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वास्तु टिप्स,पर्स में रखी ये 4 चीजें बढ़ा सकती हैं कंगाली, धन लाभ के लिए तुरंत निकालें बाहर

हम सभी रोज़ाना पर्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि हमारा पर्स केवल पैसे रखने की जगह नहीं होता, बल्कि यह हमारी आर्थिक स्थिति, तरक्की और किस्मत से भी गहराई से जुड़ा होता है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, पर्स में रखी चीजें और उसका रख-रखाव हमारी ऊर्जा को प्रभावित करते हैं. अगर पर्स साफ-सुथरा और व्यवस्थित हो, तो यह सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, इससे धन आने के अवसर बढ़ते हैं. वहीं, अगर इसमें बेकार या नकारात्मक चीजें भरी हों, तो यह आर्थिक परेशानियों का कारण बन सकता है. पर्स में क्या नहीं रखना चाहिए 1. दवाइयां पर्स में दवाइयां रखना वास्तु के अनुसार सही नहीं माना जाता. यह बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होता है. ऐसा करने से जीवन में रुकावटें और मानसिक तनाव बढ़ सकते हैं. इसलिए दवाइयों को हमेशा अलग पाउच या बैग में रखना बेहतर होता है. 2. पुराने बिल और रसीदें अक्सर लोग पर्स में पुराने बिल, टिकट या रसीदें जमा करके रखते रहते हैं. यह आदत न केवल पर्स को भारी और असंगठित बनाती है, बल्कि वास्तु के अनुसार यह अनावश्यक ऊर्जा को भी बढ़ाती है. इससे धन का प्रवाह रुक सकता है,  खर्च बढ़ सकता है. 3. फटे या गंदे नोट फटे, मुड़े हुए या गंदे नोट पर्स में रखना अशुभ माना जाता है. यह धन हानि और आर्थिक अस्थिरता का संकेत देता है. ऐसे नोट न केवल देखने में खराब लगते हैं, बल्कि यह आपकी धन ऊर्जा को भी प्रभावित करते हैं. इसलिए इन्हें तुरंत बदल देना चाहिए. 4. पुरानी चाबियां और बेकार चीजें पर्स में पुरानी चाबियां, जंग लगे सिक्के, पिन या अन्य बेकार चीजें रखना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. ये चीजें धन के मार्ग में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं. इससे जीवन में अव्यवस्था आती हैं. क्या करें पर्स को हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी है. केवल जरूरी चीजें ही उसमें रखें . समय-समय पर अनावश्यक सामान निकालते रहें. कोशिश करें कि आपका पर्स हल्का, सलीके से रखा हुआ और अच्छी स्थिति में हो. इसके अलावा, पर्स में नोटों को सही तरीके से रखना चाहिए. उन्हें मोड़कर या ठूंसकर नहीं रखना चाहिए. पर्स को जमीन पर रखने से भी बचें . इसे हमेशा सम्मान के साथ रखें.

