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PM बोले—भारतीयों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, पश्चिम एशिया तनाव पर कांग्रेस पर हमला

केरल केरल में चुनावी बिगुल बज चुका है और इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को सूबे के तिरुवल्ला में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विपक्षी दल कांग्रेस, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पर जमकर प्रहार किए। पीएम ने कांग्रेस पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सिर्फ चुनावी फायदे और मुझे गाली देने के लिए एक करोड़ प्रवासियों की जिंदगी दांव पर लगाने को तैयार है। 'कांग्रेस चाहती है कि खाड़ी देश भारत को अपना दुश्मन समझें' प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मंशा बेहद खतरनाक है। वे चाहते हैं कि पश्चिम एशिया के देश भारत को अपना दुश्मन समझ लें। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि हम यहां कोई ऐसी गलती कर दें या कोई ऐसा बयान दे दें, जिससे खाड़ी देशों में रह रहे हमारे भारतीय भाई-बहनों पर बड़ी मुसीबत आ जाए। पीएम मोदी ने सीधे तौर पर कहा कि कांग्रेस जानबूझकर खाड़ी देशों को नाराज करने वाले बयान दे रही है, जिससे देश में डर का माहौल बने और उन्हें केंद्र सरकार को कोसने का मौका मिल सके। प्रधानमंत्री ने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि मैं कांग्रेस और एलडीएफ-यूडीएफ के लोगों से साफ कह देना चाहता हूं कि राजनीति अपनी जगह है और चुनाव आते-जाते रहेंगे। मेरे लिए केरल के जो लाखों लोग वहां काम कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और मैं इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। 'सबरीमाला में हुए पाप का कांग्रेस और लेफ्ट से कनेक्शन' प्रधानमंत्री ने केरल की संस्कृति पर हो रहे हमलों को लेकर भी विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि लेफ्ट और कांग्रेस के भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण का सीधा निशाना केरल की महान संस्कृति और आस्था पर है। उन्होंने कहा कि पहले इन लोगों ने सबरीमाला तीर्थ को बदनाम करने की साजिश रची और अब यह इनकी लूट का अड्डा बन गया है। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सबरीमाला में जो कुछ भी हुआ वह एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि यह चोरी एलडीएफ सरकार में हुई और इसके तार कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से जुड़े पाए गए हैं। यही वजह है कि एलडीएफ सरकार इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को नहीं सौंप रही है। झूठ बोलना कांग्रेस और वामपंथियों का स्वभाव: पीएम मोदी प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हर चीज में झूठ बोलना इनका स्वभाव बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब हम सीएए लेकर आए, तब इन्होंने खूब झूठ फैलाया। आज कानून लागू हो चुका है और देश का कोई नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने 'द केरल फाइल्स' और 'कश्मीर फाइल्स' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा कि सच सामने आते ही विपक्ष इसे झूठ का पुलिंदा बताने लगता है। आजकल ये लोग यूसीसी को लेकर भी ऐसा ही भ्रम फैला रहे हैं।  

वन टीम पर गाड़ी चढ़ाने का खामियाजा: तस्करों को 5 साल की सजा सुनाई

यमुना नगर. वन विभाग के कर्मचारियों को जान से मारने की नीयत से गाड़ी चढ़ाने के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। दो दोषी गांव खिल्लावाला निवासी कामिल और जट्टावाला निवासी दाऊद को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। षियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने इंडियन फारेस्ट एक्ट और वाइल्डलाइफ एक्ट के तहत भी दो अन्य दोषी गांव खिल्लावाला निवासी मुंशी और सद्दाम को एक वर्ष की सजा सुनाई है। फैसला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश दानिश गुप्ता की अदालत ने सुनाया। प्रतापनगर थाना पुलिस ने 26 अगस्त 2019 को वन क्षेत्राधिकारी कलेसर कुलदीप सिंह की शिकायत पर हत्या के प्रयास, इंडियन फारेस्ट एक्ट, वाइल्डलाइफ एक्ट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। शिकायत में बताया था कि कुछ दिन पहले आमवाला और ताजेवाला बीट से खैर की लकड़ी चोरी हुई थी। 25 अगस्त की रात सूचना मिली कि चोरी की लकड़ी सद्दाम और मुंशी के घर में छिपाई है और कलीम व दाऊद उसे बेचने के लिए ले जाने वाले हैं। आरोपितों को पकड़ने के लिए दो टीमें गठित कर नाकाबंदी की गई। नाकाबंदी के दौरान जब आरोपितों की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने वन विभाग की टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। गाड़ी खेत में फंस गई। गाड़ी से खैर की लकड़ी बरामद की थी। आरोपितों ने कई बार टक्कर मारकर सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया था।

