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प्रशासनिक दक्षता को मिलेगा नया आयाम

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में दिनांक 01 एवं 02 अप्रैल को “कार्यालीन प्रक्रिया, अवकाश, पेंशन, ग्रेजुएटी, खाते रिकॉर्ड, सेवा पुस्तिका एवं विभिन्न प्रकार की सहायता संबंधी प्रावधान” विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा संबंधी नियमों एवं कार्यालयीन प्रक्रियाओं की गहन एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक (ग्रामीण), भोपाल संजय तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कार्यालीन प्रक्रियाओं की शुद्धता एवं समयबद्धता को प्रशासनिक कार्यकुशलता का आधार बताते हुए अधिकारियों को नियमों की स्पष्ट समझ विकसित करने पर बल दिया। सेमिनार में प्रदेश की विभिन्न पुलिस इकाइयों से आए प्रतिभागियों के साथ-साथ प्रशिक्षणरत 44वें उप पुलिस अधीक्षक बैच के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान अवकाश, पेंशन, ग्रेच्युटी, सेवा पुस्तिका संधारण, लेखा अभिलेखों के रख-रखाव एवं अन्य सेवा संबंधी प्रावधानों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, जिससे प्रतिभागियों को अपने दैनिक कार्यों में इन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस विभाग की प्रशासनिक दक्षता एवं कार्यकुशलता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा, जिससे विभागीय कार्यों में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक संजय कुमार अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं स्टाफ मौजूद रहे।  

Xiaomi Pad 8 Review,144Hz डिस्प्ले और दमदार परफॉर्मेंस, क्या यह टैबलेट बन पाएगा आपका मिनी लैपटॉप?