सरकारी आवास महंगे! BSP अधिकारियों से ₹10 लाख वसूली का प्रावधान तय

भिलाई नगर/दुर्ग. भिलाई स्टील प्लांट में ई. क्यू. – 1 ( केवल सी 3 टाइप) / एन क्यू-4 (रूआबांधा सेक्टर) के चिन्हित एवं सूचीबद्ध आवास लायसेंस योजना के तहत 11 माह की अवधि के लिए एक बार आवंटन के लिए नगर सेवाएं विभाग ने आवेदन आमंत्रित किया है। सुरक्षा निधि के रूप में सी -3 टाइप के लिए 10 लाख रु. एवं एनक्यू-4 श्रेणी रुआंबांधा सेक्टर के लिए 8 लाख रु. सहित 11 माह की किराया राशि एडवांस में जमा करनी होगी। अफसरों को 3600 रु. और कर्मियों को 1800 रु. प्रतिमाह किराया देना होगा। ज्ञात हो कि लाइसेंस योजना के तहत अफसरों कोसी 3 टाइप और कर्मियों को एनक्यू-4 श्रेणी के आवास आवंटित किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन आवासों का रिनोवेशन करने के लिए मैनेजमेंट सहमत है। कारण, विगत वर्ष इस योजना को लांच किए जाने पर बहुत अच्छा रिस्पांस नहीं मिला था। अब चूंकि इन आवासों का रिनोवेशन किया जाना प्रस्तावित है और रिटेंशन स्कीम बंद कर दी गई है इसलिए इस बार लाइसेंस योजना को अच्छा रिस्पांस मिलने की संभावना है। पहले आओ पहले पाओ योजना के लिए प्रस्तावित आवास पहले आओ पहले पाओ के आधार पर आवंटित किया जाएगा। किसी एक आवास के विरूद्ध दो या अधिक आवेदन एक साथ प्राप्त होने पर लाटरी से चयन कर आबंटन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यह लाटरी नगर सेवाएं विभाग के महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी के माध्यम से होगा। ऐसे कार्यपालक / गैर कार्यपालक जिनके स्वयं या पति/पत्नी के नाम पर भिलाई इस्पात संयंत्र के 20 किलोमीटर की परिधि क्षेत्र में आवास आबंटित है इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे एवं सभी आवेदकों को तत्संबंधी एक शपथपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। आवास आबंटी को निर्धारित प्रपत्र के अनुसार (रू.50/- का नॉन ज्यूडिशियल स्टैंप पेपर) पर अनुबंध पत्र जमा करना होगा। सुरक्षा निधि पर ब्याज नहीं मिलेगा प्रबंधन द्वारा सुरक्षानिधि पर किसी भी प्रकार का ब्याज देय नहीं होगा। आवास रिक्त करने के पश्चात आवेदन देकर सुरक्षा निधि प्राप्त की जा सकती है। बिलों के भुगतान या अन्य राशि लंबित होने की दशा में बकाया राशि के समायोजन के पश्चात ही शेष राशि लौटाई जाएगी। विस्तृत जानकारी के लिए नगर सेवा विभाग के हाउसिंग लाइसेंस सेल से संपर्क किया जा सकता है।

एयर इंडिया की फ्लाइट पकड़ने पहुंचे यात्री से बरामद हुए .315 बोर के कारतूस, पटना पुलिस कर रही है कड़ी पूछताछ

पटना पटना के जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री के बैग से तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए. यह घटना शनिवार सुबह की है. यात्री दिल्ली जाने के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट पकड़ने एयरपोर्ट पहुंचा था. एयर इंडिया की फ्लाइट संख्या AI-1892 से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की रुटीन स्क्रीनिंग चल रही थी. इसी दौरान एक यात्री का बैग एक्स-रे मशीन से गुजरते वक्त संदिग्ध दिखाई दिया. ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ (CISF) के जवानों ने तुरंत अलर्ट होते हुए बैग को अलग किया और उसकी तलाशी ली. इस बैग से .315 बोर के तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए. तुरंत एक्शन लेते हुए सीआईएसएफ ने यात्री को हिरासत में ले लिया और उसे एयरपोर्ट थाना पुलिस के हवाले कर दिया. पकड़े गए युवक की पहचान मोहसिन अली मासूमी के रूप में हुई है, जो पटना के फुलवारी शरीफ इलाके के पूर्णेन्दु नगर स्थित जय रघुराज टावर का रहने वाला है. पूछताछ के दौरान आरोपी ने जो सफाई दी, उसने मामले को और उलझा दिया है. मोहसिन का दावा है कि उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उसके बैग में कारतूस कैसे आए. उसने इसे अनजाने में हुई गलती बताया, हालांकि पुलिस इस दावे को लेकर गंभीरता से जांच कर रही है और हर पहलू को खंगालने में जुटी है. एयरपोर्ट थाना प्रभारी सुनील कुमार जायसवाल ने कहा कि यात्री दिल्ली जाने की तैयारी में था, लेकिन स्क्रीनिंग के दौरान उसके बैग से तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए. सीआईएसएफ के लिखित आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है. फिलहाल, पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह कारतूस आखिर कहां से आए.

