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ब्लू रिवोल्यूशन की ओर बढ़ते कदम: मछली उत्पादन बढ़ा, झींगा पालन पर फोकस

रोहतास. रोहतास जिले में मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में एक नए नीली क्रांति की ओर अग्रसर है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में मछली उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्पादन का ग्राफ 10.65 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर अब 15.5 हजार मीट्रिक टन के करीब पहुंच रहा है। जिला मत्स्य पदाधिकारी सतेन्द्र राम ने बताया कि जिले में वर्तमान में कुल 1,265 तालाब हैं। विभाग की सक्रियता के कारण इनमें से लगभग 1,150 तालाबों की बंदोबस्ती सफलतापूर्वक की जा चुकी है। इन जल निकायों के प्रबंधन के लिए जिले के सभी प्रखंडों में कुल 19 मत्स्यजीवी सहयोग समितियां सक्रिय हैं। ये समितियां न केवल सरकारी जलकर की बंदोबस्ती कर रही हैं, बल्कि राजस्व प्रबंधन और स्थानीय मछुआरों के हितों की रक्षा भी कर रही हैं। उत्पादन के बढ़ते कदम: एक नजर में जिले में मछली उत्पादन का सालाना डेटा यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंच रहा है:- वित्तीय वर्ष     उत्पादन (हजार मीट्रिक टन) 2021-22     10.65 2022-23     12.85 2023-24     13.50 2024-25     14.65 2025-26 (अनुमानित)     15.50 झींगा पालन की नई राह: भुवनेश्वर में प्रशिक्षित हुए किसान मछली के साथ-साथ अब जिले में झींगा पालन की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं। इसके लिए प्रायोगिक तौर पर करहगर प्रखंड के सोनवर्षा निवासी किसान गोपाल सिंह का चयन किया गया। उन्हें भुवनेश्वर स्थित केंद्रीय मीठा जल जीवपालन संस्थान में विशेष प्रशिक्षण दिलाया गया है। विभाग की योजना है कि गोपाल सिंह की सफलता के बाद जिले के अन्य प्रगतिशील किसानों को भी झींगा पालन के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित किया जाए। सरकारी योजनाओं का मिल रहा लाभ – मत्स्यपालकों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही है। बताया कि मछली विक्रेताओं और पालकों के बीच किट का वितरण किया जा रहा है व बाजार तक पहुंच आसान बनाने के लिए रियायती दरों पर वाहनों का वितरण हुआ है। वहीं आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों के लिए समय-समय पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी – जिले में मत्स्य पालन को एक लाभदायक उद्योग के रूप में विकसित करना हमारा लक्ष्य है। तालाबों की समय पर बंदोबस्ती और झींगा पालन जैसे नए प्रयोगों से किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी। – सतेन्द्र राम, जिला मत्स्य पदाधिकारी, सासाराम रोहतास

बिहारशरीफ शीतला मंदिर में बड़ा बदलाव, भगदड़ रोकने के लिए हटा अतिक्रमण और बनाई जा रही ढलान