ओडिशा से महाराष्ट्र सप्लाई की साजिश नाकाम, 1.5 करोड़ का गांजा पकड़ा गया

रायपुर. नशे के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महासमुंद पुलिस ने एक करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपए कीमत का 281.900 किलो ग्राम (02 क्विटल 81.900 किलोग्राम) गांजा जब्त किया है. मामले में महाराष्ट्र के पांच तस्करों को गिरफ्तार किया गया है. ओडिशा से गांजा लेकर आने की सूचना पर एन्टी नारकोटिक टास्क फोर्स एवं थाना सिंघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम एनएच 53 रेहटीखोल रोड पहुंच कर नाकाबंदी किए. कुछ समय बाद एक फार्चुनर (MH 12 WC 0090) एवं एक स्कार्पियो (MH 12 YH 0090) पहुंची. गाड़ी में रखी बोरियों के संबंध में गाड़ी में सवार लोगों ने गांजा रखे होने की जानकारी दी, और गांजा को जिला फुलवानी, ओडिशा से पुणे, महाराष्ट्र ले जाना बताए. पुलिस ने गाड़ी की जांच में 1,40,95,000 रुपए कीमत का 281.900 किलो ग्राम अवैध गांजा के साथ गांजा परिवहन में प्रयुक्त फार्चुनर MH 12 WC 0090 कीमती 40,00,000 रुपए और स्कार्पियो MH 12 YH 0090 कीमती 25,00,000 रुपए के साथ 4 मोबाइल मिलाकर कुल 2,06,45,000 रुपए का सामान जप्त किया. मामले में महाराष्ट्र निवासी आरोपी प्रशांत शंकर गोले पिता शंकर गोले (38 साल), क्षितिज वीरसेन जाधव पिता वीरसेन जाधव (21 साल), अक्षय नंदकुमार निगम पिता नंदकुमार निगम (27 साल), अभिषेक डेविड जगले पिता डेविड जगले (26 साल) और महेश काटकर पिता धोनडिराम काटकर (39 साल) को गिरफ्तार कुल जुमला 2,06,45,000 रुपए जब्त की. 

छोटू सिंह रावणा को धमकी मामले से समाज में आक्रोश, 5 अप्रैल को महापंचायत में तय होगी रणनीति