कमलनाथ का बड़ा बयान: भारत में पेट्रोल-डीज़ल और गैस की कोई कमी नहीं है

भोपाल  कांग्रेस नेता कमलनाथ के देश में LPG गैस क्राइसिस पर दिए गए बयान के बाद अब BJP ने कांग्रेस और राहुल गांधी के एलपीजी क्राइसिस को लेकर घेरना शुरू कर दिया है। सबसे आगे केंद्रीय मंत्री सिंधिया आए, जिन्होंने कहा कि कमलनाथ ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों की पोल खोल दी है, शर्म आना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ जी ने भी स्वयं कह दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है' 'झूठ और भ्रम के बलबूते जनता को इतने दिनों तक गुमराह कर रही कांग्रेस को अब शर्म आना चाहिए। अब समय है कि कांग्रेस जनता में डर और विश्वास पैदा कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद कर दे।' क्या है मामला, ऐसे समझें     कमलनाथ ने गैस क्राइसिस पर बयान दिया था     उन्होंने कहा था, गैस की ऐसी कोई कमी नहीं है     उनका बयान पार्टी लाइन से इतर आया था     भाजपा ने तत्काल इसे कांग्रेस लपक लिया     सिंधिया ने कहा, कांग्रेस जनता को गुमराह कर रही     कांग्रेस को शर्म आना चाहिए कमलनाथ का वीडियो भी शेयर किया है मंत्री सिंधिया ने भाजपा मध्य प्रदेश के X की पोस्ट को शेयर किया था, जिसमें पार्टी ने लिखा था कि 'अब तो कांग्रेस नेता कमलनाथ ने भी राहुल गांधी द्वारा एलपीजी को लेकर फैलाए जा रहे प्रोपेगेंडा की पोल खोल दी' इसमें कमलनाथ का छिंदवाड़ा का वह वीडियो भी लगाया गया था, जिसमें कमलनाथ ने कहा था कि, गैस की कमी नहीं है, सिस्टम में गड़बड़ी है और एक भ्रम फैलाया गया है। कमलनाथ ने LPG पर क्या कहा था दरअसल बीते रोज कमलनाथ छिंदवाड़ा आए थे। उन्होंने हेलीपेड पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि, 'गैस की कोई कमी नहीं है, यह अव्यवस्था है, लेकिन माहौल बना दिया कि कमी है।' उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। उनका यह बयान पार्टी लाइन से हटकर दिया है। कांग्रेस पार्टी पूरे देश में एलपीजी और पेट्रोलियम क्राइसिस को लेकर MP सहित पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। जबकि कमलनाथ कह रहे हैं कि ऐसी कोई कमी नहीं है। BJP ने मौके को तत्काल लपक लिया कमलनाथ का 'गैस ऐसी कोई कमी नहीं है' बयान को BJP ने तत्काल पलक लिया और इसके 'कांग्रेस के गैस की क्राइसिस कैंपेन' की हवा निकालने के लिए उपयोग कर रही है। भाजपा इस मौके को कतई छोड़ने वाली नहीं है। MP से लेकर दिल्ली तक भाजपा ने इसको लेकर राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

अमृतसर में हेल्थ कार्ड से इलाज पर अस्पताल का विरोध, AAP विधायक ने की हस्तक्षेप, बच्चा रेफर