Xiaomi ने एंड्रॉयड टैबलेट मार्केट में पिछले कुछ सालों में काफी तेज़ी से अपनी पकड़ मजबूत की है. हाल ही में कंपनी ने Xiaomi Pad 8 लॉन्च किया है. मैं इस टैबलेट को पिछले कुछ समय से लगातार इस्तेमाल कर रहा हूं, जिसमें डेली वर्क, कंटेंट कंजम्प्शन, गेमिंग और प्रोडक्टिविटी शामिल है. इस रिव्यू में आपको इस टैबलेट के तमाम ऐस्पेक्ट्स पर बात करेंगे. बताएंगे कि ये खरीदने लायक है भी या नहीं. Xiaomi Pad 8: डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी Xiaomi Pad 8 को हाथ में लेते ही सबसे पहले इसका प्रीमियम लुक और फील ध्यान खींचता है. बिल्ड क्वॉलिटी सॉलिड है. कंपनी ने इसमें एल्युमिनियम अलॉय यूनिबॉडी डिजाइन दिया है, जो इसे मजबूत और सॉलिड बनाता है. बैक पैनल स्मूद है और मैट फिनिश के साथ आता है, जिससे फिंगरप्रिंट्स कम दिखाई देते हैं. फ्रेम फ्लैट है, जो आजकल के मॉडर्न डिजाइन ट्रेंड को फॉलो करता है, और इसे पकड़ना भी काफी आरामदायक लगता है. इसमें कीबोर्ड अटैच करना काफी आसान है, क्योंकि मैग्नेटिक सिस्टम है. ट्रैकपैड का भी फीडबैक इस सेग्मेंट के हिसाब से अच्छा है. यह टैबलेट काफी पतला है और वजन भी बैलेंस्ड रखा गया है, जिससे लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर हाथों में ज्यादा थकान महसूस नहीं होती. चाहे आप इसे सोफे पर बैठकर इस्तेमाल करें या बेड पर लेटकर, इसकी ग्रिप और फील दोनों ही अच्छे लगते हैं. कैमरा मॉड्यूल पीछे की तरफ थोड़ा उभरा हुआ है, जिसमें सिंगल कैमरा सेटअप दिया गया है, लेकिन डिजाइन के हिसाब से यह क्लीन और मिनिमल लगता है. पावर बटन और वॉल्यूम बटन की प्लेसमेंट सही जगह पर है और इनका फीडबैक भी अच्छा है. स्पीकर्स चारों तरफ दिए गए हैं, जो स्टीरियो आउटपुट के साथ आते हैं. Xiaomi Pad 8: डिस्प्ले Xiaomi Pad 8 में लगभग 11 इंच का बड़ा IPS LCD पैनल दिया गया है, जिसका रिजॉल्यूशन 3.2K के आसपास है और रिफ्रेश रेट 144Hz तक जाता है. इसका मतलब यह है कि स्क्रीन काफी शार्प और स्मूद दोनों लगती है. ऑन करते ही स्क्रीन भी आपको प्रीमियम महसूस होगी. रियल लाइफ इस्तेमाल में चाहे आप वीडियो देख रहे हों, वेब ब्राउज़िंग कर रहे हों या गेम खेल रहे हों, स्क्रीन हर जगह अच्छा परफॉर्म करती है. कलर्स वाइब्रेंट हैं लेकिन ओवरसैचुरेटेड नहीं लगते, और ब्राइटनेस भी इतनी है कि इंडोर के साथ-साथ आउटडोर में भी स्क्रीन पढ़ने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती. Dolby Vision और HDR सपोर्ट की वजह से OTT प्लेटफॉर्म पर कंटेंट देखना एक अलग ही अनुभव देता है. लंबे समय तक वीडियो देखने के बाद भी आंखों पर ज्यादा जोर नहीं पड़ता. Xiaomi Pad 8: परफॉर्मेंस परफॉर्मेंस के मामले में Xiaomi Pad 8 मिक्स्ड बैग की तरह रहा. इसमें Qualcomm Snapdragon 8 सीरीज का चिपसेट दिया गया है, जो फ्लैगशिप लेवल का माना जाता है. साथ में 8GB या 12GB रैम और तेज़ UFS स्टोरेज मिलता है, जिससे ऐप्स जल्दी खुलते हैं और मल्टीटास्किंग स्मूद रहती है. मेरे इस्तेमाल में, मैंने इस टैबलेट पर हैवी गेमिंग से लेकर मल्टीपल ऐप्स के बीच स्विच करना सब कुछ किया, और ज्यादातर समय यह बिना किसी लैग के काम