जिले की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को सहेजने का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। इस अमूल्य धरोहर को संरक्षित किए जाने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी प्रागैतिहासिक मानव सभ्यता के इस अद्भुत साक्ष्य से परिचित हो सकें।वाल लेखन कर MSW छात्रा द्वारा जल संरक्षण के लिए किया जा रहा जागरूक- जन अभियान परिषद मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार जल गंगा संवर्धन अभियान पुरे मध्यप्रदेश मे चालया जा रहा है  अभियान अंतर्गत जिला समन्वयक  रविन्द्र शुक्ला के निर्देश पर विकासखंड करकेली के सेक्टर 2 निगहरी के परामर्शदाता संतोष त्रिपाठी के मार्गदर्शन मे MSW छात्रा साक्षी जैन    द्वारा दीवार लेखन कर जल स्त्रोतो व जल संरक्षण के प्रति  समाज को जागरूक किया जा रहा है । साक्षी जैन द्वारा समस्त समाज से आग्रह किया गया कि आप सभी भी इस अभियान का हिस्सा बनें और जल संरक्षण हेतु प्रेरित करें , जब सर्व समाज एक जुट होकर आगे बढ़ेगा तो हम सभी के प्रयास से यह अभियान सफलतम रास्ते पर अग्रसर रहेगा ।

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य में शामिल हुए CM योगी और सीएम यादव

सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व एमपी के सीएम मोहन यादव सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का काशी की धरा पर मंचन ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की उत्कृष्ट अवधारणा का उदाहरण – सीएम योगी आदित्यनाथ यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है – सीएम योगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने आयोजन को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और ज्ञान को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया वाराणसी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के महानायक सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित महानाट्य का आज काशी की धरा पर मंचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस आयोजन ने मां गंगा के तट पर बाबा विश्वनाथ की पावन धरा को महाकाल की धरा उज्जैन के साथ एक सांस्कृतिक एकता के बंधन से जोड़ने का काम किया है। इसके लिए मैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, सांस्कृतिक विभाग के पदाधिकारियों और इस आयोजन से जुड़े सभी कलाकारों का उत्तर प्रदेश में काशी की धरा पर स्वागत करता हूं। मुख्यमंत्री ने काशी और उज्जैन नगरी के संबंध को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस तरह से भारतीय परंपरा में भाई-भाई के संबंध के आदर्श रूप में भगवान राम-लक्ष्मण और कृष्ण-बलराम की जोड़ियां प्रसिद्ध हैं, वैसे ही नाथ संप्रदाय में दीक्षित संत भर्तृहरि और सम्राट विक्रमादित्य की जोड़ी भी प्रसिद्ध है। सम्राट विक्रमादित्य की कर्मस्थली जहां उज्जैन थी, तो वहीं संत भर्तृहरि की साधनास्थली काशी के गंगा तट पार स्थित है। काशी के ठीक उस पार चुनार का किला उनके ही तप और आशीर्वाद से संभव हुआ था। यूपी सरकार चुनार के किले के सौंदर्यीकरण और संरक्षण का कार्य कर रही है। सीएम योगी ने कहा कि यह आयोजन भारतीय कालगणना की नगरी उज्जैन और पंचांग निर्माण की नगरी काशी का सम्मिलन है, जो भारत की कालगणना की परंपरा को वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा। वर्ष 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह से देश के पारंपरिक ज्ञान और कौशल का विकास किया जा रहा है, उसे आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। भारतीय परंपरा का योग हो या आयुष, आज पूरा विश्व उसे स्वीकार कर रहा है। कुंभ की परंपरा हजारों वर्ष पुरानी है, लेकिन वर्ष 2019 में जब प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में इसका भव्य आयोजन किया गया तो पूरा विश्व इसमें सहभागी बना। पूरी दुनिया से 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु प्रयागराज की धरा पर महाकुंभ में आए। मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के बाद से देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालु हर वर्ष काशी और अयोध्या आ रहे हैं। अयोध्या नगरी के पुनरुत्थान में भी महाराज विक्रमादित्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। 2000 वर्ष पहले अयोध्या नगरी को खोजने का कार्य सम्राट विक्रमादित्य ने ही किया था। प्रभु श्रीराम के पुत्र लव के बाद सबसे पहले श्रीराम मंदिर भी सम्राट विक्रमादित्य ने बनवाया था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सम्राट विक्रमादित्य के प्रयासों को ही आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर आधारित इस नाट्य प्रस्तुति को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि नाटक, कला और सिनेमा समाज को दिशा देने का माध्यम होते हैं और कलाकारों द्वारा निभाए गए पात्र युवाओं के लिए प्रेरणा बनते हैं। मैं सिनेमा निर्माताओं को भी सुझाव देता हूं कि सकारात्मक चरित्रों को ही नायक के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। एक कालखंड था, जब सिनेमा नकारात्मक चरित्रों को नायक के रूप में स्थापित करता था। इसका परिणाम यह हुआ कि देश की एक पीढ़ी इससे प्रभावित होकर बर्बाद हो गई। मुख्यमंत्री ने इस नाट्य रूपांतरण को भारतीय संस्कृति, पराक्रम, दानवीरता, न्याय व्यवस्था और सुशासन जैसे मूल्यों को पुनर्जीवित करने का माध्यम बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि यह प्रयास आज की नई पीढ़ी को अपने प्राचीन सांस्कृतिक मूल्य और आदर्शों से जोड़ने के वृहद अभियान का एक हिस्सा है। इस सराहनीय प्रयास के लिए उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, संस्कृत विभाग और सभी कलाकारों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।