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सरकार की स्वास्थ्य योजना होने के बावजूद एक गरीब परिवार को अपने बीमार बच्चे के इलाज के लिए परेशानी उठानी पड़ी। घटना मकबूलपुरा क्षेत्र के एक निजी अस्पताल की है, जहां स्वास्थ्य कार्ड के तहत मुफ्त इलाज की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे का उपचार करने से इन्कार कर दिया। पीड़ित परिवार की सदस्य मनीषा ने बताया कि उनका बच्चा लंबे समय से बीमार है और वे अलग-अलग अस्पतालों में उसका इलाज करवा रहे हैं। इस बार उन्हें उम्मीद थी कि स्वास्थ्य योजना के तहत उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अस्पताल द्वारा इलाज से मना करने पर उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं। इस दौरान अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा। अस्पताल में बिगढ़ा माहौल मामले की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता कमल कुमार मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के साथ तीखी बहस की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ निजी अस्पताल सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू नहीं कर रहे हैं और गरीब मरीजों से अनुचित तरीके से पैसे वसूलने की कोशिश की जाती है। विवाद बढ़ने पर क्षेत्र की विधायक जीवनजोत कौर भी अस्पताल पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताते हुए कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर प्रकार की बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए कई बार मरीजों को बेहतर उपचार के लिए दूसरे बड़े केंद्रों पर भेजना पड़ता है। विधायक बोलीं-गलतफहमी हुई विवाद बढ़ने पर पूर्वी हलके की विधायक जीवनजोत कौर भी मौके पर आईं। उन्होंने इसे गलतफहमी का मामला बताया और कहा कि अस्पतालों को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हर बीमारी का इलाज हर अस्पताल में संभव नहीं होता, इसलिए मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर करना पड़ता है। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. ऋषभ ने कहा कि मरीज की बीमारी योजना के तहत कवर नहीं थी, जिससे यह गलतफहमी पैदा हुई। उन्होंने बताया कि अब मरीज को बेहतर इलाज के लिए उच्च केंद्र पर रेफर कर दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझ गया है। बच्चे की बिमारी योजना से बाहर वहीं अस्पताल के निदेशक डॉ. ऋषभ ने अपनी सफाई में कहा कि बच्चे की बीमारी स्वास्थ्य योजना के दायरे में नहीं आती थी, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने बताया कि मरीज को अब बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र में भेज दिया गया है और मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन और निजी अस्पतालों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि सरकार इस तरह के मामलों की गंभीरता से जांच करे, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।  

आग का कहर किसान की फसल जलकर खाक

 राजनगर     राजनगर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम राजामोटा ग्राम पंचायत सूरजपुर की किसान मेदा पाल पति मइयादीन पाल उम्र 45 साल निवासी राजामोटे थाना बमीठा की थाना उपस्थित आकर मौखिक रिपोर्ट किया कि में उक्त पते की रहने वाली हू । घरु एवं खेती किसानी का काम करती हू । मेरी राई की फसल मेरे खेत कुआ के पास मे गल्ले में इकट्ठी रखी थी। जो आज दिनाक 03/04/ 26 के शाम करीबन 4.30 बजे राई की कटी फसल में आग लग गई। जिसे मैने एवं परिवार के लोगों व गांव के लोगो द्वारा आग बुझाई गई। आग लगने से कटी राई की फसल पूरी तरह जल गई है जिससे करीबन 20 से 22 क्वटल राई कीमत करीब 1 लाख रुपये का नुकसान हो गया है। राइ के गल्ले में आग कैसे लगी मुझे कोई जानकारी  नही  लग पाई है  आग लगने के संबंध में किसी पर कोई शक सदेह नही है  थाना जाकर  रिपोर्ट दर्ज कर ली गईं हैं पुलिस जांच में जुटी.

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज, लखनऊ समेत कई जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

