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गर्मी के साथ बिहार में गहराया जल संकट, 21 जिलों में तेजी से गिरा भूजल स्तर

 जयपुर बिहार में अगले दो से तीन दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है. लेकिन इसके बाद गिरावट हो सकती है. मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, बिहार के अधिकांश इलाकों में रविवार तक गर्मी अधिक महसूस होगी और रात का तापमान बढ़ा रहेगा. दिन में तेज धूप के साथ हल्की धूल भरी हवा भी कहीं-कहीं चलने की संभावना है. 6 अप्रैल को मौसम लेगा यू-टर्न मौसम विभाग की माने तो, 6 अप्रैल से मौसम यू-टर्न लेगा और तेज आंधी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, 6 अप्रैल को बक्सर, भोजपुर, अरवल, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, पटना, बेगूसराय, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, गया और नवादा जिले में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में तेज बारिश, ठनका गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की भी संभावना जताई गई है. 6 अप्रैल के बाद तीन से चार दिनों तक बिहार में मौसम का मिजाज इसी तरह का बना हुआ रहेगा. पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसम? बिहार में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम आमतौर पर शुष्क बना रहा. सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस डेहरी (रोहतास), शेखपुरा और कैमूर (भभुआ) में दर्ज किया गया. राज्य का अधिकतम तापमान 30.3 से 38.4 डिग्री के बीच रहा. पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश जगहों पर अधिकतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सुखेत (मधुबनी) में दर्ज किया गया. राज्य का न्यूनतम तापमान 18.4 से 26.6 डिग्री के बीच रहा. साथ ही पिछले 24 घंटों में बिहार के अनेक जगहों के न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया. अप्रैल में ही गिर रहा भूजल स्तर बिहार में अचानक से बढ़ी गर्मी के कारण लगभग 21 जिलों के भूजल नीचे जाने लगा है. अप्रैल महीने की शुरूआत में ही राज्य में 126 ऐसी पंचायतें हैं, जहां दो से पांच फुट तक गिरावट दर्ज की गई है. पीएचईडी से मिली जानकारी के मुताबिक पटना, बिहारशरीफ, गया, नवादा, औरंगाबाद, अरवल, भभुआ, जमुई, भागलपुर पूर्व और पश्चिम, बांका, सीतामढ़ी, दरभंगा, भोजपुर, गोपालगंज, मधुबनी, सहरसा, जहानाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, खगड़िया, समस्तीपुर में भूजल में गिरावट मार्च से ही शुरू हो गई है. विभाग ने इन जिलों में निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. साथ ही 11 अप्रैल को पटना में भूजल को स्थिर रखने और भूजल में हो रही गिरावट को लेकर बैठक बुलाई गई है.

इंदौर के डायल-112 हीरोज रात्रि गश्त के दौरान घायल मिले व्यक्ति को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल  इंदौर जिले के थाना तेजाजी नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता एवं संवेदनशीलता से रात्रि गश्त के दौरान सड़क किनारे घायल अवस्था में मिले एक व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। दिनांक 04 अप्रैल को थाना तेजाजी नगर क्षेत्र अंतर्गत केलोद फाटा के पास रात्रि गश्त के दौरान डायल-112 एफआरव्ही स्टाफ को सड़क किनारे एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। उक्त जानकारी तत्काल राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को दी गई एवं आवश्यक सहायता हेतु कार्रवाई प्रारंभ की गई। मौके पर मौजूद डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री मोहन मालवीय, आरक्षक श्री आशीष पालीवाल एवं पायलट श्री मोहित जाट ने तत्परता दिखाते हुए घायल व्यक्ति को बिना विलंब किए एफआरव्ही वाहन की सहायता से एम.वाय. अस्पताल, इंदौर पहुँचाया। डायल-112 जवानों की सतर्क एवं मानवीय कार्यवाही से घायल व्यक्ति को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आमजन की सुरक्षा एवं आपात सहायता हेतु चौबीसों घंटे सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।  