जयपुर राजस्थान में रावणा राजपूत समाज एक बार फिर संगठित शक्ति का प्रदर्शन करने जा रहा है। 5 अप्रैल को पुष्कर में आयोजित होने वाली महापंचायत में समाज कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेगा, जिसमें भजन गायक छोटू सिंह रावणा और शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के बीच चल रहा विवाद प्रमुख रूप से शामिल है। छोटू सिंह रावणा को फोन पर दी गई धमकियां रावणा राजपूत समाज के प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह सोडाला ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज के सम्मान से जुड़ा विषय बन चुका है। उन्होंने बताया कि छोटू सिंह रावणा ने उन्हें फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी और आरोप लगाया कि उन्हें तीन बार फोन पर धमकियां दी गईं। अपमानजनक व्यवहार ने स्थिति को बिगाड़ा रणजीत सिंह सोडाला के अनुसार, अगर संवाद सम्मानजनक तरीके से होता तो विवाद सुलझ सकता था, लेकिन लगातार अपमानजनक व्यवहार और दबाव ने स्थिति को बिगाड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूरा समाज छोटू सिंह रावणा के साथ खड़ा है और इस मामले को महापंचायत में प्रमुखता से उठाया जाएगा। 'रावणा समाज के साथ किया जा रहा भेदभावपूर्ण' सोडाला ने यह भी आरोप लगाया कि रावणा राजपूत समाज के साथ आज भी भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज़ादी के 80 वर्ष बाद भी समाज को बराबरी और सम्मान नहीं मिला है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में इस समाज की संख्या 60 लाख से अधिक है और लगभग 60 विधानसभा सीटों पर इसका सीधा प्रभाव है, इसके बावजूद राजनीतिक दलों ने समाज को केवल 'उपयोग' तक सीमित रखा है। उन्होंने सीकर क्षेत्र की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति के साथ सामाजिक बहिष्कार की बात सामने आई है, जो बेहद चिंताजनक है। इस तरह की घटनाएं समाज में आक्रोश बढ़ा रही हैं।   बड़ा कदम उठा सकता है समाज महापंचायत को लेकर सोडाला ने स्पष्ट किया कि इसमें केवल विवादित मुद्दा ही नहीं, बल्कि समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, सामाजिक सम्मान और भविष्य की रणनीति पर भी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उपेक्षा और अपमान का सिलसिला जारी रहा, तो रावणा राजपूत समाज राजनीतिक रूप से भी बड़ा कदम उठा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज एकजुट है और एक आवाज पर निर्णय लेने की क्षमता रखता है। ऐसे में महापंचायत का फैसला आगामी राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।  

दोपहर बाद बदला मिजाज: ग्वालियर में ओलावृष्टि का कहर, बाइक-कारों के शीशे चकनाचूर

ग्वालियर ग्वालियर में शनिवार का सूरज तीखे तेवर लेकर निकला था, लेकिन दोपहर होते-होते कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया. अचानक आए घने बादलों के बाद ऐसी भयानक ओलावृष्टि हुई कि शहर के पॉश इलाके सिटी सेंटर की सड़कें सफेद चादर से ढक गईं. यह नजारा देखने में जितना सुंदर था, शहर के लिए उतना ही नुकसानदेह साबित हुआ. ओलों का आकार इतना बड़ा था कि ग्वालियर की शान महाराजा बाड़ा स्थित म्यूजियम के ऊपर लगी ऐतिहासिक घड़ी ओलों की चोट से टूट गई है. शहर के एक निजी अस्पताल की बाउंड्री वॉल गिरने से उसके नीचे खड़ी कई कारें दब गईं. यही नहीं, ओलों के सीधे प्रहार से सड़कों के किनारे और पार्किंग में खड़े बाइक और कारों के शीशे तक चकनाचूर हो गए. पद्मा स्कूल में बाइक के कांच फूटे हालात कुछ ऐसे हो गए कि शहर के मुरार, आनंद नगर, बहोड़ापुर, विनय नगर समेत सिटी सेंटर इलाकों में इतनी अधिक ओलावृष्टि हुई कि वहां सफेद चादर पसर गई. कश्मीर जैसा मंजर दिखाई देने लगा. पद्मा राजे कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल का दृश्य देखें:-  किसानों पर मार एक तरफ शहरवासियों को गर्मी से राहत मिली, तो दूसरी तरफ अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी हो गईं. खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार खड़ी थी, जिसे इस ओलावृष्टि ने जमीन पर बिछा दिया है. फसल खराब होने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है. देखें VIDEO:-  सटीक निकली IMD की चेतावनी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को ही पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की चेतावनी दी थी. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, भूमध्य सागर से उठी इन हवाओं ने जेट स्ट्रीम के सहारे भारत पहुंचकर मध्य प्रदेश और राजस्थान में असर दिखाना शुरू कर दिया है विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि 7 अप्रैल तक गरज-चमक और ओलावृष्टि का यह सिलसिला जारी रह सकता है. इस साल मार्च में सामान्य से कहीं अधिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे, जिसका असर अब अप्रैल की शुरुआत में भी दिख रहा है. 