करता रहा. हाई ग्राफिक्स गेम्स भी आसानी से चल जाते हैं और फ्रेम ड्रॉप बहुत कम देखने को मिलता है. लंबे समय तक मल्टीटास्किंग और गेमिंग में ये थोड़ा गर्म होने लगता है. हीटिंग का मुद्दा भी बहुत बड़ा नहीं लगा, हालांकि लंबे गेमिंग सेशन के दौरान हल्की गर्माहट जरूर महसूस होती है, लेकिन यह नॉर्मल है और परफॉर्मेंस पर ज्यादा असर नहीं डालती. Xiaomi Pad 8: कैमरा टैबलेट में कैमरे का यूज लिमिटेड होता है. वीडियो कॉलिंग सबसे बड़ा यूजकेस है. क्योंकि मोबाइल की तरह इसे आप हर जगह ले जा कर फोटोज या वीडियोज नहीमं बना सकते हैं. इसलिए किसी टैबलेट में कैमरा उतना बड़ा फोकस नहीं होता. हालांकि Xiaomi ने यहां भी ठीक-ठाक काम किया है. पीछे की तरफ 13 मेगापिक्सल का कैमरा दिया गया है, जो अच्छी लाइट में डिसेंट फोटो ले लेता है. डॉक्यूमेंट स्कैन करना हो या कभी-कभी फोटो क्लिक करनी हो, यह काम अच्छे से कर देता है. वीडियोज भी डिसेंट बन जाते हैं. फ्रंट में 8 मेगापिक्सल का कैमरा है, जो वीडियो कॉलिंग और ऑनलाइन मीटिंग्स के लिए बेहतरीन है. खास बात यह है कि कैमरा की पोजिशन ऐसी है कि वीडियो कॉल के दौरान फ्रेमिंग सही रहती है, जो वर्क फ्रॉम होम या ऑनलाइन क्लासेस के लिए जरूरी है. Xiaomi Pad 8: सॉफ्टवेयर सॉफ्टवेयर की बात करें तो Xiaomi Pad 8 में एंड्रॉयड बेस्ड HyperOS दिया गया है, जिसे खास तौर पर बड़े स्क्रीन के लिए ऑप्टिमाइज किया गया है. मल्टीटास्किंग फीचर्स जैसे स्प्लिट स्क्रीन और फ्लोटिंग विंडो काफी काम के हैं. मैंने इसे डेली वर्क प्रोडक्टिविटी के लिए यूज किया, जैसे डॉक्यूमेंट पढ़ना, नोट्स बनाना और वेब ब्राउज़िंग, और यहां इसका एक्सपीरिएंस काफी स्मूद रहा. हालांकि, कुछ जगहों पर अभी भी ऐप ऑप्टिमाइजेशन की कमी महसूस होती है, जो लगभग सभी एंड्रॉयड टैबलेट्स में देखने को मिलती है. प्री लोडेड ऐप्स कई बार मुश्किल का सबब बनते हैं. स्टायलस और कीबोर्ड सपोर्ट इसे एक मिनी लैपटॉप जैसा बना देते हैं, लेकिन यह पूरी तरह से लैपटॉप रिप्लेसमेंट अभी भी नहीं बन पाता. Xiaomi Pad 8: बैटरी बैटरी के मामले में भी Xiaomi Pad 8 निराश नहीं करता. इसमें लगभग 9200mAh के बीच की बड़ी बैटरी दी गई है, जो आराम से दो दिन तक का बैकअप दे देती है. 45W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट इसे जल्दी चार्ज कर देता है. अगर आप इसे नॉर्मल इस्तेमाल जैसे वीडियो देखना, ब्राउज़िंग और हल्का काम करने के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो दो दिन चलेगा, वर्ना 1.5 दिन. iaomi Pad 8: बॉटम लाइन कुछ दिनों के इस्तेमाल के बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि Xiaomi Pad 8 एक वेल बैलेंस्ड टैबलेट है. इसका डिस्प्ले शानदार है, परफॉर्मेंस दमदार है और डिजाइन प्रीमियम फील देता है. यह कंटेंट कंजम्प्शन के लिए बेहतरीन है और प्रोडक्टिविटी भी अच्छे से संभाल लेता है. लेकिन अगर आप इसे पूरी तरह से लैपटॉप के ऑल्टरनेटिव के के रूप में देख रहे हैं, तो अभी इसमें थोड़ी कमी है, खासकर सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन के मामले में. फिर भी, अपने प्राइस सेगमेंट में यह … Read more