वन मंत्री कश्यप सुदूर ग्राम केजंग में पहुंचे

रायपुर वन मंत्री  केदार कश्यप ने आज कोंडागांव के सुदूर अंचल स्थित ग्राम केजंग पहुंचे और क्षेत्रवासियों को लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपए के 11 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न ग्राम पंचायतों में सड़क, भवन एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं सड़कों, पुलों, जल संरक्षण के कार्य और सामुदायिक भवनों का निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल में आवागमन को आसान बनाना, कृषि को मजबूती देना और ग्रामीण जीवनस्तर में सुधार लाना है।       कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वन मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एवं मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की सरकार आम नागरिकों के हित में क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पूर्व में माओवाद से प्रभावित रहा है, किन्तु  पूरा छत्तीसगढ़ माओवाद के प्रभाव से मुक्त हो गया है और अब बस्तर संभाग भयमुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ेगा और अधिक समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से ग्रामीणों को आवागमन, शिक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार मिलेगा।         विकास कार्याे के  लिए भूमिपूजन किए गए कार्यों में ग्राम पंचायत कुधूर में 1 किमी मुरमीकरण कार्य (मांझानार से साहूपारा प्रतीक घर तक) लागत 19 लाख रुपए, तरईपारा से पंडेला घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत कोरमेल के पटेलपारा में सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत जोडेंगा में सांस्कृतिक भवन से कमलू घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पदनार में प्राथमिक शाला भवन से समलू घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत पुसपाल में नीचेपारा में कुलधर घर से सुधीर यादव घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मड़ागांव में सांस्कृतिक भवन से पीलाराम घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं। ग्राम पंचायत केजंग में घोटुल गुड़ी के पास शेड निर्माण लागत 6 लाख रुपए, ग्राम पंचायत मडानार में स्कूल मुख्य द्वार से पेदेबाई घर तक सीसी सड़क निर्माण लागत 9.60 लाख रुपए एवं प्राथमिक शाला में शौचालय निर्माण लागत 5 लाख रुपए तथा ग्राम पंचायत बेतबेड़ा में मुख्य मार्ग से ढोलमांदरी सन्नू घर तक मार्ग मुरमीकरण 15.00 लाख रुपए के कार्य शामिल हैं।       कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष मती अनीता कोर्राम, उपाध्यक्ष  टोमेन्द्र ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीता शोरी, कोण्डागांव एसडीएम  अजय उरांव, तहसीलदार  मनोज रावटे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। ईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट में इजरायली जहाज पर हमला किया है। ड्रोन से हुए इस हमले के बाद जहाज पर आग लग गई। ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड नेवी के एक कमांडर ने हमले की बात कही है। हालांकि, अभी तक इजरायल की ओर से कोई जवाब नहीं आया है। ईरानी हमले से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। 'सेपाह न्यूज' वेबसाइट पर गार्ड्स ने बताया कि उन्होंने बहरीन के खलीफा बिन सलमान बंदरगाह पर एक कमर्शियल जहाज, 'MSC Ishyka' को निशाना बनाया। यह जहाज इजरायली शासन के मालिकाना हक वाला था और उस पर किसी तीसरे देश का झंडा लगा हुआ था।" गार्ड्स की नौसेना ने इससे पहले एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा था कि जहाज पर हमला होर्मुज स्ट्रेट में किया गया था। उन्होंने कहा, "होर्मुज में जायोनी शासन से जुड़े जहाज पर एक ड्रोन से हमला किया गया, जिससे जहाज में आग लग गई।" 'MarineTraffic' वेबसाइट के अनुसार, लाइबेरिया का झंडा लगा यह जहाज शुक्रवार रात तक भी बहरीन के बंदरगाह पर ही खड़ा था। पिछले एक महीने से ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। 28 फरवरी को हालात तब बिगड़ गए जब इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर दिए, जिसमें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। इससे ईरान भड़क गया और इजरायल व खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर धावा बोल दिया। इस युद्ध में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। यहां तक कि ईरान अमेरिका का फाइटर जेट तक गिरा चुका है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को भी बंद कर दिया, जिससे दुनियाभर में तेल संकट पैदा हो गया। हालांकि, अब उसने भारत समेत मित्र देशों के लिए होर्मुज खोल दिया है, लेकिन उसके निशाने पर अमेरिका, इजरायल जैसे 'दुश्मन' देश बने हुए हैं। भारत के जहाज होर्मुज से लगातार गुजर रहे इस बीच, भारत सरकार ने शनिवार को बताया कि एलपीजी ले जा रहा भारत के झंडे वाला एक टैंकर होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर गया है। भारत दुनिया में लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है। पिछले तीन हफ्तों में भारत के झंडे वाले कई जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता दिलाने में नई दिल्ली को कामयाबी मिली है। जहाजरानी मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि एलपीजी ले जाने वाला जहाज 'ग्रीन सांव्वी' इस संकरे रास्ते से गुजर गया है। एक बयान में कहा गया, "ग्रीन सांव्वी 46,650 मीट्रिक टन LPG कार्गो और जहाज़ पर सवार 25 नाविकों के साथ होर्मुज से सुरक्षित रूप से गुजर गया है।'' हालांकि इसमें जहाज की अंतिम मंजिल के बारे में और कोई जानकारी नहीं दी गई।  