एलपीजी संकट की मार, रांची में चाय से लेकर समोसे तक सब कुछ हुआ महंगा, पीएनजी की बढ़ी डिमांड

रांची एलपीजी सिलेंडर की किल्लत की मार अब घर से लेकर दुकानों और संस्थानों पर दिखाई देने लगी है. झारखंड की राजधानी रांची में लोग अब एक बार फिर कोयलायुग में वापस लौटने लगे हैं. घरेलू रसोई गैस से लेकर लेकर कॉमर्शियल सिलेंडर मिलने में दिक्कतें आ रही है. इसका असर हर जगहों पर दिखने लगा है. छोटे-बड़े होटलों से लेकर स्ट्रीट फूड दुकानों और कॉलेज कैंटीनों पर भी खासा असर दिखने लगा है. सबसे बड़ा असर यह है कि खाने-पीने की चीजों के दामों में बढ़ोत्तरी हो गयी है. ऐसे में खाद्य से संबंधित व्यावसायिक कार्य करने वाले मालिक डीजल भट्टी, व्यावसायिक इलेक्ट्राॅनिक इंडक्शन, लकड़ी के चूल्हे का प्रयोग कर रहे हैं, ताकि लोगों को आसानी से सभी खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा सके.वहीं, कई होटल मालिकों ने ऐसे भोजन को परोसना बंद कर दिया है, जिसे पकाने में अधिक समय लग रहा है. इससे होटल व्यवसाय में भी फर्क पड़ गया है. कई होटलों, रेस्टूरेंटों और कैंटीन में वैकल्पिक के रुप में कोयला वाला चूल्हा अपना लिया है. कई जगहों पर सप्लाई हुई ठप गैस नहीं मिलने के कारण कई ठेले बंद हो गये हैं, तो कई लोकल ब्रेड, बिस्किट, नमकीन, सेव आदि बनाने वालों की सप्लाई पूरी तरह से ठप हो गयी है. जबकि, कुछ वैकल्पिक उपाय से सामानों का निर्माण भी कर रहे हैं. वहीं, जो होटल और ठेले खुले हैं, उन्होंने अपने-अपने सामानों की कीमतें बढ़ा दी हैं. ठेले पर बिकने वाला एक प्लेट इडली 20 रुपये से बढ़ कर 25 रुपये प्रति प्लेट, चालू चाय पांच की जगह सात रुपये और स्पेशल चाय 10 रुपये की जगह 12 रुपये, आठ रुपये का समोसा 10 रुपये हो गया है. इसी प्रकार, धीरे-धीरे अन्य सामानों की कीमतें भी बढ़ रही है. होटलों के मेन्यू में कटौती कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के कारण होटलों के मेन्यू में कटौती हो गयी है. होटल प्रताप रेसीडेंसी के प्रोपराइटर त्रिलोचन सिंह ने कहा कि पहले पनीर और चिकन के 10-12 आइटम बनाते थे. गैस की किल्लत के कारण अब मात्र दो-दो आइटम बना रहे हैं. न्यू राजस्थान कलेवालय के प्रोपराइटर निरंजन शर्मा ने कहा कि कोयला और डीजल भट्ठियों से काम कर रहे हैं. इसमें बहुत परेशानी आ रही है. स्टाफ को काम करने में दिक्कतें आ रही हैं. सिलेंडर की दिक्कतों के कारण कई आइटमों की वेराइटी घटा दी गयी है. पहले मिठाइयों की 40-45 वेराइटी रहती थी, अभी 15-20 वेराइटी बना रहे हैं. इसी तरह , नमकीन के आइटम 50 प्रतिशत कम हो गये हैं. खाने में चुनिंदा आइटम बना रहे हैं. वहीं, चाइनीज आइटम पूरी तरह से बंद हो गया है. सिलेंडर की जगह कोयला से हो रहा काम सिलेंडर नहीं मिलने के कारण छोटे-छोटे दुकानदार जैसे फास्ट फूड, मोमो, चाय बनाने वालों को परेशानी हो रही है. इससे कईयों का रोजगार प्रभावित हो गया है. सिलेंडर की दिक्कतों के कारण वे कोयला का प्रयोग कर रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि पहले एक बाेरा कोयला 200 रुपये में मिल रहा