बिहार के रेल यात्रियों के लिए गुड न्यूज, 160 किमी की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें और खत्म होंगे फाटक

पटना बिहार के रेल यात्रियों के लिए एक गुड न्यूज है। मोकामा में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे नए दो लेन पुल से ट्रेनों की आवाजाही जून में शुरू हो जाएगी। इस पुल के चालू होने से दानापुर और सोनपुर मंडल के बीच ट्रेनों की आवाजाही सुगम होगी। साथ ही दिल्ली-हावड़ा रूट पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचाने का रास्ता भी साफ हो जाएगा। इसके बाद पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। इसकी जानकारी पूर्व मध्य रेलवे के जीएम छत्रसाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए 'गेम चेंजर' बनेगा नया पुल जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि राजेंद्र सेतु के समानांतर बन रहे इस पुल के दोनों ओर रेल फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि झाझा-पटना की ओर से आने-जाने वाली ट्रेनों या राजेंद्र पुल पर चढ़ने वाली गाड़ियों के कारण मेन लाइन का परिचालन बाधित नहीं होगा। यह बुनियादी ढांचा मालगाड़ी और यात्री ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के लिए 'गेम चेंजर' साबित होने वाला है। कवच तकनीक से 160 किमी की स्पीड का लक्ष्य रेल मंत्रालय ने 'मिशन रफ्तार' के तहत दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में चिह्नित किया है। पूर्व मध्य रेलवे के डीडीयू (पंडित दीनदयाल उपाध्याय) से प्रधानखंटा खंड के बीच 294 किलोमीटर के दायरे में अत्याधुनिक 'कवच' सिस्टम लगाने का काम चल रहा है। पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे होगा तय: जीएम छत्रसाल सिंह ने बताया कि अगले एक वर्ष में इस खंड में कवच स्थापित हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर मध्य रेलवे (गाजियाबाद से डीडीयू) और पूर्व रेलवे (आसनसोल और हावड़ा मंडल) में भी कवच का काम जारी है। जैसे ही इन तीनों रेलवे जोन में कवच सिस्टम पूरी तरह सक्रिय होगा, पटना होकर दिल्ली से हावड़ा के बीच ट्रेनें 160 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ने लगेंगी, जिससे पटना से दिल्ली का सफर लगभग 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। अंडरपास और आरओबी निर्माण से खत्म होंगे फाटक रेलवे परिचालन को और अधिक सुरक्षित और तेज बनाने के लिए पूर्व मध्य रेल बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहा है। पूर्व मध्य रेल के जीएम ने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 41 जगरों पर अंडरपास और छोटे ओवरब्रिज निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है। अब 71 और जगहों पर ऐसे ही छोटे ओवर ब्रिज और अंडरपास का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।  

जिम में घंटों पसीना बहाने के बाद भी नहीं घट रहा वजन? कहीं आप भी ‘फिटनेस प्लेटो’ के शिकार तो नहीं!

बढ़ती बीमारियों के बीच लोग अपनी सेहत का खास ख्याल रखना शुरू कर दिया है और सही लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया है. फिट होने के लिए लोग जिम जाकर घंटों एक्सरसाइज भी करते हैं और काफी वेट लॉस भी कर लेते हैं. शुरुआत में एक्सरसाइज करने पर तेजी से रिजल्ट मिलते हैं, लेकिन कुछ समय बाद वही मेहनत करने के बावजूद बदलाव रुक जाता है. ऐसा होता है कि पसीना पहले जितना ही बहता है, मेहनत भी कम नहीं होती, फिर भी वजन कम नहीं होता या बॉडी टोन नहीं होती. यह स्थिति अक्सर कंफ्यूजन पैदा करती है, लेकिन असल में यह शरीर की एक नॉर्मल प्रोसेस है. फिटनेस प्लेटो क्या होता है? हमारा शरीर बहुत जल्दी चीजों को अपनाने की शक्ति रखता है. जब आप पहली बार वर्कआउट शुरू करते हैं, तो हर मूवमेंट नया होता है. मसल्स पर प्रेशर पड़ता है, वे टूटते हैं और फिर मजबूत बनते हैं. लेकिन जब आप लंबे समय तक एक ही तरह की एक्सरसाइज करते रहते हैं तो शरीर उसे सीख जाता है और कम एनर्जी में वही काम करने लगता है. इसी को फिटनेस प्लेटो कहा जाता है. समय के साथ मसल्स ज्यादा एफिशिएंट हो जाती हैं यानी पहले जो एक्सरसाइज आपको चुनौती देती थी,अब वही शरीर के लिए आसान हो जाती है. इससे कम मसल फाइबर एक्टिव होते हैं और कैलोरी बर्न भी कम होती है. बाहर से देखने पर लगता है कि आप वही मेहनत कर रहे हैं, लेकिन अंदर से असर कम हो जाता है. उम्र का होता है अहम रोल हर इंसान के शरीर में 30 साल के बाद हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं, टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हार्मोन कम होने लगते हैं. जबकि स्ट्रेस हार्मोन (कॉर्टिसोल) बढ़ सकता है, इससे मसल्स बनना धीमा हो जाता है और रिकवरी में ज्यादा समय लगता है. यानी पहले जितनी मेहनत से जो रिजल्ट मिलता था, अब उससे कम मिलता है. क्यों रूक जाती है प्रोग्रेस? एक और बड़ी वजह है कंफर्ट जोन में फंसे रहना. कई लोग महीनों तक एक ही वजन, एक ही स्पीड और एक ही रेप्स करते रहते हैं. जब शरीर को नई चुनौती नहीं मिलती, तो उसे बदलने की जरूरत भी महसूस नहीं होती. यही कारण है कि प्रोग्रेस रुक जाती है. यह चीजें डालती हैं असर रिकवरी भी उतनी ही जरूरी है जितनी एक्सरसाइज. नींद की कमी, स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन सीधे आपके परफॉर्मेंस को इफेक्ट करते हैं. अगर शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता, तो मसल्स सही तरीके से रिपेयर नहीं हो पाती है. न्यूट्रिशन की कमी शरीर में न्यूट्रिशन की कमी भी एक बड़ा कारण हो सकती है, कम प्रोटीन लेने से मसल्स नहीं बनतीं, और विटामिन D, B12 या आयरन की कमी से थकान बनी रहती है. कई बार रिपोर्ट्स नॉर्मल होने के बावजूद हल्की कमी भी असर डालती है. इस स्थिति से बाहर कैसे निकलें? सबसे पहला तरीका है प्रोग्रेसिव ओवरलोड अपनाना, जिसका मतलब है धीरे-धीरे वजन बढ़ाना, रेप्स बढ़ाना या एक्सरसाइज की तीव्रता बढ़ाना. हर 4 से 6 हफ्ते में अपनी वर्कआउट रूटीन बदलें. नई एक्सरसाइज ट्राई करें ताकि शरीर को नई चुनौती मिले. इन बातों का भी रखें ध्यान     प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं     हफ्ते में कम से कम एक दिन पूरा आराम करें     पर्याप्त नींद लें (7-8 घंटे)     पानी खूब पिएं     स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को प्रायोरिटी दें  