सोजत मेहंदी इंडस्ट्री पर संकट के बादल, एक्सपोर्ट रुकने से 80 फीसदी फैक्ट्रियों में जड़े ताले

पाली मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध हालात का असर अब राजस्थान के पाली जिले के सोजत की विश्वप्रसिद्ध महेंदी इंडस्ट्री पर साफ नजर आने लगा है। बीते 30 दिनों में यहां के कारोबार को जबरदस्त झटका लगा है। एक्सपोर्ट पर लगभग ब्रेक लग गया है, जिससे अब तक करीब 250 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। हालात ऐसे हैं कि फैक्ट्रियों में मशीनें खामोश हैं और हजारों मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। एक्सपोर्ट ठप, 90% कारोबार प्रभावित सोजत की महेंदी दुनियाभर में अपनी गुणवत्ता के लिए जानी जाती है, लेकिन मौजूदा हालात में यूरोप और इजरायल को जाने वाला माल पूरी तरह होल्ड पर है। नए ऑर्डर मिलना भी लगभग बंद हो गया है। इसका सीधा असर एक्सपोर्ट यूनिट्स पर पड़ा है, जहां करीब 90 फीसदी काम ठप हो चुका है। वर्तमान में महज 10 फीसदी उत्पादन ही जारी है, वह भी पुराने ऑर्डर पूरे करने के लिए। 4000 करोड़ का कारोबार सिमटा कोरोना काल के बाद से ही उतार-चढ़ाव झेल रही सोजत की महेंदी इंडस्ट्री अब सबसे बड़े संकट के दौर में पहुंच गई है। अच्छे समय में इस उद्योग का सालाना टर्नओवर 4000 करोड़ रुपए से अधिक था, लेकिन अब इसमें 80 से 90 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। सोजत में करीब 100 से ज्यादा छोटी-बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जहां 5 हजार से अधिक श्रमिक काम करते थे। इनमें से 80 फीसदी मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार और कोटपूतली जैसे इलाकों से आते हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय हैं। फैक्ट्रियों में ताले, मजदूरों पर मार हालात बिगड़ने के बाद करीब 80 फीसदी मशीनें बंद पड़ी हैं। लगभग 2500 मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। कई मजदूर अपने गांव लौट चुके हैं, जबकि जो बचे हैं, वे भी अनिश्चितता के माहौल में काम कर रहे हैं। 20 साल से मजदूरी कर रहे श्रमिकों का कहना है कि ऐसा संकट उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। माल अटका, लागत दोगुनी व्यापारियों के अनुसार, सोजत से महेंदी का बड़ा हिस्सा हवाई और समुद्री मार्ग से मिडिल ईस्ट भेजा जाता है, लेकिन वर्तमान में 80 फीसदी माल होल्ड पर है। करीब 30 फीसदी माल मुंबई के शिपिंग कार्गो और दिल्ली के एयर कार्गो में अटका हुआ है। लाल सागर के रास्ते शिपिंग बाधित होने के कारण अब माल लंबा रूट लेकर भेजना पड़ रहा है, जिससे भाड़ा लगभग दोगुना हो गया है। एलपीजी और केमिकल संकट ने बढ़ाई मुश्किलें महेंदी व्यवसायी नितेश अग्रवाल के अनुसार, युद्ध के चलते एलपीजी की कमी ने भी उत्पादन पर असर डाला है। कई फैक्ट्रियां जो एलपीजी पर निर्भर हैं, वे बंद हो चुकी हैं। वहीं मिडिल ईस्ट और यूरोप से आने वाले जरूरी केमिकल्स की सप्लाई भी बाधित हो गई है। शिपिंग लागत बढ़ने से लागत और मुनाफे का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया है। व्यापारियों की चिंता: लंबा चला युद्ध तो भारी नुकसान महेंदी कारोबारी विनोद लोढ़ा जैन का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट में हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो यह संकट और गहरा सकता है। लंबे समय तक ऑर्डर होल्ड रहने और नए ऑर्डर नहीं मिलने से उद्योग पूरी तरह चरमरा सकता है। आर्थिक और सामाजिक असर गहराया सोजत की महेंदी इंडस्ट्री सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का आधार है। मौजूदा संकट ने न केवल उद्योग बल्कि सामाजिक ढांचे को भी प्रभावित किया है। मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी इसका असर साफ दिखने लगा है। नजरें अब हालात सुधार पर फिलहाल सोजत के व्यापारियों और मजदूरों की नजरें मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हैं। अगर जल्द शांति बहाल नहीं हुई, तो यह नुकसान और बढ़ सकता है, जिससे राजस्थान की इस पहचान को गहरा झटका लगने की आशंका है।