 नालंदा बिहार के बिहारशरीफ के मघड़ा में मां शीतला मंदिर में 31 मार्च को हुई दर्दनाक भगदड़ के बाद अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन में आ गया है. इस हादसे में 8 महिलाओं की जान चली गई थी. इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रबंधन पर कई सवाल उठे थे. अब ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए बड़े स्तर पर बदलाव शुरू किए गए हैं. सुधार काम शुरू शनिवार को नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने मंदिर परिसर में सुधार काम की शुरुआत कर दी. सबसे पहले उन कारणों को ठीक करने पर ध्यान दिया जा रहा है, जिनकी वजह से हादसा हुआ था. जांच में पाया गया कि भीड़ ज्यादा थी और रास्ते बहुत संकरे थे. इससे भगदड़ मच गई. इसी को देखते हुए प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया. मंदिर के आसपास बने अवैध कब्जों को बुलडोजर से हटाया गया ताकि आने-जाने का रास्ता खुला और चौड़ा हो सके. अधिकारियों का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और मंदिर तक जाने वाली सड़कों को चौड़ा किया जाएगा. बनाया जा स्लोप जिस जगह पर भगदड़ हुई थी, वहां की सीढ़ियां भी खतरे का कारण बनी थीं. अब उन संकरी और फिसलन भरी सीढ़ियों को तोड़कर उनकी जगह ढलान यानी स्लोप बनाया जा रहा है. इससे भीड़ आसानी से आ-जा सकेगी और गिरने या दबने का खतरा कम होगा. लाइन में लगने के लिए अब मजबूत स्टील बैरिकेड लगाए जा रहे हैं. इससे भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सकेगा. साफ सफाई का रखा जा रहा ध्यान मंदिर परिसर में साफ-सफाई पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. पहले जहां गंदगी और पानी जमा रहता था, अब उसे हटाया जा रहा है. तालाब और आसपास के इलाके की सफाई कर साफ पानी भरने का काम शुरू हो चुका है. प्रशासन अब पूरी कोशिश कर रहा है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और साफ माहौल मिले और भविष्य में ऐसी कोई दुखद घटना दोबारा न हो.

किसानों को राहत का भरोसा: 24 घंटे में पेमेंट और पुख्ता इंतजाम के आदेश

जालंधर. पंजाब में गेहूं खरीद सीजन को लेकर सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। जालंधर के जिला प्रशासकीय परिसर स्थित कांफ्रेंस हॉल में पहुंचे खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री लाल चंद काटारुचक ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया कि राज्य की सभी मंडियों में व्यापक स्तर पर प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंत्री ने कहा कि इस बार गेहूं खरीद के दौरान किसानों को सबसे बड़ी राहत समय पर भुगतान को लेकर मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों द्वारा अपनी फसल बेचने के बाद 24 घंटे के भीतर उनके खातों में राशि भेज दी जाएगी। इसके लिए सरकार ने पहले ही 30,973 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर ली है, जिससे भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। मंडियों में उपलब्ध करवाई गई सुविधाएं उन्होंने बताया कि मंडियों में साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था और तौल की उचित सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इसके अलावा किसानों की फसल की सुचारु खरीद के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी तय कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो, ताकि किसानों को अधिक समय तक इंतजार न करना पड़े। गेहूं की लिफ्टिंग को लेकर भी मंत्री ने भरोसा दिलाया कि इस बार किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गोदामों को पहले से खाली कराया जा रहा है, ताकि खरीदी गई फसल को तुरंत उठाया जा सके और मंडियों में अनावश्यक जाम की स्थिति न बने। अधिकारियों को दिए समस्याएं हल करने के निर्देश मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। यदि कहीं कोई कमी सामने आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने मंत्री को मंडियों में किए गए इंतजामों की जानकारी दी। सरकार को उम्मीद है कि इस बार खरीद सीजन सुचारु तरीके से पूरा होगा और किसानों को समय पर उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा।

सपनों को सच करने का मंत्र, डॉ. कलाम के ये 9 विचार युवाओं को दिखाएंगे सफलता की नई राह