पंजाब में सुरक्षा चुनौतियों के बीच पुलिस फोर्स बढ़ाने की योजना, स्वीकृत पद 1.25 लाख तक बढ़ाने की तैयारी

चंडीगढ़ बॉर्डर स्टेट होने की वजह से पंजाब में जिस तरह की सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही है। उसके मद्देनजर सरकार पंजाब पुलिस में स्वीकृत पदों की संख्या 1.25 लाख करना चाहती है। इसी लक्ष्य के चलते पहले चरण में 10 हजार नए पदों को सृजित किया जा रहा है। जिसके लिए जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।  पंजाब पुलिस में जवानों और अफसरों की संख्या देखी जाए तो साल 2000 में यह 80 हजार के करीब थी। साल 2026 में भी कुल पदों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई मगर सूबे में सुरक्षा की संवेदनशीलता बढ़ती गई। वर्तमान स्थिति यदि देखें तो पंजाब की आबादी भी करीब साढ़े तीन करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है। ऐसे में आबादी के हिसाब से पुलिस की नफरी अपेक्षाकृत कम है। इसके अलावा बॉर्डर पार से पाकिस्तानी की नापाक गतिविधियां, नशा और हथियार तस्करी, गैंगस्टरवाद, रंगदारी, हत्याएं, लूट, डकैती, चोरियां इत्यादि आपराधिक वारदातों ने भी पंजाब पुलिस की चुनौतियों को काफी बढ़ा दिया है। इन पर नकेल कसने और पंजाबियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मुहैय्या करवाने के मकसद से सरकार को अब पुलिस जवानों और अफसरों की संख्या बढ़ाना जरूरत महसूस हो रही है। इसके अलावा पंजाब सरकार ने क्रास बॉर्डर वेपन और ड्रग्स सिंडीकेट की तस्करी पर नकेल कसने के लिए पाकिस्तान बॉर्डर पर बीएसएफ की चौकियों से लगभग दो किलोमीटर पहले सेंकड लाइन ऑफ डिफेंस भी खड़ी करने का फैसला लिया है। इसके तहत कई छोटी-छोटी चौकियां खोली जा रही हैं। इन चौकियों पर पुलिस के जवान और होमगार्ड तैनात किए जा रहे हैं। इसके लिए भी अधिक पुलिस जवानों की जरूरत है। दूसरी ओर, लंबे से पुलिस अफसरों और जवानों के पद भी रिक्त पड़े रहते थे। भर्ती प्रक्रिया लटकी रहती थी। आप सरकार ने पिछले चार साल में पुलिस के 12966 रिक्त पदों को भरकर स्टाफ की कमी से जूझ रही पंजाब पुलिस को कुछ राहत देने की कोशिश की है। चुनावी साल में भर्तियां करती थी सरकारें पिछली रिवायती सरकारों की भर्ती प्रक्रिया भी सियासी फायदा के लिए होती थी। सत्ता में आने के बाद चार साल भर्तियां लटकी रहती थीं और पांचवें चुनावी साल में भर्तियां करतेथे मगर वे भी अपने रिश्तेदारों और सिफारिशी लोगों को नौकरी देते थे। 26 साल से पुलिस की नफरी जितनी थी, आज भी उतनी ही है। हम पंजाब पुलिस के स्वीकृत पदों को पहले 90 हजार तक लेकर जाएंगे और उसके बाद 1.25 लाख करेंगे।- भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका ने आज जशपुर जिला के कुनकुरी विकासखंड के बेहराखार ग्राम का दौरा कर विशेष पिछड़ी जनजाति बिरहोर समुदाय के लोगों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने उनके रहन-सहन, जीवनशैली  को नजदीक से समझा और उनसे संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। राज्यपाल ने बिरहोर समुदाय के लोगों से चर्चा करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति और उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों के बारे में जानकारी प्राप्त की।  उन्होंने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक सभी शासकीय योजनाओं का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके और वे मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बिरहोर समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर दिया जोर दिया। राज्यपाल  रमेन डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों से संवाद करते हुए उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने समुदाय के लोगों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की।  साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह देते हुए कहा कि बीमारी की स्थिति में अस्पताल या स्वास्थ्य शिविरों में जाकर समय पर उपचार कराना चाहिए। राज्यपाल ने अधिकारियों से कहा  कि बिरहोर समुदाय को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें रोजगार के अवसर मिल सकें और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए संचालित पीएम जनमन योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि इन क्षेत्रों में नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे लोगों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण हो सके। साथ ही उन्होंने बच्चों के लिए टीकाकरण को अनिवार्य बताते हुए सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को समय पर वैक्सीन लगवाने की अपील की।               राज्यपाल  डेका ने बिरहोर समुदाय के लोगों को अपने घरों में पढ़ाई के लिए एक अलग कोना बनाने की सलाह दी, जिससे बच्चों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके और वे अधिक प्रेरित हों। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि बिरहोर समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों का वैल्यू एडिशन किया जाए, ताकि उनके उत्पादों को बाजार में उचित मूल्य मिल सके। इस अवसर पर बिरहोर समुदाय के गुरुबारु ने राज्यपाल को जानकारी दी कि क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों का निर्माण भी किया जा रहा है। साथ ही विभिन्न शासकीय योजनाओं के लाभ भी मिल रहा है। उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव के सहयोग की सराहना भी की। कार्यक्रम के दौरान बिरहोर समुदाय के लोगों ने राज्यपाल का पारंपरिक रूप से स्वागत करते हुए उन्हें केंद फूल, लाटा तथा स्वयं निर्मित रस्सी भेंट की। राज्यपाल ने भी समुदाय के लोगों को साल भेंट कर सम्मानित किया तथा उपयोगी सामग्री के रूप में टॉर्च प्रदान की। साथ ही उन्होंने पद्म जागेश्वर यादव को राजकीय गमछा भेंट कर सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर  रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेद सिंह, जिला पंचायत सीईओ  अभिषेक कुमार सहित अधिकारीगण मौजूद रहे। पद्म जागेश्वर यादव ने बिरहोर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने के अपने संघर्षों का किया उल्लेख            पद्म जागेश्वर यादव ने राज्यपाल  रमेन डेका के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान उन्होंने उन्होंने बिरहोर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के अपने लंबे संघर्षों का उल्लेख भी किया। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1980 से इस विशेष पिछड़ी जनजाति के बीच रहकर कार्य कर रहे हैं। उस समय बिरहोर समुदाय के लोग घने जंगलों में निवास करते थे, जंगलों से प्राप्त फलों पर निर्भर रहते थे और जमीन पर ही जीवन यापन करते थे। उन्होंने कहा कि इन समुदायों को वर्तमान स्थिति तक लाने में उन्हें अनेक कठिनाइयों और चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लगातार प्रयास, जागरूकता और शासन-प्रशासन के सहयोग से आज बिरहोर समुदाय के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है और वे धीरे-धीरे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। बेहराखार में बिरहोर परिवारों के समग्र विकास के लिए प्रशासन पूरी तत्परता से कर रहा कार्य          कलेक्टर  रोहित व्यास ने राज्यपाल को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन गंभीरता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ग्राम बहेराखार में बिरहोर समुदाय के कुल 22 परिवार निवासरत हैं, जिनकी कुल जनसंख्या 85 है। इनमें से 73 लोगों के आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। सभी परिवारों का सिकल सेल स्क्रीनिंग परीक्षण पूर्ण कर लिया गया है तथा सभी को राशन कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त 19 परिवारों के जॉब कार्ड भी बनाए जा चुके हैं। कुछ परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हो चुका है, जबकि शेष परिवारों को लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। महतारी वंदन योजना का लाभ भी  दिया जा रहा है। साथ ही अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है।

भ्रष्टाचार की हद, डीएसपी गौतम कुमार की नौकरानी के पास मिली करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी गाड़ियां