पंजाब में 8 और 14 अप्रैल को सरकारी छुट्टी, स्कूल-कॉलेज और दफ्तर रहेंगे बंद

चंडीगढ़  पंजाब में इस अप्रैल महीने में बच्चों और सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने 8 अप्रैल, बुधवार को सरकारी छुट्टी घोषित की है। इस दिन पूरे पंजाब के स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। 14 अप्रैल मंगलवार को भी रहेगी छुट्टी जानकारी के अनुसार, 8 अप्रैल को श्री नाभा दास जी का जन्म दिवस मनाया जाएगा, जिसके चलते पूरे राज्य में सरकारी अवकाश रहेगा। इसे गज़टेड छुट्टियों की सूची में आधिकारिक रूप से शामिल किया गया है। इसके अलावा, 14 अप्रैल, मंगलवार को भी पंजाब में गज़टेड छुट्टी रहेगी। इस दिन राज्य में बैसाखी का त्यौहार और डा. बी. आर. अंबेडकर का जन्मदिन मनाया जाएगा। इस अवसर पर भी पूरे राज्य के स्कूल, कॉलेज और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। वहीं सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इन छुट्टियों से न सिर्फ विद्यार्थियों को आराम मिलेगा, बल्कि कर्मचारियों को भी अपने पारिवारिक और धार्मिक कार्यक्रमों को मनाने का मौका मिलेगा। इस प्रकार पंजाब में अप्रैल महीने में दो महत्वपूर्ण छुट्टियां होने से राज्य में स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियां प्रभावित रहेंगी, जबकि लोगों को त्योहार और विशेष अवसरों को मनाने का अवसर मिलेगा। 

राज्यपाल ने जननायक टंट्या भील के स्मारक पर अर्पित किए श्रद्धासुमन

भोपाल  राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है  कि देश की आजादी के आंदोलन में भगवान बिरसा मुंडा, टंट्या भील, भीमा नायक, शंकर शाह, रघुनाथ शाह जैसे  जनजातीय जननायकों का योगदान अभूतपूर्व और  अभिनंदनीय है राज्यपाल  पटेल खंडवा जिले के ग्राम बड़ौदा अहीर में जननायक टंट्या भील के स्मारक पर जननायक टंट्या भील के जन्म दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को शनिवार को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में जननायक टंट्या भील की वंशज मती सोनीबाई और  मांगीलाल का शॉल-फल प्रदान कर सम्मान किया। आयुष्मान, सिकल सेल कार्ड, रक्त मित्रों, सिकल सेल मित्र को प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र प्रदान किए। प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र, कामधेनु योजना के  हितग्राही को 35 लाख 70 हज़ार रुपये की राशि का चेक वितरित किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जन मन योजना, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाऐं समाज के सबसे गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” आदिवासी बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है।  राज्यपाल  पटेल ने कहा कि सभी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर प्रयास करना चाहिए कि सरकार की योजनाएं दूरस्थ, अंतिम छोर के गांवों के सबसे गरीब व्यक्ति तक पहुंचे। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने  जननायक टंट्या भील स्मारक स्थल पर हर वर्ष 4 से 6 अप्रैल तक तीन दिवसीय मेले का संस्कृति और जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संयुक्त आयोजन करने  और कार्यक्रम स्थल पर शेड निर्माण हेतु 50 लाख रूपए स्वीकृत करने की घोषणा की। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि आदिवासी लोक संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी जन योद्धाओं के योगदान विषय पर पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को जनजाति कार्य विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।  खण्डवा जिले के प्रभारी एवं पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेंन्द्रभाव सिंह लोधी ने कहा कि जननायक टंट्या भील को इतिहास में “इंडियन रोबिनहुड” के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने कहा कि  देश की आजादी की लड़ाई में सर्वस्व न्यौछावर करने और  गरीबों की मदद तथा उनकी बेटियों की शादी मे मदद  करने के कार्यों से लोग “टंट्या मामा” कहा करते थे।   स्थानीय सांसद  ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी की केंद्र ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राज्य सरकारें जनजातीय कल्याण के लिए बहुत कार्य कर रही है। उन्होंने राज्यपाल के सिकल सेल उन्मूलन कार्यो की सराहना की। खरगोन-बड़वानी सांसद  गजेंद्र सिंह पटेल और विधायक मती छाया मोरे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। विद्यार्थियों के साथ सहभोज और संवाद किया  राज्यपाल  पटेल ने खंडवा के बड़ौदा अहीर में विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ सहभोज और संवाद किया। उन्हें लेखन सामग्री प्रदान कर उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों के इंजीनियर, डॉक्टर इत्यादि की वेशभूषा में विद्यालय की दीवार पर लगे चित्रों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्हें बताया गया कि विद्यार्थियों की भावी जीवन की आकांक्षाओं के लिए प्रेरित करने के भाव से एआई के द्वारा चित्र तैयार कराए गए हैं। उद्देश्य चित्रों के प्रतिदिन अवलोकन से विद्यार्थियों नई प्रेरणा और ऊर्जा प्रदान करना है। राज्यपाल ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना की है।  