 भारत के ऐसे महान वैज्ञानिक और विचारक थे, जिन्होंने अपने शब्दों और कार्यों से लाखों लोगों को प्रेरित किया। उनका मानना था कि हर व्यक्ति के जीवन में सपनों का बहुत बड़ा महत्व होता है। उनके अनुसार, सपने ही हमें आगे बढ़ने की दिशा देते हैं और जीवन को एक उद्देश्य प्रदान करते हैं। डॉ कलाम हमेशा कहते थे कि बड़ा सोचो और अपने सपनों को सच करने के लिए मेहनत करो। उनके विचार ना सिर्फ युवाओं के लिए बल्कि हर उम्र के लोगों को मोटिवेट करते हैं। अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलें, तो हम अपने जीवन में सफलता और संतुष्टि दोनों पा सकते हैं। 1. “Dream, dream, dream…” डॉ कलाम कहते थे कि सपने देखने से ही विचार बनते हैं और विचार ही हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। जब हम बार-बार अपने सपनों के बारे में सोचते हैं, तो वह हमारे एक्शन में बदल जाते हैं। 2. “You have to dream before your dreams can come true” इसका मतलब है कि बिना सपना देखे कुछ भी हासिल नहीं किया जा सकता। हर बड़ी सफलता की शुरुआत एक छोटे से सपने से होती है। 3. “If you want to shine like a sun…” डॉ कलाम हमें बताते हैं कि अगर हमें चमकना है, तो मेहनत और संघर्ष से गुजरना होगा। सफलता आसानी से नहीं मिलती, इसके लिए कड़ी मेहनत जरूरी है। 4. “Dreams are not what you see in sleep…” सपने वो नहीं होते जो हम सोते समय देखते हैं, बल्कि वो होते हैं जो हमें सोने नहीं देते। यानी हमारे लक्ष्य इतने मजबूत होने चाहिए कि हम उन्हें पाने के लिए लगातार मेहनत करें। 5. “Single-minded devotion…” अगर आपको अपने लक्ष्य में सफलता चाहिए, तो आपको पूरी लगन और फोकस के साथ काम करना होगा। बीच में ध्यान भटकने से सफलता दूर हो सकती है। 6. “Great dreams of great dreamers…” डॉ कलाम का कहना था कि बड़े सपने देखने वाले लोग ही बड़े काम करते हैं। उनके सपने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। 7. “Dreams are the seeds of change…” हर बदलाव की शुरुआत एक सपने से होती है। जैसे बीज से पेड़ उगता है, वैसे ही सपनों से नई सोच और नए अवसर पैदा होते हैं। 8. “Dream big and dare to fail” बड़ा सपना देखने के साथ-साथ असफलता से डरना नहीं चाहिए। अगर आप फेल भी होते हैं, तो वही अनुभव आपको आगे सफल बनने में मदद करता है। 9. “Your dream is your identity…” डॉ कलाम के अनुसार, आपका सपना ही आपकी पहचान बनाता है। जब आपके पास एक लक्ष्य होता है, तो जीवन को एक दिशा मिलती है। जीवन मंत्र: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के ये विचार हमें सिखाते हैं कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सपने देखना और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करना बहुत जरूरी है। अगर हम उनके बताए रास्ते पर चलें, तो अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

बलरामपुर में फोन कॉल से टकराव: CMO की कथित अभद्र भाषा, पार्षद संग विवाद सुर्खियों में

बलरामपुर. बलरामपुर नगरपालिका में इन दिनों सियासी और प्रशासनिक टकराव खुलकर सामने आ गया है। पार्षद ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रवण राय के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल की है, जिसमें अभद्र भाषा और धमकी देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बलरामपुर नगरपालिका के एक भाजपा पार्षद ने CMO प्रणव राय पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार करते हैं, और दबाव की भाषा में बात करते हैं। पार्षद द्वारा वायरल की गई कॉल रिकॉर्डिंग में कथित रूप से धमकी और आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल सुनाई दे रहा है। वार्ड 14 पार्षद गौतम सिंह का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। वे पहले भी कई बार CMO के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज पार्षदों का कहना है कि अपने ही सरकार में उनकी सुनवाई नहीं हो रही और अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं। वहीं, इस पूरे मामले में CMO राय ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि वायरल ऑडियो उनका नहीं है, बल्कि AI तकनीक के जरिए उसमें छेड़छाड़ (टेंपरिंग) की गई है। CMO ने स्पष्ट किया कि वे केवल नियमों के तहत काम करते हैं और किसी भी प्रकार के अवैध दबाव में आकर कार्य नहीं करेंगे। CMO के मुताबिक, कुछ लोग गलत तरीके से काम करवाने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसे वे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल नगर का विकास है। अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और भाजपा पार्षद कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। एक तरफ वायरल ऑडियो से उठे सवाल हैं, तो दूसरी ओर AI टेंपरिंग का दावा- ऐसे में सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, यह विवाद सुशासन के दावों के बीच प्रशासनिक कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है।

