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US में कार्रवाई तेज: 1790 लाइसेंस कैंसल, पंजाबी चालकों के सामने रोजगार संकट

चंडीगढ़. अमेरिका में प्रवासी चालकों के खिलाफ सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। इंडियाना राज्य में मोटर वाहन विभाग ने बड़ा कदम उठाते हुए 1,790 गैर-स्थायी वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। यह आदेश 1 अप्रैल से लागू हो गया, जिससे हजारों प्रवासी चालकों, खासकर पंजाबी समुदाय से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक कारणों से नहीं, बल्कि हाल में हुई कुछ गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के बाद की गई है। फरवरी 2026 में सुखदीप सिंह से जुड़ी एक दुर्घटना में एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई थी, जिसके बाद नियमों को सख्त करने की मांग तेज हो गई थी। इससे पहले कैलिफोर्निया में भी समय सीमा पूरी होने के कारण 17 हजार लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। हालांकि, कुछ वीजा श्रेणियों के तहत काम कर रहे चालकों को इस कार्रवाई से राहत मिली है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे प्रवासी चालक प्रभावित हुए हैं, जो लंबे समय से ट्रकिंग क्षेत्र में काम कर रहे थे। अमेरिका में सक्रिय यूनाइटेड सिख्स ने प्रभावित चालकों की मदद के लिए देशभर में सहायता सेवा शुरू की है। इंडियाना सरकार के फैसले का पंजाब में विरोध इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मीडिया के सामने अमेरिका के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि हजारों पंजाबी युवा ट्रक चलाकर अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं और इस फैसले से उनकी आजीविका खतरे में पड़ गई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले को कूटनीतिक स्तर पर उठाया जाए। वहीं, सिख गठबंधन सहित अन्य सिख संगठनों ने भी इस फैसले का विरोध किया है। संगठनों का कहना है कि कई चालकों को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया और अचानक लिए गए इस फैसले से पूरे समुदाय में चिंता का माहौल है। लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और सख्त नए नियमों के तहत अब गैर-नागरिक चालकों के लिए लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और सख्त कर दी गई है। कानूनी स्थिति की जांच अनिवार्य कर दी गई है और भाषा दक्षता जैसे मानकों को भी कड़ा किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन फैसलों से योग्य चालकों की कमी हो सकती है, जिससे परिवहन व्यवस्था और आपूर्ति तंत्र पर भी असर पड़ सकता है।

नवागढ़ की गुफाओं से फोर्ट विलियम तक, जानें शहीद बख्तर साय और मुंडल सिंह के बलिदान की गौरवशाली कहानी