था. अब यह 350 रुपये में मिल रहा है. इसे चाय, पकौड़ी, धुसका, पकौड़ी आदि के दाम बढ़ गये है. स्ट्रीट फूड वालों से बातचीत डोरंडा निवासी सुनिता तिग्गा घाघरा बस्ती में चाय पकौड़ी , धुसका, चिकन पकौड़ा का ढेला लगाती थी. कहती हैं कि गैस नहीं मिलने के कारण दुकानें बंद करनी पड़ी. जो अब बंद करना पड़ा. कहती हैं कि गैस की एलपीजी समस्या के कारण दुकान बंद करनी पड़ी. इडली-डोसा में पांच से 10 रुपये की बढ़ोतरी दीपाटोली स्थित साउथ इंडियन स्टॉल में इडली में पांच रुपये की बढ़ोतरी कर दी गयी है. एक प्लेट इडली के दाम 20 रुपये से बढ़ कर 25 रुपये प्लेट हो गये हैं. वहीं, डोसा की कीमत 10 रुपये बढ़ा दी गयी है. प्रोपराइटर परमेश्वर प्रसाद ने कहा कि कोयले की बढ़ी कीमत के कारण व्यंजनों के दर में बढ़ोत्तरी हो गयी है. अब कोयले का प्रयोग अधिक करना पड़ रहा है. चाय की कीमतों में बढ़ोतरी क्यूरेस्टा अस्पताल, कोकर चौक के निकट चाय का स्टॉल लगाने वाले कनक हल्दर ने कहा कि गैस की कमी के कारण चाय की कीमत दो रुपये बढ़ानी पड़ी. चालू चाय पांच की जगह सात रुपये और स्पेशल चाय 10 रुपये की जगह 12 रुपये में बिक्री करनी पड़ रही है. पीएनजी की बढ़ गयी डिमांड वर्तमान में पीएनजी कनेक्शन की डिमांड बढ़ गयी है. हर दिन औसतन लगभग 100 नये उपभोक्ताओं द्वारा रजिस्ट्रेशन एवं सिक्योरिटी डिपोजिट जमा कराया जा रहा है. शहर में लोगों तक पीएनजी का कनेक्शन देने में मैनपावर के रुप में लगभग 50 लोग लगे हुए हैं. इससे हर दिन लगभग 60-75 कनेक्शन हो रहा है. वहीं, वर्तमान में कनेक्शन की संख्या बढ़ाने के लिए काम चल रहा है. इसके लिए मैनपावर को 150 किया जा रहा है. कनेक्शन की संख्या को बढ़ा कर हर दिन लगभग 200 से अधिक करने का लक्ष्य है. कॉलेज के हॉस्टल में विकल्प तैयार रांची के विभिन्न रेसिडेंशियल कॉलेज के हॉस्टल में हजारों छात्र-छात्रायें रहते हैं. जिनका खाना-पीना कॉलेज मेस और कैंटीन के माध्यम से होता है. फिलहाल सभी संस्थानों के हॉस्टल में पर्याप्त गैस सिलेंडर की व्यवस्था है. वर्तमान स्थिति को देखते हुए गैस संकट से निपटने के लिए विकल्प तैयार किये जा रहे हैं. बीआईटी मेसरा में तैयार हो रहा कोयला चूल्हा बीआईटी मेसरा में कुल 14 हॉस्टल हैं, जिनमें लगभग पांच हजार छात्र-छात्राएं रहते हैं. बीआइटी मेसरा के हॉस्टल मेस के लिए वैकल्पिक तैयारी करते हुए 25 टन कोयला मंगाया गया है. साथ ही चूल्हा भी बनाया जा रहा है. हालांकि, सभी हॉस्टल के मेस में पर्याप्त गैस सिलिंडर की सप्लाई हो रही है. संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार सभी हॉस्टल में गैस सिलिंडर उपलब्ध हैं और मांग के अनुसार सप्लाई भी हो रही है. लेकिन भविष्य में किसी प्रकार के गैस संकट होने पर मेस पर असर न पड़े और मेस व्यवस्थित चले, इसकी तैयारी की गयी है. एनआईएएमटी रांची में लगाया गया कोयला के चूल्हा एनआईएएमटी रांची के छह हॉस्टल के लिए तीन मेस की व्यवस्था है. जिसमें लगभग 1,000 छात्र- छात्रायें खाना खाते हैं. यहां पर कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गयी है. घरेलू सि