वास्तु टिप्स,गलत दिशा में रखा कूड़ेदान बन सकता है कंगाली का कारण, जानें डस्टबिन रखने के सही नियम

 वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में हर चीज़ की एक सही जगह होना बहुत ज़रूरी है, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे. कूड़ेदान भले ही एक छोटी चीज़ लगे, लेकिन इसे नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है. अगर इसे गलत दिशा या जगह पर रखा जाए, तो घर में तनाव बढ़ सकता है, पैसों की परेशानी आ सकती है और रिश्तों में भी खटास आने लगती है. इसलिए यह जानना ज़रूरी है कि कूड़ेदान कहां नहीं रखना चाहिए और इसे रखने की सही जगह कौन-सी है. इन जगहों पर न रखें कूड़ेदान 1. उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) यह बहुत पवित्र दिशा मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान हो सकता है. 2. पूर्व दिशा यहां कूड़ेदान रखने से व्यक्ति को अकेलापन महसूस हो सकता है , रिश्ते कमजोर हो सकते हैं. 3. दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) यह रसोई की दिशा होती है. यहां कूड़ेदान रखने से खर्च बढ़ सकता है. 4. उत्तर दिशा यह दिशा धन से जुड़ी मानी जाती है. यहां कूड़ेदान रखने से करियर और बिजनेस में रुकावट आ सकती है. 5. दक्षिण-पश्चिम दिशा यहां कूड़ेदान रखने से घर में झगड़े और विवाद बढ़ सकते हैं. 6. पश्चिम दिशा इस दिशा में कूड़ेदान रखने से कामों में बाधा आ सकती है. 7. मुख्य दरवाज़ा (मेन गेट) दरवाज़े के पास या सामने कूड़ेदान रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में आती है. 8. बेडरूम, पूजा घर और रसोई इन जगहों पर कूड़ेदान रखने से मानसिक तनाव बढ़ सकता है, वास्तु दोष होता है. कूड़ेदान रखने की सही जगह वास्तु के अनुसार कूड़ेदान को घर के दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम के बाहरी हिस्से (जैसे बालकनी या सर्विस एरिया) में रखें, या किसी ऐसे कोने में रखें जहां यह सीधे दिखाई न दे. कुछ आसान टिप्स     कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला रखें.     रोज़ कचरा बाहर निकालें.     इसे कभी ओवरफ्लो न होने दें.     साफ-सफाई का ध्यान रखें.  