 लखनऊ यूपी में मौसम एक बार फिर से बदलने जा रहा है। विक्षोभ की वजह से प्रदेश के कई जिलों में आज बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में ओले भी गिर सकते हैं। उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए नए विक्षोभ के असर से शुक्रवार को पश्चिमी यूपी के नोएडा, गाजियाबाद और सहारनपुर में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक इसका प्रभाव मध्यांचल और पूर्वांचल तक पहुंच जाएगा। प्रदेश के करीब 35 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है शुक्रवार को वाराणसी और सुल्तानपुर 38.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहे। बलिया में 38.5 डिग्री और बांदा में 38.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिणी अफगानिस्तान और आसपास के पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर अब उत्तर प्रदेश में दिखने लगा है। इसके चलते पश्चिमी यूपी, मध्यांचल और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में तेज झोंकेदार हवाएं चलेंगी और मौसम में बदलाव जारी रहेगा। यहां है ओले गिरने की चेतावनी अमेठी, औरैया, अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, चित्रकूट, इटावा, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, गोंडा, हमीरपुर, हरदोई, जातीन, झांसी, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, कौशांबी, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, लखनऊ, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, प्रतापगढ़, रायबरेली, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, सीतापुर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, उन्नाव में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी में झोंकेदार हवाओं के साथ बूंदाबांदी के आसार राजधानी में शनिवार को माैसम में बदलाव की आहट है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि सक्रिय विक्षोभ के असर से 50 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इस दाैरान कहीं-कहीं ओले गिरने की भी आशंका है। इधर, शुक्रवार को सुबह से ही तेज हवाओं के साथ आसमान में घने बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर में धूप खिलने से गर्माहट महसूस की गई। अधिकतम तापमान 1.6 डिग्री की गिरावट के साथ 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम पारा 2.9 डिग्री की उछाल के साथ 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। हिमाचल के लिए अंधड़-ओलावृष्टि का अलर्ट हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार को ऑरेंज अलर्ट के बीच रोहतांग सहित भरमौर, लाहौल और मनाली की चोटियों पर बर्फबारी हुई। भरमौर की ऊपरी चोटियों में सात सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। रोहतांग दर्रा सहित लाहौल और मनाली की ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। अटल टनल के पास हिमस्खलन की चेतावनी के बीच बर्फ के फाहे गिरे। राजधानी शिमला समेत हमीरपुर, कांगड़ा में भी हल्की बारिश हुई। प्रदेश के पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के कई क्षेत्रों में शनिवार को अंधड़ और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी हुआ है। अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट रहेगा। प्रदेश में नौ अप्रैल तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। खराब मौसम के कारण कई जिलों में ट्रांसफार्मर खराब होने से अंधेरा छा गया। सलूणी और पांगी में दो मार्ग बंद हो गए हैं।  

शिक्षकों की नई भर्ती में टीईटी पास होना अब जरूरी, हाईकोर्ट ने सुनाया आदेश

  लखनऊ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीजीटी/एलटी ग्रेड की नई भर्तियों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य योग्यता के रूप में शामिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली-1983 के नियम आठ में उल्लेखित योग्यताओं के साथ अब टीईटी पास होना भी जरूरी होगा। जस्टिस अरिंदम सिन्हा व जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने जयहिंद यादव व अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया। प्रयागराज निवासी जयहिंद ने 28 जुलाई, 2025 को निकाली गई एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की पात्रता को चुनौती देते हुए याचिका दायर कर दलील दी कि वर्तमान एलटी ग्रेड भर्ती में आरटीई अधिनियम-2009 का उल्लंघन किया गया है। लोक सेवा आयोग के विज्ञापन में स्पष्ट नहीं था कि भर्ती किस कक्षा के शिक्षण कार्य के लिए की जा रही है और किस काडर के तहत हो रही है। तार्किक नहीं आयोग का दावा हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीरता से लिया कि शिक्षा के अपर निदेशक के हलफनामे में स्वीकार किया गया है कि प्रदेश में 904 ऐसे संस्थान हैं, जहां कक्षा छह से कक्षा 12 तक की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में आयोग का यह दावा कि कक्षा छह से आठ तक के पदों पर कोई रिक्ति नहीं है, तार्किक प्रतीत नहीं हुआ। याची ने दलील दी कि सर्टिफिकेट ऑफ टीचिंग (सीटी) काडर को डाइंग घोषित कर इसे एलटी कैडर (टीजीटी ग्रेड) में पहले ही मिला दिया गया है। ऐसे में टीईटी पास योग्यता अनिवार्य है।

दिल्ली के स्पिनर्स बनाम मुंबई की पेस चौकड़ी, आईपीएल 2026 के पहले डबल हेडर में दिखेगी कड़ी टक्कर