गुमला आज 4 अप्रैल को बख्तर साय व मुंडल सिंह का शहादत दिवस है. देश की आजादी में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. ऐसे तो गुमला में कई वीर पैदा हुए, जिन्होंने इस्ट इंडिया कंपनी (अंग्रेज) से लोहा लिया. इतना ही नहीं, वो अपनी साहस, शक्ति, सूझबूझ से अंग्रेजों को पराजित भी किया. इन्हीं वीर सपूतों में गुमला जिला स्थित रायडीह प्रखंड के बख्तर साय व मुंडल सिंह हैं. जिन्होंने ना इस्ट इंडिया कंपनी का विरोध किया, बल्कि उन्हें छोटानागपुर क्षेत्र में घुसने का सबक भी सिखाया. इस लड़ाई में दोनों शहीद हो गए, लेकिन आज भी गुमला जिले में इन दोनों वीर सपूतों को याद किया जाता है. इन दोनों वीरों की वीरता की कहानी आज भी रायडीह प्रखंड के वादियों में गूंजती है और लोगों के जुबान से इन सपूतों का वीरभाव सुनने को मिलता है. इन दोनों ने जिस बहादुरी से अंग्रेजों को खदेड़ा है. यह इस क्षेत्र के लिए गर्व की बात है. आज वे हमारे बीच नहीं है, लेकिन बख्तर साय व मुंडल सिंह की पूजा आज भी गुमला जिले में होती है. अंग्रेजों से लड़ाई के दौरान बख्तर व मुंडल ने नवागढ़ क्षेत्र की गुफाओं को अपना घर बनाया. यह गुफा आज भी इस क्षेत्र में साक्षात है. जहां दोनों सेनानी रहते थे. जिस तालाब का पानी पीते थे. वह तालाब भी है. युद्ध के दौरान यह तालाब रक्त से भर गया था. इसलिए इसे रक्त तालाब भी कहा जाता है.  शिवलिंग जहां दोनों पूजा करते थे. वह भी नवागढ़ में है. गढ़पहाड़ जहां युद्ध हुआ था. वह पहाड़ आज भी युद्ध की कहानी कह रही है. वीर सेनानियों की यह भूमि आज भी अंग्रेजों के पराजय की कहानी बयां करती है. बख्तर साय ने हीरा राम का सिर काट कर अंग्रेजों को भेजा था बख्तर साय नवागढ़ परगना (वर्तमान में रायडीह प्रखंड) के जागीरदार थे. उन्होंने इस्ट इंडिया कंपनी को खुली चुनौती दी. उनसे लोहा ले उसे पराजय का मुंह दिखाया. इस्ट इंडिया कंपनी की टुकड़ी बख्तर साय के सामने टिक नहीं सकी और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. पराजय के बाद अंग्रेज छोटानागपुर के महाराजा ह्रदयनाथ शाहदेव से संधि किये. उसके बाद अंग्रेज 12 हजार रुपये टैक्स वसूली करने लगे. उस समय अंग्रेज टैक्स वसूली के लिए कड़ा रूख अपना लिये थे. जागीरदार व रैयत पैसा दे देकर परेशान हो गये थे. अंग्रेजों से संधि के बाद महाराजा ह्रदयनाथ शाहदेव ने हीरा राम को टैक्स वसूली के लिए नवागढ़ भेजा. बख्तर साय ने हीरा राम का सिर काट कर महाराजा को भेजवा दिया. महाराजा इससे अत्यंत क्रोधित हुए. इस्ट इंडिया कंपनी को इसकी सूचना दी गयी. 11 फरवरी 1812 को रामगढ़ मजिस्ट्रेट ने लेफ्टीनेंट एचओ डोनेल के नेतृत्व में हजारीबाग के सैन्य टुकड़ी को नवागढ़ के जागीरदार को पकड़ने के लिए भेजा. इसी बीच रामगढ़ बटालियन के कमांडेंट आर गार्ट ने छोटानागपुर के बारवे (वर्तमान में रायडीह, चैनपुर व डुमरी), जशपुर व सरगुजा के राजा को पकड़ने के लिए एक पत्र लिखा. साथ ही पूरे क्षेत्र की नाकेबंदी करने की सहायता मांगी. जशपुर राजा के साथ आर गार्ट का अच्छा संबंध था. इसका फायदा उठाते हुए लेफ्टीनेंट एचओ डोनेल ने हजारों सैनिकों के साथ मिलकर नवागढ़ को घेर लिया. अंग्रेजों के मंसूबों की जानकारी पनारी परगना के जागीरदार मुंडल सिंह को हो गयी थी. वे बख्तर साय की सहायता के लिए नवागढ़ पहुंच गए. दोनों ने मिलकर अंग्रेजों से लोहा लिया. अंग्रेजों की कूटनीति में दोनों वीर फंसकर शहीद हुए थे नवागढ़ में 1812 के आसपास घना जंगल था. ऊंचे ऊंचे पहाड़ थे. अंग्रेजों को मुंडल सिंह व बख्तर साय तक पहुंचने में परेशानी होने लगी. अंग्रेजों ने एक विशेष रणनीति के तहत नवागढ़ को चारों ओर से घेर लिया. बख्तर साय व मुंडल सिंह जगह बदल कर आरागढ़ा के गुफा में रहने लगे. अंग्रेजों को जब इसकी जानकारी हुई, तो वे गुफा तक जाने वाली नदी की धारा के पानी को गंदा कर दिया. जिससे बख्तर साय व मुंडल सिंह अपने सैनिकों के साथ पानी पी न सके. अंग्रेजों की इस कूटनीति चाल के बाद बख्तर व मुंडल जशपुर (छत्तीसगढ़ राज्य) के राजा रणजीत सिंह के यहां गए. जहां से दूसरे स्थान पर निकलने के कारण दोनों 23 मार्च 1812 को पकड़े गए. 4 अप्रैल 1812 को दोनों को कलकत्ता के फोर्ट विलियम में फांसी की सजा दे दी गई थी.

आईपीएल 2026, जीत की लय बरकरार रखने उतरेंगे अक्षर और हार्दिक, दिल्ली के गढ़ में रनों की होगी बौछार