निःशुल्क प्रशिक्षण से मिली गौरवपूर्ण सफलता

भोपाल पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा एवं उप पुलिस महानिरीक्षक डॉ विनीत कपूर के मार्गदर्शन में प्रदेश के प्रत्येक जिले एवं बटालियन में संचालित दिशा लर्निंग सेंटर के माध्यम से दी जा रही निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण फिजिकल ट्रेनिंग जिले के युवाओं को निरंतर सफलता की ओर अग्रसर कर रही है। यह पहल न केवल युवाओं के आत्मविश्वास को सशक्त कर रही है, बल्कि उन्हें राष्ट्र सेवा के लिए भी प्रेरित कर रही है। इसी राज्य स्तरीय “दिशा लर्निंग सेंटर” कार्यक्रम के अंतर्गत  छिंदवाड़ा पुलिस द्वारा युवाओं को दी जा रही निःशुल्क फिजिकल ट्रेनिंग का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। पुलिस लाइन छिंदवाड़ा में संचालित इस केंद्र के माध्यम से अभ्यर्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सुरक्षा बलों में चयन प्राप्त कर जिले का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के अंतर्गत कुल 17 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है, जिनमें 11 अभ्यर्थी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) में तथा 6 अभ्यर्थी SSC GD के माध्यम से बीएसएफ, सीआईएसएफ एवं सीआरपीएफ में चयनित हुए हैं। चयनित अभ्यर्थियों में लोकेश सरियाम, ऋतिक सोनी, सत्येंद्र बालवंशी, अंकित धुर्वे, सुकामिनी परतेती एवं सुसाधना पहाड़े ने SSC GD के तहत विभिन्न अर्धसैनिक बलों में सफलता प्राप्त की है, जबकि मनोज वानखेड़े, दिलीप साहू, अभिषेक सोलंकी, अभिषेक सूर्यवंशी, कुलदीप कुमार, राहुल रघुवंशी, कैलाश वनेश्वर, रंजीत साहू, राम घोटे, निकेत साहू एवं सुभावना फकारे का चयन RPF कॉन्स्टेबल के रूप में हुआ है। यह सफलता छिंदवाड़ा पुलिस के सतत प्रयासों, समर्पण एवं प्रभावी मार्गदर्शन का परिणाम है।  छिंदवाड़ा अजय पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन में रक्षित निरीक्षक आशीष तिवारी एवं आरक्षक विजय इनवाती द्वारा अपने नियमित दायित्वों के साथ-साथ विशेष मेहनत एवं प्रतिबद्धता के साथ अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे यह उपलब्धि संभव हो सकी।  उल्लेखनीय है कि “दिशा लर्निंग सेंटर”  केवल फिजिकल ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस परिवार के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु एक समग्र मंच प्रदान करता है। इस केंद्र में  SSC, व्यापम एवं पुलिस भर्ती से संबंधित 500 से अधिक पुस्तकें, पत्रिकाएं एवं समाचार पत्र उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क वाई-फाई, कंप्यूटर एवं इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है, जिससे वे ऑनलाइन अध्ययन एवं शोध कार्य कर सकें। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा समय-समय पर करियर काउंसलिंग एवं मोटिवेशनल सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया जाता है।  