प्रदेश के 25 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट, जयपुर समेत कई इलाकों में आज भी ओलावृष्टि के आसार

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से शुक्रवार देर शाम को राजस्थान के कई इलाकों में जबरदस्त तूफान और बारिश देखने को मिली। खास तौर पर पूर्वी राजस्थान के भरतपुर से दौसा तक की बेस्ट में आंधी के साथ तेज बारिश आई। यहां अभी गेहूं की फसलों की कटाई चल रही है और बारिश के चलते किसानों को जबरदस्त नुकसान उठाना पड़ा है। बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की चमक खत्म होने के साथ ही पशुओं के लिए चारा भी खराब हो रहा है।  वहीं मंडियों में खुले में रखी गेहूं और सरसों की उपज भी भीग गई। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि का असर 4 अप्रैल को भी जारी रह सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने प्रदेश के 25 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार को 10 से ज्यादा जिलों में तूफानी बारिश हुई, जबकि बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि दर्ज की गई। राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। जवाहर नगर में एक व्यक्ति पर बिजली का पोल गिरने से उसकी जान चली गई, वहीं जवाहर सर्किल इलाके में तेज हवा के कारण पत्थर गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेश के तापमान में करीब 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन में हल्की ठंडक महसूस की गई। आज इन जिलों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार 4 अप्रैल को उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना है। 5 और 6 अप्रैल को गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन 7 अप्रैल से एक नया मजबूत सिस्टम फिर सक्रिय हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मार्च के बाद भी लगातार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बने हुए हैं, जो सामान्य से अलग स्थिति है। इसका सीधा असर मौसम के पैटर्न और कृषि पर पड़ा है। पिछले 24 घंटे में बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, जैसलमेर, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, जयपुर, अजमेर, अलवर और टोंक सहित कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। अजमेर में सबसे अधिक 17.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि हनुमानगढ़ में 11.5 और झुंझुनूं में 12.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। तापमान में गिरावट के बीच शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ और अलवर में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो दिन का सबसे अधिक रहा। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम का यह बदला मिजाज फिलहाल कुछ दिन और जारी रहने के आसार हैं।

मारुति नगर से गायब दो नाबालिग छात्राएं, फेल होने के बाद उठाया कदम; सर्किट हाउस तक पहुंची पुलिस