किशनगंज  किशनगंज में तैनात DSP गौतम कुमार की कथित 80 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब इस केस में एक चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है. उनके घर में काम करने वाली नौकरानी पारो के पास भी करोड़ों की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है. 35 लाख की थार से काम पर आती थी नौकरानी धरमगंज के किला बागान की रहने वाली पारो की लाइफस्टाइल किसी आम घरेलू सहायिका जैसी नहीं थी. वह करीब 35 लाख रुपए की लग्जरी थार से काम करने आती थी. इतना ही नहीं, उसे लाने-ले जाने के लिए कई बार सरकारी और निजी वाहनों का इस्तेमाल भी किया जाता था. बंगाल में करोड़ का बंगला, गिफ्ट में मिली बुलेट जांच में सामने आया है कि पारो ने पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मलद्वार इलाके में लगभग एक करोड़ रुपए का आलीशान बंगला बनवाया है. इसके अलावा उसे DSP गौतम कुमार की ओर से एक बुलेट बाइक भी गिफ्ट में दी गई थी. नौकरानी पारो की तस्वीर सोशल मीडिया पर दिखती थी लग्जरी लाइफ पारो सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रही है. उसने बुलेट बाइक के साथ अपनी तस्वीरें शेयर की हैं. एक वीडियो में उसके हाथ में करीब डेढ़ लाख रुपए कैश भी नजर आ रहे हैं. कई तस्वीरों में वह DSP और उनके करीबियों के साथ दिखाई दे रही है. EOU रेड के बाद फरार हुई पारो आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी के बाद पारो अपने पूरे परिवार के साथ फरार हो गई है. इस खुलासे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन भी सकते में है. SDPO पर 80 करोड़ की बेनामी संपत्ति का आरोप गौतम कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपनी 32 साल की सेवा के दौरान करीब 80 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित की. उनके महंगे शौक लक्जरी रिसॉर्ट में ठहरना, फैमिली ट्रिप और आलीशान जीवनशैली पहले से ही चर्चा में थे. ढाई करोड़ का बंगला, करोड़ों की फर्निशिंग पूर्णिया में उनका जिस बंगले में रहना बताया जा रहा है, उसकी कीमत करीब 2.5 करोड़ रुपए है. वहीं उसके इंटीरियर और फर्निशिंग पर 1 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं. उनकी पत्नी सरकारी शिक्षिका हैं, लेकिन खुद भी लग्जरी गाड़ियों से चलती हैं. 8 ठिकानों पर EOU की छापेमारी 31 मार्च को EOU ने गौतम कुमार के 8 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. इनमें पूर्णिया, किशनगंज, पटना, अररिया और सिलीगुड़ी शामिल हैं. छापेमारी के दौरान जमीन के 36 दस्तावेज, LIC और नोएडा-गुड़गांव में निवेश से जुड़े कागजात बरामद हुए. साथ ही 60 लाख रुपए के गहने, महंगी घड़ियां और क्रेटा-थार जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं. सस्पेंशन की प्रक्रिया शुरू, हटाए गए पद से EOU की कार्रवाई के बाद गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय क्लोज कर दिया गया है. DGP विनय कुमार ने उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू होने की पुष्टि की है. कौन हैं गौतम कुमार? गौतम कुमार मूल रूप से सहरसा के रहने वाले हैं और 1994 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं. वर्तमान में उन्हें पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में योगदान देने का आदेश दिया गया है. उनकी जगह SDPO-2 मंगलेश कुमार सिंह को किशनगंज का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक, जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. फिलहाल इस मामले ने बिहार के पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है.

विकसित फरीदाबाद रैल,मुख्यमंत्री ने किया इंटरनेशनल स्विमिंग पूल और नेचर पार्क का ऐलान, नोएडा-गुरुग्राम मेट्रो पर भी बड़ा अपडेट

 फरीदाबाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज फरीदाबाद के सेक्टर-12 में हुई ''धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली'' में विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। इसमें सबसे अहम सेक्टर-8 में बहुमंजिला सुपरस्पेशलिटी सरकारी अस्पताल बनाने की घोषणा रही। इसके अलावा चौराहों का सौंदर्यीकरण, शिक्षा, खेल, पर्यावरण को लेकर भी शहर को काफी कुछ दिया। रैली का आयोजन राजस्व मंत्री विपुल गोयल की ओर से किया गया था। रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह का माहौल बना रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए अस्पताल में सभी प्रमुख बीमारियों का इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों के सरकारी अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल को बहुमंजिला इमारत में विकसित किया जाएगा। प्रमुख जंक्शनों में सुधार किया जाएगा ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर भी सरकार ने गंभीरता दिखाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के प्रमुख जंक्शनों में सुधार किया जाएगा, जिससे यातायात सुगम हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में शहरवासियों को जाम से राहत मिलेगी। गंगा का पानी फरीदाबाद तक लाने की योजना पर होगा काम मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल संकट को दूर करने के लिए गंगा का पानी फरीदाबाद तक लाने की योजना पर काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए पहले विस्तृत फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में वह उत्तर प्रदेश सरकार से स्वयं बातचीत करेंगे, ताकि परियोजना को जल्द आगे बढ़ाया जा सके। ग्रेटर फरीदाबाद में नेचर पार्क बनेगा इसके अलावा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों, पार्कों और सरकारी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे वर्षा के पानी को सहेज कर भविष्य में उपयोग किया जा सकेगा। पर्यावरण संरक्षण के तहत ग्रेटर फरीदाबाद में नेचर पार्क विकसित करने की भी घोषणा की गई। सेक्टर-12 में मल्टीलेवल भवन बनाया जाएगा सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सेक्टर-12 में मल्टीलेवल भवन बनाया जाएगा, जिससे आम लोगों को कम खर्च में शादी और अन्य आयोजन करने की सुविधा मिल सकेगी। शिक्षा के क्षेत्र में ग्रेटर फरीदाबाद में केंद्रीय विद्यालय खोलने का ऐलान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार बनेगा स्विमिंग पूल मनोरंजन के लिए चंदावली आईएमटी के पास मनोरंजन सिटी विकसित करने की योजना भी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सेक्टर-12 खेल परिसर के स्विमिंग पूल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा। वहीं उन्होंने परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली से गुरुग्राम होते हुए फरीदाबाद के रास्ते नोएडा तक ट्रेन चलाने की परियोजना पर तेजी से काम करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। रैली में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर, खेल मंत्री गौरव गौतम, विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक धनेश अदलखा, विधायक सतीश फागना, मेयर प्रवीण जोशी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। रैली के चलते शहर की रफ्तार थमी, जगह-जगह लगा जाम सेक्टर-12 में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की रैली के कारण शनिवार को शहर की ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित रही। नीलम चौक और नेशनल हाईवे पर लंबा जाम लगा। भारी पुलिस तैनाती के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल सकी। फरीदाबाद के सेक्टर-12 में आयोजित धन्यवाद एवं विकसित फरीदाबाद रैली के कारण सुबह से ही आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ने लगा। सुबह 8 बजे से ही रैली स्थल की ओर लोगों का आना शुरू हो गया था, जो दोपहर तक जारी रहा। अलग-अलग इलाकों से वाहन लगातार पहुंचते रहे, जिससे मुख्य मार्गों पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई। नीलम चौक, बाटा पुल और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित रही। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए। ट्रैफिक पुलिस ने डायवर्जन और व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को जाम से जूझना पड़ा। दोपहर करीब 12 बजे मंचीय कार्यक्रम शुरू हुआ और करीब डेढ़ बजे तक रैली चली। मुख्यमंत्री का संबोधन अंत में हुआ। रैली के दौरान शहर के अन्य हिस्सों में भी ट्रैफिक का असर देखने को मिला। स्थानीय लोगों और राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी सिग्नल पॉइंट्स पर हुई, जहां लंबे समय तक वाहन फंसे रहे। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा।

IPL 2026,ऋषभ पंत के बैटिंग ऑर्डर पर सस्पेंस! सनराइजर्स के खिलाफ जीत की पटरी पर लौटने उतरेगी लखनऊ सुपर जायंट्स