ग्लोबल संकट में भारत आगे: होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज, चीन अब भी जूझ रहा

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ईरान युद्ध के बीच 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से कम से कम आठ भारतीय जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। सात पहले निकल चुके थे और शनिवार को ग्रीन सान्वी नाम के एक और जहाज के होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर निकलने की सूचना है। विभिन्न एजेंसियों के मुताबिक, होर्मुज में अभी कई देशों के तीन सौ के करीब जहाज (ज्यादातर पेट्रोलियम ढुलाई वाले) फंसे हैं। सबसे ज्यादा जहाज चीन (तकरीबन 60-70) के हैं। लेकिन ईरान की मदद से सबसे ज्यादा भारतीय जहाज ही होर्मुज से बाहर निकल पाए हैं। होर्मुज से निकले भारतीय जहाज पश्चिम एशिया विवाद शुरू होने के बाद से एलपीजी संकट के मुहाने पर खड़े भारत के लिए इन जहाजों का आना किसी वरदान से कम नहीं है। इनकी वजह से एलपीजी आपूर्ति को सुधारने में मदद मिली है, खास तौर पर वाणिज्यिक क्षेत्र को ज्यादा एलपीजी की आपूर्ति संभव हुई है। हालांकि एलपीजी आपूर्ति की स्थिति सामान्य से काफी दूर है। ईरान युद्ध के बीच भारत की ताकत सरकार की तरफ से पिछले दस दिनों में शिवालिक, नंदा देवीस पाइन गैस, जग वसंत,बीडब्लू टायर, बीडब्लू एल्म, जग लाडकी और अब ग्रीन सान्वी के होर्मुज से निकलने की सूचना दी गई है। इसमें जग लाडकी के अलावा अन्य सात एलपीजी से भरे हुए थे। शिवालिक व नंदा देवी में कुल 92,712 टन एलपीजी था। पाइन गैस व जग वसंत में में 92,612 टन और टायर व एल्म से कुल 94,000 टन एलपीजी की आपूर्ति हुई। जग लाडकी में 80,886 टन क्रूड ऑयल भी मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। ये सप्लाई मुंद्रा, कांडला, मुंबई और न्यू मंगलौर जैसे बंदरगाहों पर पहुंची। कुल मिलाकर इन जहाजों से भारत को लगभग 2.79 लाख टन से ज्याादा एलपीजी मिला, जो देश की दैनिक खपत (लगभग 1 लाख टन) के हिसाब से 2-3 दिन की पूरी जरूरत को पूरा करने जितना है। अभी देश की रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ा दिया है, उसे देखते हुए होर्मुज से आने वाले एलपीजी टैंकरों की भूमिका घरेलू आपूर्ति को बेहतर बनाने में ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। होर्मुज से धीरे-धीरे और 14 और भारतीय जहाजों के भी जल्दी निकलने की उम्मीद बढ़ गई है। सरकारी आंकड़ों पिछले महीने की शुरूआत में उस इलाके में भारत के कुल 24 जहाज वहां थे। चीन-पाकिस्तान कर रहे मशक्कत इसके साथ ही संकेत यह है कि अब ओमानी रूट (ओमान तट के साथ) को अपनाने की संभावना बढ़ रही है, जिससे होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे अन्य जहाजों को निकालना भी आसान हो जाएगा। हाल ही में तीन ओमानी टैंकर इसी रूट से गुजरे, जो भविष्य में फ्लो को और आसान बना सकता है। दूसरी ओर चीन की सरकार ने 31 मार्च को बताया है कि उसके अभी तक सिर्फ तीन कंटेनर ही होर्मुज से बाहर निकले हैं। पाकिस्तान ने दावा किया है कि ईरान ने उसके 20 जहाजों को पास करने की अनुमति दी है, लेकिन यह दावा पूरी तरह सत्यापित नहीं हुआ है। अभी तक होर्मुज से दो पाकिस्तानी जहाज कराची पहुंच पाए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह खबर प्रकाशित हुई है कि पाकिस्तान निजी तेल-गैस जहाजों पर अपना झंडा लगाकर अमेरिका को खुश करने की कोशिश कर रहा है।

MP में राज्यसभा चुनाव का गणित बदलेगा, भाजपा तीसरे प्रत्याशी को उतारने की तैयारी में, कांग्रेस की सीट पर नजर