नई दिल्ली  इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का कारवां बढ़ते हुए राजधानी दिल्ली पहुंच चुका है, जहां मेजबान दिल्ली कैपिटल्स (DC) मजबूत दिख रही मुंबई इंडियंस (MI) का सामना करेगी। सीजन-19 में शनिवार को पहला डबल हेडर होगा जहां दिल्ली-मुंबई की टक्कर दिन में होगी। दोनों टीमें सीजन का अपना पहला मुकाबला जीतकर इस मैच में उतर रहीं है। दिल्ली ने जहां लखनऊ सुपर जायंट्स को उन्हीं के घर पर हराया था वहीं मुंबई ने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ वानखेड़े पर जीत दर्ज की थी। शनिवार के मैच में जीतने वाली टीम पॉइंट्स टेबल में बढ़त बनाएगी। टॉप ऑर्डर पर निगाहें मुकाबले में दोनों टीमों के टॉप ऑर्डर पर निगाहें होंगी। लखनऊ के खिलाफ दिल्ली का टॉप ऑर्डर नहीं चला था। टीम के टॉप तीन बल्लेबाज केएल राहुल, पाथुम निसांका और नितीश राणा क्रमशः 0, 1, 15 के स्कोर पर ही पविलियन लौट गए थे। टीम ने 26 रन पर चार विकेट गंवाने के बाद इम्पैक्ट प्लेयर समीर रिजवी (70) और ट्रिस्टान स्टब्स (39*) के बदौलत मुकाबला जीता था। उधर, मुंबई के टॉप ऑर्डर का प्रदर्शन अच्छा रहा था। रयान रिकेल्टन (81) और रोहित शर्मा (78) ने टीम को 148 रन की साझेदारी कर दमदार शुरुआत दिलाई थी। मुकाबले में टॉप ऑर्डर का खेल मैच की दिशा तय कर सकता है। बॉलिंग के मोर्चे पर दिल्ली के पास कप्तान अक्षर पटेल और कुलदीप यादव के रूप में अनुभवी स्पिनर्स हैं, जबकि मुंबई के पास ट्रेंट बोल्ट, हार्दिक पंड्या, जसप्रीत बुमराह और शार्दुल ठाकुर के रूप में दमदार पेस चौकड़ी है। टीम का स्पिन विभाग फिलहाल कागजों पर कमजोर दिख रहा है जिसे मिल सैटनर से मिल सकती है। पिच व मौसम अरुण जेटली स्टेडियम बल्लेबाजों के लिए मददगार साबित होती है। ऐसे में यहां लंबे सिक्स और बड़े स्कोर देखने को मिल सकते है। साल 2021 से इस मैदान पर IPL के 23 मैच हुए है, जिसमें पहले बैटिंग करने वाली टीम का औसत स्कोर 200 रहा है। मुकाबले में 55 प्रतिशत बारिश की संभावना भी है। आसमान 87% प्रतिशत बादलों से घिरा रहेगा। गजनफर साबित होंगे एक्स फैक्टर ! मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने ने अपने युवा अफगान स्पिनर अल्लाह मोहम्मद गजनफर का समर्थन करते हुए उन्हें टीम का 'X – फैक्टर' करार दिया है। मिस्ट्री स्पिनर अल्लाह ने कोलकाता नाइटराइडर्स के खिलाफ मैच में बगैर कोई विकेट लिए चार ओवर्स में 51 रन दिए थे। बावजूद इसके उन्हें कोच का भरपूर समर्थन हासिल है। जयवर्धने ने मैच की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'उनका कद इतना अच्छा है कि वह कमाल कर सकते है।' उन्होंने अल्लाह को टीम का एक्स फैक्टर बताया। 20 साल गजनफर बेशक अपने शुरुआती मैच में नहीं चले, टी20 में उनकी इकॉनमी 6.83 है, जो इस फॉर्मेट में काफी अच्छी कही जा सकती है। दिल्ली की पिच पर गजनफर ने लय हासिल की तो मेजबानों के लिए खतरा हो सकता है। कुछ आंकड़े 1) 30 विकेट निकाले हैं जसप्रीत बुमराह ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ। वह दिल्ली के खिलाफ संयुक्त सर्वाधिक विकेट लेने वाले बॉलर है। 2) 84 रन दूर हैं अक्षर पटेल IPL में 2000 रन के आंकड़े से। वह IPL में 2000 + रन और 100+ विकेट का डबल पूरा करने वाले सिर्फ तीसरे ऑलराउंडर बन सकते है। 3) 1057 रन बनाए है रोहित शर्मा ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ। वह दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ विराट (1154) के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बैटर है। मैच के लिए दोनों टीमों की प्लेइंग 11 दिल्ली कैपिटल्स: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसाका, नितीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), ट्रिस्टान स्टब्स, विपराज निगम, डेविड मिलर, लुंगी एगिदी, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, टी नटराजन। इम्पैक्ट प्लेयर: समीर रिजवी। मुंबई इंडियंस: रयान रिकेल्टन (विकेटकीपर), रोहित शर्मा, तिल वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), नमः धीर, शेरफेन रदरफोर्ड शार्दुल ठाकुर, मयंक मार्कडे, अल्लाह गजनफर, ट्रेंट बोल्ट, जसप्रीत बुमराह। इम्पैक्ट प्लेयरः सूर्यकुमार यादव।  