ईरान ने दिखाई ताकत, दो दशक में पहली बार अमेरिका को झटका; 13 सैनिक मारे गए

वाशिंगटन/ तेहरान  ईरान युद्ध में अमेरिका को जो झटका लगा है वैसा झटका पिछले दो दशक में कभी नहीं लगा। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी वायुसेना को दो विमानों को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि एक पायलट की जान बच गई है जबकि दूसरा लापता है। पिछले 20 साल में ऐसा नहीं हुआ कि अमेरिकी सेना के दो विमान विदेशी धरती पर गिरा दिए गए हों। एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप कहते हैं कि ईरान एकदम कमजोर हो गया है तो दूसरी तरफ ईरान कहता है कि वजह जवाब देने के लिए तैयार है। दो दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ''ईरान को हरा दिया है और उसे पूरी तरह से तबाह कर दिया है और हम अपने काम को बहुत तेजी से पूरा करने जा रहे हैं।' इराक में गिराया गया था अमेरिका का विमान ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका का एफ-15ई स्ट्राइक ईगल मार गिराया। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक एक पायलट को बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश जारी है। ईरान की मीडिया ने दावा किया है कि यूएस ए-10 विमान को भी निशाना बनाया गया है। इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान ए-10 थंडरबोल्ट II को गिराया गया था। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कहा कि अब तक ऐसा कोई भी देश नहीं कर पाया, यह कोई चमत्कार से कम नहीं है। मारे गए 13 अमेरिकी सैनिक इस युद्ध के दौरान अब तक कुल 365 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जबकि 13 सैनिकों की मौत हुई है। बीसीसी ने अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के हवासे से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी तक यह तुरंत स्पष्ट नहीं है कि इन आंकड़ों में ईरान में हाल ही में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान के मार गिराये जाने और लापता चालक दल को खोजने के लिए चलाए गये बचाव अभियान के दौरान घायल हुए सैनिक भी घायलों की इस सूची में शामिल हैं या नहीं। अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की संख्या 13 ही बनी हुई है। युद्ध के दौरान घायल हुए अमेरिकी सैनिकों में सेना के 247 जवान, नौ सेना के 63 जवान, वायु सेना के 36 जवान और 19 मरीन सैनिक शामिल हैं। नाम नहीं जाहिर करने की शर्त पर एक अमेरिकी अधिकारी ने संवेदनशील सैन्य स्थिति पर चर्चा करते हुए पहले कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ या उसे मार गिराया गया या इसमें ईरान की कोई भूमिका थी। चालक दल की स्थिति और विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने का सटीक स्थान भी तुरंत ज्ञात नहीं हो सका।

फर्जी हस्ताक्षर मामले में अब कोर्ट में पेश होना होगा, सलमान खान की याचिका हुई खारिज

कोटा पान मसाला के भ्रामक विज्ञापन के मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान को कोटा जिला कोर्ट से झटका लगा है। इस मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है। राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाते हुए सलमान खान को मिली अंतरिम राहत खत्म कर दी है। मामले की अगली सुनवाई 9 अप्रैल को रखी गई है। इस फैसले के बाद अब सलमान खान के लिए कोटा जिला कोर्ट के आदेशों का पालन अनिवार्य होगा। सलमान खान को होना होगा पेश आयोग ने निचली अदालत के उस आदेश पर लगी रोक भी हटा दी है, जिसमें सलमान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए थे। जिला आयोग के इस आदेश के खिलाफ सलमान खान ने राजस्थान राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपील की थी, जिसमें सर्किट बेंच में लंबी बहस हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान की याचिकाओं को खारिज कर दिया गया। दस्तावेजों पर पाए गए थे सलमान के फर्जी हस्ताक्षर अधिवक्ता रिपुदमन सिंह ने बताया कि 26 दिसंबर 2025 को कोटा जिला उपभोक्ता आयोग ने सलमान खान को 20 जनवरी 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही कहा गया था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित होकर एफिडेविट देना होगा और दस्तावेजों पर अपने हस्ताक्षर करने होंगे, क्योंकि दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे।   अधिवक्ता ने फैसले को बताया बड़ी जीत वहीं अधिवक्ता इंद्र मोहन सिंह हनी ने इस फैसले को बड़ी जीत बताया और कहा कि बड़े लोग अपने ओहदे और पैसे का गलत फायदा उठाकर कानून की आंखों में धूल झोंकने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी सफल नहीं हो पाते।  

नीलामी वाहन मामले में झारखंड हाईकोर्ट की नाराजगी, भुगतान में देरी को बताया जानबूझकर की गई गड़बड़ी