  हैदराबाद  लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में रविवार को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ यहां होने वाले मैच में अगर जीत दर्ज करनी है तो उसके बल्लेबाजों को अहम भूमिका निभानी पड़ेगी। सनराइजर्स की टीम ने अपने पिछले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को 65 रन से हराया था जिससे वह अपने घरेलू मैदान पर सत्र के पहले मैच में आत्मविश्वास के साथ उतरेगी। उप्पल के स्टेडियम में दोपहर के खेल में बल्लेबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है जिससे कि एलएसजी के लिए यह मैच अधिक चुनौतीपूर्ण बन गया है। सनराइजर्स को यहां की परिस्थितियां पसंद हैं और इसलिए वह मैच में जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगा। अपने पहले दो सत्र में प्लेऑफ में जगह बनाने के बावजूद संजीव गोयनका के स्वामित्व वाली एलएसजी की टीम पिछले कुछ वर्षों से खराब प्रदर्शन कर रही है। इस बार भी उसका अभियान अच्छा नहीं रहा है। जस्टिन लैंगर की कोचिंग वाली टीम में ऑस्ट्रेलिया के टी20 कप्तान मिचेल मार्श, दक्षिण अफ्रीका के एडन मार्करम, कप्तान ऋषभ पंत और विस्फोटक निकोलस पूरन जैसे दमदार बल्लेबाज शामिल हैं। लेकिन इसके बावजूद उसकी टीम आईपीएल के अपने पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपने घरेलू मैदान इकाना में 141 रन पर आउट हो गई जिससे टीम की कई गंभीर समस्याएं उजागर हुईं। टीम के लिए बल्लेबाजी क्रम में रणनीतिक फेरबदल भी काम नहीं आया। एलएसजी ने मार्श और मार्करम की अपनी स्थापित सलामी जोड़ी से हटकर भारतीय टीम से बाहर चल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज पंत को पारी का आगाज करने के लिए भेज दिया। पंत रन आउट होने से पहले केवल सात रन ही बना पाए, जिससे उनके बल्लेबाजी क्रम को लेकर बहस फिर से शुरू हो गई। उन्हें अब तीसरे नंबर पर भेजा जा सकता है। पिछले साल उन्होंने इसी नंबर पर खेलते हुए शतक लगाया था। पूरन ने भी इस नंबर पर खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन वेस्टइंडीज के इस स्टार खिलाड़ी को बीच के ओवरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ सकती है। मार्श ने पिछले मैच में 35 रन बनाकर एलएसजी को अच्छी शुरुआत दिलाई थी लेकिन अन्य बल्लेबाज खास योगदान नहीं दे पाए। एलएसजी की बल्लेबाजी में तालमेल की कमी नजर आ रही है और इसे देखते हुए उसके लिए मार्श और मार्करम की जोड़ी से पारी की शुरूआत करवाना अच्छा होगा। गेंदबाजी एलएसजी का मजबूत पक्ष है। पिछले मैच में मोहम्मद शमी ने युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव के साथ मिलकर नई गेंद से शानदार गेंदबाजी करते हुए पुराने दिनों की याद दिला दी, लेकिन बीच के ओवरों में उसके गेंदबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए जिससे पिछले सत्र में 14 विकेट लेने वाले मिस्ट्री लेग स्पिनर दिग्वेश राठी को टीम से बाहर रखने पर सवाल उठने लग गए हैं। जहां तक सनराइजर्स की बात है तो उसने अपने पहले मैच में मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से मिली हार के बाद लय हासिल कर ली है। केकेआर के खिलाफ उसकी बल्लेबाजी इकाई ने शानदार प्रदर्शन किया। ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की फॉर्म में वापसी उसके लिए अच्छे संकेत हैं। पैट कमिंस की अनुपस्थिति में कप्तानी कर रहे ईशान किशन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि हेनरिक क्लासेन का अनुभव उसके मध्य क्रम को मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने कोलकाता में पिछले मैच में अर्धशतक बनाया था। भारतीय ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से प्रभावित किया जबकि हर्ष दुबे ने स्पिन गेंदबाजी से नियंत्रण प्रदान किया। जयदेव उनादकट और ईशान मलिंगा की तेज गेंदबाजी जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच विकेट साझा किए। इससे यह धारणा गलत साबित हो गई कि सनराइजर्स का गेंदबाजी आक्रमण कमजोर है। टीम इस प्रकार हैं: सनराइजर्स हैदराबाद: ईशान किशन (कप्तान), ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, अनिकेत वर्मा, आर. स्मरण, हेनरिक क्लासेन, नितीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, कामिंदु मेंडिस, हर्षल पटेल, ब्रायडन कार्स, जयदेव उनादकट, ईशान मलिंगा, जीशान अंसारी, लियाम लिविंगस्टोन, शिवम मावी, सलिल अरोड़ा, शिवांग कुमार, ओंकार टारमाले, क्रेन्स फुलेट्रा, प्रफुल्ल हिंगे, अमित कुमार, साकिब हुसैन, जैक एडवर्ड्स और पैट कमिंस। लखनऊ सुपर जायंट्स: ऋषभ पंत (कप्तान), आयुष बडोनी, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, एडेन मार्करम, निकोलस पूरन, अर्शिन कुलकर्णी, मिचेल मार्श, शाहबाज़ अहमद, आकाश महाराज सिंह, अवेश खान, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, दिग्वेश सिंह राठी, अर्जुन सचिन तेंदुलकर, मयंक प्रभु यादव, वानिंदु हसरंगा, एनरिक नोर्किया, जोश इंग्लिस, अब्दुल समद, हिम्मत सिंह, नमन तिवारी, अक्षत रघुवंशी, मोहसिन खान, मणिमारन सिद्धार्थ, मुकुल चौधरी। मैच दोपहर 3.30 बजे शुरू होगा।  

नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा और राज्यसभा की शपथ,क्या बिहार में पहली बार बनेगा भाजपा का मुख्यमंत्री?

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार में नई सरकार के गठन पर अटकलें तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश अगले सप्ताह दिल्ली जाएंगे और राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसके बाद वे पटना लौटकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके बाद बिहार में नई सरकार का गठन होगा और राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलेगा। 14 अप्रैल तक नए सीएम की शपथ होने की चर्चा भी चल रही है। हालांकि, इस बारे में किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि नीतीश कुमार के 9 अप्रैल को दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद के रूप में उनका शपथ ग्रहण होने की संभावना है। इसके अगले दिन 11 अप्रैल को वे पटना लौट सकते हैं। फिर 12 अप्रैल को नीतीश मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देकर राज्यपाल को सौंप सकते हैं। बिहार को कब मिलेगा नया मुख्यमंत्री? नीतीश के इस्तीफे के तुरंत बाद बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। रिपोर्ट्स में 14 अप्रैल को नए सीएम के शपथ ग्रहण की संभावित तारीख बताई जा रही है। हालांकि, इस बारे में आधिकारिक रूप से कोई सूचना नहीं दी गई है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। वहीं, अभी खरमास चल रहा है, जो 14 अप्रैल तक रहेगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, खरमास में कोई शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। ऐसे में चर्चा है कि नए सीएम का शपथ ग्रहण खरमास खत्म होने के बाद भी हो सकता है। चर्चा यह भी है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद पूरे कैबिनेट को नए सिरे से गठित किया जाएगा। ऐसे में नए सीएम के साथ मंत्रियों का भी शपथ ग्रहण संभावित है। भाजपा से होगा नया सीएम? सियासी गलियारों में चर्चा है कि नीतीश के बाद बिहार का मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो भारतीय जनता पार्टी बिहार में पहली बार अपना सीएम बनाएगी। भाजपा से डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम प्रमुखता से चल रहा है। रेस में केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, दूसरे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा, मंत्री दिलीप जायसवाल, मंगल पांडेय जैसे नेताओं का नाम भी चल रहा है। एनडीए के नेताओं का कहना है कि गठबंधन के शीर्ष नेता मिलकर नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने पिछले दिनों कहा था कि अभी यह भी तय नहीं हुआ है कि अगला मुख्यमंत्री किस पार्टी से होगा।