भोपाल  मध्य प्रदेश में तीन राज्यसभा सीटों के लिए मई से जून के बीच चुनाव होने की संभावना है. अप्रैल में बीजेपी के 2 और कांग्रेस के एक राज्यसभा सांसद का कार्यकाल खत्म हो रहा है. जिसके लिए चुनाव होगा. मध्य प्रदेश में सत्ताधारी बीजेपी को विधायकों की संख्या बल के हिसाब से 2 सीटें जीतने में कोई परेशानी नहीं होगी. लेकिन कांग्रेस को अपनी सीट बचाने में अब मशक्कत करनी पड़ सकती है. क्योंकि कांग्रेस के 3 विधायकों का मामला पूरी तरह से फंस चुका है. जिसमें विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे. वहीं दतिया से विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त हो चुकी है. जबकि बीना विधायक निर्मला सप्रे को लेकर अब तक असमंजस की स्थिति बनी हुई है. . एमपी में क्रॉस वोटिंग की चर्चा  मध्य प्रदेश में भले ही अभी राज्यसभा चुनाव में 2 महीने का समय है. लेकिन जिस हिसाब से परिस्थितियां बदल रही हैं. उससे राज्यसभा का मामला फंसता दिख रहा है. तीसरी सीट पर मुकाबला रोचक होने की पूरी संभावना है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के एक विधायक आयोग्य साबित हो गए हैं. जबकि एक विधायक को वोट करने का अधिकार नहीं होगा और तीसरे विधायक अपनी स्थिति क्लीयर नहीं कर रही हैं. ऐसे में अगर कांग्रेस के कुछ और विधायक कम होते हैं तो फिर तीसरी सीट पर मुकाबला फंस जाएगा. क्योंकि भाजपा तीसरा उम्मीदवार उतारने की तैयारियों में जुट गई हैं।  जानिए राज्यसभा चुनाव का सरल गणित  राज्यसभा चुनाव के लिए पहले मध्य प्रदेश का सियासी गणित जानना जरूरी है. मध्य प्रदेश में कुल 230 विधायक हैं. लेकिन कांग्रेस के एक विधायक को वोट देने का अधिकार नहीं है. जबकि एक विधायक की सदस्यता समाप्त हो गई है. इस हिसाब से प्रदेश में मौजूदा विधायकों की संख्या 228 है. भाजपा के पास फिलहाल 164 विधायक हैं.कांग्रेस के पास कुल 65 विधायक है. लेकिन इनमें 1 के पास वोटिंग का अधिकार नहीं है. जबकि एक की सदस्यता चली गई है. जबकि बीना से कांग्रेस की निर्मला सप्रे का वोट भी बीजेपी के पक्ष में जाने की स्थिति दिख रही है. इस हिसाब से बीजेपी विधायकों की संख्या 165 तक जाती है. वहीं एक विधायक भारतीय आदिवासी पार्टी से है. जो खुद अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारने का दावा कर रहे हैं. इससे राज्यसभा चुनाव का गणित पूरी तरह उलझ रहा है।  क्रॉस वोटिंग या मतदान से दूर रखने की रणनीति बीजेपी सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। इस गणित के हिसाब से कांग्रेस के पास अभी भी विधायक ज्यादा हैं। ऐसे में बीजेपी को सीट हासिल करने के लिए कांग्रेस विधायकों की संख्या 58 से कम करनी होगी। इस स्थिति को देखते हुए बीजेपी कांग्रेस के चार से पांच विधायकों से क्रॉस वोटिंग करा सकती है। इसके अलावा इन विधायकों को सदन में अनुपस्थित रखकर भी सीट अपने पक्ष में करने की कोशिश कर सकती है। खास बात यह है कि बीजेपी के प्रदेश स्तर के शीर्ष रणनीतिकारों के बीच भी इस मुद्दे पर चर्चा चल रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में बीजेपी कांग्रेस में और तोड़फोड़ कर विधायकों को अलग करने का प्रयास कर सकती है। एक सीट जीतने चाहिए 58 वोट  राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट की जरुरत है. भाजपा अपने 116 विधायकों के साथ 2 सीटें आसानी से जीतेगी और उसके पास 49 वोट बचेंगे. यानि भाजपा अगर तीसरा उम्मीदवार उतारेगी तो उसके पास 49 वोट सेफ हैं. कांग्रेस के पास फिलहाल 62 विधायक हैं. फिलहाल पार्टी के पास 4 विधायक ज्यादा है. लेकिन अगर कांग्रेस के 7 विधायक क्रॉस वोटिंग या फिर वोटिंग में हिस्सा नहीं लेते तो फिर कांग्रेस जीत के फिगर से नीचे आ जाएगी. इस हिसाब से कांग्रेस का खेल बिगड़ सकता है. यही वजह है कि राज्यसभा चुनाव में मुकाबला बदल रहा है.  बीजेपी इस नेता को बना सकती है उम्मीदवार राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि बीजेपी राज्यसभा चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के रूप में किसी ब्राह्मण चेहरे को उतार सकती है. जिसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले सुरेश पचौरी का नाम चर्चा में आया है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि वह निर्दलीय मैदान में उतर सकते हैं, जहां भाजपा उन्हें अपना समर्थन दे सकती है. पचौरी लंबे समय तक कांग्रेस में रहे हैं. जिससे अगर कांग्रेस के कुछ विधायक उनके पक्ष में वोटिंग करते हैं तो वह मामला बन सकता है. वहीं कांग्रेस भी अपनी सीट को लेकर अब पूरी तरह एक्टिव है. कांग्रेस ने सभी विधायकों को एकजुट रखने पर जोर दिया है. जबकि पार्टी किसी ओबीसी नेता को मैदान में उतारने की तैयारी में है. जिसमें पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल और अरुण यादव का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है. ताकि विधायकों को एकजुट रखा जा सके और राज्यसभा की सीट को जीता जा सके।  एक सीट के लिए 58 वोट जरूरी राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में कांग्रेस के पास संख्या तो है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग उसकी मुश्किलें बढ़ा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के 4-5 विधायक भाजपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। भाजपा तीसरी सीट पर खेल सकती है दांव इसी स्थिति का फायदा उठाते हुए भाजपा तीसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की रणनीति बना रही है। पार्टी के पास 164 विधायक हैं, जिनसे दो सीटें जीतने के बाद भी करीब 48 वोट बचते हैं।  

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को मिलेगी बड़ी मदद, 5 चरणों में मिलेंगे 2 लाख रुपये

पटना बिहार में अप्रैल महीने के अंत तक जीविका दीदियों के खाते में 20-20 हजार रुपए ट्रांसफर किए जा सकते हैं. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अब महिलाओं को दूसरी किस्त देने की तैयारी की गई है. अब तक लगभग 19 लाख जीविका दीदियों ने आवेदन किया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को इंडिपेंडेंट बनाने की पहल बिहार सरकार की ओर से की गई. पहले जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए सहायता राशि दी गई. अब उन्हें 20-20 हजार रुपए दिए जाने की तैयारी की जा रही है. यह दूसरी किस्त के रूप में जीविका दीदियों को दी जायेगी. अप्रैल के अंत तक मिल सकती है राशि संभावना जताई जा रही है कि अप्रैल महीने के अंत तक ही जीविका दीदियों के खाते में यह अमाउंट ट्रांसफर कर दिया जा सकता है. जीविका दीदियों की ओर से विकसित किए गए ऐप के जरिए ही चयन प्रक्रिया शुरू की गई है. जानकारी के मुताबिक, अब तक जिन महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू किया है, उन्हें प्रायोरिटी लिस्ट में प्रीफरेंस देने का प्रावधान किया गया है. सिर्फ इन जीविका दीदियों को मिलेंगे 20-20 हजार पहली किस्त के रूप में 10-10 हजार रुपए दिए जाने के बाद कितनी महिलाओं ने अपना रोजगार शुरू किया, इसकी पहले मैपिंग की जाएगी. इसी दौरान महिलाओं को चिह्नित किया जाएगा और उन जीविका दीदियों को 20-20 हजार रुपए दिए जायेंगे. इसमें खुद के 5 हजार रुपए और लगाकर जीविका दीदियां रोजगार को बढ़ा सकतीं हैं. अब तक इस योजना के तहत लगभग 1.81 करोड़ महिलाओं को दस-दस हजार रुपए दिए गए हैं. 5 फेज में कितनी-कितनी राशि होंगे ट्रांसफर जानकारी के मुताबिक, जीविका दीदियों को 5 फेज में 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. दूसरी में किस्त में 20 हजार, तीसरी में 40 हजार, चौथी में 80 हजार और पांचवीं में 60 हजार रुपए की राशि दी जाएगी. इसके साथ ही हर फेज में जीविका दीदियों को दी गई राशि कहां-कहां खर्च की गई, इसके बारे में जानकारी देनी पड़ेगी. सत्यापन होने के बाद ही अगले फेज की राशि उन्हें दी जाएगी.