 नई दिल्ली दिल्ली कैपिटल्स वर्सेस मुंबई इंडियंस आईपीएल 2026 का 8वां मुकाबला आज यानी शनिवार, 4 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला जाना है। डीसी वर्सेस एमआई मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 3 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या- आधा घंटा पहले यानी 3 बजे मैदान पर उतरेंगे। दोनों ही टीमें यहां अपना-अपना पहला मैच जीतकर पहुंची है। दिल्ली ने लखनऊ सुपर जाएंट्स को तो मुंबई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को अपने पहले मैच में धूल चटाई थी। आज दोनों टीमों की नजरें जीत की लय बरकरार रखने पर होगी। आईए एक नजर डीसी वर्सेस एमआई पिच रिपोर्ट पर डालते हैं- DC vs MI पिच रिपोर्ट अरुण जेटली स्टेडियम (कोटला) की सतह से बल्लेबाजों को काफी मदद मिलने की उम्मीद है। 2023 के ODI वर्ल्ड कप के बाद से, यह उन मैदानों में से एक रहा है जहां स्कोरिंग रेट सबसे ज्यादा रहा है। T20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान, इस जगह पर हाई-स्कोरिंग मैच हुए थे, और IPL में भी ऐसा ही रहने की संभावना है। क्योंकि यह दिन का मैच है, इसलिए ओस का कोई रोल नहीं होगा, इसलिए टॉस कोई मायने नहीं रखेगा। हालांकि, मैच से एक दिन पहले नई दिल्ली में बारिश होने के बाद सतह को ढक दिया गया है। इसलिए, पहले गेंदबाजी करना अभी भी सही विकल्प हो सकता है। अरुण जेटली स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 97 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 47 (48.45%) दूसरे बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 49 (50.52%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 49 (50.52%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 47 (48.45%) बिना रिजल्ट वाले मैच- 1 (1.03%) हाईएस्ट स्कोर- 278/3 लोएस्ट स्कोर- 66 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 205/0 एवरेज रन पर विकेट- 27.81 एवरेज रन पर ओवर- 8.61 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 170.02 DC vs MI हेड टू हेड दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस की आईपीएल में अभी तक 37 बार भिड़ंत हुई है, जिसमें 21 मैच एमआई ने तो 16 मैच डीसी ने जीते हैं। पिछले 5 मैचों में मुंबई ने 4 बार दिल्ली को धूल चटाई है।

अब गांवों तक तेज इलाज: 6 नई संजीवनी एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ

दंतेवाड़ा. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 6 नई 108 संजीवनी एक्सप्रेस एंबुलेंस शुरू की गई हैं। इन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस वाहनों को विभिन्न विकासखंडों के लिए रवाना किया गया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। अब तक दुर्गम सड़कों के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी होती थी, जिससे कई बार स्थिति गंभीर हो जाती थी। नई एंबुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी और आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित करेगी। जनप्रतिनिधियों ने इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार बताया है और कहा कि इससे ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र में जीवन रक्षा की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को अंतिम छोर तक ले जाएगी। बीजापुर में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बीजापुर. जिले में संभावित संकट की आशंकाओं के बीच प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जिले में 30 से 45 दिनों का खाद्यान्न स्टॉक सुरक्षित रखा जा रहा है और किसानों के लिए खाद की आपूर्ति भी सुचारू रूप से जारी है। सीमावर्ती जिला होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी। यह संदेश लोगों में विश्वास बनाए रखने और अनावश्यक भय को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा-रोजगार की गारंटी, यह गारंटी केवल भाजपा ही दे सकतीः मुख्यमंत्री

कांग्रेस घुसपैठ व दंगा कराती थी, भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है: मुख्यमंत्री सीएम योगी ने असम के बरछला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार ऋतु बरन सरमा के लिए मतदाताओं से मांगा वोट  पहले नौजवानों के हक पर काबिज होते थे घुसपैठिए, अब डबल इंजन सरकार नागरिकों को दिला रही हकः सीएम योगी असम में भी दिखा सीएम योगी का जबरदस्त क्रेज, एक झलक पाने के लिए पेड़ों पर चढ़े असम के युवा  पीएम मोदी ने 11 साल में पूर्वोत्तर भारत की 78 और असम की 36 यात्राएं कीं, तब यहां शांति, सुरक्षा व सुशासन का माहौल बना: मुख्यमंत्री कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा-रोजगार की गारंटी, यह गारंटी केवल भाजपा ही दे सकतीः मुख्यमंत्री  सोनितपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठ व दंगा कराने का काम किया, लेकिन भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है। पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे, असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब डबल इंजन सरकार असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी ले रही है। सीएम योगी शुक्रवार को असम विधानसभा चुनाव में बरछला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी ऋतु बरन सरमा के पक्ष में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जनता से 9 अप्रैल को कमल का बटन दबाकर भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से जिताने की अपील की। कांग्रेस व यूडीएफ ने असमिया संस्कृति समाप्त करने की रची साजिश  सीएम योगी ने कहा कि समृद्ध सांस्कृतिक विरासत वाली, किसानों का संरक्षण और विदेशी आक्रांताओं को धूल धूसरित करने वाली इस पावन धरा के सामने कांग्रेस ने यूडीएफ के साथ मिलकर पहचान का संकट खड़ा किया। यह संकट किसी एक क्षेत्र में नहीं था। कांग्रेस व यूडीएफ के अघोषित समझौते के कारण असमिया जाति, माटी व बेटी के सामने पहचान का संकट हुआ था। इन्होंने तुष्टिकरण की नीति पर चलकर असमिया पहचान को समाप्त करने का प्रयास किया। यहां की माटी में घुसपैठियों को घुसाकर असम के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। असम के नागरिकों, बहनों के हक पर घुसपैठियों के जरिये डकैती डलवाई। असमिया संस्कृति मिटाने की साजिश रची, लेकिन जब पीएम मोदी के नेतृत्व में दिल्ली और असम में पहले सर्वानंद सोनोवाल, फिर हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनी तो असम चाय के साथ अब चिप उत्पादन का नया केंद्र भी बन गया है। पहले घुसपैठिए खा जाते थे गरीबों का राशन सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार असम की पहचान को संरक्षित कर रही है। असमिया संगीत-संस्कृति, महापुरुषों, महानायकों, योद्धाओं को सम्मान दे रही है। अब असम में विकास और विरासत का अद्भुत समन्वय दिख रहा है। मां कामाख्या, श्रीमंत शंकर देव कॉरिडोर व भूमि संरक्षण का कार्य नए सिरे से प्रारंभ हुआ है। 10 साल में डबल इंजन सरकार ने बिना भेदभाव गरीबों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाया है। पहले गरीबों का राशन विदेशी घुसपैठिए खा जाते थे, अब असम के लोगों को राशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्कीम के तहत हर गरीब को पांच लाख रुपये की स्वास्थ्य सुविधा, प्रधानमंत्री आवास, नौजवानों को रोजगार-नौकरी मिल रही है। अब चाय बागान में काम करने वाली बहनों, कारीगरों, नौजवानों के लिए स्पेशल पैकेज की व्यवस्था है।  घुसपैठ व दंगा कराती थी कांग्रेस सीएम योगी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का संकल्प है कि असम के लोगों का संरक्षण होगा और एक-एक घुसपैठिए को निकाल बाहर करेंगे। कांग्रेस घुसपैठ-दंगा कराती थी और भाजपा ऐसा करने वालों को निकाल बाहर करती है। भाजपा सरकार दंगा-कर्फ्यू मुक्त असम के निर्माण के लिए कार्य कर रही है। जहां भी भाजपा सरकार आई है, वहां शांति-सुरक्षा, समृद्धि लाई है। उत्तर प्रदेश में पहले हर दूसरे-तीसरे दिन दंगा व कर्फ्यू लगता था। यूपी की आबादी 25 करोड़ है, लेकिन वहां 9 वर्ष में नो कर्फ्यू, नो दंगा है, सब चंगा है। 500 वर्ष में जो काम नहीं हो पाया, वह काम भी अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के रूप में हो गया।  यूपी में अब सड़कों पर नहीं पढ़ी जाती नमाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में उग्रवाद, नक्सलवाद, अलगाववाद नहीं है, वहां सड़कों पर नमाज भी नहीं पढ़ी जाती है। भाजपा की डबल इंजन सरकार लव जेहाद, लैंड जेहाद का सफाया करने को संकल्पित है। कांग्रेस व यूडीएफ को घुसपैठियों का वोट चाहिए, वे सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकतीं। इन पार्टियों को देश की कीमत पर वोट चाहिए। ये नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर देश की सुरक्षा में सेंध लगाने और अफवाह फैलाकर गुमराह करने वाले लोग हैं। वहीं मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा ने जो कहा, वो कर के दिखाया। मोदी जी जितनी बार पूर्वोत्तर भारत में आए हैं, 60 साल के कांग्रेस के शासनकाल में इतनी बार कोई प्रधानमंत्री नहीं आया। मोदी जी ने 11 साल में पूर्वोत्तर भारत की 78 और असम की 36 यात्राएं की हैं, तब शांति, सुरक्षा व सुशासन का माहौल तैयार हुआ है। 60 वर्ष में कांग्रेस उचित कनेक्टिविटी नहीं दे पाई, लेकिन आज पूर्वोत्तर के हर राज्य तक रोड, रेलवे, एयर व इनलैंड वाटरवे की कनेक्टिविटी है। पहले मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं थे, लेकिन डबल इंजन सरकार ने एम्स, आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी दिया है। पूर्वोत्तर भारत व असम विश्वस्तरीय संस्थानों का केंद्र बना है।  कांग्रेस व यूडीएफ नहीं दे सकती सुरक्षा, रोजगार की गारंटी  सीएम योगी ने कहा कि पहले नौजवानों के हक पर घुसपैठिए काबिज होते थे और असम के लोगों का राशन डकार जाते थे, लेकिन अब असम के हर नागरिक को उसका हक दिलाने की गारंटी डबल इंजन सरकार ले रही है। अयोध्या में राममंदिर व काशी में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण हुआ तो मां कामाख्या के भव्य कॉरिडोर का निर्माण भी उसी भव्यता से हो रहा है। यह गारंटी केवल भाजपा की डबल इंजन सरकार देगी, यह गारंटी कांग्रेस नहीं देगी। नौजवानों को रोजगार, बहनों को सुरक्षा की गारंटी केवल डबल इंजन सरकार देगी, कांग्रेस व यूडीएफ यह गारंटी नहीं दे सकती। वे सुरक्षा में सेंध लगाने वाले लोग हैं। घुसपैठियों के जरिये भारत की संस्कृति के साथ खिलवाड़ करने वाले लोग हैं। कांग्रेस व यूडीएफ पर विश्वास नहीं किया जा … Read more

ईरान जंग में US के लिए मुश्किलें बढ़ीं, 2 फाइटर जेट और 2 चॉपर क्रैश, पायलट लापता

वाशिंगटन पिछले पांच हफ्तों से जारी ईरान-अमेरिका युद्ध अब अपने सबसे खतरनाक और अनिश्चित दौर में पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान ने दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मार गिराया है, जबकि बचाव अभियान में लगे दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी हमले की चपेट में आ गए हैं।  ईरानी मीडिया की तरफ से कुछ तस्वीरें जारी की गई हैं और दावा किया गया है कि कुवैत स्थित 'कैंप बुहरिंग' पर हुए ईरानी हमलों में अमेरिकी सेना का एक 'बोइंग CH-47 चिनूक' भारी-भरकम हेलीकॉप्टर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।  28 फरवरी से शुरू हुई जंग के बाद  यह पहली बार है जब अमेरिकी विमानों को इस तरह नुकसान पहुंचा है. जिसने वाशिंगटन के ‘एयर सुपीरियरिटी’ के दावों को कड़ी चुनौती दी है.  जानकारी के मुताबिक, एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान ईरान के भीतर सैन्य अभियान के दौरान क्रैश हो गया. इस विमान में दो क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से एक को बचा लिया गया, जबकि दूसरा अब भी लापता है और उसके ईरान में कहीं छिपे होने की आशंका है।  कुवैत में भी प्लेन क्रैश एक अन्य घटना में, कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया गया, जो दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हालांकि, इसका पायलट सुरक्षित रूप से बाहर निकलने में सफल रहा।  लापता पायलट को खोजने के लिए भेजे गए दो ब्लैक हॉक (Black Hawk) हेलीकॉप्टरों पर भी ईरान ने भारी गोलीबारी की जिसके बाद वे किसी तरह सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे. लगातार दो विमानों के नुकसान को इस युद्ध में अमेरिकी सेना के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।  अमेरिकी सेना के लिए मुश्किल भरे रहे पिछले 24 घंटे      F-15E स्ट्राइक ईगल: ईरान की सीमा के भीतर एक F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया गया है. विमान में सवार दो क्रू मेंबर्स में से एक को सुरक्षित बचा लिया गया है, लेकिन दूसरा अभी भी लापता है. लापता क्रू मेंबर की तलाश में हाई-स्टेक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।      A-10 वारथॉग: दो A-10 वारथॉग विमानों को निशाना बनाया गया. इनमें से एक फारस की खाड़ी में क्रैश हो गया (पायलट सुरक्षित), जबकि दूसरे ने एक इंजन खराब होने के बावजूद इमरजेंसी लैंडिंग की।      रेस्क्यू  हेलीकॉप्टरों पर अटैक: लापता पायलट को खोजने निकले दो HH-60W जॉली ग्रीन II रेस्क्यू हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलाबारी की चपेट में आ गए. हालांकि क्रू सुरक्षित है, लेकिन कुछ जवान घायल हुए हैं।      इमरजेंसी लैंडिंग: एक F-16 फाइटर जेट और दो KC-135 टैंकर विमानों को भी तकनीकी खराबी या हमले के बाद इमरजेंसी घोषित कर सुरक्षित लैंडिंग करनी पड़ी।  ईरान का 'पायलट हंट'  ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दक्षिण-पश्चिम इलाके में लापता अमेरिकी पायलट की तलाश के लिए बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गलिबाफ ने इसे जंग का टर्निंग पॉइंट बताते हुए कहा कि अब लड़ाई 'सत्ता परिवर्तन' से हटकर 'अमेरिकी पायलटों की तलाश' पर केंद्रित हो गई है।  ईरानी अधिकारियों ने अपने नागरिकों से पायलट की सूचना देने या उसे पकड़ने का आग्रह किया है और एक क्षेत्रीय अधिकारी ने 'शत्रु की सेनाओं' को पकड़ने या मारने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए बड़ा इनाम देने की भी घोषणा की है।  ट्रंप बोले- यह जंग है, होता रहता है राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं को बहुत अधिक महत्व न देते हुए कहा, 'यह जंग है और ऐसा होता रहता है.' उन्होंने संकेत दिया कि इन नुकसानों से ईरान के साथ चल रही बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम ट्रंप के उन दावों के विपरीत है जिनमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने ईरान के हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है।  सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि कमजोर एयर डिफेंस सिस्टम भी मोबाइल मिसाइल और ग्राउंड फायर के जरिए खतरा पैदा कर सकते हैं. हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी विमान तेहरान के ऊपर उड़ान भर रहे हैं और ईरान कुछ नहीं कर पा रहा, लेकिन दो विमानों के गिरने की घटना ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।  फिलहाल जंग थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं और इसका असर पूरे मध्य-पूर्व पर पड़ रहा है. ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयासों को खारिज कर दिया है, जिससे पाकिस्तान के नेतृत्व में चल रहे सीजफायर की कोशिशों को झटका लगा है. वहीं कुवैत के ऊर्जा ठिकानों पर हमले और तेल की कीमतों में उछाल ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। 

कांग्रेस नेता उदित राज का हमला: AAP पर धोखा और लूट के आरोप, राघव चड्ढा को बताया सही

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के बाद से सियासत तेज है। कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा है कि राघव ने कुछ भी गलत नहीं किया है बल्कि उन्होंने सही काम किया है। उदित राज ने साथ ही यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को बदनाम करने की काफी कोशिश कि लेकिन वे कुछ भी साबित नहीं कर सके। आप नेता राघव चड्ढा के विवाद पर कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा, ‘आप ने जनता को धोखा दिया, लूट मचाई और कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश की, फिर भी उनके खिलाफ कभी कोई आरोप साबित नहीं हुआ। उन्हें इससे सबक लेना चाहिए था। अब वे शिकायत कर रहे हैं कि राघव चड्ढा उनका साथ नहीं दे रहे हैं। राघव चड्ढा ने कुछ भी गलत नहीं किया। वास्तव में, उन्होंने सही काम किया है और दूसरों को भी उसी रास्ते पर चलना चाहिए।’ 'बीजेपी से मिलकर ही कांग्रेस को उखाड़ा' उदित ने कहा ‘राघव चड्ढा ने इनके साथ (आप) सही किया बल्कि इन्हें तो और सबक सिखाना चाहिए। इन्होंने और नेताओं के साथ क्या किया और अब ये कह रहे हैं कि राघव हमारा साथ नहीं दे रहे हैं। बीजेपी से मिल गए हैं। अरे तुमने बीजेपी से मिलकर ही कांग्रेस को उखाड़ा। आज अपनी सुविधा के हिसाब से व्यक्तिगत महत्वकांक्षा को हासिल करने के लिए अपनी ही पार्टी बनाई वरना इनके पास दम था रामलीला मैदान में लाखों लोगों को खाना खिलाने में। ये लोग अपने इतिहास को देख लें। राघव चड्ढा ने कोई गलत काम नहीं किया बल्कि एकदम सही काम किया और लोगों को भी करना चाहिए।’ 'आपको बोलना चाहिए' उदित ने इससे पहले  भी इस मुद्दे पर कहा था कि राघव को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए और चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ‘खामोशी होनी ही नहीं चाहिए। अगर राजनीति में हैं तो इस मुद्दे पर तो खामोशी का मतलब ही नहीं होता। राघव जन समस्याओं को उठाते हैं और ऐसे में उन्हें सब साफ कर देना चाहिए। कोई भी खामोश नहीं रहता है। अगर पार्टी ने कोई अपमान नहीं किया है तो ये भी बताएं। और पार्टी से नाखुश हैं तो ये भी बताएं। ये क्या दोहरा चरित्र है। खामोश किसने करवाया है ये भी बताएं। पॉलिटिकल चीजें निजी नहीं होती हैं बल्कि पब्लिक होती हैं। आप क्यों इस तरह से अनुमान लगा रहे हैं या किसी को अंधेरे में रख रहे हो या लुका छिपी कर रहे हो या रहस्य पैदा दर रहे हो। आपको बोलना चाहिए।’ पार्टी के फैसले पर राघव ने क्या कहा? राघव ने पार्टी के इस फैसले पर  आरोप लगाते हुए कहा पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए।'

हरियाणा AAP के पूर्व अध्यक्ष का आरोप: राघव चड्ढा को ‘शीशमहल’ में मुर्गा बना पीटा गया था

रोहतक  हरियाणा में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष रहे नवीन जयहिंद ने अपने एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया है कि आप सांसद राघव चड्ढा को दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास रहे 'शीशमहल' (सीएम हाउस) में मुर्गा बनाकर पीटा गया था। नवीन के मुताबिक राघव के साथ ऐसा चार नेताओं के सामने किया गया था। यही नहीं उनका दावा है कि इस दौरान राघव की आंख पर चोट आई थी जिसका ईलाज करवाने वे इंग्लैंड गए थे जबकि लोगों को यह लग रहा था कि वे हनीमून मनाने गए हैं। यह सभी खुलासे राघव को खुद करने चाहिए। नवीन 2 मिनट के वीडियो में कहते हैं कि ‘आज एक वीडियो देखी हमारे पुराने साथी हैं राघव जी जो कि राज्यसभा में सांसद हैं। उन्हें पार्टी ने उप-नेता पद से हटा दिया। और अभी उनका वीडियो देखा वह कह रहे हैं कि मैं दरिया हूं सैलाब आएगा। तो मैं उन भाई को कहना चाहता हूं कि आप सबको भी बता देना चाहता हूं कि वो राजदार हैं मालदार हैं दिल्ली और पंजाब के तो वे बताएं। राघव वो चीज बताएं कि जब उनको मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के शीशमहल में बुलाकर मुर्गा बनाकर पीटा गया था…तो क्यों नहीं बता रहे वे लोगों को ये बात?’ पूछा- कौन थे वो चार लोग? उन्होंने आगे कहा ‘उस टाइम पर जब सैलाब आया था और रोते हुए उनको आंख में चोट लगी थी तो फिर इंग्लैंड में जाकर उन्होंने अपनी ठीक करवाई। क्यों नहीं बताते वह ये बात। वो जितने मालदार, जितने सूटकेस और जितनी डील हुई थीं वो क्यों नहीं बताते। राघव जी आप राज्यसभा में हैं और आप जब इतना बोलते हैं तो वो भी बोलिए। बताइए कौन-कौन वो चार लोग कौन-कौन थे जो वहां पर बैठे थे। जहां पर आपको मुर्गा बनाया गया और पीटा गया।’ कौन हैं नवीन जयहिंद? आपको बता दें कि नवीन जयहिंद 2011 में अन्ना हजारे के आंदोलन से जुड़े थे। वे आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे। पार्टी ने उन्हें हरियाणा की कमान सौंपी थी। हालांकि उन्होंने 2022 में आपसी मतभेद के चलते खुद को पार्टी से अलग कर लिया। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद क्या बोले राघव? आपको बता दें कि राघव ने उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 'जब भी मुझे संसद में बोलने का मौका मिलता है, मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं और शायद मैं ऐसे विषय उठाता हूं, जो आमतौर पर संसद में नहीं उठाए जाते लेकिन क्या जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध है? क्या मैंने कोई अपराध किया है? क्या मैंने कोई गलती की है? क्या मैंने कुछ गलत किया है? मैं यह सवाल इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा सचिवालय से कहा है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि अब कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? जब भी मैं बोलता हूं, मैं देश के आम आदमी की बात करता हूं। एयरपोर्ट पर महंगे खाने का मुद्दा, जोमैटो-ब्लिंकिट डिलीवरी राइडर्स की समस्या, खाने में मिलावट का मुद्दा, मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ, कंटेंट क्रिएटर्स पर स्ट्राइक का मुद्दा, टेलीकॉम कंपनियों द्वारा 12 महीनों में 13 बार रिचार्ज कराने का मुद्दा समेत अन्य मुद्दे संसद में उठाए हैं। आप नेता ने कहा कि और इन मुद्दों को उठाने के बाद देश के आम आदमी को फायदा हुआ लेकिन इससे आम आदमी पार्टी को क्या नुकसान हुआ? कोई मुझे बोलने से क्यों रोकना चाहेगा? कोई मेरी आवाज क्यों दबाना चाहेगा? खैर, आप लोग मुझे असीम प्यार देते हैं। जब भी मैं आपके मुद्दे उठाता हूं, आप मेरा हौसला बढ़ाते हैं इसके आप सभी का आभार करते हैं।

DGP चयन प्रक्रिया तेज: मान सरकार ने 14 IPS अफसरों का पैनल UPSC को भेजने की तैयारी की

चंडीगढ़. राज्य सरकार ने स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया तेज कर दी है। जल्द ही 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों का पैनल संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजने की तैयारी की जा रही है। यूपीएससी इस पैनल में से तीन अधिकारियों को शार्टलिस्ट करेगा, जिनमें से एक को राज्य का नियमित डीजीपी नियुक्त किया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है और इसे जल्द यूपीएससी को भेजा जाएगा। जानकारी के मुताबिक, यह पैनल 1992, 1993 और 1994 बैच के आईपीएस अधिकारियों से तैयार किया गया है, जो डीजीपी पद के लिए पात्र हैं। इन अधिकारियों के नाम शामिल 1992 बैच के अधिकारियों में कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव, पंजाब पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के स्पेशल डीजीपी शरद सत्य चौहान, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के स्पेशल डीजीपी कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू (पोस्टिंग का इंतजार) शामिल हैं। 1993 बैच से कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन व महिला मामलों की स्पेशल डीजीपी गुरप्रीत कौर देओ, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन के स्पेशल डीजीपी डॉ. जितेंद्र कुमार जैन और रेलवे के स्पेशल डीजीपी शशि प्रभा द्विवेदी का नाम पैनल में है। वहीं, 1994 बैच के अधिकारियों में स्पेशल डीजीपी (मुख्यालय) सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, विजिलेंस ब्यूरो के स्पेशल डीजीपी-कम-चीफ डायरेक्टर प्रवीण कुमार सिन्हा, ट्रैफिक व रोड सेफ्टी के स्पेशल डीजीपी अमनदीप सिंह राय, साइबर क्राइम के स्पेशल डीजीपी वरुण नेराजा, महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिल्लौर की डायरेक्टर अनीता पुंज, मानवाधिकार के स्पेशल डीजीपी नरेश कुमार और टेक्निकल सर्विसेज के स्पेशल डीजीपी राम सिंह शामिल हैं। दो साल का होगा कार्यकाल पैनल में से चुने जाने वाले डीजीपी को कम से कम दो साल का कार्यकाल मिलेगा, भले ही उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख कुछ भी हो। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट के 2006 के निर्देशों और बाद में तय यूपीएससी गाइडलाइंस के तहत लागू होता है। पंजाब में जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था जारी है। आम आदमी पार्टी सरकार ने गौरव यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी थी और वे तब से लगातार इस पद पर कार्यरत हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 5 फरवरी को इस मुद्दे पर सख्ती दिखाते हुए राज्यों को नियमित डीजीपी नियुक्त करने की प्रक्रिया अपनाने को कहा था और यूपीएससी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। प्रक्रिया में देरी पर सवाल सरकार को 10 दिन के भीतर प्रस्ताव भेजने को कहा गया था, लेकिन इसमें देरी हुई। राज्य ने 2023 में पारित पंजाब पुलिस संशोधन विधेयक का हवाला देते हुए अपनी प्रक्रिया अपनाने की कोशिश की थी। हालांकि 12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि डीजीपी की नियुक्ति यूपीएससी की प्रक्रिया से ही होगी। यूपीएससी की भूमिका अहम यूपीएससी की एंपैनलमेंट कमेटी में चेयरमैन या सदस्य, केंद्रीय गृह सचिव का प्रतिनिधि और केंद्रीय पुलिस संगठन का प्रमुख शामिल होता है। यही कमेटी राज्य द्वारा भेजे गए नामों में से तीन अधिकारियों को चुनती है। अब सभी की नजरें यूपीएससी पर टिकी हैं, जो इस पैनल से तीन नाम तय करेगी। इसके बाद पंजाब सरकार अंतिम फैसला लेकर राज्य को नया नियमित डीजीपी देगी।

रणबीर कपूर का डबल धमाका! ‘रामायण’ में राम और परशुराम का निभाएंगे किरदार

मुंबई  नितेश तिवारी की 'रामायण' का टीजर रिलीज हो चुका है. फिल्म में रणबीर कपूर प्रभु राम की भूमिका निभा रहे हैं. पर टीजर रिलीज होने के बाद एक्टर ने फिल्म में डबल रोल की पुष्टि की है. ये पढ़कर थोड़ा हैरान हुए होंगे, लेकिन यही सच है।  रणबीर ने कंफर्म किया डबल रोल  रणबीर कपूर ने नितेश तिवारी की 'रामायण' में डबल रोल को कंफर्म किया है. वो राम के किरदार के अलावा भगवान परशुराम के रूप में भी दिखाई देंगे, जो राम से पहले विष्णु के अवतार थे. हालांकि, फिल्म में परशुराम का रोल कुछ देर का ही होगा।  टीजर रिलीज के बाद Collider को दिए इंटरव्यू में रणबीर ने बताया कि उन्होंने राम और परशुराम के अलग-अलग स्वभाव को बॉडी लैंग्वेज और आवाज से निभाया है. टीजर लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान विष्णु के अलग-अलग अवतार हुए. भगवान राम एक अवतार थे और भगवान परशुराम, राम से पहले का अवतार थे।  रणबीर ने आगे कहा, भगवान राम का रोल निभाने का मौका मिला, तो परशुराम का रोल निभाना भी शानदार रहा. एक्टर के तौर पर बॉडी लैंग्वेज के अलावा, अगर आप किरदारों की आध्यात्मिकता और भावनाओं को गहराई से समझ लें, तो सब कुछ वहीं से शुरू हो जाता है. रामायण की शूटिंग से एक साल पहले मैंने इन्हीं किरदारों को समझने की कोशिश की. वो कौन हैं, वो किस चीज के लिए खड़े हुए थे और उनका मकसद क्या था।  फिल्म के टीजर में राम और परशुराम के भिड़ंत का संकेत है, जैसा कि महाकाव्य में है – सीता से शादी के बाद अयोध्या लौटते वक्त राम की मुलाकात पशुराम से होती है. कथा के अनुसार, परशुराम, राम को युद्ध के लिए ललकारते हैं, लेकिन लड़ाई नहीं होती, क्योंकि उन्हें पता चलता है कि राम भी विष्णु का अवतार हैं।  रणबीर कपूर भगवान राम बनेंगे, साईं पल्लवी माता सीता, केजीएफ स्टार यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दूबे लक्ष्मण. काजल अग्रवाल मंदोदरी और रकुल प्रीत सिंह शूर्पणखा का रोल निभाएंगी. अरुण गोविल, कुणाल कपूर, अदिनाथ कोठारे, शीबा चड्ढा और इंदिरा कृष्णन भी फिल्म का हिस्सा है।