सतना शहर के मारुति नगर क्षेत्र से दो नाबालिग बच्चियों के अचानक लापता हो जाने से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। परिजनों की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों लड़कियां लगभग 24 घंटे से लापता हैं। शुरुआत की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों दो-दो विषय में फेल हुई थीं। फिलहाल पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों पैदल चलती दिखाई दे रही हैं। क्या है मामला प्राप्त जानकारी के अनुसार लापता छात्राओं में से एक रामशिरोमणि शुक्ला निवासी सितपुरा नागौद हाल निवास शारदा कॉलोनी मारुति नगर की पुत्री अंजली शुक्ला (14 वर्ष) और पड़ोसी दिनेश सिंह परिहार की पुत्री अदिति सिंह परिहार (14 वर्ष) निवासी अकौना साठिया हाल मारुति नगर शारदा कॉलोनी शुक्रवार की सुबह 10:30 बजे से लापता हैं। कक्षा आठवीं में खराब हुआ है रिजल्ट कोतवाली थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार अंजली शुक्ला कक्षा 8वीं की छात्रा है और संत कुंज आदर्श विद्यापीठ बरदाडीह में पढ़ती है। अदिति सिंह परिहार (14 वर्ष) क्राइस्ट ज्योति स्कूल सतना की छात्रा है। दोनों का रिजल्ट खराब हुआ है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि फेल होने से दोनों ने यह कदम उठाया, वहीं परिजनों ने अज्ञात व्यक्ति पर बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका भी जताई है। सीसीटीवी में पैदल चलती दिखीं दोनों छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। घर के पास लगे फुटेज में दोनों पैदल चलती हुई नजर आ रही हैं। बताया गया है कि पुलिस को सर्किट हाउस तक की लोकेशन मिली है।  

अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी का पर्दाफाश: तलाशी में मिला भारी जखीरा, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजनांदगांव अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बसंतपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।। पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा तस्करी करने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से 9.114 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई गई है। पुलिस टीम को तीन अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली कि मुंदड़ा कुंज जी.ई. रोड के पास तीन व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में गांजा बिक्री के उद्देश्य से बस का इंतजार कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम शिव कुमार राय 31 वर्ष, सालिक राम 24 वर्ष और शपुष्पा बर्मन 28 वर्ष बताए, जो मध्यप्रदेश के पन्ना और जबलपुर क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस को देखते ही हड़बड़ा गए पुलिस द्वारा विधिवत तलाशी लेने पर आरोपितों के पास रखे बैगों से कुल 9.114 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। मौके पर ही गांजा को जब्त कर लिया गया। आरोपितों के खिलाफ थाना बसंतपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद तीनों आरोपितों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।  

ISI द्वारा भेजी गई IED के साथ युवक की गिरफ्तारी, पुलिस इमारत को निशाना बनाने की थी साजिश

अमृतसर अमृतसर देहात पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा भारत में धमाका करने के लिए भेजी गई इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) सहित एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पता चला है कि इस आईईडी के जरिए पुलिस इमारत को निशाना बनाया जाना था, लेकिन समय रहते पुलिस ने आईईडी सहित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।  पकड़े गए आरोपी की पहचान भारत-पाकिस्तान सीमा के थाना अजनाला के अधीन पड़ते गांव उनावपुरा निवासी हरमन सिंह के रूप में हुई है। बम निरोधक दस्ते ने जब आईईडी को निष्क्रिय किया तो पता चला कि उसमें आधा किलो से अधिक आरडीएक्स, आधा किलो लोहे के छोटे बाल, एक टिफिन बॉक्स, डेटोनेटर, रिमोट, तार आदि लगे थे। सुरक्षा एजेंसियों से पूछताछ में हरमन ने स्वीकार किया है कि उक्त आईईडी उसने रमदास इलाके के खेतों से बरामद की थी, जहां पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन से इसे गिराया था। उसे यह आईईडी लेकर आगे सप्लाई करनी थी। जांच एजेंसियों को हरमन के कब्जे से मिले मोबाइल से पाकिस्तानी कांटेक्ट्स के नंबर भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पता चला है कि पिछले एक सप्ताह में हरमन उन संपर्कों पर दो दर्जन से अधिक बार कॉल कर चुका है। आशंका जताई जा रही है कि हरमन के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ सीधे संबंध भी हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हरमन के गिरोह के अन्य सदस्य कहां-कहां हैं, ताकि उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।