रांची  झारखंड हाईकोर्ट ने लातेहार जिले में नीलामी के जरिये बेचे गये वाहन की राशि भुगतान से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है. अदालत ने जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) को इस मामले के याचिकाकर्ता को तत्काल 28 लाख रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया है. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए, भुगतान की प्रक्रिया में हुई तकनीकी देरी पर गहरी नाराजगी जताई. अदालत ने स्पष्ट रूप से टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि भुगतान में जानबूझकर गड़बड़ी की गई, ताकि राशि सही व्यक्ति तक समय पर न पहुंच सके. ब्याज चेक से तो मूल राशि एनईएफटी से क्यों? सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने इस बात पर हैरानी जताई कि जब ब्याज की राशि कंपनी के नाम से चेक द्वारा दी गई थी, तो मूल राशि के लिए अलग तरीका क्यों अपनाया गया. याचिकाकर्ता ‘जेके मिनरल एंड डेवलपर्स’ की ओर से बताया गया कि, मूल 28 लाख रुपये एनईएफटी के जरिये ट्रांसफर किए गए, लेकिन इस दौरान कंपनी के बजाय प्रोपराइटर का नाम दर्ज कर दिया गया, जिससे राशि प्राप्त नहीं हो सकी. कोर्ट ने डीएमओ के इस आचरण को अस्वीकार्य बताते हुए, इसे भुगतान लटकाने की एक साजिश के रूप में देखा है. लोन वाले वाहन की नीलामी और कोर्ट का डंडा यह पूरा विवाद लातेहार प्रशासन द्वारा अवैध ढुलाई के आरोप में जब्त किए गए एक वाहन की नीलामी से शुरू हुआ था. याचिकाकर्ता जाफर अली ने वाहन तो खरीद लिया, लेकिन रजिस्ट्रेशन के समय पता चला कि वह वाहन पहले से लोन पर है और एनओसी (NOC) के बिना उसका पंजीकरण संभव नहीं है. पूर्व में भी हाईकोर्ट ने निर्देश दिया था कि यदि समस्या का समाधान नहीं हो रहा है, तो नीलामी राशि लौटाकर वाहन वापस लिया जाए. अब कोर्ट ने 6 अप्रैल की अगली तारीख तय करते हुए निर्देश दिया है कि यदि भुगतान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा.

राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा के लिए दौसा प्रशासन अलर्ट, 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी होंगे शामिल

दौसा राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उपनिरीक्षक/प्लाटून कमांडर प्रतियोगी परीक्षा 2025 (गृह विभाग) का आयोजन 5 और 6 अप्रैल को दौसा मुख्यालय में किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन दो पारियों में आयोजित होगी, जिसमें सामान्य हिंदी का पेपर सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान का पेपर दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। दो पारियों में होगी परीक्षा इस परीक्षा में प्रत्येक पारी में 8,832 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। एक अभ्यर्थी दो पारियों में परीक्षा देगा। इस प्रकार कुल 17,664 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में परीक्षा संचालन के लिए 24 केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 8 सरकारी और 16 निजी केंद्र शामिल हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौंपी गई है समन्वयक की जिम्मेदारी परीक्षा समन्वयक के रूप में अतिरिक्त जिला कलेक्टर लालसोट और पुलिस समन्वयक के रूप में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दौसा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत चार सतर्कता दल बनाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक दल में एक आरएएस, एक आरपीएस और शिक्षा विभाग का एक अधिकारी शामिल होंगे। ये दल विभिन्न परीक्षा केंद्रों की निगरानी करेंगे। बनाए गए आठ उप-समन्वयक दल इसके अलावा आठ उप-समन्वयक दल बनाए गए हैं, जो कोष कार्यालय से प्रश्नपत्र बॉक्स परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने और परीक्षा समाप्ति के बाद सामग्री को वापस कोष कार्यालय में जमा कराने का कार्य करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी के लिए 40 पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं। निजी केंद्रों पर दो-दो और सरकारी केंद्रों पर एक-एक प्रधानाचार्य स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। वहीं प्रत्येक परीक्षा कक्ष में दो वीक्षक और दो कक्षों पर एक रिलीवर/सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा।