samacharsecretary.com

अब सफर होगा आसान! प्रशासन ने प्रमुख बस रूट्स का टाइम टेबल जारी किया

चंडीगढ़. बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल, चंडीगढ़ प्रशासन ने अलग-अलग राज्यों की बस सेवाओं के बीच चल रहे विवाद और यात्रियों को हो रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रशासन द्वारा संयुक्त समय-सारिणी लागू कर दी गई है, जिससे अब बस सेवाएं अधिक व्यवस्थित और सुचारू तरीके से संचालित होंगी। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी, चंडीगढ़ द्वारा साल 2011 में 9 प्रमुख रूटों के लिए तैयार की गई समय-सारिणी को अब लागू किया गया है। यह समय-सारिणी दोनों ISBT से चलने वाली स्टेज कैरिज बसों पर लागू होगी। अधिकारियों के अनुसार, अन्य रूटों और गंतव्यों के लिए भी समय-सारिणी तैयार करने का काम जारी है और जल्द ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। यह योजना CTU, पंजाब रोडवेज, हरियाणा रोडवेज, पीप्सू ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन, राजस्थान समेत अन्य राज्यों की परिवहन एजेंसियों की सहमति से लागू की गई है। क्या होगा फायदा अब बसें तय समय के अनुसार नियमित रूप से चलेंगी, जिससे यात्रियों को बिना रुकावट सफर की सुविधा मिलेगी। साथ ही, अलग-अलग राज्यों के बस ऑपरेटरों के बीच होने वाले विवादों में भी कमी आएगी और व्यवस्था अधिक सुचारू बनेगी। नई समय-सारिणी के अनुसार ISBT-17 से यमुनानगर, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी के लिए 120 ट्रिप, कैथल, जींद, हिसार और खाटू श्याम के लिए 134 ट्रिप तथा 152(D) एक्सप्रेसवे के लिए 24 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा मुल्लांपुर, कुराली आदि के लिए 68 ट्रिप चलेंगी। ISBT-43 से चूनी, सरहिंद और खन्ना के लिए 43 ट्रिप, मोरिंडा और चमकौर साहिब के लिए नियमित सेवा, जबकि पिंजौर, कालका और बद्दी के लिए 92 ट्रिप तय किए गए हैं। इसी तरह अंबाला और कुरुक्षेत्र रूट पर 127 ट्रिप तथा करनाल से रोहतक, रेवाड़ी और सीकर तक 152 ट्रिप निर्धारित किए गए हैं। कुल मिलाकर यह फैसला सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

नवाचार का असर! खनिज से 16,625 करोड़ का राजस्व, 14% की बढ़ोतरी दर्ज

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा खनिज क्षेत्र में पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और सुदृढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। खनिज विभाग के सचिव पी दयानंद ने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 16,625 करोड़ रुपए का खनिज राजस्व अर्जित कर लक्ष्य का 98 प्रतिशत प्राप्त किया है, जो सुशासन, प्रभावी नीति क्रियान्वयन और मजबूत निगरानी व्यवस्था का प्रत्यक्ष परिणाम है। इस वर्ष खनिज राजस्व में 14 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई है, जो पिछले पांच वर्षों की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 6 प्रतिशत से दोगुनी से अधिक है। यह वृद्धि राज्य शासन द्वारा अपनाए गए सुधारात्मक और तकनीकी उपायों की सफलता को रेखांकित करती है। यह उपलब्धि न केवल प्रभावी प्रशासनिक रणनीति का परिणाम है, बल्कि राज्य की खनिज आधारित अर्थव्यवस्था की मजबूती को भी दर्शाती है खनिज राजस्व में इस वृद्धि के प्रमुख कारकों में एनएमडीसी (NMDC) तथा अन्य सार्वजनिक उपक्रमों के लिए डिस्पैच रूट्स का प्रभावी अनुकूलन शामिल है। इसके साथ ही ‘खनिज 2.0’ (Khanij 2.0) जैसे आईटी-आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से पारदर्शिता, निगरानी और संचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य सरकार का विशेष ध्यान गौण खनिजों को भी ‘खनिज 2.0’ प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर रहेगा, जिससे संपूर्ण खनन प्रणाली को डिजिटल और एकीकृत बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त, खनिज परिवहन की निगरानी को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए वीटीएस (VTS), आई-चेक गेट्स (iCheck Gates) तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों के प्रबंधन में पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हुए राजस्व में सतत वृद्धि करना है। इन प्रयासों से न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

AAP सरकार का बड़ा कदम: पंजाब में महिलाओं को हर महीने मिलेगा ₹1,000, 2022 का वादा हुआ पूरा

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के क्रियान्वयन के लिए एक अधिसूचना जारी की है जिसके तहत पात्र महिलाओं को 1,000 रुपये से 1,500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी।मपात्रता मानदंडों के अनुसार, योजना का लाभ लेने वाली किसी परिवार की पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। पहले से पेंशन पाने वाली महलाओं को भी लाभ दो अप्रैल की अधिसूचना के अनुसार, मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशनभोगी भी पहले से दी जा रही पेंशन के अलावा योजना के तहत पूर्ण वित्तीय लाभ पाने की हकदार होंगी। मंत्रिमंडल ने रविवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके तहत महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता मिलेगी और अनुसूचित जाति से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाएंगे। 2022 के चुनाव में किया था वादा पंजाब में 2022 के चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी (आप) का एक प्रमुख चुनावी वादा महिलाओं को 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करना था। पैसे सीधे बैंक अकाऊंट में भेजे जाएंगे। 2 अप्रैल से ही यह योजना लागू मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। किन महिलाओं को मिलेगा फायदा? मान सरकार का दावा है कि इस योजना का फायदा पंजाब की 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा. इस योजना के तहत 18 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं. इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा. हालांकि, मौजूदा या पूर्व सरकारी कर्मचारी, इनकम टैक्स देने वालीं महिलाओं और वर्तमान या पूर्व सांसद-विधायकों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।  और भी कई राज्यों में है ऐसी योजना महिलाओं को हर महीने की वित्तीय सहायता देने वाली योजनाएं कई राज्यों में चल रही है. मध्य प्रदेश में 'लाड़ली बहना योजना' है, जिसके तहत 21 से 60 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये मिलते हैं. कर्नाटक की कांग्रेस सरकार 'गृहलक्ष्मी योजना' चलाती है, जिसके तहत 2,000 रुपये दिए जाते हैं. महाराष्ट्र में 'माझी लाडकी बहिण योजना' है, जिसके तहत गरीब महिलाओं को 1,500 रुपये मिलते हैं।  झारखंड में महिलाओं को सबसे ज्यादा रुपये मिलते हैं. 2024 में सरकार ने 'मुख्यमंत्री मैयां सम्मान योजना' के तहत मिलने वाली रकम को बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दिया था. इसके अलावा, असम में 1,250 रुपये, तमिलनाडु में 1,000 रुपये, पश्चिम बंगाल में 1,000 रुपये और छत्तीसगढ़ में भी 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है।  कैसे भरा जाएगा फॉर्म? इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को फॉर्म भरना होगा और इसमें कुछ दस्तावेज लगाए जाएंगे। योनजा का लाभ उठाने के लिए महला के पास आधार कार्ड होना चाहिए जिसपर पंजाब का पता लिखा हो। इसके अलावा पंजाब का वोटर आई कार्ड. बैंक अकाउंट और पासबुक साथ ही अगर महिला अनुसूचित जाति या जनजाति से हैं तो जाति प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है। इस योजना को ठीक से लागू करने का जिम्मा जिला स्टर पर डिप्टी कमिश्नरों को दिया गया है। इसके अलावा गांवों तक लोगों को सुविधा अच्छी तरह पहुंचाने के लिए स्पेशन फेसिलिटेटर और मोबिलाइजर्स तैनात किए जाएंगे। जिन महिलाओं का खाता नहीं खुला है उनके बैंक अकाउंट खुलवाए जाएंगे। नियम के मुताबिक लाभार्थी की मृत्यु होने के बाद तुरंत लाभ मिलना बंद हो जाएगा। इस योनजा की निगरानी और फर्जीवाड़े से बचने के लिए मोबाइल ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार किया गया है।

तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी, झारखंड में 6 अप्रैल तक खराब रहेगा मौसम, जानें अपने जिले का हाल

 रांची झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है. शुक्रवार को दिनभर आंशिक बादल छाए रहे और शाम होते-होते रांची और कोडरमा में तेज हवा के साथ बारिश हुई. इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन आने वाले दिनों में मौसम और बदलने वाला है. 4 से 6 अप्रैल तक येलो अलर्ट मौसम विभाग ने 4 अप्रैल से 6 अप्रैल तक राज्य में बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. इस दौरान कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है. इन जिलों में बारिश और तेज हवा की चेतावनी शनिवार को पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद में कहीं-कहीं गर्जन के साथ बारिश हो सकती है. इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है. रविवार-सोमवार को और तेज होगा असर मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को भी कई इलाकों में बारिश और गरज के साथ बादल छाए रहेंगे. इस दौरान हवा की रफ्तार बढ़कर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. अप्रैल में टूट सकता है गर्मी का रिकॉर्ड मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा. पिछले 10 वर्षों में 2016 में अधिकतम तापमान 42 डिग्री दर्ज किया गया था, जो इस बार टूट सकता है. इस महीने के पहले सप्ताह में बारिश से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन दूसरे और तीसरे सप्ताह में तापमान तेजी से बढ़ेगा और महीने के अंत तक हीट वेव की स्थिति बन सकती है. तापमान का हाल पिछले 24 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 5 मिमी बारिश रामगढ़ में हुई. वहीं, सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सरायकेला में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री गुमला में रिकॉर्ड किया गया.

पाकिस्तान के प्रयासों को लगा झटका, ईरान ने इस्लामाबाद बैठक से किया मना, युद्धविराम पर असफलता

इस्लामाबाद पाकिस्तान द्वारा अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने के प्रयास पूरी तरह विफल हो गए हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने शुक्रवार को मध्यस्थों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। ईरान ने पाकिस्तान सहित मध्यस्थता करा रहे देशों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात करने को तैयार नहीं है और अमेरिका की मांगों को पूरी तरह अस्वीकार्य मानता है। कुल मिलाकर ये बातचीत अब 'डेड एंड' पर पहुंच गई है। ईरान का इनकार और अमेरिका की मांगें सूत्रों के अनुसार, ईरान ने युद्धविराम के लिए अपनी शर्तें दोहराई हैं। शुरुआती दौर में ईरान ने कहा था कि वह तभी युद्ध समाप्त करेगा जब अमेरिका युद्ध मुआवजा दे, मध्य पूर्व के अपने सभी सैन्य ठिकानों से वापसी करे और भविष्य में किसी भी हमले से सुरक्षा की गारंटी दे। इन मांगों पर कोई समझौता नहीं होने के कारण बातचीत अटक गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के नेतृत्व में बातचीत को आगे बढ़ाने की यह कोशिश कोई सफलता हासिल नहीं कर सकी। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसे अमेरिका की मांगें 'अस्वीकार्य' लगती हैं। वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ बैठक के लिए अपने कोई अधिकारी को नहीं भेजेगा। इस कड़े रुख ने बातचीत की मौजूदा रूपरेखा के दरवाजे प्रभावी रूप से बंद कर दिए हैं। पाकिस्तान की निकल गई हवा! पिछले कुछ हफ्तों से पाकिस्तान बैकडोर कूटनीति के जरिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और विदेश मंत्री इशाक डार ने सार्वजनिक तौर पर इस्लामाबाद में सार्थक और निर्णायक वार्ता की मेजबानी करने की पेशकश की थी। इसी दिशा में पाकिस्तान ने अमेरिका की ओर से एक 15-सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव ईरान को सौंपा था। इससे पहले, चीन और पाकिस्तान ने भी संयुक्त रूप से एक 5-सूत्रीय शांति योजना पेश की थी। हालांकि, अमेरिका की कुछ कठोर रणनीतिक मांगों और जमीनी स्तर पर लगातार हो रहे सैन्य हमलों के कारण, ईरान ने इस बातचीत से अपने कदम पीछे खींच लिए। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच अविश्वास की खाई इतनी गहरी है कि पाकिस्तान के लिए दोनों पक्षों को एक मेज पर लाना कूटनीतिक रूप से एक बेहद जटिल काम था, जो अंततः विफल साबित हुआ। शांति प्रयासों को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी युद्धक विमान (F-15E) को मार गिराने का दावा किया। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी विशेष बलों ने एक पायलट का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है, जबकि दूसरे की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। तुर्की और मिस्र तलाश रहे नए विकल्प इस कूटनीतिक गतिरोध के कारण शांति प्रयास अधर में लटक गए हैं। इसे देखते हुए तुर्की और मिस्र अब इस समस्या का समाधान इस्लामाबाद से बाहर तलाश रहे हैं। दोनों देश युद्धविराम की बची-खुची उम्मीदों को बचाने के लिए नए स्थानों पर विचार कर रहे हैं, जिनमें दोहा (कतर) और इस्तांबुल (तुर्की) बातचीत की मेजबानी के लिए प्रमुख विकल्पों के रूप में उभरे हैं। विवाद की मुख्य जड़: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का समुद्री रास्ता एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक संभावित समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। इस समझौते के तहत यह प्रस्ताव था कि अगर तेहरान 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के समुद्री रास्ते को वैश्विक व्यापार के लिए फिर से खोल देता है, तो इसके बदले में युद्धविराम लागू किया जा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख और धमकियां रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ फोन पर बातचीत के दौरान संभावित युद्धविराम को लेकर चर्चा की थी। उसी दिन, ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि ईरान के राष्ट्रपति युद्धविराम चाहते हैं। हालांकि, ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया कि युद्धविराम तभी होगा जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से 'खुला और स्वतंत्र' होगा। ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा: हम तभी विचार करेंगे जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह से खुला होगा। तब तक, हम ईरान पर विनाश की हद तक बमबारी कर रहे हैं। उन्हें वापस पाषाण युग में भेज देंगे!!!" ईरान की प्रतिक्रिया ट्रंप के इन दावों और बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने युद्धविराम चाहने वाले ट्रंप के दावे को पूरी तरह से झूठा और निराधार करार दिया है। इस युद्ध की आंच अब अन्य देशों तक फैल रही है। इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने हाई-अलर्ट जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों को तुरंत इराक छोड़ने को कहा है, क्योंकि ईरान समर्थित मिलिशिया गुटों द्वारा हमले की आशंका है। बहरीन से लेकर दुबई तक ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं।

शिक्षा इंसान बनाने का माध्यम, वाराणसी में बोले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

वारणशी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार की सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किए। इसके बाद बाबा कालभैरव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। दर्शन पूजन के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ कई दिग्गज मौजूद रहे। सीएम योगी बरेका में चल रहे सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए काशी दौरे पर हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी प्रवास के दूसरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इसके बाद सीएम काशी में शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के बाद कॉरिडोर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम में विधि- विधान से पूजन किए। काशी विश्वनाथ धाम में कॉरिडोर का भ्रमण करते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखने के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह दिखा। इस दौरान सीएम ने हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया। शिक्षा सिर्फ डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं: सीएम योगी स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा सिर्फ डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, मनुष्य को मनुष्य बनाने का सशक्त माध्यम है। इस माध्यम को सफल बनाने की जिम्मेदारी शिक्षकों पर है, वे यदि परिश्रम करें अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन करें तो सफलता निश्चित मिलेगा। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में सभी शिक्षकों ने मेहनत किया और ऑपरेशन कायाकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। हर घर से सभी बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने का काम किया। शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय में स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने मंच पर पांच निपुण विद्यालय, पांच निपुण बच्चे व पांच नव प्रवेशी बच्चों को सम्मानित किया।

महंगे कॉस्मेटिक्स को कहें अलविदा, घर पर इन 4 चीजों से बनाएं शुद्ध विटामिन C सीरम

आज के समय में विटामिन C सीरम स्किन केयर का अहम हिस्सा बन गया है. यह चेहरे के दाग-धब्बों को कम कर स्किन को ग्लोइंग और हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है. वैसे तो बाजार में कई तरह के विटामिन C सीरम आसानी से मिल जाते हैं लेकिन वे अक्सर काफी महंगे होते हैं. ऐसे में आप चाहें तो इसे घर पर ही आसानी से नेचुरल तरीके से बना सकते हैं. आइए जानते हैं कि घर पर विटामिन C सीरम बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है, इसे कैसे बनाया जाता है और इसका सही तरीके से कैसे इस्तेमाल कैसे किया जाता है. विटामिन C सीरम बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है? 1 चम्मच संतरा पाउडर 2 बड़ा चम्मच गुलाब जल 2 चम्मच एलोवेरा जेल आधा कप उबला पानी डार्क ग्लास की बोतल (सीरम सूरज की रोशनी से सेफ रहेगा) घर पर विटामिन C सीरम कैसे बनाएं?     विटामिन C सीरम बनाने के लिए संतरे के पाउडर को एक कटोरे में लें और इसमें 2 चम्मच गुलाब जल और 2 चम्मच एलोवेरा जेल अच्छे से मिलाएं.     अब इसमें उबले पानी को ठंडा करके डालें. हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि पानी अधिक न हो.     अब आप इस सीरम को एयरटाइट बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें.     अब आपका केमिकल फ्रि विटामिन C सीरम तैयार है जिसे स्किन को अच्छे से साफ करने के बाद लगना है.     आप इस सीरम को  7-10 दिन तक उपयोग कर सकते हैं. संतरे का पाउडर आप बाजार से खरीद सकते हैं या चाहें तो इसे घर पर भी आसानी से बना सकते हैं. इसके लिए 2 संतरे के छिलके  को अच्छी तरह से धूप में सुखा लें. जब ये पूरी तरह सूख जाएं तो इन्हें मिक्सी में डालकर बारीक पीस लें और पाउडर तैयार कर लें.  

हस्तिनापुर में बड़ा हादस,अंतिम संस्कार के बाद गंगा स्नान के दौरान एक ही परिवार के 4 चिराग बुझे

मेरठ मेरठ के इंचौली थाना इलाके के जलालपुर गांव के एक ही परिवार के तीन किशोर और एक युवक गंगा नदी में डूब गए। चारों युवक चचेरे भाई हैं। एक अन्य युवक को डूबने से बचा लिया गया। देर रात तक चले सर्च ऑपरेशन में चारों का सुराग नहीं लग सका। घटना शुक्रवार को दोपहर में करीब 3:30 बजे हस्तिनापुर के मखदूमपुर गंगा घाट पर हुई। पुलिस ने बताया कि डूबने वाले तीन किशोर और युवक 100 वर्षीय दादी भगवती देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। अंतिम संस्कार के बाद चारों एक अन्य परिजन प्रदीप के साथ गंगा नदी में स्नान करने लगे। नहाते समय सभी गहरे पानी में चले गए। स्थानीय लोगों ने प्रदीप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन चारों भाई लहरों में ओझल हो गए। डूबने वालों में जलालपुर गांव के किसान कमल सिंह सैनी के दो बेटे एलएलबी का छात्र अभिषेक (21) व दसवीं का छात्र हिमांशु (17) और उनके छोटे भाई सोनू के दो बेटे 12वीं का छात्र दीपांशु (17) व दसवीं का छात्र प्रियांशु (15) हैं। मवाना सीओ पंकज लवानिया पुलिस बल और पीएसी के गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे। चारों की मां का रो-रोकर बुरा हाल मखदूमपुर घाट पर चार भाइयों के गंगा में डूबने के हादसे के बाद से जलालपुर गांव का हर घर शोक में डूबा है, हर आंख से बस आंसू बह रहे हैं। सैनी परिवार के चार चचेरे भाइयों के एक साथ गंगा में डूबने की खबर ने दो सगे भाइयों के हंसते-खेलते संसार को उजाड़ कर रख दिया है। चारों भाइयों की माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है। मातम में डूबा गांव, मां बोली- गंगा मैया मुझे ले जाओ… बच्चे लौटा दो अभिषेक और हिमांशु की मां बिजेंद्री बेटों के कपड़ों को सीने से लगाकर बार-बार बेसुध हो रही हैं। सोनू की पत्नी मुनेश का विलाप सुनकर ग्रामीणों की आंखें भी नम हो गई। मुनेश बार-बार एक ही गुहार लगा रही थीं गंगा मैया मुझे ले जाओ, मेरे बच्चों को लौटा दो। हादसे में कमल सिंह सैनी के दो बेटे अभिषेक और हिमांशू, उनके छोटे भाई सोनू के दो बेटे प्रियांशु और दीपांशु गंगा की लहरों में समा गए। उनकी एक छोटी बेटी प्रियांशी है। प्रियांशी ने बताया कि चारों भाई पढ़ाई में बहुत होनहार थे।   दादी की अंतिम विदाई बन गई पोतों का अंतिम सफर यह हादसा उस वक्त हुआ जब जलालपुर निवासी सैनी परिवार अपनी बुजुर्ग दादी भगवती देवी (100 वर्ष) के निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार करने मखदुमपुर घाट गया था। मूल रूप से हापुड़ के मुकीमपुर निवासी भगवती देवी के पति मोतीलाल की 35 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद से वह अपनी बड़ी बेटी राजवीरी के बेटे हरवीर के साथ जलालपुर में ही रह रही थीं। परिवार ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि दादी को विदाई देने गया यह सफर घर के चार होनहार युवाओं के लिए भी अंतिम सफर साबित होगा। घटना की जानकारी मिलते ही ग्राम प्रधान और भारी संख्या में ग्रामीण मखदुमपुर घाट पहुंचे। मेरा सब कुछ खत्म हो गया दीपांशु व प्रियांशु के पिता सोनू गंगा किनारे बिलखते हुए बार-बार यही कहते रहे कि अब उनका सब कुछ खत्म हो गया। उनके दोनों बेटे ही उनकी जिंदगी का सहारा थे। अब घर में केवल इकलौती बेटी दिव्यांशी ही बची है। करमखदुमपुर गंगा घाट पर रात भर चला सर्च ऑपरेशन मखदुमपुर गंगा घाट पर शुक्रवार को हुए दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जलालपुर गांव के एक ही परिवार के चार चचेरे भाइयों के डूबने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। रात के अंधेरे में भी सर्च ऑपरेशन जारी रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए ताकि पानी में समाए युवाओं का सुराग लगाया जा सके। एसएसपी सहित आला अफसरों ने संभाली कमान हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अविनाश पाण्डेय खुद मखदुमपुर घाट पहुंचे और बचाव कार्य का जायजा लिया। उनके साथ एडीएम वित्त एवं राजस्व सूर्यकांत त्रिपाठी, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एसडीएम मवाना संतोष कुमार और सीओ पंकज लवानिया भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और गोताखोरों को तेजी से सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए। राहुल ने डूबते हुए प्रदीप को सुरक्षित निकाला घाट पर जहां एक ओर चीख-पुकार मची थी, वहीं एक युवक की जान बचाने में ग्रामीण सफल रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार चारों भाइयों के साथ प्रदीप नामक युवक भी गहरे पानी की चपेट में आकर डूबने लगा था। तभी गांव के ही राहुल ने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगा दी और कड़ी मशक्कत के बाद प्रदीप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, अभिषेक, हिमांशु, दीपांशु और प्रियांशु का कोई सुराग नहीं लग सका। अंतिम संस्कार के बाद हुआ हादसा दादी भगवती के अंतिम संस्कार के बाद अभिषेक (21), हिमांशु (17), दीपांशु (17) व प्रियांशु (15) गंगा स्नान के लिए उतरे थे। वे अचानक गहरे पानी में चले गए। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन लहरों का वेग अधिक होने के कारण वे आंखों से ओझल हो गए। फिलहाल प्रशासन हर संभव प्रयास में जुटा है कि डूबे हुए युवकों को तलाशा जा सके।

ऑरेंज अलर्ट के बीच बदलेगा मौसम, हरियाणा में बारिश और ओले गिरने के आसार

हिसार. प्रदेश में सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को 17 जिलों में वर्षा हुई। वहीं सिरसा, पानीपत, नूंह, झज्जर और रेवाड़ी में ओलावृष्टि होने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। शुक्रवार सुबह से ही कई जिलों में बादल छाए रहे। दिन के समय तेज धूप भी निकली, लेकिन फिर से बादल छा गए। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, कैथल, भिवानी, पानीपत, करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, यमुनानगर, मेवात, झज्जर, रोहतक और पलवल में इस दौरान हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं पश्चिमी मौसम प्रणाली ने संपूर्ण इलाके के मौसम के मिजाज को बदलकर रख दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने शनिवार के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ का असर शनिवार को भी देखने को मिलेगा। इससे हरियाणा, एनसीआर और दिल्ली में एक बार फिर से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सात अप्रैल से उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय होगा, जिससे 7, 8 व 9 अप्रैल के दौरान तेज गति से हवाएं, अंधड़, हल्की से मध्यम वर्षा व ओलावृष्टि की संभावना है। इस मौसम प्रणाली से उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी बर्फबारी होने से मैदानी राज्यों विशेषकर हरियाणा में तापमान में रिकार्ड गिरावट देखने को मिलेगी। इसकी वजह से मौसम यू-टर्न लेगा और फरवरी जैसी ठंड की संभावना बन रही है। शुक्रवार को हिसार का दिन का तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा। यहां एक ही दिन में 5.2 डिग्री सेल्सियस तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। वहीं दूसरी तरफ रात का तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक है।

लुधियाना कांग्रेस नेता की हत्या पर बड़ा खुलासा, बिहार से पकड़ा गया आरोपी—कुल्हाड़ी लेकर घूम रहा था हत्यारा

लुधियाना थाना कुमकलां के तखरां गांव में 29 मार्च को कांग्रेस नेता परमिंदर तिवारी की बेरहमी से की गई हत्या के मामले को लुधियाना पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस की विशेष टीमों ने इस सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपियों को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पुलिस लाइन में आज दोपहर डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए बड़ा खुलासा करेंगे। इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी क्योंकि हमलावरों ने बड़ी ही क्रूरता के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। जांच के दौरान एक चौंकाने वाला वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मुख्य आरोपी विजय कुमार उर्फ अजय हत्या से महज एक घंटा पहले नशे की हालत में अपने कंधे पर कुल्हाड़ी रखकर गांव की गलियों में पैदल घूमता दिखाई दे रहा है। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार शाम 5:47 बजे आरोपी गांव में बेखौफ घूम रहा था और ठीक 6:45 बजे उसने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उनकी जान ले ली। परिजनों का आरोप है कि अजय पिछले 15 दिनों से गांव के चक्कर लगाकर तिवारी की रेकी कर रहा था। वारदात के समय आरोपी लक्की बाइक चला रहा था, जबकि अजय ने कुल्हाड़ी से हमला किया। हत्या के बाद दोनों आरोपी फरार होकर पटना (बिहार) जा छिपे थे, जिन्हें पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दबोच लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। हमलावरों ने परमिंदर तिवारी के सिर पर कुल्हाड़ी से एक के बाद एक कुल 6 वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी पूरी तरह डैमेज हो गई और दिमाग का हिस्सा बाहर बिखर गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वार इतना जोरदार था कि तिवारी को चीखने तक का मौका नहीं मिला और वे पहले ही वार में जमीन पर गिर पड़े थे। गिरने के बाद भी आरोपी उन पर वार करते रहे। शरीर के अन्य किसी हिस्से पर चोट के निशान न होना यह दर्शाता है कि आरोपियों का एकमात्र मकसद उनकी जान लेना ही था। पुलिस फिलहाल इस हत्याकांड के पीछे तीन मुख्य थ्योरियों पर काम कर रही है। पहली थ्योरी पंचायत की जमीन के विवाद से जुड़ी है। आरोपी अजय ने पंचायत की जमीन पर अवैध कब्जा कर घर बनाया था और एक सरकारी कमरे को तोड़कर अपने घर में मिला लिया था। इसी बात को लेकर उसका परमिंदर तिवारी और सरपंच पति जगदीश के साथ विवाद चल रहा था, जिसका केस अदालत में लंबित है। दूसरी ओर, वारदात के कुछ समय बाद तिवारी के मोबाइल पर आए एक इंटरनेशनल कॉल ने पुलिस को उलझा दिया है। कॉल करने वाले ने सीधे तिवारी का हाल पूछा था, जिससे सुपारी किलिंग का शक भी गहरा रहा है। इसके साथ ही पुरानी राजनीतिक रंजिश के एंगल को भी नकारा नहीं जा रहा है, क्योंकि तिवारी गांव की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय थे और आरोपी उनके राजनीतिक विरोधियों का करीबी बताया जा रहा है। अब पुलिस की पूछताछ में ही साफ होगा कि इस खूनी खेल के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।