फर्जी प्रमाण पत्रों का खेल उजागर! BPSC पास शिक्षकों पर कार्रवाई, सैकड़ों की नौकरी पर संकट

सहरसा. बिहार के सहरसा जिले में बीपीएससी उत्तीर्ण शिक्षक भी फर्जी साबित होने लगे हैं। जिले में पिछले तीन-चार वर्षों में बिहार लोक सेवा आयोग के द्वारा ली जा रही प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर शिक्षकों का चयन किया जा रहा है। ऐसी हालत में जिले में टीआरई एक से तीन तक करीब चार हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गयी। इन नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में कई अनियमितता सामने आयी है। कई फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों की नौकरी पर संकट उत्पन्न हो गया है। बीपीएससी उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में मिली गड़बड़ी के आधार पर यह तो तय हो गया कि शिक्षा माफिया का तंत्र व तकनीक उच्च शिक्षा आयोग तक फैला हुआ है। इससे पूर्व वर्ष 2012-15 के बीच प्रमाण पत्र के आधार पर पहले आओ पहले पाओ के तर्ज पर शिक्षक की नौकरी हासिल की थी। उस समय में फर्जी शिक्षक चिह्नित किए गए। इधर, अब बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा परीक्षा आयोजित करनेवाले विद्यालय अध्यापकों में भी फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नैया पार करने वालों की खोज विभाग ने अब शुरू कर दी है। लगातार प्रमाण पत्रों के सत्यापन का कार्य चल रहा है। BPSC से बहाल हुए 3895 विद्यालय अध्यापक बिहार लोक सेवा आयेाग द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित कर विद्यालयों में 3895 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी। जिले में टीआरई 1, टीआरई 2 और टीआरई 3 में कुल मिलाकर शिक्षकों की नियुक्ति हुई, जिसमें टीआरई 1 में 1758, टीआरई 2 में 1169 एवं टीआरई 3 में 968 विद्यालय अध्यापक नियुक्त किए गए। इन सभी शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कार्य शुरू होने से शिक्षकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। अभी हाल ही में कंप्यूटर विज्ञान विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन में करीब दो दर्जन से अधिक विद्यालय अध्यापकों की नौकरी पर तलवार लटक रही है। सबों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब विभाग इन शिक्षकों के विरूद्ध कार्रवाई करने के मूड में है। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी – बीपीएससी से उत्तीर्ण शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में अनियमितता बरतने की शिकायत मिल रही है जिसकी जांच कराई जा रही है। जांचोपरांत विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। -हेमचंद्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सहरसा